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नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता है और गांवों को सुरक्षित किए बिना सीमाओं को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता । नई दिल्ली में मंगलवार को 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज के माध्यम से देश की सीमाओं की सुरक्षा और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह योजना इस उद्देश्य से शुरू की है कि हर सीमावर्ती गांव को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से सीमावर्ती गांवों से पलायन रोकने के भी प्रयास किये जा रहे हैं।
गृहमंत्री ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों से कहा कि वे पर्यटन, कृषि, हस्तशिल्प और सहकारिता के क्षेत्र में सार्थक पहल करते हुए बुनियादी सुविधाओं को बढाने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत गांवों में सहकारी समितियों के माध्यम से रोज़गार बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए। -
भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने राज्य में छह हजार से अधिक अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को एक कार्यक्रम कहा कि 31 दिसम्बर 2022 तक बनी अवैध कॉलोनियां नियमित कर दी जायेंगी।मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि नगर-पालिकाऐं और पंचायतें इन कॉलोनियों में सडक, बिजली, जल और नालियों सहित सभी मूलभूत सुविधायें उपलब्ध करायेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन कॉलोनियों के निवासियों से विकास शुल्क की राशि नहीं ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि शहरी क्षेत्रों में गरीबों और श्रमिकों को पांच रुपये में भोजन प्रदान किया जाएगा।
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मुंबई. महाराष्ट्र के बुलढाणा में मंगलवार सुबह राज्य परिवहन निगम की बस और कंटेनर ट्रक के बीच टक्कर में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है।
अधिकारी ने बताया कि हादसा सुबह सात बजकर 20 मिनट पर जिले में पुराने मुंबई-नागपुर राजमार्ग पर सिंदखेड राजा कस्बे के पास हुआ। दुर्घटना स्थल राज्य की राजधानी मुंबई से 450 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बस में 33 यात्री सवार थे और यह पुणे से बुलढाणा के मेहकर जा रही थी। अधिकारी ने बताया कि जब बस पलसखेड चक्का गांव पहुंची, तो इसकी ट्रक से टक्कर हो गई।
उन्होंने बताया, ‘‘हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए।' अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में बस सवार चार यात्री और दोनों वाहनों के चालक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि तीन घायलों को सिंदखेड राजा कस्बे के ग्रामीण चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जबकि 15 अन्य को पड़ोसी जालना जिले के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारी ने बताया कि जालना के अस्पताल ले जाए गए 15 में से दो लोगों की हालत नाजुक है।
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हैदराबाद. फिल्मकार एस एस राजामौली, अभिनेता जूनियर एनटीआर और राम चरण ने ‘आरआरआर' फिल्म में खलनायक ब्रिटिश गवर्नर की भूमिका अदा करने वाले रे स्टीवेंसन के निधन पर मंगलवार को शोक जताया। स्टीवेंसन का रविवार को इटली में 58 साल की उम्र में निधन हो गया था।
राजामौली ने कहा कि वह स्टीवेंसन के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हैं। फिल्मकार ने ट्विटर पर स्टीवेंसन के साथ ली गई एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘इस खबर पर यकीन नहीं हो रहा। रे के सेट पर आते ही रौनक आ जाती थी और माहौल जीवंत हो उठता था। उनके साथ काम करने में काफी मजा आता था। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।'' ‘आरआरआर' के अभिनेता जूनियर एनटीआर और राम चरण ने भी स्टीवेंसन के निधन पर शोक जताया।
जूनियर एनटीआर ने ट्वीट किया, स्टीवेंसन बहुत जल्द चले गए। उनके साथ काम करने का अनुभव बेहतरीन रहा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। इस दुखद घड़ी में उनके परिवार और करीबियों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। '' राम चरण ने ट्वीट किया, ‘‘ रे स्टीवेंसन के निधन की खबर से दुखी और स्तब्ध हूं। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे। आपकी हमेशा याद आएगी।'' स्टीवेंसन के प्रतिनिधियों ने ‘एसोसिएटेड प्रेस' को बताया था कि अभिनेता ने रविवार को अंतिम सांस ली। स्टीवेंसन का जन्म 1964 में आयरलैंड के लिसबर्न शहर में हुआ था। उन्हें ‘आरआरआर' के अलावा ‘थॉर' और ‘किंग आर्थर' जैसी फिल्मों में भी दमदार अभिनय के लिए जाना जाता था।
