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- इंदौर। मध्यप्रदेश में इंदौर के एक व्यस्त चौराहे के ट्रैफिक सिग्नल पर एक युवती के नाचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर परेशानी उत्पन्न करने वाला काम करने के आरोप में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है।राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने युवती के इस कृत्य को गलत ठहराते हुए पुलिस अफसरों को उचित कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। विजय नगर पुलिस थाने के प्रभारी तहजीब काजी ने गुरुवार को बताया कि शहर के व्यस्त रसोमा चौराहे पर हाल में नाचते हुए वीडियो बनाने वाली श्रेया कालरा के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 290 (सार्वजनिक स्थान पर परेशानी उत्पन्न करने वाला काम करने) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि इस कानूनी प्रावधान के तहत मुजरिम पर महज 200 रुपये तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह संबंधित वीडियो 30 सेकंड का है। इसमें काला मास्क, टोपी और इसी रंग के कपड़े पहनी युवती रसोमा चौराहे के ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती के समय जेबरा क्रॉसिंग पर खड़ी होकर अंग्रेजी गाने "लेट मी बी योअर वुमन" के एक हिस्से पर नाचती दिखाई दे रही है। मामले के तूल पकडऩे के बाद कालरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी है।युवती ने कहा, रसोमा चौराहे पर नृत्य का वीडियो बनाने के पीछे मेरा मुख्य मकसद यातायात के इस नियम के बारे में जागरुकता फैलाना था कि लाल बत्ती के समय वाहन चालक ट्रैफिक सिग्नल पर नियत स्थान पर रुकें ताकि पैदल चल रहे लोग जेबरा क्रॉसिंग के जरिये आसानी से सड़क पार कर सकें।" कालरा ने कहा, "मेरे वीडियो पर मुझे कई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं, तो कुछ लोग इसे गलत तरीके से भी पेश कर रहे हैं।"राज्य के गृह मंत्री मिश्रा ने बुधवार को ट्वीट किया था कि ट्रैफिक सिग्नल पर वीडियो बनाने के पीछे युवती का भाव भले ही कुछ भी रहा हो, लेकिन उसका तरीका गलत था और इस तरह के चलन को आगे बढऩे से रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई जरूरी है। सोशल मीडिया पर कई लोग यह भी कह रहे हैं कि ट्रैफिक सिग्नल पर नाचते हुए वीडियो बनाने के बाद इसे सोशल मीडिया पर डालकर युवती ने प्रचार पाने की कोशिश की है। इस बीच, महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई की अध्यक्ष अर्चना जायसवाल ने इस वीडियो को लेकर युवती पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने को प्रदेश सरकार का गलत कदम करार दिया है। उन्होंने कहा, "युवती ने ट्रैफिक सिग्नल पर वीडियो बनाकर कोई संगीन अपराध नहीं किया। पुलिस को उसे हिदायत देकर छोड़ देना चाहिए था।--
- नयी दिल्ली। मिजोरम और केरल सहित कुछ राज्यों में दस साल से कम उम्र के बच्चों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच विशेषज्ञों ने गुरुवार को कहा कि यदि बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाएं, लेकिन उनमें बीमारी के लक्षण न हों एवं संक्रमण की स्थिति गंभीर न हो तो फिर ज्यादा चिंता की बात नहीं है। उन्होंने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि अधिक संख्या में बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराने की जरूरत पडऩे सहित किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जानी चाहिए और इंतजाम दुरुस्त किए जाने चाहिए।आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस साल मार्च से कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मामलों में दस साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मिजारेम, मेघालय, मणिपुर और केरल सहित कुछ राज्यों में बच्चों में संक्रमण के काफी मामले सामने आ रहे हैं। मिजोरम में मंगलवार को कोविड-19 के अब तक सर्वाधिक 1,502 नए मामले सामने आए जिनमें 300 बच्चे भी शामिल हैं। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी परामर्श समूह (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष डॉक्टर एन के अरोड़ा ने कहा, ''यदि बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाते हैं, लेकिन उनमें लक्षण (बीमारी के) नहीं हैं तो यह ज्यादा घबराने वाली बात नहीं है क्योंकि देश में हुए विभिन्न सीरो सर्वेक्षण के अनुसार बच्चे भी बड़ों जितने ही प्रभावित होते हैं।'' अरोड़ा ने कहा कि बच्चों में लक्षणयुक्त मामलों का अनुपात बहुत कम है और गंभीर संक्रमण का जोखिम भी बहुत सामान्य नहीं है। वहीं, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जैसे ही प्रतिबंध हटाए जाते हैं और परिवार अपने बच्चों के साथ बाहर घूमना शुरू करते हैं, तो कोविड से मुक्त रहे बच्चे संक्रमित होंगे तथा ''यह संख्या में दिखेगा।'' उन्होंने कहा, ''लेकिन इसका मतलब बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पतालों में भर्ती होने या कोविड-19 की वजह से मौत नहीं है। अधिकतर बच्चों में लक्षण नहीं होंगे और उनमें मामूली बीमारी होगी। इसलिए बढ़ती संख्या चिंता की बात नहीं है। हालांकि, हमें अधिक संख्या में बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराने की जरूरत पडऩे सहित किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।
