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नयी दिल्ली. संदेश मंच व्हॉट्सएप ने ऐसा फीचर पेश किया है, जिसके तहत उसके उपभोक्ता एक खाते को एक साथ कई फोन पर चला सकेंगे। व्हॉट्सएप ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मेटा के स्वामित्व वाले मंच ने कहा, “यह फीचर पूरी दुनिया में चलाना शुरू कर दिया गया है और कुछ सप्ताह में यह सभी के लिए उपलब्ध हो जाएगा।” मंच ने कहा, “आज, हम एक व्हॉट्सएप खाते को कई फोन पर एक साथ चलाने की सुविधा शुरू कर रहे हैं।
उपभोक्ता लंबे समय से इस फीचर की मांग कर रहे थे। इससे वे अपने फोन को चार अतिरिक्त उपकरणों से जोड़ सकेंगे, जैसे आप व्हॉट्सएप को वेब ब्राउजर, टैबलेट और डेस्कटॉप पर जोड़ते हैं। मंच ने बताया, व्हॉट्सएप खाते से जुड़ा प्रत्येक फोन सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता के निजी मैसेज, मीडिया और कॉल सिर्फ वह और उससे संपर्क करने वाला ही जान सके। व्हॉट्सएप ने एक बयान में कहा, “अगर आपका मूल उपकरण लंबे समय से सक्रिय नहीं है तो हम आपके व्हॉट्सएप को अन्य सभी उपकरणों से स्वत: ही लॉग आउट कर देंगे। -
नयी दिल्ली. भारत ने मंगलवार को हिंसाग्रस्त सूडान से अपने 278 नागरिकों के पहले जत्थे को नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा के जरिये निकाल लिया और वहां फंसे शेष भारतीयों के लिए जरूरी राहत सामग्री पहुंचायी। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना का दूसरा जहाज आईएनएस तेग भारतीयों को सूडान से निकालने के मिशन ‘ऑपरेशन कावेरी' के तहत वहां के बंदरगाह पर पहुंच गया है, ताकि और भारतीय नागरिकों को बाहर निकाला जा सके। ज्ञात हो कि सूडान में करीब 3000 भारतीयों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान में फंसे भारतीयों का पहला जत्था रवाना हो गया। आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर 278 लोग सूडान के बंदरगाह से जेद्दा के लिए रवाना हुए।'' बहरहाल, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन निकासी अभियान पर नजर रखने के लिए जेद्दा पहुंच गए हैं।
एक अन्य ट्वीट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने बताया कि सूडान से निकासी अभियान में भारतीय नौसेना का एक और जहाज आईएनएस तेग शामिल हो गया है। बागची ने कहा, ‘‘ आईएनएस तेग सूडान के बंदरगाह पर पहुंच गया है। इसमें और अधिकारी तथा वहां फंसे भारतीयों के लिए राहत सामग्री है। इससे सूडान के बंदरगाह पर दूतावास के कैम्प कार्यालय द्वारा किये जा रहे निकासी प्रयासों को बल मिलेगा।'' गौरतलब है कि भारत ने हिंसाग्रस्त सूडान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए सोमवार को ‘‘ऑपरेशन कावेरी'' शुरू किया। सूडान में सेना और अर्द्धसैनिक समूह के बीच सत्ता हासिल करने के लिए भीषण संघर्ष जारी है। इस भीषण लड़ाई में पिछले 12 दिनों से जारी भीषण लड़ाई में 400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, सूडान में दोनों पक्षों के 72 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमत होने के बाद भारत ने वहां फंसे अपने नागरिकों को बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिये हैं। विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने निकासी अभियान के बारे में कहा कि सूडान के बंदरगाह और जेद्दा में जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ सऊदी अरब के जेद्दा में आने के बाद ऑपरेशन कावेरी की टीम में शामिल हुआ, सूडान से भारतीयों को निकालने की व्यवस्था के लिए स्थापित नियंत्रण कक्ष गया।'' विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा था कि सूडान में फंसे हमारे नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन कावेरी शुरू हो गया है। भारतीय जहाज और विमान भारतीयों को स्वदेश लाने के लिये तैयार हैं। ज्ञात हो कि रविवार को भारत ने कहा था कि हिंसा प्रभावित सूडान में फंसे भारतीयों को इस अफ्रीकी देश से सुरक्षित रूप से निकालने की अपनी आकस्मिक योजना के तहत जेद्दा में दो सी-130जे सैन्य परिवहन विमान उड़ान भरने के लिए तैयार रखे गए हैं। साथ ही, भारतीय नौसेना के एक जहाज आईएनएस सुमेधा को क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बंदरगाह पर रखा गया था। शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूडान से 3000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित रूप से निकालने की आकस्मिक योजनाओं की तैयारी के निर्देश दिये थे। -
देहरादून. उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट छह माह बंद रहने के बाद मंगलवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गये। इस मौके पर पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गयी। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रावल भीमाशंकर लिंग द्वारा अन्य पुजारियों तथा धर्माचार्यों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा अर्चना करने के बाद सुबह 06:20 बजे मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। उन्होंने बताया कि मंदिर में पहली पूजा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में लोक कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गयी। धामी ने भगवान शिव की आराधना करके देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया तथा मंदिर परिसर में आयोजित भंडारा कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। कपाट खुलने के अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) को भी केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए पहुंचना था लेकिन खराब मौसम के कारण उनके हेलीकॉप्टर को गौरीकुंड से वापस लौटना पड़ा। पिछले कुछ दिनों से लगातार बर्फवारी और रूक-रूक कर हो रही बारिश के कारण भीषण ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालु मंदिर के कपाट खुलने के साक्षी बने। केदारनाथ धाम और उसके आसपास का पूरा इलाका बर्फ से ढ़का हुआ है। चारों तरफ एक फुट से ज्यादा ऊंची बर्फ की परत जमा है। हांलांकि, मंदिर परिसर और धाम के लिए जाने वाले पैदल रास्तों से बर्फ हटा दी गयी है। कपाट खोलने के मौके पर भगवान शिव के धाम को 35 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। कपाट खुलते समय सेना के बैंड की धुनों के बीच भजन कीर्तन एवं शिवभक्तों के ‘जय श्री केदार', ‘बम-बम भोले' के उदघोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थयात्रियों पर हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गयी। इससे पहले, सोमवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली पर भी पुष्प वर्षा की गयी थी। इस बीच, 29 अप्रैल तक बर्फवारी और बारिश का पूर्वानुमान होने के चलते ऋषिकेश तथा श्रीनगर सहित कुछ स्थानों पर सोमवार को आगे बढ़ने से रोके गए यात्रियों को अब केदारनाथ जाने दिया जा रहा है । प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘केदारनाथ जी में मौसम में सुधार के कारण आज ऋषिकेश और श्रीनगर से रास्ते खोल दिए गए हैं।'' इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें जिससे किसी को भी मौसम की वजह से कोई असुविधा न हो। बाइस अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। एक अन्य धाम बदरीनाथ के कपाट 27 अप्रैल को खुलेंगे।
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सिलवासा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' की 100वीं कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जिसका प्रसारण 30 अप्रैल को होना है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने मासिक रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत की थी। दादरा और नगर हवेली के सिलवासा जिले में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत करने के मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘इस साल को ‘मिलेट्स वर्ष' के तौर पर मनाया जा रहा है। श्री अन्न लोगों में लोकप्रिय हो रहा है, चाहे रागी के मीठे व्यंजन हो या इडली हो। यह लोकप्रिय वस्तु के तौर पर बिक रहे हैं और इसकी वजह से किसानों की आय बढ़ रही है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने मन की बात में श्री अन्न के बारे में कई बार उल्लेख किया है...आप सभी जानते हैं कि रविवार को मन की बात सेंचुरी पूरी करने जा रही है, यह इसकी 100वीं कड़ी होगी।
मोदी ने कहा, ‘‘मन की बात भारत के लोगों की विशेषताओं को रेखांकित करने और देश की विशिष्टता की प्रशंसा करने का बहुत अच्छा मंच है।'' उन्होंने कहा,‘‘आप की तरह मैं भी 100वीं कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित होने वाले काशी तेलुगू संगमम कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित किया जाएगा जब बड़ी संख्या में तेलुगु भाषी तीर्थयात्री 12 दिनों तक होने वाले धार्मिक समागम गंगा पुष्कर अलू के दौरान वाराणसी पहुंच रहे हैं। भाजपा सांसद जी वी एल नरसिम्हा राव ने कहा कि तेलुगू लोगों से जुड़े आश्रमों और धर्मशालाओं का संगठन श्री काशी तेलुगू समिति ‘संगमम' का आयोजन कर रहा है। राव इस कार्यक्रम के समन्वयक और श्री काशी तेलुगू समिति के अध्यक्ष भी है। गंगा नदी के मानसरोवर घाट पर आयोजित होने वाले इस एक दिवसीय कार्यक्रम में वाराणसी और तेलुगू भाषी लोगों की आबादी वाले दो राज्यों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच प्राचीन सभ्यतागत संबंधों को रेखंकित किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इस कवायद को दक्षिणी राज्यों में सत्तारूढ़ भाजपा की जड़ें मजबूत करने के मोदी के प्रयासों के हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है। वाराणसी ने एक महीने तक चलने वाले काशी तमिल संगमम की भी मेजबानी की थी। राव ने कहा, ‘‘गंगा पुष्कर अलू के दौरान लाखों लोग गंगा में पवित्र स्नान के लिए और विभिन्न अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए वाराणसी पहुंच रहे हैं। यह बहुत पवित्र अवधि है। प्रधानमंत्री ऐसे हजारों तीर्थयात्रियों को संबोधित करेंगे।'' उन्होंने कहा कि मोदी दोनों क्षेत्रों के बीच प्राचीन सभ्यतागत जुड़ाव को रेखांकित करेंगे। उन्होंने वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की। - धार . मध्य प्रदेश के धार जिले में एक शादी समारोह में मुंह से आतिशबाजी करने की कोशिश करने वाले 35 वर्ष के एक सैन्यकर्मी की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अमझेरा थाने के प्रभारी सी बी सिंह ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर अमझेरा थानाक्षेत्र अंतर्गत आने वाले जलोख्या गांव में सोमवार रात हुई। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में सेना में तैनात निर्भय सिंह सिंगार एक महीने की छुट्टी पर शादी में शामिल होने के लिए गांव आया था। उन्होंने बताया कि समारोह के दौरान सिंगार ने अपने मुंह में एक रॉकेट रखकर उसे छोड़ने का प्रयास किया लेकिन उक्त रॉकेट ऊपर जाने के बजाय उसके मुंह में ही फट गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
