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नई दिल्ली। प्रेस और पत्र-पत्रिका पंजीकरण विधेयक, 2023 गुरुवार को राज्यसभा में पारित हो गया। प्रेस और पुस्तक पंजीकरण अधिनियम, 1867 को निरस्त करने के लिए यह विधेयक लाया गया। विधेयक का उद्देश्य पत्र-पत्रिकाओं के शीर्षक सत्यापन और पंजीकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाना है। विधेयक में समाचार पत्रों के प्रसार और सत्यापन से संबंधित प्रावधान हैं। इसमें भारत में विदेशी पत्रिकाओं के प्रतिकृति संस्करणों के प्रकाशन के लिए केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी का भी प्रावधान किया गया है। विधेयक के अनुसार प्रकाशक, पत्रिका के पंजीकरण प्रमाणपत्र विवरण या शीर्षक में संशोधन के लिए प्रेस रजिस्ट्रार जनरल को आवेदन कर सकता है। विधेयक में प्रेस और पंजीकरण अपीलीय बोर्ड का प्रावधान है, जिसमें भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष और इसके सदस्यों में से भारतीय प्रेस परिषद द्वारा नामित दो सदस्य शामिल होंगे।
विधेयक प्रस्तुत करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाना है। पंजीकरण प्रक्रिया निर्धारित 60 दिनों की अवधि में पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया अब आठ चरण के बजाय केवल एक चरण में पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र और पत्रिकाओं के प्रकाशकों को जिलाधिकारी और भारत के समाचार पत्र पंजीयक - आरएनआई के प्रेस रजिस्ट्रार को ऑनलाइन आवेदन देना होगा।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों को समाचार पत्र और पत्रिकाओं के प्रकाशन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले छोटे अपराधों के लिए जुर्माना और छह महीने की कैद का प्रावधान था लेकिन अब ज्यादातर प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा। श्री ठाकुर ने इस विधेयक को सरल, बेहतर और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता की समर्थक है। यह विधेयक इसे साबित करता है। उन्होंने कहा कि विधेयक बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप है। -
नई दिल्ली। मौसम विभाग ने उत्तरी छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में दबाव के कारण मध्य प्रदेश में अधिक बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। विभाग ने राज्य के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ के लिए अत्यधिक वर्षा की आशंका के लिए ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिन के दौरान देश के उत्तर पश्चिम हिस्से में मूसलाधार बारिश का अनुमान व्यक्त किया है।
अगले पांच दिन के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के अलग-अलग स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना है। तमिलनाडु में कल तक गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बारिश का 'येलो' अलर्ट जारी किया है। राजधानी में आज और कल हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। रविवार को बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार मानसून और शहर में हवाएं चलने की उम्मीद है, जिससे नमी की मात्रा में वृद्धि होगी। -
मुंबई. कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार को बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इस पद पर वडेट्टीवार के नाम की घोषणा की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजित पवार और पार्टी के आठ विधायकों के दो जुलाई को एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद नेता प्रतिपक्ष का पद एक महीने से अधिक समय से खाली था। शिंदे सरकार के गठन के बाद अजित पवार नेता प्रतिपक्ष के पद पर 30 जून तक थे। वडेट्टीवार को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किए जाने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार और विपक्षी नेता उन्हें विपक्ष के नेता की सीट तक ले गए। विदर्भ क्षेत्र के चंद्रपुर जिले में ब्रह्मपुरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले वडेट्टीवार पहले भी चार महीने के लिए नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहे थे। मुख्यमंत्री शिंदे ने अपने संबोधन में नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा करने में कथित देरी के लिए कांग्रेस पर कटाक्ष भी किया।
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नयी दिल्ली. ‘प्रोजेक्ट चीता' में शामिल अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शुरुआती अनुभव के आधार पर सरकार को भारत में बसाने के लिए कम उम्र के ऐसे चीतों को प्राथमिकता देने की सलाह दी है, जो प्रबंधन वाहनों एवं मानव उपस्थिति के आदी हों। उन्होंने सरकार को चीतों को बसाने के लिए मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अलावा अन्य स्थान चिह्नित करने की भी सलाह दी। विशेषज्ञों ने सरकार को हाल में सौंपी गई एक स्थिति रिपोर्ट में कहा कि चीतों की ये विशेषताएं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की निगरानी, तनाव मुक्त पशु चिकित्सा और प्रबंधन हस्तक्षेप को सरल बनाने और पर्यटन को बढ़ाने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि कूनो को पर्यटन के लिए खोला जाने वाला है और चीतों के मानव उपस्थिति के आदी होने से उद्यान को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने में मदद मिल सकती है। कूनो में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों के दो समूह लाए गए हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि कम उम्र के वयस्क चीते नए माहौल में अधिक आसानी से ढल जाते हैं और अधिक उम्र के चीतों की तुलना में उनके जीवित रहने की दर भी अधिक होती है। कम उम्र के नर चीते अन्य चीतों को लेकर ‘‘अपेक्षाकृत कम आक्रामक'' व्यवहार दिखाते हैं, जिससे चीतों की आपसी लड़ाई में होने वाली मौत का खतरा कम हो जाता है। विशेषज्ञों ने चीतों को बाहर से लाकर भारत में बसाने पर आने वाले खर्च को ध्यान में रखते हुए रेखांकित किया कि कम उम्र के चीते छोड़े जाने के बाद अधिक समय तक जीवित रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की मौत की दर दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके कारण मीडिया में कई नकारात्मक समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित हुए हैं, लेकिन यह मृतक संख्या वन्य चीता पुनर्वास के सामान्य मापदंडों के भीतर है। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में मार्च के बाद से नौ चीतों की मौत हो चुकी है, जिनमें छह वयस्क एवं तीन शावक शामिल हैं। बहुप्रतीक्षित ‘प्रोजेक्ट चीता' के तहत, कुल 20 चीतों को दो दलों में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में लाया गया था। चार शावकों के जन्म के बाद चीतों की कुल संख्या 24 हो गई थी लेकिन नौ चीतों की मौत के बाद यह संख्या घटकर अब 15 रह गई है। विशेषज्ञों ने दक्षिण अफ्रीका में चीतों को बसाने की कोशिश के दौरान शुरुआत में हुई दिक्कतों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया और कहा कि उसकी 10 में से नौ कोशिश असफल हो गई थीं। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों के आधार पर वन्य चीता पुनर्वास एवं प्रबंधन की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं को स्थापित किया गया। रिपोर्ट में ‘सुपरमॉम' के महत्व को भी रेखांकित किया गया है। ‘सुपरमॉम' दक्षिण अफ्रीका से लाई गईं ऐसी मादा चीतों को कहा जाता है, जो अधिक स्वस्थ और प्रजनन क्षमता के लिहाज से बेहतर होती हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में लाए गए चीतों में से सात मादा हैं और उनमें से केवल एक के ‘सुपरमॉम' होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने भारतीय अधिकारियों को चीतों को पुन: बसाने के लिए कूनो के स्थान पर अन्य स्थलों की पहचान करने की सलाह दी।
- भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में बुधवार से लापता एक नाबालिग बच्ची के साथ रेप और फिर भट्टी में जलाने की सूचना मिली है। बच्ची के कड़े और चप्पल पास ही जंगल में एक कोयला की भट्टी के बाहर मिले हैं। नाबालिग बच्ची के लापता होने और उसकी हत्या की आशंका की सूचना ग्रामीणों ने कोटड़ी थाने में दी तो पुलिस ने जांच पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ गैंगरेप की आशंका जताई जा रही है। रेप के बाद ही उसे भट्टी में जलाने की बात कही जा रही है। अब तक इस मामले में 3 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।भीलवाड़ा में इस सनसनीखेज वारदात के बाद कोटड़ी थाना प्रभारी, एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचे । एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉयड को भी मौके पर बुलाया गया। इस मामले में थाना प्रभारी खींवराज गुर्जर ने बताया कि नरसिंहपुरा गांव की एक नाबालिक बच्ची बुधवार सुबह अपनी मां के साथ खेतों में बकरियां चराने गई थी। दोपहर को उसकी मां तो घर लौट गई लेकिन बच्ची लापता हो गई थी।पुलिस के अनुसार नरसिंहपुरा गांव के इस मामले में बच्ची की तलाश की गई। गांव में नहीं मिलने पर जंगल में खोजना शुरू किया गया। वहां कालबेलिया समाज की बनाई गई कोयला भट्टी से धुंआ निकलता दिखा तो शक हुआ। परिजनों ने वहां तलाश किया। भट्टी के बाहर बच्ची के हाथों में पहना कड़ा और चप्पल मिली। इसके बाद पुलिस काे सूचना दी गई।पुलिस के अनुसार कालबेलिया समाज की ओर से जंगल में लकड़ियां काटकर कोयला बनाने के लिए चार-पांच भट्टियां बनाई हुई हैं। इनमें से एक भट्टी खुली हुई मिली। उसमें से आग निकल रही थी। संदेह हुआ तो परिजनों ने तलाश की। भट्टी के बाहर बच्ची के हाथ का कड़ा और चप्पल मिली। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची के साथ दरिंदगी की गई और फिर भट्टी में फेंक दिया गया।भीलवाड़ा के एसपी आदर्श सिद्धू ने बताया कि बच्ची की हत्या और जलाने की सूचना मिली है। कुछ सुराग भी मिले हैं। बच्ची से गैंग रेप की आशंका से मना नहीं किया जा सकता है। चार में से तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
- चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने कानून-व्यवस्था और शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के मद्देनजर बुधवार को दूसरी इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के मुख्यालय को पुलिस परिसर भोंडसी से नूंह जिले में तुरंत स्थानांतरित करने का फैसला किया। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) टी वी एस एन प्रसाद ने एक आदेश जारी किया।मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को राज्य में सांप्रदायिक झड़पों के बाद केंद्रीय बलों की चार अतिरिक्त कंपनियों की मांग की थी और कहा था कि नूंह में आईआरबी की एक बटालियन भी तैनात की जाएगी।हरियाणा में केंद्रीय बलों की 20 कंपनियां पहले से ही तैनात हैं जिनमें से 14 नूंह में, तीन पलवल में, दो गुरुग्राम में और एक फरीदाबाद में है।विश्व हिंदू परिषद की जलाभिषेक यात्रा को रोकने की कोशिश को लेकर नूंह में भड़की हिंसा गुरुग्राम तक फैल गई। हिंसा में दो होम गार्ड और एक मौलवी सहित छह लोगों की मौत हो गई है।इस बीच, हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने आदेश जारी किया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और वहां के उपायुक्त के मार्गदर्शन एवं राज्य मुख्यालय के साथ समन्वय के लिए तुरंत नूंह पहुंचें। जोशी को अगले आदेश तक नूंह में मुख्यालय संबंधी काम देखने के लिए भी कहा गया है।
