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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पड़ोसी देश बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत पर उसके नेता तारिक रहमान से बात की और दोनों देशों के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया। बीएनपी देश में हुए ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में शानदार जीत की ओर अग्रसर है और दो दशकों के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "तारिक रहमान से बात करके मुझे बहुत खुशी हुई। मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनावों में उनकी उल्लेखनीय जीत पर बधाई दी।" उन्होंने लिखा, "मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया। गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध वाले दो घनिष्ठ पड़ोसी देशों के रूप में मैंने दोनों देशों की जनता की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की।" इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में रहमान को उनकी "निर्णायक जीत" पर हार्दिक बधाई दी और कहा कि वह साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं। मोदी ने कहा, "बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने के लिए मैं तारिक रहमान को हार्दिक बधाई देता हूं।" मोदी ने कहा कि रहमान की जीत उनके नेतृत्व में बांग्लादेश का भरोसा दर्शाती है।
मोदी ने कहा, भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा। मैं आपके साथ मिलकर हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।'' इन चुनावों का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि ये चुनाव उथल-पुथल भरे राजनीतिक माहौल, अस्थिरता और नाजुक सुरक्षा स्थिति के बाद हुए थे, जिसमें अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद अल्पसंख्यकों पर व्यापक हमले भी शामिल थे। छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन ने शेख हसीना के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया था। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, बीएनपी ने 300 सीटों वाली संसद में 151 से अधिक सीट जीत ली हैं और उसके आगे और सीटें जीतने की संभावना है। इस्लामाबाद की करीबी माने जाने वाली कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी लगभग 75 सीटों पर आगे चल रही है या जीत रही है। -
नई दिल्ली। आपदा या रणनीतिक जरूरतों के समय यह राहत और बचाव कार्यों के लिए बेहद अहम साबित होगा। यह ढांचा 40 टन तक के फाइटर विमान और 74 टन अधिकतम टेक-ऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट विमान संभाल सकता है।
दोपहर करीब 1 बजे प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का दौरा करेंगे। करीब 3,030 करोड़ रुपए की लागत से बना यह 6-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) पुल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है। यह पूर्वोत्तर का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है और इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर सिर्फ 7 मिनट रह जाएगा। भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग के साथ बेस आइसोलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल लगाए गए हैं। साथ ही ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (बीएचएमएस) भी जोड़ा गया है, जो रियल-टाइम निगरानी और संभावित क्षति का समय रहते पता लगाने में मदद करेगा।दोपहर 1:30 बजे प्रधानमंत्री गुवाहाटी के लाचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, डिजिटल ढांचे को मजबूत करना, उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देना और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना है।कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का भी उद्घाटन किया जाएगा। 8.5 मेगावॉट की स्वीकृत क्षमता और प्रति रैक औसतन 10 किलोवॉट क्षमता वाला यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर विभिन्न सरकारी विभागों के मिशन-क्रिटिकल एप्लीकेशन होस्ट करेगा और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी काम करेगा। यह डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप पूर्वोत्तर की डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और मजबूत आधार देगा।पीएम मोदी भारतीय प्रबंधन संस्थान गुवाहाटी का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में प्रबंधन और उच्च शिक्षा को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इनमें गुवाहाटी में 100, नागपुर में 50, भावनगर में 50 और चंडीगढ़ में 25 बसें शामिल हैं। इस पहल से चार शहरों के 50 लाख से अधिक नागरिकों को स्वच्छ, किफायती और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे शहरी गतिशीलता और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। -
नयी दिल्ली. दूरदर्शन की पूर्व समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का बृहस्पतिवार को यहां निधन हो गया। उनके परिवारिक मित्र शम्मी नारंग ने यह जानकारी दी। माहेश्वरी 71 वर्ष की थीं और 1980 और 1990 के दशक में टीवी समाचार जगत के सबसे जाने-माने चेहरों में से एक थीं। उन्होंने 1976 से 2005 तक दूरदर्शन पर समाचार वाचिका के रूप में कार्य किया था। माहेश्वरी उस दौर में दूरदर्शन की जानी-मानी समाचार वाचिका थीं, जब प्रसारण पूरे दिन में कुछ ही घंटों तक सीमित था। नारंग ने 'एक्स' और इंस्टाग्राम पर इस खबर की जानकारी देते हुए पोस्ट किया।
नारंग ने कहा, ''दूरदर्शन में मेरी पूर्व सह-समाचार प्रस्तोता सरला माहेश्वरी के निधन की जानकारी देते हुए मुझे अत्यंत पीड़ा हो रही है।'' उन्होंने माहेश्वरी को ''शिष्टता और विनम्रता की साक्षात प्रतिमूर्ति'' के रूप में याद किया।
नारंग ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट किया, ''मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि दूरदर्शन में मेरी पूर्व सह-समाचार प्रस्तोता सरला माहेश्वरी का निधन हो गया है... वह न केवल दिखने में सुंदर थीं बल्कि हृदय से भी कहीं अधिक उदार थीं, भाषा पर उनकी अद्भुत पकड़ थी और वह ज्ञान का भंडार थीं।'' उन्होंने कहा, ''दूरदर्शन के पर्दे पर उनकी उपस्थिति का एक विशिष्ट प्रभाव था। वह सभी का सम्मान करती थीं और जिस भी क्षेत्र का हिस्सा होती थीं, उसे एक नयी दिशा देती थीं।''
खबरों के मुताबिक, माहेश्वरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के बाद सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन में काम करना शुरू किया था। तीन दशकों के अपने करियर में माहेश्वरी ने टेलीविजन समाचारों के श्वेत-श्याम से रंगीन प्रसारण में परिवर्तन को देखा। दूरदर्शन नेशनल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''दूरदर्शन परिवार की ओर से श्रीमती सरला माहेश्वरी को भावभीनी श्रद्धांजलि। वह दूरदर्शन की एक सम्मानित और प्रतिष्ठित समाचार वाचिका थीं, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज, सटीक उच्चारण और गरिमामय प्रस्तुति से भारतीय समाचार जगत में एक विशेष स्थान बनाया था। उनकी सादगी, संयम और व्यक्तित्व ने दर्शकों के दिलों में गहरा विश्वास अर्जित किया।'' -
नयी दिल्ली. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की शीर्ष संस्था आईसीएआई ने बृहस्पतिवार को 2026-27 सत्र के लिए प्रसन्न कुमार डी को अपना नया अध्यक्ष निर्वाचित किया। भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, 26वीं परिषद की बैठक में कुमार को अगला अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। इसके अलावा मंगेश पांडुरंग किनारे को नया उपाध्यक्ष चुना गया है। कुमार इससे पहले आईसीएआई के उपाध्यक्ष थे और वह संस्थान के 74वें अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। कुमार वर्ष 1984 में चार्टर्ड अकाउंटेंट बने थे और वह आईसीएआई में विभिन्न दायित्व निभा चुके हैं।
