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- प्रयागराज/लखनऊ। गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद (60) और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस से कहा कि वे अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाना चाहते थे। इस हत्याकांड के संबंध में दर्ज की गई प्राथमिकी में इस बात का उल्लेख है।पुलिस ने बताया कि प्रयागराज के धूमनगंज थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राजेश कुमार मौर्य ने शाहगंज थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के मामले में आरोपी लवलेश तिवारी (बांदा), आरोपी मोहित उर्फ सनी (हमीरपुर) और आरोपी अरुण मौर्य (कासगंज-एटा) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।इस हमले के दौरान गोलीबारी में आरोपी लवलेश तिवारी को भी गोली लगी है और उसका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। प्राथमिकी के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने कहा, ‘‘हम अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर प्रदेश में अपने नाम की पहचान बनाना चाहते थे, जिसका लाभ भविष्य में निश्चित रूप से मिलता। हम पुलिस के घेरे का अनुमान नहीं लगा पाए और हत्या करने के बाद भागने में सफल नहीं हो पाए। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई में हम लोग पकड़े गये।’’दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने कहा, ‘‘जब से हमें अतीक व अशरफ को पुलिस हिरासत में भेजे जाने की सूचना मिली थी, हम तभी से मीडियाकर्मी बनकर यहां की स्थानीय मीडिया की भीड़ में रहकर इन दोनों को मारने की फिराक में थे, किंतु सही समय और मौका नहीं मिल पाया। शनिवार को मौका मिलने पर हमने घटना को अंजाम दिया।’’ पुलिस की प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि इसी दौरान गोलीबारी में आरोपी लवलेश को भी गोली लगी है और उसका इलाज स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज में चल रहा है। गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद (60) और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात को हमलावरों ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी जब पुलिस दोनों को यहां एक मेडिकल कॉलेज लेकर जा रही थी।
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लातूर. महाराष्ट्र के लातूर जिले को जिला स्वास्थ्य विभाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों के माध्यम से बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री लोक प्रशासन उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चुना गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार 21 अप्रैल को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस समारोह में प्रदान किया जाएगा। आज लातूर के कलेक्टर पृथ्वीराज बीपी को एक पत्र मिला है, जिसमें इसकी सूचना दी गई है। लातूर में केंद्र सरकार की प्रमुख ‘आयुष्मान भारत योजना' के तहत 233 'आरोग्यवर्द्धनी' (कल्याण) केंद्र हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोरियों की स्वास्थ्य जांच, संक्रामक रोगों, कैंसर, मधुमेह के उपचार के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली के बारे में सलाह दी जाती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.वी. वडगवे ने कहा, " लातूर में दवा स्टॉक, एंबुलेंस, शिविरों सहित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, कैंसर निदान के लिए 'संजीवनी अभियान', मातृ मृत्यु दर को रोकने के लिए 'जीवनरेखा कक्ष' जैसी अभिनव योजनाओं पर विचार करने के बाद यह पुरस्कार दिया गया है।" विभिन्न सार्वजनिक विभागों में लोगों की भलाई के लिए प्रशासकों, अधिकारियों के कामकाज को लेकर उन्हें सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है। यह दिवस 21 अप्रैल को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 1947 में इसी दिन भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सिविल सेवा परिवीक्षार्थियों को संबोधित किया था और नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का आह्वान किया था।
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अहमदाबाद. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया के कल्याण के लिए बना है और देश को अपनी ताकत और प्रतिष्ठा में वृद्धि के बीच अपने ज्ञान को एक कर्तव्य के तौर पर साझा करना चाहिए। यहां गुजरात विश्वविद्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए, भागवत ने भारतीयों से कहा कि वे देश की प्राचीन ज्ञान व्यवस्था के प्रति अपने संदेह और अविश्वास दूर करें और इसके बजाय यह पता लगाने के लिए शोध करें कि क्या प्रासंगिक है और इसे सभी के साथ साझा करें। भागवत ने अहमदाबाद स्थित और आरएसएस से जुड़े विचार मंच पुनरुत्थन विद्यापीठ द्वारा तैयार प्राचीन भारतीय ज्ञान व्यवस्था और संबंधित विषयों के 1,051 संस्करणों के विमोचन के बाद कहा, ‘‘हमारा राष्ट्र हमारे पूर्वजों की तपस्या से बना था, जो दुनिया का कल्याण चाहते थे। इसलिए (ज्ञान साझा करना) हमारा कर्तव्य है।'' भले ही भारत की ताकत और प्रतिष्ठा विश्व स्तर पर बढ़ रही है, लेकिन हमारे लिए यह आवश्यक है कि हम अपनी ज्ञान व्यवस्था के साथ-साथ दुनिया में मौजूद लोगों की समीक्षा करें ताकि ‘‘ज्ञान के नए स्तर खोजें और इसे दुनिया को पेश करें।'' भागवत ने कहा कि भारतीयों को पहले स्वयं ज्ञान प्राप्त करना चाहिए और उसके बाद इसे दुनिया के साथ साझा करने के लिए काम करना चाहिए क्योंकि बहुत से लोग "संदिग्ध हैं और इस ज्ञान के बारे में अविश्वास रखते हैं।'' आरएसएस के सरसंघचालक ने दावा किया कि वास्तविक ज्ञान रखने वाले लोग हैं लेकिन उनके बारे में हमारा अविश्वास है क्योंकि ‘‘हमारे मस्तिष्क को इस तरह का आकार दिया गया है।'' भारतीयों को शोध के बाद इसे साझा करने का आह्वान करते हुए, भागवत ने कहा, "हमें पहले यह देखना चाहिए कि अतीत में क्या मौजूद था, फिर इसे फिर से सीखना चाहिए और देश, समय और स्थिति के लिए प्रासंगिक भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार पर दुनिया के समक्ष ज्ञान का एक समग्र रूप प्रस्तुत करना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी को ज्ञान का अधिकार है। मनुष्य ज्ञान के लिए पैदा हुआ है। ज्ञान के लिए कड़ी मेहनत करें और ज्ञान प्राप्त करें जो आपको मुक्त करेगा।'' आयुर्वेद और योग जैसी प्राचीन भारतीय प्रणालियों को दुनिया द्वारा स्वीकृति की सराहना करते हुए भागवत ने कहा कि कुछ लोगों ने उनके कुछ पहलुओं को पेटेंट कराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, हम ऐसा (पेटेंट) कभी नहीं करेंगे। ज्ञान सभी के लिए है। यह उन सभी के लिए है जो कड़ी मेहनत करते हैं। यह जन्म, जाति, राष्ट्र, भाषा और क्षेत्र से सीमित नहीं है।'' उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया चीजों को देखने का एक नया तरीका चाहती है और इस तरह की पेशकश करना भारत का उद्देश्य होना चाहिए। भागवत ने कहा कि "विज्ञान" और "ज्ञान" के बीच अंतर दृष्टि से जुड़ा है और नयी शिक्षा नीति (एनईपी) को "दृष्टि परिवर्तन" के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘विज्ञान हमें विनाश के करीब ला सकता है लेकिन यह विज्ञान की गलती नहीं है बल्कि हमारी प्रवृत्ति है।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सच्चा ज्ञान अंदर से आता है ‘‘जहां हमारा झुकाव निहित है।