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नई दिल्ली। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण-एएसआई सर्वे को चुनौती देने वाली अंजुमन मस्जिद समिति की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मुस्लिम पक्ष की यह दलील नामंजूर कर दी कि सर्वे से मस्जिद को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बाद परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण का रास्ता साफ हो गया है।
वाराणसी के जिला न्यायाधीश ए.के. विश्वेश ने 21 जुलाई के अपने आदेश के ज्ञानवापी परिसर का एएसआई सर्वे कराने का निर्देश दिया था। सर्वे के लिए चार हिन्दू महिलाओं ने 16 मई 2023 को याचिका दायर की थी। सर्वे का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या वर्तमान मस्जिद, हिन्दू मंदिर के पूर्व ढांचे पर निर्मित है। अंजुमन मस्जिद समिति ने वाराणसी जिला अदालत के फैसले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। -
बलिया (उप्र) . जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक युवक ने कथित रूप से पत्नी के विवाद कर बच्चों के साथ मायके चले जाने से क्षुब्ध होकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के कठौड़ा गांव में मंगलवार की रात्रि यशवंत राजभर (35) ने घर पर फांसी लगा ली तथा बुधवार सुबह जब उसके भाई ने उसे फांसी के फंदे पर लटका देखा तो उसने इसकी जानकारी पुलिस को दी। थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) प्रवीण सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि यशवंत राजभर से विवाद के बाद उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी, इसी को लेकर क्षुब्ध यशवंत ने यह कदम उठा लिया।
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आगरा (उप्र) . आगरा में मंगलवार को एक युवती के दो वीडियो वायरल हुए जिनमें उसके हाथ में रिवॉल्वर नजर आती है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। संबंधित एक वीडियो छत पर बनाया गया है जिसमें युवती के हाथ में रिवाल्वर नजर आती है और इसके साथ ‘हम पिस्टल हाथ में रखते हैं न किसी के बाप से डरते हैं' गाना सुनाई देता है। यह वीडियो 10 सेकंड का है। युवती का एक और वीडियो वायरल हुआ है जो 13 सेकंड का है। इस वीडियो में भी उसके हाथ में रिवॉल्वर है और साथ में ‘वो बंदूक भी हमारी होगी गोली, भी हमारी होगी और वक्त भी हमारा होगा' डॉयलॉग सुना जा सकता है। बताया जा रहा है कि युवती ने इंस्टाग्राम के लिए रील बनाई थी। इस महिला का यूट्यूब पर एक चैनल भी है।
पुलिस उपायुक्त सूरज राय ने बताया कि वीडियो की जांच कर कार्रवाई की जाएगी और पुलिस युवती की तलाश में जुटी है। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि फिल्म सिटी परियोजना को छह माह में धरातल पर उतारा जाना चाहिए। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यहां लोकभवन में फिल्म सिटी परियोजना के संबंध में मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छह माह में फिल्म सिटी परियोजना को धरातल पर उतारा जाए क्योंकि उत्तर प्रदेश की धारणा को बदलने में फिल्म सिटी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई चुनौती और नए परिदृश्य का आकलन करते हुए फिल्म सिटी का विकास सुनिश्चित किया जाए तथा फिल्म सिटी के आकार को पूर्ववत रखते हुए चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय फिल्म सिटी बनने से प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्य के कलाकारों को भी अवसर प्राप्त होगा और इससे वे अपने सपनों को प्रदेश में रहकर ही पूरा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म सिटी के विकास से फिल्म निर्माताओं के साथ-साथ सीरियल निर्माताओं, रियलिटी शो निर्माताओं की भी पसंद यही फिल्म सिटी होगी जिससे राज्य के सेवा क्षेत्र, होटल उद्योग, पर्यटन क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि स्नातक स्तर पर प्रवेश के लिए होने वाली संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम पर आधारित नहीं है, बल्कि कक्षा 12 के विभिन्न विषयों की सामान्य समझ पर आधारित है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि यह परीक्षा विभिन्न बोर्डों के छात्रों की समान स्तर पर जांच करती है। उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों, विश्वविद्यालयों और संपूर्ण शिक्षा प्रणाली पर भार को कम करने के लिए शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए सीयूईटी आयोजित किया जा रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘पाठ्यक्रम कक्षा 12 के स्तर पर विषय की सामान्य समझ पर आधारित है और इसलिए परीक्षा विभिन्न बोर्डों के छात्रों की समान स्तर पर जांच करती है। सीयूईटी, सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित नहीं है।
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-अजय माकन छत्तीसगढ़ के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता करेंगे