आईसीएआई देश में लेखा पेशे की नियामक (रेगुलेटरी) संस्था है। इसके 15 लाख से अधिक सदस्य और विद्यार्थी हैं। संस्थान का देशभर में पांच क्षेत्रीय परिषदों और 185 शाखाओं का नेटवर्क है। इसके अलावा 54 विदेशी अध्याय और 31 प्रतिनिधि कार्यालय भी हैं। -
नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के आर्थिक विकास में पशु चिकित्सकों की अहम भूमिका है और उन्होंने उनसे पारंपरिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर अपना नजरिया व्यापक करने की अपील की। भागवत ने सह-अस्तित्व की भावना पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्यों, जानवरों और प्रकृति के बीच बेहतर सामंजस्य रहना चाहिए और समाज को इस बात पर गंभीरता से सोचना चाहिए कि संतुलित सह-अस्तित्व कैसे सुनिश्चित किया जाए। भागवत यहां 'इंडियन सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ कैनाइन प्रैक्टिस' और महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य पालन विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संघ प्रमुख ने कहा, ''पहले हम सोचते थे कि पशु चिकित्सक के तौर पर हमारी भूमिका सीमित है। लेकिन हमें अपनी सोच बदलने और अपने लिए एक व्यापक नजरिया और बड़ी भूमिका की कल्पना करने की जरूरत है।'' उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सक सिर्फ पशुओं के विशेषज्ञ ही नहीं हैं, बल्कि समाज में भी अहम हितधारक हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं। आवारा कुत्तों पर उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि इसके समर्थन और विरोध दोनों में बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया देखने को मिली। उन्होंने सुझाव दिया कि विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए वैकल्पिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
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नई दिल्ली। अमेज़न इंडिया ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत कृषि अवशेषों से ऐसे नए पैकेजिंग मटीरियल विकसित किए जाएंगे, जो पारंपरिक लकड़ी आधारित कागज और प्लास्टिक पैकेजिंग का टिकाऊ विकल्प बन सकें। परियोजना का उद्देश्य गैर-लकड़ी आधारित कागज तकनीक विकसित करना है, ताकि कृषि अवशेषों को जलाने के बजाय उपयोग में लाया जा सके और वर्जिन वुड पल्प पर निर्भरता घटाई जा सके। प्रस्तावित पैकेजिंग हल्की, मजबूत, पूरी तरह रीसाइकल योग्य और घरेलू स्तर पर कंपोस्ट की जा सकने वाली होगी।
शोध के तहत गेहूं की पराली और बगास (गन्ने की खोई) जैसे फसल अवशेषों से उच्च गुणवत्ता वाला पल्प तैयार किया जाएगा। इससे ऐसे पेपर मेलर बनाए जाएंगे, जिनकी मजबूती और टिकाऊपन पारंपरिक पैकेजिंग के बराबर हो। यह पहल पराली जलाने की समस्या को कम करने के साथ-साथ आयातित वुड पल्प पर निर्भरता घटाने और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर सृजित करने में सहायक हो सकती है। IIT रुड़की के पेपर एंड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी विभाग के साथ यह परियोजना शुरुआती तौर पर 15 महीनों तक लैब स्तर पर परीक्षण और विकास के चरण में रहेगी। परिणाम सफल रहने पर अमेज़न औद्योगिक परीक्षण, प्रक्रिया सत्यापन और व्यावसायिक उत्पादन को अगले वर्ष के मध्य या अंत तक आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा।अमेज़न इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) अभिनव सिंह ने कहा कि कंपनी भारत का सबसे तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद ऑपरेशंस नेटवर्क तैयार कर रही है और इसे अधिक टिकाऊ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भारत में हर साल करीब 500 मिलियन टन कृषि कचरा उत्पन्न होता है। यदि इसे पैकेजिंग में बदला जाए, तो सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी और पारंपरिक संसाधनों पर निर्भरता घटेगी।IIT रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी अब विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है। यह सहयोग स्वच्छ भारत, स्टार्टअप इंडिया और राष्ट्रीय संसाधन दक्षता नीति जैसे अभियानों के अनुरूप है। कृषि अवशेषों को बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग में बदलकर पराली जलाने और वर्जिन मटीरियल पर निर्भरता जैसी दो बड़ी चुनौतियों से एक साथ निपटा जा सकता है। आईआईटी रुड़की, सहारनपुर कैंपस के पेपर और पैकेजिंग टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की INNOPAP लैब के प्रोफेसर विभोर कुमार रस्तोगी और डॉ. अनुराग कुलश्रेष्ठ इस रिसर्च प्रोजेक्ट का नेतृत्व करेंगे।पैकेजिंग कम करने के प्रयासों के तहत अमेज़न इंडिया देश में 50% से अधिक ऑर्डर या तो मूल पैकेजिंग में या कम पैकेजिंग के साथ भेजता है। कंपनी 300 से अधिक शहरों में प्रोडक्ट पैकेजिंग के माध्यम से डिलीवरी करती है। वर्ष 2019 से अमेज़न इंडिया ने अपने फुलफिलमेंट सेंटर्स में सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया है। ‘द क्लाइमेट प्लेज’ के तहत अमेज़न ने 2040 तक अपने वैश्विक संचालन में नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है। कंपनी कार्बन-मुक्त ऊर्जा में निवेश, पैकेजिंग में नवाचार, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के इलेक्ट्रिफिकेशन, सर्कुलैरिटी में सुधार और AI के उपयोग पर तेजी से काम कर रही है। इसके अलावा, अमेज़न ने 2027 तक भारत में अपने प्रत्यक्ष संचालन में उपयोग होने वाले पानी से अधिक पानी समुदायों को लौटाने का भी संकल्प लिया है। -
नई दिल्ली। भारत के पास अब दुनिया की ग्लोबल जीडीपी के 70% हिस्से तक सीधी पहुंच है और ज्यादातर वैश्विक बाजारों में भारतीय निर्यात पर जीरो ड्यूटी है। यह बयान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को दिया।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले तीन वर्षों में 38 देशों के साथ 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किए हैं। इसमें उच्च आय वर्ग वाले देश भी शामिल हैं। अब दुनिया के अधिकांश विकसित बाजारों तक भारतीय निर्यातकों की सीधी पहुंच बन चुकी है।द्रीय मंत्री ने बताया कि 27 देशों के ब्लॉक यूरोपीय संघ, 4 देशों के ब्लॉक ईएफटीए, यूके, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ भारत ट्रेड डील कर चुका है। इसके अलावा जापान और कोरिया के साथ तथा आसियान देशों के साथ व्यापार समझौते पहले ही संपन्न हो चुके हैं। गोयल ने भारत के मेडटेक सेक्टर से घरेलू बाजार से आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत के व्यापार समझौते दुनिया की 70% जीडीपी तक पहुंच प्रदान करते हैं, जिसका लाभ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सस्ती और स्केलेबल मेडिकल टेक्नोलॉजी भारत के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने में मददगार हो सकती है। साथ ही अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बाजारों में भी अवसर उपलब्ध हैं। मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स को केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वैश्विक मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेना चाहिए। वाणिज्य मंत्रालय प्रतिनिधिमंडलों को पूरा समर्थन देगा और 190 से अधिक देशों में भारत के मिशन नवप्रवर्तकों की सहायता के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने विकसित बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए 100 से अधिक देशों में मौजूद वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग को भी प्रोत्साहित किया।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किफायती और स्केलेबल मेडटेक उत्पाद लागत को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इनोवेशन को भारत की रोजमर्रा की जरूरतों और जमीनी स्तर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए गोयल ने बताया कि कई कंपनियों को सीडीएससीओ की मंजूरी मिल चुकी है और कुछ एफडीए अनुमोदन के करीब हैं, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय विस्तार का रास्ता आसान होगा। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि आत्मनिर्भरता केंद्र सरकार की आर्थिक रणनीति का मुख्य सिद्धांत है और केंद्रीय बजट 2026-27 में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया है।
राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह बजट नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम कदम है। सीतारमण ने कहा कि जीवन को आसान बनाने, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और घरेलू क्रय शक्ति मजबूत करने के लिए किए गए उपाय सरकार की इसी व्यापक सोच का हिस्सा हैं।वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ऐसे दुर्लभ समय, जिसे उन्होंने ‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’ बताया, में पेश किया गया है, जब देश की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और महंगाई दर निचले स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति संयोग से नहीं, बल्कि सरकार के सतत प्रयासों, सावधानीपूर्वक योजना और समय पर लिए गए नीतिगत फैसलों का परिणाम है।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के पहले अग्रिम अनुमान का हवाला देते हुए सीतारमण ने कहा कि 2025-26 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4% अनुमानित है, जबकि नॉमिनल वृद्धि दर लगभग 8% रहने का अनुमान है। मानव पूंजी को मजबूत करने के कदमों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में इस पहल के लिए 1,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी और चिकित्सा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।सीतारमण ने एक उच्च स्तरीय शिक्षा-से-रोजगार और उद्यम स्थायी समिति के गठन की घोषणा भी की। यह समिति 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार के 10% हिस्से पर कब्जा करने के लक्ष्य के अनुरूप युवाओं को तैयार करने पर फोकस करेगी। उन्होंने कहा कि प्राथमिक क्षेत्रों में आईटी, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, पर्यटन और रचनात्मक सेवाएं शामिल होंगी। - नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इंसियो लूला दा सिल्वा भारत के दौरे पर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर वे 19-20 फरवरी को आयोजित एआई इम्पेक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 21 फरवरी को भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसी दिन राष्ट्रपति लूला, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे उपराष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिलेंगे। राष्ट्रपति लूला अपने बिजनेस डेलिगेशन और अधिकारियों के साथ भारत आएंगे। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक तीन दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पेक्ट समिट में भाग लेंगे। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों हॉरिजोन 2047 रोडमैप के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग पर भी विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही मुंबई में भारत-फ्रांस ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’ 2026 का उद्घाटन भी करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, एआई इम्पेक्ट समिट में कई अन्य वैश्विक नेता, नीति निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। समिट का उद्देश्य गवर्नेंस, नवाचार और सतत विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं पर चर्चा करना और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।
- नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था के कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य देखभाल और विनिर्माण सहित पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का योगदान 2035 तक बढ़कर करीब 550 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। वियतनाम टाइम्स की रिपोर्ट में पीडब्ल्यूसी इंडिया की एक स्टडी का हवाला देते हुए भारत में एआई के विकास पर बातचीत की गई है।रिपोर्ट में कहा गया कि पीडब्ल्यूसी इंडिया की एआई एज फॉर विकसित भारत स्टडी को दावोस 2026 में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में पेश किया गया था और इससे भारत की एआई महत्वाकांक्षाओं को एक संरचित और विश्व स्तर पर गूंजने वाला रूप मिला। दावोस मंच से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की एआई रणनीति को दक्षता और विकास से परे लक्ष्यों के साथ आकार दिया जा रहा है और इसमें समावेश, शासन और संस्थागत तत्परता पर विचार किया गया है।स्टडी ने भारत को एक संभावित वैश्विक बेंचमार्क के रूप में स्थापित किया है कि कैसे उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एआई को सार्वजनिक प्रणालियों और रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों में शामिल करते हुए बड़े पैमाने पर तैनात करना चाहिए। रिपोर्ट में एआई को स्केल करने के लिए एक सिस्टम-स्तरीय प्लेबुक के रूप में एक 3ए2आई ढांचे – एक्सेस, स्वीकृति, एसिमिलेशन, कार्यान्वयन और संस्थागतकरण पर प्रकाश डाला गया है। ‘एक्सेस’ डेटा, डिजिटल बुनियादी ढांचे और कुशल प्रतिभा की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है जबकि ‘स्वीकृति’ व्यापक रूप से अपनाने के लिए जनता के विश्वास पर जोर देती है।एसिमिलेशन नियमित रूप से पायलटों से परे वास्तविक वर्कफ़्लो में एआई के एकीकरण को संबोधित करता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “एक बार जब ये नींव स्थापित हो जाती है, तो रूपरेखा बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन और दीर्घकालिक संस्थागतकरण की ओर आगे बढ़ती है।” पीडब्ल्यूसी ने कहा कि भारत बड़े पैमाने पर तैनात एआई से परिचालन उत्कृष्टता, स्थिरता, सुशासन, लचीलापन और वित्तीय अनुशासन की उम्मीद कर सकता है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने हाल ही में औद्योगिक निवेश के लिए मैत्री जैसे एआई-सक्षम प्लेटफार्मों की ओर इशारा किया है, जहां स्वचालन और डेटा-संचालित प्रक्रियाएं व्यापार करने में आसानी बढ़ा रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, “ऊर्जा क्षेत्र में, एआई का उपयोग करने वाले स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम ने बिजली चोरी के मामलों को उच्च सटीकता के साथ चिह्नित किया है, जिससे वित्तीय अनुशासन में सुधार हुआ है, जबकि स्वास्थ्य सेवा में, एआई-संचालित ट्यूबरकुलोसिस का पता लगाने वाले टूल्स ने अधिसूचना दरों में काफी सुधार किया है, रोग निगरानी को मजबूत किया है।”