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नयी दिल्ली. गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक फैसला करते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) पदों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित कराए जाने को मंजूरी दे दी है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह ऐतिहासिक निर्णय सीएपीएफ में स्थानीय युवाओं की संख्या बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने की गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस फैसले की सराहना की । उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘एक ऐतिहासिक निर्णय, जो हमारे युवाओं की आकांक्षाओं को पंख देगा! यह हमारे विभिन्न प्रयासों का एक हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि भाषा किसी के सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनेगी।'' सीएपीएफ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी) शामिल हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए सीएपीएफ में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) पदों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित कराए जाने को मंजूरी दे दी है।'' हिंदी और अंग्रेजी के अलावा प्रश्नपत्र 13 क्षेत्रीय भाषाओं-असमिया, बांग्ला, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, ओड़िया, उर्दू, पंजाबी, मणिपुरी और कोंकणी में मुहैया कराया जाएगा। इस घोषणा से कुछ ही दिन पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शाह को पत्र लिखकर सीआरपीएफ कर्मियों की भर्ती के लिए तमिल को भी लिखित परीक्षा की भाषा के रूप में शामिल करने का अनुरोध किया था। गृह मंत्रालय ने कहा कि इस फैसले के बाद लाखों परीक्षार्थी अपनी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में परीक्षा दे पाएंगे, जिससे उनके चयन की संभावना बढ़ेगी। बयान में कहा गया कि गृह मंत्रालय और कर्मचारी चयन आयोग कई भारतीय भाषाओं में परीक्षा कराने के लिए मौजूदा समझौता ज्ञापन से संबंधित एक परिशिष्ट पर हस्ताक्षर करेंगे। कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) की परीक्षा आयोग द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं में से एक है और इसमें देश भर से लाखों परीक्षार्थी भाग लेते हैं। हिन्दी और अंग्रेज़ी के अतिरिक्त 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा का आयोजन एक जनवरी, 2024 से होगा।
बयान में उम्मीद जताई गई है कि अब राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें व्यापक अभियान चलाकर स्थानीय युवाओं को अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने के इस अवसर का उपयोग करने और देश की सेवा में करियर बनाने के वास्ते बड़ी संख्या में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कटिबद्ध है। -
हावेरी . कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शिग्गांव विधानसभा सीट से शनिवार को अपना नामांकन दाखिल किया और विश्वास जताया कि वह सबसे ज्यादा वोट पाकर फिर से जीतेंगे। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है।
बोम्मई के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान लोक निर्माण मंत्री सी सी पाटिल, हावेरी-गदग से सांसद शिवकुमार उदासी और मुख्यमंत्री के पुत्र भरत बोम्मई सहित अन्य लोग उनके साथ थे। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता परिवार के नेता दिवंगत एस आर बोम्मई के बेटे बसवराज बोम्मई 2008 से तीन बार शिग्गांव से विधायक चुने जा चुके हैं। पर्चा भरने से पहले कंधे पर भगवा रंग की शॉल डालकर 63 वर्षीय मुख्यमंत्री शिग्गांव के देवी मंदिर में गए। नामांकन दाखिल करने के बाद बोम्मई ने कहा, “मैंने आज अपना नामांकन दाखिल किया है। मेरे शिग्गांव विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने अतीत में मुझे जबरदस्त समर्थन दिया है और इस बार भी, मुझे सभी रिकॉर्ड तोड़ने और सबसे अधिक मतों से जीत मिलने का विश्वास है। यहां के लोग जागरूक मतदाता हैं और वे विकास के लिए मतदान करते हैं।” उन्होंने कहा कि आज अच्छा मुहूर्त था, इसलिए उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया है।
बोम्मई ने कहा कि वह 19 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में एक बार फिर नामांकन दाखिल करेंगे। यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस उनके खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा, “विरोधी तो विरोधी होता है, चाहे मजबूत हो या कमजोर। मैं सबको समान रूप से देखूंगा। विरोधी होंगे, तभी मुकाबला होगा। मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों पर भरोसा है, जिन्होंने मेरा समर्थन किया है।” बोम्मई ने 2018 के विधानसभा चुनावों में शिग्गांव सीट पर करीब 9,260 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। बोम्मई ने जनता दल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और धारवाड़ स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से दो बार (1998 और 2004 में) कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव और विपक्ष के उपनेता के रूप में भी कार्य किया था। बोम्मई ने 2008 में जनता दल (यूनाइटेड) छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। उसी वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में वह हावेरी जिले की शिग्गांव सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। -
