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नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने 26 दिसंबर को देर रात 9:51 बजे दिल्ली AIIMS में अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर फैल गई. वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और मनमोहन सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ने वाले अन्ना हजारे ने भी पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर उन्हें याद किया है. अन्ना हजारे ने कहा कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भ्रष्टाचार के खिलाफ थे. पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि मनमोहन सिंह ने देश और समाज के कल्याण को हमेशा प्राथमिकता दी.
भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने शुक्रवार को उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने हमेशा देश और समाज के कल्याण को प्राथमिकता दी. अन्न हजारे ने अहिल्यानगर जिले स्थित अपने गांव में कहा, ‘जिसने जन्म लिया उसकी मृत्यु तय है, लेकिन कुछ लोग अपने पीछे अपनी यादें और विरासत छोड़ जाते हैं. डॉक्टर मनमोहन सिंह ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी थी.’ अन्ना हजारे ने इस मौके पर मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान 2010 के दशक के शुरुआती दौर में छेड़े गए भ्रष्टाचार रोधी प्रदर्शन को भी याद किया.भ्रष्टाचार के खिलाफ थे मनमोहन सिंह- अन्ना हजारेअन्ना हजारे ने मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी थी. देशभर में इसकी गूंज सुनाई दी थी. मनमोहन सिंह के निधन पर वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, ‘वह (डॉ. मनमोहन सिंह) भ्रष्टाचार के खिलाफ थे. उन्होंने लोकपाल और लोकायुक्त एक्ट को लेकर तत्काल फैसले लिए थे. वह हमेशा अपने देश और यहां के लोगों को लेकर सबसे बेहतर कैसे किया जाए इसके बारे में सोचते थे. मनमोहन सिंह ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और इसे विकास के रास्ते पर लाया.’ बता दें कि मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे.‘हमेशा यादों में रहेंगे’अन्ना हजारे ने मनमोहन सिंह के निधन पर दिल को छू लेने वाली बात कही है. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने शारीरिक तौर पर भले ही इस दुनिया को छोड़ दिया है, लेकिन वह लोगों की यादों में हमेशा बने रहेंगे. 1990 के दशक में जब देश गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रह था और बैलेंस ऑफ पेमेंट का मुद्दा गहराता जा रहा था, तब मनमोहन सिंह ने देश को उबारा. प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की कैबिनेट में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभालने वाले मनमोहन सिंह ने देश को आर्थिक संकट से उबारते हुए उसे आर्थिक महाशक्ति बनाने में मदद की. - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन को राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।उन्होंने सिंह की प्रशंसा करते हुए शुक्रवार को कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद वह देश के कुछ सबसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचे।मोदी ने एक प्रतिष्ठित सांसद के रूप में उनकी सराहना करते हु ए कहा कि सिंह का जीवन उनकी ईमानदारी और सादगी का प्रतिबिंब है।प्रधानमंत्री ने सुधारों के प्रति सिंह की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि देश के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि सिंह का जीवन भविष्य की पीढ़ियों के लिए हमेशा एक सीख के रूप में काम करेगा कि कैसे कोई व्यक्ति अभावों और संघर्षों से ऊपर उठकर सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। पूर्व वित्त मंत्री और दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का गुरुवार 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पूर्व-प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की स्मृति में शोक प्रस्ताव पारित किया। कैबिनेट ने दो मिनट का मौन रखकर डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी।उनके निधन पर 01 जनवरी, 2025 तक सात दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है।इस शोक अवधि के दौरान पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।विदेश स्थित सभी भारतीय मिशनों/उच्चायोगों में भी 01 जनवरी, 2025 तक सात दिनों के लिए राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार के दिन केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में आधे दिन का अवकाश घोषित किया जाएगा।कैबिनेट के प्रस्ताव का मूलपाठ निम्नानुसार है:-“कैबिनेट भारत के पूर्व-प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के 26 दिसंबर, 2024 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में हुए निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त करता है।26 सितंबर, 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के पश्चिमी पंजाब के गाह गांव में जन्मे डॉ. सिंह का शैक्षिक जीवन शानदार रहा। उन्होंने 1954 में पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की और 1957 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी ऑनर्स के साथ अपनी ट्राइपोज प्राप्त की। उन्हें 1962 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा डी. फिल की डिग्री प्रदान की गई।डॉ. सिंह ने अपना करियर पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में वरिष्ठ व्याख्याता के रूप में शुरू किया और उसी विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने। 1969 में, वे दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के प्रोफेसर बने। डॉ. मनमोहन सिंह 1971 में तत्कालीन विदेश व्यापार मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार बने। वे वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार (1972-76), आर्थिक कार्य विभाग के सचिव (नवंबर 1976 से अप्रैल 1980), योजना आयोग के सदस्य सचिव (अप्रैल 1980 से सितंबर 1982) और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर (सितंबर 1982 से जनवरी 1985) रहे।डॉ. सिंह को अनेक पुरस्कार और सम्मान के अलावा भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण (1987) से सम्मानित किया गया था। उन्हें भारतीय विज्ञान कांग्रेस का जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी पुरस्कार (1995), वर्ष के वित्त मंत्री के लिए यूरो मनी अवार्ड (1993), कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के एडम स्मिथ अवार्ड (1956) से भी सम्मानित किया गया था।डॉ. मनमोहन सिंह 1991 से 1996 तक भारत के वित्त मंत्री रहे। आर्थिक सुधारों की व्यापक नीति लाने में उनकी भूमिका अहम है। डॉ. सिंह 22 मई, 2004 को भारत के प्रधानमंत्री बने और मई, 2009 तक पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री के तौर पर काम किया। वे मई 2009 से 2014 तक दूसरे कार्यकाल के लिए भी प्रधानमंत्री रहे।डॉ. मनमोहन सिंह ने हमारे राष्ट्रीय जीवन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उनके निधन से राष्ट्र ने एक महत्वपूर्ण राजनेता, प्रख्यात अर्थशास्त्री और एक प्रतिष्ठित नेता खो दिया है।सरकार और सम्पूर्ण राष्ट्र की ओर से कैबिनेट शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।''