- पटना ।बिहार सरकार ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन पर बुधवार को दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रहे बादल का मंगलवार को मोहाली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वह 95 वर्ष के थे।बिहार सरकार द्वारा जारी एक परिपत्र के अनुसार, ‘‘ पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन पर राज्य सरकार ने 26 और 27 अप्रैल को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान पूरे राज्य में सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इन दो दिन में कोई सरकारी समारोह या आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।’’बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को बादल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा था, ‘‘बादल ने अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वह सिद्धांतों की राजनीति करने के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में एक अपूरणीय खालीपन उत्पन्न हो गया है। ’’कुमार ने ईश्वर से शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति व साहस देने की कामना भी की।
- चंडीगढ़। प्रकाश सिंह बादल को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए बुधवार सुबह से ही शिरोमणि अकाली दल के कार्यालय के बाहर लोगों की कतारें लग गईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को चंडीगढ़ पहुंचे और उसके बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि देने के लिए सीधे शिरोमणि अकाली दल (शिअद) कार्यालय गए। बादल के पार्थिव शरीर को यहां शिरोमणि अकाली दल के मुख्य कार्यालय में रखा गया है, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकते हैं।पंजाब सरकार ने पांच बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे बादल के सम्मान में गुरुवार को अवकाश घोषित किया है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता को सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत के बाद करीब एक सप्ताह पहले मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने मंगलवार रात करीब आठ बजे अंतिम सांस ली। वह 95 साल के थे।एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, विभाग, बोर्ड, निगम और शैक्षणिक संस्थान गुरुवार को बंद रहेंगे।शिअद प्रमुख के पार्थिव शरीर को राजपुरा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, रामपुरा फूल और बठिंडा होते हुए दोपहर 12 बजे मुक्तसर स्थित उनके पैतृक गांव बादल ले जाया जाएगा। पार्टी के एक नेता ने बताया कि गुरुवार को दोपहर एक बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। केंद्र सरकार पहले ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में 26 और 27 अप्रैल को पूरे भारत में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा कर चुकी है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्रियों, पंजाब तथा हरियाणा के मुख्यमंत्रियों तथा कई नेताओं ने बादल के निधन पर शोक व्यक्त किया और राज्य के साथ-साथ देश के लिए उनके अपार योगदान की सराहना की।प्रकाश सिंह बादल का जन्म आठ दिसंबर 1927 को पंजाब के बठिंडा के अबुल खुराना गांव में हुआ था। बादल ने लाहौर के फॉरमैन क्रिश्चियन कॉलेज से स्नातक किया।बठिंडा जिले के बादल गांव के सरपंच बनने के साथ ही उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वर्ष 1957 में कांग्रेस के टिकट पर वह मलोट से पंजाब विधानसभा के लिए चुने गए। वर्ष 1969 में उन्होंने अकाली दल के टिकट पर गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट से जीत हासिल की।पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री गुरनाम सिंह के कांग्रेस का दामन थामने के बाद अकाली दल फिर से संगठित हो गया। अकाली दल ने 27 मार्च 1970 को बादल को अपना नेता चुना। इसके बाद अकाली दल ने जनसंघ के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई। वह तब देश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने। हालांकि यह गठबंधन सरकार एक वर्ष से थोड़ा अधिक समय तक ही चल पाई। इसके बाद वह 1977-80, 1997-2002, 2007-12 और 2012-2017 में भी राज्य के मुख्यमंत्री रहे। अपने राजनीतिक जीवन के आखिरी पड़ाव में बादल ने अकाली दल की बागडोर बेटे सुखबीर सिंह बादल को सौंप दी थी।
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चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल (95) का मंगलवार को निधन हो गया। उन्हें करीब एक हफ्ते पहले मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांस लेने में असुविधा की शिकायत के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल के निदेशक अभिजीत सिंह ने बताया, रात करीब आठ बजे बादल का निधन हो गया। अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान, बादल पांच बार (1970-71, 1977-80, 1997-2002, 2007-12 और 2012-17 में) राज्य के मुख्यमंत्री पद पर रहे। बादल 94 साल की उम्र में पिछले साल राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले देश के सबसे उम्रदराज उम्मीदवार बने, जब वह 13वीं बार चुनावी मैदान में उतरे। वह, हालांकि मुक्तसर जिले के लांबी के अपने गढ़ को नहीं बचा सके।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बादल के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि बादल ने न सिर्फ पंजाब की प्रगति के लिए अथक प्रयास किये, बल्कि देश के विकास में भी बहुत योगदान दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी शोक जताते हुए कहा कि प्रकाश सिंह बादल का निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी बादल के निधन पर दुख व्यक्त किया। -
