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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा' सरकार के अपने लोगों के साथ खड़े होने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी कठिन चुनौती क्यों न हो, सरकार अपने लोगों के साथ हमेशा खड़े रहेगी। उनकी टिप्पणी ‘‘हिस्ट्री टीवी 18'' द्वारा अपने नये वृत्तचित्र ‘‘द इवैक्यूएशन: ऑपरेशन गंगा'' पर किये गये एक ट्वीट पर आई है। ‘‘हिस्ट्री टीवी 18'' ने एक ट्वीट किया, ‘‘यूक्रेन में 24 फरवरी 2022 को हजारों भारतीयों ने खुद को एक युद्ध क्षेत्र में फंसा हुआ पाया था। इसके ठीक दो दिन बाद, भारत ने 21वीं सदी में सबसे बड़े हवाई निकासी अभियानों में से एक की शुरुआत की। इतिहास रचने वाले इस मिशन के तहत 90 विशेष उड़ानों के जरिये 18 देशों से 22,000 से अधिक भारतीयों और 147 विदेशी नागरिकों को निकाला गया।'' ट्वीट को टैग करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ऑपरेशन गंगा हमारे लोगों के साथ खड़े होने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, चाहे चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो। यह भारत की अदम्य भावना को भी प्रदर्शित करता है। यह वृत्तचित्र इस ऑपरेशन से संबंधित पहलुओं पर बहुत जानकारीपूर्ण होगा।'' सरकार ने रूस के साथ युद्ध के दौरान यूक्रेन से भारतीय नागरिकों, ज्यादातर छात्रों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा' की शुरुआत की थी।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने भारतीय उद्योग जगत से महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों को लाने पर ध्यान केंद्रित करने और अपने कर्मचारियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का आह्वान किया ताकि देश की विकास यात्रा को आगे ले जाया जा सके। डोभाल ने भारतीय वाणिज्य एंव उद्योग मंडल (एसोचैम) द्वारा आयोजित ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस' स्मृति व्याख्यान देते हुए वैश्विक स्तर पर कार्यबल मुहैया कराने में भारत की बढ़ती महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि यदि मानव संसाधन पर्याप्त कुशल है तो देश और अधिक सफलता हासिल कर सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ने कहा, हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारा मानव संसाधन है जो अत्यधिक प्रेरित और प्रतिबद्ध कार्यबल है। हमें उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उनके कौशल को विकसित करने की आवश्यकता है।'' डोभाल ने जीवन के सभी पहलुओं में निरंतर सुधार का भी आह्वान करते हुए कहा, ‘‘आप जहां भी हैं, जो भी कर रहे हैं, उसे कल से बेहतर कीजिए।'' उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
डोभाल ने कहा, हमें महत्वपूर्ण एवं उभरती और विविध प्रौद्योगिकियों को लाना चाहिए। आपको वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी होना होगा, आपको नवोन्मेषी होना होगा, आपको किफायती होना होगा और यदि आपको यह करना है, तो आपको इनमें निवेश करना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें वैश्विक बाजार में प्रमुख स्थान हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना चाहिए।'' यह उम्मीद है कि अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग की घोषणा करेंगे। डोभाल ने देश के लिए बोस के ‘‘महान'' योगदान की भी बात की।
उन्होंने कहा, ‘नेताजी को लोगों की क्षमताओं पर बहुत भरोसा था। आज हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों को सशक्त बनाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना होनी चाहिए।'' डोभाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे बोस ने निडरता से ब्रितानी अधिकारियों को चुनौती दी, अपने कॉलेज के दिनों में एक ब्रिटिश प्रधानाचार्य के सामने खड़े हुए, कम उम्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने महात्मा गांधी तक की भी अवहेलना की। उन्होंने कहा कि साथ ही बोस के मन में गांधी के लिए बहुत सम्मान था। डोभाल ने बोस की विरासत पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों को एकजुट करने की नेताजी की क्षमता पर बात की और बताया कि कैसे उन्होंने एक एकीकृत और मजबूत भारत की कल्पना की। डोभाल ने कहा कि बोस का संयुक्त भारत का नजरिया उनके प्रसिद्ध नारे ‘कदम कदम बढ़ाए जा' में समाहित है। उन्होंने कहा कि बोस ने लोगों को अपने देश के लिए लड़ने, स्वतंत्रता पाने के लिए एकजुट होने की प्रेरणा दी। एनएसए ने कहा कि बोस एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति थे और वह अत्यधिक धार्मिक थे। डोभाल ने कहा कि बोस के प्रयास उनके देशभक्ति के जुनून और एक महान भारत के उनके अटूट सपने से प्रेरित थे। -
कटक. बिहार के एक घायल यात्री की शनिवार को यहां एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मृत्यु होने से बालासोर रेल दुर्घटना में मरने वाले लोगों की संख्या 291 हो गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अस्पताल सूत्रों ने कहा कि यात्री की पहचान बिहार के भागलपुर जिले के रोशनपुर निवासी साहिल मंसूर (32) के रूप में की गई है। सूत्रों ने कहा कि ट्रॉमा केयर के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में उसका इलाज चल रहा था, मरीज गुर्दे से जुड़ी बीमारी से भी पीड़ित था और उसका डायलिसिस भी चल रहा था। एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुधांशु शेखर मिश्रा ने कहा कि मरीज की मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई। उन्होंने बताया कि मंसूर को आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की कई चोटें थीं और गुर्दे की समस्या भी थी। मिश्रा ने कहा कि एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 205 मरीजों में से 46 का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें 13 मरीज आईसीयू में हैं। उन्होंने कहा, आईसीयू में भर्ती 13 मरीजों में से दो से तीन व्यक्तियों की हालत गंभीर बनी हुई है।'' उन्होंने कहा कि बाकी मरीजों की हालत स्थिर है। बिहार के गोपालगंज जिले के पाथरा गांव के रहने वाले 22 वर्षीय प्रवासी श्रमिक प्रकाश राम की शुक्रवार को एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे पहले मंगलवार को बिहार के रहने वाले बिजय पासवान नाम के एक यात्री ने कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दम तोड़ दिया था। गत दो जून को हुए तीन ट्रेन हादसे में 287 व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 1,208 अन्य घायल हो गए थे। इस दुर्घटना में तीन ट्रेन-शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल थी। एक अधिकारी ने कहा कि इस बीच, एम्स भुवनेश्वर में 81 शवों की अभी तक पहचान नहीं हो पायी है। एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि 70 से अधिक लोगों ने डीएनए जांच के लिए अपने रक्त के नमूने पहले ही दे दिए हैं, फिर भी सत्यापन के लिए रिपोर्ट का इंतजार है। एम्स भुवनेश्वर के अधिकारियों ने शनिवार को दिल्ली स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक प्रयोगशाला को कम से कम 15 व्यक्तियों के डीएनए सैंपलिंग जांच रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा, क्योंकि उनके परिवार के सदस्य पिछले 15 दिनों से शव लेने के लिए अस्पताल के बाहर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
