- Home
- देश
- प्रयागराज (उप्र)। समाजवादी पार्टी के एक विधायक की हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक उदयभान करवरिया को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा क्षमादान दिए जाने के बाद गुरुवार को जेल से रिहा कर दिया गया।नैनी सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया, ‘उदयभान करवरिया की रिहाई के आदेश बुधवार शाम को प्राप्त हुए। आदेश पर अमल करते हुए उन्हें गुरुवार सुबह रिहा कर दिया गया।’’राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए करवरिया की समयपूर्व रिहाई के लिए राज्य सरकार की सिफारिश को स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश पारित किया था।अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने जेल में करवरिया के अच्छे आचरण का हवाला देते हुए उन्हें रिहा करने की सिफारिश की थी।प्रयागराज में एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने समाजवादी पार्टी के विधायक जवाहर यादव की अगस्त 1996 में हुई हत्या मामले में चार नवंबर 2019 को करवरिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। यादव की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और करवरिया, उनके भाइयों कपिलमुनि करवरिया और सूरजभान करवरिया और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करगिल विजय दिवस के अवसर पर शुक्रवार को करगिल युद्ध स्मारक का दौरा करेंगे और इस दौरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शिंकुन ला सुरंग परियोजना का पहला विस्फोट करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने गुरुवार को एक बयान में यह जानकारी दी।पीएमओ के अनुसार, यह परियोजना लेह को सभी मौसम में संपर्क प्रदान करेगी और पूरी होने पर यह दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी। प्रधानमंत्री 26 जुलाई को 25वें करगिल विजय दिवस के अवसर पर, सुबह नौ बज कर लगभग 20 मिनट पर करगिल युद्ध स्मारक का दौरा करेंगे और कर्तव्य की पंक्ति में सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
पीएमओ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री वस्तुतः शिंकुन ला सुरंग परियोजना का पहला विस्फोट भी करेंगे।’’शिंकुन ला सुरंग परियोजना में 4.1 किमी लंबी दोहरी-ट्यूब सुरंग शामिल है, जिसका निर्माण लेह को सभी मौसम में संपर्क प्रदान करने के लिए निमू–पदुम–दारचा रोड पर लगभग 15,800 फुट की ऊंचाई पर किया जाएगा। पीएमओ ने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद, यह दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी। बयान में कहा गया है, ‘‘शिंकुन ला सुरंग न केवल हमारे सशस्त्र बलों और उपकरणों की तेज और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करेगी बल्कि लद्दाख में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देगी।’’ - नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि फिलहाल जैविक हमलों के किसी खतरे के बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है। एक लिखित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार देश पर किसी भी जैविक हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे किसी भी संकट या आपदाओं का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए, मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार की गई हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने जैव-युद्ध और जैव-आतंकवाद सहित जैविक आपदाओं पर दिशानिर्देश जारी किए हैं।'' राय ने कहा कि दिशानिर्देशों में जैव-युद्ध और जैव-आतंकवाद एजेंटों, इन एजेंटों की विशेषताओं, उनके द्वारा होने वाली बीमारी के प्रकोप की पहचान करने के लिए महामारी विज्ञान के सुराग, रोकथाम और उपचार सहित उनके प्रबंधन की पहचान की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की बटालियन को भी ऐसे संकटों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।'' मंत्री ने कहा कि चूंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए राष्ट्रीय सरोकारों की जैविक घटनाओं का पता लगाने और उन पर कार्रवाई करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। राय ने कहा कि जैविक आपदाओं के लिए नोडल मंत्रालय होने के नाते स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) के पास ऐसी आपदाओं के लिए एक संकट प्रबंधन योजना है जिसे अंतिम बार अक्टूबर 2023 को अपडेट किया गया था और संबंधित हितधारकों के साथ साझा किया गया था। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जैविक आपदाओं के लिए मॉडल संकट प्रबंधन योजनाएं भी साझा की हैं।
-
नई दिल्ली। आबकारी नीति घोटाले से जुड़े सीबीआई की ओर से दायर मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर आज उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।