प्रयागराज । गैंगस्टर अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की आज शनिवार रात को प्रयागराज में मेडिकल के लिए ले जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई.। शूटिंग मीडियाकर्मियों के कैमरों के कैद हो गई, क्योंकि तब मेडिकल चेकअप के लिए पुलिस द्वारा दोनों को अस्पताल ले जाया जा रहा था , उस वक्त अतीक पत्रकारों से बात कर रहे थे। कम से कम दो लोगों को अहमद और उनके भाई पर करीब से गोली चलाते देखा गया, जो जमीन पर गिर गए थे। पुलिस ने जल्द ही हमलावरों को काबू कर लिया। सनसनीखेज हत्या के बाद इलाके में तनाव के कारण अहमद और अशरफ के गोलियों से छलनी शवों को मौके से हटा लिया गया ।
उप्र पुलिस के अनुसार तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच जारी है। पूछताछ की जा रही है ।
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शाहजहांपुर/लखनऊ। शाहजहांपुर जिले के तिलहर थाना इलाके में शनिवार को भागवत कथा के लिए जल लेने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली के पुल के ऊपर से गर्रा नदी में गिर जाने से 11 लोगों की मौत हो गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हादसे में 24 लोग घायल हुए हैं।
शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एस आनन्द ने बताया कि हादसे में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है जिसमें आठ बच्चे, एक पुरुष तथा दो महिला शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इस घटना में 24 अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से सात गंभीर रूप से घायलों सहित 21 का सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि तीन अन्य को तिलहर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। लखनऊ में एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल देने के निर्देश दिये गये हैं। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अधिकारी राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंचे हैं। इसके पहले घटनास्थल पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी-ग्रामीण) संजीव बाजपेई ने ‘ बताया कि थाना तिलहर अंतर्गत निगोही मार्ग पर बिरसिंहपुर के गर्रा नदी पुल पर अजमतपुर गांव से भागवत कथा के लिए जल लेने जा रहे ट्रैक्टर ट्राली चालक ने संतुलन खो दिया, जिससे ट्रैक्टर ट्राली नदी में जा गिरी। घटना की सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई जिन्होंने ट्राली में दबे लोगों को बाहर निकाला और सभी को तिलहर के स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जहां पर चिकित्सकों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद इलाज के दौरान पांच लोगों की और मौत हो गई। इस प्रकार हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 11 हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी तक के पूछताछ में जानकारी मिली है कि ट्राली पर 30 से अधिक लोग सवार थे।एएसपी ने बताया कि हादसे के बाद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी।इस बीच, लखनऊ में जारी एक बयान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहजहांपुर की इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। बयान के अनुसार योगी ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन के अधिकारी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर राहत कार्य को अंजाम दे रही हैं। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है।पीएमओ इंडिया के ट्विटर हैंडल से प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ट्रैक्टर ट्राली के नदी में गिरने से हुई दुर्घटना अत्यंत आहत करने वाली है। इस हादसे में जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदना प्रकट करने के साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' -
नई दिल्ली। केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल में सामान्य ड्यूटी के लिए कांस्टेबल परीक्षा अब हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में भी दी जा सकेगी। सशस्त्र पुलिस बल में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढाने और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र असमी, बंगाली, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड, तमिल, तेलुगू, उड़िया, उर्दू, पंजाबी, मणिपुरी और कोंकणी भाषाओं में भी उपलब्ध होंगे। यह निर्णय अगले वर्ष पहली जनवरी से प्रभावी होगा। गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस फैसले से लाखों उम्मीदवारों को अपनी मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।सामान्य ड्यूटी के लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का आयोजन कर्मचारी चयन आयोग करता है। राज्य सरकारों से अपील की गई है कि वे स्थानीय युवाओं को यह परीक्षा अपनी मातृभाषा में देने के लिए प्रेरित करने का एक व्यापक अभियान शुरू करें।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की समस्या का समाधान केवल चर्चाओं से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए घर-घर में व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता है। आज विश्व बैंक के एक आयोजन में अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि अरबों लोगों के छोटे-छोटे प्रयासों के परिणाम बड़े हो सकते हैं। आयोजन का विषय था--व्यवहार परिवर्तन से जलवायु परिवर्तन समाधान। प्रधानमंत्री ने कहा कि जन आंदोलन और व्यवहार परिवर्तन के मामले में, देशवासियों ने पिछले कुछ वर्षों में काफी कुछ किया है। उन्होंने इस संबंध में लिंग अनुपात में सुधार, व्यापक स्वच्छता अभियान और एलईडी बल्बों के उपयोग की चर्चा की जिससे प्रतिवर्ष कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में 3 करोड़ 90 लाख टन की कमी आई है। श्री मोदी ने कहा कि लगभग सात सौ हज़ार हेक्टेयर कृषिभूमि में सूक्ष्म सिंचाई से काफी जल की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक संस्थाओं से अपील की कि वे मिशन लाइफ जैसी व्यवहारजनित पहलों को अपनाने के लिए देशों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्याप्त धन की उपलब्धता के तौर-तरीक़े ढूंढने होंगे। श्री मोदी ने विश्व बैंक से जलवायु परिवर्तन पर और अधिक ध्यान देने की अपील भी की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान में मिशन लाइफ जैसी पहलें बहुत कारगर सिद्ध होंगी। इस बीच, विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने भारत के मिशन लाइफ पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है समुचित मूल्य निर्धारण नीति, संस्थानों के प्रयासों और सही आर्थिक प्रोत्साहन से व्यवहार में पर्यावरण-अनुकूल परिवर्तन लाना संभव है। - नयी दिल्ली। कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 