- नई दिल्ली। वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी यूट्यूब ने कहा कि भारत में इस साल मई में दो करोड़ से अधिक लोगों ने अपने टीवी स्क्रीन पर यूट्यूब को देखा, जो पिछले साल की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है।गूगल के स्वामित्व वाले मंच ने यह भी बताया कि यूट्यूब के दर्शकों की बढ़ती संख्या हिंदी, तमिल, तेलुगु और अन्य भारतीय भाषाओं में कंटेंट देखना पसंद करती है। गूगल इंडिया कंट्री मैनेजर और उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा, पहले ही दो करोड़ से अधिक ऐसे उपभोक्ता हैं, जो कनेक्टेड टीवी पर कंटेंट देख रहे हैं। इसलिए, कंटेंट की खपत, सामग्री की विविधता, सामग्री निर्मात ... की यह क्रांति केवल मोबाइल फोन तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी परिघटना है, जो मोबाइल फोन और कनेक्टेड टीवी, दोनों पर घटित हो रही है। उन्होंने कहा कि गूगल भारत को एक अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, और यूट्यूब तथा डिजिटल वीडियो इस यात्रा को आकार देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।यूट्यूब पार्टनरशिप के निदेशक सत्य राघवन ने कहा कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता भरोसेमंद कंटेंट/ सूचना के स्रोतों के लिए और नए कौशल सीखने के लिए वीडियो का उपयोग करते हैं। राघवन ने कहा कि भारत में 85 प्रतिशत वीडियो दर्शकों ने कहा कि कोविड-19 के बाद से उन्होंने पहले से कहीं अधिक यूट्यूब का उपयोग किया है।
- गांधीनगर। गुजरात विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी और भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष जीतू वघानी समेत 24 मंत्रियों ने गुरुवार को यहां गुजरात सरकार के मंत्रियों के तौर पर शपथ ग्रहण की।पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व वाले पूर्ववर्ती मंत्रिमंडल के किसी मंत्री को नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 10 कैबिनेट मंत्रियों और 14 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई, जिनमें पांच स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री शामिल हैं। राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में सोमवार को शपथ ग्रहण करने वाले भूपेंद्र पटेल राजभवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान रूपाणी के साथ मौजूद थे।कैबिनेट मंत्रियों के रूप में राजेंद्र त्रिवेदी, जीतू वघानी, ऋषिकेश पटेल, पूर्णेश मोदी, राघवजी पटेल, कनुभाई देसाई, किरीट सिंह राणा, नरेश पटेल, प्रदीप परमार और अर्जुन सिंह चौहान ने शपथ ली। उल्लेखनीय है कि इनमें त्रिवेदी, राणा और राघवजी पटेल पहले भी मंत्री रहे हैं।वहीं, नौ राज्य मंत्रियों में मुकेश पटेल, निमिशा सुतार, अरविंद रैयानी, कुबेर डिंडोर, कीर्ति सिंह वाघेला, गजेंद्र सिंह परमार, आर सी मकवाना, विनोद मोरादिया और देव मालम शामिल हैं। शपथ ग्रहण से पहले ये कयास लगाये जा रहे थे कि नितिन पटेल, भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा, कौशिक पटेल, प्रदीपसिंह जाडेजा और आर सी फल्दू जैसे रूपाणी मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों को नये मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा सकता है।भाजपा ने पुराने मंत्रियों को न दोहराने का फार्मूला अपनाते हुए रूपाणी मंत्रिमंडल के किसी सदस्य को नहीं शामिल किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा नया दिखने वाले मंत्रिमंडल के साथ 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले एक प्रभाव छोडऩा चाहती है।पाटीदार समुदाय के नेता भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री पद के लिए चुनने के बाद भाजपा ने पटेल और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) में प्रत्येक से छह, अनुसूचित जाति से चार, अनुसूचित जनजाति से तीन, ब्राह्मण और क्षत्रिय से दो-दो तथा जैन समुदाय से एक सदस्य को मंत्री पद दिया है।