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के विधानसभा चुनावों के लिए बुधवार को स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को स्थान दिया गया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी राज्यों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए गठित कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता पार्टी सांसद गौरव गोगोई करेंगे तथा गणेश गोदियाल और अभिषेक दत्त सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कुछ अन्य नेता इस समिति में पदेन सदस्य होंगे।मध्य प्रदेश के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष पार्टी महासचिव जितेंद्र सिंह होंगे। अजय कुमार लल्लू और सप्तगिरि उलका इसमें सदस्य होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह और कुछ अन्य वरिष्ठ नेता इसमें पदेन सदस्य होंगे।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन छत्तीसगढ़ के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता करेंगे। एल हनुमनतैया और नेटा डिसूजा इसमें सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव, कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, प्रभारी कुमारी सैलजा और कुछ अन्य नेता इसमें पदेन सदस्य होंगे। कांग्रेस सांसद के. मुरलीधरन तेलंगाना के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता करेंगे। बाबा सिद्दीकी और जिग्नेश मेवानी इसके सदस्य होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी और कुछ अन्य नेता इसके पदेन सदस्य होंगे। स्क्रीनिंग कमेटी हर सीट पर कुछ संभावित उम्मीदवारों के नाम तय करके पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति को भेजती है जहां उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगती है। इन सभी राज्यों में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है। - भोपाल । मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में एक और चीते की मौत हो गई। मार्च के बाद से इस उद्यान में चीतों की मौत का यह नौवां मामला है, जिनमें छह वयस्क एवं तीन शावक शामिल हैं। मध्य प्रदेश वन विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी। विभाग ने एक बयान में कहा कि आज सुबह मादा चीतों में से एक धात्री (टिबलिसी) मृत पाई गई।प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) असीम श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘मौत का कारण पता करने के लिए पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा।'' विभाग के अनुसार, इस चीते की मौत के बाद अब केएनपी में 15 चीते रह गए हैं, जिनमें सात नर, सात मादा एवं एक मादा शावक शामिल हैं। उनमें एक शावक सहित 14 चीते फिलहाल बाड़े में रखे गए हैं, जबकि एक मादा चीता अभी भी जंगल में विचरण कर रही है। इसने कहा कि केएनपी में बाड़े में रखे गए 14 चीते स्वस्थ हैं और उनका लगातार स्वास्थ्य परीक्षण कूनो वन्यप्राणी चिकित्सक टीम एवं नामीबियाई विशेषज्ञ के द्वारा किया जा रहा है। विभाग ने कहा कि जंगल में विचरण कर रही इस मादा चीते की एक दल द्वारा गहन निगरानी की जा रही है और उसे भी स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बाड़े में लाए जाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट चीता के तहत, कुल 20 चीतों को दो दलों में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में लाया गया था। पहला दल नामीबिया पिछले साल सितंबर में और दूसरा दल इस वर्ष फरवरी में आया। चार शावकों के जन्म के बाद चीतों की कुल संख्या 24 हो गई थी लेकिन नौ मौतों के बाद यह संख्या घटकर अब 15 रह गई है। चीते की मौत पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘कूनो में ज़रूर बड़ी चूक हुई है...आज सुबह नौवें चीते की भी मौत हो गई। यह तर्क पूरी तरह से बकवास है कि ये मौतें अपेक्षित हैं। अंतरराष्ट्रीय चीता विशेषज्ञों द्वारा इसे ख़ारिज़ कर दिया गया है। ऐसा तब होता है जब विज्ञान और पारदर्शिता को पीछे छोड़ दिया जाता है। ऐसा तब होता है जब किसी व्यक्ति के लिए दिखावा और अपना गुणगान ही सबसे ऊपर हो जाता है।'' वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया, ‘‘प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक और चीते की मृत्यु का समाचार आया है। जब से प्रधानमंत्री ने चीतों को यहां छोड़ा है, तब से अब तक नौ चीतों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार लगातार इस बात पर अड़ी हुई है कि वह अन्य किसी जगह पर चीतों को नहीं बसाएगी। बेगुनाह वन्य प्राणियों को अपने राजहठ की भेंट चढ़ाना अत्यंत निंदनीय कृत्य है।'' कमलनाथ की आलोचना का जवाब देते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कमलनाथ पर हमेशा मध्य प्रदेश का अपमान करने के लिए उत्सुक दिखाई देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने कहा है कि जब भी चीतों को स्थानांतरित किया जाता है तो मृत्यु दर लगभग 50 प्रतिशत रहती है। पिछले महीने दो चीतों की गर्दन पर रेडियो कॉलर के कारण लगे घावों में संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। पर्यावरण मंत्रालय ने हालांकि कहा था कि सभी चीतों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। file photo
- नयी दिल्ली। टमाटर की कीमतों में महीने भर से जारी तेजी के बीच थोक व्यापारियों ने आने वाले दिनों में इस सब्जी के भाव 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाने की आशंका जताई है। थोक कारोबारियों ने आवक कम होने से टमाटर के थोक दाम बढ़ने की बात कही है। उनका कहना है कि इसका असर खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिल सकता है। दिल्ली स्थित आजादपुर टमाटर एसोसिएशन के अध्यक्ष और कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के सदस्य अशोक कौशिक ने कहा, ‘‘पिछले तीन दिनों में टमाटर की आवक कम हो गई है क्योंकि भारी बारिश के कारण उत्पादक क्षेत्रों में फसल खराब हो गई है।'' उन्होंने कहा कि थोक बाजार में टमाटर के भाव 160 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 220 रुपये प्रति किलो हो गए हैं, जिसके कारण खुदरा कीमतें भी बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि सब्जियों के थोक विक्रेताओं को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि टमाटर, शिमला मिर्च और अन्य मौसमी सब्जियों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण आपूर्ति बाधित होने से टमाटर की कीमत एक महीने से अधिक समय से चढ़ी हुई है।