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जयपुर. राजस्थान आने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या में पिछले चार वर्षों में लगभग 12 गुना वृद्धि हुई है। कोविड-19 महामारी के कारण पर्यटन के क्षेत्र में आई सुस्ती के बाद से विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि देखी गई है। पर्यटन विभाग के अनुसार 2020 में 1.51 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक राज्य में आये। 2023 में यह संख्या बढ़कर 17.90 करोड़ से अधिक हो गई। विभाग के अनुसार जनवरी 2020 से दिसंबर 2023 तक कुल 32.44 करोड़ घरेलू पर्यटकों ने राजस्थान का दौरा किया। दूसरी ओर इसी अवधि के दौरान 22.20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों ने इसकी ऐतिहासिक विरासत को देखने के लिए राजस्थान का दौरा किया। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक दिलीप सिंह राठौड़ ने कहा, ‘‘राजस्थान पर्यटकों के लिये एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा है। कोरोना वायरस महामारी के बाद बड़ी संख्या में घरेलू पर्यटक राज्य में आने लगे हैं। विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है।'' नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का ध्यान राज्य को पर्यटन क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाना है। चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री पेट्र फियाला और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों की राज्य की हालिया यात्राओं ने राजस्थान को विदेशी पर्यटकों के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में अपनी छवि पेश करने में मदद की है। जयपुर के पूर्व शाही परिवार की सदस्य और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी इस उद्देश्य के लिए सक्रिय रूप से विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें कर रही हैं। कुमारी के पास पर्यटन विभाग का प्रभार है। दीया कुमारी ने बताया, ‘‘सरकार राजस्थान को एक प्रमुख पर्यटन स्थल में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग के अधिकारियों को 100 दिन का कार्य एजेंडा दिया गया है। एक व्यापक रणनीति तैयार करने और लागू करने की जरूरत है।'' उन्होंने कहा कि उनकी योजना में राज्य में रेल, सड़क और हवाई सेवाओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ सहयोग करना शामिल है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा स्थापित करना, आतिथ्य सेवाओं में सुधार करना भी इस उद्देश्य के लिए आवश्यक है। राजस्थान विधानसभा में भाजपा विधायक कालीचरण सराफ के सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने हाल में पर्यटक संख्या का खुलासा किया। उनके जवाब के अनुसार 2023 में करीब 18 करोड़ घरेलू और 17 लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान आए। 2020 में कुल 1.51 करोड़ घरेलू पर्यटक और 4.46 लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान आए। 2021 में 2.19 करोड़ घरेलू और 34,806 विदेशी पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया जबकि 2022 में विभाग ने 10.83 करोड़ घरेलू और 39,684 विदेशी पर्यटकों की मेजबानी की। भाजपा विधायक ने जनवरी 2020 से दिसंबर 2023 तक राज्य में हुए घरेलू और विदेशी पर्यटकों के दौरों का वर्षवार ब्यौरा मांगा था। फ्रांस के राष्ट्रपति की जयपुर यात्रा के बाद से राज्य में होटल एसोसिएशन उत्साहित है क्योंकि उनका मानना है कि इस यात्रा से पर्यटन के क्षेत्र में अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। जयपुर के होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष एम हुसैन ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई थी। फ्रांस के राष्ट्रपति की यात्रा के बाद पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर आएंगे क्योंकि महामारी से पहले फ्रांस से बड़ी संख्या में पर्यटक राजस्थान आते थे।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि दुनिया जलवायु परिवर्तन के खतरे का सामना कर रही है और उन्होंने 'पर्यावरणीय न्याय' सुनिश्चित करने और सीमा पार की अन्य कानूनी चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग का सुझाव दिया। यहां राष्ट्रमंडल के कानून अधिकारियों के एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल अपनी विविधता और विरासत के साथ बाकी दुनिया को सहयोग की भावना से साझा चिंताओं को दूर करने का रास्ता दिखा सकता है। मुर्मू ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की बात करती है।
कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (सीएलईए) - कॉमनवेल्थ अटॉर्नी एंड सॉलिसिटर जनरल कॉन्फ्रेंस (सीएएसजीसी) 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, इसलिए, जब हम न्याय वितरण की बात करते हैं, तो हमें सामाजिक न्याय सहित इसके सभी पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में, जैसा कि दुनिया जलवायु परिवर्तन के खतरे का सामना कर रही है, हमें न्याय की अवधारणा के इन विभिन्न पहलुओं में पर्यावरणीय न्याय को भी जोड़ना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘जैसा कि होता है, पर्यावरणीय न्याय के मुद्दे अक्सर सीमा पार की चुनौतियां पैदा करते हैं। वे इस सम्मेलन का प्रमुख क्षेत्र हैं, जिसका नाम है, न्याय वितरण में सीमा पार की चुनौतियां।'' उन्होंने कहा, ‘‘व्यापार और वाणिज्य का वैश्वीकरण इस अंतर-संबंध का एक और उदाहरण है। इसके अलावा हाल के दशकों में प्रौद्योगिकी ने हमें एक-दूसरे के करीब ला दिया है।'' मुर्मू ने कहा कि सीमा पार की जटिल कानूनी चुनौतियों का समाधान तलाश करते समय अंतर-संबंध, अंतर-निर्भरता और तकनीकी क्रांति को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमेशा उस चीज से निर्देशित होना चाहिए जो हम सभी में समान है - मानवता और मानवतावादी मूल्य।'' राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि राष्ट्रमंडल कानूनी शिक्षा संघ (सीएलईए) ने एक साझा भविष्य के लिए एक रूपरेखा तैयार करने का दायित्व लिया है जो