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नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को केंद्र द्वारा संचालित राममनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) का औचक निरीक्षण कर विभिन्न विभागों के कामकाज की जानकारी ली। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री दोपहर करीब दो बजकर 15 मिनट से ढाई घंटे तक यहां रहे और आपात विभाग, ट्रॉमा केंद्र, ओपीडी भवन, मरीज वॉर्ड, दवाखाना और कैंटीन समेत अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें दूर करने के उपायों पर बातचीत की। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में मंत्री नियमित मरीज की तरह साउथ एवेन्यू के सीजीएचएस चिकित्सालय गए और वहां ड्यूटी पर तैनात मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तारीफ करते हुए बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने उनकी दिक्कतों को सुना और उनका अच्छे से इलाज किया। इससे पहले मंत्री ने एम्स और सफदरजंग अस्पताल का भी निरीक्षण किया था। -
नई दिल्ली। दिल्ली से गोंडा जा रही एक प्राइवेट बस बुधवार रात 1 बजे इटावा जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ट्रक से टकरा गई। हादसे में बस में सवार 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 यात्री घायल हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि हादसा थाना सैफई क्षेत्र में तिमारुआ कट पर हुआ है। हादसे के कारण दो घंटे तक एक्सप्रेस वे पर आवागमन बंद रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों के समुचित इलाज के लिए अफसरों को निर्देश दिया है। बस में 65 यात्री सवार थे। हादसे में मृतकों की शिनाख्त बस ड्राइवर प्रतापगढ़ के दिलीप शुक्ला और गोंडा के किशन शुक्ला के रूप में हुई है। घायलों को सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। 6 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मृतकों के परिवार वालों को सूचित कर दिया गया है। -
नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा में आज सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली छात्रा का कार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। मामला बादलपुर थाना क्षेत्र का है। जिस लड़की का अपहरण हुआ है वो बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा है।
पुलिस ने बताया कि एक शख्स ने बताया कि उनकी दो बेटियां सुबह 5 बजे घर से मॉर्निंग वॉक पर निकली थी। रेलविहार अच्छेजा के पास लगभग 6 बजे एक सफेद रंग की वैन में सवार लोगों ने उन्हें रोका और छेड़छाड़ करने लगे। जब लड़की ने शोर मचाया तो वैन सवार बदमाशों ने पहले उनकी छोटी बेटी को किडनैप करने की कोशिश की, लेकिन छोटी बेटी बदमाशों के चंगुल से छूटकर भाग खड़ी हुई। तभी 20 वर्षीय बड़ी बेटी को वैन सवार बदमाशों ने वैन में खींच लिया और उसका अपहरण करके ले गए। अपहरण की सूचना मिलने पर परिजनों ने नेशनल हाईवे-91 को जाम कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को जैसे तैसे शांत कराया और इस मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीडि़त की तरफ से बादलपुर कोतवाली में अपहरण का केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।-file photo
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पटना। झारखंड के रामगढ़ में धनबाद-रांची हाईवे पर हुए हादसे में चार जिंदा जले फुलवारी शरीफ के 2 दोस्त के गांव में बुधवार को चूल्हे नहीं जले।
पुलिस ने बताया कि फुलवारी शरीफ बोचाचक से आलोक कुमार की वैगनआर कार से ब्रह्मपुर से राज किशोर राय एवं मुन्ना राय और रानीपुर से गोलू कुमार मंगलवार की दोपहर रजरप्पा मंदिर के लिए निकले थे। इस बीच धनबाद सड़क हादसे की सूचना बुधवार की सुबह इनके घरों पर पहुंची। सूचना मिलते ही फुलवारी शरीफ के बोचाचक, रानीपुर और ब्रह्मपुर गांवों में मातमी सन्नाटा छा गया। ब्रह्मपुर के 35 वर्षीय राज किशोर राय फुलवारी शरीफ के आसपास जमीन का कारोबार करते थे। पिता की मौत की खबर सुनकर राज किशोर राय के दोनों बेटे सुमित कुमार और साहिल कुमार पूरी तरह टूट गए। अबोध बच्चों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। राज किशोर राय के भाई विकास कुमार ने बताया कि मंगलवार को जब रजरप्पा के लिए निकले थे, तो सब बहुत खुश थे।