आजादपुर सब्जी मंडी के थोक विक्रेता संजय भगत ने कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और भारी बारिश के कारण सब्जियों के परिवहन में काफी कठिनाई हो रही है। उत्पादकों से सब्जियों को लाने में सामान्य से छह-आठ घंटे अधिक लग रहे हैं। ऐसी स्थिति में टमाटर की कीमत लगभग 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।'' उन्होंने कहा कि टमाटर और अन्य सब्जियां जो हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र से आती हैं, उनकी गुणवत्ता में गिरावट आई है। हिमाचल प्रदेश में जुलाई में भारी बारिश होने से फसलों को नुकसान हुआ है। इस बीच, मदर डेयरी अपने 'सफल स्टोर' के जरिये टमाटर की बिक्री 259 रुपये प्रति किलो पर कर रही है।केंद्र सरकार 14 जुलाई से ही रियायती दर पर टमाटर की बिक्री कर रही है। इससे राष्ट्रीय राजधानी में खुदरा कीमतें नरम पड़नी शुरू हो गई थीं लेकिन आपूर्ति में कमी आने से कीमतें दोबारा बढ़ने लगी हैं। आजादपुर कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के सदस्य अनिल मल्होत्रा ने कहा कि बाजार में टमाटर की आपूर्ति और मांग दोनों कम है और विक्रेताओं को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मल्होत्रा ने कहा, ‘‘विक्रेताओं को सब्जियों की आवाजाही में देरी, गुणवत्ता में गिरावट जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा ग्राहक टमाटर, शिमला मिर्च, फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी सब्जियां खरीदने से हिचक रहे हैं।'' उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, टमाटर की खुदरा कीमत बुधवार को 203 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जबकि मदर डेयरी के सफल स्टोर पर कीमत 259 रुपये प्रति किलोग्राम थी। मदर डेयरी के प्रवक्ता ने कहा, “असामान्य मौसम के कारण पिछले दो महीनों से देश भर में टमाटर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। पिछले दो दिनों में आजादपुर मंडी में भी आवक में भारी गिरावट आई है। कम आपूर्ति के कारण थोक बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिसके परिणामस्वरूप खुदरा कीमतों पर भी असर पड़ा है।'' एशिया की सबसे बड़ी थोक फल और सब्जी मंडी आजादपुर मंडी में टमाटर की थोक कीमतें बुधवार को गुणवत्ता के आधार पर 170-220 रुपये प्रति किलोग्राम रही।
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जम्मू . अमरनाथ गुफा मंदिर के दर्शनों के लिए यहां के भगवती नगर से 984 तीर्थयात्रियों का नया जत्था रवाना हुआ। एक जुलाई को शुरू हुई इस 62 दिवसीय तीर्थयात्रा में अब तक चार लाख से अधिक श्रद्धालु ‘बाबा बर्फानी' के दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा 31 अगस्त को संपन्न होगी। अधिकारियों ने बताया कि भगवती नगर शिविर से रवाना होने वाले इस जत्थे में 984 तीर्थयात्रियों में से 498 अनंतनाग जिले में 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा कर रहे हैं जबकि 486 श्रद्धालु गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग की ओर बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही जम्मू आधार शिविर से 1.41 लाख से अधिक श्रद्धालु घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं।
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गांधीनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण विकास को गति देता है और उन्हें सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी तरीका ‘‘महिला नीत विकासात्मक दृष्टिकोण'' है। जी20 की भारत की अध्यक्षता में गुजरात की राजधानी गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित ‘महिला सशक्तीकरण मंत्रिस्तरीय सम्मेलन' को मोदी ने डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जब महिलाएं समृद्ध होती हैं, तो दुनिया समृद्ध होती है।'' उन्होंने मौजूदा परिदृश्य में महिला उद्यमियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य समान अवसर मुहैया कराने वाला मंच बनाने का होना चाहिए जहां महिलाओं द्वारा उपलब्धि हासिल करना सामान्य बात हो जाए। हमें उन बाधाओं को दूर करने पर काम करना चाहिए जो बाजार, वैश्विक मूल्य श्रृंखला तथा किफायती वित्त तक उनकी पहुंच को रोकती हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण विकास को गति देता है। शिक्षा तक उनकी पहुंच वैश्विक प्रगति को बढ़ावा देती है। उनका नेतृत्व समावेशिता बढ़ाता है और उनकी आवाज सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करती है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने इसका उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘महात्मा गांधी का मशहूर चरखा गंगाबेन नाम की महिला को पास के गांव में मिला था।'' उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी तरीका महिला नीत विकास का दृष्टिकोण है। भारत इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।'' मोदी ने कहा, ‘‘भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खुद एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। वह साधारण जनजातीय पृष्ठभूमि से आती हैं, लेकिन अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करती हैं और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रक्षा बल की पदेन प्रमुख हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत में शुरुआत से ही महिलाओं को वोट देने तथा चुनाव लड़ने का अधिकार दिया गया है।
