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भुवनेश्वर. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएम) ने अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) से कहा है कि रथ यात्रा शास्त्रों में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया से दशमी तिथि के बीच आयोजित की जानी चाहिए। पुरी स्थित 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था एसजेटीएम ने इस बात पर जोर दिया कि जून के अंत या जुलाई में आयोजित की जाने वाली वार्षिक रथ यात्रा के लिए निर्धारित तिथियों में कोई परिवर्तन नहीं होना चाहिए। पुरी के गजपति महाराज के साथ एसजेटीएम के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले दिव्य सिंह देब ने सोमवार को पुरी के रॉयल पैलेस में एक बैठक के दौरान इस्कॉन को यह जानकारी दी। बैठक में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी, इस्कॉन के शासी निकाय आयोग (जीबीसी) के प्रमुख गुरु प्रसाद स्वामी महाराज, ओडिशा इस्कॉन के निदेशक प्रेमानंद दास महाराज और भुवनेश्वर के क्षेत्रीय निदेशक बनमाली चंद्र दास सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। बैठक के बाद पाधी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस्कॉन को समय से इतर रथ यात्रा आयोजित नहीं करने की सलाह दी गई है, ये परंपरा के खिलाफ है।'' एसजेटीए ने एक प्रेस विज्ञप्ति में इस बात की फिर से पुष्टि की है कि रथ यात्रा की तिथियां पवित्र ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार तय हैं। एसजेटीए और इस्कॉन दोनों के विशेषज्ञों के जल्द ही इस मामले पर आगे चर्चा करने के लिए मिलने की उम्मीद है। इस्कॉन के अधिकारी फरवरी 2025 में होने वाली जीबीसी बैठक में इस मुद्दे को उठाने की योजना बना रहे हैं। पाधी ने कहा, ‘‘जीबीसी की आगामी बैठक में इस्कॉन इस मामले पर अपने विचार प्रस्तुत करेगा तथा अपने सुझाव रखेगा। हमने स्पष्ट कर दिया है कि श्रीमंदिर की परंपरा को धूमिल करने वाला कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए। रथ यात्रा किसी अन्य तिथि पर आयोजित नहीं की जानी चाहिए और हमने इस बात का इस्कॉन से भी अनुरोध किया है।''
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नयी दिल्ली.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बताया कि गुजरात में पिछले चार वित्तीय वर्षों के दौरान केंद्रीय कर अधिकारियों ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) चोरी के 12,803 मामले दर्ज किए हैं और 101 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीतारमण ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया ‘‘गुजरात राज्य में, वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 (31.10.2024 तक) के दौरान, केंद्रीय कर संरचनाओं द्वारा दर्ज जीएसटी चोरी के मामलों की संख्या 12,803 है।'' उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में, भारतीय दंड संहिता (अब भारतीय न्याय संहिता, 2023) के तहत तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं जिनमें आठ लोगों के नाम हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटी चोरी के मामलों में, सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के प्रावधानों के तहत 101 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राज्यसभा में एक अलग प्रश्न के उत्तर में, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों में जीएसटी संग्रह का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि 2023-24 में सकल जीएसटी संग्रह 20.18 लाख करोड़ रुपये रहा तथा 2.08 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया। 2022-23 में सकल जीएसटी राजस्व 18.08 लाख करोड़ रुपये था और जारी किए गए रिफंड 2.20 लाख करोड़ रुपये के थे। उन्होंने बताया कि 2021-22 और 2020-21 में सकल संग्रह 14.83 लाख करोड़ रुपये और 11.37 लाख करोड़ रुपये रहा। इन दो वर्षों में क्रमश: 1.83 लाख करोड़ रुपये और 1.25 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए। चौधरी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-अक्टूबर) में सकल जीएसटी संग्रह 12.74 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि 1.47 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए। शुद्ध जीएसटी संग्रह 11.27 लाख रुपये रहा।
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अगरतला. बांग्लादेश में भारतीय ध्वज का अपमान किए जाने के मद्देनजर ‘ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन (एटीएचआरओए)' ने बांग्लादेशी पर्यटकों को अपनी सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने यह जानकारी दी है। एटीएचआरओए के महासचिव सैकत बंद्योपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय सोमवार को हुई एक आपातकालीन बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। हमारे राष्ट्रध्वज का अपमान किया गया और बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का एक वर्ग अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न कर रहा है। पहले भी ऐसी घटनाएं होती थीं, लेकिन अब सभी हदें पार हो गई हैं।'' बंद्योपाध्याय ने कहा, ‘‘बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति वास्तव में चिंताजनक है।''
उन्होंने कहा, ‘‘हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ किए जा रहे व्यवहार की निंदा करते हैं।''
इससे पहले, निजी अस्पताल ‘आईएलएस हॉस्पिटल' ने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में बांग्लादेश के किसी भी मरीज का इलाज नहीं करने की घोषणा की थी। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि देश में कोई भी गर्भवती महिला धन की कमी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहेगी क्योंकि सरकार के जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) का मकसद ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त में इलाज मुहैया कराना है। प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए नड्डा ने राज्यसभा को बताया कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम जरूरत आधारित है और बजट कोई मुद्दा नहीं है। इस योजना के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में, गर्भवती महिलाओं को सीजेरियन सहित प्रसव की सुविधा नि:शुल्क दी जाती है। इस योजना के संदर्भ में दो सदस्यों द्वारा अपने अपने राज्यों की तुलना किए जाने पर नड्डा ने कहा, ‘‘केरल की तुलना महाराष्ट्र से न करें क्योंकि यह कार्यक्रम जनसंख्या आधारित है। इसके तहत हर मां का ख्याल रखा जा रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘धन की कमी के कारण कोई भी मां इलाज से वंचित नहीं रहेगी...