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- पुणे। राष्ट्रपति एवं सेना की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बल चिकित्सा कॉलेज (एएफएमसी) को शुक्रवार को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ (राष्ट्रपति का निशान) से सम्मानित किया और सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा में महिला अधिकारियों की भूमिका को सराहा।पुणे स्थित एएफएमसी को उसके 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह पुरस्कार दिया गया।‘राष्ट्रपति का निशान’ किसी सैन्य इकाई को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। सशस्त्र बलों में शामिल हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख पुजारियों ने अभिषेक संबंधी अनुष्ठान किया जिसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने एएफएमसी को राष्ट्रपति का निशान प्रदान किया।इस कार्यक्रम में केंद्र एवं महाराष्ट्र सरकारों और सशस्त्र बलों के गणमान्य व्यक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने सभा को संबोधित करते हुए सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं में, खासकर कोविड महामारी के दौरान संस्थान की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं में महिला अधिकारियों की भूमिका की भी सराहना की और अन्य महिलाओं से उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता शुक्रवार को भी ‘बेहद खराब श्रेणी’ में रही, जबकि शहर का न्यूनतम तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे शहर की सापेक्षिक आर्द्रता 100 प्रतिशत थी।मौसम विभाग ने एक से पांच दिसंबर तक हल्के से मध्यम कोहरा छाये रहने की संभावना व्यक्त की है।शुक्रवार को सुबह 11 बजे शहर की वायु गुणवत्ता 380 दर्ज की गई। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच एक्यूआई को ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब‘, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ तथा 401 और 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
- बेंगलुरु। बेंगलुरु स्थित कम से कम 15 निजी विद्यालयों को शुक्रवार को सुबह एक ई-मेल मिला जिसमें विद्यालय परिसरों में बम होने का दावा किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह ई-मेल मिलने के बाद स्कूल के कर्मचारी और छात्रों के अभिभावक बेहद घबरा गए।पुलिस ने बताया कि स्कूल प्राधिकारियों ने पुलिस को तत्काल इसकी जानकारी दी जिसके बाद वह बम निरोधक दस्ते और तोड़फोड़ रोधी जांच दल के साथ संबंधित संस्थानों में पहुंची।उसने बताया कि छात्रों और कर्मचारियों को स्कूल परिसरों से तुरंत बाहर निकाल लिया गया और अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।छात्रों के माता-पिता को घटना के बारे में जैसे ही पता चला, वे बेहद घबरा गए और अपने बच्चों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए स्कूल भागे।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ईमेल में दावा किया गया है कि स्कूल परिसरों में विस्फोटक रखे गए हैं। हमें कमान केंद्र से एक फोन कॉल आया और हमने अपने दलों को शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित विद्यालयों में भेजा। स्कूल परिसरों से सभी छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।’’उन्होंने कहा कि अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है और प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि यह एक फर्जी संदेश है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पुलिस दल मौके पर तैनात हैं।पुलिस ने बताया कि पिछले साल भी कुछ शरारती तत्वों ने बेंगलुरु के विद्यालयों में बम होने का दावा करते हुए इसी प्रकार के ईमेल भेजे थे, जो बाद में एक अफवाह साबित हुए।कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने उन विद्यालयों में से एक स्कूल का दौरा किया जहां बम होने का दावा किया गया है। उन्होंने स्कूल और पुलिस से स्थिति की जानकारी ली।उन्होंने कहा, ‘‘टीवी पर समाचार देखकर मैं थोड़ा परेशान हो गया था, क्योंकि कुछ ऐसे विद्यालयों का जिक्र किया गया है जिन्हें मैं जानता हूं और जो मेरे घर के पास हैं, इसलिए मैं स्थिति का पता लगाने बाहर गया। पुलिस ने मुझे मेल दिखाया है। प्रथम दृष्टया यह फर्जी प्रतीत हो रहा है। मैंने पुलिस से बात की… लेकिन हमें सतर्क रहना चाहिए। माता-पिता चिंतित हैं, लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।’’शिवकुमार ने माता-पिता से चिंता न करने की अपील की और कहा कि उनके बच्चे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ शरारती लोगों ने ऐसा किया होगा। हम 24 घंटे में उन्हें पकड़ लेंगे। अपराध शाखा पुलिस सक्रिय है, वे अपना काम कर रहे हैं… हमें भी सतर्क रहना चाहिए और लापरवाही नहीं करनी चाहिए।’’
- भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र शुक्रवार को गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया और अगले कुछ दिनों में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने बताया कि चक्रवाती तूफान, चार दिसंबर की शाम के करीब आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और चेन्नई के समुद्र तट को पार करेगा।विभाग के मुताबिक, यह प्रणाली सुबह साढ़े पांच बजे चेन्नई से लगभग 800 किमी, आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से 970 किमी, बापतला से 990 किमी और पुडुचेरी से 790 किमी दूर समुद्र के ऊपर केंद्रित थी।आईएमडी ने कहा कि इसके पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने, दो दिसंबर तक गहरे दबाव में तब्दील होने तथा तीन दिसंबर के आसपास चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।