बता दें कि मुख्यमंत्री वर्तमान में ईडी और सीबीआई दोनों ही मामलों में जेल में बंद हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के कथित आरोप में ईडी ने हिरासत में लिया था, जबकि सीबीआई ने 26 जून को भ्रष्टाचार मामले में उनका पर शिकंजा कसा था। . दोनों ही जांच एजेंसियों द्वारा उठाया गया यह कदम केजरीवाल के लिए दोहरे झटके के समान है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी है, जबकि सीबीआई का मामला अभी दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है.।उधर, केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया और के कविता को भी आज अदालत में पेश किया गया.। सिसोदिया और के कविता की न्यायिक हिरासत 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी गई है,। जबकि केजरीवाल को अब आठ अगस्त तक सलाखों के पीछे रहना होगा.। केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया और के कविता के ऊपर भी शराब घोटाला मामले में गाज गिरी है.। सीएम केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और के कविता शराब घोटाला मामले में अभी तिहाड़ जल में बंद है। . तीनों के खिलाफ मामला कोर्ट में विचाराधीन है। . तीनों को लगातार अदालत से निराशा ही हाथ लग रही है.।इससे पहले, केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई के लिए बढ़ाई गई थी.। न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आज उन्हें अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पेश किया गया.। केजरीवाल 21 मार्च से दिल्ली शराब घोटाला मामले में जेल में बंद हैं। . अब तक वो कई दफा राहत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनके लिए राहत की कोई भी संभावना जन्म लेती हुई नजर नहीं आ रही है.। बता दें कि दिल्ली शराब घोटाला मामले की जांच सीबीआई और ईडी दोनों ही जांच एजेंसियां कर रही हैं. । ईडी जहां मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से दिल्ली शराब घोटाले की जांच कर रही है, तो वहीं सीबीआई भ्रष्टाचार के एंगल से जांच कर रही है.। उधर, आम आदमी पार्टी लगातार अपने नेताओं का बचाव करने में लगी हुई है। -
नई दिल्ली। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कथित मूडा घोटाले के संबंध में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की मांग की। श्री जोशी ने आज संसद से बाहर मीडिया के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सीधे तौर पर घोटाले में शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले को सी.बी.आई. को सौंपा जाना चाहिए।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25वें करगिल दिवस के अवसर पर कल करगिल युद्ध स्मारक का दौरा करेंगे। श्री मोदी सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री शिनकुन ला सुरंग परियोजना का वर्चुअल रूप से पहला विस्फोट भी करेंगे। यह चार किलोमीटर से अधिक लम्बी ट्विन ट्यूब सुरंग लेह को सभी परिस्थितियों में देश के अन्य हिस्सों से जोड़ेगी। लगभग 15,800 फीट की ऊंचाई पर बनाई जाने वाली यह सुरंग दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी। इस सुरंग से न केवल सशस्त्र बलों और उपकरणों की तेज और कुशल आवाजाही होगी बल्कि इससे लद्दाख को आर्थिक और सामाजिक रूप से बढ़ावा मिलेगा।
-
नयी दिल्ली. केंद्रीय बजट में कौशल, रोजगार और महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जिससे रोजगार सृजन तथा समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग विशेषज्ञों ने बुधवार को यह बात कही। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2024-25 में कौशल, रोजगार और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और प्रोत्साहनों का प्रस्ताव किया है। शिक्षा नीति विशेषज्ञ एवं सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल के वाइस चेयरमैन नमन जैन ने कहा, ‘‘मैं युवाओं के लिए दो लाख करोड़ रुपये के पैकेज के बजट आवंटन का स्वागत तथा सराहना करता हूं, जिसमें नौकरियों, कौशल तथा शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा, रोजगार तथा कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान और इस वर्ष समग्र बजट आवंटन में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि समय की मांग है।'' एबोकोड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक निदेशक शरद खन्ना ने कहा, ‘‘भारतीय ड्रोन बाजार से 2024 में 2.7 करोड़ डॉलर का कारोबार होने का अनुमान है, जिसमें 2024 से 2028 तक सालाना 5.96 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बजट 2024-25 रोजगार, कौशल तथा एमएसएमई का बजट है। हमें विश्वास है कि इन क्षेत्रों में भारी आवंटन भारत के वैश्विक ड्रोन हब बनने के महत्वाकांक्षी मिशन को भी बढ़ावा देगा।'' आईएमटी गाजियाबाद के प्रोफेसर एवं एसोसिएट डीन (अकादमिक) राकेश के सिंह ने कहा, ‘‘इस वर्ष का बजट महिलाओं के राजकोषीय अनुशासन और आर्थिक व सामाजिक वृद्धि के चालकों के बीच अच्छा संतुलन बनाता है। महिला सशक्तीकरण और शिक्षा पर बढ़ी पहल कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करती है।'' पीएचएफ लीजिंग लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शल्य गुप्ता ने कहा, ‘‘यह बजट रोजगार सृजन पर केंद्रित है। हम पहली बार नौकरी करने वालों/प्रशिक्षुओं/युवाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने वाले कदमों का स्वागत करते हैं। रोजगार से जुड़े प्रोत्साहनों के लिए ‘पीएम पैकेज' देश के युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्र को प्रोत्साहित करने का एक बेहतरीन तरीका है...'' एवीपीएल इंटरनेशनल की सह-संस्थापक और चेयरमैन प्रीत संधू ने कहा, “सरकार का हालिया बजट भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए एक दूरदर्शी खाका है। कौशल अंतर को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश का प्रभावी ढंग से लाभ उठाया जाए, सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के बीच साझेदारी महत्वपूर्ण है।” कृषि प्रौद्योगिकी कंपनी लीड्स कनेक्ट सर्विसेज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक नवनीत रविकर ने कहा, “कृषि अनुसंधान में बदलाव और जलवायु-अनुकूल प्रौद्योगिकियों को पेश करने पर जोर कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