- देहरादून। उत्तराखंड के हरिद्वार में इस साल कांवड़ यात्रा के लिए आने वाले शिवभक्तों को पहचानपत्र साथ रखने और किसी दुर्घटना से बचने के लिए कांवड़ों की ऊंचाई 12 फुट से कम रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। ये निर्णय शुक्रवार को यहां राज्य पुलिस मुख्यालय में उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों की अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में लिये गए। कांवड़ यात्रा चार जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगी। डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा एक बड़ा धार्मिक आयोजन है और प्रभावी भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए संबंधित सभी राज्य के पुलिस विभागों को पहले से ही पूर्ण समन्वय के साथ काम करना शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल किया जाएगा और इस उद्देश्य के लिए सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी। बैठक में भाग लेने वाले एक अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड में रेल पटरियों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के मद्देनजर कांवड़ों की ऊंचाई 12 फुट से कम रखना जरूरी है। अधिकारी ने कहा कि रेल पटरियों के पूरी तरह से विद्युतीकृत हो जाने के मद्देनजर ऊंची कांवड़ लाना जोखिम भरा हो सकता है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि इस बार कांवड़ यात्रा के लिए करीब चार करोड़ कांवड़ियों के हरिद्वार आने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे कांवड़ क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 32 जोन और 130 सेक्टर में बांटा गया है।उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए हरिद्वार पुलिस द्वारा एक क्यूआर कोड भी जारी किया है जिसमें वाहन पार्किंग स्थल, मार्ग परिवर्तन और गुम हुए एवं मिले मोबाइल फोन से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध होगी। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ मेला क्षेत्र में 333 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा निगरानी के लिए हरिद्वार और उसके आसपास 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि केंद्र से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 12 कंपनियों के अलावा तीन बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते की मांग की गई है। बैठक में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के पुलिस अधिकारियों ने प्रत्यक्ष तौर पर या डिजिटल तरीके से हिस्सा लिया।
- हैदराबाद । तेलंगाना विश्वविद्यालय के कुलपति डी रविंदर को उस वक्त रंगे हाथ पकड़ा गया, जब वह एक शैक्षणिक संस्थान के प्रवर्तक (प्रमोटर) से कथित तौर पर 50,000 रुपये की रिश्वत ले रहे थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को यह जानकारी दी। एसीबी ने एक बयान में कहा कि आरोपी कुलपति के आवास पर एक कमरे में अलमारी से 50 हजार रुपये की ‘‘रिश्वत राशि'' बरामद की गई। बयान में कहा गया है, ‘‘इसलिए निजामाबाद में स्थित तेलंगाना विश्वविद्यालय के आरोपी कुलपति डी रविंदर को गिरफ्तार किया जायेगा और हैदराबाद में एसीबी मामलों के प्रधान सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जायेगा।'' बयान के अनुसार, मामले की जांच जारी है।आरोपी कुलपति और विश्वविद्यालय की कार्यकारी समिति के बीच तेलंगाना विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर हाल में विवाद हो गया था।
- नयी दिल्ली। तमिलनाडु पुलिस के पूर्व विशेष महानिदेशक (कानून व्यवस्था) राजेश दास, के पी एस गिल और एस पी एस राठौड़ के बाद संभवत: भारतीय पुलिस सेवा के तीसरे वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्हें सेवा के दौरान यौन दुराचार के लिए दोषी करार दिया गया है। दास को तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले की एक अदालत ने 2021 की शुरुआत में एक महिला पुलिस अधीक्षक का यौन उत्पीड़न करने के मामले में शुक्रवार को तीन साल के कैद की सजा सुनाई। उस घटना के बाद से अधिकारी को सेवा से निलंबित कर दिया गया था।दास से पहले, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एस पी एस राठौड़ एवं के पी एस गिल को यौन उत्पीड़न के लिए दोषी ठहराया गया था।राठौड़ को 1990 में 14 साल की रुचिका गिरहोत्रा के साथ छेड़खानी करने के आरोप में दोषी करार दिया गया था। यह घटना उस वक्त हुई थी] जब राठौड़ हरियाणा के पुलिस महानिरीक्षक थे।उभरती टेनिस खिलाड़ी रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी, क्योंकि उसके परिवार और दोस्तों को परेशान किया गया था और उसके भाई को अवैध रूप से हिरासत में ले कर पुलिस ने प्रताड़ित किया था ।राठौड़ को 2009 में छह महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। मामले की जांच करने वाले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की दलील पर सजा को बढ़ाकर 18 महीने कर दिया गया था।उच्चतम न्यायालय ने नवंबर 2010 में राठौड़ को इस शर्त पर जमानत दे दी कि वह चंडीगढ़ में ही रहेंगे ।उच्चतम न्यायालय ने बाद में छेड़खानी मामले में राठौड़ की सजा को बरकरार रखा, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुये उनकी सजा को कम कर छह महीने कर दिया। राठौड़ पहले ही छह महीना जेल में बिता चुके थे ।पंजाब पुलिस के पूर्व प्रमुख के पी एस गिल को भारतीय प्रशासनिक सेवा की एक महिला अधिकारी का शील भंग करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था, लेकिन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उनकी तीन महीने की जेल की अवधि को ‘परिवीक्षा (प्रोबेशन)’ में बदल कर जेल जाने से बख्श दिया था।शीर्ष अदालत ने 2005 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के गिल को दोषी करार दिये जाने के फैसले को बरकरार रखा था ।पंजाब से आतंकवाद का सफाया करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले गिल को चंडीगढ़ की एक अदालत ने छह जनवरी 1996 को एक महिला आईएस अधिकारी का शील भंग करने का दोषी ठहराया था।यह आरोप लगाया गया था कि शराब के नशे में धुत गिल ने 18 जुलाई 1988 को अपने आवास पर एक वरिष्ठ नौकरशाह द्वारा आयोजित पार्टी में भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी रूपन देओल बजाज की पीठ थपथपाई थी।भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी पी एस नटराजन को यौन उत्पीड़न के आरोप में 2012 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, लेकिन 2017 में झारखंड की एक अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में उन्हें बरी कर दिया ।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दास को तीन साल की सजा सुनाते हुये उन्हें जमानत दे दी और अपील करने के लिये 30 दिन का समय दिया है ।दास के साथ आरोपित किए गए पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी डी कन्नन की समीक्षा याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने 2021 में कहा था, ‘‘भारतीय पुलिस सेवा की एक महिला अधिकारी अगर यौन उत्पीड़न का शिकार हो सकती है, तो पदानुक्रम में नीचे की महिला पुलिसकर्मियों के बारे में कहने की जरूरत नहीं है।’’कन्नन ने उन्हें मामले से बरी करने का अनुरोध करते हुये एक पुनरीक्षण आवेदन दायर किया था, क्योंकि वह अपने वरिष्ठ के आदेशों का पालन कर रहे थे। कन्नन पर महिला आईपीएस अधिकारी को दास के खिलाफ शिकायत दर्ज करने से रोकने का आरोप लगाया गया था।उन्होंने तर्क दिया था कि उनके खिलाफ आरोप हटा दिए जाने चाहिए, क्योंकि वह केवल दास के निर्देशों का पालन कर रहे थे। हालांकि, मद्रास उच्च न्यायालय ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुये उनसे पूछा था कि क्या वह अपने वरिष्ठों के कहने पर हत्या कर सकते हैं ।