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को हुई बारिश के बीच दिल्ली में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर दिया गया। बारिश के कारण कई इलाकों पर यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने दिन के लिए अभी और अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। बारिश के कारण दक्षिण, मध्य और उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली- एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में रात करीब ढाई बजे बारिश शुरू हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे तक जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग स्थित वेधशाला में 9.1 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। पालम वेधशाला ने 8.4 मिमी, लोधी रोड ने 10.8 मिमी, रिज ने नौ मिमी, दिल्ली विश्वविद्यालय ने 11 मिमी और पूसा ने 9.5 मिमी बारिश दर्ज की।मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के साथ इसके संपर्क के कारण दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) सहित उत्तर-पश्चिम तथा मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश एवं बादलों की गरज के साथ हल्की बारिश जारी है। मौसम विभाग ने दिन में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है और ‘आरेंज अलर्ट’ जारी किया है।न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियसराष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता 372 के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। बृहस्पतिवार शाम चार बजे 24 घंटे का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 345 दर्ज किया गया। एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। - नयी दिल्ली। अंबानी की शादी में साड़ी पहने किम और ख्लो करदाशियां को आप भूले नहीं होंगे? वहीं इस वर्ष अपनी ‘ब्रिजर्टन' थीम पार्टी में जेनिफर लोपेज की महारानियों वाले परिधान ने भी पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। साड़ी से लेकर गाउन तक 2024 में गौरव गुप्ता, मनीष मल्होत्रा, सब्यसाची मुखर्जी, फाल्गुनी और शेन पीकॉक जैसे दिग्गज भारतीय फैशन डिजाइनरों ने न सिर्फ बॉलीवुड की नामचीन हस्तियों को अपने परिधानों से सजाया बल्कि हॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियों को भी भारतीय परिधानों से रूबरू कराया।कई अंततराष्ट्रीय मंचों पर अपने परिधान के लिए तारीफ पा चुके गुप्ता ने ‘ बताया, “इसमें कोई दो राय नहीं कि भारत विश्व में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।” सितंबर के महीने में 76वें प्राइमटाइम एमी अवॉर्ड्स में मिंडी कलिंग, रीबल विल्सन और अल्लीसन जैनी, गुप्ता के बनाये परिधानों में नजर आई थीं। वहीं इस महीने की शुरुआत में ब्रिटिश फैशन अवॉर्डस 2024 में ‘ब्रिजर्टन' स्टार निकोला कफलान भी गुप्ता की बनाई ड्रेस में गजब ढा रही थी। गुप्ता ने कहा, “विश्व पटल पर भारतीय डिजाइनरों के बढ़ते कदम यह दिखाते हैं कि भारतीय परिधानों को लेकर उद्योग जगत का नजरिया बदल रहा है। भारतीय परिधान अब केवल पारंपरिक पहनावे तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह नवाचार, शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत को समकालीन सौंदर्यशास्त्र के साथ मिलकर तेजी से आगे बढ़ रहा है।” सब्यसाची इस वर्ष सुर्खियां बटोरने वाले एक और भारतीय डिजाइनर थे। बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने ‘बाफ्टा अवार्ड्स' में सब्यसाची की साड़ी पहनी थी। पुरस्कारों में दीपिका ने एक पुरस्कार प्रस्तुत किया था। वहीं आलिया भट्ट ने ‘मेट गाला' में पहली बार कदम रखते हुए सब्यसाची की डिजाइन की हुई एक अन्य ड्रेस पहनी थी। नेटफ्लिक्स की ‘चीफ कॉन्टेंट ऑफिसर' बेला बजरिया ने भी एमी पुरस्कार में सब्यसाची की डिजाइन की हुई साड़ी में अपनी खूबसूरती के रंग बिखेरे थे। अमेरिकी रियेलिटी टीवी स्टार व बहनों किम और ख्लो करदाशियां ने इस वर्ष जुलाई में भारत में अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के विवाह में मल्होत्रा और तरुण तहिलियानी द्वारा डिजाइन की गई भारतीय साड़ी और लहंगा-चोली पहना था। जेनिफर लोपेज ने ‘ब्रिजर्टन' थीम वाले अपने 55वें जन्मदिन की पार्टी में जो गाउन पहना था, उसे जाने-माने डिजाइनर मल्होत्रा ने तैयार किया था। हाल ही में ‘मुफासा: द लायन किंग' के प्रीमियर पर सुपरमॉडल हेदी क्लम के कपड़े डिजाइन करने वाले मल्होत्रा ने कहा कि इन डिजाइनों को बनाने और उन्हें इतना मशहूर होते देखने का हर पल ‘रचनात्मकता और उत्साह से भरा हुआ' था। उन्होंने ‘ कहा, “फैशन और पॉप संस्कृति पर गहरा प्रभाव डालने वाली हस्तियों के साथ काम करना हमेशा एक अद्भुत अनुभव होता है। इन सबमें एक हस्ती की व्यक्तिगत शैली, कार्यक्रम के सार को समझना और ऐसे परिधान तैयार करना शामिल है जो न केवल लोगों को आकर्षित करें बल्कि उनके व्यक्तित्व के साथ भी मेल खाएं।”वहीं फाल्गुनी पीकॉक का कहना है कि उनका ब्रांड निकी मिनाज, बेयोंसे और किम करदाशियां सहित कई नामचीन हस्तियों के लिए कपड़े डिजाइन करने में सबसे आगे है। हाल ही में सऊदी अरब के ‘रेड सी फिल्म फेस्टिवल 2024' में ‘स्त्री 2' की अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के लिए ड्रेस डिजाइन करने वाली डिजाइनर फाल्गुनी ने कहा कि सहकर्मियों को उनके नक्शे-कदम पर चलते देखना उत्साहजनक है। फाल्गुनी पीकॉक ने ‘ बताया, “हमने ‘आइकन' मारिया कैरी को तैयार किया है और बहुत कुछ होने वाला है। यह बहुत अच्छा है कि भारत उस मंच पर है, जहां हम बेयोंसे से लेकर लेडी गागा तक सभी को तैयार करते हैं। यह देखना अच्छा है कि अब सभी ने (अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को) तैयार करना शुरू कर दिया है। हमें उन्हें तैयार करते हुए 10 से 15 साल हो गए हैं। अब, हर कोई इस राह पर है।” ‘मेट गाला', ‘ऑस्कर' और ‘ग्रैमी' जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में वैश्विक हस्तियों द्वारा भारतीय डिजाइनरों को चुनने के मामले में यह मोड़ कहां से आया? मल्होत्रा ने बताया कि यह एक स्वाभाविक प्रगति है, जो ‘भारतीय फैशन और शिल्प कौशल की समृद्ध कला के प्रति बढ़ती प्रशंसा' से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “यह कोई एक पल या फिर लम्हा नहीं था बल्कि सिलसिलेवार तरीके से हुआ, जहां भारतीय डिजाइनरों के अनूठे परिधानों ने वैश्विक हस्तियों को अपनी ओर आकर्षित करना शुरू किया। जब आप भारतीय डिजाइनों को देखते हैं, तो उसमें जटिल हस्तकला, वस्त्र और पारंपरिक सौंदर्यबोध को समकालीन फैशन के साथ मिला कर तैयार किया जाता है।” मल्होत्रा ने कहा, “भारतीय फैशन सदियों पुरानी कारीगरी की विरासत है और इतिहास व संस्कृति इसे और गहराई प्रदान करती है। ”