-
नयी दिल्ली. नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने बुधवार को कहा कि बजट में घोषित प्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क दरों की समीक्षा से दीर्घकालिक सुधारों के लिए आधार तैयार होगा। बेरी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 का बजट एक संरचनात्मक बजट है, जो कार्यबल तथा निजी क्षेत्र के बीच संबंध बनाकर श्रम उत्पादकता में सुधार करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ बजट (2024-25) प्रस्तावों में प्रत्यक्ष कर, सीमा शुल्क दरों की समीक्षा के लिए एक रूपरेखा प्रदान की गई है जिसे छह महीने में किया जाना है... यह दीर्घकालिक सुधारों के लिए जमीन तैयार करेगा।'' सरकार ने मंगलवार को पेश केंद्रीय बजट में आयकर अधिनियम की व्यापक समीक्षा करने की घोषणा की थी, ताकि इसे पढ़ना आसान हो सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा था कि सरकार टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) चूक के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) लेकर आएगी और ऐसे अपराधों के लिए समझौता प्रक्रिया को सरल और युक्तिसंगत बनाएगी। उन्होंने कहा था, ‘‘ मैं आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा की घोषणा करती हूं। इसका मकाद अधिनियम को संक्षिप्त, सुस्पष्ट, पढ़ने और समझने में आसान बनाना है..'' बेरी ने कहा कि इस वर्ष के बजट में राजकोषीय समेकन को बनाए रखा गया है तथा इसमें सुधार किया गया है जो महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बजट प्रस्ताव दीर्घकालिक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं और यह ‘विकसित भारत' की दिशा में पहला कदम है। आर्थिक वृद्धि पर एक सवाल के जवाब में बेरी ने कहा कि भारत के लिए श्रम उत्पादकता तथा कार्यबल में बढ़ोतरी करने से वृद्धि दर बढ़ाना आसान होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ भारत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन वह और बेहतर कर सकता है। उसे और बेहतर करना चाहिए....उसे और बेहतर करने की जरूरत है।'' बजट प्रस्तावों से निजी उपभोग तथा निजी निवेश को बढ़ावा मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि निजी खपत मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित हुई है। बेरी ने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि इस साल के मानसून पर बहुत कुछ निर्भर करता है।''
उन्होंने साथ ही कहा कि कर स्लैब को समायोजित करने और आयकर पर कटौती बढ़ाने का मकसद उपभोग के लिए थोड़ा अधिक धन उपलब्ध कराना है। -
शाहजहांपुर.उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बहगुल नदी पर बने अस्थायी पुल को हटाये जाने से 200 से ज्यादा गांव के प्रभावित लोगों ने बुधवार को विरोध-प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि कलान इलाके में बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद अस्थायी पुल को हटा दिया गया, जिस कारण 200 से अधिक गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय आने के लिये 60 के बजाय 120 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। कलान के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) महेश कुमार ने बताया, “बारिश में बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने के चलते अस्थायी पुल को हटाया गया है। इससे 212 से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हैं।” जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर मिर्जापुर गांव के निवासी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि बरेली-इटावा मार्ग से बदायूं होकर मुरादाबाद जाने वाले रास्ते पर लगभग लगभग दो किलोमीटर लंबा पुल वर्ष 2008 में बनाया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में इस पुल के तीन खम्बे जमीन में धंस जाने की वजह से पुल टूट गया था। बाद में अस्थायी पुल बनाया गया लेकिन इस पर केवल दो पहिया वाहनों को ही जाने की इजाजत दी गयी। अब यह पुल भी पूरी तरह हटा लिया गया है। उन्होंने कहा, “पुल न होने से हमारे गांव के लोग परेशान हैं। इससे जिला मुख्यालय के लिये दूसरे रास्ते से घूमकर जाना पड़ रहा है। पहले उन्हें कलान से फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर होते हुए शाहजहांपुर आना पड़ता है। इस तरह लोगों को मजबूरन 60 के बजाय 120 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए मुख्यालय तक ले जाने में खासी दुश्वारी होती है।” निवासी ने कहा, “जो दूसरा रास्ता है उसमें जगह-जगह वाहन बदलने पड़ते हैं और शाम के बाद वाहन मिलना बंद हो जाते हैं।” समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रामवीर सोमवंशी की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने कोलाघाट में क्षतिग्रस्त पुल के पास प्रदर्शन भी किया। सोमवंशी ने बताया कि उन्होंने गत 12 जुलाई को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस पुल पर हल्के वाहनों को शुरू करने के लिए मांग पत्र दिया था और कहा था कि 15 जुलाई तक अगर हल्के वाहनों के लिए पुल नहीं खोला गया तो इसके खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने बताया, “हमने पुल की जरूरत के बारे में सरकार को बता दिया है और मामले पर कार्रवाई जारी है।”