- नयी दिल्ली । दिल्ली के तीन मूर्ति भवन परिसर में स्थित नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय सोसाइटी (एनएमएमएल) का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय सोसाइटी’ कर दिया गया है। इसको लेकर विपक्षी कांग्रेस और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है। जहां कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर ‘संकीर्ण सोच और प्रतिशोध’ से काम करने का आरोप लगाया, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा ने इस कदम की आलोचना करने के लिए कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने वाले अपने नेताओं का भी अपमान करने से नहीं हिचकती।गौरतलब है कि सोसाइटी का नाम बदले जाने से एक साल पहले, देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक आवास रहे तीन मूर्ति भवन परिसर में प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन किया गया था।संस्कृति मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि एनएमएमएल की एक विशेष बैठक में इसका नाम बदलने का फैसला किया गया है।उसने बताया कि सोसाइटी के उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक की अध्यक्षता की।बयान में बताया गया है कि सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए ‘‘नाम में बदलाव के प्रस्ताव का स्वागत’’ किया, क्योंकि अपने नए प्रारूप में यह संस्थान जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेन्द्र मोदी तक सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान और उनके सामने आई विभिन्न चुनौतियों के दौरान उनकी प्रतिक्रियाओं को दर्शाता है।सिंह ने प्रधानमंत्रियों को एक संस्था बताते हुए और विभिन्न प्रधानमंत्रियों की यात्रा की इंद्रधनुष के विभिन्न रंगों से तुलना करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ‘‘इंद्रधनुष को सुंदर बनाने के लिए उसके सभी रंगों का उचित अनुपात में प्रतिनिधित्व किया जाना’’ चाहिए।’’इसमें कहा गया, ‘‘इसलिए प्रस्ताव में एक नया नाम दिया गया है, हमारे सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों का सम्मान किया गया है और इसकी सामग्री लोकतांत्रिक है।’’सोसाइटी की बैठक के दौरान कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने नाम में बदलाव की आश्यकता के बारे में बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री संग्रहालय देश की लोकतंत्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त करता है और इसीलिए ‘‘संस्था का नाम अपने नए रूप को प्रतिबिंबित करना चाहिए।’’कांग्रेस ने एनएमएमएल का नाम बदले जाने को लेकर केंद्र सरकार पर ‘‘संकीर्ण सोच और प्रतिशोध’’ से काम करने का आरोप लगाया और कहा कि इमारतों के नाम बदलने से विरासतें नहीं मिटा करतीं।पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि सरकार के इस कदम से भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओछी मानसिकता और तानाशाही रवैये का परिचय मिलता है।उन्होंने कहा कि ऐसे कदम से पंडित नेहरू की शख़्सियत को कम नहीं किया जा सकता।खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘जिनका कोई इतिहास ही नहीं है, वे दूसरों के इतिहास को मिटाने चले हैं। नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का नाम बदलने के कुत्सित प्रयास से, आधुनिक भारत के शिल्पकार व लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की शख़्सियत को कम नहीं किया जा सकता। इससे केवल भाजपा-आरएसएस की ओछी मानसिकता और तानाशाही रवैये का परिचय मिलता है।’’उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी सरकार की बौनी सोच, ‘हिन्द के जवाहर’ का भारत के प्रति विशालकाय योगदान कम नहीं कर सकती।’’कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘संकीर्णता और प्रतिशोध का दूसरा नाम मोदी है। नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय 59 वर्ष से अधिक समय से एक वैश्विक बौद्धिक ऐतिहासिक स्थल और पुस्तकों एवं अभिलेखों का ख़ज़ाना रहा है। अब से इसे प्रधानमंत्री स्मारक और सोसाइटी कहा जाएगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय राष्ट्र-राज्य के शिल्पकार के नाम और विरासत को विकृत करने, नीचा दिखाने और नष्ट करने के लिए क्या नहीं करेंगे। अपनी असुरक्षाओं के बोझ तले दबा एक छोटे कद का व्यक्ति स्वघोषित विश्वगुरु बना फिर रहा है।’’वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का नाम बदले जाने की कांग्रेस की ओर से की जा रही आलोचनाओं के बीच शुक्रवार को कहा कि नया प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय सोसाइटी राजनीति से परे एक प्रयास है और विपक्षी दल के पास इसे महसूस करने के लिए दृष्टि की कमी है।खरगे के ट्वीट को टैग करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने उनकी टिप्पणी को ‘राजनीतिक अपच’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा कि वह (कांग्रेस) इस सच्चाई को स्वीकार करने में अक्षम है कि एक परिवार से परे भी ऐसे नेता हैं, जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा की और उसका निर्माण किया है।उन्होंने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री संग्रहालय राजनीति से परे एक प्रयास है और कांग्रेस के पास इसे महसूस करने के लिए दृष्टि की कमी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर कांग्रेस का दृष्टिकोण विडंबनापूर्ण है, क्योंकि उसका एकमात्र योगदान सभी पिछले प्रधानमंत्रियों की विरासत को मिटाना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल एक परिवार की विरासत बच सके।’’नड्डा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री संग्रहालय में हर प्रधानमंत्री को सम्मान मिला है और पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित हिस्सों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत, इसकी प्रतिष्ठा बढ़ाई गई है। एक ऐसी पार्टी के लिए जिसने 50 साल से अधिक समय तक भारत पर शासन किया, उनकी क्षुद्रता वास्तव में दुखद है। यही कारण है कि लोग उन्हें अस्वीकार कर रहे हैं।’’नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का नाम बदले जाने की आलोचना करने के लिए कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी पार्टी देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने वाले अपने नेताओं का भी अपमान करने से नहीं हिचकती।