पुलिस के अनुसार मृतक मुन्ना राय के साला ने बताया कि उनकी दो बेटी चुलबुली, स्नेहा कुमारी, जबकि दो बेटे रवि शंकर 5 वर्ष और गौरी शंकर 2 वर्ष बार-बार पिता को याद करके बेहोश हो जा रहे हैं। चारों तरफ चीख-पुकार से पूरा गांव गम के माहौल में डूबा है। गांव के लोगों ने बताया कि मुन्ना राय प्राइवेट गाड़ी के ड्राइवर था। अपनी छोटी कमाई से ही मुन्ना राय अपने और अपने परिवार का भरण-पोषण करते था। परिवार को संभालने वाला अब कोई नहीं है। - चेन्नई। तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में रहने वाली व एमबीबीएस की पढ़ाई करने की इच्छुक 17 वर्षीय छात्रा ने बुधवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक छात्रा को डर था कि वह राष्ट्रीय अर्हता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) उत्तीर्ण नहीं कर पाएगी। इसके साथ ही राज्य में गत चार दिन में नीट के तनाव से आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों की संख्या तीन हो गई है।12 सितंबर को सबसे पहले धनुष नामक उम्मीदवार ने आत्महत्या की थी जिस दिन राष्ट्रीय स्तर की यह परीक्षा हुई थी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और विभिन्न दलों के नेताओं ने मृतक छात्रा के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और विद्यार्थी समुदाय से अपील की है कि वे ऐसे कदम नहीं उठाएं। इसके साथ ही सरकार ने चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश को इच्छुक और नीट देने वाले विद्यार्थियों को परामर्श देने के लिए समर्पित टोल फ्री नंबर 104 की शुरुआत की है। पुलिस ने बताया कि वेल्लोर जिले के कटापड़ी के नजदीक थलयारामपट्टू गांव की रहने वाली सौंदर्या रविवार को आयोजित नीट में शामिल हुई थी और उसे डर था कि वह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाएगी। कटापड़ी के पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की ने सुबह करीब साढ़े नौ बजे कमरे में साड़ी का फंदा बना फांसी लगा ली। उल्लेखनीय है कि नीट लागू होने के बाद से गत चार साल में सौंदर्या तमिलनाडु में 17वीं चिकित्सा पाठ्यक्रम की उम्मीदवार है जिसने आत्महत्या की है। स्टालिन ने कहा कि वह आत्महत्या की खबर सुनकर टूट गए हैं और केंद्र सरकार पर 'पत्थर दिल' होने का आरोप लगाया जो कथित तौर पर तमिलनाडु को नीट के दायरे से बाहर करने को तैयार नहीं है।
- नई दिल्ली। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को कहा कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर 17 सितंबर को चक्रवात बनने से पूर्वी भारत में भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने कहा कि उत्तर और मध्य भारत में गुरुवार तक काफी बारिश होने की संभावना है।आईएमडी ने कहा, ''उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर 17 सितंबर को एक चक्रवात विकसित होने की संभावना है। इसके 18-19 सितंबर को पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर ओडिशा-पश्चिम बंगाल के व्यापक क्षेत्रों में बारिश होने तथा छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश करने की संभावना है। '' इस हफ्ते की शुरूआत में, एक गहरे अवदाब से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हुई।आईएमडी ने कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और गुजरात में 16 सितंबर तक अधिक बारिश होने और उसके बाद इसमें कमी आने की संभावना है। विभाग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश को छोड़ कर उत्तर-पश्चिम भारत में 15 से 17 सितंबर तक छिटपुट या व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। हरियाणा में 16 सितंबर को, पश्चिम राजस्थान में 17-18 सितंबर को छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 सितंबर को छिटपुट स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
- नयी दिल्ली । भारत के शहरों में अमीरों और गरीबों के बीच खाई और गहरी हो रही है। एक सरकारी सर्वे के अनुसार, देश के शीर्ष 10 प्रतिशत शहरी परिवारों के पास औसतन 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि निचले वर्ग के परिवारों के पास औसतन सिर्फ केवल 2,000 रुपये की संपत्ति है। सरकार की तरफ से किया गया सर्वे दर्शाता है कि शहरों में गरीबों और अमीरों के बीच की वित्तीय अंतर लगातार बढ़ रहा है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा किए गए अखिल भारतीय ऋण और निवेश सर्वेक्षण-2019 के अनुसार ग्रामीण इलाकों में स्थिति शहरों की तुलना में थोड़ी बेहतर है। ग्रामीण इलाकों में शीर्ष दस प्रतिशत परिवारों के पास औसतन 81.17 लाख रुपये की संपत्ति है। वही निचले वर्ग के पास औसत के तौर पर केवल 41 हजार रुपये की संपत्ति है। सर्वेक्षण में कहा गया कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों की स्थिति बेहतर है। शहरों में निचले वर्ग के घरों की औसत संपत्ति का आकार सिर्फ 2,000 रुपये है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) के 77वें दौर के तहत अखिल भारतीय ऋण और निवेश सर्वे किया गया है। यह सर्वे जनवरी-दिसंबर, 2019 के बीच किया गया था। इससे पहले यह 70वें के तौर पर 2013, 59वें दौर के तौर पर 2003 और 26वें दौर के रूप में 1971-72 में किया गया था। इस ऋण और निवेश सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य 30 जून, 2018 तक परिवारों की संपत्ति और देनदारियों को लेकर बुनियादी मात्रात्मक जानकारी एकत्र करना था। यह सर्वेक्षण ग्रामीण क्षेत्र के 5,940 गांवों में 69,455 परिवारों और शहरी क्षेत्र के 3,995 ब्लॉकों में 47,006 परिवारों के बीच किया गया।