-
नयी दिल्ली. जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने बुधवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि बजट में अगर बिहार को सहायता मिली है तो उस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि केंद्र सरकार से जो मिला है वह पर्याप्त नहीं है, लेकिन इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार है। मधेपुरा से लोकसभा सदस्य यादव ने कहा, कुछ तकनीकी कारण से विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल रहा है। अगर बिहार को कुछ मिल गया तो किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।'' उनका कहना था कि जो पिछड़ा हुआ है, उसकी मदद तो होनी चाहिए। यादव ने कहा, बिहार के पिछड़ेपन को देखते हुए राज्य को राशि मिली है। प्रधानमंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) के सुझाव को कुछ हद तक मानकर यह पैसा दिया है...हम प्रधानमंत्री जी का आभार जताते हैं।'' उन्होंने सरकार से यह आग्रह भी किया कि सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में बढ़ोतरी की जाए। यादव का कहना था, ‘‘सांसदों का वेतन या भत्ता, पेंशन पर लंबे समय से कोई निर्णय नहीं हुआ है। हम इस पर सरकार से निवेदन करना चाहते हैं। सभी सांसद धनकुबेर नहीं है। वेतन बढ़ाया जाना चाहिए।
-
भोपाल. मध्यप्रदेश के भोपाल में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ यहां बड़ी झील में कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। श्यामला हिल्स थाने के प्रभारी रामविलास विमल ने बताया कि सुबह टहलने वाले कुछ लोगों ने शवों को झील में तैरते हुए देखा और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि महिला की पहचान प्रिया साहू (25) और उसके प्रेमी उपेंद्र सोनी (35) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि पास में एक स्कूटर भी खड़ा मिला। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, साहू के पति की जनवरी में मौत हो गयी थी, जिसके बाद वह सतना के रहने वाले सोनी के साथ रहने लगी थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दंपति के इस कदम के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और मामले की जांच की जा रही है।
-
मोरीगांव. असम के मोरीगांव जिले में जापानी बुखार के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल 11 रोगियों का इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जाती है। अधिकारी ने बताया कि बुधवार को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में राजमणि मेधी (22) की मौत हो गई जिसके पिछले सप्ताह संबंधित बीमारी से पीड़ित होने का पता चला था। उन्होंने कहा कि दो अन्य मृतकों की पहचान गगलमाड़ी की निवासी इमराना बेगम (7) और शिमुलुगुड़ी निवासी भाभाकांत नाथ (66) के रूप में हुई है। जिला मलेरिया अधिकारी सुप्रिया दास ने कहा कि मलेरिया के भी पांच मामले सामने आए हैं और सभी रोगी ठीक हो चुके हैं। बाढ़ का पानी कम होने के बाद जापानी बुखार और मलेरिया के मामले सामने आए हैं।
-
नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका इलाके में स्पाइडरमैन की ड्रेस पहनकर कार चलाते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। स्पाइडरमैन की ड्रेस पहने व्यक्ति की पहचान नजफगढ़ में रहने वाले 20 वर्षीय आदित्य के रूप में हुई है।. कार के चालक की पहचान महावीर एन्क्लेव में रहने वाले 19 वर्षीय गौरव सिंह के रूप में हुई है. ।इस मामले में कार के मालिक और चालक पर खतरनाक ड्राइविंग, प्रदूषण प्रमाण पत्र के न होने और सीट बेल्ट न पहनने के लिए केस दर्ज किया गया है.। आरोपियों को 26 हजार रुपये का जुर्माना या कारावास या फिर दोनों हो सकते है.।
-
हरिद्वार. गंगाजल भरने के लिए कांवड़ियों की उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार जिले में पहली से 12 वीं कक्षा तक के स्कूलों को 27 जुलाई से एक सप्ताह के लिए बंद रखे जाने के आदेश दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा सोमवार से शुरू हुई है और कांवड़ियों की सुविधा के लिए जिले भर में यातायात योजना को लागू किया गया है । हरिद्वार के जिलाधिकरी धीरज सिंह गबरियाल ने बताया कि जिले में पहली से 12 वीं कक्षा तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में 27 जुलाई से दो अगस्त तक अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में गंगा जल लेने के लिए शिवभक्तो की भारी भीड़ पंहुच रही है । उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कांवड़ियों की भीड़ और अधिक बढ़ने की सम्भावना है जिसके मददेनजर यातायात योजना को लागू होने से छ़ात्रों को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है ।
-
नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे अपने बजट आवंटन का एक बड़ा हिस्सा रेल सुरक्षा संबंधी गतिविधियों और स्वचालित ट्रेन-सुरक्षा प्रणाली ‘कवच' पर खर्च करेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को आम बजट 2024-25 पर टिप्पणी करते हुए यह बात कही। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि रेलवे के लिए 2,62,200 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जो पूंजी निवेश के लिए एक रिकॉर्ड आवंटन है। वैष्णव ने कहा, ‘‘इस आवंटन का एक बड़ा हिस्सा - 1,08,795 करोड़ रुपये - सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए है, जैसे पुरानी पटरियों को नए से बदलना, सिग्नल प्रणाली में सुधार और फ्लाईओवर तथा अंडरपास का निर्माण, और कवच लगाना।'' उन्होंने कहा कि इन सभी सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में कवच लगाना रेलवे की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। मंत्री के अनुसार स्वचालित ट्रेन-सुरक्षा प्रणाली के उन्नत संस्करण ‘कवच 4.0' को हाल में अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन से मंजूरी मिली है। अब इसे तेजी से रेलगाड़ियों में लगाया जाएगा। वैष्णव ने कहा कि कवच के घटकों में शामिल ऑप्टिकल फाइबर केबल 4,275 किलोमीटर से अधिक दूरी पर बिछाई गई है और अन्य घटक- जैसे दूरसंचार टावर, ट्रैक आरएफआईडी उपकरण, स्टेशन कवच और लोको कवच भी तेजी से लगाए जा रहे हैं। संप्रग शासन के दौरान रेलवे के लिए बजटीय आवंटन की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 के आसपास रेलवे के लिए बजटीय आवंटन केवल लगभग 35,000 करोड़ रुपये हुआ करता था और आज यह 2.62 लाख करोड़ रुपये के नए स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिछले 10 वर्षों के शासन की कड़ी मेहनत और लक्ष्य केंद्रित नजरिये को आगे बढ़ाता है।
-
नई दिल्ली। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बजट की सराहना करते हुए कहा है कि यह एक बेहतरीन बजट है जिसमें सरकार ने नौ प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में श्री गोयल ने कहा कि आने वाले वर्षो में यह बजट भारत को विकास के पथ पर ले जाएगा। और इससे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रचुर संभावनाएं बनेंगी।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बजट से विशेषकर युवाओं में भारत की क्षमताओं को लेकर एक बार फिर भरोसा पैदा किया है। इसमें गरीबो, महिलाओं और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के उपाय भी किए गए हैं। -
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत देशभर में 15 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल से पीने का पानी उपलब्ध करा दिया गया जो एक बडी उपलब्धि है। मिशन के तहत यह काम तेजी से किया गया जिससे 2019 से लेकर 2024 के बीच पांच साल के अंदर 15 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्घ कराए गए।
जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, कि जल जीवन मिशन के जरिए न केवल लोगों तक साफ पीने का पानी पहुंचाया गया बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार किया गया। इस मिशन की घोषणा 2019 में की गई थी, जिसका लक्ष्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना था।अब तक, आठ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों ने इस मिशन के तहत सौ प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया है। इसमें गोवा, तेलंगाना, हरियाणा, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, पुद्दुचेरी, दादरा और नागर हवेली, दमन और दीव तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। -
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने नीट-यूजी 2024 की परीक्षा रद्द करने और इसे दोबारा आयोजित करने का आदेश देने से आज इन्कार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने दोबारा परीक्षा कराने और रिजल्ट रद्द करने की मांग वाली सभी याचिकाओं की सुनवाई के बाद आज यह फैसला सुनाया।
शीर्ष न्यायालय ने कहा कि यह साबित करने का कोई प्रमाण नही मिला है कि पूरी परीक्षा में गडबडी हुई और इसके संचालन में प्रणालीगत खामियां थीं जिससे इसकी सुचिता भंग हुई। न्यायालय ने यह भी कहा कि दोबारा परीक्षा कराने के गंभीर परिणाम होंगे। ऐसा करने से 23 लाख से अधिक छात्र प्रभावित होंगे और शैक्षणिक कार्यक्रम बाधित होगा। आने वाले वर्षों में इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। -
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा-2024 पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि आखिरकार सच्चाई की जीत हुई है। नीट पर शीर्ष न्यायालय के फैसले पर आज नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए, श्री प्रधान ने कहा कि मोदी सरकार पारदर्शी और त्रुटिहीन परीक्षा प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जो लोग नीट घोटाले में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
-
नई दिल्ली। भारतीय बैंक संघ -आईबीए ने बुनियादी ढांचे के विकास, घरेलू रोजगार और कौशल में सुधार और अर्थव्यवस्था के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए केंद्रीय बजट 2024-25 का स्वागत किया है। एक बयान में, आईबीए के अध्यक्ष श्री एम वी राव ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ऋण प्रदान करने के लिए एमएसएमई का आकलन करने के लिए एक आंतरिक मॉडल विकसित करने की अनुमति देने के प्रस्ताव की सराहना की।