एक बयान के मुताबिक, यह उसी दिशा में आगे बढ़ेगा और चार दिसंबर की शाम के आसपास चक्रवाती तूफान के रूप में चेन्नई और मछलीपट्टनम के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश और निकटवर्ती उत्तरी तमिलनाडु के तट को पार करेगा। विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस प्रणाली का ओडिशा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- नोएडा। नोएडा में जेपी बिश टाउन सोसायटी में रहने वाले लद्दाख के पूर्व राज्यपाल और देश के पूर्व रक्षा सचिव राधा कृष्ण माथुर के बैंक अकाउंट से साइबर ठगों ने 2,28,360 रूपये निकाल लिए।माथुर का कहना है कि ठगों ने उनके खाते से नेट बैंकिंग के सहारे रकम निकाली क्योंकि उन्होंने ना तो किसी को अपने बैंक अकाउंट की जानकारी दी थी, और ना ही ओटीपी नंबर शेयर किया था।थाना सेक्टर 126 के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार ने बताया कि सेक्टर 128 स्थित जेपी बिश टाउन सोसायटी में रहने वाले लद्दाख के पूर्व उप राज्यपाल एवं भारत सरकार के पूर्व रक्षा सचिव राधा कृष्ण माथुर ने बीती रात थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है।रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके खाते से इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से धोखाधड़ी करके दो लाख 28 हजार 360 रूपए निकाल लिए। उन्होंने बताया कि पीड़ित ने ना तो किसी को अपने बैंक की जानकारी दी थी, ना ही उन्होंने किसी से कोई ओटीपी नंबर साझा किया था। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में अब कोई डिवीजन (श्रेणी) या डिस्टिंक्शन (विशेष योग्यता) नहीं दी जाएगी।सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक सान्याम भारद्वाज ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर कोई श्रेणी, विशेष योग्यता या कुल प्राप्तांक नहीं दिए जाएंगे। यदि किसी अभ्यर्थी ने पांच से अधिक विषयों में परीक्षा दी है तो उसे प्रवेश देने वाला संस्थान या नियोक्ता, उसके लिए सर्वश्रेष्ठ पांच विषयों पर विचार करने का फैसला कर सकता है।’’भारद्वाज ने कहा कि बोर्ड अंक प्रतिशत की गणना नहीं करता, उसकी घोषणा नहीं करता या सूचना नहीं देता।उन्होंने कहा, ‘‘यदि उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए अंक प्रतिशत आवश्यक है तो गणना प्रवेश देने वाले संस्थान या नियोक्ता द्वारा की जा सकती है।’’इससे पहले, सीबीएसई स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के उद्देश्य से वरीयता सूची जारी करने की परिपाटी भी समाप्त कर चुका है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रोजगार मेले के तहत गुरुवार को 51,000 से अधिक युवाओं नियुक्ति पत्र वितरित किए और कहा कि उनकी सरकार की नीतियों और फैसलों ने अर्थव्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के लिए अपार संभावनाएं पैदा हुई हैं।युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद केंद्र और कुछ राज्यों में विभिन्न सरकारी विभागों में नव नियुक्त कर्मचारियों से बात करते हुए उन्होंने उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि वे जहां भी पदस्थ रहें, कल्याणकारी योजनाएं सबसे वंचित लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि इसी से 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के लक्ष्य को साकार किया जा सकेगा। मोदी ने कहा कि नवनियुक्त कर्मियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों का जीवन यापन आसान करना चाहिए।पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य से आजादी के बाद लंबे समय तक देश में समानता की सिद्धांत की अनदेखी की गई।उन्होंने कहा, ‘‘साल 2014 से पहले समाज के एक बड़े वर्ग को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया था। 2014 में जब हमें देश में सेवा करने का मौका मिला तो सबसे पहले हमने वंचितों को वरीयता के मंत्र को लेकर के आगे बढ़ने का काम आरंभ किया।’’उन्होंने कहा, ‘‘सरकार खुद चलकर उन लोगों तक पहुंची जिन्हें कभी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। जिन्हें दशकों तक सरकार की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिली थी, हम उनका जीवन बदलने का प्रयास कर रहे हैं।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच व कार्य संस्कृति में बदलाव आया है और इसकी वजह से आज देश में अभूतपूर्व परिणाम भी सामने आ रहे हैं। एक अध्ययन का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि पांच वर्षों में देश के 13 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं और इससे पता चलता है कि सरकार की योजनाओं का गरीबों तक पहुंचाना कितना बड़ा परिवर्तन लाता है।बुनियादी अवसंरचना के विकास संबंधी योजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार जब इतने बड़े पैमाने पर अवसंरचना विकास पर निवेश करती है तो बहुत स्वाभाविक है कि इसके कारण रोजगार के नए अवसर भी बनते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार की नीति और उसके निर्णय ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। दुनिया की बड़ी-बड़ी संस्थाएं भारत के विकास दर को लेकर बहुत सकारात्मक हैं। हाल ही में निवेश रेटिंग के एक ग्लोबल लीडर ने भारत के तेज विकास पर अपनी मुहर लगाई है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सारे तथ्य इस बात के प्रमाण है कि आने वाले समय में भी भारत में रोजगार और स्वरोजगार की असीम संभावनाएं इसी तरह बनती रहेंगी। रोजगार मेले का आयोजन देशभर के 37 स्थानों पर किया गया। ये भर्तियां केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के विभागों में हुई हैं।देशभर से चयनित नवनियुक्त युवा विभिन्न सरकारी मंत्रालयों और विभागों में नियुक्त किए गए हैं। इनमें रेल मंत्रालय, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा तथा साक्षरता विभाग और स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय शामिल हैं। नवनियुक्त कर्मियों को कर्मयोगी प्रारंभ के जरिये प्रशिक्षित भी किया जाएगा। यह प्रशिक्षण आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर ऑनलाइन दिया जाएगा। इस पोर्टल पर आठ सौ से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। -
