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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की संशोधित किताबों को अपने स्कूलों में चालू सत्र से ही पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया है, जिसमें 12वीं कक्षा की इतिहास की किताबों से मुगल बादशाह और दरबारों के अंश हटा दिये गए हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, ‘‘हम अपने छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाते हैं, जो भी संशोधित संस्करण में है उसका पालन किया जाएगा।'' अपर मुख्य सचिव (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा) दीपक कुमार ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने मुगल साम्राज्य से संबंधित अध्यायों को हटाकर कक्षा 12वीं के इतिहास के पाठ्यक्रम में संशोधन किया है। इतिहास की पाठ्यपुस्तक में मुगल दरबारों के अध्यायों को एनसीईआरटी द्वारा संशोधित संस्करण में हटा दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप सीबीएसई, उत्तर प्रदेश और एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का पालन करने वाले अन्य राज्य बोर्डों सहित सभी बोर्डों के पाठ्यक्रम में बदलाव होंगे। संशोधित पाठ्यक्रम 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए लागू किया जाएगा। दीपक कुमार ने कहा, ''हम एनसीईआरटी की किताबों का पालन करते हैं और संशोधित संस्करण में जो कुछ भी उपलब्ध है, हम उसका पालन राज्य के स्कूलों में करेंगे। -
भुवनेश्वर. भुनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और अपने छात्रों के आहार में पोषक अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का आदि) को शामिल किया है ताकि उन्हें स्वास्थ्यवर्धक और पोषणयुक्त भोजन मुहैया कराया जा सके। संस्थान के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने कहा कि इस पहल की शुरुआत ‘उत्कल दिवस' यानी ओडिशा दिवस और जी-20 ‘जन भागीदारी अभियान' के अवसर पर की गई। बिस्वास ने कहा, ‘‘अपने मरीजों और छात्रों के आहार में पोषक अनाज को शामिल कर हम वाकई बहुत रोमांचित हैं। हमें विश्वास है कि यह मरीजों को आवश्यक फाइबर प्रदान करेगा जिसकी तेजी से ठीक होने के लिए उन्हें जरूरत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों को पोषक अनाज से अच्छा पोषण मिलने के साथ खनिज भी मिलेगा। इससे हम उनकी वजन की समस्या और प्रतिरक्षा क्षमता का ध्यान भी रख सकते हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आपदा के प्रभाव से निपटने के लिए विश्व से एकीकृत रवैया अपनाने का आह्वान किया है। पांचवें आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन - आई सी डी आर आई-2023 में श्री मोदी ने कहा कि निकटता से जुडे विश्व में आपदाओं के प्रभाव से निपटने की गतिविधि स्थानीय और अलग-थलग न होकर एकीकृत होनी चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि प्रत्येक देश विभिन्न तरह की आपदाओं का सामना करते हैं और समाज आपदाओं को झेल सकने वाले बुनियादी ढांचे से संबंधित स्थानीय जानकारी विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचों को आधुनिक बनाते समय इस प्रकार की जानकारी का इस्तेमाल सूझबूझ से किये जाने की आवश्यकता है। स्थानीय जानकारी से परिपूर्ण आधुनिक प्रौद्योगिकी आपदाओं से निपटने में मददगार हो सकती है। श्री मोदी ने कहा कि अगर इनका दस्तावेज अच्छी तरह से तैयार किया जाए तो स्थानीय जानकारी विश्व स्तर की श्रेष्ठ जानकारी हो सकती है।श्री मोदी ने कहा कि कुछ ही वर्षों में 40 से अधिक देश आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं तथा बडे और छोटे देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ के देश इस मंच पर एकसाथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि न सिर्फ सरकारें बल्कि वैश्विक संस्थान, डोमेन विशेषज्ञ और निजी क्षेत्र भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इस वर्ष आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय लचीले और समेकित बुनियादी ढांचा प्रदान करने से संबंधित है। आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की पहल को लेकर श्री मोदी ने कहा लचीले द्वीप राष्ट्रों के बुनियादी ढांचों की पहल से कई द्वीप राष्ट्र लाभान्वित होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बुनियादी ढांचा अनुकूल गतिवर्धक कोष की घोषणा की गई थी। इस पचास मिलियन डॉलर के कोष ने विकासशील राष्ट्रों के उत्साह को बढाया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों की वचनबद्धता इन पहलों की सफलता की कुंजी है।जी-20 की अध्यक्षता को लेकर श्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी जी-20 की अध्यक्षता के जरिये विश्व को एक साथ भी ला रहा है। भारत कई कार्यसमूहों में आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को पहले ही शामिल कर चुका है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से निकलने वाले समाधान को उच्च स्तर के वैश्विक नीति निर्धारण में स्थान मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बुनियादी ढांचे की अनुकूलता विशेषकर जलवायु जोखिम और आपदाओं में योगदान करने के लिए आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए एक अवसर है। -
जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले की विश्व प्रसिद्ध बसोहली चित्रकारी को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला है। राष्ट्रीय कृषि एव ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से मंजूरी दिये जाने के बाद यह जीआई टैग दिया गया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। किसी उत्पाद, सामान या विशेषता के लिए जीआई टैग मूल उत्पादकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है और तीसरे पक्ष द्वारा उनके अनधिकृत उपयोग को रोकता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को भी बढ़ावा देता है और इसके उत्पादकों और पक्षकारों को आर्थिक समृद्धि प्रदान करता है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दिसंबर 2020 में हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग (जम्मू-कश्मीर) के परामर्श से नाबार्ड द्वारा नौ उत्पादों की जीआई-टैगिंग प्रक्रिया शुरू की गई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार इन उत्पादों को जीआई टैग प्रदान कर दिया गया है।'' बसोहली चित्रकारी के अलावा बसोहली पश्मीना ऊनी उत्पाद (कठुआ), चिकरी काष्ठ शिल्प (राजौरी), भद्रवाह राजमा (डोडा), मुश्कबुदजी चावल (अनंतनाग), कलादी (उधमपुर), सुलाई शहद (रामबन), अनारदाना (रामबन) और लद्दाख लकड़ी नक्काशी (लद्दाख) के लिए भी जीआई-टैगिंग हासिल करने की वकालत की जा रही है।
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पुणे. महाराष्ट्र में कोविड-19 और इन्फ्लुएंजा के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर सतारा जिला प्रशासन ने सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों, कॉलेजों और बैंकों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। जिला कलेक्टर रुचेश जयवंशी द्वारा सोमवार को जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे साप्ताहिक बाजार, बस स्टैंड, मेले, मण्डली, और शादियों जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें और सामाजिक दूरी और स्वच्छता बनाए रखें। जिला प्रशासन द्वारा जारी एक नोट के अनुसार, कोविड-19 और इन्फ्लुएंजा के मामलों में तेजी के मद्देनजर, महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को एहतियाती उपाय करने का निर्देश दिया गया है। निर्देश के अनुसार, सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों, कॉलेजों और बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मास्क अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन ने कहा, ‘‘नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे साप्ताहिक बाजारों, बस स्टैंडों, मेलों, सभाओं और शादियों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें, सामाजिक दूरी और स्वच्छता बनाए रखें।'' स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में सोमवार को कोविड़-19 के 248 नए मामले सामने आने के बाद अब तक कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 81,45,590 हो गई है। वहीं, राज्य में उपचाराधिन मरीजों की संख्या 3,532 है। विभाग के मुताबिक, सोमवार को कोरोना वायरस से एक व्यक्ति की मौत के बाद अब तक राज्य में महामारी से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 1,48,445 हो गई है। महाराष्ट्र में रविवार को कोविड-19 के 562 नए मामले दर्ज किए गए थे। -
फर्रुखाबाद (उप्र). फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज क्षेत्र में सोमवार को सुबह भंडारे का प्रसाद बनाने के दौरान गैस सिलिंडर में लगी आग से झुलस कर एक बुजुर्ग महिला और उसके पौत्र की मृत्यु हो गई तथा 12 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के भटासा गांव निवासी बृजभान सिंह जाटव के घर देवी के जागरण कार्यक्रम का प्रसाद सुबह करीब पांच बजे बनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक गैस सिलिंडर में आग लग गई। इस घटना में बृजभान की पत्नी शांति देवी (65) और उनके तीन वर्षीय पौत्र आर्यन की झुलस कर मौके पर ही मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में करीब 12 अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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अधिकारियों को हिचकने की जरुरत नहीं: मोदी
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए आज राजनीतिक इच्छाशक्ति की कोई कमी नहीं है और अधिकारियों को बगैर हिचकिचाहट के भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, भले ही वह कितना भी ताकतवर हो। उन्होंने भ्रष्टाचार को लोकतंत्र और न्याय की राह में सबसे बड़ा रोड़ा करार देते हुए यह भी कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्रमुख जिम्मेदारी भारत को इससे मुक्त कराना है। सीबीआई के हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश और इसके नागरिकों की इच्छा है कि किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को दशकों तक भ्रष्टाचार से लाभ हुआ, उन्होंने एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है, जो जांच एजेंसियों पर हमला करता है, लेकिन एजेंसियों को भ्रष्टों की शक्ति और उन्हें कलंकित करने के लिए उनके बारे में फैलाई गई कहानियों से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग आपका ध्यान भटकाते रहेंगे, लेकिन आपको अपने काम पर ध्यान देना होगा। किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। हमारे प्रयासों में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। यह देश की इच्छा है, यह देश के लोगों की इच्छा है। देश, कानून और संविधान आपके साथ है।'' मोदी ने कहा, ‘‘आज देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति में कोई कमी नहीं है। आपको (सीबीआई) कहीं भी हिचकने, कहीं रुकने की जरूरत नहीं है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे भारत की आर्थिक शक्ति बढ़ रही है, अड़चनें पैदा करने वाले भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देश के सामाजिक ताने-बाने, एकता और भाईचारे के साथ ही उसके आर्थिक हितों व संस्थानों पर भी नित्य प्रहार बढ़ते चले जा रहे है... और इसमें जाहिर तौर पर भ्रष्टाचार का पैसा लगता है। इसलिए हमें अपराध और भ्रष्टाचार की प्रकृति को समझना होगा और इसके कारणों का पता लगाने के लिए जड़ तक पहुंचना होगा।'' मोदी ने कहा कि भारत को आजादी के समय भ्रष्टाचार की विरासत मिली। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि इसे दूर करने के बजाय कुछ लोग इस बीमारी को पोषित करते रहे। उन्होंने कहा कि ‘ट्रिलियन डॉलर' पर चर्चा इन दिनों मजबूत अर्थव्यवस्था को संदर्भित करती है, लेकिन एक दशक पहले जब सीबीआई ने अपनी स्वर्ण जयंती मनाई थी, तो ऐसे आंकड़ों का उपयोग देश में घोटालों का वर्णन करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘एक प्रतियोगिता चल रही थी कि कौन भ्रष्टाचार का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि घोटालों और दंडमुक्ति की मौजूदा भावना के कारण व्यवस्था ध्वस्त हो गई और नीतिगत पंगुता के माहौल ने विकास को एक ठहराव में ला दिया था। उन्होंने कहा कि इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई, पहले की ‘फोन बैंकिंग' की समस्या के बिल्कुल विपरीत है, जहां प्रभावशाली लोगों के फोन कॉल के आधार पर हजारों करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए जाते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि लाभार्थी जनता का पैसा लेकर भाग गए। उन्होंने कहा कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की वजह से अब तक भगोड़े अपराधियों की 20,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। उन्होंने सीबीआई से कहा कि वह भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अपनी जांच में तेजी लाने के तरीके अपनाए, क्योंकि लंबित जांच भ्रष्टाचारियों को सुरक्षा प्रदान करती है, जबकि निर्दोष पीड़ित रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार कोई सामान्य अपराध नहीं होता। भ्रष्टाचार, गरीब से उसका हक छीनता है, अनेक अपराधों को जन्म देता है। भ्रष्टाचार, लोकतंत्र और न्याय के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा होता है।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने मिशन मोड पर काले धन और बेनामी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा, भ्रष्टाचारियों के अलावा हम भ्रष्टाचार के कारणों से भी लड़ रहे हैं।''
मोदी ने कहा कि पेशेवर और कुशल संस्थानों के बिना विकसित भारत का निर्माण संभव नहीं है और इसलिए सीबीआई की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘सीबीआई ने अपने काम से, अपने कौशल से सामान्यजन को एक भरोसा दिया है। आज भी जब किसी को लगता है कि किसी मामले की गुत्थी सुलझ नहीं रही है, तो आवाज उठती है कि मामला सीबीआई को दे देना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि जहां भी भ्रष्टाचार होता है, युवाओं को समान अवसर नहीं मिलते हैं और केवल एक विशेष पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलता है। भ्रष्टाचार को प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए मोदी ने कहा कि यह भाई-भतीजावाद और परिवारवाद को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि जब ये दोनों बढ़ते हैं,तो देश की ताकत प्रभावित होती है और जब ताकत कमजोर होती है, तो इसका असर विकास पर भी पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों ने देश का खजाना लूटने का एक और तरीका बना रखा था, जो दशकों से चला आ रहा था और ये था, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से लूट। उन्होंने कहा, ‘‘आज जनधन, आधार, मोबाइल की तिकड़ी से हर लाभार्थी को उसका पूरा हक मिल रहा है।''
कार्यक्रम के दौरान, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक और सीबीआई के सर्वश्रेष्ठ जांच अधिकारियों के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों के लिए एक अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने पुरस्कार विजेताओं को पदक प्रदान किए। उन्होंने शिलांग, पुणे और नागपुर स्थित सीबीआई के नवनिर्मित कार्यालय परिसरों का उद्घाटन भी किया। सीबीआई के हीरक जयंती समारोह वर्ष पर प्रधानमंत्री ने एक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी किया तथा सीबीआई के ट्विटर हैंडल की भी शुरुआत की। इससे पहले, इस अवसर पर सीबीआई निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल ने कहा कि ब्यूरो भ्रष्टाचार का मुकाबला करने वाली एजेंसी से एक बहु-विषयक जांच और अंतरराष्ट्रीय ख्याति के अभियोजन संगठन के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि ब्यूरो ने मूल्यवान सिफारिशें करके देश में वित्तीय प्रणालियों को साफ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो जांच और संचालन के दौरान इसकी दंडात्मक और निवारक भूमिका से उभरा। इस अवसर पर कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी उपस्थित थे। सीबीआई की स्थापना भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से 01 अप्रैल, 1963 को जारी एक संकल्प के जरिये की गई थी।
- - अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर के एक संत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मंदिर में निवास करने की पेशकश की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद सदस्य के तौर पर आवंटित घर खाली करने का नोटिस मिलने के बाद हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत ज्ञान दास की प्रतिष्ठित गद्दी के उत्तराधिकारी संजय दास ने उनसे मंदिर परिसर में रहने की पेशकश की। दास ने राहुल गांधी को अपना खुला समर्थन देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी हनुमानगढ़ी परिसर में आकर रहना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। संजय दास ने कहा, ‘‘राहुल गांधी का पवित्र नगरी में अयोध्या के संत स्वागत करते हैं, हम उन्हें अपना निवास स्थान प्रदान करते हैं।'' दास संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।