- नयी दिल्ली। 'इंडिया वन एयर' के विमान के चालक दल ने 10 जनवरी को ओडिशा के राउरकेला के एक खुले मैदान में विमान उतारने की कोशिश की, लेकिन अंतिम प्रयास के दौरान विमान एक पेड़ और बिजली की तार से टकरा गया, जिसके परिणामस्वरूप विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए।वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) ने बताया कि भुवनेश्वर से राउरकेला जा रही उड़ान में चार यात्री सवार थे, इसी दौरान चालक दल को इंजन में खामी पता चली और उसने निकटतम उपयुक्त स्थान पर आपातकालीन लैंडिंग का निर्णय लिया। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुआ 'सेसना ग्रैंड कारवां 208बीईएक्स' विमान रेडाउंड एविएशन लिमिटेड के स्वामित्व वाला था। ओडिशा के राउरकेला के पास 10 जनवरी को हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। एएआईबी ने इस घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई अंतरिम सिफारिश नहीं की है। एएआईबी ने बताया कि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) का डेटा डाउनलोड कर लिया गया है और उसका विश्लेषण किया जा रहा है। उसने कहा कि इंजन को विस्तृत जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान रखरखाव रिकॉर्ड, तकनीकी रिकॉर्ड और विमान से संबंधित सभी प्रासंगिक स्वीकृतियां जांच के लिए प्राप्त कर ली गई हैं।
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नई दिव्वी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी दिल्ली में 10 नए जमाने के एडटेक स्टार्टअप्स के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) राउंडटेबल बैठक की। इस दौरान शिक्षा में एआई के प्रभावी उपयोग और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
बैठक में शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार और जयंत चौधरी भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस चर्चा में अरिविहान, फर्मी एआई, खरे एआई, सीखो, स्पीकएक्स, सुपरकलाम, सुपरनोवा, वेदांतु, कंवेजीनियस और विरोहन जैसे स्टार्टअप्स शामिल हुए। ये कंपनियां स्कूल शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्किल डेवलपमेंट और भाषा सीखने के क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित कर रही हैं।मंत्रालय के मुताबिक, यह पहल विशेष रूप से दूरदराज और संसाधन-वंचित क्षेत्रों के छात्रों के लिए उपयोगी साबित होगी। बैठक आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से पहले आयोजित की गई।शिक्षा मंत्री ने आईआईटी दिल्ली में दो प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया, जिनकी कुल लागत करीब 430 करोड़ रुपए है। पहली परियोजना अकादमिक ब्लॉक-103 की है, जो लगभग 5 लाख वर्ग फुट में बनेगा। यह संस्थान की पहली 10 मंजिला अकादमिक इमारत होगी।इस भवन में 31 क्लासरूम, 150 रिसर्च लैब, 150 फैकल्टी ऑफिस, कॉन्फ्रेंस रूम, कैफेटेरिया और बैंकिंग सुविधाएं होंगी।दूसरी परियोजना गर्ल्स हॉस्टल-50 की है, जो करीब 3.9 लाख वर्ग फुट में विकसित होगा। इसमें 1400 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। कमरों में अलमारी, पढ़ाई की टेबल और चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं होंगी, जबकि भवन में डाइनिंग हॉल भी होगा।दोनों इमारतें पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी। परिसर में सोलर पैनल, वर्षा जल संचयन और हरियाली संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। निर्माण के दौरान एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा।कार्यक्रम में आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी, शिक्षक और छात्र भी उपस्थित रहे। मंत्रालय के अनुसार, सरकार एआई और मजबूत बुनियादी ढांचे के जरिए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। - मुंबई. बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को अज्ञात व्यक्तियों ने व्हाट्सऐप के जरिए धमकी दी है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि सिंह को एक 'वॉयस नोट' के जरिए धमकी मिलने और इसकी सूचना पुलिस को देने के बाद, उनके आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सिंह को यह धमकी शहर में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई गोलीबारी की घटना के कुछ दिनों बाद मिली है। अधिकारी ने कहा कि पुलिस को संदेह है कि जबरन वसूली के उद्देश्य से रणवीर सिंह को दी गई इस धमकी के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू कर दी है।मध्य मुंबई स्थित जिस हाउसिंग सोसाइटी में अभिनेता रहते हैं, वहां मुंबई पुलिस के कर्मियों के अलावा निजी गार्ड भी तैनात किए गए हैं। मंगलवार को सोसाइटी की प्रबंध समिति ने पुलिस से संपर्क किया और इन गार्डों की तैनाती पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एक पत्र में कहा, "चूंकि ये सशस्त्र गार्ड लॉबी, जिम और बच्चों के खेलने के क्षेत्र जैसे सामान्य स्थानों पर हथियारों के साथ बार-बार घूम रहे हैं, इससे सोसाइटी की प्रबंध समिति को अन्य निवासियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो रही है।" हाल में, एक अज्ञात शूटर ने जुहू स्थित फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के आवास पर पांच गोलियां चलाई थी। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य शुभम लोनकर ने कथित तौर पर उस गोलीबारी की जिम्मेदारी ली थी। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सीबीआई और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) से एनआईए, ईडी और बैंकों जैसी अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर एक संयुक्त प्रणाली विकसित करने को कहा। इसका उद्देश्य एक "समन्वित और अत्यंत सुरक्षित तंत्र" तैयार करना है, ताकि नयी तकनीकों का इस्तेमाल कर अपराध करने वाले साइबर अपराधियों से ''दो कदम आगे'' रहा जा सके। देश में साइबर अपराधों की गंभीरता को रेखांकित करते हुए, गृह मंत्री ने कहा कि भारत के डिजिटल लेन-देन की मात्रा और हिस्सेदारी को देखते हुए, साइबर अपराध का परिदृश्य चिंताजनक प्रतीत होता है, जिसमें औसतन हर 37 सेकंड में एक व्यक्ति शिकार बन रहा है, और हर घंटे 100 लोग इसका शिकार बन रहे हैं। शाह ने कहा कि सरकार ने साइबर धोखाधड़ी की 361,000 शिकायतों के माध्यम से 8,189 करोड़ रुपये को सुरक्षित करने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि अनुमान के मुताबिक, धोखाधड़ी की कुल राशि लगभग 20,000 करोड़ रुपये थी, जिसमें से एजेंसियों ने 8,189 करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं या पीड़ितों को वापस कर दिए हैं। गृह मंत्री ने कहा, "साइबर सुरक्षा अब आर्थिक सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब यह राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग बन गई है। अगर हमने पर्याप्त कदम नहीं उठाए होते तो साइबर धोखाधड़ी एक राष्ट्रीय संकट बन गई होती।" शाह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और गृह मंत्रालय की साइबर अपराध रोधी इकाई, आई4सी द्वारा 'साइबर-आधारित धोखाधड़ी से निपटने और पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने' पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने राज्य पुलिस से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए साइबर अपराध रिपोर्टिंग कॉल सेंटर 1930 के प्रबंधन के लिए पर्याप्त कर्मी तैनात करने को कहा ताकि इसमें शामिल राशि को बचाया जा सके। गृह मंत्री ने कहा, "यदि किसी पीड़ित के फोन का जवाब कई बार घंटी बजने के बाद भी नहीं मिलता है, तब तक उनका पैसा जा चुका होता है। यह कॉल सेंटर 1930 की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।" शाह ने कहा कि सभी निजी, सार्वजनिक और सहकारी बैंकों को साइबर अपराधियों द्वारा धन शोधन से निपटने के लिए भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ''म्यूल अकाउंट हंटर सॉफ्टवेयर'' को तुरंत अपनाना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, 181 अरब से अधिक यूपीआई लेन-देन और 57 करोड़ जन धन खातों के साथ, भारत तेजी से साइबर सफल समाज बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "इन लेन-देन को सुरक्षित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"शाह ने सीबीआई की एक नयी साइबर अपराध शाखा का भी उद्घाटन किया और सीबीआई अधिकारियों को पदक प्रदान करने के अलावा, आई4सी के एक राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र (एस4सी) डैशबोर्ड को भी शुरू किया। सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद ने कहा कि साइबर अपराध के केंद्र जामताड़ा, मेवात और भरतपुर से कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमा में स्थानांतरित हो गए हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए मंगलवार को कहा कि कभी माओवादी हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला यह इलाका अब विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास की पहचान बन रहा है। प्रधानमंत्री ने सात से नौ फरवरी के बीच आयोजित 'बस्तर पंडुम' के विशेष उत्सव की भी सराहना की।
मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा।'' उन्होंने कहा, ''इस प्रयास से जुड़े सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।'' उन्होंने कहा, ''आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।'' -
बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने मंगलवार को कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम एक जन-केंद्रित और अनुप्रयोग-उन्मुखी पहल के रूप में परिकल्पित किया गया है और यह प्रतिस्पर्धा के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित है। देश की अंतरिक्ष यात्रा के छह दशक को रेखांकित करते हुए नारायणन ने कहा कि इस कार्यक्रम ने विश्व स्तर पर सम्मान हासिल किया है और यह न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी सेवा करता है, जिसमें सहयोग इसका मूल सिद्धांत है। इसरो प्रमुख ने अमेरिका-भारत 'स्पेस बिजनेस फोरम' के उद्घाटन समारोह में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में अमेरिका के योगदान को रेखांकित किया। देश में अंतरिक्ष संबंधी कार्य स्वतंत्रता के 15 वर्ष बाद यानी 1962 में शुरू हुए और भारत द्वारा प्रक्षेपित किया गया पहला रॉकेट अमेरिका में निर्मित था और नासा ने इसकी आपूर्ति की थी। नारायणन ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय अंतरिक्ष मिशन मुख्य रूप से आम लोगों के लाभ के लिए है।
अंतरिक्ष विभाग के सचिव नारायणन ने कहा, ''भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम किसी से प्रतिस्पर्धा करने के लिए नहीं, बल्कि भारत के आम आदमी के लाभ के लिए उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी लाने के लिए शुरू किया गया था।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कार्यक्रम का दृष्टिकोण समय के साथ-साथ वैश्विक जरूरतों को पूरा करने के लिए विस्तृत हुआ है, साथ ही यह मानव-केंद्रित भी बना हुआ है। उन्होंने कहा, ''आज, हमारा दृढ़ता से मानना है कि यह कार्यक्रम न केवल भारत के आम आदमी के लिए है, बल्कि वैश्विक समुदाय की भी सेवा करता है और यह एक मानव-केंद्रित, अनुप्रयोग-उन्मुखी कार्यक्रम है।'' उन्होंने अंतरिक्ष अन्वेषण और वाणिज्य के क्षेत्र में गहन अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का आह्वान किया।
अमेरिकी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के दिग्गजों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह मंच अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तालमेल का प्रतीक है। नारायणन ने कहा, ''इस तरह का कार्यक्रम सहयोगात्मक होना चाहिए। एक अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक कार्यक्रम। इसी संदर्भ में अमेरिका-भारत 'स्पेस बिजनेस फोरम' अमेरिका से लगभग 14 व्यापारिक साझेदारों को लाया है।'' हाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए नारायणन ने चंद्रयान मिशन, निसार उपग्रह और वाणिज्यिक प्रक्षेपण जैसी संयुक्त उपलब्धियों को रेखांकित किया और कहा कि यह सहयोग एक समान साझेदारी में तब्दील हो गया है। उन्होंने कहा, ''इस मिशन ने भारत और अमेरिका के बीच सिर्फ सहयोग नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग का भी विश्व में प्रदर्शन किया और एक मजबूत जुड़ाव को दर्शाया।'' भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए, इसरो अध्यक्ष ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5, मंगल और शुक्र मिशन, भू अवलोकन और दिशा सूचक उपग्रह समूहों का विस्तार तथा गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने 2028 तक अपने पहले अंतरिक्ष स्टेशन मॉड्यूल को लॉन्च करने और 2035 तक पूरी तरह से चालू बहु-मॉड्यूल भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही यह 2040 तक मानव को चंद्र मिशन के तहत चंद्रमा पर भेजने की दिशा में भी काम कर रहा है। नारायणन ने कहा कि इसरो पहले से ही 30,000 किलोग्राम की 'एलईओ' क्षमता वाले अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यानों पर काम कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2040 तक मानव चंद्र मिशन को पूरा करने के लिए निरंतर तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से कई गुना विस्तार की आवश्यकता होगी। -
मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के खप्परपुर गांव में मंगलवार को एक दंपति और उनके तीन नाबालिग बच्चे अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि उन्हें संदेह है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है।
पुलिस को परिवार के मुखिया द्वारा बनाया गया एक वीडियो और दीवार पर लिखे संदेश के अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट और वीडियो की सामग्री के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान किसान मनीष कुमार (35), उनकी 32 वर्षीय पत्नी तथा उनके तीन नाबालिग बच्चों - दो बेटियों और एक बेटे के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ''वे अपने घर के एक कमरे में मृत पाए गए।'' पुलिस ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी मनीष कुमार के भाई से मिली। पुलिस के मुताबिक जब बच्चे सुबह खेलने के लिए बाहर नहीं आए, तो मनीष का भाई कुछ ग्रामीणों के साथ दीवार फांदकर घर के अंदर गया और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा, जहां उसने अपने परिवार के सदस्यों को मृत पाया। एसएसपी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। -
सोमनाथ (गुजरात). गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में इस सप्ताहांत महाशिवरात्रि उत्सव के दौरान लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पिछले महीने आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल देखा गया है। विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि उत्सव के लिए तैयारियां जोरों पर हैं।
गिर सोमनाथ के जिलाधिकारी एन. वी. उपाध्याय ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि इस वर्ष अपेक्षित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम कर रहे हैं। जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले दर्ज हमले के 1,000 साल पूरे होने पर आठ से 11 जनवरी तक 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया गया। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हिस्सा लिया था। उपाध्याय ने कहा, '''सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। सामान्य दिनों में लगभग 20,000 श्रद्धालु मंदिर आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन लगभग 75,000 हो गई है। आगामी महाशिवरात्रि पर्व के मुख्य दिन 15 फरवरी को इस तीर्थ स्थल पर लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। -
नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मैक्रों भारत आ रहे हैं। इस दौरे के दौरान वे भारत-एआई इम्पेक्ट समिट 2026 में भी हिस्सा लेंगे।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ‘हॉरिजोन 2047 रोडमैप’ के तहत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही दोनों नेता आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग भी शामिल रहेगा।दोनों नेता मुंबई में भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम वर्ष 2026 के दौरान भारत और फ्रांस दोनों देशों में मनाया जाएगा और इसका उद्देश्य इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देना है।राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित भारत-एआई इम्पेक्ट समिट में भाग लेंगे। यह समिट 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वैश्विक समिट का उद्घाटन करेंगे।भारत-एआई इम्पेक्ट समिट को ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला एआई समिट बताया जा रहा है। इसमें दुनियाभर के देशों से नेता, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के विकास सफर, गवर्नेंस को मजबूत करने और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह समावेशी विकास को समर्थन देता है और 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।भारत की भाषायी और सांस्कृतिक विविधता देश को बहुभाषी और मल्टी-मॉडल एआई सिस्टम विकसित करने के लिए एक अनुकूल मंच प्रदान करती है। समिट में गवर्नेंस, नवाचार और सतत विकास के लिए एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर गहन चर्चा होगी।यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के हालिया फ्रांस दौरे के बाद हो रहा है और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में गहराते आपसी विश्वास और सहयोग को दर्शाता है। दोनों देश शांति, तकनीक और वैश्विक स्थिरता के क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। -
नयी दिल्ली. गृह मंत्रालय (एमएचए) ने उच्चतम न्यायालय को अवगत कराया है कि ''डिजिटल अरेस्ट'' की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रणालीगत खामियों को दूर करने और साइबर अपराध के पीड़ितों की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समिति (आईडीसी) का गठन किया गया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व वाली एक पीठ ने 16 दिसंबर, 2025 को इस मुद्दे पर अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी के मार्गदर्शन में अंतर-विभागीय मंत्रालयी परामर्श करने का निर्देश दिया था और इसके परिणाम से अवगत कराने को कहा था। पीठ ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष एक दिसंबर को जारी किए गए निर्देशों के साथ-साथ न्यायमित्र द्वारा की गई सिफारिशों पर भी संबंधित पक्षों द्वारा विचार किया जाना चाहिए।
गृह मंत्रालय द्वारा 12 जनवरी को दाखिल स्थिति रिपोर्ट में बताया गया कि भोलेभाले नागरिकों से धन की ठगी के लिए जाली दस्तावेजों और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे हथकंडों का इस्तेमाल करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के खात्मे के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), रिजर्व बैंक, दूरसंचार विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रमुख मंत्रालयों की भागीदारी के साथ एक बहु-एजेंसी अभियान चलाया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीठ के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने दिल्ली के एक हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले की जांच आधिकारिक रूप से अपने हाथ में ले ली है, जिसमें 76 साल की एक पेंशनर से कथित तौर पर "डिजिटल अरेस्ट" धोखाधड़ी के जरिये 1.64 करोड़ रुपये ठग लिये गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि फर्जी लोगों ने उसे जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धमकाया था। सीबीआई ने अदालत को बताया कि इस तरह की ठगी अक्सर 'संगठित और अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोहों' द्वारा की जाती है और एजेंसी अब अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल के खात्मे के लिए इंटरपोल के माध्यमों का उपयोग कर रही है। गृह मंत्रालय ने आंतरिक सुरक्षा के विशेष सचिव की अध्यक्षता में एक अंतर-विभागीय समिति (आईडीसी) का गठन किया है। समिति में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), विदेश मंत्रालय तथा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि समिति को विधायी खामियों की पहचान करने, सुधारात्मक उपाय सुझाने और बैंकिंग एवं दूरसंचार क्षेत्रों में 'समयबद्ध अनुपालन' सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है।
इसमें कहा गया है कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 'स्पूफ्ड कॉल' (विदेश से की गई ऐसी कॉल जो भारतीय नंबर के रूप में दिखाई देती हैं) पर अंकुश लगाने में उल्लेखनीय प्रगति की जानकारी दी। नव-प्रवर्तित सेंट्रल इंटरनेशनल आउट रोमर (सीआईओआर) तंत्र के माध्यम से सरकार ने अकेले अक्टूबर 2024 में लगभग 1.35 करोड़ 'स्पूफ्ड कॉल' को ब्लॉक किया, जिससे वर्तमान में इनकी संख्या घटकर करीब 1.5 लाख रह गई है। उसने कहा कि इसके अलावा, डीओटी ने बताया कि वह दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत नियमों को अंतिम रूप दे रहा है, ताकि प्वाइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) एजेंटों द्वारा सिम कार्ड जारी करने में लापरवाही, प्रति व्यक्ति नौ सिम की सीमा के अनुपालन तथा धोखेबाजों द्वारा उपयोग किए जाने वाले 'सिम बॉक्स' के नियमन से निपटा जा सके। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आईडीसी को बताया कि 23 बैंकों ने पहले ही 'म्यूलहंटर एआई' लागू कर दिया है, जो अपराधियों द्वारा चोरी की गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 'म्यूल खातों' की पहचान करने का एक विशेष उपकरण है। समिति ने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े प्रमुख सुधारों पर भी चर्चा की। इसमें धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 12एए के तहत, रकम के स्थानांतरित होने से पहले ठगी गई राशि को अग्रिम रूप से फ्रीज करने का भी उल्लेख किया गया। इसके साथ ही, बैंकों द्वारा निष्क्रिय खातों की पहचान और उन्हें बंद करने के लिए एकरूप दिशानिर्देश सुनिश्चित करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने पर भी चर्चा हुई। न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता एन. एस. नप्पिनई ने पीड़ित राहत में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव रखा है और सुझाव दिया है कि सभी मामलों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज किए बिना, पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और क्षतिपूर्ति बाण्ड के आधार पर 'फ्रीज' की गई राशि पीड़ितों को जारी की जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे मंच अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल की अवधि सीमित करें, ताकि लंबे समय तक दबाव बनाकर की जाने वाली ठगी को रोका जा सके। सरकार ने सभी हितधारकों से प्राप्त सुझावों को एकत्रित करने के लिए उच्चतम न्यायालय से एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है।