तिरुवनंतपुरम. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कोच्चि वाटर मेट्रो सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और कहा कि जैसे-जैसे राज्यों का विकास होगा, देश तेजी से विकास करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सहकारी संघवाद पर जोर देती है और मानती है कि अगर राज्यों का विकास होता है तो इससे देश के विकास में मदद मिलेगी। मोदी ने यहां सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘जैसे-जैसे केरल का विकास होगा, भारत तेजी से विकास करेगा।'' इससे पहले, प्रधानमंत्री ने यहां मध्य रेलवे स्टेशन से राज्य की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह सेवा राज्य की राजधानी को कासरगोड से जोड़ेगी। केरल का पारंपरिक कसावु मुंडु, शॉल और कुर्ता पहने मोदी ने स्टेडियम में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि कई लोग दुनिया भर के देशों की आर्थिक स्थिति से वाकिफ हैं। दक्षिणी राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आए मोदी ने कहा कि इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत को वैश्विक स्तर पर ‘विकास के चमकते केंद्र' के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोच्चि वाटर मेट्रो सहित देश में अधिकांश सार्वजनिक परिवहन प्रणालियां भारत में निर्मित हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के वैश्विक संपर्क कार्यक्रमों से विदेशों में रहने वाले भारतीयों को फायदा हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में दुनिया के विश्वास के पीछे कई कारण हैं और इनमें केंद्र में एक निर्णायक सरकार का होना, इसके द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास में अद्वितीय निवेश करना, जनसांख्यिकीय लाभांश प्राप्त करने के लिए निवेश करना, युवाओं को कुशल बनाना, ‘जीवन जीने की सुगमता' और ‘व्यवसाय की सुगमता' के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता शामिल है।
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तिरवनंतपुरम. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में मंगलवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम की शुरुआत आठ दशक से अधिक पुराने मलयालम देशभक्ति गीत से हुई, जिसे राज्य सरकार ने केरल का सांस्कृतिक गीत घोषित किया है। यह संभवत: पहली बार है जब 1938 में स्वतंत्रता सेनानी-कवि बोधेश्वरन द्वारा लिखित ‘केरलागानम' को पिछले साल राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी वाले किसी बड़े कार्यक्रम की शुरुआत में प्रस्तुत किया गया। गायकों के एक समूह ने सेंट्रल स्टेडियम में समारोह की शुरुआत करते हुए अपनी मधुर आवाज में यह कविता सुनाई। मोदी ने इसी कार्यक्रम में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। ‘‘जय जय कोमल केरल धरणी' से शुरू होने वाली 25 पंक्तियों की इस कविता को 2014 में केरल का सांस्कृतिक गीत घोषित किया गया था। आमतौर पर किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में यह गीत कभी नहीं गाया जाता। राज्य के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने जुलाई 2022 में घोषणा की थी कि कविता को दक्षिणी राज्य में आयोजित होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उद्घाटन गीत के रूप में गाया जाएगा। राज्य के गठन के बाद केरल विधानसभा की पहली बैठक में ‘केरलागानम' गाया गया था। फिर इसे आकाशवाणी के कलाकार शारदामणि और राधामणि द्वारा गाया गया, जिन्हें परवूर बहनों के नाम से जाना जाता है।
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मुंबई. मुंबई में एक स्वीमिंग पूल में 72 वर्षीय व्यक्ति पर ऊंचाई से एक अन्य व्यक्ति ने छलांग लगा दी जिससे बुजुर्ग की मौत हो गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना गोरेगांव में ओजोन स्वीमिंग पूल में रविवार शाम को हुई। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान विष्णु सामंत के रूप में की गयी है। सामंत पूल में तैर रहे थे जब 20 वर्षीय व्यक्ति ने ऊंचाई से पूल में छलांग लगा दी। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘सामंत को गर्दन तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आयीं। उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाने के बाद मृत घोषित कर दिया गया। उनकी पत्नी की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत) के तहत 20 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