- सूरत (गुजरात)। लोकसभा की सदस्यता गंवाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘ मोदी उपनाम’ टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देते हुए यहां सोमवार को सत्र अदालत में एक अपील दायर की और उन्हें जमानत दे दी गई। गांधी को ‘मोदी उपनाम’ के संदर्भ में उनकी 2019 की टिप्पणी के लिए निचली अदालत ने दो साल की जेल की सजा सुनाई थी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर पी मोगेरा की अदालत ने कहा कि वह मामले में शिकायतकर्ता-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी को नोटिस जारी करने के बाद 13 अप्रैल को दोषसिद्धि के निलंबन के लिए गांधी की याचिका पर सुनवाई करेगी। सत्र अदालत ने प्रतिवादी (पूर्णेश मोदी) को 10 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा।राहुल की कानूनी टीम के एक सदस्य ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के खिलाफ राहुल गांधी की अपील के साथ-साथ उनकी जमानत और सजा के निलंबन के लिए एक अर्जी दायर की है। (सत्र) अदालत ने इस मामले की सुनवाई की और उन्हें जमानत दे दी। अदालत उनकी दोषसिद्धि पर रोक के संबंध में 13 अप्रैल को सुनवाई करेगी।’’उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पेश होने की जरूरत नहीं होगी।अपराह्न करीब तीन बजे मामले की सुनवाई के समय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी के अन्य नेता अदालत कक्ष में मौजूद थे।राहुल गांधी और प्रियंका अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ एक लग्जरी बस में सत्र अदालत परिसर पहुंचे। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के कई अन्य नेता सूरत में मौजूद थे।
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नयी दिल्ली. भोपाल-नयी दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस ने शनिवार को अपनी शुरुआती यात्रा के दौरान अधिकतम 161 किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल की, जबकि इसकी अपेक्षित गति सीमा 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि भोपाल और नयी दिल्ली के बीच यात्रा के समय को एक घंटे कम करने वाली ट्रेन ने आगरा और मथुरा में राजा की मंडी के बीच 161 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को छुआ। आगरा छावनी और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के बीच पटरी के एक छोटे से हिस्से को गति सीमा के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इससे पहले रेल मंत्रालय ने एक आदेश में कहा था कि रानी कमलापति-नयी दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन आगरा छावनी-तुगलकाबाद खंड पर अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 11वीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
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नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के प्रशासन ने एक समिति गठित की है, जो चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद करने और कर्मचारियों को खरीद संबंधी गतिविधियों से मुक्त करने के लिए किसी सरकारी एजेंसी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) की सेवा लेगी। हाल ही में जारी एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, 10 सदस्यीय समिति खरीद सहायता एजेंसी के तौर पर किसी सरकारी एजेंसी या पीएसयू की सेवा लेने के फायदों और तौर-तरीकों की पड़ताल करेगी। एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि आमतौर पर भंडारण और खरीद का काम एक जैसे कर्मचारी ही संभालते हैं, जो सुशासन के अनुसार नहीं है। ज्ञापन में डॉ. श्रीनिवास के हवाले से कहा गया है कि आमतौर पर बाहर से भर्ती किए गए कर्मचारी खरीद प्रक्रिया को संभालते हैं, जो उचित नहीं है। भंडार कर्मियों की संख्या सीमित है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर खरीद का काम प्रशासनिक कैडर के कर्मी संभालते हैं, जो खरीद के मामलों में औपचारिक रूप से प्रशिक्षित नहीं होते हैं। एम्स प्रशासन ने बताया कि कुछ मामलों में कुछ विभागों और भंडार गृहों में खरीद संसाधनों की कमी के कारण खरीद प्रक्रिया दो साल से लंबित है।
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नयी दिल्ली. देश में बिजली की खपत मार्च, 2023 में 0.74 प्रतिशत घटकर 127.52 अरब यूनिट (बीयू) रह गई। यह 31 माह में पहली मौका है जबकि बिजली की खपत घटी है। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। बिजली की खपत में कमी का प्रमुख कारण देश में पश्चिमी विक्षोभ से भारी बारिश और मार्च में तापमान कम रहना है। इससे पहले अगस्त, 2020 में बिजली की खपत में गिरावट आई थी। उस समय बिजली की खपत अगस्त, 2019 के 111.52 अरब यूनिट से दो प्रतिशत से अधिक घटकर 109.21 अरब यूनिट रह गई थी। इस दौरान कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन प्रतिबंधों के कारण बिजली की खपत में कमी आई थी। विशेषज्ञों ने अनुमान जताया है कि आर्थिक गतिविधियों में और सुधार के साथ-साथ तापमान चढ़ने से अप्रैल में बिजली की मांग और खपत बढ़ेगी। आंकड़ों के अनुसार, बिजली की खपत मार्च, 2022 में 128.47 अरब यूनिट (बीयू) थी। यह मार्च, 2021 में 120.63 अरब यूनिट थी। वहीं मार्च, 2020 में यह 98.95 अरब यूनिट रही थी। आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च, 2023 में अधिकतम बिजली की मांग यानी एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति बढ़कर 209.01 गीगावॉट हो गई। मार्च, 2022 में अधिकतम बिजली की मांग 199.43 गीगावॉट और मार्च, 2021 में 185.89 गीगावॉट थी। वहीं महामारी से पहले मार्च, 2020 में बिजली की अधिकतम मांग 170.16 गीगावॉट थी।