समिति का अगला जोर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 46 के तहत 'न्यायनिर्णयन तंत्र' को सुदृढ़ करने और साइबर अपराधों के अधिनिर्णय के लिए एक राष्ट्रीय ऑनलाइन पोर्टल को अंतिम रूप देने पर होगा। स्थिति रिपोर्ट में गृह मंत्रालय ने कहा, ''उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, यह विनम्रतापूर्वक प्रार्थना की जाती है कि यह माननीय न्यायालय प्रतिवादियों को कम से कम एक माह की अवधि प्रदान करने की कृपा करे, ताकि अंतर-विभागीय समिति के शेष सदस्यों से सुझाव प्राप्त किए जा सकें और उन पर आगे विचार-विमर्श करके एक समेकित और सुविचारित परिणाम इस माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।'' -
नयी दिल्ली. मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात कर दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने रामगुलाम से कहा कि वह अगले सप्ताह 'एआई इम्पैक्ट' सम्मेलन के लिए भारत में उनका स्वागत करने को लेकर उत्सुक हैं। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "अपने मित्र प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से फोन पर बात कर बहुत खुशी हुई। हमने पिछले वर्ष वाराणसी में हुई हमारी यादगार मुलाकात के बाद से भारत और मॉरीशस के बीच व्यापक सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की।" मोदी ने कहा कि उन्होंने और रामगुलाम ने दोनों देशों को जोड़ने वाले विशेष, ऐतिहासिक व जन-केंद्रित संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी ने कहा, "भारत और मॉरीशस हिंद महासागर क्षेत्र में शांति व स्थिरता के साझा उद्देश्यों को हासिल करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"
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नयी दिल्ली. नीति आयोग के एक अध्ययन में सोमवार को कहा गया कि भारत को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने और 2070 तक 'शुद्ध शून्य' उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए कुल 22.7 लाख करोड़ डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी। 'विकसित भारत और शुद्ध शून्य की ओर परिदृश्य : एक अवलोकन' शीर्षक वाली नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, इस कुल आवश्यकता का वार्षिक औसत लगभग 500 अरब डॉलर है। इसकी तुलना में 2024 में वास्तविक वार्षिक निवेश लगभग 135 अरब डॉलर रहा, जिसमें से केवल 70-80 अरब डॉलर ही इस समय स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि कुल राशि में से लगभग आठ लाख करोड़ डॉलर का निवेश 2050 तक पहले करना होगा, जिसमें बिजली क्षेत्र में लगभग पांच लाख करोड़ डॉलर का निवेश शामिल हैं। अध्ययन के अनुसार, घरेलू और बाहरी सुधारों के साथ भारत 2070 तक अपने शुद्ध शून्य लक्ष्य के लिए लगभग 16.2 लाख करोड़ डॉलर जुटा सकता है। घरेलू स्तर पर इसके लिए कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत करने, घरेलू बचत के वित्तीयकरण को बढ़ाने और संस्थागत निवेशकों को नए क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है। बाहरी स्तर पर, एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेश) की भागीदारी बढ़ाने से विदेशी पूंजी का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित होगा।
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नयी दिल्ली. भारत और यूनान ने सोमवार को रक्षा औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जो साझेदारी को बढ़ाने के लिए पांच वर्षीय रोडमैप विकसित करने की दिशा में एक प्रारंभिक कदम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हेलेनिक गणराज्य के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास के बीच यहां मानेकशॉ सेंटर में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद यह समझौता हुआ। बाद में 'एक्स' पर एक पोस्ट में राजनाथ सिंह ने यूनान की उस घोषणा का भी स्वागत किया, जिसमें कहा गया है कि दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए यूनान का एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी गुरुग्राम स्थित 'इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन' (आईएफसी-आईओआर) में तैनात किया जाएगा। सिंह ने कहा, "आज नयी दिल्ली में हेलेनिक गणराज्य के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास से मिलकर खुशी हुई। भारत और यूनान ने द्विपक्षीय रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए और वर्ष 2026 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान किया।" उन्होंने लिखा, "मैं यूनान के एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी को गुरुग्राम में स्थित 'इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन' (आईएफसी-आईओआर) में तैनात करने की घोषणा का स्वागत करता हूं, जिससे दोनों राष्ट्रों के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।" बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने दोहराया कि भारत-यूनान रणनीतिक साझेदारी "शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता व आपसी सम्मान के साझा मूल्यों" पर आधारित है। बैठक से पहले यूनान के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मानेकशॉ सेंटर में 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण भी किया।
अपने प्रवास के दौरान हेलेनिक प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु में प्रमुख रक्षा एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया और नयी दिल्ली में डीपीएसयू, रक्षा उद्योग तथा स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों से बातचीत की। बयान में कहा गया, "यह यात्रा भारत और हेलेनिक गणराज्य के बीच रणनीतिक साझेदारी की पुनः पुष्टि करती है, जो दोनों देशों और उनके लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे गर्मजोशीपूर्ण और निकट संबंधों पर आधारित है। - जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए रविवार को तीर्थयात्रियों के लिए बीमा कवर को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति करने को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। यह निर्णय जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में लिया गया।प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड ने पिछली बैठक के बाद की गई कार्रवाइयों की समीक्षा कर उन्हें अनुमोदित किया। उन्होंने बताया कि बोर्ड की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने तथा तीर्थयात्रा सेवाओं में सुधार के उद्देश्य से 25 एजेंडा बिंदुओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, जिनमें भवन (मंदिर परिसर) में निकास मार्ग का निर्माण, सांझीछत से भवन तक यात्रा मार्ग का चौड़ीकरण, ढलान स्थिरीकरण कार्य, कटरा में श्री शंकराचार्य मंदिर और संबंधित सुविधाओं का निर्माण और जम्मू के चैतन्य आश्रम में दिव्यांगजनों के लिए विद्यालय का निर्माण शामिल है। प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड ने गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करते हुए समयसीमा का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। हट्ट गांव में नवनिर्मित हेलीपैड के संबंध में बोर्ड ने यह मंजूरी दी कि संशोधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद वह तीर्थयात्रा के बुनियादी ढांचे के विकास और उन्नयन के लिए श्राइन अधिनियम के तहत श्री शिव खोरी श्राइन बोर्ड को एकमुश्त वित्तीय अनुदान प्रदान करेगा। प्रवक्ता ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए दोनों तीर्थस्थलों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं एक ही हेलीपैड से संचालित की जाएंगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्राइन बोर्ड को कटरा शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता और हरियाली को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने का निर्देश दिया।