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नयी दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा मंगलवार को घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2022 के नतीजों में इशिता किशोर ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। परीक्षा के घोषित नतीजे के अनुसार, गरिमा लोहिया और उमा हरीती एन ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया है। यूपीएससी ने कहा है कि 933 अभ्यर्थियों ने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। यूपीएससी द्वारा सिविल सेवा परीक्षा सालाना तीन चरणों में आयोजित की जाती है, जिनमें अभ्यर्थियों को प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना होता है। इस परीक्षा के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) समेत अन्य सेवाओं के अधिकारियों का चयन किया जाता है।
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नयी दिल्ली. प्रतिबंध के बावजूद ई-सिगरेट आसानी से ऑनलाइन और तंबाकू की दुकानों पर उपलब्ध होने के कारण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के निर्माण, बिक्री और विज्ञापनों पर रोक लगाने वाले कानून को सख्ती से लागू करने के लिए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का निषेध (उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) कानून (पीईसीए) 2019 में लागू हुआ। मंत्रालय ने सभी उत्पादकों, निर्माताओं, आयातकों, निर्यातकों, वितरकों, विज्ञापनदाताओं, कोरियर सहित ट्रांसपोर्टर, सोशल मीडिया वेबसाइट, ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट, दुकानदारों/खुदरा विक्रेताओं समेत अन्य को ई-सिगरेट का वितरण या भंडारण पूर्ण उत्पाद या उसके किसी भाग के रूप में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादन या निर्माण, आयात या निर्यात या परिवहन या बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया है। हाल में जारी नोटिस में उनसे इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का विज्ञापन नहीं करने या ऐसे विज्ञापन में हिस्सा नहीं लेने को भी कहा है जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के इस्तेमाल को बढ़ावा देता हो। सार्वजनिक नोटिस में एक नोट जोड़ते हुए, मंत्रालय ने कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री (ऑनलाइन बिक्री सहित), वितरण, भंडारण और विज्ञापन का अपराध कानून के वैधानिक प्रावधानों के अनुसार संज्ञेय और दंडनीय है।'' ‘वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया' के प्रबंधक बिनॉय मैथ्यू ने कहा, ‘‘2019 में भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद, वे तंबाकू की दुकानों और ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध हैं और 18 साल से कम उम्र वालों को बेची जाती हैं।'' उन्होंने कानून को सख्ती से लागू करने के लिए सार्वजनिक नोटिस लाने के सरकार के कदम का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘हमारी युवा पीढ़ी को जहरीले व्यसन के एक नए रूप से बचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि, इसका क्रियान्वयन कमजोर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप बाजार सस्ते और बिना ब्रांड वाली चीनी निर्मित ई-सिगरेट से भर गया है।'' भारी जुर्माने और कारावास के प्रावधान के बावजूद, ई-सिगरेट तंबाकू विक्रेताओं, सामान्य दुकानों और ऑनलाइन प्रदाताओं सहित कई स्रोतों में व्यापक रूप से उपलब्ध हैं। स्कूली बच्चों सहित युवाओं में ई-सिगरेट का बड़े पैमाने पर उपयोग देखा गया है। मैथ्यू ने कहा, ‘‘ई-सिगरेट के व्यापारी अवैध रूप से बाजार में पैर जमाने में कामयाब रहे हैं, जिसका प्रतिबंध से पूरी तरह से समाधान नहीं हो पाया है।'' उच्चतम न्यायालय में वकालत करने वाले रंजीत सिंह ने कहा, ‘‘ई-सिगरेट और आकर्षक स्वाद वाले उत्पादों को युवा पीढ़ी को निकोटीन की लत में फंसाने के लिए तैयार किया गया है। यह चिंताजनक है कि एक प्रतिबंधित उत्पाद भारतीय बाजार में इतनी आसानी से उपलब्ध है।'' उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस, प्रतिबंधित उत्पाद पर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पीईसीए, 2019 प्रावधानों के विवरण को स्पष्ट करते हुए, इस खतरनाक उत्पाद को भारत में विपणन से रोकने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को दिखाता है। ई-सिगरेट और इस तरह के तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लागू करने के लिए राज्य सरकारों को समान कदम उठाने चाहिए।'' फरवरी में, मंत्रालय ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा था, जिसमें चिंता व्यक्त की थी कि ये उपकरण अभी भी ऑनलाइन और स्थानीय विक्रेताओं के पास उपलब्ध हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को संबोधित एक पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि ई-सिगरेट जैसे उपकरणों को दुकानों या स्टेशनरी स्टोर और शैक्षणिक संस्थानों के पास बेचे जाने की भी सूचना मिली है, जिसके परिणामस्वरूप छोटे बच्चों द्वारा ऐसे उत्पादों के लिए आसान पहुंच है। -
शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से इस वर्ष अब तक लापता हुए 17 नाबालिगों में से 16 का प्रौद्योगिकी की मदद से 48 घंटे के अंदर पता लगा लिया गया है। इन प्रौद्योगिकी में कॉल रिकॉर्ड के ब्योरे, ‘‘आईपी एड्रेस'' की मदद आदि शामिल हैं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि एक जनवरी से 20 मई के बीच 153 लोग लापता हुए थे जिनमें 13 लड़कियां और चार लड़के शामिल हैं तथा इनमें से 132 लोगों का पता लागा लिया गया है। पुलिस की साइबर प्रौद्योगिकी सहायता टीम ने फोन कॉल के रिकॉर्ड, सोशल मीडिया, ‘‘आईपी एड्रेस'' आदि की मदद से नाबालिगों का पता लगाया। पुलिस ने बताया कि लापता बच्चों तथा वयस्कों के संबंध में जांच तथा आकलन से यह बात सामने आई है कि नशीले पदार्थों का आदी होना, पढ़ाई का बोझ, परीक्षा में फेल होना, परिवार के साथ अच्छा तालमेल नहीं होना आदि कुछ ऐसे कारण हैं जिसके चलते बच्चे घर छोड़ कर चले जाते हैं। शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि लापता बच्चों तथा किशोरों के अपराध के रास्ते में बढ़ने की आशंका होती है और उनका पता लगाने में देरी से कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस नाबालिगों का पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी की सहायता ले रही है और उनमें से अधिकांश (95 प्रतिशत) को 48 घंटों के भीतर खोज लिया गया है।
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प्रयागराज/अयोध्या . प्रयागराज में चलती कार के बोनट पर बैठकर अपना वीडियो बनाने और उसे विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर अपलोड करने वाली एक महिला पर 17 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्णिका चौधरी का वीडियो सोशल मीडिया पर अत्यधिक प्रसारित हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और फिर उस पर जुर्माना लगाया। सिविल लाइंस के थाना प्रभारी (एसएचओ) भानु प्रताप ने कहा कि चौधरी ने 16 मई को ऑल सेंट्स कैथेड्रल के पास दुल्हन की पोशाक में एक चलती एसयूवी के बोनट पर बैठकर वीडियो बनाया था। इस गिरजाघर को ‘पत्थर गिरजा' के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस ने कहा कि उसने पहले कंपनी बाग (चंद्रशेखर आज़ाद पार्क) के पास बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते हुए अपना वीडियो बनाया था। प्रताप ने कहा कि एसयूवी से संबंधित घटना में चौधरी पर नियमों के उल्लंघन के लिए 15,500 रुपये और अन्य के लिए 1,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस ने कहा कि इसी तरह की एक अन्य घटना में अयोध्या में एक कार के बोनट पर स्टंट करने वाली दो महिलाओं का एक वीडियो प्रसारित हुआ था। उन्होंने कहा कि कार मालिक पर 18,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। क्षेत्राधिकारी (नगर) शैलेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘दोनों लड़कियों ने अपनी और दूसरों की जिंदगी दांव पर लगा दी। एक लड़की चलती कार के बोनट पर बैठी थी और गाड़ी चला रही दूसरी लड़की ड्राइवर की खिड़की से बाहर आ गई थी।'' उन्होंने बताया कि कार मालिक पर 18,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय मूल्यांकन नियामक ‘परख' ने सोमवार को देश भर में स्कूली मूल्यांकन, परीक्षा पद्धतियों और बोर्ड की समानता पर विचार-विमर्श के लिए पहली कार्यशाला का आयोजन किया। स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कार्यशाला में कहा, ‘‘भारत में वर्तमान में लगभग 60 स्कूल परीक्षा बोर्ड हैं जो विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य एक एकीकृत ढांचा स्थापित करना है जो विभिन्न बोर्ड या क्षेत्रों के बीच छात्रों के लिए निर्बाध बदलाव को सक्षम बनाता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसमें विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम मानकों, ग्रेडिंग प्रणाली और मूल्यांकन पद्धतियों में समानता लाना, विभिन्न बोर्ड के माध्यम से प्राप्त प्रमाणपत्रों और ग्रेड को मान्यता देना शामिल है।'' ‘परफॉर्मेंस एसेसमेंट, रिव्यू एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट' (परख) सभी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्ड के लिए छात्र मूल्यांकन के लिहाज से नियम, मानक और दिशानिर्देश तय करने का काम करेगा।
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कोच्चि. केरल में 15 साल के अंतराल के बाद यहूदी रीति-रिवाजों और पारंपरिक तरीके से कोई विवाह समारोह आयोजित किया गया। अमेरिका में डेटा वैज्ञानिक एवं अपराध शाखा में पूर्व पुलिस अधीक्षक बेनोय मलखाई की बेटी राहेल मलखाई ने अमेरिकी नागरिक एवं अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के इंजीनियर रिचर्ड जाचरी रोवे से शादी की। कोच्चि के एक निजी रिसॉर्ट में रविवार को इस विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विवाह करने वाले जोड़े के परिवार, मित्र और समुदाय के अन्य सदस्य शामिल हुए। इजराइल से आए ‘रब्बी' एरियल टायसन ने विवाह संपन्न कराया। विवाह हुप्पाह (मंडप) के नीचे हुआ। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि यह केरल में हुई ऐसी पहली शादी है, जो किसी यहूदी उपासना गृह के बाहर हुई है। राज्य में इससे पहले यहूदी रीति रिवाजों से 2008 में कोई विवाह हुआ था। उस समय मट्टनचेरी के थेक्कुंभगम आराधनालय में विवाह सम्पन्न हुआ था। उपासना गृह के अंदर सीमित संख्या में ही लोग आ सकते थे, इसलिए वर-वधू पक्ष के परिवारों ने निजी रिसॉर्ट में समारोह आयोजित करने का फैसला किया ताकि परिवार के सभी सदस्य इसमें शामिल हो सकें। कुछ इतिहासकारों के अनुसार, केरल पहुंचने वाले पहले यहूदी व्यापारी थे और वे 2,000 साल से भी पहले राजा सोलोमन के समय में आए थे। राज्य में यहूदी समुदाय के अब कुछ ही परिवार हैं।
