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- नयी दिल्ली । पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को, कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से छुट्टी मिल गई। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।गत 19 अप्रैल को 88 साल के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को हल्का बुखार होने के बाद जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता चला था। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री ने चार मार्च और तीन अप्रैल को कोरोना के टीकों की दो खुराक ली थी।पिछले साल एक नई दवा के कारण रिएक्शन और बुखार होने के बाद मनमोहन सिंह को एम्स में भर्ती कराया गया था। कई दिनों के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी। डॉक्टर मनमोहन सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और फिलहाल राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं।
- औरंगाबाद । भाजपा नेता और महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई हैं और पृथक-वास में हैं। भाजपा की राष्ट्रीय सचिव ने ट्विटर पर कहा, “ मेरी कोरोना वायरस जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। मैं पृथक-वास में हूं और सभी ऐहतियात बरत रही हूं। मैं बहुत से कोरोना पीड़ितों और उनके परिवारों से मिली थी, मुझे वहीं से संक्रमण हुआ होगा।” मुंडे ने उनके संपर्क में आने वाले लोगों से जांच कराने की अपील की है।पूर्व में दो बार कोविड-19 से ग्रस्त हो चुके सामाजिक न्यायमंत्री धनंजय मुंडे ने अपनी चचेरी बहन के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया, “मैंने दो बार इस वायरस का सामना किया है। चिकित्सक के परामर्श पर उपचार शुरू करें और परिवार के अन्य लोगों की भी जांच कराएं।
- नई दिल्ली। विभिन्न चैनलों व एजेंसियों द्वारा गुरुवार को जारी किए गए एक्जिट पोल के नतीजों में पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का पूर्वानुमान जताया गया है जबकि केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चे और असम में भाजपा के फिर से सत्ता में लौटने का अनुमान व्यक्त किया गया है।एक्जिट पोल के अनुमानों के मुताबिक, तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्नाद्रमुक मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सत्ता से बाहर जा सकती है और एक दशक के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सत्ता में वापसी कर सकती है। कुछ चुनावी सर्वेक्षणों के मुताबिक पुडुचेरी में कांग्रेस के हाथ से सत्ता जा सकती है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के तहत आठवें और आखिरी चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही चैनलों और एजेंसियों के एक्जिट पोल सामने आने लगे। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। रिपब्लिक-सीएनएक्स के सर्वेक्षण में भाजपा को तृणमूल कांग्रेस पर थोड़ी बढ़त दिखायी गई है। उसके मुताबिक राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 138 से 148 सीटें मिल सकती है जबकि तृणमूल कांग्रेस 128 से 138 सीटों के बीच सिमट सकती है। हालांकि, टाइम्स नाउ-सी वोटर के सर्वेक्षण में तृणमूल कांग्रेस को 162 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है जबकि भाजपा को 115 सीटें मिल सकती हैं। इंडिया टुडे-एक्सिस के सर्वेक्षण के मुताबिक 126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा 75 से 85 सीटें जीतकर एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 40 से 50 सीटें मिल सकती हैं। टुडेज चाणक्या के सर्वेक्षण के मुताबिक असम में भाजपा को 70 सीटें जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 56 सीटें मिल सकती हैं। केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार के फिर से सत्ता में लौटने का अनुमान जताया गया है और तमिलनाडु में द्रमुक के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन सत्ता में वापसी कर सकता है। जन की बात ने अपने सर्वेक्षण में पश्चिम बंगाल में भाजपा को 162 से 185 सीटें मिलने का अनुमान जताया है जबकि उसके मुताबिक तृणमूल कांग्रेस 104 से 121 सीटों पर सिमट सकती है।
