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कोलकाता. बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्री मुहम्मद हसन महमूद ने भारतीय फिल्मों की सराहना करते हुए कहा कि उनका देश अपने यहां के लोगों को सिनेमाघरों में अधिक से अधिक भारतीय फिल्में देखने में सक्षम बनाने के लिए काम कर रहा है। कोलकाता के नंदन में बृहस्पतिवार को पांचवें बांग्लादेश फिल्म महोत्सव का उद्घाटन करते हुए महमूद ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह जानकर अभिभूत हूं कि ‘हौवा' देखने के लिए नंदन के बाहर 800 मीटर लंबी कतार लग गई। जिन बादलों की वजह से दोनों देशों में बारिश होती है, वे बादल अलग अलग नहीं होते। कोई भी कांटेदार तार हमारे दिलों के बंधन को नहीं तोड़ सकता।'' सीमा के दोनों ओर के देशों में बनने वाले म्यूजिक वीडियो और वेब सीरीज की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर बंधन नहीं लगाना चाहिए।'' महमूद ने कहा, ‘‘हमने बांग्लादेश में 10 हिंदी फिल्मों की रिलीज की सुविधा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि भारत और बांग्लादेश दोनों एक जैसी समस्या का सामना कर रहे हैं। ‘‘सिंगल स्क्रीन बंद हो रहे हैं और मल्टीप्लेक्स बढ़ रहे हैं। '' उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस चलन से लड़ना होगा।''
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा कि साहित्यिक कार्यों ने कंटीले तारों और राजनीति को अप्रासंगिक बना दिया है। कार्यक्रम में मौजूद जाने-माने निर्देशक गौतम घोष ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि कोलकाता के लोग बांग्लादेशी फिल्मों का आनंद लेंगे।'' 31 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान नंदन परिसर में रेडियो, गुनिन और ब्यूटी सर्कस सहित 24 फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। - मुंबई। दिल्ली से मुंबई जा रहे विमान में एक महिला डॉक्टर का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि घटना बुधवार की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली से सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर उड़ान भरने वाले विमान में 24 वर्षीय पीड़िता की सीट आरोपी के बगल में ही थी। उन्होंने कहा, ‘‘महिला डॉक्टर ने अपनी शिकायत में बताया कि मुंबई हवाई अड्डे पर विमान के उतरने से कुछ समय पहले आरोपी ने उन्हें गलत तरीके से छुआ।’’इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई और पीड़िता ने विमान के चालक दल के सदस्यों को सूचित किया, जिन्होंने हस्तक्षेप किया। उन्होंने बताया कि विमान से उतरने के बाद पीड़िता सहार पुलिस थाने पहुंचीं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई। मामले की जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली।. मणिपुर में भीड़ द्वारा दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाए जाने की घटना की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जाएगी और सरकार इस मामले में मुकदमे की सुनवाई राज्य से बाहर कराने का अनुरोध करेगी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।.उन्होंने बताया कि सुनवाई पड़ोसी राज्य असम की अदालत में कराने का अनुरोध किया जाएगा।.
- जयपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत का भरोसा जताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ‘आज राजस्थान में एक ही गूंज है, एक ही नारा है… जीतेगा कमल, खिलेगा कमल।’ इसके साथ ही मोदी ने राज्य की राजनीति में हाल ही में हलचल मचा देने वाली ‘लाल डायरी’ को लेकर भी कटाक्ष किया और कहा,‘‘कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओं की इस लाल डायरी का नाम सुनते ही बोलती बंद हो रही है।’’ वे सीकर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।उन्होंने कहा,‘‘आप इतनी बड़ी संख्या में मुझे आशीर्वाद देने आए हैं। ये जन सैलाब बता रहा है कि आने वाले चुनाव में ऊँट किस करवट बैठेगा। अब राजस्थान की करवट भी बदलेगी और राजस्थान की किस्मत भी बदलेगी।’’ उन्होंने कहा,‘‘आज राजस्थान में एक ही गूंज है, एक ही नारा है… जीतेगा कमल, खिलेगा कमल।’मोदी ने कटाक्ष करते हुए कहा,‘‘कांग्रेस ने राजस्थान में सरकार चलाने के नाम पर सिर्फ लूट की दुकान चलाई है और झूठ का बाजार चलाया है। झूठ की दुकान का सबसे ताजा प्रोजेक्ट है, राजस्थान की ‘लाल डायरी’।’’प्रधानमंत्री ने आगे कहा,‘‘कहते हैं इस ‘लाल डायरी’ में कांग्रेस सरकार के काले कारनामे दर्ज हैं। लोग कह रहे हैं कि ‘लाल डायरी’ के पन्ने खुले तो अच्छे-अच्छे निपट जाएंगे।’’उन्होंने कहा,‘‘कांग्रेस के बड़े से बड़े नेताओं की इस ‘लाल डायरी’ का नाम सुनते ही बोलती बंद हो रही है। ये लोग भले ही मुंह पर ताला लगा लें, लेकिन ये ‘लाल डायरी’ इस चुनाव में कांग्रेस का डिब्बा गोल करने जा रही है।’’हर घर जल’ योजना का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा,‘‘आज देशभर में 9 करोड़ से अधिक नए परिवारों तक पानी के कनेक्शन पहुंच चुके हैं। अनेक राज्यों में शत-प्रतिशत नल से जल देने का काम पूरा हो गया है। …लेकिन राजस्थान के लोगों को कांग्रेस की सरकार पानी के लिए भी तरसा कर रखना चाहती है। राजस्थान ‘हर घर जल’ योजना में बहुत पीछे चल रहा है।’’उन्होंने कहा,‘‘राजस्थान में अच्छी सड़कों के लिए, अच्छे हाईवे के लिए, राज्य के विकास के लिए भाजपा सरकार लगातार पैसे भेज रही है। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब 10 वर्षों में राजस्थान में टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में एक लाख करोड़ रुपये ही दिए गए थे। बीते 9 वर्षों में भाजपा सरकार ने टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में चार लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचाए हैं।’’