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मुजफ्फरनगर (उप्र). मुजफ्फरनगर जिले के खतौली थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर टैंकर और कार की टक्कर में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। खतौली थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) संजीव कुमार ने बताया कि दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर खतौली बाईपास के पास शनिवार शाम एक कार के एक टैंकर से टकरा जाने से एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान राजेश देवी (55), सोहनवीर (30) और अंकुर (25) के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि यह घटना उस समय हुई, जब ये लोग कार से मेरठ से मुजफ्फरनगर आ रहे थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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नयी दिल्ली. डॉ. (श्रीमती) सुदेश धनखड़ को आज वनस्थली विद्यापीठ में आयोजित एक दीक्षांत समारोह में भूजल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गयी। उनकी पीएचडी का विषय था - "राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भूजल संसाधन और सिंचित कृषि की संवहनीयता का आकलन" और डॉक्टरेट की यह उपाधि महामहिम राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा उन्हें प्रदान की गयी। सुदेश धनखड़ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की धर्मपत्नी हैं। उन्होंने सितंबर, 2013 में वनस्थली विद्यापीठ में पीएचडी के लिए अपना नामांकन कराया था और 14 मार्च, 2022 को अपनी पीएचडी पूरी कर ली। इस गंभीर शोध के लिए उन्होंने झुंझुनूं जिले से रियल टाइम आंकड़े एकत्रित और समेकित किये जोकि एक लंबी और समय लेने वाली प्रक्रिया थी। राजस्थान में जन्मी श्रीमती धनखड़ जल संरक्षण के मुद्दे पर लगातार कार्य करती रही हैं। इसके साथ ही महिला-सशक्तिकरण और भोजन की बर्बादी रोकने जैसे विषयों पर भी वे काम कर रही हैं। इस संबंध में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डॉ. धनखड़ ने पीयूसी से लेकर पीएचडी तक अपनी पूरी पढ़ाई वनस्थली विद्यापीठ से ही की है। उन्होंने वनस्थली विद्यापीठ में 1973 में प्री यूनिवर्सिटी कोर्स (पीयूसी) में प्रवेश लिया था और उसके बाद 1979 में विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर किया। उनके पीएचडी शोध की थीम थी: ‘सतत विकास'।
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नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का निधन 2 अप्रैल को जामनगर में हो गया। वह 88 साल के थे। वह काफी समय से बीमार थे। हर कोई क्रिकेट में उनके योगदान को याद कर रहा है। उन्होंने करीब 13 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। वह दर्शकों की मांग पर छक्का मारने के लिए मशहूर थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व क्रिकेटर सलीम दुर्रानी के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। पीएम मोदी ने पूर्व क्रिकेटर को अपने आप में एक संस्था बताया। प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में भारत के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत को दिलाई यादगार जीत
सलीम दुर्रानी ने भारत को टेस्ट में कई यादगार जीत दिलाईं। साल 1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता और मद्रास टेस्ट में टीम इंडिया को जिताने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तब उन्होंने कोलकाता टेस्ट में 8 और मद्रास (चेन्नई) टेस्ट में 10 विकेट लिए थे। करीब 10 साल बाद उन्होंने एक ऐसी ही यादगार जीत भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में दिलाई थी। उस मुकाबले में उन्होंने क्लाइव लॉयड और गैरी सोबर्स के विकेट झटके थे।
सलीम दुर्रानी का क्रिकेट करियर
सलीम दुर्रानी ने जनवरी 1960 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। वह करीब 13 साल तक भारत के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने 29 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। टेस्ट में उनके नाम 1202 रन दर्ज हैं। क्रिकेट के सबसे बड़े प्रारूप में उनके नाम एक शतक और 7 अर्धशतक हैं। टेस्ट में उनका हाईएस्ट स्कोर 104 रन रहा। इसके अलावा फस्र्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 8545 रन बनाए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सलीम दुर्रानी के 14 शतक और 45 अर्धशतक लगाए। फस्र्ट क्लास क्रिकेट में उनका हाईएस्ट स्कोर 137 रन नॉट आउट रहा। - जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रसिद्ध लक्खी मेलों में जाने वाले श्रद्धालुओं को रोडवेज बसों के किराए में 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है। यह छूट एक अप्रैल से प्रभावी हो गई। एक सरकारी बयान के अनुसार अब राज्य के 14 जिलों के मेलों में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने पर आधा किराया ही लगेगा। यह रियायती सुविधा एक अप्रैल, 2023 से लागू कर दी गई है। इसके अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किराया राशि में 50 प्रतिशत छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राजस्थान रोडवेज की साधारण एवं एक्सप्रेस बसों में मेला अवधि के दौरान किराये में छूट मिलेगी। इसके तहत अजमेर में पुष्कर मेला और दरगाह उर्स, करौली में कैलादेवी मेला, भरतपुर में झील का बाडा, जैसलमेर में श्रीरामदेवरा मेला, सीकर में खाटूश्याम जी, चूरू में सालासर बालाजी, हनुमानगढ़ में गोगामेड़ी, डूंगरपुर में बेणेश्वर धाम, सवाईमाधोपुर में रणथम्भौर गणेश जी, टोंक में डिग्गी कल्याण जी, अलवर में भर्तृहरि/पाण्डूपोल, श्रीगंगानगर में बुडढ़ा जोहड़ गुरूद्वारा, बीकानेर में फाल्गुन (मुकाम) एवं चित्तौड़गढ़ में सांवलिया सेठ-जलझूलनी एकादशी मेलों के लिए छूट का प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट 2023-24 में छूट के संबंध में घोषणा की गई थी। इस स्वीकृति से राज्य सरकार पर लगभग 12 करोड़ रुपए का वार्षिक वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।