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मुंबई. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को धर्मांतरण, घुसपैठ और कम जन्म दर को जनसंख्या असंतुलन के लिए जिम्मेदार तीन प्रमुख कारक बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध "एक परिवार में तीन बच्चे पैदा करने" का सुझाव देते हैं, जो हालांकि पसंद का मामला है। भागवत ने लोगों का धर्मांतरण कराने और किसी संप्रदाय की आबादी बढ़ाने के लिए बल, प्रलोभन और छल का सहारा लिए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने मूल धर्म में लौटना चाहते हैं, उनके लिए "घर वापसी" ही एकमात्र उपाय है। घुसपैठ से जुड़े एक सवाल पर संघ प्रमुख ने कहा कि आरएसएस कार्यकर्ता भाषा के जरिये संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान करते हैं और उनकी सूचना अधिकारियों को देते हैं। भागवत आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल लोगों के साथ एक संवाद सत्र के दौरान सवालों के जवाब दे रहे थे। जनसंख्या असंतुलन पर आरएसएस प्रमुख ने कहा, "इसके तीन प्रमुख कारण हैं; पहला-धर्मांतरण। हालांकि, धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी है, लेकिन लोगों का धर्म बदलवाने और किसी संप्रदाय की आबादी बढ़ाने के लिए बल, प्रलोभन या छल का सहारा लिया जाना पूरी तरह से निंदनीय है।" उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता को रेखांकित करने के लिए कवि नारायण वामन तिलक का उदाहरण दिया।
भागवत ने कहा कि जो लोग अपने मूल धर्म में लौटना चाहते हैं, हम उनके लिए रास्ता बनाते हैं और ऐसे लोगों के लिए "घर वापसी" ही एकमात्र उपाय है। संघ प्रमुख ने कहा, "दूसरा कारण घुसपैठ है, जिसके लिए सरकार को बड़े पैमाने पर काम करने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान और निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो अभी धीमी गति से चल रही है, लेकिन इसमें तेजी आएगी। भागवत ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास का हवाला दिया, जिसके तहत कुछ व्यक्तियों को गैर-नागरिक के रूप में पहचाना गया है और उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। भागवत ने कहा, "आरएसएस कार्यकर्ताओं ने भी भाषा के माध्यम से संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान की है और उनके बारे में अधिकारियों को सूचना दी है।" उन्होंने कहा कि मुस्लिम सहित भारतीय नागरिकों को रोजगार दिया जाएगा, लेकिन विदेशियों को नहीं। भागवत ने कहा कि जनसंख्या असंतुलन का तीसरा कारण कम जन्म दर है।
एक सवाल के जवाब में संघ प्रमुख ने कहा कि डॉक्टरों ने सलाह दी है कि 19 से 25 साल की उम्र के बीच शादी और तीन बच्चों का जन्म माता-पिता और बच्चों, दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक होता है, जबकि मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि तीन बच्चे 'मैं' की भावना से निपटने में मदद करते हैं और दीर्घकालिक रूप से एक स्थिर पारिवारिक जीवन सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि जब प्रजनन दर 2.3 से नीचे गिर जाती है, तो आबादी खतरे में पड़ जाती है और उस स्तर पर किसी देश को पतन की ओर बढ़ता माना जाता है। भागवत ने कहा, "अब हमारी जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 से नीचे चली गई है और बिहार जैसे राज्यों की वजह से ही हम बच पा रहे हैं।" भारत की जनसंख्या नीति का जिक्र करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि निर्धारित प्रजनन अनुपात 2.1 को अगर पूर्णांक में बदला जाए, तो इसका मतलब प्रभावी रूप से तीन बच्चे होते हैं। उन्होंने कहा, "हर तरह के वैज्ञानिक शोध सुझाव देते हैं कि एक परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए। हालांकि, यह पुरुषों, महिलाओं और परिवारों के लिए पसंद का मामला बना हुआ है और इस पर एक व्यापक सामाजिक मुद्दे के रूप में विचार किया जाना चाहिए।" भागवत ने अंग्रेजी पुस्तक 'चीपर बाय द डजन' का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि एक से अधिक बच्चों का पालन-पोषण करना कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है। अमेरिका में 12 बच्चों के पालन-पोषण के बारे में लेखक के व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पुस्तक में तर्क दिया गया है कि अधिक बच्चे पैदा करना किफायती हो सकता है और इस पर आधारित एक फिल्म भी बनाई गई है। भागवत ने कहा कि शादी सिर्फ दो लोगों के बीच शारीरिक संबंध के बारे में नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी संस्था है, जिसका मकसद परिवार का निर्माण करना है, जो समाज का हिस्सा बनता है। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई जिम्मेदारी लिए बिना शादी कर ले।
भागवत ने कहा कि शादी न करना आरएसएस स्वयंसेवकों के लिए व्यक्तिगत निर्णय का मामला है, लेकिन पारिवारिक जीवन में ऐसे कर्तव्य और रिश्ते शामिल होते हैं, जिन्हें बनाए रखना आवश्यक होता है। संघ प्रमुख ने घुसपैठ के मुद्दे पर कहा कि भारतीय नागरिकों, जिनमें मुस्लिम भी शामिल हैं, को रोजगार दिया जाएगा, लेकिन विदेशियों को नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अच्छे वेतन की चाह में काफी हद तक छोटे-मोटे कामों से दूर हो गया है, जिससे घुसपैठियों को ऐसे काम करने का अवसर मिल रहा है। भागवत ने कहा, "हम किसी की नौकरी नहीं छीनना चाहते, लेकिन पहले हमारे लोगों को नौकरी मिलनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार में उन नागरिकों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जो हिंदू नहीं हैं। रोजगार और प्रौद्योगिकी का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि भारत की आबादी बहुत ज्यादा है और उसे ऐसी प्रौद्योगिकियों की जरूरत है, जो अधिक रोजगार सृजन करें। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल इस तरह से किया जाना चाहिए कि रोजगार के अवसर तैयार हों। भागवत ने बड़े पैमाने पर उत्पादन के बजाय "जनता द्वारा उत्पादन" का आह्वान किया।
उन्होंने समाज में असंतोष से बचने के लिए रोजगार सृजन की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि खाली दिमाग नक्सलवाद, शहरी हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का कारण बन सकता है। भागवत ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आर्थिक स्थिति का उपयुक्त संकेतक नहीं है, क्योंकि यह केवल मूर्त और मापने योग्य गतिविधियों को ही मापता है। महिलाओं की ओर से किए जाने वाले अवैतनिक घरेलू कार्यों का उदाहरण देते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि ऐसे योगदान जीडीपी आंकड़ों में परिलक्षित नहीं होते हैं। उन्होंने मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों तरह के उत्पादन का आह्वान किया और कहा कि जीडीपी आंकड़े चाहे जो भी हों, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होगा। बांग्लादेश की हिंदू आबादी का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि एकजुटता उन्हें स्थानीय राजनीति को प्रभावित करने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में हिंदुओं ने भागने के बजाय एकजुट होकर प्रतिरोध करने का विकल्प चुना है। आरएसएस अपनी सीमित क्षमता के भीतर उनके हित के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।" भागवत ने कहा कि देश को तोड़ने की कोशिश करने वाली ताकतें खुद ही विघटित हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत ऐसी चालों का शिकार नहीं बनेगा। साल 2047 तक देश के विभाजन के खतरे के बारे में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए भागवत ने कहा, "लोगों को तब तक 'अखंड भारत' की कल्पना करनी चाहिए।"



