- नयी दिल्ली । सीबीआई ने भारतीय गैस प्राधिकार लिमिटेड (गेल) के पूर्व निदेशक ई.एस. रंगनाथन के खिलाफ 2017-22 के दौरान आय के ज्ञात स्रोत से 4.82 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने के आरोप में एक नया मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गेल के तत्कालीन निदेशक (विपणन) रंगनाथन को पिछले साल जनवरी में महारत्न पीएसयू द्वारा विपणन किए गए पेट्रोकेमिकल उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को छूट देने के लिए 50 लाख रुपये से अधिक की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रंगनाथन के नोएडा आवास पर तलाशी ली थी जहां से उसे 1.29 करोड़ रुपये नकद और संपत्ति के विवरण वाले दस्तावेज बरामद हुए थे। इनकी एजेंसी ने जांच की थी। रंगनाथन 1985 में गेल में शामिल हुए और कार्यकारी निदेशक के रूप में गेल में लौटने से पहले 2016-20 तक इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) में प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया। बाद में उन्हें निदेशक (विपणन) के पद पर पदोन्नत किया गया। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तब वह इसी पद पर थे। बाद में उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया।संपत्तियों की जांच के बाद सीबीआई ने एक प्राथमिकी दर्ज की जिसमें आरोप लगाया गया कि रंगनाथन ने “आईजीएल और गेल (इंडिया) लिमिटेड में अपनी तैनाती के दौरान जानबूझकर खुद को अवैध रूप से समृद्ध किया और भ्रष्ट और अवैध तरीकों से अपने व अपनी पत्नी वी.एन. मीनाक्षी के नाम पर संपत्ति (चल और अचल दोनों) अर्जित की”। मीनाक्षी गृहिणी हैं। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि एजेंसी ने एक जनवरी, 2017 से 17 जनवरी, 2022 को उनकी गिरफ्तारी की तारीख तक पूर्व निदेशक के आय और व्यय विवरण का विश्लेषण किया, जिसमें पता चला कि उन्होंने 4.82 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी, जो उनकी वैध संपत्ति से 88 प्रतिशत अधिक थी। इस आय का उनके द्वारा संतोषजनक लेखा-जोखा नहीं दिया जा सका। अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने रंगनाथन और उनकी पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने सोमवार को पार्टी की ओडिशा इकाई के नये पदाधिकारियों की नियुक्ति की, जिनमें पांच वरिष्ठ उपाध्यक्ष, 12 उपाध्यक्ष, 39 महासचिव और 61 सचिव शामिल हैं। नये पदाधिकारी कांग्रेस की ओडिशा इकाई के प्रमुख शरत पटनायक के अधीन काम करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने ओडिशा इकाई के लिए 67-सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का भी गठन किया। राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ये नियुक्तियां की गई हैं।
कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की नियुक्ति और कार्यकारिणी समिति तथा मीडिया विभाग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नियुक्त किये गये कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्षों में गणेश्वर बेहरा, तारा प्रसाद बाहिनीपति, देबाशीष पटनायक, शिवानंद रे और सरस्वती हेम्ब्रम शामिल हैं। कांग्रेस के नवनियुक्त उपाध्यक्षों में ममता मढ़ी, अधिराज मोहन पाणिग्रही, राजेंद्र छत्रिया, विभूति मिश्रा, सीएस राजन एक्का, जानकी बल्लभ पटनायक, किशोर जेना, प्रतिमा मलिक, शुभेंदु मोहंती, विश्व भूषण दास, रजत कुमार चौधरी और नकुल नाइक शामिल हैं। पार्टी ने संतोष सिंह सलूजा को प्रदेश कांग्रेस का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है। -
नोएडा (उप्र) . नोएडा में पत्नी से अवैध संबंधों के चलते एक व्यक्ति ने अपने बड़े भाई की कथित रूप से हत्या कर दी। पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) हरिश चंदर ने बताया कि सेक्टर 14- ए के पास सोमवार सुबह सेक्टर -27 में रहने वाले धर्मा धामी (45) का शव मिला और उसे पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ और जब उसने उसके छोटे भाई आरोपी किशन धामी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके बड़े भाई का उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध था। चंदर के अनुसार इसी कारण आरोपी किशन ने अपने बड़े भाई की हत्या कर शव को सेक्टर 14 के पास फेंक दिया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीसीपी ने बताया कि एक घंटे के अंदर हत्या का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस आयुक्त ने इनाम देने की घोषणा की है।
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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला में सोमवार को बंदरों के हमले से बचने के प्रयास में घर की तीसरी मंजिल से गिरकर एक युवती की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक हिमानी शर्मा (19) कपड़े सुखाने के लिए अपने घर की तीसरी मंजिल पर गई थी और अचानक गुर्राते बंदरों के समूह ने उस पर हमला कर दिया। खुद को बंदरों से बचाने के प्रयास में संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गयी। पुलिस ने कहा कि हिमानी को आईजीएमसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना शिमला शहर के बाहरी इलाके ढांडा में हुई। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने आम लोगों पर बंदरों के बढ़ते हमलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले को वन्यजीव अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है और उन्हें सभी संवेदनशील बिंदुओं पर कर्मचारियों को तैनात करने के लिए कहा गया है।