इस योजना के लाभों से वह वंचित नहीं रहेगी। केरल में भी यह जरूरत आधारित है।'' नड्डा ने आश्वासन दिया कि केरल में सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में हर मां को नि:शुल्क प्रसव की सुविधा मिलेगी। मंत्री ने कहा कि महिला के गर्भधारण करने के साथ ही, योजना के तहत प्रसव पूर्व जांच शुरू हो जाती है और प्रसव से पहले उसे सभी आवश्यक टीके दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हर महीने की 9 तारीख को जिला अस्पताल में गर्भवती महिला की स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा निःशुल्क जांच की सुविधा होती है। आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे उच्च जोखिम वाले रोगियों का इलाज करें क्योंकि उन्हें अधिक जांच की आवश्यकता होती है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रसव संस्थान में ही हो।'' योजना का ब्यौरा देते हुए नड्डा ने कहा, ‘‘जब प्रसव होता है तो अगर यह सी-सेक्शन है, तो (अस्पताल में) सात दिनों तक रहना होता है। यह निःशुल्क है। अगर बच्चे के साथ कोई जटिलता है तो बच्चे के साथ 10 दिनों तक रहना होता है, जो निःशुल्क है।'' उन्होंने कहा कि मां को अस्पताल ले जाने और प्रसव के बाद उसे वापस घर छोड़ने के लिए सरकार द्वारा परिवहन की सुविधा दी जाती है। उल्लेखनीय है कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) की शुरुआत केंद्र सरकार ने एक जून, 2011 को की थी। इस योजना का मकसद, गर्भवती महिलाओं और जन्म के एक साल तक के बच्चों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ़्त में इलाज मुहैया कराना है। इस योजना के तहत, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को विभिन्न सुविधाएं मिलती हैं।
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नयी दिल्ली. दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर से परेशान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को स्वीकार किया कि उन्हें राष्ट्रीय राजधानी आने का मन नहीं करता, क्योंकि यहां उन्हें अक्सर संक्रमण हो जाता है। एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागपुर से सांसद गडकरी ने कहा कि दिल्ली शहर ऐसा है कि “मुझे यहां रहना पसंद नहीं है। यहां प्रदूषण के कारण मुझे संक्रमण हो जाता है।” उन्होंने कहा, “हर बार दिल्ली में आते हुए ऐसा लगता है कि (दिल्ली) जाना चाहिए कि नहीं। इतना भयंकर प्रदूषण है।” गडकरी ने सुझाव दिया कि प्रदूषण को कम करने का सबसे अच्छा तरीका जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल, डीजल) की खपत को कम करना है। मंगलवार को दिल्ली के निवासियों ने हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार देखा। सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 274 पर था, जो लगातार तीसरे दिन राहत का संकेत है। दिल्लीवासियों के लिए दिसंबर की शुरुआत नवंबर की तुलना में अपेक्षाकृत आसान रही है। नवंबर में महीने के ज्यादातर दिनों में हवा प्रदूषण का स्तर काफी अधिक था। गडकरी ने कहा कि भारत 22 लाख करोड़ रुपये के जीवाश्म ईंधन का आयात करता है, जो अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हम वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देकर जीवाश्म ईंधन के आयात को कम कर सकते हैं।”
अपने बेबाक विचारों के लिए मशहूर गडकरी ने कहा कि भारत के सामने सबसे बड़ी समस्या गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी है, इसलिए आने वाले समय में सरकार को आर्थिक और सामाजिक समानता हासिल करना सुनिश्चित करना होगा। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि बैंककारी विधियां (संशोधन) विधेयक 2024 के माध्यम से किए गए संशोधन बैंकिंग क्षेत्र में संचालन प्रणाली को मजबूत बनाने के साथ ही ग्राहकों और निवेशकों के हितों को सुरक्षित करने वाले होंगे। सीतारमण ने लोकसभा में इस विधेयक को चर्चा एवं पारित करने के लिए प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934; बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949; भारतीय स्टेट बैंक, 1955 और बैंकिंग कंपनियां (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण), 1980 में कुल 19 संशोधन प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि उक्त विधेयक किसी बैंक खाताधारक को उसके खाते में चार ‘नॉमिनी' को मनोनीत करने की अनुमति प्रदान करेगा। विधेयक में वैधानिक लेखा परीक्षकों को भुगतान किया जाने वाला पारिश्रमिक तय करने में बैंकों को अधिक स्वतंत्रता देने का प्रावधान भी है। इस विधेयक की घोषणा वित्त मंत्री ने अपने 2023-24 के बजट भाषण में की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रस्तावित संशोधन बैंकिंग क्षेत्र में संचालन प्रणाली को मजबूत करेंगे तथा नामांकन और निवेशकों के हितों के संरक्षण के संदर्भ में ग्राहकों की सुविधा को बढ़ाएंगे।'' प्रस्तावित विधेयक में शासन मानकों में सुधार, बैंकों द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक को दी जाने वाली रिपोर्टिंग में एकरूपता, जमाकर्ताओं और निवेशकों के लिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लेखापरीक्षा की गुणवत्ता में सुधार, नामांकन के संबंध में ग्राहकों को सुविधा प्रदान करना और सहकारी बैंकों में निदेशकों के कार्यकाल में वृद्धि शामिल है। बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाली सहकारी समितियों के संबंध में, सीतारमण ने कहा कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम में संशोधन केवल सहकारी बैंकों या सहकारी समितियों के उस हिस्से पर लागू होगा जो बैंकों के रूप में काम कर रहे हैं। विधेयक में सहकारी बैंकों में निदेशकों (अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशक को छोड़कर) के कार्यकाल को 8 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष करने का प्रस्ताव है, ताकि इसे संविधान (97वां संशोधन) अधिनियम, 2011 के अनुरूप बनाया जा सके। विधेयक पारित होने के बाद केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक को राज्य सहकारी बैंक के बोर्ड में सेवा करने की अनुमति प्रदान करेगा। -
अलाप्पुझा (केरल). अलाप्पुझा जिले में रात को कार से घूमने निकले पांच मेडिकल छात्रों के लिए यह सफर कभी न लौटने वाला साबित हुआ और एक बस के साथ हुई भीषण टक्कर में सभी की मौत हो गई। हादसे से कुछ देर पहले छात्रों से बात करने वाले परिजन और दोस्त बेहद सदमे में हैं और उनके लिए इस बात पर यकीन करना मुश्किल हो रहा कि वे अब नहीं रहे। यहां वंदनम राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र सोमवार रात को एक किराये की कार में घूमने निकले थे। इस दौरान उनकी कार और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की एक बस के बीच भीषण टक्कर हुई जिसमें सभी पांच छात्रों की मौत हो गई। हादसे में छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान कन्नूर के मोहम्मद अब्दुल जब्बार, लक्षद्वीप के मोहम्मद इब्राहिम, मलप्पुरम के देवनंदन, अलाप्पुझा के आयुष शाजी और पलक्कड़ के श्रीदीप के रूप में हुई है। टीवी चैनलों पर प्रसारित सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि रात में हो रही बरसात में तेज रफ्तार कार फिसलने के बाद एक यात्री बस से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो जाती है। घटनास्थल पर बचाव के लिए पहुंचे लोगों ने बताया कि तीन छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि टक्कर के कारण कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसे (कार को) काटकर उसमें सवार युवकों को बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं हैं।