सीमाओं से परे है और समानता और गरिमा पर आधारित प्राकृतिक न्याय के बुनियादी सिद्धांतों को रेखांकित करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रमंडल अपनी विविधता और विरासत के साथ, बाकी दुनिया को सहयोग की भावना से साझा चिंताओं को दूर करने का रास्ता दिखा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत वैश्विक विमर्श में एक प्रमुख हितधारक के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि जब न्याय वितरण में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की बात आती है तो भारत के पास देने के लिए बहुत कुछ है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत न केवल सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि इतिहास बताता है कि यह सबसे पुराना लोकतंत्र भी है। उन्होंने कहा कि उस समृद्ध और लंबी लोकतांत्रिक विरासत के साथ, हम आधुनिक समय में न्याय वितरण में अपनी सीख से योगदान कर सकते हैं। मुर्मू ने कहा कि न्याय के लिए निकटतम संस्कृत शब्द ‘न्याय' है, जिसका अर्थ है कि क्या उचित है और क्या सही है। उन्होंने कहा कि ‘न्याय' शास्त्रीय भारतीय दर्शन की छह प्रणालियों में से एक का नाम है, जो मूल रूप से पश्चिम में तर्कशास्त्र के अध्ययन के समान है।
राष्ट्रपति ने कहा, तो जो सही और उचित है वह तार्किक रूप से भी सही है। ये तीन गुण मिलकर किसी समाज की नैतिक व्यवस्था को परिभाषित करते हैं। यही कारण है कि आप, कानूनी पेशे और न्यायपालिका के प्रतिनिधि, वे हैं जो व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करते हैं।'' उन्होंने कहा कि अगर उस व्यवस्था को चुनौती दी जाती है, तो ‘आप ही हैं' जो वकील या न्यायाधीश, कानून के छात्र या शिक्षक के रूप में इसे फिर से सही करने के लिए सबसे अधिक प्रयास करते हैं। मुर्मू ने कहा कि आधुनिक समय में, असाधारण नेताओं की दो या तीन पीढ़ियों ने एक नई राष्ट्रीय जागरूकता को पुनर्जीवित करने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘‘जो बहुत ध्यान देने योग्य बात थी वह यह है कि उनमें से अधिकांश ने कानून का अध्ययन किया था - और वह भी इंग्लैंड में। मुझे यकीन है कि राष्ट्रमंडल के कई अन्य सदस्यों के पास उन दिनों इस पृष्ठभूमि के नेता थे। यह विरासत ही हमें परिवार के रूप में एक साथ बांधती है। -
देहरादून. उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने रविवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को अपनी मंजूरी दे दी जिससे उसे सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में रखे जाने का रास्ता साफ हो गया । यहां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यूसीसी के मसौदे का प्रस्तुतिकरण किया गया जिसे देखने के बाद उसे विधानसभा के पटल पर विधेयक के रूप में रखे जाने को मंजूरी दे दी गयी। चार खंडों में 740 पृष्ठों के इस मसौदे को उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को सौंपा था। यूसीसी को पारित कराने के लिए सोमवार से विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। सूत्रों ने बताया कि छह फरवरी को विधानसभा में यूसीसी पर विधेयक पेश किया जाएगा । यूसीसी पर अधिनियम बनाकर उसे प्रदेश में लागू करना 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा जनता से किए गए प्रमुख वादों में से एक था। वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचने के बाद भाजपा ने मार्च 2022 में सरकार गठन के तत्काल बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन को मंजूरी दे दी थी । कानून बनने के बाद उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। गोवा में पुर्तगाली शासन के दिनों से ही यूसीसी लागू है। यूसीसी के तहत प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एकसमान विवाह, तलाक, जमीन, संपत्ति और उत्तराधिकार के कानून लागू होंगे चाहे वे किसी भी धर्म को मानने वाले हों ।
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मुंबई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि विपश्यना प्राचीन भारत का एक अनुपम उपहार होने के साथ ही एक आधुनिक विज्ञान भी है, जिसके जरिये युवा और बुजुर्ग लोगों को जीवन के तनाव और परेशानी से निपटने में मदद मिल सकती है। विपश्यना गुरु एस एन गोयनका के जन्म शताब्दी समारोह पर अपने डिजिटल संबोधन में मोदी ने कहा कि ध्यान और विपश्यना को कभी त्याग के माध्यम के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब यह व्यावहारिक जीवन में व्यक्तित्व विकास का माध्यम बन गया है। मोदी ने कहा, ‘‘वर्तमान समय में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में तनाव और परेशानी आम है और विपश्यना की शिक्षाएं उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने में मदद कर सकती हैं।'' उन्होंने कहा कि एस एन गोयनका ‘एक जीवन एक मिशन' के आदर्श उदाहरण थे।
मोदी ने कहा कि उनकी शिक्षाएं और समाज कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता एक प्रेरणा स्रोत है, क्योंकि देश विकसित भारत के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘भगवान बुद्ध से प्रेरित होकर, गुरुजी कहते थे कि जब लोग एक साथ ध्यान करते हैं, तो परिणाम बहुत प्रभावी होता है। एकता की ऐसी शक्ति विकसित भारत का महान स्तंभ है।'' गोयनका के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिवंगत विपश्यना शिक्षक शांत और निर्मल गुणों से युक्त थे। मोदी ने कहा, उनका एकमात्र मिशन विपश्यना और अर्जित ज्ञान का सभी तक प्रसार करना था। उनका योगदान मानव जाति के प्रति था। उन्होंने कहा कि विपश्यना प्राचीन भारत का एक अनुपम उपहार और विरासत है, लेकिन इसे भुला दिया गया था।