त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस आरोप लगा रही है, जबकि उसके नेताओं ने अभी तक यह देखने के लिए संग्रहालय का दौरा नहीं किया है कि कैसे प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों के योगदान और उपलब्धियों को बेहतर तरीके से प्रदर्शित किया गया है।उन्होंने कहा कि संग्रहालय में लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, पी वी नरसिंह राव, राजीव गांधी और कांग्रेस के मनमोहन सिंह सहित सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भी एक ट्वीट कर खरगे को निशाना बनाया।उन्होंने कहा कि जिन लोगों को एक परिवार के अलावा कुछ और दिखाई ही नहीं देता, उनके द्वारा इस तरह का बड़बोलापन उनकी ओछी मानसिकता व पाखंड की पराकाष्ठा है।उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ एक परिवार के महिमा मंडन में कांग्रेस ने न जाने कितने देशभक्त बलिदानियों के समर्पण को कभी इतिहास के पन्नों में आने ही नहीं दिया। खरगे साहब की मजबूरी है वरना उनको भी पता है कि बाबू जगजीवन राम, सीताराम केसरी और नरसिंह राव जैसे अनेक कांग्रेस नेताओं तक को इस परिवार के अहंकार की वजह से अपने ही दल में अपमान का दंश झेलना पड़ा।’’ब्रिटिश काल में बना तीन मूर्ति भवन स्वतंत्रता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास था। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की वेबसाइट के अनुसार, ‘‘पंडित नेहरू 27 मई, 1964 को अपने निधन तक 16 से अधिक साल तक यहां रहे। यह इमारत जवाहरलाल नेहरू के नाम से इतनी लोकप्रिय थी कि तीन मूर्ति हाउस और जवाहरलाल नेहरू कमोबेश पर्यायवाची बन गए, इसलिए उनके निधन के बाद, भारत सरकार ने ज्ञान की सीमाओं को बढ़ाने और मानव मस्तिष्क को समृद्ध करने के नेहरू के शाश्वत उत्साह को बनाए रखने के लिए इस आवास को एक उपयुक्त स्मारक में बदलने का फैसला किया।’’
- वाशिंगटन. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले सप्ताह यहां भारतीय अमेरिकियों को संबोधित करने के दौरान भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर बात करेंगे। कार्यक्रम की मेजबानी करने वाले एक सामुदायिक नेता ने यह जानकारी दी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 21-24 जून तक अमेरिका की यात्रा करने वाले हैं। बाइडन दंपत्ति 22 जून को राजकीय रात्रिभोज में मोदी की मेजबानी करेंगे। इस यात्रा में 22 जून को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करना भी शामिल है। अगले सप्ताह के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को वाशिंगटन डीसी में रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग स्थल पर मौजूद शिकागो के डॉ. भरत बरई ने कहा कि सभी 838 सीटों के लिए पंजीकरण पूरा हो गया है। मोदी 23 जून को वाशिंगटन में रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग एंड इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर में देश भर से आमंत्रित समुदाय के नेताओं की सभा को संबोधित करेंगे। बरई ने कहा, ‘‘विषय ‘भारत की विकास गाथा में प्रवासी भारतीयों की भूमिका' है। हम देखना चाहते हैं कि एक प्रवासी के रूप में भारत और भारत के लोगों की मदद के वास्ते हम क्या कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘समुदाय के लोग ऐसे दूरदर्शी और निरंतर काम करने वाले व्यक्ति को लेकर बेहद उत्साहित हैं, जिन्होंने भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाया है।'' शिकागो से अमिताभ मित्तल ने आधिकारिक राजकीय यात्रा पर मोदी को आमंत्रित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा ‘‘वह (मोदी) काम करने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने भारत में बड़ा बदलाव लाया। ''मित्तल ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री अक्टूबर को ‘‘हिंदू विरासत माह'' के तौर पर मनाने की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा ‘‘पिछले दो साल में उनके दो बार पत्र मिले हैं लेकिन अब चूंकि वह स्वयं आ रहे हैं तो मैं उन्हें याद दिलाना चाहूंगा कि अक्टूबर माह को हिंदू विरासत माह के तौर पर मनाया जाए।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार ने पिछले नौ साल में भारत में वृद्धि व विकास की जड़ों को पोषित किया है और बुनियादी ढांचे को आकार दिया है, जो अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है, जिसने विकसित भारत के लिए मंच तैयार किया है।
प्रधानमंत्री की ट्विटर पर हैशटैग ‘गति और प्रगति के नौ साल' के साथ यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी अगुवाई वाली नरेन्द्र मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। मोदी ने कहा, ‘‘गति और प्रगति के नौ साल में, हमने भारत में वृद्धि और विकास की जड़ों को पोषित किया, एक बुनियादी ढांचे के परिदृश्य को आकार दिया जो अद्वितीय है। हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है, जिसने विकसित भारत के लिए मंच तैयार किया है।'' प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर लेख भी साझा किये। - मुंबई. मुंबई में एक व्यक्ति को सेंट्रल लाइन पर चलती लोकल ट्रेन में एक छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह घटना बुधवार को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और मस्जिद स्टेशन के बीच उस समय हुई, जब छात्रा लोकल ट्रेन से अपने घर जा रही थी। अधिकारी के मुताबिक, छात्रा जब डिब्बे में अकेली थी, तब आरोपी ने कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया।उन्होंने बताया कि छात्रा की शिकायत के आधार पर सीएसएमटी रेलवे पुलिस थाना में उक्त व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-376 (दुष्कर्म) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी के अनुसार, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की कई टीमों ने तकनीकी इनपुट पर काम करने के साथ ही निगरानी कैमरों में कैद फुटेज का विश्लेषण कर आरोपी का पता लगाया। उन्होंने बताया कि आरोपी को बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया गया।
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नीमच. लूट के एक मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों ने मध्य प्रदेश से राजस्थान ले जाते समय एक पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीन ली और उसकी जांघ में गोली मारकर फरार हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा सदर थाने के उपनिरीक्षक नानूराम गहलोत का उदयपुर के एक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के रतलाम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के अनुसार, राजस्थान पुलिस ने डकैती के एक मामले में वांछित तीन आरोपियों को बुधवार को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से गिरफ्तार किया था। सिंह ने बताया कि राजस्थान पुलिस तीनों आरोपियों को जीप में लेकर बुधवार रात अपने गृह राज्य की ओर रवाना हो गई। उन्होंने बताया कि जब वाहन राजस्थान की सीमा के पास नीमच शहर पुलिस थाना क्षेत्र से गुजर रहा था, तो तीनों आरोपियों ने गहलोत पर काबू पा लिया और उनकी सर्विस रिवॉल्वर छीन ली। सिंह के मुताबिक, आरोपियों ने अंधेरे में भागने से पहले गेहलोत की जांघ में गोली मार दी।