- जयपुर. राजस्थान के बाड़मेर जिले में सोमवार को दो ट्रकों के बीच टक्कर के बाद आग लग जाने से तीन लोग जिंदा जल गए जबकि एक अन्य गंभीर रूप से झुलस गया। पुलिस ने बताया कि यह हादसा गुडामालानी थाना क्षेत्र के अलुपुरा गांव में उस वक्त हुआ जब दो ट्रक आपस में टकरा गए और आग लग गई। दोनों ट्रकों में चार लोग सवार थे। हेड कांस्टेबल सुल्तान सिंह ने कहा, "दो ट्रकों की भिड़ंत के बाद दोनों वाहनों में आग लग जाने से तीन लोगों को जिंदा जलकर मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति झुलस गया। उसे उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया।" उन्होंने कहा कि आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं, जिसके बाद सड़क पर यातायात बहाल हो सका। उन्होंने बताया कि दो मृतकों की पहचान प्रदीप और मोहम्मद आस के रूप में हुई है जबकि एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
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कौशांबी(उप्र). जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में सोमवार शाम ट्रक ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी,जिससे बाइक सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शाम करीब पांच बजे हुए हादसे में एक महिला व दो बच्चों सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। थानाध्यक्ष विनोद कुमार मौर्य ने बताया कि थाना क्षेत्र के सिहोरी गांव निवासी शिवकुमार (40), पत्नी अनीता व तीन बच्चों और एक भतीजी के साथ मोटरसाइकिल से मां शीतला कड़ा धाम से दर्शन करके अपने गांव लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि थाना क्षेत्र के जीटी रोड स्थित कसिया गांव के सामने एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को सामने से टक्कर मार दी, जिससे शिवकुमार उसकी बेटी सुहानी (5) तथा भतीजी अंजलि (14) की मौके पर ही मौत हो गई। मौर्य ने बताया कि हादसे में शिवकुमार की पत्नी अनीता, उसकी छह साल की बेटी और छह माह का बेटा घायल हो गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतकों के शव पोस्टमार्टम हेतु भेजे गए हैं और घायलों को इलाज हेतु जिला अस्पताल, कौशांबी में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
- नयी दिल्ली । सीबीआई ने भारतीय गैस प्राधिकार लिमिटेड (गेल) के पूर्व निदेशक ई.एस. रंगनाथन के खिलाफ 2017-22 के दौरान आय के ज्ञात स्रोत से 4.82 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने के आरोप में एक नया मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गेल के तत्कालीन निदेशक (विपणन) रंगनाथन को पिछले साल जनवरी में महारत्न पीएसयू द्वारा विपणन किए गए पेट्रोकेमिकल उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को छूट देने के लिए 50 लाख रुपये से अधिक की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रंगनाथन के नोएडा आवास पर तलाशी ली थी जहां से उसे 1.29 करोड़ रुपये नकद और संपत्ति के विवरण वाले दस्तावेज बरामद हुए थे। इनकी एजेंसी ने जांच की थी। रंगनाथन 1985 में गेल में शामिल हुए और कार्यकारी निदेशक के रूप में गेल में लौटने से पहले 2016-20 तक इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) में प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया। बाद में उन्हें निदेशक (विपणन) के पद पर पदोन्नत किया गया। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तब वह इसी पद पर थे। बाद में उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया।संपत्तियों की जांच के बाद सीबीआई ने एक प्राथमिकी दर्ज की जिसमें आरोप लगाया गया कि रंगनाथन ने “आईजीएल और गेल (इंडिया) लिमिटेड में अपनी तैनाती के दौरान जानबूझकर खुद को अवैध रूप से समृद्ध किया और भ्रष्ट और अवैध तरीकों से अपने व अपनी पत्नी वी.एन. मीनाक्षी के नाम पर संपत्ति (चल और अचल दोनों) अर्जित की”। मीनाक्षी गृहिणी हैं। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि एजेंसी ने एक जनवरी, 2017 से 17 जनवरी, 2022 को उनकी गिरफ्तारी की तारीख तक पूर्व निदेशक के आय और व्यय विवरण का विश्लेषण किया, जिसमें पता चला कि उन्होंने 4.82 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी, जो उनकी वैध संपत्ति से 88 प्रतिशत अधिक थी। इस आय का उनके द्वारा संतोषजनक लेखा-जोखा नहीं दिया जा सका। अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने रंगनाथन और उनकी पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया।
- नयी दिल्ली । आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात' कार्यक्रम को प्रेरणा का एक विश्वसनीय स्रोत तथा कृषि और उद्यमिता विकास के लिए व्यापक जागरूकता के माध्यम के रूप में माना जाता है। आईसीएआर-मैनेज के एक ताजा अध्ययन में यह जानकारी दी गई है। अक्टूबर, 2014 में शुरू हुए ‘मन की बात' कार्यक्रम के 99 एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कई विषयों पर बात की है। कई एपिसोड में कृषि मुद्दों का भी जिक्र किया गया है। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मन की बात के किसानों और अन्य अंशधारकों के बीच प्रभाव और सीखने के माहौल का आकलन करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज) द्वारा एक अध्ययन किया गया था।