- नयी दिल्ली,। पूर्व में प्रकाशित अध्ययनों की समीक्षा के आधार पर दावा किया गया है कि चाय या कॉफी पीने से सिर, गर्दन, मुंह और गले का कैंसर होने का जोखिम कम होता है। ‘कैंसर' पत्रिका में प्रकाशित निष्कर्षों में कहा गया है कि प्रतिदिन तीन या चार कप कॉफी पीने से सिर और गर्दन के कैंसर का खतरा 17 प्रतिशत कम होता है, जबकि एक कप चाय पीने से इसका जोखिम नौ प्रतिशत कम होता है। पिछले शोधों से पता चला है कि कॉफी और चाय में मौजूद कैफीन जैसे बायोएक्टिव तत्वों में जलन-रोधी 'एंटीऑक्सीडेंट' गुण होते हैं जो बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। एक हालिया अध्ययन में यह भी कहा गया है कि सीमित मात्रा में कॉफी पीने से स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।अमेरिका के यूटा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन में कार्यरत, अध्ययन की वरिष्ठ लेखिका युआन-चिन एमी ली ने कहा, "हालांकि कॉफी और चाय के सेवन और कैंसर के जोखिम में कमी पर पहले भी शोध हो चुका है, लेकिन इस अध्ययन ने सिर और गर्दन के कैंसर की विभिन्न जगहों पर इनके अलग-अलग प्रभावों के बारे में बताया है। इसमें यह अवलोकन भी शामिल है कि कैफीन रहित कॉफी का भी कुछ सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।" अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने सिर और गर्दन के कैंसर से पीड़ित लगभग 9,550 रोगियों और बिना कैंसर वाले लगभग 15,800 रोगियों से जुड़े 14 अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। कॉफी न पीने वालों की तुलना में जो लोग रोजाना चार कप से अधिक, कैफीनयुक्त कॉफी पीते हैं उनमें सिर और गर्दन के कैंसर का जोखिम 17 प्रतिशत कम पाया गया। साथ ही उनमें मुंह के कैंसर का जोखिम 30 प्रतिशत कम और गले के कैंसर का जोखिम 22 प्रतिशत कम पाया गया। इसके अतिरिक्त तीन से चार कप कैफीनयुक्त कॉफी पीने से हाइपोफेरीन्जियल कैंसर (गले के निचले हिस्से में होने वाला एक प्रकार का कैंसर) का खतरा 41 प्रतिशत कम हो जाता है। दूसरी ओर कैफीन रहित कॉफी पीने से 'ओरल कैविटी कैंसर' होने की आशंका 25 प्रतिशत कम हो जाती है।एक कप चाय पीने से सिर, गर्दन के कैंसर का खतरा नौ प्रतिशत कम और हाइपोफैरिंक्स का खतरा 27 प्रतिशत कम हो जाता है। हालांकि, एक दिन में एक कप से अधिक चाय पीने से लैरिंक्स के कैंसर का खतरा 38 प्रतिशत अधिक होता है। लैरिंक्स को स्वर यंत्र भी कहा जाता है। शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि उन्होंने जिन अध्ययनों का विश्लेषण किया वे मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका और यूरोप से थे, इसलिए परिणाम अन्य आबादी पर समान नहीं हो सकते, क्योंकि दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और एशिया में कॉफी और चाय के सेवन को लेकर आदतें अलग-अलग हैं। एमी ली ने कहा, "कॉफी और चाय की आदतें अलग अलग हैं, और ये निष्कर्ष कैंसर के जोखिम को कम करने में कॉफी और चाय के प्रभाव पर अधिक आंकड़ों और आगे के अध्ययनों की आवश्यकता रेखांकित करते हैं।"
- नयी दिल्ली। भारत में इस साल 31.2 करोड़ महिलाओं सहित 64.2 करोड़ मतदाताओं ने लोकसभा चुनाव में भाग लेकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया और इस साल सरकार ने निचले सदन एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के लिए एक विधेयक लाकर चुनावी सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। जम्मू-कश्मीर में एक दशक के बाद चुनाव हुए तथा इस साल हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में भी नयी सरकारें चुनी गईं। इस साल लोकसभा चुनावों के दौरान मतदान प्रक्रिया 44 दिन तक चली जो 1951-52 में हुए पहले संसदीय चुनावों के बाद दूसरी सबसे लंबी अवधि है। पहले संसदीय चुनावों में मतदान प्रक्रिया चार महीने से अधिक समय तक चली थी। देश में आम चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया की सबसे छोटी अवधि 1980 में थी और यह सिर्फ चार दिन थी। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावों की घोषणा से लेकर मतगणना तक चुनावी प्रक्रिया में कुल 82 दिन लगे।आयोग ने 16 मार्च को लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी जिससे एक दिन पहले, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने एक साथ चुनाव कराने पर अपनी बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट पेश की थी। इस समिति ने लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं और पंचायतों) के चुनाव एक साथ चरणबद्ध तरीके से कराने का सुझाव दिया था, लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘‘पहले कदम के रूप में'' केवल लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का निर्णय लिया। विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लगभग 90 मिनट की चर्चा और मत विभाजन के बाद संविधान (129वां संशोधन) विधेयक एवं संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक को 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया जो भाजपा के चिरकालिक सपने को पूरा करने की दिशा में पहला कदम था। पहले विधेयक के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता है और इसके लिए उपस्थित एवं मतदान करने वाले दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी, जबकि दूसरा विधेयक एक ‘‘साधारण'' विधेयक है। विधेयकों को गहन समीक्षा और व्यापक विचार-विमर्श के लिए दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेज दिया गया है। यह 39 सदस्यीय समिति पहली बार आठ जनवरी को बैठक करेगी। लोकसभा चुनाव के दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण करीब 50 मतदान कर्मियों की मौत हो गई।मतदान प्रक्रिया के दौरान चुनाव प्राधिकरण पर समान अवसर नहीं देने और मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी करने समेत कई आरोप लगाए गए। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर भी एक बार फिर सवाल उठाए गए और उच्चतम न्यायालय ने फिर कहा कि मशीनों को हैक नहीं किया जा सकता या उनमें हेराफेरी नहीं की जा सकती और ईवीएम मतमत्रों की तुलना में अधिक विश्वसनीय हैं।
- नयी दिल्ली। निर्वाचन आयोग द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनाव में 64.64 करोड़ मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया और इन मतदाताओं में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही। निर्वाचन आयोग ने कहा कि महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.78 रहा जबकि पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.55 था। आयोग ने कहा कि इस बार चुनाव लड़ने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या 800 रही जबकि 2019 के चुनावों में यह संख्या 726 थी। निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘स्वतः संज्ञान लेकर की गई इस पहल का मकसद जनता का विश्वास बढ़ाना है, जो भारत की चुनावी प्रणाली का आधार है।'' ये आंकड़े इन आरोपों की पृष्ठभूमि में जारी किए गए हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी की गई थी। ये आंकड़े चार विधानसभा चुनावों - अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम से भी संबंधित हैं। निर्वाचन आयोग ने बताया कि 2019 में 540 की तुलना में कुल 10.52 लाख मतदान केंद्रों में से 40 मतदान केंद्रों या 0.0038 प्रतिशत केंद्रों पर पुनर्मतदान किया गया।
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ठाणे (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के नवी मुंबई में मादक पदार्थ से संबंधित अपराधों में वृद्धि देखी गई है और इस वर्ष ऐसे 654 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 2023 में यह संख्या 475 थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने नवी मुंबई पुलिस की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इन मामलों में जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान की कुल कीमत 33.27 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले साल यह 22.97 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि 2024 में मादक पदार्थ निषेध से संबंधित एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थ संबंधी अपराधों के लिए 939 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पिछले साल यह संख्या 811 थी। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 58 विदेशी नागरिक थे जिनमें अधिकतर अफ्रीकी थे जबकि 2023 में यह संख्या 37 थी। इस वर्ष विदेशी नागरिकों से जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान का मूल्य 25.70 करोड़ रुपये था, जो 2023 में 11.61 करोड़ रुपये से अधिक है। अधिकारी ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थों में कोकीन की कीमत सबसे अधिक 16.70 करोड़ रुपये है। 2023 में जब्त कोकीन की कीमत 1.25 करोड़ रुपये थी।