उन्होंने बताया कि भारत में ग्रामीण स्थानीय निकायों में 46 फीसदी यानी कि 14 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 80 फीसदी से अधिक नर्स और दाई (मिडवाइफ) महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान अग्रिम मोर्चे पर काम करने के लिए उनकी उपलब्धियों पर देश को गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘महिला नीत विकास भारत में हमारे लिए अहम प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत करीब 70 फीसदी कर्ज महिलाओं को दिए गए हैं। इसके तहत छोटे स्तर के उद्यमों को सहयोग देने के लिए 10 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है। इसी तरह स्टैंडअप इंडिया (सरकारी कार्यक्रम) के तहत 80 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अभी तक ग्रामीण महिलाओं को करीब 10 करोड़ रसोई गैस सिलेंडर के कनेक्शन दिए गए हैं। मोदी ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रौद्योगिक शिक्षा में महिलाओं की संख्या 2014 के बाद से दोगुनी हुई है और भारत में करीब 43 प्रतिशत स्टेम (एसटीईएम) (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) स्नातक महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत में करीब एक-चौथाई अंतरिक्ष वैज्ञानिक महिलाएं हैं तथा चंद्रयान, गगनयान तथा मंगल मिशन जैसे देश के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की सफलता के पीछे उनकी प्रतिभा और कठिन परिश्रम है। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत में पुरुषों के मुकाबले अधिक महिलाएं उच्च शिक्षा के लिए पंजीकरण करा रही हैं। नागरिक उड्डयन में सबसे अधिक महिला पायलट वाले देशों की फेहरिस्त में हम भी शामिल हैं। भारतीय वायुसेना में महिला पायलट अब लड़ाकू विमान भी उड़ा रही हैं।'' मोदी ने कहा कि प्रकृति से घनिष्ठ संबंध होने के कारण महिलाओं के पास जलवायु परिवर्तन के लिए नवोन्मेषी समाधान हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे याद है कि 18वीं सदी में भारत में कैसे महिलाओं ने पहली प्रमुख जलवायु कार्रवाई का नेतृत्व किया था। अमृता देवी के नेतृत्व में राजस्थान के बिश्नोई समुदाय ने ‘चिपको आंदोलन' प्रारंभ किया। यह पेड़ों की अनियंत्रित कटाई को रोकने के लिए वृक्षों को गले लगाने का एक आंदोलन था। उन्होंने कई अन्य ग्रामीणों के साथ प्रकृति के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।'' उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों का वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि भारत में महिला उद्यमियों की भूमिका नयी नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘दशकों पहले, 1959 में मुंबई में कुछ गुजराती महिलाओं ने एक सहकारी आंदोलन ‘श्री महिला गृह उद्योग' चलाया, जिसके तहत लिज्जत पापड़ बनता है। तब से इसने लाखों महिलाओं तथा उनके परिवारों की जिंदगी बदल दी है। -
नयी दिल्ली. सरकार जल्द ही बैरियर-रहित टोल संग्रह प्रणाली शुरू करने की योजना बना रही है। इसके लागू होने पर वाहन चालकों को टोल बूथ पर आधा मिनट के लिए भी खड़ा नहीं होना पड़ेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री वी के सिंह ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि बैरियर-रहित टोल संग्रह प्रणाली का इस समय परीक्षण चल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा परीक्षण सफल होते ही हम इसे जल्द लागू कर देंगे।'' सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में सड़कों पर तय की गई दूरी के आधार पर टोल भुगतान की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि टोल संग्रह की नई व्यवस्था लागू होने पर इसकी दक्षता बढ़ेगी और यात्रा के समय में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि वाहनों में फास्टैग के इस्तेमाल से टोल बूथ पर लगने वाला समय घटकर 47 सेकंड रह गया है लेकिन सरकार इसमें और भी कटौती करते हुए इसे 30 सेकंड से भी नीचे लाना चाहती है। इसके लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पायलट (प्रायोगिक) परीक्षण जारी है जिसमें उपग्रह और कैमरा आधारित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। सिंह ने कहा, ‘‘जब आप किसी राजमार्ग पर प्रवेश करते हैं और आपके वाहन पर लगी पंजीकरण संख्या को वहां लगा कैमरा स्कैन करता है तो उसके आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि टोल बूथ तक पहुंचने के लिए आपने कितने किलोमीटर लंबा सफर तय किया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह मौजूदा व्यवस्था से अलग है जिसमें इससे कोई लेना-देना नहीं होता है कि आपने राजमार्ग पर कितना किलोमीटर सफर तय किया है। यह भुगतान टोल के नियमों पर आधारित होता है।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार के दूरसंचार समेत तमाम क्षेत्रों में किए गए कार्यों की वजह से ही ऐसी प्रगति हो पा रही है। उन्होंने कहा कि दूरसंचार नेटवर्क में सुधार होने से टोल प्लाजा पर वाहनों के आंकड़े जुटाने में मदद मिल रही है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और दिल्ली पुलिस जैसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले संगठनों में 1,14,245 पद खाली पड़े हैं। मिश्रा ने कहा कि 2023 में, लगभग 31,879 पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए गए हैं और इनमें से 1,126 पद भरे गए हैं। उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और उसके अधीन आने वाले सीमा सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, असम राइफल्स और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा दिल्ली पुलिस जैसे संगठनों में वर्तमान में लगभग 1,14,245 पद खाली हैं। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों में से 3,075 पद समूह ‘ए', 15,861 पद समूह ‘बी' और 95,309 पद समूह ‘सी' के हैं। इनमें 16,356 पद अनुसूचित जाति, 8,759 पद अनुसूचित जनजाति, 21,974 पद अन्य पिछड़ा वर्ग और 7,394 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा 59,762 पद सामान्य वर्ग के हैं। मंत्री ने कहा कि रिक्त पदों पर भर्ती एक सतत प्रक्रिया है और रिक्ति उत्पन्न होने पर पदों को भरने के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए जाते हैं और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पत्र जारी किए जाते हैं। मिश्रा ने कहा कि मंत्रालय नियमित रूप से भर्ती की प्रगति की समीक्षा करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जाए।