उन्होंने कहा कि तीनों आरोपियों को फिर से गिरफ्तार करने के लिए कई पुलिस दल गठित किए गए हैं और इनकी सूचना देने वाले व्यक्ति को तीस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। -
नयी दिल्ली. टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) और सार्वजनिक क्षेत्र की भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के गठजोड़ को भारतीय रेलवे से 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के विनिर्माण का ठेका मिला है। इन कंपनियों ने बृहस्पतिवार को संयुक्त बयान में कहा, ‘‘टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड और बीएचईएल गठजोड़ ने 2029 तक 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट बनाने के लिए भारतीय रेलवे के साथ अनुबंध किया है। अनुबंध का मूल्य करीब 24,000 करोड़ रुपये है।'' यह पहली बार है जब भारतीय रेलवे ने 35 साल के लिए पूर्ण ट्रेन सेट के डिजाइन, निर्माण और रखरखाव का इतना बड़ा ठेका एक भारतीय गठजोड़ को दिया है। टीआरएसएल-बीएचईएल एकमात्र आत्मनिर्भर गठजोड़ था जिसने निविदा प्रक्रिया में भाग लिया था।
टीआरएसएल के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक उमेश चौधरी ने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर दृष्टिकोण में कुछ योगदान देना चाहते हैं। वंदे भारत ट्रेन ने हमारे यात्रा करने के तरीके में क्रांति ला दी है और हमें सरकार की ‘मेक इन इंडिया' पहल का हिस्सा बनने पर गर्व है।'' उन्होंने कहा कि इस ऑर्डर को छह साल में पूरा किया जाएगा। इसका पहला प्रोटोटाइप दो साल की समयसीमा में दिया जाएगा। - नयी दिल्ली. दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 1,000 से अधिक छात्रों के इस साल मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में उत्तीर्ण होने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि कुछ साल पहले तक इस उपलब्धि की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। केजरीवाल ने पिछले कुछ वर्षों में नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्रों की एक सूची ट्विटर पर साझा की। दिल्ली के सरकारी स्कूलों से नीट-यूजी में सफल होने वाले छात्रों की संख्या में इस साल 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई, और 1,074 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। वहीं, 2022 में, दिल्ली सरकार के स्कूलों के 648 छात्रों ने नीट पास किया जबकि 2021 और 2020 में यह संख्या क्रमशः 496 और 569 रही। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘वाह। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 1000 से अधिक छात्रों ने नीट परीक्षा में सफलता पाई। कुछ साल पहले इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई।'' राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को इस साल की राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) के परिणाम घोषित किए, जिसमें तमिलनाडु के प्रबंजन जे और आंध्र प्रदेश के बोरा वरुण चक्रवर्ती ने 720 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। देश भर में लगभग 20.38 लाख में से कुल 11.45 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। नीट-यूजी के अंकों के आधार पर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। देश में 540 से अधिक मेडिकल कॉलेजों में 80,000 से अधिक एमबीबीएस सीटें हैं।एनटीए ने सात मई को भारत के 499 शहरों और दूसरे देशों के 14 शहरों में स्थित 4,097 केंद्रों पर राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) आयोजित की थी। परीक्षा 13 भाषाओं असमिया, बांग्ला, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में आयोजित की गई थी।
- नयी दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 से 25 जून तक अमेरिका और मिस्र की राजकीय यात्राओं पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।मोदी की अमेरिका की यात्रा न्यूयॉर्क से शुरू होगी, जहां वह 21 जून को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह की अगुवाई करेंगे।संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था।विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘इसके बाद प्रधानमंत्री वाशिंगटन डी.सी. जाएंगे, जहां 22 जून को व्हाइट हाउस में उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा और वह अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ अपनी उच्च स्तरीय वार्ता के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उनसे मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन इसी शाम प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।’’मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर केविन मैकार्थी और सीनेट के स्पीकर चार्ल्स शूमर समेत कई सांसदों के निमंत्रण पर 22 जून को अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे।उसने बताया कि इसके एक दिन बाद यानी 23 जून को अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, मोदी के सम्मान में दोपहर भोज की मेजबानी करेंगे।मंत्रालय ने कहा, ‘‘आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेने के अलावा प्रधानमंत्री कई प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), पेशेवरों और अन्य हितधारकों के साथ भी बातचीत करेंगे। वह भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।’’अपनी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत प्रधानमंत्री मोदी 24 से 25 जून तक मिस्र की राजकीय यात्रा पर काहिरा जाएंगे।मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के निमंत्रण पर यह यात्रा कर रहे हैं। अल-सीसी ने भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी और उसी समय उन्होंने प्रधानमंत्री को मिस्र यात्रा के लिए आमंत्रित किया था।यह प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की मिस्र की पहली यात्रा होगी।विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सीसी के साथ बातचीत के अलावा सरकार के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों, मिस्र की कुछ प्रमुख हस्तियों और मिस्र में भारतीय समुदाय के साथ भी संभवत: बातचीत करेंगे।’इसमें कहा गया है, ‘‘भारत और मिस्र के संबंध प्राचीन व्यापारिक और आर्थिक संबंधों के साथ-साथ सांस्कृतिक और लोगों के बीच गहरे आपसी संबंधों पर आधारित हैं।’’मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने जनवरी में भारत की यात्रा की थी और इस दौरान दोनों देशों के आपसी संबंधों को सामरिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने पर सहमति बनी थी।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने की 21 तारीख को न्यूयॉर्क के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालयों में नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भागीदारी करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर योग सत्र का नेतृत्व करेंगे। एक ट्वीट में 77वें संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष साबा कोरोसी ने श्री मोदी के अलावा इस कार्यक्रम में शामिल होने के प्रति अपनी खुशी भी जाहिर की है।