-
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय बजट 2024-25 में रेलवे के लिए आवंटन को ऐतिहासिक बताया है। नई दिल्ली में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे के लिए बजट में अब तक का सबसे अधिक दो लाख 62 हजार 200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे रेलवे की योजनाओं को बढावा मिलेगा। श्री वैष्णव ने कहा कि कुल बजटीय आवंटन में से एक लाख और 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले कुल बजटीय आवंटन केवल 35 हजार करोड़ रुपये था।
श्री वैष्णव ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल विनिर्माण पिछले दस वर्षों में एक बड़े रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया ने प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण किया है। उन्होंने सीमा शुल्क को तर्कसंगत बनाने के लिए वित्त मंत्री को भी धन्यवाद दिया जो उद्योग की मांग थी। - नयी दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में अपना सातवां केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया और जब उन्होंने लाल रंग के बही-खाते जैसे कवर में रखे टैबलेट से अपना बजट भाषण पढ़ा तो आधुनिकता के साथ परंपरा का मिश्रण देखने को मिला। बैंगनी-सुनहरे रंग की किनारी वाली क्रीम रंग की मैसूर सिल्क साड़ी पहने सीतारमण ने अपने बजट भाषण में रोजगार सृजन पर अधिक जोर दिया। इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से बार-बार मेज थपथपाई गई तो विपक्ष की ओर से बीच-बीच में नारेबाजी भी हुई। सीतारमण ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर बजट भाषण दिया और उनके बिल्कुल पास में स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा बैठे थे। वित्त मंत्री के 83 मिनट के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कम से कम 71 बार मेजें थपथपाकर बजटीय घोषणाओं का स्वागत किया। सीतारमण ने जब बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बड़ी घोषणाओं की जानकारी सदन में दी तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया। बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और आंध्र प्रदेश में सत्तासीन तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) भाजपा नीत राजग के प्रमुख सहयोगी दल हैं। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘सरकार को बचाने वाला बजट' और ‘सरकार बचाओ, कुर्सी बचाओ बजट' के नारे लगाए। तमिलनाडु और केरल के विपक्षी सदस्यों ने भारी बारिश से प्रभावित दोनों दक्षिणी राज्यों के लिए राहत और पुनर्वास की मांग उठाई।जब सीतारमण ने बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए कुछ घोषणाएं कीं तो द्रमुक और कांग्रेस के सदस्यों ने आपत्ति जताई। दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र और हरियाणा के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की गई, जहां सितंबर-अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। बजट में रेलवे से संबंधित घोषणाओं या अग्निपथ योजना का कोई उल्लेख नहीं किया गया।बजट भाषण के दौरान जब तृणमूल कांग्रेस सदस्य सौगत राय और द्रमुक सदस्य दयानिधि मारन बीच-बीच में टीका-टिप्पणी कर रहे थे तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताते हुए दोनों सांसदों को आगाह किया। लोकसभा में पूर्वाह्न 11 बजे बजट भाषण शुरू होने से कुछ मिनट पहले जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में पहुंचे तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने ‘भारत माता की जय' के नारे लगाए। इस पर विपक्षी सदस्य ‘जय संविधान' के नारे लगाते सुने गए। बजट भाषण पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वित्त मंत्री सीतारमण के पास आकर उन्हें बधाई दी। आंध्र प्रदेश से आने वाले केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू और बिहार से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने-अपने राज्यों के लिए बजट में की गई घोषणाओं पर सीतारमण के पास जाकर आभार जताया। नायडू और पासवान को आपस में गले मिलते हुए भी देखा गया। वह एक तरह से आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए बजट में की गई घोषणाओं पर खुशी मना रहे थे। सीतारमण ने जब देश में घरेलू क्रूज का संचालन कर रहीं विदेशी पोत कंपनियों के लिए सरल कर प्रणाली की घोषणा की तो तृणमूल सांसद सौगत राय को कहते सुना गया, ‘‘ये घोषणाएं बड़े लोगों के लिए है।'' वित्त मंत्री का बजट भाषण सुनने के लिए लोकसभा की विशेष दर्शक दीर्घाओं में राज्यसभा के कई सदस्य भी बैठे थे। वित्त मंत्री की पुत्री वांग्मयी पराकला और अन्य रिश्तेदार भी दर्शक दीर्घा में बैठे थे। तंजानिया संयुक्त गणराज्य की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष और अंतर संसदीय संघ (आईपीयू) की प्रमुख तूलिया एक्सन ने भी विशेष दीर्घा में बैठकर लोकसभा की कार्यवाही देखी और बजट भाषण सुना।