- रायपुर। इंदिरा गांधाी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) द्वारा छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए जुलाई-2023 सत्र में ओडीएल/ऑनलाइन मोड मे नए प्रवेश में नामांकन एवं पुन: पंजीकरण की तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त, 2023 कर दी गयी है । ओडीएल मोड में नए प्रवेश के लिए https://ignouadmission.samarth.edu.in और ऑनलाइन मोड में प्रवेश के लिए https://ignouiop.samarth.edu.in पर नामांकन किया जा सकता है । इसके लिए आलावा https://onlinerr.ignou.ac.in लिंक पर पुन: पंजीकरण भी कर सकते हैं ।नामांकन के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर व पी.जी. डिप्लोमा एवं छह माह के सर्टिफिकेट कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं, इसके लिए निर्देश वेबसाइट पर उपलब्ध हैं । शिक्षार्थियों को मुद्रित सामग्री न लेने पर शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट दी गई है जो ऑनलाईन सामग्री के आधार पढ़ाई करेंगे । अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए बीए, बीकॉम व बीएससी (सभी सामान्य) में नि:शुल्क नामांकन का प्रावधान है ।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अधिसूचनानुसार स्नातक स्तर के दो पाठ्यक्रम की पढ़ाई एक साथ की जा सकती है । इसके अनुसार परंपरागत् शिक्षा संस्थान में स्नातक की पढ़ाई करने वाला छात्र अब दूरदस्थ संस्थान से भी स्नातक की पढ़ाई कर सकते हैं ।
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हाजीपुर. बिहार के वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित एक्सिस बैंक की एक शाखा से अपराधियों ने हथियार के बल पर मंगलवार को 98 लाख रूपये लूट लिए। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक पंकज सिन्हा ने बताया कि अपराधी संख्या में पांच थे जिनमें से चार के बैंक के भीतर और एक अपराधी के बाहर होने की बात सामने आयी है। सिन्हा वारदात के बाद मौके का निरीक्षण करने पहुंचे थे। वारदात के बाद मौके का निरीक्षण करने पहुंचे सिन्हा ने कहा कि जांच के क्रम में यह भी बात सामने आयी है कि बैंक के सुरक्षा गार्ड के पास कोई अग्नेयास्त्र नहीं था जिसका अपराधियों ने लाभ उठाया । पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी और राशि की बरामदगी के लिए एक पुलिस टीम का गठन कर दिया गया है । वैशाली के पुलिस अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि बैंक कर्मियों द्वारा लूट की राशि 98 लाख रूपये बतायी गयी है । अपराधी दोपहिया वाहन पर सवार होकर आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए । -
नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी की आजादपुर मंडी पहुंचे और वहां कुछ सब्जी व फल विक्रेताओं से मुलाकात की। गांधी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें सब्जी विक्रेताओं से मिलते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो को शीर्षक देते हुए कहा, ''आज, भारत की सबसे बड़ी सब्जी मंडी, आजादपुर मंडी पहुंचकर वहां के विक्रेताओं-व्यापारियों से मुलाकात की। सभी से मिलकर उनके काम, उनकी समस्याओं एवं बढ़ती कीमतों पर चर्चा की तथा उनके भविष्य की आकांक्षाओं को जाना।'' कांग्रेस द्वारा साझा किए गए एक छोटे से वीडियो में राहुल गांधी को भीड़-भाड़ वाले बाजार में चलते हुए, लोगों से हाथ मिलाते हुए और वहां मौजूद लोगों से बात-चीत करते हुए देखा जा सकता है। -
नई दिल्ली। हरियाणा में, 31 जुलाई को दो समुदाय के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद नूंह और उसके आसपास के जिलों में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। किसी भी आकस्मिक घटना को रोकने के लिए, नूंह, फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम में धारा 144 लागू है। नूंह और गुरुग्राम तथा फरीदाबाद के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित है। एहतियात के तौर पर गुरुग्राम जिले के सोहना उपमंडल के शैक्षणिक संस्थान आज बंद रहें ।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि नूंह जिले में हिंसा के दौरान छह लोगों की मृत्यु हो गई। आज सुबह उन्होंने कहा कि साजिश रचने वालों की लगातार पहचान की जा रही है। अब तक कुल 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच के लिए उन्हें रिमांड पर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि नूंह और उसके आसपास के इलाकों में स्थिति सामान्य है। सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के अन्य हिस्सों से कुछ घटनाएं सामने आईं थी, जिन पर तुरंत काबू पा लिया गया। उन्होंने नागरिकों से राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस की 30 इकाइयां और केंद्र से अर्धसैनिक बलों की बीस कंपनियां तैनात हैं, जिनमें से 14 इकाइयां नूंह, 3 पलवल, 2 फरीदाबाद और एक गुरुग्राम भेजी गई हैं।केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा है कि हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम में हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्री गुर्जर ने कहा स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। - मुंबई।. महाराष्ट्र के ठाणे जिले में समृद्धि एक्सप्रेस-वे निर्माण के तीसरे चरण के दौरान मंगलवार को एक ‘गर्डर लॉन्चर' गिर जाने से 10 श्रमिकों सहित कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) ने एक विज्ञप्ति में कहा कि 700 टन वजनी, सेगमेंट लॉन्चर (क्रेन) और गर्डर लॉन्चर 35 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिर पड़े। नागपुर को मुंबई से जोड़ने वाली एक्सप्रेसवे परियोजना की निष्पादन एजेंसी एमएसआरडीसी ने कहा कि मृतकों में दो इंजीनियर भी शामिल हैं। ठाणे जिले की पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत के आरोप में दो ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना मंगलवार तड़के मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर शाहपुर तहसील के सरलांबे गांव के पास हुई। हादसे में घायल हुए तीन लोगों को ठाणे के कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने इस घटना की विशेषज्ञों से जांच कराने के आदेश दिए हैं। फडणवीस ने हादसे में लोगों के मारे जाने पर शोक भी जताया। यह एक विशेष प्रयोजन वाली ‘मोबाइल गैन्ट्री क्रेन' थी, जिसका उपयोग पुल निर्माण और राजमार्ग निर्माण परियोजनाओं में पूर्वनिर्मित डिब्बानुमा पुल की डाट (गर्डर) लगाने के लिए किया जाता था। एमएसआरडीसी ने कहा कि पुल के कुल 114 खंडों में से 98 का निर्माण एक ही लॉन्चर का उपयोग करके सफलतापूर्वक किया गया था। संबंधित 2.28 किमी लंबे पुल का निर्माण नवयुग इंजीनियरिंग और वीएसएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सिंगापुर द्वारा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायल व्यक्तियों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए (लापरवाही से मौत) और 337 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत शाहपुर थाने में कंपनी के पुल के निर्माण कार्य से जुड़े दो ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। समृद्धि महामार्ग को ‘हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग' के नाम से जाना जाता है। यह मुंबई और नागपुर को जोड़ने वाला 701 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे है, जो नागपुर, वाशिम, वर्धा, अहमदनगर, बुलढाणा, औरंगाबाद, अमरावती, जालना, नासिक और ठाणे सहित 10 जिलों से होकर गुजरता है। उल्लेखनीय है कि 600 किमी लंबे खंड का निर्माण पूरा हो चुका है और इसे यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि नासिक और ठाणे के बीच शेष 101 किमी लंबे खंड का काम प्रगति पर है। इस मार्ग पर दुर्घटनाओं के बारे में एक अधिकारी ने बताया कि समृद्धि एक्सप्रेसवे पर पिछले छह महीने में हुए सड़क हादसों में कुल 88 लोगों की जान गई है, जिनमें से 25 लोगों की मौत पिछले महीने एक निजी बस के डिवाइडर से टकराने के कारण उसमें आग लगने से हुई थी।
- बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगलवार को चंद्रयान-3 को कक्षा में ऊपर उठाने की प्रक्रिया ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन' को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा, ‘‘चंद्रयान-3 ने पृथ्वी के आसपास अपनी कक्षाओं का चक्कर पूरा कर लिया है और अब वह चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है।'' उसने कहा, ‘‘इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क में चंद्रयान-3 को चंद्रमा के करीब ले जाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। इसरो ने चंद्रयान का ट्रांसलूनर कक्षा में प्रवेश कराया।'' इसरो ने कहा, ‘‘अगला कदम : चंद्रमा है। जब वह चंद्रमा पर पहुंचेगा तो पांच अगस्त 2023 को लूनर-ऑर्बिट इंसर्शन (चंद्र-कक्षा अंतर्वेश) की योजना है।'' इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ट्रांसलूनर-इंजेक्शन (टीएलआई) के बाद चंद्रयान-3 पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकल गया और अब वह उस पथ पर अग्रसर है जो उसे चंद्रमा के करीब ले जाएगा। इसरो ने कहा है कि वह आगामी 23 अगस्त को चंद्रयान-3 की चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग' कराने की कोशिश करेगा। इससे पहले, चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को प्रक्षेपित किए जाने के बाद से उसे कक्षा में ऊपर उठाने की प्रक्रिया को पांच बार सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है।
- पुणे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रहण करते हुए कहा कि एक-दूसरे पर भरोसा ही देश को मजबूत बनाएगा। मोदी ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि अगर अविश्वास का माहौल है तो विकास असंभव है।इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के साथ मंच साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक स्वतंत्र प्रेस के महत्व को समझते थे। मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी। अंग्रेजों ने उन्हें भारतीय अशांति का जनक कहा था।'' उन्होंने कहा कि वह लोकमान्य तिलक के नाम पर पुरस्कार पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रिम कतार में थे। मोदी ने कहा, ‘‘अगर विदेशी आक्रमणकारियों के नाम पर रखी गई चीजों का नाम बदल दिया जाता है तो आज कुछ लोग असहज हो जाते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘लोकमान्य तिलक में युवा प्रतिभाओं की पहचान करने की अनूठी क्षमता थी। वीर सावरकर इसका एक उदाहरण थे।'' मोदी ने कहा कि तिलक को वीर सावरकर की क्षमता का एहसास हुआ और उन्होंने विदेश में उनकी शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘‘जब किसी पुरस्कार का नाम लोकमान्य तिलक के नाम पर रखा जाता है तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है।'' प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में पुणे के योगदान की भी सराहना की।इस अवसर पर पवार ने कहा कि भारत में पहली सर्जिकल स्ट्राइक छत्रपति शिवाजी के कार्यकाल में हुई थी। राकांपा नेता ने कहा कि देश ने दो युग देखे हैं- एक तिलक का और दूसरा महात्मा गांधी का।

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