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भदोही (उप्र) .भदोही जिले के औराई क्षेत्र में 16 साल की लड़की का अपहरण कर उससे शादी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारा और किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी उमेश्वर प्रभात सिंह ने सोमवार को बताया कि 12 मार्च को औराई थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने उसकी नाबालिग बेटी को अगवा कर उससे शादी करने के मामले में शनिवार को आरोपी सूरज नामक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने रविवार शाम को रैमलपुर गाँव में आरोपी के घर से किशोरी को बरामद कर लिया तथा उसे नारी निकेतन भेज दिया। उन्होंने बताया कि किशोरी की मेडिकल जांच करायी जाएगी और अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज कराया जाएगा। उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपी सूरज को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।
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हिसार (हरियाणा) .हरियाणा के सहरवा गांव में कुएं की सफाई के दौरान कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों की पहचान जयपाल, नरेंद्र और सुरेश के रूप में की गई।
पुलिस के मुताबिक, जयपाल कुएं में घुसा लेकिन कथित तौर पर जहरीली गैस सूंधने के बाद बेहोश गया। इसके बाद नरेंद्र अंदर गया लेकिन वापस नहीं आया। उन्होंने बताया कि जयपाल और नरेंद्र को बाहर लाने के लिए सुरेश और विक्रम अंदर गए। हालांकि, सुरेश भी बेहोश हो गया, जबकि विक्रम तुरंत बाहर निकल आया। चारों को कुएं की सफाई का काम दिया गया था। बाद में, पुलिस ने कुएं से जयपाल, नरेंद्र और सुरेश के शव बरामद किए। -
होशियारपुर (पंजाब). होशियारपुर से करीब 55 किलोमीटर दूर श्री खुरालगढ़ साहिब के समीप एक ट्रैक्टर ट्रॉली के 100 फुट गहरी खाई में गिर जाने से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गयी और 33 अन्य घायल हो गये। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 36 श्रद्धालु श्री चरण छोह गंगा, श्री खुरालगढ़ साहिब में मत्था टेकने जा रहे थे।
पुलिस ने कहा कि जब वे श्री खुरालगढ़ साहिब से कुछ ही दूरी पर थे, चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे ट्रैक्टर ट्रॉली खाई में जा गिरी। पुलिस उपाधीक्षक (गढ़शंकर) दलजीत सिंह ने कहा कि मृतकों की पहचान परागपुर गांव की निवासी महिंदर कौर (60) और सुखप्रीत कौर (24) और मुबारकपुर गांव की भूपिंदर कौर (23) के रूप में हुई है। घायलों को शहीद भगत सिंह नगर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन लोगों को सरकारी मेडिकल कॉलेज, चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। -
धार. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ने यह सुनिश्चित किया कि देश में किसी भी परिवार को भूखा नहीं सोना पड़े। उन्होंने धार जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर गंधवानी इलाका स्थित ग्राम भैंसोला में वस्त्र उद्योग से संबंधित ‘पीएम मित्र पार्क' के भूमि पूजन के दौरान लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। गोयल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ने यह सुनिश्चित किया कि देश में किसी भी परिवार को भूखा नहीं सोना पड़े।'' प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को कोविड-19 महामारी के दौरान अप्रैल 2020 में आरंभ किया गया था, ताकि गरीब जनता को कोई समस्या ना हो। इसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने वस्त्र उद्योग से संबंधित ‘पीएम मित्र पार्क' की स्थापना के लिए रुचि दिखाई है और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय किया है। गोयल ने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन से मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव भी इस पार्क को प्रारंभ कराने के लिए लगातार सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि यह पार्क धार जिले और समूचे वनवासी अंचल के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने में मील का पत्थर साबित होगा। गोयल ने कहा कि इस पार्क से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग दो लाख रोजगार प्राप्त होंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि यह पार्क लगभग 1563 एकड़ भूमि पर विकसित होगा। पार्क के विकास के लिए केन्द्र सरकार ने दो चरण में 500 करोड़ रुपये की राशि देने का फ़ैसला लिया है। साथ ही केन्द्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत प्रदान करने का निर्णय लिया है। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय ने देश के सात राज्य में सात पीएम मित्र पार्क अनुमोदित किए हैं। इनमें मध्य प्रदेश में भी एक पीएम मित्र पार्क की स्थापना शामिल है। यहां कपास से धागा, धागे से वस्त्र निर्माण और तैयार वस्त्र की बिक्री एवं निर्यात का कार्य एक स्थान पर होगा। -