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नई दिल्ली। केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि देश में कोयले की कमी नहीं है। लोकसभा में आज एक लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि 2022-23 के दौरान अखिल भारतीय कोयला उत्पादन आठ सौ 93 मिलियन टन से अधिक था। इस उत्पादन से पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 14 दशमलव 77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। पांच सूत्रीय रणनीति अपनाकर मंत्रालय हाइड्रोकार्बन पर आयात निर्भरता कम कर रही है। मंत्रालय घरेलू उत्पादन, जैव ईंधन और नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाकर, ऊर्जा दक्षता नियमों को ग्रहण करके तथा परिशोधन प्रक्रियाओं और वैकल्पिक मांग को बढाने के प्रयास कर रहा है। सस्ती परिवहन पहल की दिशा में हाइड्रोकार्बन अन्वेषण तथा लाइसेंसिंग नीति और सतत विकल्प व्यापार की सुगमता बढायेंगे तथा कम्प्रेस्ड बायोगैस से उत्पादन के लिए पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करेंगे।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मत व्यक्त किया है कि लोकसभा में कांग्रेस पार्टी द्वारा पेश किये गये अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष एकजुट नहीं है। संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के पश्चात् का घटनाक्रम यह दर्शाता है कि विपक्ष की इस मुद्दे पर सहमति नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार 2018 की भांति ही इस अविश्वास प्रस्ताव को विफल करने के बारे में आश्वस्त है। विपक्षी दलों द्वारा मणिपुर का मुद्दा उठाये जाने पर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह स्थिति की समीक्षा के लिए तीन दिन मणिपुर में रहे और वह लगातार स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि कल पूर्वोत्तर के सांसद राज्यसभा के सभापति से मिले, वे सदन में मणिपुर मामले पर चर्चा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2024 में एन.डी.ए. सरकार फिर से सरकार का गठन करेगी और काले वस्त्र पहनकर विरोध करने वाले विपक्ष को चुनाव में मात देगी।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के सीकर में एक लाख पच्चीस हजार पीएम किसान समृद्धि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किये। प्रधानमंत्री ने 'यूरिया गोल्ड' का भी शुभारम्भ किया। श्री मोदी ने डिजिटल वाणिज्य के ओपन नेटवर्क पर एक हजार पांच सौ किसान उत्पादक संगठनों-एफपीओ को शामिल किये जाने का शुभारंभ किया। श्री मोदी ने बटन दबाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 14वीं किश्त के रूप में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से साढ़े 8 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को जारी की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पांच नये मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया, जबकि सात मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री ने छह एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय तथा एक केन्द्रीय विद्यालय का भी उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के इतने दशक बाद देश में ऐसी सरकार आई है जो किसानों का दुख दर्द और चिंता को समझती हैं। साथ ही किसानों की आय बढाने और उनके खर्चे कम करने के लिए लगातार कदम उठाये जा रहे हैं। इसीलिये बीते 9 साल में भारत सरकार द्वारा लगातार किसानों के हित में फैसले लिये गये हैं। श्री मोदी ने कहा कि पीएम किसान समृद्धि केंद्र, किसानों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगे। ये किसानों के लिए वन स्टॉप सेंटर की तरह काम करेंगे, जिससे किसानों की मुश्किलें कम होंगी।प्रधानमंत्री ने किसानों से आहवान किया कि किसान समृद्धि केंद्रों में जाने की आदत डालें, इससे उन्हें नई जानकारियां मिलती रहेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के अंत तक देश में पौने दो लाख से ज्यादा पीएम किसान समृद्धि केंद्र और बनाये जायेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि दुनिया की सबसे बड़ी योजना है जिसमें किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे स्थानांतरित किये जाते हैं। अब तक 2 लाख 60 हजार करोड़ से भी ज्यादा रूपये किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजे गये हैं। इन पैसों ने छोटे छोटे खर्च निपटाने में किसानों की बहुत मदद की है। प्रधानमंत्री ने किसानों के पैसे बचाने संबंधी सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने कई चुनौतियां होने के बावजूद यूरिया की कीमतें नहीं बढने दी। उन्होंने कहा कि अन्य देशों में यूरिया की कीमतें भारत के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने मोटे अनाजों के श्रीअन्न की पहचान दी है और इसे दुनिया के बडे़ बडे़ बाजारों में ले जाया जा रहा है। देश में श्रीअन्न का उत्पादन, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट सभी बढ रहा है। इन प्रयासों का लाभ देश और प्रदेश के उन किसानों को हो रहा है जो मोटे अनाज की खेती कर रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का विकास तभी हो सकता है, जब गांवों का विकास हो। आज सरकार देश के गांवों में हर वो सुविधा पहुंचाने का प्रयास कर रही है जो शहरों में मिलती है। साथ ही आज देश के हर हिस्से में नये एम्स और नये मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने नजदीक मिल सकें।