इस अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, प्राकृतिक खेती, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, और एकीकृत कृषि प्रणाली (विविधीकरण) को अपनाने की इच्छा मन की बात के एपिसोड में शामिल छोटे किसानों का सबसे पसंदीदा विषय थे। अध्ययन में कहा गया है, ‘‘मन की बात को कृषि और उद्यमशीलता के विकास के लिए प्रेरणा का एक विश्वसनीय स्रोत और बड़े पैमाने पर जागरूकता का माध्यम माना जाता है।'' मोटे अनाज के किसानों के साथ एक अन्य आकलन से पता चला है कि कृषि विज्ञान केंद्र के पेशेवरों द्वारा मन की बात और अनुवर्ती कार्रवाई के माध्यम से दिए गए संदेश ने मोटे अनाज की उन्नत किस्मों को अपनाने की प्रक्रिया और उत्पादन प्रणाली पर किसानों की धारणा को मजबूत किया है। कृषि मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, मन की बात कार्यक्रम ने कृषि-स्टार्टअप को किसानों को लाभान्वित करने वाले नवीन समाधानों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। इसी तरह, कार्यक्रम के दायरे में लिये गए कृषि-ड्रोन पर किए गए अध्ययन ने संकेत दिया कि अधिकांश किसानों (अनुकूल दृष्टिकोण वाले) ने ड्रोन को कृषि कार्यों के लिए एक उपयोगी तकनीक के रूप में माना। इसमें आगे कहा गया है, ‘‘हालांकि, उनमें से काफी लोगों ने इस तकनीक को समझने में जटिलता के संबंध में अपनी चिंता भी व्यक्त की है।'' इसके अलावा, अध्ययन में कहा गया है कि रेडियो कार्यक्रम किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) पर कृषि-व्यवसाय को आसान बनाने, उच्च मूल्य वाली फसलों के आदानों की आसान उपलब्धता और सामूहिक कार्रवाई के लिए एक अनुकूल वातावरण भी बना सकता है जो किसानों की खेती की लागत को कम कर सकता है। एफपीओ किसानों ने कहा कि मन की बात के से वे कृषि-व्यवसाय को बढ़ावा देने वाली सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं से भी अवगत हुए। बयान में कहा गया है कि मधुमक्खी पालन पर अध्ययन से पता चला है कि मन की बात कार्यक्रम के बाद इस क्षेत्र के मौजूदा संसाधन जुटाए गए हैं।
- भोपाल/श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में एक दिन पहले दक्षिण अफ्रीकी चीता 'उदय' की मौत शुरूआती जांच के अनुसार हृदय एवं फेफड़ों के काम बंद करने के कारण हुई। वन विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) जे एस चौहान ने बताया, ‘‘नर चीता ‘उदय' का पोस्टमॉर्टम करने वाले पशु चिकित्सकों की शुरूआती जांच के अनुसार उसकी मौत हृदय एवं फेफड़ों के काम बंद करने के कारण हुई।'' उन्होंने कहा कि पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के केएनपी में स्थानांतरित किए गए 12 चीतों में से 'उदय' नाम के एक चीते की रविवार को मौत हो गई थी, उसकी उम्र छह साल थी। गौरतलब है कि केएनपी में करीब एक महीने में इस तरह की यह दूसरी घटना हुई। इससे पहले नामीबिया से केएनपी में लाये गये आठ चीतों में से ‘साशा' नाम के चीते की 27 मार्च को गुर्दे की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इस प्रकार नामीबिया एवं दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में लाये गये कुल 20 चीतों की संख्या अब घट कर 18 हो गई है। हालांकि, सियाया नाम के एक अन्य चीता ने हाल ही में केएनपी में चार शावकों को जन्म दिया।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में नागरिक शिकायत निवारण पहल के 20 साल पूरे होने के मौके पर 27 अप्रैल को डिजिटल माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। गुजरात का मुख्यमंत्री रहते मोदी ने इस योजना की शुरुआत की थी। राज्य सरकार के सूत्रों ने बताया कि नागरिकों को प्रौद्योगिकी का उपयोग कर के अपनी शिकायतों की स्थिति का पता लगाने की सुविधा देने वाली इस योजना का नाम ‘स्वागत' (प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग द्वारा शिकायत पर राज्यव्यापी ध्यान) है। इसे मोदी ने 24 अप्रैल 2003 को पहली बार जिला और राज्य स्तर पर लॉन्च किया था और बाद में इसे गांव और तालुका स्तर पर ले जाया गया था। उन्होंने बताया कि मोदी इस कवायद के कुछ लाभार्थियों से भी बातचीत कर सकते हैं।सूत्रों ने कहा कि पिछले दो दशकों में ‘स्वागत' पहल गुजरात में सुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण रही है। इसकी 99.91 प्रतिशत की सफलता दर रही है। इसके जरिए 5,63,806 शिकायतों में से 5,63,314 शिकायतों का समाधान किया गया है। यह कार्यक्रम नागरिकों को मुख्यमंत्री के साथ सीधे जुड़ने का अवसर देता है।
- तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरल की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को यहां राज्य की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।मोदी ने सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर तिरूवनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने से पहले, उन्होंने ट्रेन की एक कोच के अंदर स्कूली बच्चों के एक समूह के साथ बातचीत की।केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी ट्रेन के अंदर छात्रों के साथ बातचीत करते हुए मोदी के साथ मौजूद थे।बच्चों ने इस दौरान मोदी को उनके द्वारा बनाई गई प्रधानमंत्री और वंदे भारत एक्सप्रेस की पेंटिंग भी दिखाईं।मोदी जब ट्रेन को हरी झंडी दिखा रहे थे, उस समय विपरीत दिशा के प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।