उन्होंने कहा कि विपश्यना आत्म-अवलोकन से आत्म-परिवर्तन तक की यात्रा है और आज सामने आने वाली सभी चुनौतियों का समाधान है। मोदी ने कहा कि योग को दुनिया भर में स्वीकार किया गया है और ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' अब दुनिया भर में जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सोचते थे कि ध्यान और विपश्यना वैराग्य का माध्यम है और इसे व्यावहारिक जीवन में नहीं लाया जाना चाहिए, लेकिन अब यह व्यक्तित्व विकास का माध्यम है।'' मोदी ने कहा कि विपश्यना प्राचीन भारत की विरासत होने के अलावा एक आधुनिक विज्ञान भी है, जिसे आने वाली पीढ़ियों को प्रदान करने की जरूरत है। गोयनका को प्राचीन विपश्यना ध्यान तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए जाना जाता है, जिसका उद्देश्य मानसिक अशुद्धियों का उन्मूलन और पूर्ण मुक्ति की परिणामी उच्चतम खुशी है। मोदी ने कहा कि विपश्यना आज के चुनौतीपूर्ण समय में और भी महत्वपूर्ण हो गया है जब युवा कार्य-जीवन संतुलन, जीवनशैली और अन्य चीजों से जुड़ी समस्याओं के कारण तनाव का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत को विपश्यना को और अधिक स्वीकार्य बनाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाने की जरूरत है।'' विपश्यना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब इसे हजारों साल पहले पेश किया गया था, तो इसकी बहुत प्रासंगिकता थी। उन्होंने कहा, ‘‘विपश्यना आज के जीवन में और भी अधिक प्रासंगिक हो गई है, क्योंकि इसमें दुनिया की मौजूदा चुनौतियों को हल करने की शक्ति है।'' उन्होंने कहा कि गोयनका के प्रयासों के कारण 80 से अधिक देशों ने ध्यान के महत्व को समझा और इसे अपनाया। उन्होंने कहा कि विपश्यना, ध्यान और धारणा को अक्सर केवल त्याग का विषय माना जाता है, लेकिन लोग इसकी भूमिका भूल गए। विपश्यना के लाभों पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने जोर दिया कि यह न केवल युवाओं के लिए बल्कि सूक्ष्म और एकल परिवारों के सदस्यों के लिए भी एक समाधान है जहां बुजुर्ग माता-पिता तनाव में रहते हैं। उन्होंने सभी से बुजुर्गों को ऐसी पहल से जोड़ने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने अपने अभियानों के माध्यम से सभी के जीवन को शांतिपूर्ण, खुशहाल और सामंजस्यपूर्ण बनाने के लिए आचार्य गोयनका के प्रयासों की सराहना की। मोदी ने कहा, ‘‘वह यह भी चाहते थे कि आने वाली पीढ़ियां इन अभियानों का लाभ उठाएं और इस तरह उन्होंने अपने ज्ञान का विस्तार किया। वह यहीं नहीं रुके, बल्कि कुशल शिक्षक भी तैयार किए।'' मोदी ने कहा कि विपश्यना आत्मा की ओर एक यात्रा है और अपने भीतर गहराई से गोता लगाने का एक तरीका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सिर्फ एक शैली नहीं, बल्कि एक विज्ञान है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम इस विज्ञान के परिणामों से परिचित हैं। अब हमें आधुनिक विज्ञान के मानकों के अनुसार इसके साक्ष्य दुनिया के सामने पेश करने की जरूरत है। इस दिशा में दुनियाभर में पहले ही बहुत कुछ किया जा चुका है, लेकिन भारत को विश्व के अधिक कल्याण के लिए नए शोध का उपयोग करके इसे और अधिक स्वीकार्य बनाने के लिए आगे आने की जरूरत है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि इसरो के "गगनयान" मिशन से पहले महिला रोबोट अंतरिक्ष यात्री "व्योममित्र" अंतरिक्ष में उड़ान भरेगी। गगनयान भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने वाली भारत की पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान होगी। रविवार को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए, श्री सिंह ने कहा कि मानवरहित "व्योममित्र" मिशन इस साल की तीसरी तिमाही के लिए निर्धारित है। उन्होंने कहा कि मानवयुक्त मिशन "गगनयान" 2025 में प्रक्षेपित किया जाएगा। डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि "व्योममित्र" मॉड्यूल की निगरानी करना, अलर्ट जारी करना और लाइफ सपोर्ट ऑपरेशन निष्पादन करने की तकनीकि लैस है। उन्होंने बताया कि "व्योममित्र" अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष वातावरण में मानव कार्यों का अनुकरण करने और जीवन रक्षा प्रणाली को समझने के लिए तैयार किया गया। गगनयान परियोजना का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों के एक दल को 400 किलोमीटर की कक्षा में भेजना और फिर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विस्तार से पूर्वोत्तर में रोजगार, पर्यटन और खेलों को बढावा मिलेगा।प्रधानमंत्री ने रविवार को गुवाहटी मे जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दस वर्ष के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आए हैं। उन्होंने कहा कि एक बार जब कामाख्या परियोजना पूरी हो जाएगी, तो राज्य में पर्यटकों का आना बढ़ जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने गरीबों के लिए चार करोड से अधिक मकान बनाए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा से देश भर में 20 करोड़ से अधिक लोग जुडे हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने 11 हजार करोड रूपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने कामाख्या मंदिर गलियारा, चंद्रपुर में नये खेल परिसर, गुवाहटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में नये भवन तथा करीमगंज जिले में रातबारी में नए मेडिकल कॉलेज के भवन का शिलान्यास किया। -
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न्यायिक प्रणाली को सुलभ, किफायती और उत्तरदायित्वपूर्ण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है।श्री शाह ने रविवार को नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल अधिवक्ता और महाअधिवक्ता सम्मेलन 2024 को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और न्यायपालिका को भी परिवर्तित होना होगा। उन्होंने कहा कि सीमा पार चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी न्यायिक प्रणाली में प्रौद्योगिकी का प्रयोग अपनाना होगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने तीनों आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में विस्तार से प्रौद्योगिकी का प्रयोग किया है।श्री शाह ने कहा कि इन तीनों कानूनों के प्रभावी होने से देश की आपराधिक न्यायिक प्रणाली विश्व में सबसे आधुनिक हो जाएगी।