श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने शिक्षा के लिए बजट और संसाधनों को बढ़ाया है। एकलव्य मॉडल स्कूल खोले जा रहे है, जिसका लाभ आदिवासी परिवारों को मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान में आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और राजस्थान को हाल ही में दो एक्सप्रेस-वे मिले हैं। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाएं होने से राज्य में पर्यटन और विकास के नये रास्ते खुलेंगें।कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल कलराज मिश्र, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, नरेंद्र सिंह तोमर, गजेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चौधरी तथा राज्य सरकार के मंत्रीगण भी मौजूद रहे। - हैदराबाद । तेलंगाना के भद्राद्री कोथागुडेम जिले के एक युवक ने वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से नाराज होकर कथित रूप से अपनी बहन की हत्या कर दी है। पुलिस ने बताया कि 22 वर्षीय आरोपी युवक ने अपनी छोटी बहन को ऐसा करने से मना किया था, लेकिन उसने कोई बात नहीं सुनी। पुलिस के मुताबिक, घटना जिले के येल्लांदु मंडल में 24 जुलाई की है। पुलिस ने बताया कि अस्पताल ले जाते हुए 21 वर्षीय युवती की मौत हो गई।पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि युवती की मां की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर उसके (मृतका के) आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि युवती के आरोपी भाई ने दो-तीन मौकों पर बहन को वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया मंचों पर अपलोड न करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि उसे (भाई को) यह सब पसंद नहीं है। इसी बात को लेकर 24 जुलाई को आरोपी भाई और बहन के बीच तीखी बहस हुई थी। पुलिस ने बताया, ''जिसके बाद उसने फिर से अपनी बहन को चेतावनी दी लेकिन उसने (बहन ने) कथित तौर पर अपने भाई से कहा कि वह वही करेगी जो वह चाहती है, जिसके बाद गुस्से में आकर आरोपी भाई ने अपनी बहन के सिर पर मूसल से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गई।'' अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने युवती को खम्माम के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए सोमवार रात को वारंगल के दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
- कटक (ओडिशा)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को मेडिकल छात्रों से अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि नयी दवाओं की खोज कर वे भी नोबेल पुरस्कार जीत सकते हैं। यहां स्थित श्रीराम चंद्र भांजा (एससीबी) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा दवाओं का नुस्खा लिखना जितना महत्वपूर्ण है उतना ही नयी दवाओं को विकसित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘आप में से जिन्हें अनुसंधान में रुचि है वे उस पर ध्यान केंद्रित करें। मुझे उम्मीद है कि अगर आप अनुसंधान जारी रखेंगे तो आयुर्विज्ञान में नयी दिशा की खोज कर सकते हैं और इसके लिए नोबेल पुरस्कार भी मिल सकता है।'' राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की पूरे देश में ख्याति है और आसपास एवं दूरदराज से लोग इलाज कराने आते हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के पूर्व छात्र पूरी दुनिया में फैले हैं और पुरस्कार जीत कर पूरे देश के लिए नाम कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया ने भारत की चिकित्सा क्षमता को देखा।राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘कोविड-19 ने पूरी मानवता को झकझोर दिया था। मैं भारत के चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों को जिंदगी बचाने के लिए धन्यवाद देती हूं।'' उन्होंने कटक स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में कानून में स्नातक करने वाले छात्रों से समाज में हाशिये पर रहने वाले और वंचित लोगों के लिए काम करने का आह्वान किया। वहीं यहां राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आपकी डिग्री नए द्वार खोलती है। यह करियर बनाने और अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नए संकल्प लेने का अवसर है।'
- नयी दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और आईआईएसईआर सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछले पांच वर्षों में 98 छात्रों ने आत्महत्या की है। वर्ष 2023 में अब तक उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या के 20 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें केंद्रीय विश्वविद्यालयों के नौ और आईआईटी के सात मामले शामिल हैं। केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुभाष सरकार ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में आत्महत्या के अधिकांश मामले इंजीनियरिंग संस्थानों से सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार, आत्महत्या से मरने वाले 98 छात्रों में से सबसे अधिक मामले आईआईटी (39), एनआईटी (25), केंद्रीय विश्वविद्यालयों (25), आईआईएम (4), आईआईएसईआर (3) और आईआईआईटी (2) के थे। वर्षवार आंकड़ों के अनुसार, सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 में अब तक इन संस्थानों में 20, 2022 में 24, 2021 और 2020 में सात-सात, 2019 में 19 और 2018 में 21 छात्रों ने आत्महत्या की है। श्रेणीवार आत्महत्या पर एक अलग सवाल में, आंकड़ों से पता चला है कि इस साल आईआईटी में सात मामलों में से दो छात्र अनुसूचित जाति (एससी) और एक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी से था। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में नौ मामलों में से छह एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों से थे।पिछले दो वर्षों में इन श्रेणियों के आईआईएम, एसपीए और आईआईएसईआर से आत्महत्या का कोई मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने कहा कि कोविड-19 के दौरान और उसके बाद मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के मुद्दे को हल करने के लिए, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विभिन्न कदम उठाए हैं और उच्च शिक्षा संस्थानों को सलाह जारी की है। मंत्री सरकार ने कहा, ‘‘यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शारीरिक फिटनेस, खेल, छात्रों के स्वास्थ्य, कल्याण, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मंत्रालय ने अकादमिक तनाव को कम करने के लिए छात्रों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा शुरू करने जैसे विभिन्न कदम उठाए हैं।
- आगरा ।मध्य प्रदेश के भोपाल से दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन जा रही वंदे भारत ट्रेन पर आगरा रेल मंडल में बुधवार को हुए पथराव में ट्रेन के कोच के शीशे टूट गए। भोपाल से निजामउद्दीन स्टेशन के बीच चलने वाली वंदे भारत सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन पर पहले भी पत्थरबाजी हो चुकी है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि बुधवार को आगरा रेल मंडल के मनिया और जाजऊ स्टेशन के बीच में ट्रेन पर पथराव हुआ। उन्होंने बताया कि पथराव में सी-7 कोच के सीट नंबर 13-14 का शीशा टूट गया। सूचना पाकर पर रेलवे की टीम मौके पर पहुंची। इस संबंध में आगरा रेल मंडल की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रेन पर पथराव की सूचना मिली है, इसकी जांच करायी जा रही है। हालांकि किसी भी यात्री को चोट नहीं आयी है।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा ने बुधवार को कहा कि देश में 2,000 से अधिक मरीज स्वस्थ होने के बावजूद मानसिक चिकित्सालयों में हैं, जबकि उन्हें एक अतिरिक्त दिन के लिए भी वहां नहीं होना चाहिए। एनएचआरसी प्रमुख ने यहां विज्ञान भवन में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में अपने संबोधन के दौरान यह बात कही। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, ‘‘अस्पताल ऐसी जगह नहीं होती, जहां स्वस्थ हो चुके मरीजों को एक भी अतिरिक्त दिन के लिए रुकने की अनुमति दी जानी चाहिए।'' उन्होंने अपने संबोधन में एनएचआरसी की रिपोर्ट का जिक्र किया। यह रिपोर्ट आयोग के दलों और उसके विशेष प्रतिवेदकों द्वारा जुलाई 2022 से जनवरी 2023 तक देश के विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों के किए गए दौरों पर आधारित है। एनएचआरसी प्रमुख ने कहा, ‘‘रिपोर्ट बताती है कि मानसिक चिकित्सालयों में 2,000 से अधिक मरीज स्वस्थ हो जाने के बावजूद रह रहे हैं, जबकि किसी अस्पताल में एक भी ऐसा मरीज नहीं होना चाहिए, जो स्वस्थ हो चुका है।अस्पताल स्वस्थ हो चुके मरीजों के रहने की जगह नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनमें से आधे मरीज (900 से अधिक) पश्चिम बंगाल के चार अस्पताल में हैं। यह न्याय का उपहास है।'' उन्होंने कहा कि स्वस्थ हो चुके मरीजों को ‘हाफ वे होम्स' (ऐसा स्थान जहां पूर्व कैदी व स्वस्थ हो चुके मनोरोगी रहते हैं) या वापस उनके परिवारों से मिलाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियों के बीच गंभीर समन्वय नहीं दिखता है। हाल में, आयोग के दलों ने ग्वालियर, आगरा और रांची में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों और अस्पतालों का दौरा किया था। एनएचआरसी प्रमुख ने कहा कि समाज को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सोच बदलने की कोशिश करनी चाहिए और ‘‘खुले संवाद को प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे समझ विकसित हो सके और करुणा पैदा हो सके।'' उन्होंने कहा, “हमें मानसिक बीमारी के प्रति महज दया की नहीं बल्कि करूणा की जरूरत है। मानसिक अस्वस्थता की स्थिति में गरिमा का संरक्षण किया जाना चाहिए। हमारा लक्ष्य 2017 के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के जरिए गरिमा को हासिल करने का है। इस कानून का मकसद मानवाधिकारों की रक्षा करना और खुदकुशी की कोशिश को अपराध के दायरे से बाहर करना है।” एनएचआरसी के प्रमुख ने कहा, “ 10 में से एक शख्स किसी न किसी तरह के मानसिक विकार का सामना कर रहा है। हम सालाना तौर पर करीब 13 हजार विद्यार्थियों की खुदकुशी का सामना करते हैं। इसके अलावा जेलों, अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों में भी आत्महत्याएं होती हैं। बड़ों के साथ दुर्व्यवहार और कार्यस्थल के तनाव पर ध्यान देना होगा।” उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य जितनी ही अहमियत देनी चाहिए।मिश्रा ने कहा, “ कुछ राज्यों में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण और एक जिले या जिलों के समूह के लिए मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड का गठन नहीं किए जाने तथा राज्य मानसिक स्वास्थ्य नियम नहीं होने के कारण हमें 2017 का कानून लागू करने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि आयोग के दलों ने मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया था और सामने आया कि इन केंद्रों में अक्सर मरीजों की तादाद स्वीकृत संख्या से ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा चिकित्सा सुविधाएं और साफ-सफाई के मानक स्वीकार्य स्तरों से काफी नीचे होते हैं।