- सतना (मप्र) । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को आदिवासी रानी दुर्गावती की वीरता का महिमामंडन करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र की रक्षा एवं सम्मान को सर्वोपरि रखा और कितने ही बार विदेशी आक्रांताओं को नाकों चने चबा दिए। उन्होंने कहा,‘‘ हमें रानी दुर्गावती के जीवन से सीख लेनी चाहिए और व्यक्तिगत छोटे स्वार्थों के लिए देश को आहत करने के बारे में कभी नहीं सोचना चाहिए।'' भागवत ने सतना जिले के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र मझगवां स्थित दीनदयाल शोध संस्थान के महर्षि वाल्मीकि परिसर में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘रानी दुर्गावती का शौर्य एवं पराक्रम प्रसिद्ध है। कितने ही बार विदेशी आक्रांताओं को उन्होंने नाकों चने चबा दिए। घर के अंदर भेदिया नहीं होता तो वह कभी हारती नहीं। उनका स्मरण करते समय हम सबको यह सबक सीखनी चाहिए कि अपने छोटे स्वार्थों के कारण देश हित को धक्का लगाने की प्रवृत्ति हम लोगों में कभी न पनपे। इसकी हमको चिंता करनी पड़ेगी।'' भागवत ने आगे कहा, ‘‘रानी दुर्गावती कभी भी दूसरों की वीरता के कारण नहीं हारी। उनके साथ विश्वासघात हुआ। किसके द्वारा हुआ? अपने लोगों द्वारा ही हुआ।'' उन्होंने कहा कि जो लोग 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा थे, उन्होंने रानी दुर्गावती के साहस और सर्वोच्च बलिदान से प्रेरणा ली। रानी दुर्गावती 1550 से 1564 तक तत्कालीन गोंडवाना साम्राज्य की शासक रही। उन्हें मुगलों के खिलाफ अपने राज्य की रक्षा करने के लिए याद किया जाता है। अपनी सेना का नेतृत्व करते हुए उन्हें युद्ध के मैदान में मुगलों से लड़ते हुए चोटें आईं। उसे युद्ध के मैदान को छोड़ने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया और एक खंजर निकाला और 24 जून, 1564 को मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में खुद को मार डाला। रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों से जुड़ी अनेक हृदयस्पर्शी बातों को उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती के विषय में उनकी शौर्य गाथा और उनके पराक्रम से सभी परिचित हैं। दीनदयाल शोध संस्थान के इस परिसर में उनकी प्रतिमा लगाने से उनकी छवि जनमानस में निरंतर उभरती रहेगी और लोग उनकी सद्प्रेरणा से सदैव प्रेरित होते रहेंगे। उन्होंने रानी दुर्गावती के कौशल को बताते हुए कहा कि वह प्रजाप्रिय एवं प्रजा की हितैषी तथा न्याय पालक थीं। उन्होंने अपनी प्रजा के कल्याण एवं प्रजा के हित में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। इस अवसर पर भागवत ने महर्षि वाल्मीकि परिसर में जनजातीय गौरव एवं पोषक अनाजों पर लगाई गई आकर्षक प्रदर्शनी को भी देखा।
- मुंबई । आर्थिक निगरानी से जुड़ी संस्था सीएमआईई ने कहा है कि भारत में बेरोजगारी दर मार्च में तीन महीने के उच्चतम स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। 'सेंटर फॉर मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकॉनमी' (सीएमआईई) की तरफ से शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च में बेरोजगारी दर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई जो बीते तीन महीनों का उच्चतम स्तर है। इसके पहले बेरोजगारी दर दिसंबर, 2022 में 8.30 प्रतिशत हो गई थी, लेकिन जनवरी में यह घटकर 7.14 प्रतिशत पर आ गई थी। लेकिन यह फरवरी में फिर से बढ़कर 7.45 प्रतिशत के आंकड़े पर पहुंच गई। आंकड़ों के अनुसार, मार्च में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 8.4 प्रतिशत जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 7.5 प्रतिशत रही। सीएमआईई के प्रबंध निदेशक महेश व्यास ने कहा, “देश का मानव संसाधन बाजार की स्थिति मार्च, 2023 में और खराब हो गई। बेरोजगारी दर फरवरी के 7.5 प्रतिशत से बढ़कर मार्च में 7.8 प्रतिशत हो गई।” राज्यों की बात करें तो हरियाणा में सबसे ज्यादा 26.8 प्रतिशत बेरोजगारी रही जबकि 26.4 प्रतिशत के साथ राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा। जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दर 23.1 प्रतिशत, सिक्किम में 20.7 प्रतिशत, बिहार में 17.6 प्रतिशत और झारखंड में 17.5 प्रतिशत है। सबसे कम बेरोजगारी दर उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में 0.8-0.8 प्रतिशत है, जिसके बाद पुडुचेरी में 1.5 प्रतिशत, गुजरात में 1.8 प्रतिशत, कर्नाटक में 2.3 प्रतिशत और मेघालय व ओडिशा में 2.6-2.6 प्रतिशत रही।
- अमरोहा (उप्र। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक ले जाएं। सिंह ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के पीआरआई प्रतिनिधियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी की जन-केंद्रित पहलों और कार्यक्रमों के सबसे महत्वपूर्ण संदेशवाहक बन सकते हैं, क्योंकि वे जमीनी स्तर के लोगों के सीधे संपर्क में हैं। कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, "मोदी (सरकार) के तहत पंचायतों को लगातार सशक्त किया जा रहा है।"केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीआरआई प्रतिनिधि निर्वाचित प्रतिनिध होते हैं और वे यह जानते हैं कि समाज के सबसे निचले तबके में सबसे ज्यादा जरूरतमंद कौन हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वोट बैंक को ध्यान में रखे बिना लाभ उनतक पहुंचे। उन्होंने कहा कि मोदी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के प्रतीक हैं, जो किसी वंशवाद की राजनीति से मुक्त है, क्योंकि वह (प्रधानमंत्री) खुद जमीनी स्तर से उठे हैं। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का पीआरआई और जमीनी स्तर के लोकतंत्र में विश्वास इस तथ्य से स्पष्ट होता है कि उनके हस्तक्षेप के कारण जम्मू और कश्मीर जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव 70 वर्षों के बाद पहली बार हुए। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सिंह ने विकास कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जरूरत पर बल दिया और गुणवत्ता से समझौता किए बिना परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मई 2014 में जब मोदी ने सत्ता संभाली तो देश की लगभग आधी आबादी शौचालय, आवास, टीकाकरण, बिजली कनेक्शन और बैंक खातों जैसी सुविधाओं से वंचित थी। सिंह ने कहा कि 'सबका प्रयास' के साथ केंद्र पिछले आठ वर्षों के दौरान कई योजनाओं को 100 प्रतिशत सफल बनाने के करीब ले जाने में सक्षम रहा है। बयान में कहा गया है कि अमृतकाल के अगले 25 वर्षों में भारत को दुनिया में अग्रणी देश बनाने का एक नया संकल्प लिया गया है। सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने कई मौकों पर दोहराया है कि केंद्रीय योजनाओं में से किसी के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
- मुंबई। यहां की एक विशेष अदालत ने धोखाधड़ी के लगभग 19 साल पुराने मामले में तीन बैंक कर्मियों को दोषी करार देते हुए कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी अर्थव्यवस्था को ‘जबरदस्त नुकसान' पहुंचाती है और देश के समग्र विकास को बाधित करती है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश डी.पी. सिंगडे ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत देना बैंक के तीन अधिकारियों श्रीकांत पडाले (51), विजय नायर (46) और वी राधाकृष्णन को दोषी करार दिया। अदालत ने इस मामले में 30 मार्च को फैसला सुनाया जिसकी प्रति शनिवार को उपलब्ध हुई।तीन बैंक कर्मियों के अलावा अदालत ने 49 वर्षीय नर्गिस दिवेंत्री को भी दोषी करार दिया और सभी को दो-दो साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी अधिकारियों ने एक निजी व्यक्ति के साथ मिलकर धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश रची और 2003 में देना बैंक के कालबादेवी शाखा को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कुछ निजी पक्षकारों को ऋण सुविधा प्रदान की जिसकी वजह से बैंक को 2.35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
- नयी दिल्ली। मेटा के स्वामित्व वाले ऐप ‘व्हाट्सएप' ने फरवरी में 45 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया, जो उससे पिछले महीने में प्रतिबंधित खातों की संख्या से काफी अधिक है। व्हाट्सएप ने अपनी मासिक रिपोर्ट यह जानकारी दी है। व्हाट्सएप ने जनवरी में 29 लाख, दिसंबर में 36 लाख और नवंबर में 37 लाख खातों पर प्रतिबंध लगाया था। ऐप के दुरुपयोग को रोकने के लिए इन खातों पर पाबंदी लगाई गई। व्हाट्सएप के एक प्रवक्ता ने कहा, "नवीनतम मासिक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप ने फरवरी के महीने में 45 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया।" किसी भारतीय खाते की पहचान +91 फोन नंबर के माध्यम से की जाती है।शनिवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है, "एक फरवरी, 2023 से 28 फरवरी, 2023 के बीच 4,597,400 व्हाट्सएप खातों पर प्रतिबंध लगाया गया।”
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नयी दिल्ली ।' केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कहा कि भारत ने वित्तवर्ष 2022-23 में अपने कोयला उत्पादन में 98 करोड़ 22.1 लाख टन की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। मंत्री ने एक बयान में कहा, देश में कोयले का 98.2 करोड़ टन का कुल उत्पादन, वित्तवर्ष 2021-22 में उत्पादित 77 करोड़ 82.1 लाख टन से 14.65 प्रतिशत अधिक है। जोशी ने कहा, ‘‘कोयला क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। मैं रिकॉर्ड वृद्धि के लिए सभी कोयला योद्धाओं और अंशधारकों को बधाई देता हूं। कड़े लक्ष्यों के बावजूद, कोल इंडिा लिमिटेड, एससीसीएल, निजी एवं वाणिज्यिक खानों ने वित्तवर्ष 2023 में 98.2 करोड़ टन से अधिक कोयले का उत्पादन किया है।'' उन्होंने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड ने वित्तवर्ष 2023 के अपने वित्तीय लक्ष्य को पार कर जबरदस्त काम किया है और 70 करोड़ 32 लाख टन कोयले का उत्पादन किया है, जो 2021-22 में 62 करोड़ 26.3 लाख टन से 12.94 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) ने एक साल पहले के छह करोड़ 50.2 लाख टन के मुकाबले इस बार छह करोड़ 71.4 लाख टन कोयले का उत्पादन किया, जिसमें 3.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। निजी और वाणिज्यिक खान उत्पादकों ने पिछले वित्तीय वर्ष में नौ करोड़ 5.6 लाख टन से 34.59 प्रतिशत अधिक 12 करोड़ 18.8 लाख टन कोयले का उत्पादन किया। उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के विकास में कोयला क्षेत्र का योगदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के उत्थान को शक्ति दे रहा है और हम देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करना जारी रखेंगे।''