- नयी दिल्ली. नरेन्द्र मोदी ने ‘आईसीटी' आधारित बहु-स्तरीय मंच ‘प्रगति' (सक्रिय शासन और समय पर क्रियान्वयन) की बैठक की बृहस्पतिवार को अध्यक्षता की और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैठक में आठ महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गईं, जिनमें छह मेट्रो ट्रेन परियोजनाएं और सड़क संपर्क तथा ताप विद्युत से संबंधित एक-एक परियोजना शामिल थी। मोदी ने कहा कि सभी सरकारी अधिकारियों को यह समझना होगा कि परियोजनाओं में देरी से न केवल लागत बढ़ती है बल्कि जनता को अपेक्षित लाभ भी नहीं मिल पाता। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गुणवत्तापूर्ण विक्रेता तंत्र विकसित करके ‘रूफटॉप' लगाने की क्षमता बढ़ाई जाए।
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नयी दिल्ली. वर्ष 2008 में अमेरिका के साथ भारत का ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौता विदेश नीति के क्षेत्र में मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल का गौरवशाली क्षण बना रहेगा। इस ऐतिहासिक समझौते ने न केवल देश के साथ परमाणु भेदभाव को समाप्त किया, बल्कि वैश्विक पटल पर एक अनुकूल भू-राजनीतिक संरचना का भी निर्माण किया। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस ऐतिहासिक समझौते के भविष्य के परिणामों के बारे में इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने इसे मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प दिखाया। हालांकि इस परमाणु समझौते को लेकर संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उनकी सरकार का अस्तित्व दांव पर लगा हुआ था। असैन्य परमाणु समझौते ने अमेरिका के साथ भारत के समग्र संबंधों को बदल दिया। इसने विशेष रूप से भारत-अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा अनुसंधान के क्षेत्र में उच्च प्रौद्योगिकी और रक्षा के क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। जुलाई 2005 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के साथ मनमोहन सिंह की वार्ता के बाद भारत और अमेरिका ने घोषणा की कि वे असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग करेंगे। अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को 19 जुलाई को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा परमाणु अप्रसार में भारत के बेदाग रिकॉर्ड के बारे में भी बताया था।
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नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने नये साल के जश्न के लिए राष्ट्रीय राजधानी के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपद्रव और यातायात उल्लंघन के मामलों पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस समेत 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों के तैनात रहने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘क्रिसमस के बाद, हमने नये साल की पूर्व संध्या के लिए सुरक्षा व्यवस्था के वास्ते एक मजबूत योजना बनाई है। हम चाहते हैं कि सभी लोग नये साल का स्वागत बड़े उत्साह के साथ करें लेकिन किसी को भी कानून का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'' पुलिस के अनुसार पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों के उपद्रव से निपटने के लिए सीमाओं पर अतिरिक्त चौकियां, अवरोधक और अर्धसैनिक बलों की तैनाती समेत अतिरिक्त कर्मी तैनात किए जाएंगे। दिल्ली की सीमा हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती है और यह राजस्थान के निकट है। इन तीनों राज्यों से बड़ी संख्या में लोग नये साल का जश्न मनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचते हैं। पुलिस ने कहा कि उसने क्रिसमस के लिए पहले ही 10 से अधिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर रखा है, लेकिन अब उसने सुरक्षा को और बढ़ा दिया है और 15 से अधिक उन स्थानों पर बड़ी संख्या में कर्मियों को तैनात किया गया है, जहां से वाहन राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करते हैं। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘यातायात पुलिस ने मोटरसाइकिल पर ‘स्टंट' करने और शराब पीकर गाड़ी चलाने से निपटने के लिए पहले ही एक योजना तैयार कर ली है। यातायात पुलिस की मदद के लिए विभिन्न थानों से अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।'' पुलिस के अनुसार पालियों में ड्यूटी होगी और थाना प्रभारियों (एसएचओ) को नये साल की पूर्व संध्या पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी टीमों के साथ सड़क पर रहने का आदेश दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ‘स्टंट' जैसी गतिविधियों में लिप्त पाया गया तो सुरक्षाकर्मी वाहन जब्त कर लेंगे और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। अधिकारी ने कहा, ‘‘नये साल के जश्न के लिए हमारी टीम बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, होटल, धर्मशाला, रैन बसेरों और अन्य स्थानों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोई व्यक्ति बिना उचित दस्तावेज के तो नहीं रह रहा है। हमने राष्ट्रीय राजधानी में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करने के लिए पहले ही विशेष अभियान शुरू कर दिया है।'' दिल्ली पुलिस की यातायात एवं अन्य इकाइयों के दस हजार से अधिक पुलिसकर्मी निगरानी बनाए रखेंगे।
यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पर्याप्त संख्या में यातायात कर्मियों को तैनात किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मुख्य ध्यान कनॉट प्लेस, हौजखास, बाजारों और मॉल के आसपास रहेगा। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में वैध स्टिकर वाले वाहनों को ही इनर सर्किल क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति होगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस स्टिकर वितरित करेगी। उन्होंने कहा कि इंडिया गेट पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे, जहां लोग नये साल का जश्न मनाने आते हैं। - नयी दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को यहां उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।भारत के आर्थिक सुधारों के जनक सिंह का बृहस्पतिवार देर रात दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। राष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के आवास पहुंचीं और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की।’’