जयपुर, राजधानी जयपुर के मालवीय नगर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम को एक महिला और उसके दो बच्चों की एक हमलावर ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) ज्ञान चंद्र यादव ने बताया कि झालाना स्थित खटीकों के मोहल्ले में बुधवार शाम को एक हमलावर ने एक महिला और उसके दो बच्चों को घर में घुस कर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई और महिला को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि कि एफएसएल टीम से घटनास्थल का मुआयना करवाया जा रहा है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही है और एक संदिग्ध के बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि संदिग्ध के यहां आने के मकसद के बारे में भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान सुमन बिष्ट (25) और उसके बेटे जिव्यांश (5) और अवयांश (2) के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि हमलावर की तलाश की जा रही है। महिला और बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया है। -
मऊ । जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के असलपुर गांव में अज्ञात हमलावरों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अविनाश पांडे ने बताया कि चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के असलपुर गांव में 25 वर्षीय सौरभ सिंह मंगलवार देर रात करीब एक बजे वैवाहिक समारोह से अपने घर पहुंचे और उनके घर के दरवाजे के पास ही घात लगाए बैठे हमलावरों ने उनकी गोली मारकरके हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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नयी दिल्ली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सिलक्यारा सुरंग से मंगलवार रात सुरक्षित बचाए गए 41 श्रमिकों में से एक श्रमिक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बताया कि अपना मनोबल बनाए रखने के लिए वे लोग योग करते थे और सुरंग में चहलकदमी करते थे। श्रमिकों ने बचाव अभियान के लिए प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बचाव टीमों की सराहना की। इन श्रमिकों में से एक ने कहा कि जब सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों को बचा सकती है तो वे तो देश के भीतर ही थे इसलिए उन्हें कोई चिंता नहीं थी। प्रधानमंत्री ने मंगलवार देर रात श्रमिकों से टेलीफोन पर बातचीत की और कहा, ‘‘इतने दिन खतरे में रहने के बाद सुरक्षित बाहर आने के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। यह मेरे लिए प्रसन्नता की बात है और मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। अगर कुछ बुरा हो जाता तो पता नहीं, हम इसे कैसे बर्दाश्त करते। ईश्वर की कृपा है कि आप सब सुरक्षित हैं।'' प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बातचीत का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें प्रधानमंत्री श्रमिकों से कहते दिख रहे हैं, ‘‘17 दिन कोई कम वक्त नहीं होता। आप लोगों ने बहुत साहस दिखाया और एक-दूसरे को हिम्मत बंधाते रहे।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अभियान की जानकारी लेते रहते थे और मुख्यमंत्री धामी के साथ लगातार संपर्क में थे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी भी वहां थे। लेकिन जानकारी मिलने भर से चिंता कम नहीं हो जाती।'' सिलक्यारा सुरंग में करीब 17 दिन तक फंसे रहे सभी 41 श्रमिकों को विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त बचाव अभियान के तहत मंगलवार को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बिहार के एक श्रमिक सबा अहमद ने प्रधानमंत्री को बताया कि हालांकि वे कई दिनों से सुरंग में फंसे हुए थे, लेकिन उन्हें कभी कोई डर या घबराहट महसूस नहीं हुई। उन्होंने कहा, ‘‘हम भाइयों की तरह थे, हम एक साथ थे। हम रात के खाने के बाद सुरंग में टहलते थे। मैं उन्हें सुबह की सैर और योग करने के लिए कहता था। हम उत्तराखंड सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री धामी और वी के (सिंह) साहब को धन्यवाद देना चाहते हैं।'' मोदी ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक सैनिक की तरह डट कर अभियान को आगे बढ़ाया। अहमद ने प्रधानमंत्री को बताया कि श्रमिक जिस सुरंग में फंसे थे, उसके दो किलोमीटर से अधिक के हिस्से में वे सुबह की सैर करते थे और योग का अभ्यास भी करते थे। उत्तराखंड के एक अन्य श्रमिक गब्बर सिंह नेगी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री धामी, केंद्र सरकार और बचाव दल के साथ ही उस कंपनी को भी धन्यवाद दिया जिसके लिए वह काम करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आप जब प्रधानमंत्री के रूप में हमारे साथ हैं... और अन्य देशों से लोगों को आप बचाकर ले आए, तो फिर हम तो अपने देश में ही थे और इसलिए हमें चिंता करने की कोई बात नहीं थी।'' मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनसे बात करने से पहले सभी श्रमिकों की चिकित्सा जांच हो जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि सभी श्रमिक स्वस्थ और फिट हैं। उन्होंने उनसे यह भी कहा कि मुख्यमंत्री धामी उनके घर वापस जाने की व्यवस्था करेंगे।