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के बाद मदद के लिए गुहार ला रहे छात्रों की आवाज कई घंटों बाद भी उसके कानों में गूंज रही है। एक टीवी चैनल के साथ बीतचीत में उसने कहा, '' यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में क्या हुआ। संभवतः भारी बारिश के कारण कार चला रहे व्यक्ति को कुछ कठिनाई हुई होगी।'' उसने कहा कि जब वह कार के पास पहुंचा तो एक छात्र ने उसका हाथ पकड़ लिया और मदद की गुहार लगाई और थोड़ी देर बात वह अचेत हो गया। एमबीबीएस के एक छात्र ने बताया कि मृतकों में से एक उसका 'रूममेट' था और उसने बताया था कि वह फिल्म देखने जा रहा है। छात्र ने कहा, '' हम डेढ़ माह पहले ही कॉलेज पहुंचे और छात्रावास में एक ही कमरे में रह रहे थे। मैं उसे पहले से जानता था, क्योंकि हमने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की साथ तैयारी की थी।'' एक अन्य मृतक के रिश्तेदार ने कहा कि उन्हें टीवी चैनल के माध्यम से यह खबर मिली। उन्होंने कहा, ‘‘पीड़ित छात्र के माता-पिता इंदौर में हैं। उन्हें सोमवार को ही दुर्घटना के बारे में सूचित किया गया था और वे यहां आ रहे हैं। पलक्कड़ के मूल निवासी श्रीदीप के घर पर मातम पसरा हुआ था। हादसे के बाद घर पर पहुंचे पड़ोसी और रिश्तेदार श्रीदीप के पिता का ढांढस बंधा रहे थे। श्रीदीप के घर पहुंचे उनके एक शिक्षक ने कहा, ‘‘वह मेरा छात्र था... वह बहुत प्रतिभाशाली था। मैंने उसे चार साल तक स्कूल में पढ़ाया।'' छात्रों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद श्रद्धांजलि के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में लाया गया जहां सैकड़ों लोग पहुंचे। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, राज्य मंत्री वीना जॉर्ज, पी प्रसाद और साजी चेरियन तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने मेडिकल छात्रों को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल खान ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अलाप्पुझा में सड़क दुर्घटना में पांच मेडिकल छात्रों की मौत से गहरा दुख हुआ है। उनके परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'' राज्य मंत्री वीना जॉर्ज मृत छात्रों के परिजनों का ढांढस बंधाते हुए खुद भी भावुक हो गईं। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने छात्रों की मौत पर शोक व्यक्त किया और इसे ‘अत्यंत दुखद घटना' करार दिया।
विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने भी छात्रों की असामयिक मृत्यु पर दुख व्यक्त किया। -
नयी दिल्ली. देश में समावेशी विकास को बढ़ावा देने से लेकर शहरी वातावरण में बदलाव लाने तक के लिए मंगलवार को 33 व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों को दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मानित किए गए लोगों में समावेशिता और बाधाओं को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले भी शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार तीन दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार 2024 प्रदान किए। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में शिक्षा, खेल, कला और सामाजिक उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले शामिल हैं। इयथा मल्लिकार्जुन को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अवसर पैदा करने में उनके योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन के रूप में मान्यता दी गई। मल्लिकार्जुन 88 प्रतिशत गतिहीनता के साथ जी रहे हैं, उन्होंने समावेशी दिव्यांगजन उद्यमी संघ (आईडीईए) की स्थापना की और 1,060 से अधिक दिव्यांग उद्यमियों को सहायता प्रदान करने के अलावा 2,500 से अधिक लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया। पोलियो के बाद पक्षाघात पर काबू पाने से लेकर सशक्तिकरण की मिसाल बनने तक की उनकी यात्रा ने उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिलाया। एक और प्रेरणादायक कहानी बेंगलुरु के सामाजिक उद्यमी और ‘रैम्प माई सिटी' के संस्थापक प्रतीक खंडेलवाल की है। उन्हें शहरी परिदृश्यों को दिव्यांगों के लिए सुलभ स्थानों में बदलने के लिए सम्मानित किया गया। करीब 75 प्रतिशत गति-बाधित दिव्यांगता के साथ जीवन जीते हुए खंडेलवाल की पहल ने हजारों लोगों को सशक्त बनाया है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा भी मिली है। शिक्षिका कनिका मुकेश अग्रवाल को नवीन द्विभाषी कार्यक्रमों के माध्यम से बधिर शिक्षा प्रणाली में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। दृष्टिबाधित अधिवक्ता अमर जैन को भारत में दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता और नीतिगत सुधारों में उनके योगदान के लिए उनकी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा अन्य श्रेणियों में यह पुरस्कार प्रदान किए गए।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन से बात कर राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली, साथ ही उन्हें केंद्र से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोदी ने बाढ़ की स्थिति के संबंध में स्टालिन को फोन किया।
भारी बारिश के बाद उत्तरी तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में सोमवार को भीषण बाढ़ आ गई, जिससे गांवों और आवासीय कॉलोनियों तक पहुंचने का रास्ता लगभग अवरुद्ध हो गया क्योंकि पुल और सड़कें जलमग्न हो गईं। भीषण बाढ़ के कारण खड़ी फसलों का बड़ा रकबा भी जलमग्न हो गया।
तिरुवन्नामलाई में एक दिसंबर की रात बारिश के दौरान भूस्खलन हो गया था। इसके बाद एक घर से पांच शव बरामद किए गए थे। -
नयी दिल्ली. कार्बनिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में ‘पीएम-प्रणाम' योजना को बेहद सफल बताते हुए सरकार ने मंगलवार को इसे एक ‘परिवर्तनकारी' पहल करार दिया और कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि योजना के बहुत ही सकारात्मक परिणाम आए हैं और लोगों ने कार्बनिक उर्वरकों का उपयोग बढ़ाया जबकि अकार्बनिक उर्वरकों का उपयोग कम किया है। उन्होंने बताया कि आज देश में डीएपी (डायमोनियम फॉस्फेट) का बहुत अधिक उपयोग हो रहा है, जिसकी वजह से सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहे हैं और मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि पीएम प्रणाम योजना अकार्बनिक उर्वरकों को पूरी तरह खत्म करने को लेकर है। उन्होंने कहा कि इस योजना की घोषणा पहली बार केंद्र सरकार ने 2023-24 के बजट में की थी और इसका उद्देश्य राज्यों को वैकल्पिक उर्वरक अपनाने के लिये प्रोत्साहित करके रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाना है। नड्डा ने कहा कि पीएम-प्रणाम शब्द का अर्थ धरती माता की उर्वरता की बहाली, जागरूकता सृजन, पोषण और सुधार के लिए प्रधानमंत्री कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि जैव उर्वरकों और जैविक उर्वरकों के साथ उर्वरकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा रासायनिक उर्वरकों पर सब्सिडी का बोझ कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना को रसायन और उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत मौजूदा उर्वरक सब्सिडी की बचत से वित्तपोषित किया जाता है। उन्होंने कहा ‘‘पीएम-प्रणाम योजना के लिये अलग से कोई बजट नहीं है।''