- नयी दिल्ली । कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में नर्सो के योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि भारत में एक दिन में एक करोड़ से अधिक लोगों के टीकाकरण का अहम पड़ाव नर्सिंग कर्मियों के समर्पण और अथक प्रयासों के कारण ही संभव हुआ है । राष्ट्रपति ने नर्सिंग कर्मियों को डिजिटल माध्यम से नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान करने के अवसर पर यह बात कही । कोविंद ने कहा, ‘‘ नर्सों द्वारा निरंतर दी गयी मदद ने कोविड-19 महामारी से लड़ने में हमारी सहायता की। उनके निरंतर प्रयासों के कारण ही हमने अपनी आबादी के एक बड़े हिस्से का टीकाकरण करने का गौरव हासिल किया है।'' उन्होंने कहा कि हमारी कई नर्सो ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवायी और पुरस्कार प्राप्त करने वालों में से एक ने कोविड-19 के रोगियों का इलाज करते हुए अपनी जान गंवासी । राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ इस बलिदान के लिये देश हमेशा उनका (नर्सो) ऋृणी रहेगा ।''राष्ट्रपति भवन के बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि सेवाओं और बलिदान का मूल्यांकन किसी भी आर्थिक लाभ के लिहाज से नहीं किया जा सकता है, फिर भी सरकार ने महामारी के दौरान नर्सों के योगदान का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिये सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को 50 लाख रुपये का एक व्यापक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवरेज देने के उद्देश्य से 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी): कोविड-19 से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना' शुरू की है। राष्ट्रपति ने कहा कि नर्स और मिड वाइफ (दाई)अक्सर लोगों और स्वास्थ्य प्रणाली के बीच संपर्क का पहला बिंदु होती हैं। उन्होंने कहा कि नर्स और दाई न केवल स्वास्थ्य संबंधी सतत विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) को पूरा करने में योगदान करती हैं, बल्कि शिक्षा, लिंग संवेदीकरण और राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देती हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश में नर्सिंग कर्मी नवोन्मेषी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिए खुद को ढाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब, जो लोग नर्सिंग में लगे हैं, वे विशिष्ट कौशल और दक्षता विकसित कर सकते हैं। सरकार ने दाइयों का नया कैडर बनाने के लिए 'मिडवाइफरी सर्विस इनिशिएटिव' शुरू की है। उन्हें नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफ (एनपीएम) कहा जाएगा जो अपेक्षित ज्ञान और दक्षताओं से लैस होंगी।
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में मणिमहेश के चार तीर्थयात्री मृत मिले हैं। राज्य आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि तीन मृतकों की पहचान चम्बा के मोहल्ला माई का बाग निवासी अमन कुमार, गुजरात की हिमांगी, पंजाब के लुधियाना निवासी विनोद के रूप में हुई है। चौथे मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। मोख्ता ने बताया कि मणिमहेश झील के कुगाती कैलाश परिक्रमा मार्ग पर कमल कुंड के निकट ये तीर्थयात्री मृत मिले। भरमौर के एसडीएम ने बताया कि चार और सात सदस्यों वाले तीर्थ यात्रियों के दो समूह मणिमहेश झील की परिक्रमा के लिए गए थे। चार सदस्यों वाले पहले समूह के तीर्थयात्री कमल कुंड में मृत पाए गए और उनके शव को तलाश एवं बचाव दल ने बरामद किया। उनकी मौत की सटीक वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि दूसरे समूह का पता ढांचो में मिला और वे सभी सुरक्षित हैं।
- गोरखपुर (उप्र)। गोरखपुर जिले में बुधवार को मोटरसाइकिल और ऑटो रिक्शा के बीच हुई जबरदस्त टक्कर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुशीनगर जिले के निवासी फारुख अंसारी (35) अपनी पत्नी नगमा (29) और बेटी नूरजहां तथा पांच वर्षीय बेटे फैजल को लेकर मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पिपराइच-गोरखपुर मार्ग पर सुभान अली गांव के पास उनकी मोटरसाइकिल की एक ऑटो रिक्शा से जबरदस्त टक्कर हो गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे में फारुख, नगमा और नूरजहां की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल फैजल को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत स्थिर बताई जाती है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और ऑटो रिक्शा चालक की तलाश की जा रही है।