मुंबई. सीमा शुल्क विभाग ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर तीन महिलाओं सहित छह विदेशियों के पास से 1.98 करोड़ रुपये मूल्य का 3.7 किलोग्राम सोना जब्त किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। माले से आने वाले यात्रियों के शरीर में सोना छिपा हुआ पाया गया।
जांच में पता चला कि ये छह यात्री श्रीलंका के रहने वाले है। वे 18 मई को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। अधिकारी ने बताया कि जांच के बाद सभी यात्रियों को छोड़ दिया गया, लेकिन सोना सीमा शुल्क अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया। -
मुंबई. दो हजार का नोट वापस लेने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) फैसले के बाद ज्वेलर्स से सोना, चांदी की खरीद संबंधी पूछताछ बढ़ गई है। दुनिया में चीन के बाद भारत में सोने की खपत सबसे ज्यादा होती है। सर्राफा कारोबारियों के निकाय जीजेसी ने रविवार को कहा, “हालांकि, 2016 में नोटबंदी के दौरान देखी गई स्थिति के विपरीत अब सोने की घबराहटपूर्ण लिवाली नहीं है।'' वास्तव में पिछले दो दिन में अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) मानदंडों के कठोर नियमों के कारण 2,000 रुपये के नोटों के बदले सोने की खरीद वास्तव में कम रही है। हालांकि सूत्रों ने कहा कि कुछ जौहरियों ने सोना खरीद पर 5-10 प्रतिशत प्रीमियम लेना शुरू कर दिया है जिससे पीली धातु का भाव 66,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। देश में इस समय सोना लगभग 60,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।
अखिल भारतीय रत्न और आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन संयम मेहरा ने बताया, “2,000 रुपये के नोटों से सोना या चांदी खरीदने को लेकर काफी पूछताछ की जा रही है, इसलिए शनिवार को दुकानों पर ज्यादा ग्राहक आए। हालांकि, सख्त केवाईसी नियमों के चलते वास्तविक खरीदारी कम हुई है। -
नयी दिल्ली. रेलवे से जुड़ी जानकारी की अपेक्षा रखने वालों के लिए अपने बलबूते प्रत्येक साल ‘ईयरबुक' उपलब्ध कराने वाली सुमन चोपड़ा इस काम में 39 वर्षों से जुटी हैं, जो किसी व्यक्ति या निजी संस्था द्वारा तैयार सबसे व्यापक वार्षिक संग्रह है। हर साल चोपड़ा (73) ‘ईयरबुक' की लगभग 4,000 से 4,500 प्रतियां प्रकाशित करती हैं। इसके चमकदार पन्नों में विशेष विश्लेषण के साथ-साथ रेलवे से संबंधित हर चीज का सारांश होता है जो पिछले वर्ष हुआ था। किताब के अब तक के 39 संस्करणों के जरिए पाठक रेलवे के इतिहास को जान सकते हैं। किताब के संस्करणों में 1855 में निर्मित ‘फेयरी क्वीन' से लेकर वंदे भारत एक्सप्रेस तक के चित्रों का समृद्ध संग्रह है। चोपड़ा ने कहा, ‘‘रेलवे के बारे में जानकारी को लेकर कुछ अंतराल है जिसे मैं अपने प्रकाशन के माध्यम से भरने की कोशिश करती हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरे जीवन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर रेलवे अधिकारी की मेज पर मेरी वार्षिक किताब हो और मैं पिछले चार दशकों से इस दिशा में काम कर रही हूं।'' हालांकि, वह मानती हैं कि बिना किसी सहयोग के परंपरा को जारी रखना कठिन होता जा रहा है। चोपड़ा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि ताकत कहां से आती है। आगे इस सिलसिले को कायम रखना कठिन है।'' चोपड़ा ने कहा, ‘‘मुझे रेलवे से सहयोग नहीं मिल रहा है। लोग इसे (ईयरबुक) रेलवे का इनसाइक्लोपीडिया कहते हैं, लेकिन मैं अपने प्रयासों के लिए रेलवे से कुछ मान्यता चाहती हूं।'' हालांकि कोई भी चीज चोपड़ा को अपने सपने को पूरा करने से नहीं रोक पाई, यहां तक कि व्यक्तिगत परेशानियां भी नहीं। चोपड़ा ने 2021 में जब अपने बेटे को कोविड-19 महामारी में खो दिया, तब भी वह 300 पृष्ठों की ‘ईयरबुक' प्रकाशित करने में सफल रहीं। चोपड़ा ने कहा, ‘‘कोविड-19 में मैंने अपने बेटे को खो दिया। वह मेरा बच्चा था और यह (ईयरबुक) भी मेरा बच्चा है। अपने बेटे की याद में, मैं काम करती रहती हूं और मुझे पता है कि उसे खुशी होगी कि उसकी मां समाज के लिए कुछ सकारात्मक कर रही है।'' चोपड़ा को उम्मीद है कि उनकी वार्षिक किताब के 40वें संस्करण को आखिरकार वह पहचान मिलेगी जिसकी वह हकदार है। चोपड़ा के पति विनोद ने कहा कि उनकी पत्नी अपने परिवार और बच्चों की पढ़ाई का ख्याल रखते हुए वार्षिकी पर काम करने के लिए समय निकालने में कामयाब रहीं। विनोद ने कहा, ‘‘हमारी शादी के दस साल बाद सुमन ने अपना प्रकाशन व्यवसाय शुरू किया और रेलवे पत्रिका निकाली। वह पिछले 39 वर्षों से लगातार इसे प्रकाशित कर रही हैं। उन्हें इस काम का जुनून है, भले ही इससे कोई लाभ न हो।'' चोपड़ा रेलवे बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों, विभिन्न जोन और रेल कारखानों के महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों को अपनी वार्षिक किताब की प्रतियां भेजती हैं। चोपड़ा के काम ने उनके 12 वर्षीय पोते विवान को भी प्रेरित किया है, जो जूता रीसाइक्लिंग का छोटा व्यवसाय चलाता है। विवान ने कहा, ‘‘मेरी दादी मुझे अपना व्यवसाय चलाने की सलाह देती हैं। मैंने उनसे सीखा है कि जब कोई चीज आपको प्रेरित करती है, तो आपको उसका पीछा करना चाहिए और कभी हार नहीं माननी चाहिए।'