उन्होंने बताया कि इसके तहत केंद्र सरकार राज्यों को सब्सिडी बचत का 50 फीसदी अनुदान के रूप में देती है जिसमें से 70 फीसदी राशि का उपयोग विभिन्न स्तरों पर वैकल्पिक उर्वरकों और उत्पादन इकाइयों के तकनीकी उत्थान हेतु परिसंपत्तियों के निर्माण में उपयोग किया जाता है। नड्डा ने कहा कि शेष 30 फीसदी राशि का उपयोग किसानों, पंचायतों और उर्वरक कटौती एवं जागरूकता सृजन में शामिल अन्य हितधारकों को पुरस्कृत तथा प्रोत्साहित करने के लिये किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम पिछले खरीफ सत्र से शुरु हुआ है।
वाईएसआरसीपी के वी विजयसाई रेड्डी के पूरक प्रश्न के उत्तर में नड्डा ने बताया कि पीएम-प्रणाम योजना मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के एक खास मकसद से शुरु की गई है जबकि ड्रोन दीदी योजना महिलाओं को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में चुनौतियों को दूर करने के लिए सरकार द्वारा की गई नवीनतम पहलों में से एक है। कांग्रेस की रंजीत रंजन के पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि पीएम प्रणाम योजना अकार्बनिक खेती को खत्म करने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अधिक उर्वरकों का इस्तेमाल सेहत पर भी पड़ता है और मिट्टी की उर्वरता भी इससे प्रभावित होती है।'' -
चंडीगढ़. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां तीन नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन को राष्ट्र को समर्पित किया। ये कानून - भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम - एक जुलाई को लागू हुए और इन्होंने ब्रिटिश काल के कानूनों क्रमशः भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली। चंडीगढ़ देश की पहली प्रशासनिक इकाई बन गई है, जहां तीनों कानूनों का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन किया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नये आपराधिक कानून सभी नागरिकों के लाभ के लिए संविधान में निहित आदर्शों को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि ये कानून औपनिवेशिक युग के कानूनों के अंत का प्रतीक हैं। मोदी ने कहा कि औपनिवेशिक युग के कानून अंग्रेजों द्वारा भारत पर शासन करने के दौरान किए गए अत्याचारों और शोषण का माध्यम थे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘1857 की क्रांति ने ब्रिटिश शासन की जड़ें हिला दीं और 1860 में वे आईपीसी लेकर आए और बाद में भारतीय साक्ष्य अधिनियम और सीआरपीसी अस्तित्व में आया। उन कानूनों का उद्देश्य भारतीयों को दंडित करना और उन्हें गुलाम बनाए रखना था।'' इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ में इन तीनों कानूनों को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्राथमिकी दर्ज होने के तीन साल के भीतर न्याय मिल जाएगा।'' शाह ने कहा, ‘‘हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणाली होगी।''
केंद्रीय गृह मंत्री ने नये कानूनों को पूरी तरह से लागू करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की सराहना भी की। इससे पहले, मोदी ने एक सीधा (लाइव) प्रदर्शन भी देखा, जिसमें नये कानूनों के तहत अपराध स्थल की जांच को प्रदर्शित किया गया। चंडीगढ़ पुलिस ने यहां पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में स्थापित एक प्रदर्शनी हॉल में साक्ष्य एकत्र करने और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में नये कानूनों को व्यावहारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। मोदी को चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर ने जानकारी भी दी।
प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के साथ पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सलाहकार राजीव वर्मा और चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक सुरेंद्र सिंह यादव भी थे। सोमवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि एक जुलाई, 2024 को देशभर में लागू किये गए नये आपराधिक कानूनों का उद्देश्य भारत की कानूनी प्रणाली को अधिक पारदर्शी, कुशल और समकालीन समाज की जरूरतों के अनुकूल बनाना है। बयान में कहा गया कि ये ऐतिहासिक सुधार भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक हैं, जो साइबर अपराध एवं संगठित अपराध जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने और विभिन्न अपराधों के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नया ढांचा प्रदान करते हैं। - नयी दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों के साथ फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट' देखी।प्रधानमंत्री ने संसद के पुस्तकालय भवन स्थित बालयोगी सभागार में विक्रांत मैसी अभिनीत यह फिल्म देखी।दिग्गज अभिनेता जितेंद्र और राशि खन्ना सहित कुछ अन्य कलाकारों ने भी फिल्म देखी और फिर संवाददाताओं को बताया कि मोदी ने उन्हें बताया कि यह प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली फिल्म है, जो उन्होंने देखी है। मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा प्रमुख जीतन राम मांझी समेत अन्य नेता मौजूद थे। धीरज सरना द्वारा निर्देशित इस फिल्म में 27 फरवरी, 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की घटना के पीछे की सच्चाई को उजागर करने का दावा किया गया है, जिसमें एक धार्मिक समारोह में भाग लेने के बाद अयोध्या से लौट रहे 59 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। पन्द्रह नवंबर को रिलीज हुई 'द साबरमती रिपोर्ट' में मैसी के अलावा राशि खन्ना और रिद्धि डोगरा मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाले मैसी ने कहा कि मोदी के साथ फिल्म देखने का अनुभव अलग रहा, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की और लोगों से फिल्म देखने की अपील की।उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके करियर का एक महत्वपूर्ण क्षण रहा।फिल्म देखने के बाद 'एक्स' पर एक पोस्ट में मोदी ने फिल्म के निर्माताओं के प्रयासों की सराहना की।जितेंद्र ने संवाददाताओं से कहा कि यह पहली बार है, जब उन्होंने बेटी एकता कपूर के कारण प्रधानमंत्री के साथ फिल्म देखी है। अपने समय के हिंदी फिल्म जगत के प्रमुख अभिनेताओं में से एक रहे जितेंद्र ने कहा, "उन्होंने (मोदी) मुझसे कहा कि यह प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके द्वारा देखी गई पहली फिल्म है।" अभिनेत्री राशि खन्ना ने भी इसी तरह की टिप्पणी की और अनुभव पर खुशी व्यक्त की।सत्तारूढ़ भाजपा ने सक्रियता से इस फिल्म का प्रचार किया है और कई राज्य सरकारों ने इसे कर-मुक्त किया। घटना के समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, जिसके बाद सांप्रदायिक दंगे हुए और राज्य पुलिस ने ट्रेन के कुछ डिब्बों में आग लगाने के लिए मुस्लिम भीड़ को दोषी ठहराया था। पुलिस द्वारा चार्जशीट किए गए कई आरोपियों को बाद में अदालतों में दोषी ठहराया गया था।इस घटना से बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था, क्योंकि कांग्रेस के सहयोगी एवं तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा गठित जांच आयोग ने दावा किया था कि आग एक दुर्घटना थी। हालांकि, गुजरात उच्च न्यायालय ने इसके निष्कर्षों को रद्द कर दिया था और आयोग को असंवैधानिक करार दिया था।