मोदी ने अहमद और नेगी के नेतृत्व और साहस की भी सराहना की।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के एक अन्य श्रमिक अखिलेश कुमार ने मुख्यमंत्री धामी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सुरंग में फंसे मजदूरों से लगातार बात की और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद इतने सारे लोग राहत महसूस कर रहे हैं। बिहार के छपरा के सोनू साह ने भी प्रधानमंत्री और बचाव दलों को धन्यवाद दिया।
प्रधानमंत्री ने बचाए गए श्रमिकों को उनके भविष्य की लिए शुभकामनाएं दीं।
बचाए गए श्रमिकों के 'भारत माता की जय' के नारे लगाने के साथ बातचीत का समापन हुआ और प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नारों को सुनकर देश प्रेरित होगा। सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूर मंगलवार की रात जैसे ही बाहर निकले, देशवासियों ने राहत की सांस ली। बाहर आने के बाद कुछ श्रमिकों के चेहरों पर मुस्कान थी तो कुछ के चेहरे 17 दिन की परेशानियों के बाद थके हुए दिख रहे थे। सुरंग के बाहर मौजूद लोगों ने जोरदार जयकारा लगाया और नारे गूंजने लगे । लोगों ने उन एम्बुलेंस का स्वागत किया जो श्रमिकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ले गईं, जबकि स्थानीय लोगों ने मिठाई बांटी। क्षेत्र में डेरा डाले चिंतित, श्रमिकों के रिश्तेदार भावुक थे। कई दिन की अनिश्चितता के बाद भी वे श्रमिकों के लिए एकजुट थे। मौके पर मौजूद कई लोगों ने कहा कि वे घर वापस जाकर अब दिवाली मनाएंगे क्योंकि परिवारों पर पड़ी निराशा की छाया दूर हो गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी के अनुसार 60 मीटर के बचाव शॉफ्ट में स्टील के पाइप से इन मजदूरों को बिना पहिये वाले स्ट्रेचर के जरिये बाहर निकाला गया। श्रमिकों को एक-एक करके 800 मिमी के उन पाइपों से बनाए गए रास्ते से बाहर निकाला गया जिन्हें अवरूद्ध सुरंग में फैले 60 मीटर मलबे में ड्रिल करके अंदर डाला गया था। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों द्वारा मजदूरों को बाहर निकाले जाने के दौरान धामी और वी के सिंह भी मौजूद थे। -
चंडीगढ़।चंडीगढ़ में एक किराये के मकान में महिलाओं के वॉशरूम में लगे गीजर में एक खूफिया कैमरा पाए जाने के बाद एक महिला और उसके पुरुष साथी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मकान मालिक ने मामले की सूचना दी थी।
उन्होंने बताया कि यह कैमरा कुछ दिन पहले घर में किराये पर रहने आई एक युवती द्वारा कथित तौर पर लगाया गया था, और इस घर में चार अन्य महिलाएं पहले से ही किराये पर रहती हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी युवती ने कथित तौर पर अपने पुरुष साथी के कहने पर यह कैमरा लगाया था और उसी ने उपकरण उपलब्ध कराये थे। चंडीगढ़ पुलिस के पुलिस उपाधीक्षक गुरमुख सिंह ने बताया कि सेक्टर-22 में किराए पर रहने वाली एक युवती ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा, ‘‘पाया गया कि किराये पर रहने वाली महिलाओं में से एक ने कैमरे को लगाया था। हमने उसे और सेक्टर-20 में रहने वाले उसके पुरुष साथी को गिरफ्तार कर लिया है।'' उन्होंने बताया, ‘‘दोनों से विस्तार से पूछताछ की गई है। उनके मोबाइल फोन और उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। आरोपी महिला ने बताया कि उसके पुरुष साथी ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था। इस पूरे मामले के पीछे असली उद्देश्य क्या था, इसकी अभी भी जांच चल रही है। -
उत्तरकाशी। उत्तराखंड में सिलक्यारा सुरंग से निकाले गये 41 श्रमिकों में से एक पुष्कर सिंह ने बुधवार को कहा कि शुरुआती कई दिन उनके लिए बहुत कठिन थे क्योंकि उन्हें पर्याप्त भोजन के बिना रहना पड़ा था। पुष्कर (24) ने बताया, ‘‘शुरुआती दिनों में न तो खाना मिला न ही अपनी बात पहुंचाने का कोई उचित माध्यम और हम केवल एक जोड़ी कपड़े में ही अंदर फंसे थे।'' उत्तराखंड के चंपावत गांव के निवासी पुष्कर ने कहा, ‘‘जब हमें पता चला कि सुरंग का एक हिस्सा ढह गया है, तो हम बाहर निकलने की ओर भागे लेकिन यह मलबे से पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया था।'' वह सुरंग में मशीन ‘ऑपरेटर' के तौर काम कर रहे थे।
पुष्कर के पिता किसान हैं। उसका एक बड़ा भाई और एक बड़ी बहन है।
पुष्कर के भाई विक्रम सिंह और कुछ दोस्त उनके बाहर आने तक घटनास्थल पर डेरा डाले हुए थे।
विक्रम ने बताया कि पुष्कर ने पहले हिमाचल प्रदेश में एक सुरंग में काम किया था और वह एक साल से सिलक्यारा साइट पर काम कर रहा था। पुष्कर ने बताया कि शुरुआती घंटे बहुत खौफनाक थे क्योंकि हर श्रमिक को लगता था कि वे बच नहीं पाएंगे।
पुष्कर ने कहा, ‘‘शुरुआत में, हमें लगा था कि हम ज्यादा समय तक बच नहीं पाएंगे क्योंकि हमें घुटन महसूस हो रही थी। लेकिन हमें पानी की मोटर पाइप में आशा की किरण मिली, जिसका इस्तेमाल सुरंग से पानी बाहर निकालने के लिए किया गया था।'' पुष्कर ने कहा, पाइप उनके लिए वरदान साबित हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘उस पाइप से हमने मोटर के जरिए पानी की सप्लाई बंद करके बाहर के लोगों को संकेत देने की कोशिश की। शुरुआती 12-13 घंटे ऐसा करने में ही निकल गए। फिर बाहर के लोगों को भी समझ आ गया कि हम में से कुछ लोग जिदा हैं।'' आखिरकार 20 नवंबर को छह इंच का पाइप डाला गया और सामान्य भोजन और कपड़ों की आपूर्ति शुरू हो गई।
सुरंग में 12 नवंबर को फंसे 41 श्रमिकों को 17 दिनों के जटिल अभियान के बाद मंगलवार को बचाया गया। बचाये गये श्रमिकों को चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। -