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने, रोजगार और कौशल बढ़ाने और मानव संसाधन और सामाजिक न्याय को ऊपर उठाने का वादा किया गया है। गडकरी ने कहा कि बुनियादी ढांचे, नवाचार, अनुसंधान और अगली पीढ़ी के सुधारों पर मजबूत ध्यान बिन्दु के साथ यह बजट सभी क्षेत्रों में भारत की महत्वपूर्ण उन्नति के लिए मंच तैयार करता है। उन्होंने हैशटैग ‘बजट फॉर विकसित भारत' के साथ ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘एक उज्जवल, अधिक समृद्ध भविष्य हम सभी की प्रतीक्षा कर रहा है।'' गडकरी ने आगे कहा कि यह दूरदर्शी बजट सतत विकास, नवाचार और स्थायी प्रगति को बढ़ावा देता है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के लिए एक टिकाऊ और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करता है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मंगलवार को संसद में पेश किए गए 2024-25 के आम बजट को दूरदर्शी, जनहितैषी और विकासोन्मुखी करार दिया और कहा कि यह रोजगार तथा अवसरों के एक नए युग की शुरुआत करके देश को एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरने की राह पर ले जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बजट भारत की उद्यमशीलता को बढ़ाने और व्यापार करने में सुगमता के साथ आर्थिक विकास को दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘दृढ़ प्रतिबद्धता' को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बजट में कर आकलन नियमों को सरल बनाकर करदाताओं को राहत दी गई है।शाह ने कहा कि यह न केवल भारत के उद्देश्य, उम्मीद और आशावाद की नयी भावना का उदाहरण प्रस्तुत करता है, बल्कि उन्हें मजबूत भी करता है। उन्होंने हैशटैग ‘बजटफॉरविकसितभारत' के साथ ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के युवाओं, महिलाओं और किसानों की शक्ति का उपयोग करते हुए यह बजट रोजगार और अवसरों के एक नए युग की शुरुआत करके एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरने के मार्ग पर राष्ट्र की गति को बढ़ावा देता है।''केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बजट देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और विश्वास को पूरा करने के लिए मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के संकल्प का परिचायक भी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बजट युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों के लिए कई अवसर प्रदान करते हुए एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जनहितैषी और विकासोन्मुखी दूरदर्शी बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूं।'' शाह ने कहा कि आज बजट में कृषि क्षेत्र में उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये की घोषणा इस क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होने वाली है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बजट में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक कृषि के लिए सर्टिफाई करने, 10 हजार बायो-इनपुट सेंटर्स की स्थापना, कृषि के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, 400 जिलों में खरीफ फसलों का क्रॉप सर्वे और तिलहनों के लिए एक कार्यनीति का निर्माण जैसे निर्णयों से कृषि क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।''बजट में ‘राष्ट्रीय सहकारी नीति' के निर्माण की घोषणा का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह देश में सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने और जमीनी स्तर पर इसकी पहुंच को मजबूत करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि साथ ही मत्स्य सहकारिता को झींगा की खेती, प्रसंस्करण और निर्यात के लिए नाबार्ड के माध्यम से वित्तपोषण की सुविधा से नई गति मिलेगी। देश के पूर्वी क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए बजट में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लिए ‘पूर्वोदय' योजना की घोषणा का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि इस योजना से इन क्षेत्रों में अवसंरचना, मानव संसाधन, रोजगार व आर्थिक विकास के अवसरों को नई ऊर्जा मिलेगी और विकसित व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ये क्षेत्र महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बजट में जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ‘पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान' शुरू किए जाने की घोषणा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान से 63 हजार गांवों के लगभग 5 करोड़ जनजातीय बहन-भाई लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इससे न सिर्फ ये गांव विकास की मुख्यधारा में जुड़ेंगे, बल्कि उत्तम अवसंरचना व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति से वे आदर्श ग्राम भी बनेंगे।''