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नई दिल्ली। चक्रवात बिपरजॉय लगातार कमजोर होकर उत्तर पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इससे अगले 24 से 48 घंटों में स्थानीय मौसम पर असर पड़ेगा। इसके कारण उत्तरी गुजरात और दक्षिणी राजस्थान के कई इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम के अनुसार अगले कुछ घंटे में कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर और मोरबी जिलों में 41 से 61 किलोमीटर प्रतिघंटा के गति से हवा चलेगी। इसके साथ तूफान और भारी बारिश होने की संभावना है।
भुज SP करण सिंह वघेला के अनुसार मुंद्रा, मांडवी, नलिया, जखाऊ आदि जगह पर भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं चल रही हैं। पुलिस की टीम हर जगह तैनात हैं। पुलिस पूरे ज़िले में तैनात है जिससे कहीं भी कुछ जरूरत हो वहां पहुंच सके। जहां भी रोड ब्लॉक है उसे जल्द से जल्द साफ कराया जा रहा है। किसी भी जनहानि की सूचना अभी तक नहीं आई है। हम लोगों से अपील करते हैं चक्रवात का पूरी तरह से शांत हो जाने के बाद ही वे अपने घर से बाहर निकलें।
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी के अनुसार बीती रात बहुत चुनौतीपूर्ण थी। आज फिर टीम गुजरात उसी साहस के साथ ग्राउंड जीरो पर काम कर रही है। सरकार के प्रो एक्टिव काम के कारण आज सुबह 8 बजे तक किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। कुछ लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। तेज हवाओं के कारण कई जगह पर बिजली के खंभे और पेड़ गिरे जिसे पुलिस, NDRF, SDRF की टीम ने साथ मिलकर तुरंत हटाया।
अमित अरोड़ा, कलेक्टर, कच्छ, गुजरात के अनुसार गुजरात-कई जगहों पर तेज हवा के कारण एहतियातन बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है। नुकसान का सर्वे जारी है सही आंकड़े सर्वे के बाद आएंगे। बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर को ज्यादा नुकसान हुआ है। काफी पेड़ गिरे हैं। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हम चीजें सामान्य करने की जल्द से जल्द कोशिश करेंगे। 2 हाईवे बंद हैं जिस पर से पेड़ हटाने का काम जारी है:।
- कालामाटा (यूनान). दक्षिण यूनान में समुद्र में हुई भीषण नौका दुर्घटना में लापता सैंकड़ों लोगों की तलाश का अभियान बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रवासियों को लेकर जा रही मछली पकड़ने वाली एक नौका यूनान के तट पर मंगलवार देर रात को पलटने के बाद डूब गई थी, जिससे कम से कम 78 लोगों की मौत हो गई जबकि सैंकड़ों अन्य लापता हैं। अधिकारियों ने पहले 79 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी थी। अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 78 शव बरामद किए गए हैं। बचावकर्ताओं ने 104 यात्रियों को बचाया है, जिनमें मिस्र, सीरिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और फलस्तीन के नागरिक शामिल हैं। ये सभी प्रवासी यूरोप जाने की कोशिश कर रहे थे। तटरक्षक बल, नौसेना और विमानों ने रात भर व्यापक स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने यात्री लापता हैं। लेकिन तटरक्षक बल के प्रवक्ता निकोस अलेक्सियो ने सरकारी ‘ईआरटी टीवी' को बताया कि यात्रियों की संख्या का सटीक अनुमान लगाना असंभव है। ऐसा प्रतीत होता है कि 80-100 फुट का जहाज लोगों के अचानक एक तरफ चले जाने के बाद पलट गया और कुछ देर बाद डूब गया। कालामाटा के दक्षिणी बंदरगाह शहर के डिप्टी मेयर आयोनिस ज़ाफ़िरोपोलोस ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिले हैं कि नौका में ‘‘500 से अधिक लोग'' सवार थे। तटरक्षक के एक बयान के अनुसार, जब उनके जहाजों और वाणिज्यिक जहाजों ने नौका को बचाने का बार बार प्रयास किया तो उन्हें ऐसा करने से रोका गया। नौका पर सवार लोग लगातार यह कह रहे थे कि वे इटली जाना चाहते हैं। तटरक्षक अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार देर रात करीब एक बजकर 40 मिनट पर नौका का इंजन खराब हो गया, जिसके बाद नौका डूबने लगी। बयान के अनुसार नौका 10 से 15 मिनट बाद डूब गई। अधिकारियों ने बताया कि नौका यूनान के दक्षिणी पेलोपोनिसे प्रायद्वीप से करीब 75 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में डूबी।
- जम्मू. आगामी अमरनाथ यात्रा में 40 से अधिक खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाया गया है और तीर्थयात्रियों को प्रतिदिन कम से कम पांच किलोमीटर पैदल चलकर शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर करने की सलाह दी गई है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने बृहस्पतिवार को जारी अपने स्वास्थ्य परामर्श में यह जानकारी दी। प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों में ‘कोल्ड ड्रिंक' और ‘फास्ट फूड' भी शामिल हैं। स्वास्थ्य परामर्श में दक्षिण कश्मीर में स्थित हिमालय के तीर्थस्थल की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे प्रतिदिन सुबह और शाम लगभग चार से पांच किलोमीटर की सैर करना शुरू करें ताकि उनका शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहे। अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू होगी। इसके लिए दो रास्ते हैं, जिनमें अनंतनाग जिले में 48 किलोमीटर लंबा नुंवान-पहलगाम का मार्ग है और गांदरबल जिले में दुर्गम चढ़ाई वाला 14 किलोमीटर लंबा रास्ता शामिल है। अधिकारियों ने कहा, ‘‘अमरनाथ यात्रा शुरू करने से पहले प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों और ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची पर नजर डालें, जिन्हें आप यात्रा के दौरान ले जा सकते हैं।'' श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की सलाह के अनुसार जिन खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें पुलाव, तला चावल, पूड़ी, पिज्जा, बर्गर, भरवां परांठा, डोसा, मक्खन-ब्रेड, अचार, चटनी, तला पापड़, चाउमीन सहित अन्य तले हुए खाद्य पदार्थ शामिल हैं। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने चावल के कुछ व्यंजनों के साथ अनाज, दालों, हरी सब्जियों और सलाद जैसे स्वस्थ खाद्य पदार्थों की सिफारिश की है। बोर्ड के मुताबिक, गांदरबल और अनंतनाग जिलों के जिलाधिकारी प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के उल्लंघन के लिए लगाए जाने वाले दंड को निर्दिष्ट करते हुए रणबीर दंड संहिता के तहत उचित आदेश जारी करेंगे।