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चेन्नई. भारतीय तैराकी महासंघ (एसएफआई) ने रविवार को यहां आम सभा की बैठक के दौरान आरएन जयप्रकाश के दोबारा सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। जयप्रकाश ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए भारतीय तैराकी महासंघ का अध्यक्ष चुना जाना सम्मान की बात है। मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि मेरे पहले कार्यकाल के दौरान भारतीय तैराकी ने शानदार प्रगति की।'' उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान एसएफआई की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। जयप्रकाश ने कहा, हमने इतिहास बनते हुए देखा जब हमारे दो तैराकों (साजन प्रकाश और श्रीहरि नटराज) ने 2021 में ओलंपिक खेलों का ए क्वालीफाइंग स्तर हासिल किया।'' उन्होंने कहा, ‘‘कोविड महामारी के बावजूद एसएफआई ने सुनिश्चित किया कि भारत में पूरे तैराकी जगत को शीर्ष बुनियादी ढांचा, सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग सुविधा, विश्व स्तरीय कोचिंग, उभरते हुए जूनियर स्तर के युवा तैराकों को वैश्विक अनुभव मिले और जमीनी स्तर पर खेल का ढांचा मजबूत हो।'' एसएफआई ने अपने मिशन 2028 (लॉस एंजिलिस ओलंपिक) के तहत देश में तैराकी के विकास को लक्ष्य बनाया है।
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर में माजीन के शिवालिक वनों में तिरुपति बालाजी मंदिर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और मंदिर के कपाट आठ जून को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यह मंदिर 62-एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है और इस पर 30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। यह जम्मू क्षेत्र के सबसे बड़े मंदिरों में से एक होगा और इससे केंद्र शासित प्रदेश में धार्मिक और तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जम्मू का यह मंदिर आंध्र प्रदेश से बाहर बनाया जा रहा छठा बालाजी मंदिर होगा। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने पहले हैदराबाद, चेन्नई, कन्याकुमारी, दिल्ली और भुवनेश्वर में मंदिरों का निर्माण कराया था। टीटीडी के प्रमुख वाई. वी. सुब्बा रेड्डी ने कहा, “हमने मंदिर का निर्माण लगभग पूरा कर लिया है और आठ जून को इसका उद्घाटन किया जाएगा। तीन जून से अनुष्ठान शुरू होंगे।” जम्मू में मंदिर का निरीक्षण करने वाले रेड्डी ने कहा, “तिरुमाला में जो भी व्यवस्था और प्रथा अपनाई जा रही है, वह यहां भी अपनाई जाएगी।” उन्होंने कहा कि टीटीडी ने पवित्र स्थान पर तिरुपति बालाजी मंदिर का निर्माण किया है और यह जम्मू और कटरा के बीच के मार्ग पर पड़ता है। कटरा में ही माता वैष्णो देवी मंदिर स्थित है। टीटीडी की पहल है कि देशभर में कई बालाजी मंदिरों का निर्माण किया जाए और इसी पहल का हिस्सा जम्मू में बन रहा मंदिर है। यह माजीन में शिवालिक के जंगलों के बीच स्थित है। इसका निर्माण दो साल से भी कम वक्त में पूरा हो रहा है, जो एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “टीटीडी पूरे देश में बालाजी मंदिर बना रहा है। इसलिए, जो लोग आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर के दर्शन करने नहीं जा सकते हैं, वे अपने शहरों में इन मंदिरों में दर्शन कर लें।” रेड्डी ने कहा, “जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2021 में 62 एकड़ जमीन आवंटित की थी और हमने उसी साल निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। हम इसे पूरा करने के करीब हैं।” आंध्र प्रदेश से आए मंदिर निर्माण कार्य के प्रभारी रब्बानी ने कहा, “हम पिछले दो वर्षों से तिरुपति बालाजी मंदिर के निर्माण पर समर्पित रूप से काम कर रहे हैं। मंदिर का निर्माण पूरी तरह से पत्थरों से किया गया है, जबकि मूर्तियां सीमेंट से बनी हैं।
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उत्तरकाशी (उत्तराखंड). उत्तरकाशी जिले में स्थित प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए आये दो श्रद्धालुओं की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी। पिछले महीने धाम की यात्रा शुरू होने से लेकर अब तक 18 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। बड़कोट के थाना प्रभारी गजेंद्र बहुगुणा ने बताया कि राजस्थान के चुरू जिले के बंथानाउ गांव निवासी सत्यनारायण (55) को जानकीचट्टी में सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हिनौत गांव के रहने वाले 77 वर्षीय शेषनाथ को अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी भी उपचार के दौरान मौत हो गयी। बाइस अप्रैल को यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक धाम की यात्रा पर आने वाले 18 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी है।