- जूनागढ़ । गुजरात के जूनागढ़ शहर में एक जर्जर इमारत के ढह जाने की घटना में अपने पति और दो नाबालिग लड़कों की मौत के सदमे में 30 वर्षीय एक महिला ने तेजाब पीकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, महिला ने सोमवार को यहां एक इमारत ढह जाने की घटना में अपने पति और दो बच्चों को खो दिया था। पुलिस ने बताया कि महिला की पहचान मयूरी डाभी के रूप में हुई है, जिसकी मौत तेजाब पीने के कुछ घंटों बाद बुधवार तड़के यहां एक अस्पताल में हुई। पुलिस के मुताबिक, महिला अपने पति संजय डाभी (33) तथा बेटों तरुण (13) और दक्ष (सात) की मौत का गम बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने तेजाब पी लिया। ए-खंड के थानाध्यक्ष निरीक्षक नीरव शाह ने बताया कि मंगलवार शाम में इस महिला ने अपने पति एवं दोनों बच्चों की मौत के गम में खुदकुशी करने के लिए शौचालय को साफ करने में प्रयोग होने वाले तेजाब को पी लिया। उन्होंने बताया कि मृतका का पति एक ऑटोरिक्शा चालक था और सोमवार को शहर के दातर मार्ग में दो मंजिला एक जर्जर इमारत के ढह जाने की घटना में जान गंवाने वाले चार लोगों में से एक था। तीन अन्य लोगों में महिला के बेटे तरूण और दक्ष तथा एक चाय दुकानदार शामिल थे। महिला सब्जी लाने गयी थी तथा उसके पति एवं दोनों बेटे इस इमारत के नीचे ऑटो रिक्शा में बैठकर उसका इंतजार कर रहे थे।
- गुरुग्राम। लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के उन्नयन में भारत एक बड़ी भूमिका निभा रहा है और वह और भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह बात ‘यूरोपियन ओर्गनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च' (सर्न)' की वैज्ञानिक अर्चना शर्मा ने कही। लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर विश्व का सबसे शक्तिशाली ‘पार्टिकल एक्सेलेटर' है जो वैज्ञानिकों को पदार्थ की मौलिक संरचना को समझने में मदद करता है। भारतीय मूल की वरिष्ठ वैज्ञानिक शर्मा ने कहा कि एलएचसी का उन्नयन 2025 में पूरा हो जाने की उम्मीद है और उसके बाद भारत के अनुसंधानकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए नये अवसर उत्पन्न हो सकते हैं। एलसीएच फ्रांस और स्विटरजरलैंड के बीच जमीन के नीचे ‘सुपरकंडटिंग मैग्नेट' का 27 किलोमीटर लंबा छल्ला है।शर्मा ने ‘ कहा, ‘‘वहीं, भारत एक बड़ी भूमिका निभा रहा है और इससे भी बड़ी भूमिका निभा सकता है क्योंकि मुझे प्रचुर संभावना, प्रचुर प्रतिस्पर्धा, प्रचुर औद्योगिक घटक और विद्यार्थियों की ऐसी विशाल संख्या नजर आ रही है जिन्हें प्रशिक्षित किया जा सकता है जिससे भावी नेतृत्वकर्ताओं के लिए क्षमता निर्माण हो सकता है।'' सर्न दशकों से आण्विक भौतिकी में ऐतिहासिक खोजों में अग्रणी रहा है। उसका मुख्यालय जिनेवा में है।एलएचसी 2012 में ‘हिग्स बोसोन' या ‘गॉड पार्टिकल' की खोज समेत ब्रह्मांड के रहस्यों की गुत्थियां सुलझाने में अहम भूमिका निभाता रहा है। ‘हिग्स बोसोन' आण्विक भौतिकी के मानक प्रतिमान में प्राथमिक कण है। शर्मा उन गैसीय संसूचक को लेकर अपने काम के लिए जानी जाती हैं जिसके माध्यम से उन्होंने हिग्स बोसोन की खोज में योगदान दिया। ऐसा करने वाली एक एकमात्र भारतीय वैज्ञानिक हैं। एलएचसी के आगामी उन्नयन से कोलाइडर की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है जिससे वैज्ञानिक पदार्थ के मूलभूत घटकों और ब्रह्मांड को नियंत्रित करने वाली शक्तियों के बारे में और भी गहराई से जान पाएंगे।
- नयी दिल्ली। संसद परिसर में फोन पर बात कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के सिर पर कौवे के मंडराने को लेकर भाजपा ने बुधवार को उनपर तंज कसा तो युवा सांसद ने भी इस पर पलटवार किया। भाजपा की दिल्ली इकाई ने ट्विटर पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “झूठ बोले कौवा काटे।” उसके ट्वीट में कहा गया, “अब तक हमने इस बारे में सिर्फ सुना था लेकिन आज हमने देख भी लिया कि कौवा झूठे को कैसे काटता है।” भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने तंज कसते हुए ट्वीट किया, “माननीय सांसद राघव चड्ढा जी पर कौवे के हमले की खबर से बेहद व्यथित हूं। आशा है आप स्वस्थ होंगे।” राघव चड्ढा ने दिल्ली भाजपा के उन्हें झूठा बताने वाले ट्वीट पर चौपाई के जरिये पलटवार करते हुए रिट्वीट किया, “राम चंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आयेगा, हंस चुगेगा दाना दुनका कौवा मोती खाएगा। आज तक सिर्फ सुना था, आज देख भी लिया।”
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नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को हंगामे के बीच वन-संरक्षण संशोधन विधेयक 2023 पारित कर दिया गया। यह विधेयक वन-संरक्षण अधिनियम 1980 में संशोधन के बारे में है। इसमें कुछ प्रकार की भूमि को अधिनियम के दायरे से बाहर करने का प्रावधान है। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजनाओं, सड़क के किनारे छोटी सुविधाओं और निवास की ओर जाने वाली सार्वजनिक सड़कों के लिए आवश्यक, देश की सीमा के 100 किलोमीटर की सीमा के भीतर की भूमि शामिल है। इसमें वनों में की जाने वाली कुछ गतिविधियों को निर्दिष्ट किया गया है। इनमें शामिल हैं- चेक पोस्ट, बाड़ लगाना और पुल निर्माण करना। विधेयक में चिड़ियाघर, सफारी और इको-पर्यटन सुविधाओं की अनुमति का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि वन संरक्षण- संशोधन विधेयक से आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा होगी, सीमावर्ती क्षेत्र मजबूत होंगे, कृषि वानिकी को बढ़ावा मिलेगा और वनवासियों के लिए विकास की गुंजाइश बढेगी। उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाई गई इन चिंताओं को खारिज किया कि ये कानून बनने से आदिवासी समुदाय को बेदखल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, इससे आदिवासी बस्तियों को फायदा होगा। भाजपा की दीया कुमारी तथा राजू बिष्ट, वाईएसआर कांग्रेस के बी.चंद्र शेखर, शिवसेना की भावना गवली, बहुजन समाज पार्टी के रितेश पांडे और बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब ने भी विधेयक चर्चा में भाग लिया। -