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत विश्व मंच पर महत्वपूर्ण पक्ष के रूप में उभर रहा है और न्याय के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर यह महत्वपूर्ण योगदान करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि अपनी विविधता और विरासत के साथ राष्ट्रमंडल शेष विश्व को सहकारिता की भावना के साथ सामान्य सरोकारों से निपटने का रास्ता दिखा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि जो उचित और न्यायपूर्ण है, उसे तर्कसंगत भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये गुण समाज की नैतिक व्यवस्था को परिभाषित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई न्याय की बात करता है, तो यह ध्यान रखना चाहिए कि सभी पक्षों में सामाजिक न्याय भी शामिल है। - नई दिल्ली। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स इस वर्ष 31 मार्च तक सभी ब्लॉक और केन्द्रों में आयुष्मान सुविधा केन्द्र स्थापित करेगा। एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने बताया कि इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देख-रेख योजना के अन्तर्गत आयुष्मान सुविधा केन्द्र इन सेवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र सुलभ बिन्दुओं पर स्थापित किये जायेंगे। ये केन्द्र मरीजों और उनके सहयोगियों को लाभ प्रदान करने के मुख्य केन्द्र के रूप में काम करेंगे। डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि ये केन्द्र सातों-दिन चौबीसों घण्टे लाभार्थियों के सम्पर्क के एकल सेवा विन्दु के रूप में काम करेंगे। शनिवार को के मामले में
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नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि यातायात कम करने में रोपवे अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शहरों, राजमार्गों और दूरदराज के इलाकों में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए विभिन्न विकल्पों की खोज कर रही है। शनिवार को मुंबई में महाराष्ट्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के अवसर पर श्री गडकरी ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में रोपवे विकसित किए जाएंगे। उन्होंने काम को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' शीघ्र तैयार करने का सुझाव भी दिया।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के भारतीय राजमार्ग इंजीनियर अकादमी और महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग ने मुंबई, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, छत्रपति संभाजी नगर और नासिक सहित महाराष्ट्र के छह शहरों में ट्रैफिक सिमुलेशन मॉडल के विकास के लिए इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड और महाराष्ट्र लोक निर्माण विभाग ने राज्य में रोपवे विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए। - शिमला। मौसम विभाग ने पूरे हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिनों के लिए भारी बर्फबारी होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बर्फबारी और राज्य की मध्य तथा ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी होने का अनुमान जताया है। इसने निचले इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी जबकि छह फरवरी तक राज्य में बारिश की भविष्यवाणी की राज्य में 31 जनवरी और एक फरवरी को कई हिस्सों में मध्यम से भारी बर्फबारी हुई थी। अधिकारियों ने कहा कि बर्फबारी के कारण राज्य में चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 485 सड़कें वर्तमान में वाहन यातायात के लिए बंद हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार को कुछ देर के लिए बर्फबारी हुई, जिससे निवासियों और पर्यटकों को खुशी हुई। शहर और इसके आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, शिमला में सबसे अधिक 161 सड़कें, लाहौल और स्पीति में 153, कुल्लू में 71 और चंबा जिले में 58 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने बताया कि सड़कों से जल्द से जल्द बर्फ हटाने के लिए सफाई का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा 485 ट्रांसफार्मर और 68 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हो गई हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में शीत लहर की स्थिति बनी रही, यहां तक कि न्यूनतम तापमान में कुछ डिग्री की वृद्धि हुई, लेकिन यह सामान्य से नीचे रहा। मौसम शुष्क रहा और पिछले 24 घंटों में राज्य के किसी भी हिस्से से बर्फबारी या बारिश की कोई खबर नहीं है। मौसम विभाग ने कहा कि अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। कुकुमसेरी में तापामान शून्य से 8.1 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, जो रात में सबसे ठंडा रहा, जबकि नारकंडा, कल्पा, डलहौजी और मनाली में तापमान क्रमशः शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस, शून्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस, शून्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस और शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहे। शिमला में रात का न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- ठाणे । महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भूमि विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक द्वारा गोली चलाने के बाद शिवसेना के एक नेता को कई गोलियां लगीं और उनकी हालत नाजुक है। इसके बाद विपक्ष ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग की। उपमुख्यमंत्री एवं राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा कि उन्होंने यह पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं कि विधायक ने किस कारण से और किन परिस्थितियों में गोली चलायी।