- अलीराजपुर (मप्र)। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले की जोबट तहसील के चार आदिवासियों के लिए बुधवार को यह एक सपने के सच होने जैसा था, जब उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सरकारी हेलिकॉप्टर में उड़ान भरने का मौका मिला। एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री चौहान ने अपनी जनदर्शन यात्रा के तहत निर्धारित कार्यक्रमों के लिए सड़क मार्ग से यात्रा की। उन्होंने बताया कि आदिवासियों को रणबेहरा से सेजवाड़ा तक मुख्यमंत्री के सरकारी हेलिकॉप्टर में लगभग आधे घंटे की सवारी कराई गई। जोबट विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस की विधायक कलावती भूरिया का निधन होने के कारण यहां उपचुनाव होगा। उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री जनदर्शन यात्रा के कार्यक्रमों में शामिल होने यहां आए थे। अधिकारी ने कहा कि चार आदिवासियों दरियाव सिंह, मंगल सिंह, रिच्चू सिंह बघेल और जोध सिंह को चौहान के बिना हेलिकॉप्टर में करीब आधे घंटे तक यात्रा कराई गई क्योंकि मुख्यमंत्री को निर्धारित कार्यक्रमों के लिए सड़क मार्ग से यात्रा करनी थी। वहीं, मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर में यात्रा करने वाले आदिवासियों ने चौहान को उनकी उदारता के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका हेलिकॉप्टर में उड़ने भरने का सपना पूरा हुआ। अपने कार्यक्रमों के दौरान चौहान ने जोबट क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें पांच करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला एक स्टेडियम शामिल है। चौहान के आगमन पर स्थानीय आदिवासियों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उनके साथ ढोल की थाप पर नृत्य भी किया।-
- नयी दिल्ली । इंडियन होममेकर्स आंट्रप्रेन्योरशिप की रिपोर्ट 2021 के अनुसार ज्यादातर (62 प्रतिशत) गृहणियां खुद का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ गृहणियों द्वारा अपना व्यवसाय शुरू करने का सबसे बड़ा कारण आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की इच्छा और परिवार में आर्थिक रूप से योगदान करने की क्षमता है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘81 प्रतिशत गृहिणियां ने कहा कि खुद का व्यवसाय शुरू करने से वे अधिक आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकेंगी। 78 प्रतिशत ने कहा कि इससे वे सशक्त हो सकेंगी जबकि 63 प्रतिशत ने कहा कि इससे वे समाज में अधिक सम्मानित महसूस करेंगी।'' यह रिपोर्ट एक सर्वेक्षण के आधार पर जारी की गई है, जिसमें देश के 13 अलग-अलग शहरों में 1,818 गृहणियों से उनकी आकांक्षाओं के बारे में पूछा गया। रिपोर्ट के अनुसार 73 प्रतिशत गृहणियां घर की जिम्मेदारियों के कारण समय की कमी से खुद का कारोबार शुरू नहीं कर पाती है, जबकि मार्गदर्शन की कमी के कारण 53 प्रतिशत और वित्तपोषण की कमी की वजह से 50 प्रतिशत गृहणियां अपने व्यवसाय शुरू नहीं कर पाती हैं।
- देहरादून। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने बुधवार को उत्तराखंड के नये राज्यपाल के रूप में शपथ ली। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर एस चौहान ने यहां राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल सिंह को पद की शपथ दिलायी। भारतीय सेना में उप प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए सिंह को सेवा के दौरान कई अलंकरणों से नवाजा जा चुका है। उन्हें भारत-चीन मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। नये राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ ही मुख्य सचिव एस एस संधु, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने बेबी रानी मौर्य की जगह ली है जिन्होंने पिछले दिनों अपना कार्यकाल पूरा होने के दो साल पहले पद से इस्तीफा दे दिया था। शपथ ग्रहण के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सिंह ने कहा कि यह उनके लिए बहुत गर्व का विषय है कि उन्हें उत्तराखंड जैसी वीरों की भूमि की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक के तौर पर देश की सेवा करने के बाद 'वीरभूमि' कहे जाने वाले उत्तराखंड की सेवा करने का मौका मिलने पर वह बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं जहां हर परिवार में कोई न कोई सैन्यबल में है। राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों और उनके आश्रितों से संबंधित मसले उनकी प्राथमिकताओं में रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह राज्यपाल पद की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ऑटो, ऑटो कलपुर्जा और ड्रोन उद्योग के लिए 26,058 करोड़ रुपये की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दी। पीएलआई योजना भारत में उन्नत ऑटोमोटिव तकनीक की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के विकास को प्रोत्साहित करेगी। इस कदम से 7.6 लाख से अधिक लोगों को अतिरिक्त रोजगार मिलने का अनुमान है।