चंडीगढ़. हरियाणा के झज्जर जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को एक ट्रक ने एक कार को टक्कर मार दी, जिससे कार सवार तीन बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। बहादुरगढ़ सदर थाने के प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि यह दुर्घटना तड़के बहादुरगढ़ के पास हुई। घटना के समय कार सवार लोग राजस्थान से मेरठ जा रहे थे। कुमार ने बताया, "कार चालक ने अपना वाहन राजमार्ग के किनारे खड़ा किया था, तभी एक ट्रक ने कार को टक्कर मार दी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई।
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लुधियाना. ‘ पुत्त जट्टा दें' , ‘ ट्रक बल्लिया' , ‘बदला जट्टी दा' और ‘ ऊंचा दर बाबा नानक दा' जैसे लोकप्रिय पंजाबी गीतों के गायक सुरिंदर शिंदा का लंबी बीमारी के बाद बुधवार को यहां के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने, लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी उम्र करीब 65 वर्ष थी। उनके निधन पर गायकों, राजनेताओं सहित कई लोगों ने दुख व्यक्त किया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट में लिखा, ''प्रसिद्ध गायक सुरिंदर शिंदा जी के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। 'पंजाब की आवाज' हमेशा के लिए खामोश हो गई।'' शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, "महान पंजाबी गायक सुरिंदर शिंदा के प्रशंसकों और परिवार के प्रति गहरी संवेदना। पंजाबी संगीत में उनका योगदान अमूल्य है। उनकी आवाज अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली थी। दुनिया भर में उनके लाखों प्रशंसक शिंदा जी को याद करेंगे। उनकी आत्मा को शांति मिले।" गायक और अभिनेता हरभजन मान ने भी शिंदा के निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा कि पंजाबी संगीत को अपूर्णीय क्षति हुई है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ पंजाबी लोक गायकी के एक सुनहरे युग का अंत!'' शिंदा के परिवार में उनका एक बेटा मनिंदर शिंदा है और वह भी संगीतकार है। -
द्रास (लद्दाख) . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत अपना सम्मान और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से ऐसी स्थिति में सैनिकों के समर्थन के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया। रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध एक साल से भी अधिक समय से चल रहा है क्योंकि नागरिक आगे आए और युद्ध में हिस्सा ले रहे हैं। सिंह यहां 24वें करगिल विजय दिवस के अवसर पर करगिल युद्ध स्मारक पर बोल रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर, 1999 के करगिल युद्ध में अपना जीवन बलिदान करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, ‘‘हम देश का सम्मान और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं... अगर इसके लिए एलओसी पार करना हो, तो हम वह भी करने के लिए तैयार हैं... अगर हमें उकसाया गया और जरूरत पड़ी तो हम एलओसी को पार कर जाएंगे।'' मंत्री ने कहा, ‘‘जब भी युद्ध की स्थिति रहती है, हमारी जनता ने हमेशा हमारे जवानों का समर्थन किया है लेकिन यह समर्थन अप्रत्यक्ष रूप से रहा है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत पड़ने पर युद्धभूमि में सैनिकों को प्रत्यक्ष रूप से और मानसिक रूप से सहयोग करने के लिए तैयार रहें।'' सिंह ने कहा कि करगिल युद्ध भारत पर थोपा गया था और पाकिस्तान ने हमारी पीठ में ‘‘छुरा भोंका'' था।
उन्होंने कहा, ‘‘करगिल युद्ध भारत पर थोपा गया था। जिस वक्त भारत पाकिस्तान के साथ बातचीत के जरिए मुद्दों की सुलझाने की कोशिश कर रहा था... पाकिस्तान ने हमारी पीठ में छुरा भोंक दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन विजय के दौरान भारतीय सेना ने न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश दिया था कि जब हमारे राष्ट्रीय हित की बात आएगी तो हमारी सेना किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी।'' मंत्री ने कहा, ‘‘हम आज भी अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।''