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय शिंदे ने मीडिया को बताया कि कल्याण से भाजपा के विधायक गणपत गायकवाड़ ने शुक्रवार रात उल्हासनगर इलाके में हिल लाइन पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक के कक्ष के अंदर शिवसेना की कल्याण इकाई के प्रमुख महेश गायकवाड पर गोलियां चलाईं। गणपत गायकवाड ने अपनी गिरफ्तारी से पहले समाचार चैनल ‘जी 24 तास' से फोन पर कहा कि उनके बेटे को पुलिस थाने में पीटा जा रहा था इसलिए उन्होंने गोली चलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र में ‘‘अपराधियों का साम्राज्य'' स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उल्हासनगर कल्याण संसदीय क्षेत्र में आता है, जिसका प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे करते हैं। भाजपा और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हैं। महेश गायकवाड को पहले एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें ठाणे शहर के एक निजी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया। अस्पताल ने कहा कि महेश गायकवाड की आपातकालीन जीवन रक्षक सर्जरी की गई और वह वेंटिलेटर पर हैं। अस्पताल ने बताया कि महेश गायकवाड की हालत "वर्तमान में नाजुक" है। चिकित्सकों का एक दल उनकी निगरानी कर रहा है।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय शिंदे के मुताबिक, गणपत गायकवाड का बेटा जमीन संबंधी विवाद के सिलसिले में शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने आया था, तभी महेश गायकवाड अपने लोगों के साथ वहां पहुंचे। बाद में गणपत गायकवाड भी थाने पहुंचे। अधिकारी ने बताया कि विधायक और शिवसेना नेता के बीच झगड़े के दौरान गणपत गायकवाड ने वरिष्ठ निरीक्षक के कक्ष के अंदर महेश गायकवाड पर कथित तौर पर गोलियां चलाईं, जिससे वह और उनका सहयोगी राहुल पाटिल घायल हो गए। गणपत गायकवाड ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘‘हां, मैंने खुद (उन्हें) गोली मारी। मुझे कोई पछतावा नहीं है। यदि मेरे बेटे को पुलिस थाने के अंदर पुलिस के सामने पीटा जा रहा है, तो मैं क्या करूंगा।'' भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ‘‘महाराष्ट्र में अपराधियों का साम्राज्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।'' पुलिस ने गणपत गायकवाड के अलावा दो अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 120बी सहित अन्य धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने अपने कदम को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया ।
- खंडवा (मध्य प्रदेश),। मध्य प्रदेश पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के अलावा पिछले कुछ दिनों से एक दर्जन से अधिक भैंसों की देखभाल करने की नयी जिम्मेदारी को संभालना पड़ रहा है। जावर थाना प्रभारी जे.पी. वर्मा ने बताया कि भैंसों को खिलाने पर प्रतिदिन पांच हजार रुपये खर्च किये जा रहे हैं। उन्होंने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि पांच दिन पहले जिले में अवैध रूप से ले जाए जा रही 17 भैंसों को जब्त किया गया था। वर्मा ने बताया कि ट्रक में जानवरों को अमानवीय तरीके से ठूंस कर रखे जाने के कारण पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश के बाद भैंसों को वापस मालिक को सौंप दिया जाएगा।अधिकारी ने बताया, "उन्हें खिलाने में प्रतिदिन लगभग चार से पांच हजार रुपये का खर्च आता है। मैं यह खर्च वहन कर रहा हूं। हमारे कर्मचारी दिन-रात उनकी देखभाल कर रहे हैं।"
- बरहामपुर (ओडिशा)। सेना से बर्खास्त 34 वर्षीय व्यक्ति को एक महिला से करीब 1.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में ओडिशा के गंजाम जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि आरोपी ने महिला को नौकरी का झांसा देकर उससे ठगी की।उन्होंने बताया कि धाराकोट ब्लॉक के नंदीघर निवासी आरोपी संतोष कुमार सेठी को पिछले साल धोखाधड़ी के दो मामलों में गिरफ्तार किए जाने के बाद सेना से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि जमानत पर बाहर आने के बाद, उसने महिला से अपने सेना में होने का झूठ बोलकर उससे दोस्ती की और उसे सेना के एक कॉलेज में लिपिक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 1.25 लाख रुपये ले लिए। पुलिस अधीक्षक (बरहामपुर) सरवना विवेक एम ने बताया कि आरोपी युवक ने न तो महिला को नौकरी दिलायी और न ही पैसे लौटाए, जिसके बाद महिला ने गोपालपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद जांच शुरू की गई और आरोपी सेठी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि ऐसा संदेह है कि उसने कई और लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनसे धोखाधड़ी की है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को न्याय दिए जाने की कानूनी प्रणाली पर पुनर्विचार और उसमें सुधार करने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि अपराधी विभिन्न क्षेत्रों में वित्त पोषण और संचालन के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रमंडल विधि शिक्षा संघ (सीएलईए)-राष्ट्रमंडल अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल सम्मेलन (सीएएसजीसी) में मोदी ने कहा कि देश पहले से ही हवाई यातायात नियंत्रण और समुद्री यातायात के क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने इस सहयोग को जांच तथा न्याय दिए जाने की प्रक्रिया तक बढ़ाने की पैरवी की। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम एक साथ मिलकर काम करते हैं तो क्षेत्राधिकार न्याय देने का जरिया बन जाता है न कि उसमें देरी करने का।'' उन्होंने कहा कि अपराध की प्रकृति और दायरे में आमूलचूल परिवर्तन देखा गया है। उन्होंने कहा कि कई बार किसी एक देश में न्याय सुनिश्चित करने के लिए दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पड़ती है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि यह सम्मेलन इसे सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि सभी को समय पर न्याय मिले और कोई भी पीछे न छूटे। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी का उदय और साइबर खतरे नयी चुनौतियां पेश कर रहे हैं और ऐसे में न्याय देने की प्रणाली को अधिक लचीला तथा सुगम बनाने की आवश्यकता है। मोदी ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों से 20वीं सदी के तौर-तरीकों के साथ नहीं लड़ा जा सकता है।