ठाकुर ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उद्योग को पांच साल में 26,058 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीएलआई योजना के तहत पांच वर्षों में 42,500 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश होगा और 2.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वृद्धिशील उत्पादन होगा।
- चित्रकूट। जिले के मऊ क्षेत्र में मंगलवार की शाम मवेशी चराने गयी चार बच्चियों की तालाब में डूबने से मौत हो गयी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि मऊ थाना क्षेत्र के पटोरी गांव के जंगल में 12 से 14 साल की चार बच्चियां मंगलवार की शाम करीब पांच बजे भैंस चरा रही थीं, तभी नहाते समय दो बच्चियां गहरे तालाब में डूबने लगीं और उन्हें बचाने के लिए तालाब में कूदी दो और बच्चियां भी डूब गयीं। एएसपी ने बताया कि ग्रामीणों ने चारों बच्चियों को तालाब के पानी से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि बच्चियों की पहचान बोतला गांव की बुधरानी और उसकी छोटी बहन पार्वती, सविता व कौशांबी जिले की किरन के रूप में हुई। किरन बोतला गांव में अपने रिश्तेदार के घर आयी थी। राय ने बताया कि देर शाम बच्चियों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच आरंभ कर दी गयी है।
- नागपुर। यहां के उज्ज्वल नगर इलाके में तीन हथियारबंद लोगों ने एक पेट्रोल पंप के कर्मचारियों पर हमला किया और वहां से 2.30 लाख रुपये लूटकर फरार हो गये । पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी । पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना सोमवार देर रात को हुयी । उन्होंने बताया कि कुल्हाड़ी और तेज धारदार हथियारों से लैस तीन लोगों ने पेट्रोल पंप के दो कर्मचारियों पर हमला कर दिया और वहां से 2.30 लाख रुपये लेकर कार में सवार होकर मौके से फरार हो गये । अधिकारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को सिस्को, निन्जाकार्ट, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड, आईटीसी लिमिटेड और एनसीडीईएक्स ई-मार्केट्स लिमिटेड (एनईएमएल) के साथ पांच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता, कृषि क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी और अन्य सर्वोत्तम व्यवहारों को बढ़ावा देने के लिए शुरुआती परियोजनाएं चलाने के लिए किए गये हैं। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण नई तकनीकों से जारी रहेगा ताकि किसान अपनी आय बढ़ा सकें। वह यहां समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में बोल रहे थे।एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘सिस्को, निन्जाकार्ट, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड, आईटीसी लिमिटेड और एनसीडीईएक्स ई-मार्केट्स लिमिटेड (एनईएमएल) के साथ प्रायोगिक परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।'' इन प्रायोगिक परियोजनाओं के आधार पर, किसान इस बारे में सोच समझकर निर्णय लेने में सक्षम होंगे कि किस फसल को उगाना है, किस किस्म के बीज का उपयोग करना है और उपज को अधिकतम करने के लिए कौन सी सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना है। इसमें कहा गया है, ‘‘कृषि आपूर्ति श्रृंखला के कारोबारी, सटीक और समयानुकूल जानकारी के आधार पर अपनी खरीद योजना बना सकते हैं। किसान अपनी उपज को बेचने या भंडारण करने तथा कब और कहां और किस कीमत पर बेचें इस बारे में पूरी जानकारी के साथ निर्णय ले सकते हैं।'' कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉक चेन, सुदूर संवेदी और जीआईएस तकनीक, ड्रोन और रोबोट के उपयोग आदि जैसी नई तकनीकों पर आधारित परियोजनाओं के लिए सरकार द्वारा वर्ष 2021-25 के लिए एक डिजिटल कृषि मिशन शुरू किया गया है।
- नयी दिल्ली। सौर ऊर्जा उपकरण बनाने वाली कंपनी गौतम सोलर ने हरियाणा में 1500 सौर पंप विभिन्न स्थानों पर लगाये हैं। इन सौर पंपों से किसानों की डीजल से चलने वाले जनरेटर पर निर्भरता कम होगी। कंपनी ने मंगलवार को यह कहा। गौतम सोलर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर 7.5 एचपी (अश्व शक्ति) और 10 एचपी क्षमता वाले 1500 सौर पंप लगाये गये हैं।'' नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 2019 में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (प्रधानमंत्री कुसुम) योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत किसानों के लिये सौर पंप और ग्रिड से जुड़े अन्य सौर बिजली संयंत्र लगाये जाने का प्रावधान है। इस योजना के तहत किसानों को सौर पंप लगाने के लिये छूट मिलती है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों को सौर पंप लगाने के लिये बड़े पैमाने पर सरकारी सहायता मिलती है। कंपनी के मुताबिक सब्सिडी के बाद किसान को सौर पंप के लिये करीब एक चौथाई भुगतान ही करना पड़ता है।