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नयी दिल्ली. सरकार ने डाकघर अधिनियम के तहत नये नियमों को अधिसूचित किया है। नये नियम और विनियमन जन-केंद्रित सेवाओं की डिलिवरी के लिए डाक सेवाएं प्रदान करने के पारंपरिक दृष्टिकोण से बदलाव का संकेत देते हैं। साथ ही डाकघरों के जरिये दी जाने वाली सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नये रास्ते भी खोलते हैं। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि नये नियम 'डाक सेवा जन सेवा' के लक्ष्य के साथ तैयार किए गए हैं। इसका उद्देश्य नियम की भाषा को सरल बनाना और 'न्यूनतम शासन, कारगर सरकार' और 'आत्मनिर्भर भारत' की दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है। डाक विभाग ने विधायी सुधारों की शुरुआत की है और पिछले साल दिसंबर में एक नया कानून 'डाकघर अधिनियम, 2023' तैयार किया। यह अधिनियम इस साल जून में प्रभाव में आया। बयान के मुताबिक, ‘‘इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए डाकघर अधिनियम, 2023 के तहत अधीनस्थ कानूनों का नया समूह यानी डाकघर नियम, 2024 और डाकघर विनियम, 2024 भी तैयार किए गए हैं। भारत सरकार ने आधिकारिक राजपत्र के जरिये अधीनस्थ कानूनों को अधिसूचित किया है और ये 16 दिसंबर, 2024 से प्रभावी हो गए हैं।'' डाकघर नियम, 2024 को डाकघरों की तरफ से दी जाने वाली सेवाओं को सक्षम बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें विभाग के नए रास्ते खोलने और डाकघर के जरिये दी जा सकने वाली सेवाओं के माध्यम से रोजगार सृजन शामिल है। इसमें सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के सहयोग से दूरदराज के इलाकों में भी जन-केंद्रित सेवाओं की आपूर्ति के लिए पहुंच प्रदान करने पर जोर रहेगा। नियमों में डिजिटल पते और डिजिटल मोड- डाक या अन्य शुल्कों के भुगतान के भविष्य के पहलू भी हैं। यह डिजिटल रूप में टिकट सहित डाक टिकटों को जारी करने और शिकायत निवारण के लिए सक्षम प्रावधान के संबंध में सरकारी काम को मान्यता देता है। बयान में कहा गया है कि इन नियमों में दंडात्मक प्रावधान नहीं हैं। डाकघर विनियम, 2024 में देशभर में डाकघर द्वारा पेश किए जाने वाले उत्पादों और सेवाओं के विवरण और परिचालन पहलुओं को शामिल किया गया है और इसमें डाकघर नेटवर्क के माध्यम से दी जाने वाली बीमा और वित्तीय सेवाओं के लिए सक्षम प्रावधान भी शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी अरुणीश चावला ने बृहस्पतिवार को राजस्व विभाग के सचिव का पदभार संभाल लिया। बिहार कैडर के 1992-बैच के आईएएस अधिकारी, चावला इससे पहले, एक नवंबर, 2023 से रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग में सचिव थे। बुधवार को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने चावला को राजस्व सचिव नियुक्त किया था।
लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की डिग्री लेने वाले चावला ने मेट्रो रेल परियोजना पटना के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया। उन्होंने आर्थिक मामलों के विभाग के जरिये अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में वरिष्ठ अर्थशास्त्री और वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में अपनी सेवाएं दी। वह वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। -
यमुनानगर. हरियाणा के यमुनानगर स्थित एक गांव में बृहस्पतिवार को चार-पांच हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलीबारी करके दो व्यक्तियों की हत्या कर दी जबकि इसमें एक अन्य घायल हो गया। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस ने बताया कि जैसे ही तीनों व्यक्ति लाखा सिंह खेड़ी स्थित जिम से बाहर निकलकर अपने वाहन में बैठने लगे तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर हथियार के साथ आए चार से पांच नकाबपोश हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने खुद को शॉल से ढक रखा था और सिर पर टोपी पहन रखी थी। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से करीब 40 खाली खोखे बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी की इस घटना में दो व्यक्तियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति की हालत गंभीर है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल इस हत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की इस घटना में सहारनपुर के एक गांव के पंकज मलिक (38) और यमुनानगर जिले के एक गांव के वरिंदर (32) की मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि इन दोनों का मित्र अर्जुन घायल हो गया और उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि अर्जुन यमुनानगर का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज में बदमाश ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हुए देखे जा सकते हैं। पुलिस ने बताया कि अर्जुन बचने के प्रयास में पास की एक जगह पर भागा, लेकिन बदमाशों ने उसका पीछा किया और उसे गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की यह घटना घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई है।
रादौर थाने के प्रभारी संदीप कुमार ने कहा, ‘‘जांच की जा रही है। हमलावरों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। हमारी पुलिस टीम काम पर लगी हुई हैं।'' घटना के बाद यमुनानगर के पुलिस अधीक्षक राजीव देसवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक की।पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्यारों के बारे में सुराग हासिल करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। सूत्रों ने बताया कि हत्या किसी रंजिश या पुरानी दुश्मनी से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने कहा कि मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को यहां सशस्त्र बल झंडा दिवस (एएफएफडी) कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सम्मेलन के छठे संस्करण की अध्यक्षता करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस संबंध में रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के तहत केंद्रीय सैनिक बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, दिवंगत सैनिकों की पत्नियों और उनके आश्रितों के पुनर्वास तथा कल्याण के लिए किए गए उपायों को रेखांकित करना और इन प्रयासों के लिए सीएसआर समर्थन जुटाना है। अधिकारियों ने बताया कि सिंह 27 दिसंबर को नयी दिल्ली में सशस्त्र बल झंडा दिवस सीएसआर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा कि वह एएफएफडी कोष के प्रमुख सीएसआर अंशदानकर्ताओं को सम्मानित भी करेंगे। बयान में कहा गया कि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के सचिव नितेन चंद्रा, सीएसआर बिरादरी के सदस्य, पूर्व सैनिक, रक्षा सेवा कर्मी और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में भाग लेंगे।
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नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार रात दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया. वह 92 वर्ष के थे. दिल्ली एम्स ने उनके निधन की घोषणा की. उन्हें गंभीर हालत में रात करीब साढ़े आठ बजे आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया था. उनके निधन के बाद देश के कई राजनीतिक दिग्गज उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं. मनमोहन सिंह के निधन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी काफी भावुक हुए और उन्होंने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा, “मनमोहन सिंह जी ने असीम बुद्धिमत्ता और ईमानदारी के साथ भारत का नेतृत्व किया. उनकी विनम्रता और अर्थशास्त्र की गहरी समझ ने देश को प्रेरित किया. श्रीमती कौर और उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. मैंने एक मार्गदर्शक खो दिया है, हममें से लाखों लोग जो उनके प्रशंसक थे, उन्हें अत्यंत गर्व के साथ याद करेंगे.”