प्राचीन भारतीय मान्यताओं का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि न्याय स्वतंत्र स्व-शासन के मूल में है और बिना न्याय के राष्ट्र का अस्तित्व संभव नहीं है। अफ्रीकी देशों के बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के अफ्रीकी संघ के साथ खास संबंध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें गर्व है कि भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ जी20 का हिस्सा बना।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि न्याय देने की प्रक्रिया में कानूनी शिक्षा एक अहम उपकरण है और उन्होंने विधि स्कूलों में अधिक महिलाओं के होने पर जोर दिया ताकि कानून प्रणाली में उनकी उपस्थिति बढ़ें। मोदी ने कहा कि दुनिया को युवा विधि प्रतिभाओं की जरूरत है जिनके पास विविध अनुभव हो। उन्होंने कहा कि कानूनी शिक्षा में बदलते वक्त और प्रौद्योगिकी के अनुसार परिवर्तन की आवश्यकता है। इस सम्मेलन की थीम ‘‘न्याय देने की प्रक्रिया में सीमा पार चुनौतियां'' है।यह सम्मेलन कानून और न्याय से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे न्यायिक परिवर्तन और कानूनी अभ्यास के नैतिक आयामों पर विचार-विमर्श करेगा।
- नयी दिल्ली,। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में भर्तियों में सीमावर्ती इलाकों के निवासियों के लिए उपलब्ध फायदे हासिल करने के लिए जाली अधिवास प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल के आरोपों पर शनिवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता और 24 उत्तर परगना जिले में आठ स्थानों पर छापे मारे। सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर पिछले साल अगस्त में इस मामले की जांच संभाली थी। ऐसे आरोप हैं कि सशस्त्र बलों और सीएपीएफ में फर्जी अधिवास प्रमाणपत्रों के जरिए कई अभ्यर्थियों की अवैध भर्ती की गयी। इन प्रमाणपत्रों में उन्हें सीमावर्ती इलाकों का दिखाया गया और इस तरह उन्हें कम कट-ऑफ अंकों पर भी उत्तीर्ण कर दिया गया। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को भी इससे फायदा मिला।अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को गिरोह के सदस्यों के परिसरों पर तलाशी ली गयी जो जाली अधिवास प्रमाणपत्र बनाने में कथित तौर शामिल हैं। न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच के नतीजों पर गौर करने के बाद कहा था कि सशस्त्र बलों में भर्ती में कोई अनियमितता नहीं पायी गयी लेकिन केंद्रीय अर्द्धसैन्य बलों में चार घटनाएं पायी गयी हैं।
- नयी दिल्ली,। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि न्याय के लिए प्रौद्योगिकी एक "शक्तिशाली माध्यम" के रूप में उभरी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रौद्योगिकीय तंत्र को समानता व समावेशिता को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। सीजेआई ने कहा कि न्याय के प्रति साझा प्रतिबद्धता कायम करने के महत्व को पहचानने की आवश्यकता है।‘कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (सीएलईए) - कॉमनवेल्थ अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल सम्मेलन' में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि यह जरूरी है कि कानूनी अधिकारी राजनीति से प्रभावित न हों और कानूनी कार्यवाही की अखंडता सुनिश्चित करते हुए अदालतों में गरिमापूर्ण व्यवहार करें। उन्होंने कहा, "हम परंपरा और नवाचार के चौराहे पर खड़े हैं, प्रौद्योगिकी न्याय के लिए एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभरी है। हालांकि इससे न्याय की गति और पहुंच बढ़ने की उम्मीद की जाती है, लेकिन हमें सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।'' सीजेआई ने कहा, ‘‘भारतीय समाज के भीतर गहरी जड़ें जमा चुके संरचनात्मक और वित्तीय पदानुक्रम मंथन की मांग करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रौद्योगिकी अनजाने में मौजूदा समस्याओं को न बढ़ाए।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सभा को संबोधित किया। सीजेआई ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रौद्योगिकीय तंत्र हमारे सभी हितधारकों की विविध आवश्यकताओं और क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए समानता व समावेशिता के आधार पर तैयार किए जाएं।'' कानूनी व्यवहार में नैतिकता को बनाए रखने में कानून अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कानूनी अधिकारी अदालतों और सरकार के बीच संपर्क के प्राथमिक बिंदु के रूप में कार्य करते हैं। सीजेआई ने कहा, ‘‘कार्यकारी जवाबदेही का एक महत्वपूर्ण पहलू कानूनी अधिकारियों के नैतिक आचरण और जिम्मेदारी पर निर्भर करता है, जो न केवल सरकार के प्रतिनिधियों के रूप में बल्कि अदालत के अधिकारियों के रूप में भी कार्य करते हैं।''
- पुणे। पुणे विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर और पांच छात्रों को रामलीला पर आधारित एक नाटक का मंचन करके धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस नाटक में कथित तौर पर आपत्तिजनक संवाद और दृश्य थे। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों और पुणे विश्वविद्यालय के ललित कला केंद्र के छात्रों के बीच शुक्रवार शाम नाटक के मंचन को लेकर हाथापाई हो गई थी। ललित कला केंद्र का नाटक रामलीला में विभिन्न भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेताओं के मंच के पीछे के मजाक पर आधारित था। पुलिस निरीक्षक अंकुश चिंतामन ने बताया कि एबीवीपी पदाधिकारी हर्षवर्द्धन हरपुडे की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295 (ए) (जानबूझकर और किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दुर्भावनापूर्ण इरादा) और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने ललित कला केंद्र के विभाग प्रमुख आरोपी डॉ. प्रवीण भोले और छात्र भावेश पाटिल, जय पेडनेकर, प्रथमेश सावंत, ऋषिकेश दलवी और यश चिखले को गिरफ्तार कर लिया है। प्राथमिकी के अनुसार, नाटक में सीता का किरदार निभा रहे एक पुरुष कलाकार को सिगरेट पीते और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया था। प्राथमिकी में कहा गया है कि जब एबीवीपी के सदस्यों ने नाटक पर आपत्ति जताई और प्रदर्शन रोक दिया, तो कलाकारों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