नयी दिल्ली। सरकार ने अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के लिए बुधवार को 18 विधेयक सूचीबद्ध किये, जिनमें महिला आरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी तक बढ़ाने संबंधी दो तथा आपराधिक कानूनों को बदलने के लिए तीन विधेयक शामिल हैं। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, सरकार एक ऐसा विधेयक लाने की भी योजना बना रही है, जिसमें प्रवासी कश्मीरियों, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से विस्थापित व्यक्तियों तथा अनुसूचित जनजातियों को प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए जम्मू और कश्मीर विधानसभा में सीट की संख्या 107 से बढ़ाकर 114 किये के प्रावधान हों। सरकार ने सत्र के दौरान विधेयकों के अलावा 2023-24 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच को चर्चा और मतदान के वास्ते सूचीबद्ध किया है। संसद का शीतकालीन सत्र चार दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक चलेगा।
भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को स्थानापन्न करने वाले विधेयक-भारतीय न्याय संहिता विधेयक, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक और भारतीय साक्ष्य विधेयक लोकसभा में चर्चा और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किये गये हैं। तीनों विधेयकों की समीक्षा गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति द्वारा की गई है, जिसने विपक्षी सदस्यों के असहमति नोट के साथ अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। लोकसभा में पेश करने के लिए सूचीबद्ध नए विधेयक हैं- बॉयलर विधेयक, करों का अस्थायी संग्रह विधेयक, केंद्रीय वस्तु और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक तथा जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक। केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) दूसरा (संशोधन) विधेयक तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक भी नये विधेयकों में शामिल हैं।
- नयी दिल्ली । केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे से संबंधित सिफारिशें करने के लिए सरकार ने 16वें वित्त आयोग के गठन से संबंधित ‘‘संदर्भ शर्तों'' को मंजूरी दे दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंगलवार शाम को हुई बैठक में 16वें वित्त आयोग के संदर्भ शर्तों को मंजूरी दी गई। इस वित्त आयोग की सिफारिशें एक अप्रैल, 2026 से मार्च, 2031 तक के लिए वैध रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह आयोग 31 अक्टूबर, 2025 तक कर राजस्व के विभाजन संबंधी अपनी रिपोर्ट सौंप देगा।इसके पहले 15वें वित्त आयोग का गठन 27 नवंबर, 2017 को किया गया था। उसने अपनी अंतरिम एवं अंतिम रिपोर्ट के जरिये एक अप्रैल, 2020 से छह साल की अवधि के लिए सिफारिशें की थीं। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें वित्त वर्ष 2025-26 तक वैध हैं। संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित होने वाले वित्त आयोग का मुख्य दायित्व केंद्र तथा राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करना है। इसके अलावा यह केंद्र एवं राज्यों के बीच करों के बंटवारे की सिफारिशें करता है और राज्यों के बीच इन करों के वितरण का निर्धारण करने वाले सिद्धांतों को भी तय करता है। वित्त आयोग केंद्र तथा राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय के वितरण, ऐसी आय की हिस्सेदारी का संबंधित राज्यों के बीच आवंटन, सहायता अनुदान तथा राज्यों का राजस्व व उस अवधि में पंचायतों के संसाधनों के पूरक के लिए आवश्यक कदमों की अनुशंसा करता है। ठाकुर ने कहा कि वित्त आयोग का गठन हर पांचवें वर्ष या उससे पहले किया जाना होता है। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें 31 मार्च 2026 तक के लिए वैध हैं इसलिए अब नए आयोग का गठन करने की जरूरत है। वित्त मंत्रालय में 16वें वित्त आयोग के अग्रिम प्रकोष्ठ का गठन 21 नवंबर, 2022 को किया गया था, ताकि आयोग के औपचारिक गठन तक प्रारंभिक कार्य की निगरानी की जा सके। इसके बाद ‘‘संदर्भ शर्तें'' तैयार करने के लिए वित्त सचिव और सचिव (व्यय) की अध्यक्षता में एक कार्य-समूह बनाया गया था। इसमें सचिव (आर्थिक मामले), सचिव (राजस्व), सचिव (वित्तीय सेवाएं), मुख्य आर्थिक सलाहकार, नीति आयोग के सलाहकार और अतिरिक्त सचिव (बजट) भी शामिल थे।
- जौनपुर (उप्र)। जौनपुर जिले के जफराबाद कस्बे में बुधवार को एक बेकाबू कार की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गयी तथा एक अन्य गम्भीर रूप से घायल हो गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कुलदीप गुप्ता ने बताया कि समैसा गांव निवासी ओमकार यादव की बेटी जया की मंगलवार को शादी थी और बुधवार सुबह बारात विदा हो गयी, मगर कोई जरूरी सामान छूट गया था। उन्होंने बताया कि ओमकार का पुत्र देवा आशीष यादव वह सामान देकर अपने एक साथी के साथ सिरकोनी धौरहरा से लौट रहा था और रास्ते में जफराबाद कस्बे में स्थित एक गुमटी के पास यादव की कार तेज रफ्तार के कारण बेकाबू हो गयी और वहां बैठकर चाय पी रहे तीन लोगों को रौंदने के बाद उसने पास से गुज़र रही मोटरसाइकिल को भी टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि कार से कुचलने से सेवा लाल (70), राजदेव यादव (62) और शाहनवाज (26) नामक व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी तथा हादसे में गम्भीर रूप से घायल जवाहर पाल (23) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