- -‘रैंडमाइज्ड क्लीनिकल’ अध्ययन के दौरान हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण में दवा का सुरक्षित होना और इसकी प्रभावकारिता साबित हुई: डॉ. अरविंद चोपड़ा-लक्षणविहीन संक्रमण, हल्के तथा मध्यम संक्रमण के लिए इसे अनुशंसित किया जा सकता है: डॉ. वी.एम. कटोच-"राज्य लाइसेंसिंग अधिकारियों के लिए भी अनुशंसित"-आयुष-सीएसआईआर का साझा अध्ययन बहुत उत्साहजनक: डॉ. पटवर्धननई दिल्ली । कोविड-19 महामारी के विश्वव्यापी कहर के बीच ‘आयुष 64’ दवा हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के रोगियों के लिए आशा की एक किरण के रूप में उभरी है। देश के प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने पाया है कि आयुष मंत्रालय की केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा विकसित एक पॉली हर्बल फॉर्मूला आयुष 64, लक्षणविहीन, हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के लिए मानक उपचार की सहयोगी (adjunct to standard care) के तौर पर लाभकारी है। उल्लेखनीय है कि आयुष 64 मूल रूप से मलेरिया की दवा के रूप में वर्ष 1980 में विकसित की गई थी तथा कोविड 19 संक्रमण हेतु पुनरुद्देशित (repurpose) की गई है। हाल ही में आयुष मंत्रालय तथा-सीएसआईआर द्वारा हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन में आयुष 64 की प्रभावकारिता और इसके सुरक्षित होने का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक और गहन बहु-केंद्र नैदानिक (क्लीनिकल) परीक्षण पूरा किया गया है।आयुष 64, सप्तपर्ण (Alstonia scholaris), कुटकी (Picrorhiza kurroa), चिरायता (Swertia chirata) एवं कुबेराक्ष (Caesalpinia crista) औषधियों से बनी है। यह व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर बनाई गयी है और सुरक्षित तथा प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है। इस दवाई को लेने की सलाह आयुर्वेद एवं योग आधारित नेशनल क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल (National Clinical Management Protocol based on Ayurveda and Yoga)’ द्वारा भी दी गयी है जोकि आईसीएमआर की कोविड प्रबंधन पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स (National Task Force on COVID Management) के निरीक्षण के बाद जारी किया गया था।पुणे के सेंटर फॉर रूमेटिक डिसीज के निदेशक और आयुष मंत्रालय के ‘आयुष मंत्रालय-सीएसआईआर सहयोग’ के मानद मुख्य नैदानिक समन्वयक डॉ. अरविंद चोपड़ा ने बताया कि परीक्षण तीन केंद्रों पर आयोजित किया गया था। इसमें KGMU, लखनऊ; DMIMS, वर्धा और BMC कोविड केंद्र, मुंबई शामिल रहे तथा प्रत्येक केंद्र में 70 प्रतिभागी शामिल रहे। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि आयुष 64 ने मानक चिकित्सा (Standard of Care यानी एसओसी) के एक सहायक के रूप में महत्वपूर्ण सुधार प्रदर्शित किया। और इस तरह इसे एसओसी के साथ लेने पर अकेले एसओसी की तुलना में अस्पताल में भर्ती होने की अवधि भी कम देखी गई। उन्होंने यह भी साझा किया कि सामान्य स्वास्थ्य, थकान, चिंता, तनाव, भूख, सामान्य हर्ष और नींद पर आयुष 64 के कई महत्वपूर्ण, लाभकारी प्रभाव भी देखे गए। निष्कर्ष रूप में डॉ. चोपड़ा ने कहा कि इस तरह के ‘नियंत्रित दवा परीक्षण अध्ययन’ ने स्पष्ट सबूत दिए हैं कि आयुष 64 को कोविड -19 के हल्के से मध्यम मामलों का उपचार करने के लिए मानक चिकित्सा के सहायक के रूप में प्रभावी और सुरक्षित दवा के रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो रोगी आयुष 64 ले रहे हैं, उनकी निगरानी की अभी भी आवश्यकता होगी ताकि अगर बीमारी और बिगड़ने की स्थिति हो तो उसमें अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ऑक्सीजन और अन्य उपचार उपायों के साथ अधिक गहन चिकित्सा की आवश्यकता की पहचान की जा सके।