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मनमोहन सिंह को याद कर ट्वीट कर कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की सूचना अत्यंत दुःखद है. भारतीय रिजर्व बैंक में गवर्नर से लेकर देश के वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह जी ने देश की शासन व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई. दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. वाहेगुरु जी उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करें और उनके परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें.”दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उनकी विद्वता और सादगी के गुणों को शब्दों में पिरोना असंभव है. ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें. उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ॐ शांति.”उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन अत्यंत दुःखद एवं भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति है. वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं उनके शोकाकुल परिजनों व समर्थकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!”रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन से बहुत दुःख हुआ. उन्होंने कठिन समय में भारत की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी सेवा और बुद्धिमत्ता के लिए उनका व्यापक सम्मान किया जाता था. भारत की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं. ओम शांति!”कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ”निस्संदेह इतिहास आपका न्याय विनम्रता से करेगा, डॉ. मनमोहन सिंह जी! पूर्व प्रधानमंत्री के निधन से भारत ने एक दूरदर्शी राजनेता, एक बेदाग निष्ठावान नेता और एक अद्वितीय कद के अर्थशास्त्री को खो दिया है. आर्थिक उदारीकरण और अधिकार-आधारित कल्याण प्रतिमान की उनकी नीति ने करोड़ों भारतीयों के जीवन को गहराई से बदल दिया, वस्तुतः भारत में एक मध्यम वर्ग का निर्माण किया और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला. मैं एक आजीवन वरिष्ठ सहयोगी, एक सौम्य बुद्धिजीवी और एक विनम्र आत्मा के नुकसान पर शोक व्यक्त करता हूं, जिन्होंने भारत की आकांक्षाओं को मूर्त रूप दिया, जो अटूट समर्पण के साथ रैंकों में ऊपर उठे. मुझे श्रम मंत्री, रेल मंत्री और समाज कल्याण मंत्री के रूप में उनके मंत्रिमंडल का हिस्सा होने पर गर्व है. शब्दों के बजाय काम करने वाले व्यक्ति, राष्ट्र निर्माण में उनका अपार योगदान हमेशा भारतीय इतिहास के पन्नों में अंकित रहेगा. दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी और हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. उन्हें इस भारी नुकसान से उबरने की शक्ति मिले. भारत के विकास, कल्याण और समावेशिता की नीतियों को आगे बढ़ाने की उनकी विरासत को हमेशा संजोकर रखा जाएगा. उनकी आत्मा को शांति मिले.” -
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताया है। मनमोहन सिंह ने (26 दिसंबर 2024) को दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। मनमोहन सिंह के निधन के बाद देश के राजनीतिक दिग्गज उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
पूर्व पीएम के निधन की पुष्टि होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है। पीएम मोदी ने गहन दुख जताते हुए पोस्ट लिखा- 'मनमोहन सिंह ने हमारे प्रधान मंत्री के रूप में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।'साधारण परिवार से उठकर अर्थशास्त्री के रूप में छाप छोड़ी- PM मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा- 'भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक मनाता है। साधारण परिवार से उठकर वह एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री सहित विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर एक मजबूत छाप छोड़ी। संसद में उनका हस्तक्षेप भी व्यावहारिक था। हमारे प्रधान मंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।' - कोझिकोड (केरल) ।प्रख्यात लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता एम. टी. वासुदेवन नायर अपनी रचनाओं के जरिए मलयालम कथानक को शीर्ष मुकाम तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे। उनका बुधवार शाम को निधन हो गया। एम. टी. के नाम से मशहूर वासुदेवन नायर को कहानी कहने की उनकी विशिष्ट कला, मानवीय भावनाओं और ग्रामीण जीवन की जटिलताओं को उजागर करने के लिए जाना जाता है। लेखक नायर (91) को हृदय संबंधी समस्याओं के कारण उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। साहित्य क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वह कुछ समय से श्वसन संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे। केरल के पलक्कड़ जिले के कुडल्लूर गांव में 1933 में जन्मे एम. टी. ने सात दशकों से अधिक समय तक एक ऐसी साहित्यिक दुनिया की रचना की जिसने आम नागरिकों और बुद्धिजीवियों को समान रूप से आकर्षित किया। उस समय, कुडल्लूर ब्रिटिश भारत के मद्रास प्रेसीडेंसी के अंतर्गत मालाबार जिले का हिस्सा था।वह टी. नारायणन नायर और अम्मालु अम्मा की चार संतानों में सबसे छोटे थे। उनके पिता, श्रीलंका के सीलोन में कार्य करते थे। उन्होंने मलमक्कवु प्राथमिक विद्यालय और कुमारानेल्लूर माध्यमिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और 1953 में विक्टोरिया कॉलेज, पलक्कड़ से रसायन विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने शुरू में कन्नूर के तलिपरम्बा के एक खंड विकास कार्यालय में एक शिक्षक तथा ग्रामसेवक के रूप में कार्य किया और उसके बाद वे 1957 में मातृभूमि साप्ताहिक में उप-संपादक के रूप में शामिल हुए। साहित्य के क्षेत्र में सात दशकों में, उन्होंने नौ उपन्यास, 19 लघु कथा संग्रह, छह फिल्मों का निर्देशन, लगभग 54 पटकथाएं तथा कई निबंध और संस्मरण संग्रह लिखे हैं। एम. टी. ने ‘ओरु वडक्कन वीरगाथा' (1989), ‘कदावु' (1991), ‘सदायम' (1992), और ‘परिणयम' (1994) के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। एम. टी. ने 1965 में लेखिका और अनुवादक प्रमिला से विवाह किया था, लेकिन विवाह के 11 वर्ष बाद दोनों अलग हो गये और इसके बाद उन्होंने 1977 में प्रसिद्ध नृत्यांगना कलामंडलम सरस्वती से विवाह किया।
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नई दिल्ली। प्रख्यात लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता एम. टी. वासुदेवन नायर अपनी रचनाओं के जरिए मलयालम कथानक को शीर्ष मुकाम तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे। उनका बुधवार शाम को निधन हो गया। एम. टी. के नाम से मशहूर वासुदेवन नायर को कहानी कहने की उनकी विशिष्ट कला, मानवीय भावनाओं और ग्रामीण जीवन की जटिलताओं को उजागर करने के लिए जाना जाता है।