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नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने तीन महीने के बच्चे के दोनों गुर्दों में रुकावट को दूर करने के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की है। अग्रणी अस्पताल ने दावा किया है कि बच्चा इस सर्जरी से गुजरने वाला दुनिया का सबसे कम उम्र का मरीज बन गया है। बाल चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने बायलेटरल लेप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी प्रक्रिया से सर्जरी की, जो यूरेटेरोपेल्विक जोड़ संबंधी बाधा का इलाज करने के लिए न्यूनतम चीरफाड़ वाली सर्जिकल तकनीक है। इस तरह की समस्या में गुर्दे से मूत्राशय तक मूत्र-प्रवाह बाधित होता है। इस स्थिति से जन्म के समय से ही बच्चे को पेशाब दिक्कतें हो रही थी। बाल रोग विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. विशेष जैन ने कहा कि यह ऑपरेशन दिसंबर में किया गया था और सर्जरी के तीन दिन बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि सर्जरी के तीन महीने बाद चिकित्सकों ने सर्जरी की सफलता का पता लगाने के लिए रेनोग्राम नामक जांच की। इस जांच से यह भी पता लगाया गया कि क्या गुर्दे से प्रवाह में कोई बाधा तो नहीं है। एम्स ने एक बयान में कहा, ‘‘सफल सर्जरी न केवल अत्याधुनिक बाल शल्य चिकित्सा देखभाल के लिए एम्स की प्रतिबद्धता को, बल्कि एनेस्थीसिया संबंधी मामलों में संस्थान की विशेषज्ञता को भी प्रदर्शित करती है, जिसके परिणामस्वरूप बच्चे को केवल तीन दिनों के भीतर छुट्टी मिल जाती है।'' तीन महीने के बच्चे के इलाज के बारे में अस्पताल ने कहा कि लेप्रोस्कोपी विधि का इस्तेमाल करके दोनों गुर्दे संचालित करने का निर्णय कम से कम चीरफाड़ और अधिकतम लाभ के लिए लिया गया था। सर्जरी से पहले, उपयुक्त परिणाम सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजनाएं बनाई गई थी। बयान में कहा गया कि दो घंटे के ऑपरेशन के दौरान, सर्जिकल टीम ने सूक्ष्म टांके और सूक्ष्म उपकरणों का इस्तेमाल करके अवरुद्ध यूरेट्रोपेल्विक जोड़ का सावधानी से पुनर्निर्माण किया। डॉ. जैन ने कहा कि बच्चे के लिए सकारात्मक परिणाम के अलावा, लेप्रोस्कोपिक विधि ने भविष्य की सर्जरी की आवश्यकता को समाप्त कर दिया। बयान में कहा गया है, ‘‘बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ एम बाजपेई के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विभाग ने ऐसी दिक्कतों के इलाज के लिए लेप्रोस्कोपिक तकनीकों को तेजी से अपनाया है। परंपरागत रूप से इस तरह की सर्जरी को क्रमिक रूप से किया जाता था, जहां प्रत्येक प्रभावित गुर्दे के लिए अलग-अलग सर्जरी की आवश्यकता होती थी।
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संगारेड्डी . तेलंगाना के मेदक जिले में रविवार को एक कार और ऑटोरिक्शा की टक्कर में एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग ऑटोरिक्शा पर सवार थे। पुलिस ने बताया कि घटना मेदक जिले के नरसिंगी के वल्लूर गांव के पास हुई। मृतकों (एक बच्चा, एक बुजुर्ग दंपति और एक पुरुष) की उम्र 11 से 65 वर्ष के बीच थी और क्रमशः निजामाबाद और सिद्दीपेट जिले के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि शवों को सरकारी अस्पताल में भेजा गया है।
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नयी दिल्ली. भारत के घरेलू पर्यटन की वृद्धि मजबूत बनी रहेगी और जी-20 की अध्यक्षता से देश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। थॉमस कुक (इंडिया) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक माधवन मेनन ने यह राय जताई है। मेनन ने कहा कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता की वजह से सम्मेलनों, प्रदर्शनियों का आयोजन भी विदेशी पयर्टकों को आकर्षित करेगा। मेनन ने कहा कि इसके अलावा यूरोप और अमेरिका में गर्मियों की शुरुआत के साथ भारत से वहां जाने वाले लोगों की संख्या में भी तेजी आएगी। यह पूछे जाने पर कि कोविड महामारी के बाद घरेलू पर्यटक क्षेत्र में जो वृद्धि देखने को मिली है वह कितनी टिकाऊ है, उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटन क्षेत्र मजबूत बना रहेगा। वास्तव में हमें घरेलू पर्यटन क्षेत्र में अधिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटन में उछाल का एक मुख्य कारण महामारी के बाद उपभोक्ता के व्यवहार में बदलाव है। ‘‘अर्थव्यवस्था में भरोसा करने के अलावा उपभोक्ता आज में जीना चाहता है, कल की चिंता नहीं करता।'' मेनन ने कहा, ‘‘महामारी ने लोगों के व्यवहार में बदलाव किया है। आज अधिक लोग घर से काम कर रहे हैं। परिवार के साथ अधिक समय बिताने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिसके चलते वे बार-बार ‘ब्रेक' लेना चाहते हैं। इससे घरेलू बाजार बढ़ रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘लोग पहले एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा और शायद एक घरेलू यात्रा करते थे। आज, यह पूरी तरह से बदल गया है। अब हम कई घरेलू यात्राओं की बात कर रहे हैं, यहां तक कि सप्ताहांत में भी लोग घूमने जाते हैं।'' उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास, अधिक हवाई अड्डों और होटलों के निर्माण की वजह से भी घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। मेनन का मानना है कि भारत के एक आर्थिक ताकत के रूप में उभरने और महत्वपूर्ण वैश्विक कार्यक्रमों को आयोजित करने की वजह से भी यहां का पर्यटन क्षेत्र आगे बढ़ रहा है।