- श्रीनगर। कश्मीर में न्यूनतम तापमान में कई डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गयी है लेकिन अधिकांश स्थानों पर यह जमाव बिंदु से ऊपर रहा तथा अगले कुछ दिनों में बर्फबारी होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक कश्मीर घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में आगामी कुछ दिनों में हल्की से मध्यम दर्जे की बर्फबारी की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि केवल गुलमर्ग और पहलगाम के रिसॉर्ट क्षेत्र में ही न्यूनतम तापमान पिछली रात शून्य से नीचे दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग में रात का तापमान शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए आधार शिविरों में से एक पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछली रात के 3.9 डिग्री सेल्सियस से तीन डिग्री कम है। अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में भी पारा 0.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।उन्होंने बताया कि कोकरनाग शहर में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा शहर में 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस समय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में है, जिसके परिणामस्वरूप केंद्र शासित प्रदेश के मध्य और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश अथवा बर्फबारी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जम्मू-कश्मीर के अधिकांश स्थानों पर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और शाम तक कई स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। अधिकारियों ने कहा कि रात के दौरान और गुरुवार को कुछ स्थानों पर गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना के साथ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
- उत्तरकाशी (उत्तराखंड) । ‘रैट होल खनन' तकनीक विशेषज्ञ फिरोज कुरैशी और मोनू कुमार मलबे के आखिरी हिस्से को साफ कर उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों से मिलने वाले पहले व्यक्ति थे। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाए गए व्यापक बचाव अभियान के बाद मंगलवार शाम को सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दिल्ली निवासी कुरैशी और उत्तर प्रदेश के कुमार ‘रैट-होल खनन' तकनीक विशेषज्ञों की 12-सदस्यीय टीम का हिस्सा थे, जिन्हें रविवार को मलबे को साफ करने के दौरान अमेरिकी ‘ऑगर' मशीन को समस्याओं का सामना करने के बाद खुदाई के लिए बुलाया गया था। दिल्ली के खजूरी खास के रहने वाले कुरैशी ने ‘ बताया, ‘‘जब हम मलबे के आखिरी हिस्से तक पहुंचे तो वे (मजदूर) हमें सुन सकते थे। मलबा हटाने के तुरंत बाद हम दूसरी तरफ उतर गए।'' उन्होंने कहा, ‘‘मजदूरों ने शुक्रिया अदा किया और मुझे गले लगा लिया। उन्होंने मुझे अपने कंधों पर भी उठा लिया।'' कुरैशी ने कहा कि उन्हें मजदूरों से कहीं ज्यादा खुशी हो रही थी।कुरैशी दिल्ली स्थित रॉकवेल एंटरप्राइजेज के कर्मचारी हैं और सुरंग बनाने के काम में विशेषज्ञ हैं।उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के निवासी कुमार ने कहा, ‘‘उन्होंने (मजदूरों ने) मुझे बादाम दिए और मेरा नाम पूछा। इसके बाद हमारे अन्य सहकर्मी भी हमारे साथ जुड़ गए और हम लगभग आधे घंटे तक वहां रहे।'' उन्होंने कहा कि उनके बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मी सुरंग के भीतर गए।कुमार ने कहा, ‘‘एनडीआरएफ कर्मियों के आने के बाद ही हम वापस आये।''उन्होंने कहा, ‘‘हमें बहुत खुशी है कि हम इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बने।''रॉकवेल एंटरप्राइजेज की 12-सदस्यीय टीम के प्रमुख वकील हसन ने कहा कि चार दिन पहले बचाव अभियान में शामिल एक कंपनी ने उनसे मदद के लिए संपर्क किया था। हसन ने कहा, ‘‘मलबे से ‘ऑगर' मशीन के हिस्से को हटाने के कारण काम में देरी हो गई। हमने सोमवार को दोपहर तीन बजे काम शुरू किया और मंगलवार शाम छह बजे काम खत्म किया।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने कहा था कि काम 24 से 36 घंटे में खत्म हो जाएगा और हमने वही किया।'' उन्होंने यह भी कहा कि बचाव अभियान में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने कोई पैसा नहीं लिया।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को यह जानकारी दी। झारखंड के खूंटी में ‘जनजातीय गौरव दिवस' पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित इस योजना का कुल परिव्यय 24,104 करोड़ रुपये होगा। इसमें केंद्र का हिस्सा 15,336 करोड़ रुपये होगा और राज्य 8,768 करोड़ रुपये का योगदान देंगे। इस योजना का उद्देश्य पक्के घर, नल से पानी की आपूर्ति और सड़कें प्रदान करना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार रात इस योजना को मंजूरी दे दी।ठाकुर ने कहा, ‘‘इस योजना से 18 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 220 जिलों के 28,16,000 (28.16 लाख) से अधिक आदिवासी लोग लाभान्वित होंगे। इस योजना के तहत वे आदिवासी लाभार्थी होंगे जिन्हें अब तक भारत सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिला है।'' लाभार्थियों की पहचान कमजोर माने जाने वाले 75 आदिवासी समुदायों में से की गई है। ठाकुर ने कहा, ‘‘योजना के तहत 11 प्रमुख बिंदुओं की पहचान की गई है जिसके आधार पर उन्हें लाभ दिया जायेगा। इनमें आवास, सभी मौसम के लिए उपयुक्त सड़कें, स्वच्छ पेयजल, बिजली, मोबाइल डिस्पेंसरी और मोबाइल टावर शामिल हैं।'' उन्होंने कहा कि आजीविका के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।इस योजना का लक्ष्य 2.39 लाख रुपये प्रति मकान की लागत से 4.90 लाख पक्के घर उपलब्ध कराना, एक करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत से 8,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बस्तियों, समुदाय के लिए नल से पानी की आपूर्ति करना हैं। इसके अलावा इस योजना के तहत 20 से कम मकानों की आबादी वाले 2,500 गांवों/बस्तियों में पानी की आपूर्ति, 10 जिलों के लिए दवा लागत 33.88 लाख रुपये प्रति मोबाइल चिकित्सा यूनिट के साथ एक हजार मोबाइल चिकित्सा यूनिट, प्रत्येक के लिए 2.75 करोड़ रुपये की लागत से 500 छात्रावास बनाना आदि शामिल हैं। योजना के तहत 2,500 आंगनवाड़ी केंद्रों (प्रत्येक पर 12 लाख रुपये), बहुउद्देश्यीय केंद्रों (प्रत्येक पर 60 लाख रुपये), 57,000 मकानों के लिए बिजली कनेक्शन, 0.3 किलोवाट सौर ऑफ-ग्रिड प्रणाली, सड़कों पर सौर प्रकाश व्यवस्था और 3,000 गांवों में सड़कें और मोबाइल टावरों की स्थापना भी की जायेगी। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में अनुसूचित जनजाति की आबादी 10.45 करोड़ है। कुल मिलाकर, 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 75 समुदायों को पीवीटीजी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ये पीवीटीजी सामाजिक, आर्थिक और शिक्षा क्षेत्रों में कमजोर समझे जाते हैं। आयुष मंत्रालय मौजूदा मानदंडों के अनुसार आयुष कल्याण केंद्र स्थापित करेगा और चल चिकित्सा इकाइयों के जरिये आयुष सुविधाओं का दायरा पीवीटीजी बस्तियों तक बढ़ाया जायेगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय इन समुदायों के उपयुक्त कौशल के अनुसार पीवीटीजी बस्तियों, बहुउद्देश्यीय केंद्रों और छात्रावासों में कौशल तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करेगा। भाषा
- नयी दिल्ली,। दिल्ली और मुंबई में रहने वाले 60 प्रतिशत लोग दोनों शहरों में वायु प्रदूषण से खराब होते हालात के मद्देनजर कहीं और जाने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। यह खुलासा एक नवीनतम अध्ययन में हुआ है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रिस्टिन केयर ने दिल्ली, मुंबई और आसपास के इलाकों के चार हजार लोगों पर किए गए सर्वेक्षण के आधार पर यह नतीजे पेश किए हैं। अध्ययन में शामिल 10 में से नौ उत्तरदाताओं ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में गिरावट के सबसे आम लक्षणों जैसे लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट, गले में खराश और आंखों से पानी निकलने या खुजली का अनुभव करने की बात कही। सर्वेक्षण के मुताबिक, ‘‘दिल्ली और मुंबई में 10 में से छह निवासी ने खराब वायु गुणवत्ता और प्रदूषण के कारण स्थानांतरित होने पर विचार करने की बात कही।'' सर्वेक्षण के नतीजों में सामने आया कि वायु गुणवत्ता में गिरावट खासतौर पर सर्दियों के मौसम की वजह से लोगों की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सर्दियों के मौसम में अपने प्रियजनों में अस्थमा या ब्रोंकाइटिस जैसी पहले से मौजूद श्वसन संबंधी समस्याओं में वृद्धि होने की बात कही। अध्ययन के मुताबिक, ‘‘ दिल्ली और मुंबई में 10 में से चार लोगों को हर साल या कुछ वर्षों में वायु प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इलाज की जरूरत पड़ती है।'' सर्वेक्षण में शामिल लोगों से जब वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव के बारे में पूछा गया गया, तो 35 प्रतिशत ने बताया कि उन्होंने व्यायाम और दौड़ने जैसी बाहरी गतिविधियां बंद कर दी हैं जबकि 30 प्रतिशत ने बाहर मास्क पहनना शुरू कर दिया। अध्ययन के मुताबिक दिल्ली और मुंबई में केवल 27 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की बात स्वीकार की जबकि आश्चर्यजनक रूप से 43 प्रतिशत लोगों में ‘गलत धारणा है कि इनके उपयोग से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है।''
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भुवनेश्वर. ओडिशा में राउरकेला-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस पर कथित रूप से पत्थर फेंकने को लेकर मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूर्व तटीय रेलवे ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि ओडिशा में भुवनेश्वर-संबलपुर लाइन के ढेंकानाल-अनुगुल खंड पर मेरामंडली और बुढापंक स्टेशन के बीच रविवार को इन दोनों ने इस ‘सेमी हाई स्पीड' ट्रेन पर कथित रूप से पत्थर फेंके थे। उस हमले में ‘एक्जक्यूटिव क्लास' डिब्बे का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था और यात्रियों में दहशत फैल गयी थी, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ था। पूर्व तटीय रेलवे ने एक बयान में बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पथराव करने वालों की तलाश शुरू की, उस स्थान से दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया, जहां यह घटना घटी थी। उसने कहा, इस सुनसान जगह पर रेलवे मार्ग के इतने करीब आने की वजह के बारे में जब दोनों से पूछा गया तो उन्होंने कबूल कर लिया कि वे वहां आए थे और शराब पीने के बाद मजा लेने के लिये उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया था। उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।'' पूर्व तटीय रेलवे ने कहा कि गुनाह कबूल करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) युवाओं के लिए गतिशील ज्ञान के माहौल को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप शिक्षा के माध्यम से नवाचार पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'परीक्षा पे चर्चा' जैसी 'प्रभावशाली पहल' इम्तिहान से संबंधित तनाव को कम करने और यह सुनिश्चित करने के लिए उनके समर्पण को दर्शाती है कि देश के युवा समृद्ध भविष्य के लिए अच्छी तरह से तैयार हों। वह रविवार को जीडी गोयनका विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
निजी विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक बयान में ठाकुर के हवाले से कहा गया, "नौवें दीक्षांत समारोह की शानदार सफलता पर जीडी गोयनका विश्वविद्यालय, छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई।" केंद्रीय मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, लगभग चार दशकों के बाद लाई गई नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा के माध्यम से नवाचार पर जोर देती है, जो भारतीय युवाओं के लिए एक गतिशील ज्ञान के माहौल को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। -
नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने रेलवे सुरक्षा आयोग में रिक्त पदों को भरने के लिए तीन नए सुरक्षा आयुक्तों (सीआरएस) की नियुक्ति की हैं। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 18 अक्टूबर को सीआरएस पदों के लिए रेलवे के चार वरिष्ठ अधिकारियों के नामों को मंजूरी दी थी, जिसके बाद नियुक्ति के आदेश जारी किए गए। भारतीय रेलवे के सूत्रों ने बताया कि चौथी नियुक्ति भी प्रक्रिया में है। रेलवे सुरक्षा आयोग के देश भर में 10 कार्यालय हैं और इनके अलावा इसका मुख्यालय लखनऊ में है, जहां मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त बैठते हैं। इन 10 कार्यालयों में से चार - उत्तरी सर्कल, दक्षिण मध्य सर्कल, पूर्वोत्तर सीमांत सर्कल और दक्षिण पूर्वी सर्कल में कुछ समय से आयुक्त नहीं थे और अन्य सर्कल के सीआरएस इन कार्यालयों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। जिन तीन अधिकारियों को सीआरएस नियुक्त किया गया है उनमें दिनेश चंद देशवाल, माधवी और ब्रजेश कुमार मिश्रा शामिल हैं। देशवाल नयी दिल्ली स्थित उत्तरी सर्कल के सीआरएस का पदभार संभालने से पहले जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में 'चीफ ब्रिज इंजीनियर' के रूप में कार्यरत थे। वहीं माधवी सिकंदराबाद स्थित दक्षिण मध्य सर्कल की सीआरएस के रूप में नियुक्ति से पहले दक्षिण रेलवे में 'चीफ कम्युनिकेशन इंजीनियर' के रूप में तैनात थीं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है। मिश्रा ने दक्षिण पूर्वी सर्कल के सीआरएस का पदभार संभाल लिया है।
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पणजी. राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहम विभिन्न भाषाओं की पांच हजार से अधिक फिल्मों और वृत्तचित्रों को 4के डिजिटल प्रारूप में सहेजा जाएगा। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। गोवा में भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के 54वें संस्करण के समापन समारोह में एक वीडियो संदेश में ठाकुर ने कहा कि यह नौ दिवसीय महोत्सव विविधता में एकता का उत्सव था, जो 'वसुधैव कुटुंबकम: एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव दुनिया भर से रचनात्मक व्यक्तित्वों, फिल्मकारों, सिने-प्रेमियों और सांस्कृतिक उत्साही लोगों को एक साथ ला रहा है। ठाकुर ने कहा कि इफ्फी में राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत सहेजी गईं सात फिल्मों को एक विशेष रूप से क्यूरेटेड खंड में प्रदर्शित किया गया। मंत्री ने कहा कि विविध भाषाओं की पांच हजार से अधिक फिल्मों और वृत्तचित्रों को 4के डिजिटल प्रारूप में सहेजा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत की भावी पीढ़ियां इन महान फिल्मों की सराहना कर सकें, इनका आनंद ले सकें और इनसे प्रेरित हो सकें। ठाकुर ने कहा कि 54वें आईएफएफआई में 78 देशों की 68 अंतर्राष्ट्रीय और 17 भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली लगभग 250 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिनकी कुल अवधि लगभग 30 हजार मिनट थी।
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नयी दिल्ली. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी गगनदीप सिंगला, सी. कलाइचेलवन और गौरव अभिजीत दिलीप को मंगलवार को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया।
सिंगला, राजस्थान कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं जबकि कलाइचेलवन तमिलनाडु कैडर के 2012 बैच के अधिकारी हैं। वहीं दिलीप असम-मेघालय कैडर के 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में बताया गया कि तीन अधिकारियों को पांच साल की अवधि के लिए सीबीआई में नियुक्त किया गया है।
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मथुरा (उप्र). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सभी से गौ सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा है कि गाय दुनिया की तमाम समस्याओं का समाधान है। भागवत मंगलवार को मथुरा के फरह क्षेत्र में स्थित परखम गांव में 70 एकड़ के दायरे में दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति द्वारा 200 करोड़ की लागत से प्रारंभ किए गए दीनदयाल गौ-विज्ञान, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में प्रथम चरण में निर्मित प्रशासनिक भवन, क्लास रूम और बायोगैस जनरेटर चलित बुनकर केंद्र का लोकार्पण करने पहुंचे थे। उन्होंने गाय की दशा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कहा जाता है कि बांग्लादेश में सर्वाधिक गायें काटी जाती हैं। उन्होंने सवाल किया कि लेकिन उन्हें वहां भेजता कौन है ? फिर उन्होंने खुद ही जवाब भी दिया कि वे हिन्दुओं के घरों से ही तो वहां पहुंचती हैं, उन्हें वहां ले जाने वाले कौन हैं, हिन्दू ही तो हैं। उन्होंने फिर सवाल उठाया, ‘‘हम गाय को माता कहते हैं। गायों को कटने के लिए भेजना क्या एक पुत्र का कर्तव्य है ?'' उन्होंने जवाब भी दिया, ‘‘नहीं, हम गाय की सेवा करेंगे। हम अपनी गाय को ऐसे नहीं जाने देंगे। हम सदा उसे अपने पास रखेंगे। मरने के बाद उसका सींग भी हमारे काम आता है। उसकी खाल भी काम आती है। वह मृत्युपर्यंत भी हमारी सेवा करती है तो हम जीवित रहते हुए उसकी सेवा क्यों नहीं कर सकते।'' संघ प्रमुख ने कहा , ‘‘गाय के बारे में हमने पूर्वजों से जाना, जिन्होंने स्वयं अनुभव कर यह ज्ञान प्राप्त किया। लेकिन अब दुनिया को बताने के लिए हमें उनकी ही भाषा में उनके ही मानकों के अनुसार गाय के बारे में अर्जित ज्ञान बताना होगा। यह संस्थान यही काम करेगा। यहां गाय के बारे में विभिन्न प्रकार से शोध कर प्रामाणिक जानकारी एकत्र करेगा।'' उन्होंने कहा कि जैसे घर में तंगी होने पर माता-पिता को बाहर नहीं भेजते, पहले उन्हें भोजन कराकर ही स्वयं भोजन करते हैं, उसी तरह गाय की भी सेवा वैसे ही करना है। यदि हम गऊ को माता कहते हैं तो पुत्र का कर्तव्य तो निभाना ही पड़ेगा।

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