लेखक नायर (91) को हृदय संबंधी समस्याओं के कारण उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। साहित्य क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वह कुछ समय से श्वसन संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे। केरल के पलक्कड़ जिले के कुडल्लूर गांव में 1933 में जन्मे एम. टी. ने सात दशकों से अधिक समय तक एक ऐसी साहित्यिक दुनिया की रचना की जिसने आम नागरिकों और बुद्धिजीवियों को समान रूप से आकर्षित किया।उस समय, कुडल्लूर ब्रिटिश भारत के मद्रास प्रेसीडेंसी के अंतर्गत मालाबार जिले का हिस्सा था। वह टी. नारायणन नायर और अम्मालु अम्मा की चार संतानों में सबसे छोटे थे। उनके पिता, श्रीलंका के सीलोन में कार्य करते थे। उन्होंने मलमक्कवु प्राथमिक विद्यालय और कुमारानेल्लूर माध्यमिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और 1953 में विक्टोरिया कॉलेज, पलक्कड़ से रसायन विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।उन्होंने शुरू में कन्नूर के तलिपरम्बा के एक खंड विकास कार्यालय में एक शिक्षक तथा ग्रामसेवक के रूप में कार्य किया और उसके बाद वे 1957 में मातृभूमि साप्ताहिक में उप-संपादक के रूप में शामिल हुए। साहित्य के क्षेत्र में सात दशकों में, उन्होंने नौ उपन्यास, 19 लघु कथा संग्रह, छह फिल्मों का निर्देशन, लगभग 54 पटकथाएं तथा कई निबंध और संस्मरण संग्रह लिखे हैं।एम. टी. ने ‘ओरु वडक्कन वीरगाथा’ (1989), ‘कदावु’ (1991), ‘सदायम’ (1992), और ‘परिणयम’ (1994) के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। एम. टी. ने 1965 में लेखिका और अनुवादक प्रमिला से विवाह किया था, लेकिन विवाह के 11 वर्ष बाद दोनों अलग हो गये और इसके बाद उन्होंने 1977 में प्रसिद्ध नृत्यांगना कलामंडलम सरस्वती से विवाह किया।प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया शोकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वासुदेवन नायर के निधन पर शोक जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ‘मलयालम सिनेमा और साहित्य के सबसे सम्मानित शख्सियतों में से एक श्री एमटी वासुदेवन नायर जी के निधन से दुखी हूं। मानवीय भावनाओं की गहन खोज के साथ उनके कार्यों ने पीढ़ियों को आकार दिया है और आगे भी कई लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने मूक और हाशिये पर पड़े लोगों को भी आवाज दी। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति.’वहीं राष्ट्रपति दौपद्री मुर्मू ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘प्रसिद्ध मलयालम लेखक श्री एम टी वासुदेवन नायर के निधन से साहित्य की दुनिया में एक खालीपन सा आ गया है। उनकी रचनाओं में ग्रामीण भारत जीवंत हो उठा। उन्हें प्रमुख साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था और उन्होंने फिल्मों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। मैं उनके परिवार के सदस्यों और बड़ी संख्या में उनके पाठकों और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।’ -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत के लोकतंत्र की व्यापकता गुरुओं की शिक्षा, साहिबजादों के बलिदान और देश की एकता के मूल मंत्र पर आधारित है।
आज नई दिल्ली में भारत मंडपम में वीर बाल दिवस समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुओं की परंपरा ने हमें सबको समान आदर के साथ देखने की शिक्षा दी है और देश का संविधान भी हमें इसी विचार के लिए प्रेरित करता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि वीर साहिबजादों का जीवन हमें सिखाता है कि देश की अखंडता और विचारधारा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संविधान लोगों को देश की संप्रभुता और एकता को सबसे ऊपर रखने के सिद्धांत की सीख देता है।प्रधानमंत्री ने कहा साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह बहुत छोटे थे, मगर उनका साहस आकाश से भी ऊंचा था। उन्होंने कहा कि आज वीर बाल दिवस हमें सिखाता है कि कोई भी परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों ना हो देश और उसके हितों से बड़ी नहीं हो सकती।श्री मोदी ने कहा कि इतिहास में और वर्तमान में भी युवा ऊर्जा ने भारत की प्रगति में बड़ी भूमिका अदा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 21वीं सदी के जन आंदोलनों तक देश के युवा ने हर क्रांति में योगदान किया है।साल 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने गुरू गोविंदसिहं के साहिबजादों को श्रद्धांजलि देने के लिए वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। हमारे संवाददाता ने बताया है कि इस दिवस पर युवाओं में रचनात्मकता बढाने और विकसित भारत में उनके प्रेरक योगदान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान का भी शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य पोषण संबंधी सेवाओं को मजबूती से लागू करना और इस कार्य में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर पोषण व्यवस्था मजबूत करना है। लगभग साढ़े तीन हजार बच्चों और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से पुरस्कृत बालकों ने अन्य गणमान्य लोगों के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। - महाकुम्भ नगर (प्रयागराज)। प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे महाकुम्भ मेला 2025 के दौरान देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के साथ ही बड़ी संख्या में विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों के आने की संभावना को देखते हुए प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने विशेष प्रबंध किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि मेले में आने वाले विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों को महाकुम्भ मेला की सुखद अनुभूति का अहसास कराने एवं उनके रुकने तथा अन्य प्रोटोकॉल की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। मेला प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, “महाकुम्भ के दौरान देश-विदेश के तीर्थयात्री, पर्यटक, विशिष्ट एवं अति विशिष्ट व्यक्तियों के अलावा उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों का भी आगमन होगा। मेला क्षेत्र में विशिष्ट / अतिविशिष्ट महानुभावों के आगमन के दौरान सुविधा के लिए चौबीसों घंटे और सातों दिन सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें अधिकारी/कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।” उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले महानुभावों की प्रोटोकॉल व्यवस्था के लिए शासन स्तर से तीन अपर जिलाधिकारी, तीन उप जिलाधिकारी, तीन नायब तहसीलदार एवं चार लेखपाल तैनात किए गए है। इसके साथ ही, सभी 25 सेक्टरों में डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात हैं, जो अपने अपने सेक्टर में प्रोटोकॉल की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।