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मुंबई. अमेरिका और यूरोप के विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भारत को लेकर आशान्वित हैं। इसका अनुमान भारतीय शेयरों में उनके निवेश से लगाया जा सकता है। मार्च, 2023 से शेयरों में उनका निवेश सुधरकर 9.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। एक विदेशी ब्रोकरेज कंपनी की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। स्विस ब्रोकरेज कंपनी यूबीएस सिक्योरिटीज की यह रिपोर्ट लगभग 50 अमेरिकी और यूरोपीय एफपीआई से बातचीत पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर विदेशी निवेशक भारत को लेकर आशान्वित हैं। मार्च, 2023 से शेयरों में उनका निवेश सुधरकर 9.5 अरब डॉलर हो गया है, जबकि इससे पिछले तीन माह के दौरान उन्होंने शेयरों से चार अरब डॉलर निकाले थे। भारत को लेकर उम्मीद की एक और वजह वृहद आर्थिक जोखिमों का नरम पड़ना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर वैश्विक निवेशक अगली गर्मियों में होने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने पहले ही दिसंबर तिमाही में होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव को ‘नजरअंदाज' कर दिया है। यूएसबी इंडिया की अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन ने कहा कि इस साल अब तक घरेलू बाजारों का प्रदर्शन उभरते बाजारों की तुलना में 4.6 प्रतिशत कम रहने के बावजूद निवेशक आशान्वित हैं। यूबीएस सिक्योरिटीज इंडिया के रणनीतिकार सुनील तिरुमलाई के अनुसार, इस उम्मीद की वजह बेहतर आर्थिक, राजनीतिक और भू-राजनीतिक परिदृश्य है। हालांकि, यूबीएस ने बैंकों की बढ़ती ब्याज दरों को जोखिम बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसकी वजह से भारतीय परिवार अपना पैसा शेयरों के बजाय अन्य विकल्पों में लगा सकते हैं। यूबीएस ने चालू साल के लिए निफ्टी के लक्ष्य को घटाकर 18,000 अंक कर दिया है। निफ्टी अभी 18,000 अंक से ऊपर है। -
जखौ/अहमदाबाद. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ‘बिपारजॉय' के बृहस्पतिवार देर रात तक गुजरात के कच्छ जिला स्थित जखौ बंदरगाह के नजदीक ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' के रूप में टकराने का अनुमान जताया है जिसके चलते राहत एवं बचाव कार्य को लेकर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अलावा सेना, वायुसेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने भी कमर कस ली है। आशंका है और इस दौरान हवा की अधिकतम गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इस क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका के मद्देनजर आठ तटीय जिलों से 94,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सेना ने भुज, जामनगर, गांधीधाम के साथ-साथ नलिया, द्वारका और मांडवी में अग्रिम स्थानों पर 27 राहत टुकड़ियां तैनात की हैं। वायुसेना ने वड़ोदरा, अहमदाबाद और दिल्ली में एक-एक हेलीकॉप्टर को तैयार रखा है। नौसेना ने बचाव और राहत के लिए ओखा, पोरबंदर और बकासुर में 10-15 टीम को तैनात किया है, जिनमें से प्रत्येक में पांच गोताखोर और अच्छे तैराक शामिल हैं।'' अधिकारी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल ने बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए हैं और स्थानीय निवासियों को सहायता प्रदान करने के लिए नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है। आईएमडी ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा कि चक्रवात के पहुंचने की प्रक्रिया शाम को शुरू होगी और आधी रात तक जारी रहेगी। आईएमडी ने कहा कि चक्रवात अत्यधिक भारी वर्षा लाएगा और ‘‘खगोलीय ज्वार'' पैदा होने के चलते 2-3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिसके चलते चक्रवात के टकराने के दौरान कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और मोरबी जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका है। अधिकारियों ने कहा कि चक्रवात के कारण ऊंची लहरें उठने के मद्देनजर लोगों को समुद्र के पास जाने से रोक दिया गया है और सभी समुद्र तटों पर जीवनरक्षक तैनात किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘अब तक निकाले गए 94,427 लोगों में से कच्छ जिले में 46,800, देवभूमि द्वारका में 10,749, जामनगर में 9,942, मोरबी में 9,243, राजकोट में 6,822, जूनागढ़ में 4,864, पोरबंदर में 4,379 और गिर सोमनाथ जिले में 1,605 लोगों को निकाला गया है।'' इसमें कहा गया, ‘‘जिन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, उनमें 8,900 बच्चे, 1,131 गर्भवती महिलाएं और 4,697 बुजुर्ग शामिल हैं। इन आठ जिलों में कुल 1,521 आश्रय गृह बनाए गए हैं। चिकित्सा दल नियमित अंतराल पर इन आश्रयों का दौरा कर रहे हैं।'' आईएमडी की अहमदाबाद इकाई की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि चक्रवात जखौ से करीब 180 किलोमीटर की दूरी पर है और शाम को इसके गुजरने के चलते कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर में बेहद भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चक्रवात की तीव्रता कम होने के बावजूद तेज हवाएं चलेंगी। इस बीच, चक्रवात के टकराने से पहले कच्छ, जामनगर, राजकोट, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका और अमरेली के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार दोपहर तक छह घंटे में 10-20 मिलीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की हुई। आईएमडी अधिकारियों ने कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ के अलावा, गुजरात के अन्य जिलों में भी 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही हल्की बारिश हो सकती है। अधिकारियों ने कहा कि चक्रवात के कारण होने वाली क्षति के मद्देनजर प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारी कर रहा है कि बिजली और पानी की आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो। इस बीच, देवभूमि द्वारका के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर और गिर सोमनाथ के सोमनाथ मंदिर को बृहस्पतिवार को दर्शनार्थियों के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है। पश्चिम रेलवे ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर 76 ट्रेन को रद्द कर दिया गया है, जबकि 36 को बीच रास्ते में रोक दिया गया है और 31 ट्रेन को केवल चुनिंदा स्टेशन पर संचालित करने का फैसला लिया गया है।
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नयी दिल्ली। पूर्वी पाकिस्तान (आज के बांग्लादेश) के समुद्र तट से 12 नवंबर 1970 को एक तूफान टकराया था, जिसे बाद में विश्व मौसम विज्ञान संगठन द्वारा विश्व का सबसे विनाशकारी उष्ण कटिबंधीय चक्रवात घोषित करना पड़ा। इससे मची तबाही ने पूर्वी पाकिस्तान में एक गृह युद्ध छेड़ दिया और आखिरकार विदेशी सैन्य हस्तक्षेप का मार्ग प्रशस्त किया, जिसने उसे बांग्लादेश के रूप में एक नये राष्ट्र में तब्दील कर दिया। यह तूफान के राजनीतिक और सामाजिक परिणाम और इतिहास की धारा बदलने का एक उदाहरण है।