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नयी दिल्ली. देश में विश्वविद्यालय साझा प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) की पहली पाली बिना किसी बड़ी गड़बड़ी के सुचारू रूप से संपन्न हुई। परीक्षा के बाद बाहर निकले छात्रों ने प्रश्नपत्र को ‘मध्यम' स्तर का और प्रक्रिया को गड़बड़ी मुक्त बताया। छात्र तीन घंटे तक परीक्षा केंद्र में थे, इस दौरान उनके चिंतित अभिभावक परीक्षा हॉल के बाहर इंतजार कर रहे थे। परीक्षा के दिन शहर और आस-पास के इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा। सीयूईटी-स्नातक की पहली पाली 271 शहरों के 447 केंद्रों पर आयोजित की गई जिसके लिए 87,879 उम्मीदवार थे। नोएडा सेक्टर 62 स्थित एक सेंटर पर कई छात्र-छात्राओं के चेहरे खिले हुए थे। नोएडा की ज्योति शर्मा ने कहा, ‘‘ प्रश्नपत्र मुश्किल नहीं था। सभी व्यवस्थाएं ठीक थीं। मैंने सुना है कि छात्रों को पिछली बार कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, इसलिए स्वाभाविक रूप से मैं घबराई हुई थी। लेकिन आज इस केंद्र पर परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की गई।'' दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दाखिले की इच्छुक आकांक्षी शर्मा ने कहा, ‘‘अंग्रेजी आसान थी और जनरल टेस्ट का प्रश्नपत्र मध्यम स्तर का था। कुल मिलाकर परीक्षा ठीक रही।'' बेटी को सेंटर से बाहर आते देख ज्योति की मां सुष्मिता मुस्कुरा रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार हम सभी ने देखा कि बहुत सारे मुद्दे थे। हम नहीं चाहते थे कि हमारी बेटी को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़े। मैं घबराई हुई थी कि परीक्षा कैसे देगी और गर्मी भी है। मैं तकनीकी दिक्कतों के बारे में भी चिंतित थी।'' पिछले साल, सीयूईटी का पहला सत्र गड़बड़ियों और कई तकनीकी समस्याओं से प्रभावित हुआ था।
एक अन्य परीक्षार्थी दिव्यांशी आत्मविश्वास से भरी दिखाई दीं और कहा कि परीक्षा ठीक गई। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सभी प्रश्नों का जवाब देने का प्रयास किया। मेरी परीक्षा जनरल टेस्ट और अंग्रेजी की थी। इस परीक्षा में सबको समान मौका मिलता है। मैं खुश हूं।'' वहीं, छात्रों के एक वर्ग ने पैन कार्ड को वैध पहचान पत्र के रूप में स्वीकार नहीं करने और केवल आधार पर जोर देने के लिए अधिकारियों के रवैये की आलोचना की। नीतीश कुमार नामक छात्र ने ट्वीट किया, ‘‘सीयूईटी परीक्षा के लिए प्रमाण के तौर पर क्या मेरा पैन कार्ड वैध नहीं है? फिर वे मुझे परीक्षा हॉल में क्यों नहीं जाने देते।'' सीयूईटी का दूसरा संस्करण रविवार को शुरू हुआ, जिसमें 14 लाख से अधिक उम्मीदवार देश भर के विश्वविद्यालयों में स्नातक में प्रवेश के लिए बैठे । पिछले साल के विपरीत इस बार तीन पालियों में परीक्षा कराई गई है। इससे पहले, परीक्षा 21 मई से 31 मई तक आयोजित होने वाली थी, लेकिन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने उम्मीदवारों की अधिक संख्या को समायोजित करने के लिए कार्यक्रम को कम से कम चार दिनों तक बढ़ाने का फैसला किया। -
जयपुर. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा जिले में शनिवार रात को दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोडा थाना क्षेत्र में एक ट्रैक्टर ट्रॉली के पलटने से दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि हादसा शनिवार रात को उस समय हुआ जब ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार लोग एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद बांसी बोहेड़ा गांव से अपने गांव घोडाखेडा लौट रहे थे। थाना प्रभारी रविन्द्र सेन ने बताया कि हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो दर्जन लोग घायल हो गये। उन्होंने बताया कि घायलों को उपचार के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान गंगा गाडरी (50), हमेरा गाडरी (45) और कालू लाल (50) के रूप में की गई है। भीलवाड़ा जिले में एक अन्य सड़क हादसे में एक कार के दीवार तोड़कर दुकान में घुस जाने से उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि शाहपुरा थाना क्षेत्र में हुए हादसे में राजवीर (30) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनके साले धनराज (24) की उपचार के लिये ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। वहीं, हादसे में घायल बबलू, विनोद और अभिषेक को उपचार के लिये भीलवाड़ा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।



























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