- नयी दिल्ली,। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की एक विशेष सीबीआई अदालत ने दादरी में अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) में उपायुक्त (सीमा शुल्क) के पद पर तैनात शशिकांत और उसकी पत्नी को पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के 10 साल से अधिक पुराने मामले में विभिन्न अवधि की जेल की सजा सुनाई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि आरोपी कांत को चार साल की जेल की सजा के साथ-साथ आठ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि उसकीआरोपी पत्नी को दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है और चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अबान एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तक आरोपी नरेंद्र कुमार चुघ और बिचौलिये आरोपी सतीश गुप्ता को भी मामले में दोषी करार दिया गया है। एजेंसी ने 29 नवंबर 2013 को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई के अनुसार, आरोपी चुघ ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी में आईसीडी में सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त की गई अपनी कंपनी के टायरों की खेप को छुड़ाने के लिए आरोपी गुप्ता की मदद ली थी। प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी गुप्ता ने कांत से संपर्क किया, जिन्होंने आरोपी चुघ से पांच लाख रुपये बतौर रिश्वत मांग की। आरोपी चुघ को कांत की पत्नी को नोएडा स्थित आवास पर पांच लाख रुपये रिश्वत देते समय गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने मामले में दो महीने में आरोप-पत्र दायर किया और मुकदमे के दौरान अदालत के समक्ष 31 अभियोजन गवाहों को पेश किया।
- संबलपुर (ओडिशा),। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 68 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। संबलपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) में 400 करोड़ रुपये के स्थायी परिसर के उद्धघाटन के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा, सड़क और रेलवे जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की कई परियोजनाओं का उद्धघाटन किया। मोदी ने वर्ष 2021 में आईआईएम परिसर का शिलान्यास किया था।राज्य में 18 परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद, प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ये परियोजनाएं ओडिशा के युवाओं को फायदा पहुंचाएगी और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी। केंद्र हर क्षेत्र में ओडिशा का समर्थन करती है।'' प्रधानमंत्री ने पुरी-सोनेपुर-पुरी साप्ताहिक एक्सप्रेस को हरी झंडी भी दिखाई, जो क्षेत्र में ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर बनाएगी। इसके अलावा, मोदी ने झारसुगुडा प्रधान डाकघर विरासत भवन को भी राष्ट्र को समर्पित किया। मोदी ने जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा पाइपलाइन परियोजना (जेएचबीडीपीएल) के 412 किलोमीटर लंबे धामरा-अंगुल पाइपलाइन खंड का भी उद्घाटन किया। 'प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा' के तहत लगभग 2,450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह परियोजना ओडिशा को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ेगी। कार्यक्रम में, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, राज्यपाल रघुबर दास और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव तथा बिशेश्वर टुडू भी उपस्थित थे।
- श्रीनगर। श्रीनगर सहित कश्मीर के कई हिस्सों में शनिवार को बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में घाटी में मध्यम से भारी बर्फबारी का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि जहां कश्मीर के ऊपरी क्षेत्रों में तड़के बर्फबारी शुरू हो गई, वहीं दिन चढ़ने के साथ घाटी के मैदानी इलाकों में भी बर्फबारी हुई। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अधिकांश स्थानों पर दिन का तापमान शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। मोटर चालकों को फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है। इस बीच, कल रात भीषण ठंड से राहत मिली, लेकिन न्यूनतम तापमान इस मौसम के सामान्य तापमान से कई डिग्री नीचे रहा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि उत्तरी कश्मीर में गुलमर्ग स्कीइंग रिसॉर्ट में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर में पहलगाम पर्यटक स्थल का तापमान शून्य से नीचे 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किए जाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह न केवल उनका, बल्कि उनके आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है।प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।इस घोषणा के बाद आडवाणी (96) ने कहा कि यह एक व्यक्ति के रूप में न केवल उनका, बल्कि उन आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है, जिनका पालन करने का उन्होंने प्रयास किया।भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा,‘‘आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) में शामिल होने के बाद से जीवन में मुझे जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे निभाते हुए अपने प्रिय देश की समर्पित और निस्वार्थ सेवा करने में ही मुझे खुशी मिली।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भारत रत्न देने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी को हार्दिक धन्यवाद देता हूं।’’इससे पहले, मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारे समय के सबसे सम्मानित नेताओं में शामिल आडवाणी का भारत के विकास में महान योगदान है। उन्होंने अपने जीवन में जमीनी स्तर पर काम करने से शुरुआत कर उप प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना ‘‘मेरे लिए एक बहुत ही भावुक क्षण’’ है।उन्होंने कहा, ‘‘आडवाणी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में दशकों तक सेवा करते हुए पारदर्शिता और अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता जताई और राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया। उन्होंने राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए हैं।’’मोदी ने कहा, ‘‘उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के अनगिनत अवसर मिले।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आडवाणी (96) को यह सम्मान दिया जाएगा।सरकार ने पिछले महीने समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कर्पूरी ठाकुर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की घोषणा की थी।