43 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की। पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार, कोलार विधानसभा क्षेत्र से कोथुर जी मंजूनाथ उसके उम्मीदवार होंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया इस विधानसभा चुनाव में वरुणा के साथ इस क्षेत्र से भी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। उनका नाम वरुणा विधानसभा क्षेत्र से घोषित हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी को अथानी विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। गत छह अप्रैल को जारी कांग्रेस की दूसरी सूची में उसके 41 उम्मीदवार शामिल थे और एक प्रत्याशी सर्वोदय कर्नाटक पार्टी का था। सर्वोदय कर्नाटक पार्टी के दर्शन पुट्टनैया को मेलुकोट विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था। कांग्रेस ने कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए गत 25 मार्च को 124 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को वरुणा सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस अब तक कुल 166 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। अब उसे 58 सीटों पर उम्मीदवार और घोषित करने हैं। कर्नाटक की सभी 224 विधानसभा सीट के लिए 10 मई को मतदान होगा और वोटों की गिनती 13 मई को की जाएगी।
- मुंबई । महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग पर शनिवार तड़के एक बस के खाई में गिर जाने से उसमें सवार कम से कम पांच नाबालिगों समेत 13 लोगों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक संगीत मंडली को लेकर पुणे से मुंबई जा रही निजी बस राजमार्ग पर शिंग्रोबा मंदिर के पास तड़के चार बजकर 50 मिनट पर खाई में गिर गई। यह हादसा खोपोली थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों में छह वर्षीय एक बच्चे और 15 साल की एक किशोरी समेत कम से कम पांच नाबालिग शामिल हैं, जबकि घायलों में भी कम से कम छह नाबालिग शामिल हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।शिंदे ने बताया कि घायलों में से पांच की हालत गंभीर है। उन्होंने नवी मुंबई स्थित महात्मा गांधी मिशन (एमजीएम) अस्पताल का दौरा किया। अधिकतर घायलों को इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद वह दुर्घटना स्थल गए।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस हादसे पर दुख जताया और शिंदे एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस बारे में बात की।शाह ने ट्वीट किया, ‘‘महाराष्ट्र के रायगढ़ में हुआ सड़क हादसा दुःखद है। इस संबंध में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी से बात हुई।’’उन्होंने कहा, ‘‘स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटा है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘बस में मुंबई स्थित गोरेगांव के ‘बाजी प्रभु वादक ग्रुप’ के 42 सदस्य सवार थे। वे पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड इलाके में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद गोरेगांव लौट रहे थे। बस शुक्रवार को देर रात करीब एक बजे कार्यक्रम स्थल से रवाना हुई थी।’’अधिकारी ने बताया कि हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए।पुलिस के मुताबिक, हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस का एक दल, एक ट्रेकिंग समूह के सदस्य और आईआरबी कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा बचाव अभियान शुरू किया।अधिकारियों के अनुसार, घायलों को तीन अलग-अलग अस्पतालों-नवी मुंबई स्थित एमजीएम अस्पताल, खोपोली स्थित एक सरकारी अस्पताल और वहां स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमनाथ घार्गे ने बताया कि हादसे में हताहत हुए लोग मुंबई के सायन एवं गोरेगांव इलाके और पड़ोसी पालघर जिले के विरार के रहने वाले थे।पुलिस के मुताबिक, हताहतों में से अधिकतर की आयु 20 से 30 वर्ष के बीच है।खोपोली शहर मुंबई से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि मुख्यमंत्री ने रायगढ़ जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से बात करके स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि घायलों को उचित इलाज मिले।हादसे में अपनी 18 वर्षीय बेटी जुई को खोने वाले दीपक सावंत ने कहा कि जब जुई कार्यक्रम के लिए सकुशल पुणे पहुंची, तो उसने उनसे बात की थी।सावंत ने कहा, ‘‘पुणे जाते समय जुई ने मुझसे कहा कि जब वह शहर पहुंचेगी तो मुझे फोन करेगी, जो उसने किया। वह मेरी बेटी के साथ आखिरी बातचीत थी।’’उन्होंने बताया कि जुई 11वीं कक्षा की छात्रा थी।मृतकों में दो भाई -सतीश और स्वप्निल धूमल- भी शामिल थे।दोनों भाइयों के पड़ोसी एवं मित्र गणेश भोले ने कहा, ‘‘हम कॉलेज के छात्र हैं और मंडली से जुड़े थे। जब मुझे हादसे की जानकारी मिली, तब मैं सो रहा था। हम तुरंत खोपोली पहुंचे और स्वप्निल के शव की पहचान की।’’
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मुंबई. मुंबई के वकोला में शुक्रवार को तेज रफ्तार बस ने मोटरसाइकिल सवार पुलिस निरीक्षक को टक्कर मार दी। इस हादसे में उनकी मौत हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मरीन ड्राइव थाने के निरीक्षक प्रवीण अशोक दिनकर(43) सांताक्रूज ईस्ट के कोले कल्याण स्थित अपने सरकारी आवास से काम पर जा रहे थे, तभी नेहरू रोड पर न्यू मॉडर्न स्कूल के पास सुबह नौ बजे यह हादसा हुआ। वकोला पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया, “उन्हें गंभीर चोटें आईं और वीएन देसाई अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। संयुक्त आयुक्त (कानून व्यवस्था) सत्य नारायण सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल का दौरा किया।” उन्होंने बताया कि सायन के प्रतीक्षा नगर से अंधेरी के मरोज जा रही बस के 35 वर्षीय चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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बुलंदशहर .जिले के अरनिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में बाइक सवार तीन लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, जिले के अरनिया थाना क्षेत्र में पहावटी चेक नाके के पास शुक्रवार को गाजियाबाद-अलीगढ़ राजमार्ग पर मोटरसाइकिल सवार तीन युवक एक ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गये। हादसे में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। अरनिया थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) यज्ञदत्त शर्मा ने बताया, ‘‘एक मोटरसाइकिल के ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा जाने से अलीगढ़ जिले के निवासी शशि कपूर (18), वीरेश (22) और सचिन (19) घायल हो गए।" उन्होंने कहा, " घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।" पुलिस ने कहा कि तीनों बुलंदशहर से अलीगढ़ जा रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है।