- रांची। झारखंड सरकार ने कोविड-19 संबंधी पाबंदी में ढील देते हुए मंगलवार को सभी कॉलेजों तथा कक्षा छह से आठ तक के विद्यालयों में प्रत्यक्ष कक्षा की इजाजत दे दी। आम श्रद्धालुओं के लिए पूजा स्थल भी खोल दिए गए हैं और इस वर्ष दुर्गा पूजा पंडाल के निर्माण की भी अनुमति दी गयी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में पाबंदियों में ढील का निर्णय लिया गया। राज्य के विद्यालयों में कक्षा छह से आठवीं तक प्रत्यक्ष कक्षा की अनुमति दे दी गई है। पहले सिर्फ नवीं से 12वीं तक प्रत्यक्ष कक्षा की अनुमति विद्यालयों को दी गई थी। सभी खेल कूद की गतिविधियों को बगैर दर्शक के आयोजन की अनुमति दी गई। बैठक के निर्णयों में मुख्य रूप से सभी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के प्रवेश की अनुमति प्रदान की गयी, लेकिन 18 वर्ष तक के बच्चों का प्रवेश निषिद्ध होगा। साथ ही धार्मिक स्थल पर संचालन से सभी संबंधित व्यक्तियों जैसे पुजारी, पंडा, इमाम, पादरी के लिए कोविड-19 का कम से कम एक टीका लेना अनिवार्य होगा। देवघर स्थित बाबा धाम मंदिर में ई-पास के माध्यम से एक घंटे में अधिकतम 100 व्यक्ति प्रवेश कर सकेंगे। धार्मिक स्थलों पर बिना मास्क के किसी का प्रवेश नहीं होगा। राज्य सरकार द्वारा जारी अनलॉक-5 निर्देश के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सभी लोगों से मेरी अपील है कि नियमों का सख्ती से पालन करें एवं मास्क का उपयोग अवश्य करें। आपस में दूरी बनायें, मगर दिलों को जोड़े रखें।'' बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- नयी दिल्ली। आईआईटी में दाखिले से संबंधित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)-एडवांस के लिये पंजीकरण बुधवार की शाम से शुरू हो गया। जेईई-मेन के परिणाम की घोषणा में देरी के कारण पंजीकरण को दो बार टालना पड़ा था । जेईई मेन का आयोजन देश में इंजीनियरिंग कालेज में दाखिले के लिये होता हे और इसे जेईई एडवांस परीक्षा के लिये पात्रता के रूप में माना जाता है। मंगलवार को आधी रात के बाद जेईई मेन परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था । इसमें कुल 44 उम्मीदवारों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किये हैं । वहीं, 18 उम्मीदवारों को शीर्ष रैंक मिला है। जेईई एडवांस का इस वर्ष आयोजन करने वाले संस्थान आईआईटी खडगपुर के अनुसार, जेईई एडवांस के लिये पंजीकरण 15 सितंबर की शाम से शुरू हो रहा है और 20 सितंबर शाम 5 बजे तक इसे (पंजीकरण)स्वीकार किया जायेगा । शुल्क का भुगतान 21 सितंबर तक किया जा सकता है। जेईई एडवांस का आयोजन 3 अक्तूबर को होना है।उल्लेखनीय है कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)-मेन साल में चार बार आयोजित की जा रही है ताकि छात्रों को अपने स्कोर में सुधार का मौका मिल सके। पहला चरण फरवरी में और दूसरा मार्च में आयोजित किया गया था। इसके अगले चरण की परीक्षायें अप्रैल और मई में होनी थी, लेकिन देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए उन्हें स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद तीसरा चरण 20-25 जुलाई तक आयोजित किया गया था जबकि चौथा चरण 26 अगस्त से दो सितंबर तक आयोजित किया गया था।
- अहमदाबाद। गुजरात में भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नए मंत्रियों के शपथ लेने से पहले बुधवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। बुधवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम. के. दास और मुख्यमंत्री के सचिव अश्वनी कुमार का स्थानांतरण कर दिया गया है। विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के एन शाह और डी एच शाह का भी तबादला किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने वाले पटेल, मुख्यमंत्री कार्यालय के सभी प्रमुख अधिकारियों को बदल सकते हैं। एम के दास के स्थान पर पंकज जोशी को लाया गया है जो वित्त विभाग में कार्यरत थे। अश्वनी कुमार के स्थान पर आईएएस अधिकारी अवंतिका सिंह औलख को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा भरूच के कलेक्टर एम डी मोडिया और अहमदाबाद नगर पालिका के उपायुक्त एन एन दवे को मुख्यमंत्री का ओएसडी बनाया गया है।



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