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नई दिल्ली। राज्यसभा में एक निजी सदस्य विधेयक संविधान (संशोधन) विधेयक, 2022 को आज वापस ले लिया गया। यह प्रस्ताव मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता वी. सिवादासन ने राज्यपालों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली में बदलाव की मांग करते हुए पेश किया था।
गृह राज्यमंत्री अजय कुमार भट्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्यपाल राज्य के लिए एक अभिन्न भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने इस बात पर विस्तार से विचार किया कि राज्यपालों की नियुक्ति कैसे की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यपालों को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर बिना किसी पक्षपात के लोगों की भलाई के लिए काम करना होगा। श्री भट्ट ने कहा कि विधेयक में प्रस्तावित संशोधन देश के संघीय ढांचे के विरूद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ऐसे संशोधन लाने में विश्वास नहीं करती जिससे लोगों को फायदा न हो। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान का सम्मान करने और जीवन में सुगमता के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में विश्वास करती है।चर्चा का उत्तर देते हुए डॉक्टर शिवदासन ने कहा कि राज्यपालों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली को समाप्त किया जाना चाहिए। आज के विधायी कार्य संपन्न होने के बाद राज्यसभा दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। -
गुरुग्राम. हरियाणा में गुरुग्राम के खांडसा सब्जी बाजार में भयंकर आग लगने से लाखों रुपये के टमाटर, आलू, प्याज एवं अन्य सब्जियां जलकर नष्ट हो गयीं जो 20,000 से अधिक पेटियों में रखी थीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार रात सात दुकानों में आग लग गयी जिसकी सूचना मिलने पर पांच से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गयीं जिन्हें आग बुझाने में करीब तीन घंटे लगे। अधिकारियों ने कहा कि आग पर रात 11 बजकर 56 मिनट पर काबू पाया जा सका।अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 20,000 से अधिक पेटियों में रखे टमाटर, आलू, प्याज एवं अन्य सब्जियां जलकर नष्ट हो गयीं जो लाखों रुपये की थीं। उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
दुकानदारों ने पुलिस को की गयी शिकायत में आरोप लगाया कि किसी ने शत्रुता के चलते उनकी दुकानों में आग लगा दी। खांडसा सब्जी बाजार के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण यादव ने बताया कि संदेह है कि एक दुकान में शत्रुता के चलते आग लगायी गयी तथा उसके बाद आसपास की अन्य दुकानों में भी आग लग गयी। उन्होंने बताया कि पुलिस को इस बात की सूचना दे दी गयी है।
यादव के अनुसार, अकेले उनकी दुकान में करीब 17,000 पेटी टमाटर जलकर नष्ट हो गए।
अधिकारी के मुताबिक, इसके अलावा अन्य दुकानदारों की सब्जी से भरी हजारों पेटियां जलकर राख हो गयीं। -
लेह. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख पहली बार खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है जिसका उद्घाटन समारोह शुक्रवार को यहां नवांग दोर्जी स्टोबडेन स्टेडियम में होगा। खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों का पहला हिस्सा यहां छह फरवरी तक होगा जबकि खेलों का दूसरा हिस्सा 21 से 25 फरवरी तक गुलमर्ग, जम्मू एवं कश्मीर में आयोजित किया जाएगा। लद्दाख में आइस हॉकी और स्पीड स्केटिंग स्पर्धाओं का आयोजन होगा। पंद्रह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा दो सार्वजनिक संस्थानों के 344 खिलाड़ी तीन स्थलों में पांच दिन तक चुनौती पेश करेंगे। ये पांच स्थल एनडीएस स्पोर्ट्स स्टेडियम, गुपुक्स पॉन्ड और लद्दाख स्काउट रेजीमेंटल सेंटर रिंक है। जम्मू एवं कश्मीर ने पिछले साल पूरे टूर्नामेंट की मेजबानी की थी और 25 स्वर्ण पदक के साथ टीम चैंपियनशिप जीती थी। महाराष्ट्र (11 स्वर्ण) दूसरे जबकि हिमाचल प्रदेश (10 स्वर्ण) तीसरे स्थान पर रहा था।
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भिंड (मप्र). छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान पवन भदौरिया का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश के भिंड जिले में उनके पैतृक गांव कुपावली में पूरे सम्मान के साथ किया गया। पड़ोसी राज्य के सुकमा जिले में स्थित टेकलगुडेम गांव के पास मंगलवार को नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए। इनमें सीआरपीएफ की विशेष जंगल युद्ध इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन) के दो जवान भी शामिल हैं। मुठभेड़ में 15 अन्य जवान घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि भदौरिया (30) के पार्थिव शरीर को बल की एक टुकड़ी द्वारा कुपावली गांव लाया गया। उन्होंने कहा कि इस मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री ओपीएस भदौरिया सहित बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। शहीद जवान की चिता को उनके चचेरे भाई विकास सिंह ने मुखाग्नि दी। अधिकारियों ने बताया कि भदौरिया के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और तीन साल की बेटी है।












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