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नयी दिल्ली .आगामी जून में मुंबई में आयोजित होने वाले पहले नेशनल लेजिस्लेटर्स कॉन्फ्रेंस-भारत (एनएलसी भारत) में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3,000 से अधिक जनप्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इस तीन-दिवसीय सम्मेलन में विधायक और विधान परिषद सदस्य अनेक अध्ययनों पर विचार-विमर्श करेंगे। इनमें उत्तराखंड में सर्वाधिक बेरोजगारी के आंकड़े को कम करने के लिए की गयी पहल, केरल का कोविड प्रबंधन आदि प्रमुख विषय हैं। विभिन्न राज्यों के विधायकों के समर्थन वाले एनएलसी भारत का आयोजन 15 से 17 जून तक किया जाएगा। एनएलसी भारत की संचालन परिषद के मार्गदर्शक और सदस्यों में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, मीरा कुमार, मनोहर जोशी और शिवराज पाटिल शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. सोशल मीडिया मंच व्हाट्सऐप के उपयोगकर्ताओं को नए उपकरण पर ऐप का इस्तेमाल करने के लिए पुराने उपकरण पर अपना सत्यापन कराना पड़ सकता है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। कंपनी इसके अलावा दो नए ‘फीचर' भी लाएगी, जिसमें उपकरण सत्यापन शामिल है। यह उपयोगकर्ता की जानकारी या अनुमति के बिना संदेश भेजने वाले मालवेयर के हमले को रोकने में मदद करेगा। व्हाट्सऐप ने एक बयान में कहा, ''अगर आप अपने व्हाट्सऐप खाते को एक नए उपकरण पर खोल रहे हैं, तो हम दोबारा जांचना चाहेंगे कि यह वास्तव में आप ही हैं। अब से, हम आपसे आपके पुराने उपकरण पर इस बात को सत्यापित करने के लिए कह सकते हैं। आप चाहें तो अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में यह कदम उठा सकते हैं।'' व्हाट्सऐप ने कहा कि यह सुविधा आपके खाते को किसी दूसरे उपकरण पर खोलने के अनधिकृत प्रयास के बारे में आपको सचेत कर सकती है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है जिसमें लोकतांत्रिक सिद्धांतों के कई ऐतिहासिक संदर्भ हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के 1,100 साल से भी ज्यादा पुराने एक शिलालेख में स्थानीय निकाय के नियमों का जिक्र है जिसमें किसी सदस्य को अयोग्य ठहराने का प्रावधान भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित तमिल नववर्ष समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि तमिल दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा है और हर भारतीय को इस पर गर्व है। पारंपरिक तमिल पोशाक पहने प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिल साहित्य का भी व्यापक रूप से सम्मान किया जाता है तथा तमिल फिल्म उद्योग ने कई यादगार फिल्में दी हैं। उन्होंने कहा, "भारत दुनिया का सबसे प्राचीन लोकतंत्र है, यह लोकतंत्र की जननी है। इस संबंध में कई ऐतिहासिक संदर्भ हैं। एक महत्वपूर्ण संदर्भ तमिलनाडु है।" उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के उतिरामेरुर में 1100-1200 साल पुराना एक शिलालेख है जिसमें देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक दिखती है। मोदी ने कहा, ‘‘वहां जो शिलालेख मिला है, वह वहां ग्राम सभा के लिए स्थानीय संविधान की तरह है। इसमें बताया गया है कि सदन कैसे चलना चाहिए, सदस्यों की योग्यता क्या होनी चाहिए, सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया क्या होनी चाहिए। इतना ही नहीं, उस दौर में, उन्होंने यह फैसला भी किया था कि किसी सदस्य को कैसे अयोग्य घोषित किया जाएगा।" प्रधानमंत्री ने कहा, "एक देश के रूप में, यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस संस्कृति और परंपरा को आगे ले जाएं लेकिन हम सभी जानते हैं कि पहले क्या हुआ था। अब मुझे यह जिम्मेदारी दी गई है।" मोदी ने कहा कि तमिल संस्कृति में काफी कुछ ऐसा है जिससे भारत को एक राष्ट्र के रूप में आकार मिला है।उन्होंने लोगों से अपने भोजन में मोटे अनाज को शामिल करने का नए साल का संकल्प लेने का आह्ववान किया। इस कार्यक्रम में तमिल कलाकारों ने कार्यक्रम पेश किए और तमिलनाडु के कई लोगों ने भाग लिया।
- रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) .आगामी 25 अप्रैल से शुरू हो रही केदारनाथ मंदिर की यात्रा के दौरान खच्चरों के साथ अमानवीय व्यवहार को रोकने के लिए विशेष तौर पर एक निगरानी दल गठित किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निगरानी दल में पुलिस के साथ स्थानीय प्रशासन और पशुपालन जैसे अन्य विभागों के कर्मचारी भी हैं जो श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम लाने-ले जाने वाले घोड़े-खच्चरों को लेकर नजर रखेंगे कि क्या उनके संचालक नियमों का पालन कर रहे हैं और पशुओं के खिलाफ क्रूरता तो नहीं हो रही है। निगरानी दल को स्थानीय प्रशासन की ओर से विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें पशु कल्याण के लिए काम करने वाली संस्था 'पीपुल्स फॉर एनिमल्स' की सदस्य गौरी मौलेखी भी शामिल हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रूद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा अशोक भदाणे ने दल को यात्रा के दौरान कड़ी निगरानी और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो। उन्होंने कहा कि पशुओं के साथ क्रूरता की दशा में घोड़े-खच्चर मालिक या संचालक के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। मौलेखी ने कहा कि धाम में पशुओं के साथ किसी भी प्रकार का बुरा व्यवहार एवं क्रूरता होना उत्तराखंड के लिए भी अच्छी बात नहीं है और इसके लिए इस पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए। पशु क्रूरता अधिनियम के संबध में जानकारी देते हुए मौलेखी ने कहा कि किसी भी पशु पर अधिक बोझ लादना, लगातार कार्य कराना, विकलांग, घायल, कमजोर, वृद्ध पशु से कार्य लिया जाना तथा पोष्टिक आहार व गरम पानी न देना पशु क्रूरता के तहत परिभाषित है। हिमालयी धाम की कठिन पैदल यात्रा पूरी करने के लिए काफी श्रद्धालु घोड़े-खच्चरों का इस्तेमाल करते हैं। पिछले साल मार्ग पर अनेक पशुओं की मौत हो गयी थी और आरोप लगे थे कि कोविड-19 के कारण दो साल बाद पूरी तरह संचालित यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की बड़ी संख्या के मद्देनजर पशुओं को न तो उचित आराम दिया गया और न ही पर्याप्त भोजन दिया गया।