- नयी दिल्ली। भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 में सर्वाधिक 15,920 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों (हार्डवेयर) का निर्यात किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि को ‘मेक इन इंडिया' के प्रति उत्साह का परिणाम बताया। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत का रक्षा निर्यात 2016-17 के 1,521 करोड़ रुपये के मुकाबले 10 गुना बढ़कर 15,920 करोड़ रुपये हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ट्वीट किया है, ‘‘भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 में अभी तक के सर्वाधित स्तर 15,920 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह देश के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।'' उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायक नेतृत्व में हमारा रक्षा निर्यात तेजी से बढ़ता रहेगा।'' वहीं एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि को भारत की प्रतिभा और ‘मेक इन इंडिया' के प्रति उत्साह का नतीजा बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों हुए सुधार के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। हमारी सरकार भारत को रक्षा उत्पाद का ‘हब' बनाने का समर्थन करती रहेगी।'' रक्षा मंत्रालय भारत, मुख्य रूप से ड्रोनियर-228 विमानों, 155 एमएम एडवांस्ड टोड आर्टिनरी गन्स (एटीएजी) (तोप), ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम्स, राडार, सिमुलेटर, माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल्स, आर्मर्ड व्हीकल्स, पिनाक रॉकेट और लॉन्चर, एम्युनिशन, थर्मल इमेजर, बॉडी आर्मर, सिस्टम, लाइन रिप्लेसिएबिल यूनिट्स और एवियॉनिक्स और स्मॉल आर्म्स के भाग और घटकों जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स का निर्यात करने पर ध्यान केन्द्रीत कर रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दुनिया में एलसीए-तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर, एयरक्राफ्ट कैरियर, एमआरओ गतिवधियों की मांग बढ़ रही है। भारत फिलहाल 85 से ज्यादा देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है।मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारतीय उद्योग ने वर्तमान में रक्षा उत्पादों का निर्यात करने वाली 100 कंपनियों के साथ डिजाइन और विकास की अपनी क्षमता दुनिया को दिखाई है। बढ़ता रक्षा निर्यात और एयरो इंडिया 2023 में 104 देशों की भागीदारी भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमताओं का प्रमाण है।'' आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 2020-21 में 8,434 करोड़ रुपये, 2019-20 में 9,115 करोड़ रुपये और 2018-19 में 10,745 करोड़ रुपये के सैन्य हार्डवेयर का निर्यात किया था। 2017-18 में देश का कुल रक्षा निर्यात 4,682 करोड़ रुपये और 2016-17 में 1,521 करोड़ रुपये का था। केंद्र सरकार ने 2024-25 तक 1,75,000 करोड़ रुपये के रक्षा हार्डवेयर के उत्पादन के साथ ही रक्षा निर्यात को 35,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने पिछले 5-6 वर्षों के दौरान कई नीतिगत पहल की हैं और सुधार किए हैं। ऑनलाइन निर्यात की व्यवस्था के साथ देरी को कम करने और कारोबारी सुगमता के साथ निर्यात प्रक्रियाओं को सरल और उद्योग के अनुकूल बना दिया गया है।'' बयान के अनुसार, ‘‘सरकार ने प्रौद्योगिकी/ बड़े प्लेटफॉर्म्स और और उपकरणों के अंगों और घटकों के निर्यात/ हस्तांतरण के लिए तीन ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंग (ओजीईएल) अधिसूचित किए हैं।'' ओजीईएल एक बार में दिया जाने वाला निर्यात लाइसेंस है, जो ओजीईएल की वैधता के दौरान निर्यात अधिकार की मांग किए बिना ओजीईएल में उल्लिखित विशिष्ट वस्तुओं में से निर्दिष्ट वस्तुओं के निर्यात करने की अनुमति देता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘‘विभिन्न देशों से प्राप्त निर्यात के अनुरोधों को वास्तविक समय के आधार पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत भारतीय रक्षा निर्यातकों तक पहुंचाया जाता है, ताकि वे निर्यात अवसरों पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो सकें।''
- गुरुग्राम। गुरुग्राम के सदर बाजार में शनिवार को छह से अधिक किताबों की दुकानों पर मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते की छापेमारी के बाद एनसीईआरटी की नकली पाठ्यपुस्तकें बड़ी संख्या में जब्त की गईं। पुलिस को मौके पर बुलाया गया और शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। छापेमारी दल के साथ गए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के अधिकारी अमिताभ कुमार के अनुसार, पिछले कई दिनों से एनसीईआरटी के अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी कि परिषद द्वारा स्कूलों को भेजी जा रही किताबों में कुछ विषयों में अंतर है। शिकायत के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते के अधिकारियों से बात की।कुमार ने कहा, “इसके बाद मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और किताबों की दुकानों की निगरानी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते और एनसीईआरटी की टीमों ने अलग-अलग दुकानों से किताबें भी खरीदी हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। इसके बाद टीम ने शनिवार को छापा मारकर परिषद द्वारा जारी नहीं की गई एनसीईआरटी की कथित किताबों को जब्त कर लिया।
- बेंगलुरु। रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरआरआई) के शोधकर्ताओं ने ‘क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन' (क्यूकेडी) का इस्तेमाल करते हुए स्थिर स्रोत और गतिमान प्राप्तकर्ता के बीच स्थापित सुरक्षित संचार का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है। आरआरआई द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि यह सफल प्रदर्शन भविष्य में जमीन से उपग्रह आधारित सुरक्षित क्वांटम संचार का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। बयान में कहा गया है, ‘‘वैज्ञानिकों का कहना है कि ये परिणाम भारत को विशेष रूप से रक्षा और रणनीतिक उद्देश्यों के लिए सुरक्षित संचार साधन तैयार करने में मदद कर सकते हैं, साइबर सुरक्षा को बढ़ा सकते हैं और ऑनलाइन लेनदेन को आज की तुलना में अधिक सुरक्षित बना सकते हैं।''








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