- कोच्चि। देश के पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत ने इस साल ‘परिचालन' संबंधी अंतिम मंजूरी प्राप्त करने के बाद पूर्ण रूप से संचालन योग्य होने का दर्जा हासिल कर लिया है। दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एफओसीआईएनसी) वाइस एडमिरल वी. श्रीनिवास ने सोमवार को यह जानकारी दी। कोच्चि में नौसेना के पोत आईएनएस शार्दुल पर मीडिया से बात करते हुए श्रीनिवास ने कहा कि आईएनएस विक्रांत ने इस साल अंतिम परिचालन मंजूरी हासिल कर ली। उन्होंने कहा, ‘‘विभिन्न परीक्षणों के पूरा होने और जहाज के बेड़े के एकीकरण के साथ आईएनएस विक्रांत अब पूरी तरह से संचालन योग्य है और पश्चिमी बेड़े के तहत काम कर रहा है।'' श्रीनिवास ने इस बात पर जोर दिया कि देश और नौसेना के लिए गौरव का प्रतीक यह जहाज भारतीय नौसेना के सभी अभियानों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2022 में कमीशन किया गया आईएनएस विक्रांत अब पश्चिमी नौसेना कमान के अधीन है और यह नौसैनिक जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम है। पोत विभिन्न विमानों का परिचालन करने के लिए सुसज्जित है, जिसमें मिग-29के लड़ाकू विमान, कामोव-31 हेलीकॉप्टर, एमएच-60आर बहु-उद्देश्यीय हेलीकॉप्टर, स्वदेशी उन्नत एवं हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) और हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) शामिल हैं। श्रीनिवास ने कहा कि भारतीय नौसेना पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ संचालन को बढ़ावा देने के लिए हाइड्रोजन ईंधन के उपयोग के उपाय खोज रही है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नौसेना कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) जैसी एजेंसियों के साथ नियमित संपर्क में है। उन्होंने कहा, ‘‘हम हाइड्रोजन जैसे ईंधन पर काम करने वाली विभिन्न एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। कोचीन शिपयार्ड ने छोटे ‘क्राफ्ट' विकसित किए हैं और हम उनके साथ सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा हम हमेशा पर्यावरण के अनुकूल ईंधन और परिचालन को सक्रिय रूप से बढ़ावा देते रहे हैं।'
- मुंबई/नयी दिल्ली। महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री कौन होगा यह चार दिसंबर को तय हो जाएगा, जब भाजपा विधायक दल अपना नया नेता चुनेगा। यह जानकारी भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने सोमवार को दी। इससे पहले दिन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया। भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि दो बार मुख्यमंत्री रह चुके देवेंद्र फडणवीस को इस शीर्ष पद के लिए दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। पदाधिकारी ने बताया कि बैठक बुधवार सुबह विधान भवन में होगी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव बीस नवंबर को हुआ था जिसके परिणाम तीन दिन बाद घोषित हुए थे, ‘महायुति' गठबंधन ने 288 विधानसभा सीट में से 230 सीट पर जीत दर्ज की थी। भाजपा 132 सीट के साथ आगे रही जबकि शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीट मिली थीं। फडणवीस के करीबी माने जाने वाले भाजपा नेता गिरीश महाजन सोमवार शाम को ठाणे में एकनाथ शिंदे के घर गए। कार्यवाहक मुख्यमंत्री की पार्टी शिवसेना के विधायक भरत गोगावले ने सोमवार को दावा किया कि शिंदे राज्य में नयी सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहते। गोगावाले ने कहा, ‘‘मैं एक दिन पहले (शिंदे) साहब के साथ था। हम सब उनके साथ थे। उन्होंने हमसे कहा कि वह "सत्ता" (सरकार) से बाहर रहेंगे और बाहर से काम करेंगे। लेकिन हम सबने इस पर जोर दिया कि वह सरकार के भीतर रहकर काम करें।'' एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने सोमवार को कहा कि गृह मंत्रालय उसे दिया जाना चाहिए।शिवसेना विधायक संजय शिरसाट ने कहा, ‘‘यह परंपरा है कि अगर भाजपा को मुख्यमंत्री पद मिलता है, तो गृह मंत्रालय (उस पार्टी को मिलता है जिसे) उपमुख्यमंत्री (पद) मिलता है।'' शिरसाट ने कहा, ‘‘गृह मंत्रालय हमारे पास होना महायुति गठबंधन के लिए अच्छा होगा।''ऐसी खबरें थीं कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सतारा जिले में अपने गांव दारे का दौरा करके, मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा मौका नहीं मिलने को लेकर अपनी अप्रसन्नता जतायी थी। हालांकि उन्होंने कहा था कि व्यस्त चुनाव प्रचार के बाद वह आराम करने के लिए अपने गांव गए थे। शिंदे शुक्रवार को इन अटकलों के बीच सतारा जिले में अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए थे कि जिस तरह से नयी सरकार आकार ले रही है, वह उसको लेकर प्रसन्न नहीं हैं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री रविवार दोपहर को ठाणे में अपने आवास लौट आए। शिंदे के अचानक ‘‘अस्वस्थ होने'' और दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद अपने पैतृक गांव जाने के फैसले को लेकर सवाल उठे थे। चुनाव परिणाम आने के चार दिन बाद शिंदे ने संवाददाताओं से कहा था, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी को फोन किया और उनसे कहा कि मैं कोई बाधा नहीं बनूंगा... हम (चुनाव जीतने वाला महायुति गठबंधन) उनके निर्णय का पालन करेंगे।'' भाजपा ने पहले ही घोषणा कर दी है कि नया मुख्यमंत्री पांच दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में मुंबई के आजाद मैदान में शपथ लेगा। समारोह को लेकर तैयारियां जारी हैं। ‘महायुति' गठबंधन में भाजपा के दो मुख्य सहयोगी दलों, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), को नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री पद दिए जाने की संभावना है। इस बीच, एकनाथ शिंदे के पुत्र एवं शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने राज्य में बनने वाली नयी सरकार में खुद को उपमुख्यमंत्री का पद मिलने संबंधी अटकलों को निराधार और झूठा बताकर खारिज कर दिया। सांसद श्रीकांत शिंदे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि इस साल लोकसभा चुनाव के बाद उनके पास केंद्र में मंत्री बनने का मौका था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया क्योंकि वह पार्टी संगठन के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सत्ता के पद की कोई इच्छा नहीं है। मैं एक बार फिर स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं राज्य में किसी भी मंत्री पद की दौड़ में नहीं हूं।'' शिवसेना के गृह विभाग के लिए इच्छुक होने की अटकलों के बीच, एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा था कि महायुति के सहयोगी दल आम सहमति से सरकार गठन के तौर-तरीके तय करेंगे। राकांपा नेता अजित पवार सोमवार को दिल्ली रवाना हुए, जबकि एकनाथ शिंदे और फडणवीस मुंबई में ही रहे और वे अपनी पार्टियों के कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। मीडिया की उस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने महिलाओं के लिए लाडकी बहिन योजना के तहत अनुदान राशि को अगले साल भाऊबीज से 1,500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 2,100 रुपये करने की बात कही थी, भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने सोमवार को कहा कि उन्होंने केवल यह इंगित किया था कि इस मुद्दे पर राज्य मंत्रिमंडल फैसला करेगा।
- हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला मंडल में एक लॉरी ने सोमवार शाम सब्जी विक्रेताओं को कुचल दिया जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि लॉरी चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। वाहन हैदराबाद से विकाराबाद जिले की ओर जा रहा था। उसने बताया कि वाहन ने सड़क किनारे सब्जी बेच रहे विक्रेताओं को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। इसके बाद लॉरी एक पेड़ से टकरा गई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। इस हादसे में लॉरी चालक समेत चार लोग घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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इंदौर (मध्यप्रदेश)। भारत ने सोमवार को बड़ा मुकाम हासिल किया, जब इंदौर में परमाणु ऊर्जा विभाग के एक प्रमुख संस्थान की विकसित इलेक्ट्रॉन बीम (ई-बीम) विकिरण तकनीक के जरिये 50 लाखवें चिकित्सा उपकरण को जीवाणुमुक्त किया गया। विभाग के राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र (आरआर-कैट) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि इस उपलब्धि ने भारत को विकिरण की अत्याधुनिक स्वदेशी प्रौद्योगिकी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने वाले देशों की चुनिंदा जमात में शामिल कर दिया है। उन्होंने बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती शहर की चोइथराम मंडी से सटी ई-बीम विकिरण प्रसंस्करण इकाई में इस उपलब्धि के गवाह बने। इस पल की याद को चिरस्थायी बनाने के लिए आरआर-कैट के निदेशक यूडी मालशे ने मोहंती को स्मृति चिन्ह भेंट किया। अधिकारी ने बताया कि इस इकाई में चिकित्सा उपकरणों को जीवाणुमुक्त करने की सुविधा अक्टूबर 2022 में शुरू हुई थी और इसमें अब तक अलग-अलग कंपनियों के 50 लाख चिकित्सा उपकरणों को जीवाणुमुक्त किया जा चुका है। अधिकारी ने बताया कि आरआर-कैट के इन्क्यूबेशन केंद्र ‘‘एआईसी पाई हब'' के जरिये वाणिज्यिक तौर पर संचालित इस इकाई में भारतीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर ई-बीम विकिरण सेवाएं प्रदान की जाती हैं। उन्होंने बताया कि इकाई में ई-बीम विकिरण तकनीक के जरिये फसलों की किस्मों में सुधार, रत्नों के रंगों में बदलाव और अन्य काम भी किए जाते हैं। अधिकारी ने बताया कि पर्यावरण हितैषी ई-बीम तकनीक अपनी प्रभावी और सुरक्षित प्रकृति के कारण वैश्विक मान्यता प्राप्त कर रही है। -
नयी दिल्ली. सरकार और विपक्षी दलों के बीच बनी सहमति के बाद संसद में संविधान पर चर्चा की तिथियों की घोषणा के साथ ही 25 नवंबर को शीतकालीन सत्र शुरू होने के समय से जारी गतिरोध सोमवार को टूट गया और अब मंगलवार से लोकसभा तथा राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने की संभावना है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को विभिन्न दलों के सदन के नेताओं के साथ बैठक की जहां गतिरोध खत्म करने में सफलता मिली। विपक्ष की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने ऐलान किया कि लोकसभा में 13 और 14 दिसंबर को संविधान पर चर्चा होगी तथा राज्यसभा में यह चर्चा 16 और 17 दिसंबर को होगी। बिरला के साथ सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दल संसद में गतिरोध दूर करने के लिए सहमत हो गए हैं तथा मंगलवार से दोनों सदनों में सुचारू तरीके से कामकाज होगा। रीजीजू ने संवाददाताओं से कहा कि निचले सदन में 13 और 14 दिसंबर को और उच्च सदन में 16 और 17 दिसंबर को संविधान पर चर्चा होगी। विपक्षी दलों ने संविधान सभा द्वारा संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा की मांग की थी। रीजीजू ने उम्मीद जताई कि मंगलवार से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आशा की जाती है कि ‘‘मोदी सरकार मंगलवार से दोनों सदनों को चलने देगी।'' रमेश ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 26 नवंबर को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर संविधान पर दो दिवसीय विशेष चर्चा का अनुरोध किया था। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उस दिन सभापति को ऐसा ही पत्र लिखा था। छह दिन बाद इस अनुरोध को मोदी सरकार ने स्वीकार किया है और कांग्रेस तथा ‘इंडिया' गठबंधन की अन्य पार्टियों के अनुरोध के अनुसार चर्चा की तारीखों की घोषणा की गई है।'' उनका कहना है, ‘‘आशा है अब मोदी सरकार कल से दोनों सदनों को चलने देगी।''
गत 25 नवंबर से आरंभ हुए संसद के शीतकालीन सत्र में अब तक गतिरोध बना हुआ था। कांग्रेस सदस्य अदाणी समूह से जुड़े मामले को उठा रहे थे, वहीं समाजवादी पार्टी सांसद संभल हिंसा के मामले पर चर्चा की मांग कर रहे थे। कांग्रेस भले ही संसद में अदाणी समूह से जुड़े मामले पर चर्चा की मांग कर रही थी, लेकिन ‘इंडिया' गठबंधन में उसकी सहयोगी तृणमूल कांग्रेस तथा कुछ अन्य विपक्षी दलों ने इस मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। तृणमूल कांग्रेस ने सत्र के दौरान ‘इंडिया' गठबंधन की संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित विपक्ष की बैठकों से भी दूरी बना ली थी। पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ कांग्रेस के एजेंडे पर अपनी मुहर लगाने के लिए वहां नहीं हो सकती। पिछले सप्ताह सोमवार से शुरु हुए संसद के शीतकालीन सत्र में अभी तक कोई खास विधायी कामकाज नहीं हो सका है और पहला सप्ताह हंगामे की भेंट चढ़ गया। सोमवार को दूसरे सप्ताह के पहले दिन भी कोई विशेष कामकाज नहीं हो सका। -
नयी दिल्ली. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली एशियाई मुद्राओं में से एक बना हुआ है, जो भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद का संकेत है। उन्होंने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी कहा कि भारतीय रुपये का मूल्य बाजार द्वारा निर्धारित होता है, जिसका कोई लक्ष्य या विशिष्ट स्तर नहीं होता है। चौधरी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के दौरान, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 19 नवंबर, 2024 तक 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी चुनाव परिणामों को लेकर अनिश्चितता ने भी प्रतिकूल परिस्थितियों को बढ़ाया। चौधरी ने कहा, ‘‘इन सबके बावजूद, रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली एशियाई मुद्राओं में से एक बना हुआ है।