महाकुम्भ मेला 2025, 13 जनवरी को प्रथम मुख्य स्नान पर्व (पौष पूर्णिमा) 2025 से प्रारम्भ होकर अंतिम मुख्य स्नान पर्व (महाशिवरात्रि) 26 फरवरी तक कुल 45 दिनों की अवधि में सम्पन्न होगा। अधिकारियों के मुताबिक, विशिष्ट/अतिविशिष्ट महानुभावों की प्रोटोकॉल व्यवस्था के तहत महाकुम्भ-2025 के दौरान 50 टूरिस्ट गाइड और अन्य सहायक कर्मचारियों की भी तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मेले में आने वाले महानुभावों को ठहरने की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में पांच स्थलों पर 250 टेंट की क्षमता के सर्किट हाउस की व्यवस्था की गई है। साथ ही पर्यटन विभाग के निर्देशन में पर्यटन विकास निगम द्वारा 110 काटेज की टेंट सिटी और सेवा प्रदाताओं के माध्यम से 2200 काटेज की टेंट सिटी विकसित की जा रही है जिसकी बुकिंग प्रयागराज मेला प्राधिकरण की वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि स्नान के लिए घाट तैयार करने के अलावा नदी में जेटी एवं मोटर बोट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के कुल 15 विभागों ने अपने शिविर स्थापित किए हैं जिनमें विभागीय अधिकारियों को ठहरने की सुविधा होगी। इसी तरह, मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के कुल 21 विभागों द्वारा अपने शिविर लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन प्रयागराज के अधीन उपलब्ध 21 अतिथि गृहों में कुल 314 कक्षों की व्यवस्था विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों के लिए की गई है।
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- स्वामित्व योजना 2 करोड़ संपत्ति कार्ड के मील के पत्थर को पार करेगी; इससे 50 हजार गांवों को लाभ होगा और संपत्ति अधिकारों को बढ़ावा मिलेगा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 दिसंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व संपत्ति कार्डों के ई-वितरण की अध्यक्षता करेंगे, जो भारत में ग्रामीण सशक्तीकरण और सुशासन यात्रा में एक अहम चरण होगा। इस कार्यक्रम में 10 राज्यों - छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और 2 केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के लगभग 50 हजार गांवों में 58 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड वितरित किए जाएंगे । यह कार्यक्रम स्वामित्व योजना के तहत 2 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार करने और वितरण करने और एक ही दिन में 58 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित करने की एक बड़ी उपलब्धि को भी चिह्नित करेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री चयनित लाभार्थियों से बातचीत करेंगे और राष्ट्रव्यापी संबोधन देंगे। इस अवसर पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज भी मौजूद रहेंगे। इस समारोह में कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और हितधारक भी वर्चुअल रुप से सम्मिलित होंगे। संपत्ति कार्ड के क्षेत्रीय वितरण समारोह में देश भर में करीब 13 स्थानों पर केंद्रीय मंत्री भी सम्मिलित होंगे।
स्वामित्व योजना के राष्ट्रव्यापी परिवर्तनकारी प्रभाव के लिए व्यापक तैयारियां
पंचायती राज मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से स्वामित्व योजना के बारे में अधिक से अधिक जानकारी और जागरूकता फैलाएगा और 27 दिसंबर 2024 को देश भर में लगभग 20,000 स्थानों पर अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित करके मंत्रालय की राष्ट्रीय और अन्य प्रमुख पहलों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
स्वामित्व योजना के तहत प्रमुख उपलब्धियां
-ड्रोन मैपिंग कवरेज: 3.17 लाख गांवों में सर्वेक्षण पूर्ण हुआ।
-संपत्ति कार्ड वितरण: 1.49 लाख गांवों में 2.19 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार किए गए।
-बेहतर सुशासन: डिजिटल रूप से मान्य संपत्ति अभिलेखों ने स्थानीय सुशासन को मजबूत किया है और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) को प्रोत्साहन दिया है।
-वित्तीय समावेशन: संपत्ति कार्डों ने संस्थागत ऋण तक पहुंच को आसान बना दिया है, जिससे ग्रामीण नागरिक सशक्त हुए हैं।
-महिला सशक्तिकरण: संपत्ति के कानूनी स्वामित्व ने महिलाओं को बढ़ी हुई वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है।
-विवाद समाधान: सटीक संपत्ति मानचित्रण से संपत्ति विवादों में काफी कमी आई है।
-स्वामित्व : ग्रामीण भारत के लिए एक परिवर्तनकारी योजना
-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 अप्रैल 2020 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर) को शुरू की गई स्वामित्व योजना का उद्देश्य ड्रोन और जीआईएस तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को "अधिकारों का रिकॉर्ड" प्रदान करना है। कोविड-19 महामारी द्वारा उत्पन्न अभूतपूर्व चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2020 को संपत्ति कार्ड के पहले सेट को वर्चुअली वितरित किया, जो इस परिवर्तनकारी पहल के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। स्वामित्व योजना वित्तीय समावेशन, ग्रामीण स्थिरता और आर्थिक विकास लाने के लिए अंतर-विभागीय तालमेल को बढ़ावा देते हुए संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण का उदाहरण है। इसने न केवल संपत्ति मालिकों को सशक्त बनाया है, बल्कि ग्रामीण भारत में बेहतर बुनियादी ढांचा नियोजन, वित्तीय स्थिरता और सतत विकास को भी सक्षम बनाया है।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज वीर बाल दिवस पर नई दिल्ली में असाधारण उपलब्धियों के लिए 17 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इन बच्चों को कला-संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा, खेल और पर्यावरण के क्षेत्र में विशिष्ठ उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने साहिबजादों की बहादुरी और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह दिन श्री गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों के बलिदान और साहस का सम्मान करने करने का दिन है।राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां देश के सभी नागरिकों को प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और अवसर प्रदान करना देश की परंपरा का हिस्सा रहा है।इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुरस्कार विजेताओं से भी बातचीत की। आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में खेल के क्षेत्र में पुरस्कार पाने वाली पंजाब की सान्वी सूद ने प्रसन्नता प्रकट की। तकनीक के क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त करने वाले जम्मू के ऋषिकेश कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र में कई अवसर हैं, जिनसे देश में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।

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