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को पेश आम बजट में आयकर मोर्चे पर मध्यम वर्ग एवं नौकरीपेशा लोगों को राहत देने और अगले पांच साल में रोजगार सृजन के लिए दो लाख करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों- बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए कई परियोजनाओं का भी ऐलान किया। भाजपा को लोकसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत नहीं मिलने के लिए ग्रामीण असंतोष और बेरोजगारी को जिम्मेदार माना गया है। सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में ग्रामीण विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया। वहीं आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बजट में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.4 प्रतिशत है। सीतारमण ने अपना सातवां और नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए स्टार्टअप में सभी श्रेणी के निवेशकों के लिए ‘एंजल कर' समाप्त करने की घोषणा की। जब कोई गैर-सूचीबद्ध या स्टार्टअप कंपनी शेयर जारी कर पूंजी जुटाती है और उसका मूल्य कंपनी के उपयुक्त बाजार मूल्य से अधिक होता है, तब उस पर ‘एंजल कर' लगाया जाता है। बजट में मोबाइल फोन एवं सोने पर सीमा शुल्क में कटौती की गई है और पूंजीगत लाभ कर को सरल बनाया गया है। हालांकि, वित्त मंत्री ने प्रतिभूतियों के वायदा एवं विकल्प खंड में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ा दिया। इस कदम से शेयर बाजारों में गिरावट आई। वित्त मंत्री ने बिहार के लिए एक्सप्रेसवे, बिजलीघर, हेरिटेज कॉरिडोर और नए हवाई अड्डों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन करने की घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय की गयी है, जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।बिहार को वित्तीय समर्थन पूंजीगत परियोजनाओं के रूप में है। यह सब्सिडी या नकद सहायता के रूप में नहीं है। बिहार में भाजपा की सहयोगी पार्टी जदयू (जनता दल यूनाइटेड) राज्य के लिए आर्थिक पैकेज और विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रही है। इसी तरह, आंध्र प्रदेश के लिए बहुपक्षीय एजेंसियों के माध्यम से वित्तीय सहायता के रूप में 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) हाल ही में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुई है। सीतारमण ने कहा, ‘‘ऐसे समय जब दुनिया में अनिश्चिततताएं हैं, भारत की आर्थिक वृद्धि एक अपवाद बनी हुई है और आने वाले वर्षों में भी ऐसा ही रहेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘इस बजट में हम विशेष रूप से रोजगार, कौशल विकास, एमएसएमई और मध्यम वर्ग और पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।'' वित्त मंत्री ने कहा कि 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और अन्य अवसर उपलब्ध कराने की योजनाओं और उपायों के लिए पांच साल की अवधि में दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का निर्धारण किया गया है। उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए मानक कटौती को 50 प्रतिशत बढ़ाकर 75,000 रुपये करने के साथ नई आयकर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले करदाताओं के लिए कर स्लैब में बदलाव किया। मानक कटौती के तहत आयकर की गणना करने से पहले वर्ष में अर्जित कुल वेतन में से निश्चित राशि घाटा दी जाती है। उन्होंने कहा कि इससे करदाताओं को नई कर व्यवस्था के तहत सालाना 17,500 रुपये तक की बचत होगी। नई व्यवस्था में कर की दरें कम हैं। हालांकि, इसमें मिलने वाली छूट भी न के बराबर है। रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बजट में कंपनियों के लिए प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इसमें पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक महीने के वेतन का भुगतान और रोजगार के पहले चार वर्षों में उनके सेवानिवृत्ति निधि अंशदान के संबंध में नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के ईपीएफओ योगदान के लिए दो साल के लिए 3,000 रुपये प्रति माह तक का ‘रिम्बर्समेंट' शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कौशल में सुधार के साथ छात्रों के लिए इंटर्नशिप के लिए एक कार्यक्रम चलाया जाएगा। उच्च शिक्षा के लिए रियायती कर्ज भी प्रदान किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में भारत की आधिकारिक बेरोजगारी दर 6.7 प्रतिशत आंकी गई है, लेकिन निजी एजेंसियों के मुताबिक इसका स्तर कहीं अधिक है। सीतारमण ने कहा कि सरकार का राजकोषीय घाटा 2024-25 में जीडीपी का 4.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह 2024-25 के लिए फरवरी में पेश अंतरिम बजट में अनुमानित 5.1 प्रतिशत से कम है। इसका कारण मजबूत कर संग्रह और भारतीय रिजर्व बैंक से अपेक्षा से अधिक लाभांश प्राप्ति है। उन्होंने सकल बाजार उधारी को मामूली रूप से घटाकर 14.01 लाख करोड़ रुपये कर दिया।वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन करोड़ किफायती आवासों के निर्माण के लिए सहायता, छोटे और मझोले उद्यमों को कर्ज सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा, मुद्रा योजना के तहत छोटे उद्यमों के लिए कर्ज सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये, 12 औद्योगिक पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव और अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 1,000 करोड़ रुपये का उद्यम पूंजी कोष स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। बजट में उधारियों को छोड़कर कुल प्राप्तियां 32.07 लाख करोड़ और व्यय 48.21 लाख करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया है। शुद्ध कर प्राप्ति 25.83 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है।

.jpg)

.jpg)
.jpg)












.jpg)




.jpg)
.jpg)
.jpg)


.jpg)