चक्रवात ‘भोला' ने 300,000 से 500,000 लोगों की जान ली, जिनमें से ज्यादातर की मौत बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित निचले इलाकों में हुई। लाखों लोग रातों-रात इसके शिकार हो गये और विद्वानों ने लिखा कि अपर्याप्त राहत कोशिशों ने असंतोष बढ़ाया, जिसका अत्यधिक राजनीतिक प्रभाव पड़ा, सामाजिक अशांति पैदा हुई और गृह युद्ध हुआ तथा नया राष्ट्र सृजित हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिकार्ड में उपलब्ध सर्वाधिक विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में शामिल है और 20वीं सदी का सबसे भयावह प्राकृतिक आपदा है। तूफान के तट से टकराने से ठीक पहले, रेडियो पर बार-बार विवरण के साथ ‘रेड-4, रेड-4' चेतावनी जारी की गई। हालांकि, लोग चक्रवात शब्द से परिचित थे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि रेड-4 का मतलब ‘रेड अलर्ट' है। वहां 10 अंकों वाली चेतावनी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें तूफान की भयावहता को बताया जाता था। पश्चिमी पाकिस्तान (आज के पाकिस्तान) में जनरल याहया खान के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने दावा किया था कि करीब 191,951 शव बरामद किये गये और करीब 150,000 लोग लापता हैं। उनके आंकड़ों में वे हजारों लोग शामिल नहीं किये गये हैं जो समुद्र में बह गये, मिट्टी के नीचे दब गये या वे लोग जो दूर-दराज के द्वीपों पर थे, जो फिर कभी नहीं पाये गये। ग्रामीण बह गये, फसलें नष्ट हो गईं। सर्वाधिक प्रभावित उपजिला ताजुमुद्दीन में 45 प्रतिशत से अधिक आबादी (1,67,000 लोगों) की मौत हो गई। असहाय लोग जान बचाने के लिए पेड़ों पर चढ़ गये, लेकिन तेज हवा से पेड़ उखड़ गये और वे उच्च ज्वार में समुद्र में बह गये। इसके बाद, उनके शव तटों पर पड़े पाये गये थे। पूर्वी पाकिस्तान का राजनीतिक नेतृत्व खतरा संभावित तटीय क्षेत्र के प्रति प्रदर्शित की गई उदासीनता से नाराज हो गया। राहत कार्य के लिए अपर्याप्त मशीनरी को लेकर भी चिंता जताई गई। विश्लेषकों ने दलील दी कि राजनीतिक उथल-पुथल और अलगाव के लिए 1970 के चक्रवात को श्रेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘भोला' ने पूर्वी पाकिस्तान में मौजूद सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक तनाव को बढ़ाया। 1970 के चक्रवात ने पूर्वी पाकिस्तान की राजनीतिक संरचना को नहीं बदला, बल्कि इसने पूर्वी पाकिस्तान की स्वायत्ता की मांग को हवा दी। नेशनल अवामी पार्टी के नेता अब्दुल हामिद भासनी ने कहा कि संघीय प्रशासन का निकम्मापन तटीय क्षेत्रों में लाखों लोगों की जान बचाने के लिए बहुत जरूरी कदम उठाने के प्रति उनकी उदासीनता को प्रदर्शित करता है। वह लंबी यात्रा कर तूफान प्रभावित क्षेत्र पहुंचने वाले पहले नेता थे। सुबह की नमाज में उन्होंने नोआखली जिले में जिहाद का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना पड़ता है और उनका एक स्वतंत्र पूर्वी पाकिस्तान होना चाहिए। उनके बाद, अवामी लीग के नेता शेख मुजिब ने चक्रवात भोला के पीड़ितों के लिए आवाज उठाई। इस तरह, प्राकृतिक आपदा को राजनीतिक रंग दे दिया गया।-file photo
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भोपाल. मध्यप्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर किसी गांव में पिछले एक साल में कोई बाल विवाह नहीं होता है और कुछ अन्य शर्तें भी पूरी की जाती है तो उस ग्राम को ‘लाड़ली लक्ष्मी मित्र' गांव घोषित किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि इस टैग को प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायत को यह सुनिश्चित करना होगा कि लड़कियों का 100 प्रतिशत प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश हो, लड़कियों में किसी प्रकार का कुपोषण न हो और पिछले एक साल में उनके खिलाफ कोई अपराध न हुआ हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों को समाज में बदलाव लाने के लिए सबसे आगे रखा जाएगा, बाल विवाह और हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरुकता पैदा करने के लिए उनके क्लब बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एक अप्रैल 2007 को शुरु की गई लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत इस वर्ष स्नातक / व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश करने वाली 1,477 बालिकाओं को मप्र सरकार ने 1.85 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की है। अधिकारी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य लड़कियों के प्रति लोगों की सोच को बदलना, बाल विवाह रोकना, लिंगानुपात में सुधार करना, लड़कियों के लिए उचित पोषण, लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करना और प्राथमिक विद्यालयों में लड़कियों को शत प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘ प्रदेश सरकार उनकी उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी लेती है और प्रत्येक लाभार्थी को दो किस्तों में 25 हजार रुपये देती है। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 44.82 लाख लड़कियों का पंजीकरण किया गया है और 13.20 लाख लड़कियों को 366.21 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है।
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कुछ पहलवानों द्वारा कथित यौन उत्पीड़न मामले में डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दर्ज की है। मीडिया से बातचीत करते हुए दिल्ली पुलिस की जन संपर्क अधिकारी सुमन नालवा ने बताया कि धारा 354, 354डी और 354ए के तहत कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के विरुद्ध चार्जशीट दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि पॉक्सो मामले में पुलिस ने कथित पीड़िता के पिता और पीड़िता के बयान के आधार पर मामला निरस्त करने की रिपोर्ट दर्ज की है।
- बांदा (उप्र)। जिले के नरैनी कोतवाली क्षेत्र के बरसड़ा मानपुर गांव में एक व्यक्ति ने मंगलवार की रात धारदार हथियार से अपने बेटे और बहू की कथित रूप से हत्या कर दी और फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि नरैनी कोतवाली क्षेत्र के बरसड़ा मानपुर गांव में मंगलवार की रात आरोपी देशराज ने धारदार हथियार से अपने बेटे मनुवा (35) और बहू चुन्नी (30) की कथित तौर पर हत्या कर दी और फरार हो गया। उन्होंने बताया कि दोनों शव अलग-अलग जगहों पर चारपाई पर पड़े पाए गए, जिससे प्रतीत होता है कि सोते समय दोनों की हत्या की गई होगी। मृत दंपति के बेटे की तहरीर पर आरोपी देशराज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। बताया जाता है कि आरोपी देशराज के नाम 13 बीघा कृषि भूमि है जिसे वह बेचना चाहता था, लेकिन मनुवा इसका विरोध करता था। पिता जमीन ना बेच पाए, इसलिए उसने अदालत में मुकदमा भी दायर किया था।
- नयी दिल्ली,। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के नौ साल के कार्यकाल में लालफीताशाही से ‘रेड कार्पेट' तक का सफर पूरा किया है और कारोबार के अनुकूल माहौल बनाकर देश को प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) का सबसे पसंदीदा केंद्र बनाया है। शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कारोबार सुगमता के नौ साल' में वृद्धि को गति देने की भारत की आकांक्षाओं को पूरा किया है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने काराबारी सुगमता के नौ साल के दौरान लालफीताशाही से रेड कार्पेट तक का सफर पूरा किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक कुशल कर प्रणाली, निवेशक अनुकूल नीति और मंजूरी की आसान प्रक्रिया की शुरुआत की ताकि परेशानी मुक्त कारोबारी माहौल और भारत को एफडीआई का पसंदीदा केंद्र बनाया जा सके।'' केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि चाहे ‘स्टार्ट अप इंडिया', ‘स्टैंड अप इंडिया', उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) हो या डिजिटल परिवर्तन हो, सरकार के समग्र दृष्टिकोण ने नवाचार और विकास को बढ़ावा दिया है और सुविधानुसार तरीके से विकास सुनिश्चित किया है।




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