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गुवाहाटी. असम ने 11,304 नर्तकों और ढोल वादकों के साथ एक ही स्थान पर 'बिहू' नृत्य करने और 'ढोल' बजाने के साथ बृहस्पतिवार को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह लोकनृत्य का सबसे बड़ा आयोजन था।
लंदन में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स मुख्यालय के एक निर्णायक की उपस्थिति में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी और 'बिहू' नृत्य और 'ढोल' के लिए यह वैश्विक उपलब्धि हासिल की। हिमंत विश्व शर्मा ने यहां इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम में कहा, ‘‘हमने 11,304 नर्तकों और ढोल वादकों के साथ प्रस्तुति देकर बिहू नृत्य और बिहू ढोल, दोनों के लिए विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं। यह एक ही स्थान पर सबसे बड़ा बिहू नृत्य और बिहू ढोल प्रदर्शन है।'' गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 'बिहू' दर्ज करने की प्रक्रिया असम सरकार द्वारा शुरू की गई थी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ कल रात टेलीफोन पर बात की। दोनों नेताओं ने भारत- ब्रिटेन रोडमैप 2030 के संदर्भ में कई द्विपक्षीय मुद्दों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दोनों देशों के बीच हाल में हुए उच्चस्तरीय विचार विमर्श और विशेष रूप से व्यापार तथा आर्थिक क्षेत्र में बढते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए ब्रिटेन सरकार से भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कडे कदम उठाने को कहा। प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि ब्रिटेन का मानना है कि भारतीय उच्चायोग पर हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने भारतीय उच्चायोग और उसके कर्मियों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया।श्री मोदी ने ब्रिटेन में शरण लिये हुए आर्थिक अपराधियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने इन भगौडे अपराधियों को भारत वापस भेजने में हुई प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री सुनक को इस वर्ष सितम्बर में जी-20 शिखर बैठक के लिए आमंत्रित किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भारत की जी-20 की अध्यक्षता के तहत हुई प्रगति की सराहना की और भारत की ओर से की गई पहलों को ब्रिटेन के पूरे समर्थन की बात दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने बैसाखी की अवसर पर श्री सुनक और ब्रिटेन में भारतीय समुदाय को शुभकामनाएं दीं। -
मुंबई. मुंबई के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार को तड़के आंधी के साथ बेमौसम बारिश होने से शहर में उमस भरी गर्मी से राहत मिली। नगर निकाय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटे में मुंबई में 14.8 मिलीमीटर बारिश हुई। इस साल अप्रैल में सर्वाधिक बारिश हुई है। आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया कि यह बारिश एक ‘‘स्थानीय घटना'' है और शहर के केवल पश्चिमी उपनगरों में बारिश हुई। नायर ने कहा, ‘‘सांताक्रूज मौसम केंद्र में 14.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह शहर में अप्रैल में दर्ज की गई सर्वाधिक बारिश है। इससे पहले शहर में अप्रैल में सर्वाधिक, 7.2 मिलीमीटर बारिश 22 अप्रैल, 1974 को हुई थी।'' उन्होंने बताया कि कोलाबा मौसम केंद्र में कोई बारिश दर्ज नहीं की गई।
अधिकारियों ने बताया कि शहर में देर रात एक बजे से दो बजे के बीच बिजली चमकी और गरज के साथ भारी बारिश हुई। एक अधिकारी के अनुसार, मालवानी दमकल केंद्र और गोरेगांव में 21-21 मिलीमीटर, बोरीवली दमकल केंद्र में 19 मिलीमीटर, एचबीटी ट्रॉमा केयर हॉस्पिटल (जोगेश्वरी) में 17 मिलीमीटर, मरोल दमकल केंद्र में 14 मिलीमीटर और कांदिवली दमकल केंद्र में 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कुछ निचले इलाकों में थोड़ी देर भारी बारिश होने के कारण पानी भर गया। नगर निकाय ने बतया कि शहर और उपनगरों में कहीं भी बड़ी मात्रा में जलभराव की शिकायत नहीं मिली है।
कुछ नागरिकों ने बताया कि गरज के साथ आंधी आने और तेज हवाएं चलने से मुंबई के मरोल जैसे कुछ इलाकों में पेड़ गिर गए और कुछ घरों की टिन की छतें उड़ गईं। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के मुताबिक, बारिश के कारण किसी के घायल होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। लोकल ट्रेन और बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) की बसों समेत सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं शहर और उपनगरों में सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित चौथे राष्ट्रीय रोजगार मेले में आज लगभग 71 हजार युवाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। श्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत की संकल्प सिद्धि के लिए हमारी सरकार, युवाओं की प्रतिभा व ऊर्जा को सही अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। कल ही, मध्य प्रदेश में 22 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र सौंपे गए। ये राष्ट्रीय रोजगार मेला भी युवाओं के प्रति हमारे कमिटमेंट का प्रमाण है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर जबलपुर में मेले में अतिथि थे, जहां उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर बनाने का काम हो रहा है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज भारत, दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। भारत को दुनिया एक 'ब्राइट स्पाट' के तौर पर देख रही है। नई नीति व रणनीति ने देश में नई संभावनाओं व नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। पहले की रिएक्टिव एप्रोच के बजाय 2014 के बाद से भारत ने प्रो-एक्टिव एप्रोच अपनाई है, नतीजतन 21वीं सदी का ये तीसरा दशक, रोजगार-स्वरोजगार के वो अवसर पैदा कर रहा है, जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। आज युवाओं के सामने कई ऐसे सेक्टर्स खुल गए हैं, जो 10 साल पहले उपलब्ध तक नहीं थे। स्टार्टअप्स इसका उदाहरण है, स्टार्टअप्स ने 40 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष जाब तैयार किए हैं। श्री मोदी ने रोजगार के नए क्षेत्रों के रूप में ड्रोन व खेल क्षेत्र का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान की सोच- एप्रोच सिर्फ स्वदेशी अपनाने और वोकल फार लोकल से कहीं ज्यादा है। यह अभियान, गांवों से लेकर शहरों तक देश में रोजगार के करोड़ों नए अवसर पैदा करने वाला है। आज आधुनिक सैटेलाइट्स से लेकर सेमी हाईस्पीड ट्रेन तक भारत में ही तैयार हो रही है। 