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नयी दिल्ली. देश में बिजली खपत नवंबर महीने में सालाना आधार पर 5.14 प्रतिशत बढ़कर 125.44 अरब यूनिट रही। बीते वर्ष के इसी महीने में बिजली की खपत 119.30 गीगावाट थी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए एक दिन में सर्वाधिक आपूर्ति भी नवंबर, 2024 में मामूली रूप से बढ़कर 207.42 गीगावाट हो गई, जो एक साल पहले इसी माह में 204.56 गीगावाट थी। इस साल मई में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 250 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले सर्वाधिक 243.27 गीगावाट बिजली मांग सितंबर, 2023 में दर्ज की गई थी। इसी साल बिजली मंत्रालय ने मई के लिए दिन के दौरान 235 गीगावाट और शाम के समय 225 गीगावाट की अधिकतम बिजली मांग का अनुमान लगाया था। जबकि जून के लिए दिन के समय 240 गीगावाट और शाम के समय 235 गीगावाट बिजली की मांग का अनुमान लगाया गया था। मंत्रालय ने अनुमान लगाया था कि इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग 260 गीगावाट तक पहुंच सकती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विशेषज्ञों ने नवंबर, 2024 को पिछले चार से पांच वर्षों में सबसे गर्म महीना बताया है। उन्होंने कहा कि सर्दियों की धीमी शुरुआत के कारण बिजली की मांग के साथ-साथ खपत में भी धीमी वृद्धि देखी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि नवंबर में बिजली की अधिकतम मांग में मामूली वृद्धि भी सामान्य से अधिक गर्मी के प्रभाव को दर्शाती है। उत्तर भारत में पारे में गिरावट के कारण सर्दियों में हीटर और गीजर के उपयोग के कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अच्छी वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ तापमान में गिरावट के कारण बिजली की मांग और खपत स्थिर रहेगी। -
नागपुर . केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि राजनीति ‘‘असंतुष्ट आत्माओं का सागर'' है, जहां हर व्यक्ति दुखी है और अपने वर्तमान पद से ऊंचे पद की आकांक्षा रखता है। नागपुर में रविवार को ‘जीवन के 50 स्वर्णिम नियम' नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर गडकरी ने कहा कि जीवन समझौतों, बाध्यताओं, सीमाओं और विरोधाभासों का खेल है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि चाहे व्यक्ति पारिवारिक, सामाजिक, राजनीतिक या कॉरपोरेट जीवन में हो, जीवन चुनौतियों और समस्याओं से भरा है और व्यक्ति को उनका सामना करने के लिए ‘‘जीवन जीने की कला'' को समझना चाहिए। मंत्री ने राजस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम को याद करते हुए कहा, ‘‘राजनीति असंतुष्ट आत्माओं का सागर है, जहां हर व्यक्ति दुखी है... जो पार्षद बनता है वह इसलिए दुखी होता है क्योंकि उसे विधायक बनने का मौका नहीं मिला और विधायक इसलिए दुखी होता है क्योंकि उसे मंत्री पद नहीं मिल सका।'' भाजपा नेता ने कहा, ‘‘जो मंत्री बनता है वह इसलिए दुखी रहता है कि उसे अच्छा मंत्रालय नहीं मिला और वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाया तथा मुख्यमंत्री इसलिए तनाव में रहता है क्योंकि उसे नहीं पता कि कब आलाकमान उसे पद छोड़ने के लिए कह देगा।'' उन्होंने कहा कि जीवन में समस्याएं बड़ी चुनौतियां पेश करती हैं और उनका सामना करना तथा आगे बढ़ना ही ‘‘जीवन जीने की कला'' है। गडकरी ने कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक जीवन में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की आत्मकथा का एक उद्धरण याद है, जिसमें कहा गया है, ‘‘कोई व्यक्ति तब खत्म नहीं होता जब वह हार जाता है। वह तब खत्म होता है जब वह हार मान लेता है।'' केंद्रीय मंत्री ने सुखी जीवन के लिए अच्छे मानवीय मूल्यों और संस्कारों पर जोर दिया। उन्होंने जीवन जीने और सफल होने के अपने आदर्शों तथा नियमों को साझा करते हुए ‘‘व्यक्ति, पार्टी और पार्टी दर्शन'' के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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बरेली (उप्र). दिल्ली से वाराणसी जा रही काशी विश्वनाथ ट्रेन पर फतेहगंज पश्चिम के आगे धनेटा हाल्ट के पास शनिवार शाम हुए पथराव में ट्रेन के एक कोच के शीशे टूट गए। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। रेलवे पुलिस बल ने पथराव करने वाले लोगों की तलाश शुरू कर दी है। बरेली आरपीएफ के थाना प्रभारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि शनिवार को घटी इस घटना की प्राथमिकी रामपुर में दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इस घटना में एक कोच के शीशे टूटे, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। सिंह ने बताया कि आरपीएफ ने बरेली जंक्शन से चंदौसी, मुरादाबाद, शाहजहांपुर की ओर रेलवे लाइन के किनारे वाले गांवों में तलाशी अभियान सोमवार से शुरू किया है और जल्द ही पथराव करने वालों की पहचान की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन नंबर 15128 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस धनेटा हाल्ट पर पहुंची तो कुछ लोग ट्रेन पर पत्थर फेंकने लगे। पत्थर लगने से कोच बी-1 का शीशा चटक गया। पथराव से यात्रियों में दहशत फैल गई।
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लखनऊ (उप्र)। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रीन महाकुंभ को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है जिसके तहत श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ई-रिक्शा या ई-ऑटो बुकिंग की सुविधा मिलेगी। महाकुंभ में प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्थानीय यातायात की सुविधा देने के लिए ओला (Ola) और उबर (Uber) की तर्ज पर ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-रिक्शा और ई-ऑटो बुकिंग की सुविधा का भी लाभ मिलेगी।
इन ई वाहनों के चालक पूरी तरह से प्रशिक्षित व सुसंस्कृत होंगे। साथ ही इसमें पिंक टैक्सी की भी सुविधा प्राप्त होगी, जिसमें महिलाएं चालक होंगी। इससे श्रद्धालुओं को मनमाना किराया वसूलने वाले रिक्शा चालकों से छुटकारा मिलेगा। इसी 15 दिसंबर से श्रद्धालु और पर्यटक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। सरकार की ओर से इन श्रद्धालुओं को प्रयागराज लाने के लिए 7000 से अधिक रोडवेज बसों और 550 शटल बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है, जबकि रेलवे भी करीब 1000 अतिरिक्त ट्रेनों के साथ ही कुल 3 हजार ट्रेनें चलाने जा रहा है।इसी क्रम में प्रयागराज में श्रद्धालुओं को लोकल ट्रांसपोर्ट की कमी न हो, इसके लिए यूपी के स्टार्टअप कॉम्फी ई मोबिलिटी ने ऑनलाइन ई-रिक्शा और ई-ऑटो बुकिंग की सुविधा प्रदान करने का फैसला लिया है। इस सेवा के सभी ड्राइवरों को अगंतुको से अच्छा व्यवहार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी और जिन श्रद्धालुओ को हिंदी या अंग्रेजी भाषा में दिक्कत है, उनकी सुविधा के लिए सभी ड्राइवरों को गूगल वॉइस असिस्टेंस की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। यह ई व्हीकल्स रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, हवाई अड्डा एवं सभी होटलों से आराम से उपलब्ध हो सकेंगे। इसमें महिला ड्राइवर के साथ पिंक सेवा का भी प्रावधान है। शुरुआत में 30-40 पिंक टैक्सी सुविधा प्रदान करने के लिए उपलब्ध होंगी।कॉम्फी ई मोबिलिटी की फाउंडर और डायरेक्टर मनु गुप्ता ने बताया कि महाकुंभ मेले में देश और विदेश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को एक सुविधाजनक, सुरक्षित एवं पर्यावरण हितैषी ऐप आधारित ई-रिक्शा टैक्सी सेवा प्रदान की जाएगी। महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधा देने के साथ ही सस्ती राइड उपलब्ध कराने के लिए किसी भी ड्राइवर से कमीशन नहीं लिया जाएगा। सुरक्षित राइड के लिए प्रत्येक ड्राइवर और व्हीकल के ओनर का वेरिफिकेशन कराया गया है। अभी 300 ई रिक्शा के साथ पूरे प्रयागराज एवं कुंभ मेला में इसकी शुरुआत की जा रही है। सभी ई-रिक्शा और ऑटो जीपीआरएस सिस्टम से ट्रैक किए जाएंगे, जबकि यह पूरी तरह फिट और कवर्ड भी होंगे। इसका किराया पूरी तरह ट्रांसपेरेंट होगा, जो प्रति किमी. के हिसाब से निर्धारित किया गया है। इससे ज्यादा किराया वसूलने वाले रिक्शा चालकों से भी मुक्ति मिलेगी। किसी भी तरह की असुविधा होने पर श्रद्धालु कॉल सेंटर पर शिकायत भी कर सकेंगे। - तुमकुरु (कर्नाटक)। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए सोमवार को तुमकुरु में 50 एकड़ जमीन कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) को सौंपी।एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने जिले में विकास को बढ़ावा देने के लिए परियोजना की क्षमता पर जोर दिया।सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘हमने एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ को 50 एकड़ जमीन आवंटित की है। यह पहल क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि और समग्र विकास में योगदान देगी।’’उन्होंने केएससीए से क्रिकेट प्रेमियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया।सिद्धरमैया ने आश्वासन दिया कि मैसुरु में इसी तरह की एक और परियोजना के लिए भी भूमि आवंटित की जाएगी।उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक क्रिकेट राज्य संघ ने मैसुरु में एक स्टेडियम के लिए भूमि की मांग की है। हम इस मांग को भी पूरा करेंगे।’’ गृह मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री जी परमेश्वर समेत अन्य मंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- इंदौर । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने वर्ष 2030 तक एड्स के खात्मे के सतत विकास लक्ष्य के प्रति भारत की तेज प्रगति का ब्योरा देते हुए रविवार को बताया कि देश में एड्स से जुड़ी मौतों में 79 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि इस बीमारी के नये मामले 44 फीसद घटे हैं। नड्डा ने विश्व एड्स दिवस पर इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया कि देश में फिलहाल करीब 17.30 लाख लोग एड्स के साथ जी रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्ष 2030 तक एड्स को जड़ से मिटाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र का सतत विकास लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत सरकार प्रतिबद्ध है। नड्डा ने बताया कि इस लक्ष्य को पाने के लिए जांच और चिकित्सा के नवीन उपाय अपनाए जाएंगे तथा एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 2017 को पूरी तरह लागू किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने 2030 तक एड्स के खात्मे के लक्ष्य के मद्देनजर ‘‘95-95-95'‘ का फॉर्मूला तय किया है, यानी देश के 95 प्रतिशत मरीजों को पता होना चाहिए कि वे एचआईवी से संक्रमित हैं, 95 प्रतिशत मरीजों को इलाज मिलना चाहिए और एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी की दवाओं के जरिये 95 प्रतिशत मरीजों का ‘‘वायरल लोड'' घटाया जाना चाहिए।नड्डा ने बताया, ‘‘मैं आपके साथ यह बात साझा करना चाहता हूं कि फिलहाल देश के 81 प्रतिशत मरीजों को पता है कि वे एचआईवी से संक्रमित हैं, 88 प्रतिशत मरीजों का इलाज किया जा रहा है और 97 प्रतिशत मरीजों का वायरल लोड घटाया जा चुका है।'' उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 के दौरान देश में एड्स के नये संक्रमणों में 44 प्रतिशत की कमी आई है और एड्स से जुड़ी मौतें 79 प्रतिशत घटी हैं। नड्डा ने यह भी बताया कि फिलहाल 0.70 प्रतिशत वैश्विक आबादी में एड्स का प्रसार है, जबकि भारत में यह 0.20 फीसद के स्तर पर है। उन्होंने कहा कि एड्स के खिलाफ देश की लम्बी लड़ाई के बाद इस बीमारी के खिलाफ मजबूत चिकित्सा तंत्र विकसित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मरीजों को एड्स की दवा मुफ्त में दे रही है और किसी मरीज के एचआईवी संक्रमित पाए जाते ही उसे दवा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। नड्डा ने यह भी बताया कि भारतीय दवा कंपनियां अफ्रीका, दक्षिण अफ्रीका और लैटिन अमेरिका को एड्स की सबसे सस्ती और प्रभावी दवाओं की आपूर्ति कर रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने एड्स के खतरों के प्रति युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि वे अपनी त्वचा पर टैटू (गोदना) बनवाते वक्त एहतियात बरतें। उन्होंने कहा,‘‘आज हमें पता चल रहा है कि लोग टैटू बनवाने के कारण भी एड्स से पीड़ित हो रहे हैं। मैं युवाओं को इस खतरे के प्रति जागरूक करना चाहता हूं।'' नड्डा ने विश्व एड्स दिवस पर लोगों से अपील की कि वे वर्जनाओं को छोड़ें और एड्स के साथ जी रहे लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अख्तियार करते हुए उनके मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि नियम-कानूनों के तहत यह भी सुनिश्चित किया जाए कि रोजगार और अन्य क्षेत्रों में एचआईवी संक्रमितों के साथ कोई भी भेदभाव न हो। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे।
- कानपुर (उप्र) । पत्नी का किसी दूसरे पुरुष से अवैध संबंध होने के शक में एक व्यक्ति ने रविवार की रात चकेरी स्थित अपने घर में पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर और सास की लोहे की छड़ से उसके सिर पर वार कर कथित तौर पर हत्या कर दी। इस घटना की सूचना मिलते ही चकेरी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी जोसफ पीटर उर्फ बादल (41) को मौके से गिरफ्तार कर लिया। बुलंदशहर के रहने वाले पीटर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।आरोपी जोशेफ पीटर जो एक प्राइवेट कंपनी की कैंटीन में काम करता है, ने 2017 में पुष्पा की बेटी कामिनी से लव मैरिज की थी। मूल रूप से बुलंदशहर निवासी जोशेफ की शादी के बाद से ही पत्नी कामिनी से अनबन शुरू हो गई थी।. पति को शक था कि उसकी पत्नी के किसी और के साथ अवैध संबंध हैं.। इसी शक के चलते रविवार की रात दोनों के बीच विवाद हुआ, लेकिन मामला शांत हो गया.।रात को आरोपी जोशेफ ने ई-रिक्शा बुलवाकर पत्नी से कहीं चलने की बात की, लेकिन पत्नी के इनकार करने पर विवाद और बढ़ गया। गुस्से में आकर आरोपी जोशेफ ने मकान का गेट अंदर से बंद कर दिया और पत्नी के साथ मारपीट करने लगा।. विवाद इतना बढ़ गया कि उसने चापड़ उठाकर पत्नी कामिनी पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।. सास पुष्पा जब बीच-बचाव करने आई तो आरोपी जोशेफ ने उन्हें भी बेरहमी से मार डाला।महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने शोर मचाया। ई-रिक्शा चालक ने घटना की जानकारी पड़ोसी संजीव गुप्ता को दी। इसके बाद पुलिस को डायल 112 पर सूचना दी गई।. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दरवाजा खोलते ही अंदर का नजारा खौफनाक था।. पूरा कमरा खून से सना हुआ था और जमीन पर मां-बेटी के शव पड़े थे.।पुलिस ने आरोपी जोशेफ को मौके से गिरफ्तार कर लिया.। एडीसीपी पूर्वी राजेश कुमार श्रीवास्तव और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की.। एडीसीपी ने बताया कि आरोपी ने पत्नी के कथित अवैध संबंधों के शक में हत्या की.। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।












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