सिंह ने कहा, ‘‘करगिल युद्ध में लड़ाई लड़ने वाले कई सैनिक नवविवाहित थे, किसी की शादी होने वाली थी या कोई अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की और उसे देश के लिए कुर्बान कर दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत मां के वीर सपूतों को सलाम करता हूं जिन्होंने देश को सर्वोपरि और अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं गई, उनका योगदान भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'' रक्षा मंत्री ने सेना से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन गुमनाम नायकों का योगदान लोगों के जेहन में हमेशा याद रहे। भारतीय सेना ने 1999 में लद्दाख की अहम चोटियों पर कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए भीषण जवाबी हमला किया था। करगिल विजय दिवस इस युद्ध में भारत की जीत की याद में मनाया जाता है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ‘मेरा गांव मेरी धरोहर' पहल के रूप में बृहस्पतिवार को एक डिजिटल मंच की यहां कुतुब मीनार से शुरुआत करेंगे। संस्कृति मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय की ‘मेरा गांव मेरी धरोहर' (एमजीएमडी) पहल एक अखिल भारतीय परियोजना है, जिसे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के समन्वय से सांस्कृतिक मानचित्रण राष्ट्रीय मिशन शुरू कर रहा है। मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत के 29 राज्य और सात केंद्र शासित प्रदेश में 6.5 लाख गांवों का एक व्यापक डिजिटल मंच पर सांस्कृतिक मानचित्रण करना है। शाह बृहस्पतिवार शाम सात बजे कुतुब मीनार पर एक भव्य कार्यक्रम के दौरान डिजिटल मंच की आधिकारिक शुरुआत करेंगे। इसमें कहा गया है कि यह मंच लोगों को भारत के गांवों से जोड़ेगा।
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द्रास (लद्दाख) . सेना प्रमुख मनोज पांडे ने बुधवार को कहा कि सशस्त्र बलों के समक्ष मौजूद खतरों एवं चुनौतियों के भविष्य में और जटिल होने की आशंका है और भारत को उनका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। सेना प्रमुख ने कहा कि सशस्त्र बलों को संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखकर भविष्य की तैयारी करनी चाहिए। जनरल पांडे ने 24वें विजय दिवस के अवसर पर यहां करगिल युद्ध स्मारक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे समक्ष मौजूद खतरों एवं चुनौतियों के भविष्य में और जटिल होने की आशंका है। हमें तैयार रहना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम जरूरत के अनुकूल ढलने, लचीला बनने और त्वरित कार्रवाई संबंधी प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। हमारी सेना सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सक्षम और भविष्य के लिए तैयार ताकत के रूप में उभरेगी।'' सेना प्रमुख ने कहा कि देश 1999 के कारगिल युद्ध में सैनिकों के सर्वोच्च बलिदाल को सदैव याद रखेगा।
जनरल पांडे ने कहा, ‘‘ ऑपरेशन विजय एक मुश्किल तथा उच्च तीव्रता वाला सैन्य अभियान था। वह मुश्किल इलाका था जो दुश्मन के कब्जे में था। यह एक चुनौती थी जिसका हमारे सैनिकों ने पूरी बहादुरी के साथ सामना किया...। मैं अंतिम लक्ष्य हासिल करने में वायु सेना के जवानों के योगदान का भी जिक्र करना चाहूंगा।'' भारतीय सेना ने 1999 में लद्दाख की अहम चोटियों पर अवैध कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए भीषण जवाबी हमला किया था। करगिल विजय दिवस इस युद्ध में भारत की जीत की याद में मनाया जाता है। सेना प्रमुख ने करगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र भी अर्पित किया। -
नयी दिल्ली. वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थर फेंके जाने की घटनाओं से रेलवे को 2019 से अब 55 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकार दी। वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पथराव की घटनाओं में शामिल रहने के मामले में 151 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी यात्री की जान चले जाने या किसी यात्री के सामान की चोरी या उसे हुए नुकसान की कोई घटना सामने नहीं आई है। रेल मंत्री ने कहा, ‘‘वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। वर्ष 2019, 2020, 2021, 2022 और 2023 (जून तक) के दौरान, पथराव की घटनाओं में वंदे भारत ट्रेनों को हुई क्षति के कारण भारतीय रेलवे को 55.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ।'' वैष्णव ने कहा कि यात्रियों और रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए रेलवे संरक्षा बल (आरपीएफ) जिला पुलिस और प्रशासन के साथ ‘ऑपरेशन साथी' चला रहा है।
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नई दिल्ली। ब्रिटिश सरकार ने यूके-इंडिया यंग प्रोफेशनल योजना के तहत अपना दूसरा बैलेट खोला है। यह यूनाइटेड किंगडम के वीज़ा के लिए स्नातक स्तर की योग्यता वाले 18 से 30 वर्ष की आयु के भारतीयों के लिए एक योजना है। यह बैलेट पात्र युवा भारतीयों को दो साल तक ब्रिटेन में रहने, काम करने या अध्ययन करने का अवसर प्रदान करता है।
नई दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायोग ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि स्नातक या स्नातकोत्तर योग्यता वाले 18 से 30 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक भारत युवा पेशेवर योजना वीजा के लिए आवेदन कर सकते है। ब्रिटेन और भारत के बीच यह संयुक्त योजना औपचारिक रूप से इसी साल फरवरी में लॉन्च की गई थी। यह योजना उम्मीदवारों को उनके वीज़ा वैध होने के दौरान किसी भी समय ब्रिटेन में प्रवेश करने और अपने प्रवास के दौरान किसी भी समय छोड़ने या लौटने में सक्षम बनाएगी। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक द्वारा दोनों देशों के बीच एक समझौतें के तहत, ब्रिटिश नागरिकों को भी भारत में रहने और काम करने के लिए समान वीजा की पेशकश की जाएगी।वर्ष 2023 के लिए इस योजना के तहत कुल 3,000 स्थान उपलब्ध हैं। उम्मीदवारों को अपने वीज़ा के लिए आवेदन करने के छह महीने के भीतर ब्रिटेन की यात्रा करनी होगी। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पूरी दुनिया अब यह स्वीकार कर रही है कि भारत, लोकतंत्र की जननी है। उन्होंने कहा कि भारत का जीवंत लोकतंत्र सदियों से देशवासियों के लिए गौरव का विषय रहा है। प्रधानमंत्री ने आज दिल्ली के प्रगति मैदान में अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्र-आईईसीसी का उद्घाटन करते हुए कहा है कि राष्ट्र जब आजादी के 75 साल का जश्न मना रहा है, ऐसे में 'भारत मंडपम' देश के लिए एक उपहार है। उन्होंने कहा कि 'भारत मंडपम' को देखकर हर भारतीय खुशी और गर्व से भर जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आज करगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने करगिल युद्ध में अपने जीवन का बलिदान देने वाले प्रत्येक नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय - 'युगे युगीन भारत' - जल्द ही दिल्ली में बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत अब वे उपलब्धियां हासिल कर रहा है जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। श्री मोदी ने कहा कि ऐसा कोई भारतीय नहीं होगा जिसे नए संसद भवन पर गर्व महसूस नहीं होता हो।प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के तीसरे कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी और तीसरे कार्यकाल में भारत का और भी तेजी से विकास होगा। उन्होंने सभी से, बड़ा सोचने, बड़े सपने देखने और बड़े कार्य करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस सिद्धांत को अपनाकर तीव्र गति से प्रगति कर रहा है।उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में तेरह करोड़ पचास लाख लोग गरीबी से बाहर आये हैं।श्री मोदी ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी कह रही हैं कि भारत में अत्यधिक गरीबी खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में जो फैसले लिये गये हैं और नीतियां बनाई गई हैं, वे देश को सही दिशा में ले जा रही हैं।श्री मोदी ने इस अवसर पर स्मारक टिकट और सिक्के भी जारी किये।प्रगति मैदान में पुरानी और अप्रचलित सुविधाओं को नया रूप देने वाली इस परियोजना को लगभग दो हजार सात सौ करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। लगभग एक सौ 23 एकड़ के परिसर क्षेत्र के साथ, आईईसीसी कॉम्प्लेक्स को भारत के सबसे बड़े बैठक, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यह, आयोजनों के लिए कवर किए गए स्थल के रूप में, दुनिया के शीर्ष प्रदर्शनी और सम्मेलन परिसरों में गिना जाता है। इसमें कन्वेंशन सेंटर, प्रदर्शनी हॉल और एम्फीथिएटर सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।
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खजुराहो (मप्र) .केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि पिछले कुछ साल में विमानन क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हुई है और बेड़े का आकार 2013 में 400 विमानों से बढ़कर अब 700 हो गया है। अगले पांच साल में यह संख्या 1,500 तक बढ़ने की संभावना है। सिंधिया ने यहां एक सम्मेलन में भाग लेते हुए छोटे विमानों के लिए उड़ान 5.2 (उड़े देश का आम नागरिक) कार्यक्रम पेश किया। इसका उद्देश्य देश के दूरदराज क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाना है। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी अधिकारियों से मंजूरी लेने को लेकर हेलीकॉप्टर परिचालकों के लिए मोबाइल एप्लिकेशन भी पेश किया। मंत्री ने उड़ान 5.2 कार्यक्रम और हेली सेवा ऐप मध्य प्रदेश के खजुराहो में 5वें हेलीकॉप्टर और छोटे विमान शिखर सम्मेलन (हेली शिखर सम्मेलन 2023) और तीन उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) के उद्घाटन के दौरान पेश किये। इस मौके पर सिंधिया ने कहा कि हमने आज छोटे विमानों के लिए उड़ान 5.2 कार्यक्रम शुरू किया। हमने 22 मार्ग आवंटित किये हैं। हेली सेवा के बारे में मंत्री ने कहा कि यह हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों के लिए एकल खिड़की सेवा मंच है जो मोबाइल फोन पर एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से सभी मंजूरी प्राप्त करने में सक्षम होगा। हेली शिखर सम्मेलन 2023 का आयोजन नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संयुक्त रूप से मध्य प्रदेश सरकार, पवन हंस लिमिटेड और उद्योग मंडल फिक्की के सहयोग से किया। सिंधिया ने लोकप्रिय पर्यटन शहर खजुराहो में तीन एफटीओ का भी उद्घाटन किया। इसके साथ मध्य प्रदेश में एफटीओ की संख्या छह.... खजुराहो में तीन और इंदौर, सागर और गुना में एक-एक...हो गयी है। सिंधिया ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में खजुराहो और वाराणसी के बीच चौड़े आकार वाले विमान का उपयोग करके एक उड़ान जल्द ही शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि खजुराहो की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है और इसके हवाई संपर्क का विस्तार करना हमारा संकल्प है। मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले नौ साल में विमानन क्षेत्र में तेज वृद्धि हुई है। इस अवधि के दौरान नौ हेलीपोर्ट और दो जल हवाई अड्डों सहित 148 हवाई अड्डे विकसित किए गए हैं और अगले चार साल में यह संख्या 200 तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि विमान बेड़े के आकार में भी 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो 2013 में 400 हवाई जहाजों से बढ़कर अब 700 हो गई है। हम आने वाले 4 से 5 साल में इस संख्या को 1,200 से 1,500 के बीच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


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