8-9 वर्षों में देश में 30 हजार से ज्यादा नए-सुरक्षित एलएचबी कोचेस बनाए गए हैं। इनके निर्माण में जो हजारों टन स्टील लगा है, अलग-अलग प्रोडक्ट्स लगे हैं, उन्होंने पूरी सप्लाई चेन में रोजगार के हजारों नए अवसर बनाए हैं। उन्होंने खिलौना उद्योग का भी उदाहरण देते हुए कहा कि दशकों तक, भारतीय बच्चे आयातित खिलौनों से ही खेलते रहे। हमने आयातित खिलौनों के लिए क्वालिटी पैरामीटर तय किए, स्वदेशी इंडस्ट्री को बढ़ावा देना शुरू किया। 3-4 वर्ष में ही खिलौना उद्योग का कायाकल्प हो गया, जिससे रोजगार के अनेकों नए अवसर तैयार हुए। देश में दशकों तक, ये एप्रोच भी हावी रही कि रक्षा उपकरण सिर्फ आयात किए जा सकते हैं, हमारी सरकार ने इस एप्रोच को भी बदल डाला।श्री मोदी ने पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल फोन निर्माण के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा व उसके लिए प्रोत्साहन देकर भारत ने काफी विदेशी मुद्रा की बचत की है क्योंकि भारत अब स्थानीय मांग को पूरा करने के साथ-साथ मोबाइल हैंडसेट का निर्यात भी कर रहा है। प्रधानमंत्री ने रोजगार सृजन में बुनियादी ढांचे में निवेश की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान पूंजीगत व्यय में 4 गुना वृद्धि हुई है, जिससे रोजगार बढ़े हैं। 2014 से पहले पिछले सात दशकों में, केवल 20 हजार किलोमीटर रेलवे पटरियों का विद्युतीकरण हुआ, जबकि पिछले 9 साल में 40 हजार किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है। मेट्रो रेल लाइन बिछाने का काम 2014 से पहले 600 मीटर प्रति माह से बढ़कर आज 6 किलोमीटर प्रति माह हो गया है। गैस नेटवर्क 2014 से पहले देश में 70 से कम जिलों तक सीमित था, जबकि आज यह संख्या 630 जिलों तक पहुंच गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की लंबाई में 2014 के बाद 4 लाख किलोमीटर से 7 लाख कि.मी. की वृद्धि देखी गई है। हवाईअड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर आज 148 हो गई है। उन्होंने हवाईअड्डों के संचालन की रोजगार क्षमता की ओर इशारा किया, साथ ही एयर इंडिया द्वारा विमानों के लिए रिकॉर्ड ऑर्डर व कुछ अन्य कंपनियों की इसी तरह की योजनाओं का भी जिक्र किया। पोर्ट सेक्टर में भी इसी तरह की प्रगति है, क्योंकि कार्गो हैंडलिंग पहले की तुलना में दोगुनी हो गई है, समय आधा हो गया है। ये विकास बड़ी संख्या में रोजगार पैदा कर रहे हैं। 2014 से पहले जहां देश में 400 से कम मेडिकल कॉलेज थे, वहीं आज 660 मेडिकल कॉलेज हैं। स्नातक मेडिकल सीटें 2014 में 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो गई हैं और आज स्नातक होने वाले डॉक्टरों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है। आयुष्मान भारत योजना की वजह से देश में अनेकों नए अस्पताल और क्लीनिक बने हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार जो एफपीओ बना रही है, स्वयं सहायता समूहों को लाखों-करोड़ की मदद दे रही है, स्टोरेज कैपेसिटी का विस्तार कर रही है, उनसे गांव के युवाओं के लिए गांव में ही रोजगार के अवसर बन रहे हैं। 2014 के बाद से देश में 3 लाख से ज्यादा नए कॉमन सर्विस सेंटर्स बने हैं व गांवों में 6 लाख किलोमीटर से ज्यादा ऑप्टिकल फाइबर बिछाया गया है, वहीं तीन करोड़ से ज्यादा घर गरीबों को बनाकर दिए गए हैं। इनमें से ढाई करोड़ से ज्यादा घर गांवों में ही बने हैं। बीते वर्षों में गांवों में 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय, डेढ़ लाख से ज्यादा हेल्थ व वेलनेस सेंटर्स, हजारों नए पंचायत भवन, इन सभी निर्माण कार्यों ने गांवों में लाखों युवाओं को रोजगार दिया है। आज जिस तरह कृषि क्षेत्र में फार्म मैकेनाइजेशन तेजी से बढ़ा है, उससे भी गांवों में रोजगार के नए मौके बन रहे हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 8 वर्ष पूरे हुए हैं, जिसके तहत 23 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बैंक गारंटी मुक्त ऋण वितरित किए गए हैं और 70 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। इस योजना ने 8 करोड़ नए उद्यमी बनाए हैं। नवनियुक्ति युवाओं से श्री मोदी ने कहा कि ये अमृतकाल है व देश के विकास में योगदान देने का अवसर है, दूसरों की उम्मीदों को जरूर पूरा करें।जबलपुर में केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि युवाओं को श्रेष्ठ कार्य, शिक्षा व लगन से शासकीय नियुक्ति का अवसर मिला है, उन्हें शासकीय कार्य पूरी लगन व पारदर्शिता के साथ मिसाल के रूप में करना होगा, जिससे कि देश को सही योगदान मिल सकें। युवाओं का भाव यह होना चाहिए कि अपने दायित्व से ज्यादा देश के लिए क्या कर सकते हैं, उन्हें देश के नवनिर्माण में अपना योगदान देना है। श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा युवाओं को रोजगार मेला लगाकर नियुक्ति देने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है, जिससे उनमें नया जोश देखने को मिल रहा है। श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व में देश आज तेजी से आगे बढ़ रहा है, विभिन्न क्षेत्रों की गैप्स को भरने का प्रयत्न किया जा रहा है। देश को आत्मनिर्भर बनाने की सिर्फ बात ही नहीं की जा रही, बल्कि इसका काम भी प्रारंभ हो गया है।श्री तोमर ने रेलवे में 200, डाक में 37, रक्षा विभाग व DGAQA में 1-1 (कुल 239) नियुक्ति-पत्र सौंपै। सांसद श्री राकेश सिंह व सुश्री सुमित्रा वाल्मीकि, महाप्रबंधक- पश्चिम मध्य रेल श्री सुधीर गुप्ता, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री एस.के अलबेला, मंडल रेल प्रबंधक श्री विवेक शील भी उपस्थित थे। -
नई दिल्ली। देश में आज कोविड के दस हजार एक सौ से अधिक नए मामले सामने आये हैं जो कल से तीस प्रतिशत अधिक है। कल सात हजार आठ सौ तीस लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इस समय देश में लगभग 45 हजार लोग कोरोना संक्रमित हैं। स्वस्थ होने की दर 98 दशमलव सात-एक प्रतिशत है। मंत्रालय ने बताया है कि ओमिक्रॉन का नया सबवेरिएंट चिंता का कारण नहीं है और टीके इसके लिए प्रभावी हैं। वहीं कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने कोविड के बढते मामलों की निगरानी के लिए राज्य में आरटी-पीसीआर और आरएटी जांच को बढ़ाने के लिए एक परिपत्र जारी किया है। प्रत्येक 10 लाख की आबादी में एक सौ चालीस व्यक्तियों का परीक्षण किया जाना आवश्यक है और राज्य में कोविड संक्रमण की दर के आधार पर 20 हजार नमूनों की जांच की जायेंगी। स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर आई एल आई और एस ए आर आई मामलों वाले व्यक्तियों और कोविड के लक्षणों वाले लोगों का परीक्षण करेगा। कर्नाटक में 12 अप्रैल तक 327 नए कोविड मामले दर्ज किए गए।