वंदे भारत एक्सप्रेस राज्य की राजधानी को केरल के उत्तरी कासरगोड जिले से जोड़ेगी। इसे कई लोगों द्वारा राज्य की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के महत्वाकांक्षी सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, सिल्वरलाइन के विकल्प के रूप में पेश किया गया है।वंदे भारत एक्सप्रेस 11 जिलों क्रमश: तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, पठानमथिट्टा, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड स्थानों को कवर करेगी।इससे पहले, प्रधानमंत्री सुबह कोच्चि से यहां पहुंचे। तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।हवाई अड्डे से रेलवे स्टेशन तक की यात्रा के दौरान राज्य की पूरी राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इस दौरान कड़े यातायात प्रतिबंध लगाए गए थे।हवाई अड्डे से रेलवे स्टेशन तक की उनकी पूरी छह किलोमीटर की यात्रा एक रोड शो की तरह थी, जिसमें प्रधानमंत्री अपने वाहन के फुटबोर्ड पर खड़े थे और सड़क के किनारे लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहे थे।प्रधानमंत्री यहां 3200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। वह कोच्चि वाटर मेट्रो भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। कोच्चि शहर के साथ निर्बाध संपर्क के लिए बैटरी चालित इलेक्ट्रिक हाइब्रिड नौकाओं के माध्यम से कोच्चि के आसपास के 10 द्वीपों को जोड़ने वाली यह अपनी तरह की अनूठी परियोजना है।डिंडीगुल-पलानी-पलक्कड़ खंड का रेल विद्युतीकरण किया गया है। प्रधानमंत्री इसे भी देश को समर्पित करेंगे।आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। वे तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड, वर्कला, शिवगिरी रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और निमोन व कोचुवेली सहित तिरुवनंतपुरम क्षेत्र के व्यापक विकास और तिरुवनंतपुरम-शोरानूर खंड की सेक्शनल गति में वृद्धि की परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री तिरुवनंतपुरम में डिजिटल साइंस पार्क की आधारशिला भी रखेंगे। डिजिटल साइंस पार्क की परिकल्पना शिक्षाविदों के सहयोग से उद्योग और व्यावसायिक इकाइयों द्वारा डिजिटल उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने के लिए एक प्रमुख शोध सुविधा के रूप में की गई है।
- संयुक्त राष्ट्र । भारत के इस महीने के अंत तक दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन को पीछे छोड़ने का अनुमान है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भारत की आबादी 1.425 अरब पहुंचने की संभावना हैसंयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि भारत की आबादी के 2064 के बाद स्थिर होने का अनुमान है और सदी के अंत तक यह करीब 1.5 अरब होगी।संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग के जनसंख्या मंडल के निदेशक जॉन विलमथ ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भारत के अप्रैल 2023 के दौरान दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन को पीछे छोड़ने का अनुमान है। चीन की आबादी 2022 में अपने चरम, 1.4 अरब पर पहुंच गयी थी तथा इसके बाद उसमें गिरावट आनी शुरू हुई।’’विलमथ ने कहा कि अनुमानों से पता चलता है कि चीन की आबादी इस सदी के अंत तक एक अरब से नीचे जा सकती है।उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत भारत में कई दशकों तक आबादी बढ़ने की संभावना है।’’संयुक्त राष्ट्र के सोमवार को जारी ताजा आकलन और वैश्विक आबादी के अनुमान के मुताबिक, भारत इस महीने के अंत तक चीन को दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश के रूप में पीछे छोड़ देगा जब उसकी आबादी के 1.425 अरब पर पहुंचने की संभावना है।जनसंख्या मामलों की वरिष्ठ अधिकारी सारा हर्टोग ने कहा कि ऐसा अनुमान है कि भारत की आबादी में 2064 के आसपास वृद्धि रुक सकती है तथा इसके बाद वह स्थिर हो सकती है।बहरहाल, उन्होंने इस अनुमान के संबंध में थोड़ी अनिश्चितता होने को लेकर आगाह किया।विलमथ ने कहा कि भारत और चीन में जनसंख्या के रुझान में मुख्य कारक प्रजनन स्तर होता है।उन्होंने कहा, ‘‘2022 में चीन में दुनिया का सबसे कम प्रजनन स्तर था, जो एक जीवनकाल में औसतन प्रति महिला पर 1.2 जन्म था। भारत में मौजूदा प्रजनन दर प्रति महिला 2.0 जन्म है।’’उन्होंने कहा कि 2023 और 2050 के बीच 65 साल या उससे अधिक आयु के लोगों की संख्या चीन में लगभग दोगुनी रहने की संभावना है और भारत में दोगुनी से ज्यादा तक बढ़ने की संभावना है।इस बीच, अनुमान के मुताबिक चीन में आने वाले वर्षों में 25 से 64 वर्ष की आयु के लोगों की संख्या में वृद्धि होगी।
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नई दिल्ली। उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के कपाट आज से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गए हैं। इससे पहले बाबा केदारनाथ की पंचमुखी विग्रह डोली कल मंदिर पहुंची। इस विशेष अवसर पर भगवान शिव के निवास स्थान को 20 कुंतल फूलों से सजाया गया है। मंदिर का पूर्वी द्वार पहले खोला गया और बाद में पश्चिम द्वार के कपाट खोले गए। बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए श्रद्धालु बडी संख्या में पहुंचे हैं और भगवान शिव को पुष्प अर्पित कर रहे हैं।
चारधाम यात्रा 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो गई थी।













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