- होशियारपुर (पंजाब) ।जिले के खुरालगढ़ साहिब में बैसाखी मनाने जा रहे सात श्रद्धालुओं की गुरुवार को तड़के एक ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल लोग हो गए। गढ़शंकर के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) दलजीत सिंह ने बताया कि जान गंवाले वालों में अधिकतर लोग उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मस्तान खेड़ा के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि हादसा पहाड़ियों के बीच स्थित एक क्षेत्र में हुआ। चालक ने एक ढलान पर वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और पैदल जा रहे 17 श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि ऐसा संदेह है कि ट्रक के ‘ब्रेक' खराब हो गए थे।डीएसपी दलजीत सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान राहुल, सुदेश पाल, संतोष, अंगूरी, कुंती, गीता और रमोह के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ भेजा गया, जबकि अन्य का इलाज गढ़शंकर के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। गुरु रविदास से जुड़े धार्मिक स्थल खुरालगढ़ साहिब में बैसाखी पर्व पर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
- संबलपुर (ओडिशा)। ओडिशा सरकार ने हनुमान जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़कने के बाद संबलपुर जिले में गुरुवार को सुबह 10 बजे से 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।हिंसा के मामले में अभी तक 43 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा में एक महिला कर्मी सहित कम से कम 10 पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। हालांकि पुलिस ने हिंसा में हताहत हुए नागरिकों की जानकारी नहीं दी।अधिकारियों ने बताया कि संभावित हिंसा को रोकने लिए पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में ‘फ्लैग मार्च’ निकाला।गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डी. के. सिंह ने संबलपुर में इंटरनेट पर रोक के संबंध में एक अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार, ‘‘ स्थिति गंभीर है और संबलपुर जिले में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए उपद्रवी सोशल मीडिया के जरिए झूठे और भड़काऊ संदेश प्रसारित कर रहे हैं।’’प्रशासन ने संबलपुर शहर के छह थाना क्षेत्रों टाउन, धनुपाली, खेतराजपुर, ऐंथापाली, बरेईपाली और सदर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में अपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है।सिंह ने कहा कि ‘‘भड़काऊ और उकसावे वाले उन संदेशों’’ के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, जिनसे ‘‘सांप्रदायिक भावनाएं भड़क सकती हैं।’’अधिसूचना के अनुसार, ‘‘ सोशल मीडिया मंच व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि तक पहुंच नहीं होगी। सभी एमएसपी व आईएसपी और ब्रॉडबैंड डायल अप सिस्टम की इंटरनेट/डाटा सेवाएं निलंबित रहेंगी।’’संबलपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) बी. गंगाधर ने बताया कि 43 लोगों को हिरासत में लिया गया है और 26 लोगों पर अब तक भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इलाके में पुलिस बल की 30 टुकड़ियों को तैनात किया गया है।हिंसा में किसी तरह की साजिश होने के सवाल पर गंगाधर ने कहा, ‘‘ हमें लगता है कि यह एक छिटपुट घटना है। जांच की जा रही है। स्थिति अब नियंत्रण में है।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने कुछ लोगों के पास से पेट्रोल बम भी बरामद किए हैं।संबलपुर शहर में ज्यादातर स्थानों पर लोगों की आवाजाही न होने की वजह से सन्नाटा पसरा है और अधिकतर दुकानें बंद हैं।गंगाधर ने बताया कि शुक्रवार को प्रस्तावित हनुमान जयंती समारोह और शोभायात्रा की अनुमति दी जाए या नहीं, इस पर विचार के लिए जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएगी।इस साल शुक्रवार को महा विसुबा संक्रांति है। महा विसुबा संक्रांति के दिन ओडिशा में हनुमान जयंती मनाई जाती है।
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नर्ई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मैदानी हिस्से, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बिहार के कुछ भागों में अगले तीन से चार दिनों तक ‘लू’ की स्थिति रह सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को यह पूर्वानुमान जारी किया।
इससे पहले, अप्रैल की शुरुआत में मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम के कुछ भाग और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकतर हिस्सों में अप्रैल से जून तक अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का पूर्वानुमान जताया था। इस अवधि में मध्य, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा दिनों तक लू चलने की भी आशंका है।मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मैदानी भागों के अलग-अलग हिस्सों में सोमवार (17 अप्रैल) तक, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में शनिवार (15 अप्रैल) तक तथा बिहार में शनिवार से सोमवार (15 से 17 अप्रैल) तक लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में मौजूदा समय में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रह रहा है।विभाग ने कहा कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में अधिकतम तापमान तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है।‘लू’ की स्थिति होने की घोषणा तब की जाती है, जब मैदानी इलाकों में किसी स्थान पर अधिकतम तापमान बढ़ कर कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस, तटीय क्षेत्रों में कम से कम 37 डिग्री सेल्सियस और पर्वतीय इलाकों में कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है, या फिर सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाता है।वर्ष 2023 में, भारत में फरवरी का महीना 1901 के बाद से इस माह (फरवरी) का सबसे गर्म महीना रहा था। हालांकि, मार्च में सामान्य या उससे अधिक बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली। मार्च 2022 मौसम इतिहास का सबसे गर्म महीना रहा था और पिछले 121 वर्षों में तीसरा सबसे शुष्क महीना था। उस साल अप्रैल महीना भी, 1901 के बाद से तीसरा सबसे गर्म अप्रैल महीना रहा था।















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