आयुष नेशनल रिसर्च प्रोफेसर तथा कोविड-19 पर अंतर-विषयक आयुष अनुसंधान और विकास कार्य बल (Inter-disciplinary Ayush Research and Development Task Force on COVID-19) के अध्यक्ष डॉ. भूषण पटवर्धन ने कहा कि आयुष 64 पर हुए इस अध्ययन के परिणाम अत्यधिक उत्साहजनक हैं और आपदा की इस कठिन घड़ी में ज़रूरतमंद मरीज़ों आयुष 64 का फायदा मिलना ही चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आयुष-सीएसआईआर संयुक्त निगरानी समिति (Ayush-CSIR Joint Monitoring Committee) ने इस बहु-केंद्रीय परीक्षण की निगरानी की थी। स्वास्थ्य शोध विभाग के पूर्व सचिव तथा आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी एम कटोच इस समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष 64 पर हुए इन नैदानिक अध्ययनों (clinical studies) की समय-समय पर एक स्वतंत्र संस्था 'डेटा और सुरक्षा प्रबंधन बोर्ड' (Data and Safety Management Board यानी डीएसएमबी) द्वारा समीक्षा की जाती थी।डॉ. पटवर्धन के दावे की पुष्टि करते हुए आयुष-सीएसआईआर संयुक्त निगरानी समिति के अध्यक्ष डॉ वीएम कटोच ने बताया कि समिति ने आयुष 64 के अध्ययन के परिणामों की गहन समीक्षा की है। उन्होंने कोविड-19 के लक्षणविहीन संक्रमण, हल्के तथा मध्यम संक्रमण के प्रबंधन के लिए इसके उपयोग की संस्तुति की। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इस निगरानी समिति ने आयुष मंत्रालय से सिफारिश की है कि वह राज्यों के लाइसेंसिंग अधिकारियों / नियामकों (Regulators) को आयुष 64 के इस नये उपयोग (Repurposing) के अनुरूप इसे हल्के और मध्यम स्तर के कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन में उपयोगी के तौर पर सूचित करे। केंद्रीय आयुर्वेदीय अनुसन्धान संस्थान (CCRAS) के महानिदेशक डॉ. एन. श्रीकांत ने विस्तार से बताया कि CSIR-IIIM, DBT-THSTI, ICMR-NIN, AIIMS जोधपुर और मेडिकल कॉलेजों सहित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़; किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ; गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नागपुर; दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नागपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आयुष 64 पर अध्ययन जारी हैं। अब तक मिले परिणामों ने हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमणों से निबटने में इसकी भूमिका स्पष्ट तौर पर जाहिर की है। उन्होंने यह भी बताया कि सात नैदानिक (क्लीनिकल) अध्ययनों के परिणाम से पता चला है कि आयुष 64 के उपयोग से संक्रमण के जल्दी ठीक होने (Early clinical recovery) और बीमारी के गंभीर होने से बचने के संकेत मिले हैं।
- जयपुर। राजस्थान मानवाधिकार आयोग के सदस्य न्यायाधीश महेश चंद्र शर्मा का आज दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। वे 64 साल के थे। बेचैनी होने पर शर्मा को एसएमएस अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में पत्नी, पुत्र व अन्य सदस्य हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, आयोग के अध्यक्ष जी के व्यास ने शर्मा के निधन पर शोक जताया है।
- नई दिल्ली। तीसरे चरण के कोविड टीकाकरण के लिए कल से अब तक एक करोड़ 70 लाख लोग कोविन पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं। 18 वर्ष और इससे अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण शनिवार से शुरू होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविन डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कल बिना किसी तकनीकी बाधा के काम किया।मंत्रालय ने बताया कि शाम चार बजे से शाम 7 बजे तक के पहले तीन घंटे में 80 लाख से जयादा लोगों ने पंजीकरण कराया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोविन प्लेटफॉर्म के क्रैश हो जाने की मीडिया में आ रही खबरें निराधार हैं।मंत्रालय ने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि प्रणाली बिना किसी व्यवधान के काम कर रही है। मंत्रालय ने कहा कि कोविन सॉफ्टवेयर मजबूत, विश्वसनीय और कुशल तकनीक है और इससे किसी भी स्थान से किसी भी समय टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा कि इस विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म को डिजाइन करते समय इसकी गति और बड़े पैमाने पर कार्यक्षमता को ध्यान में रखा गया है।
- नई दिल्ली। सरकार ने 17 चिकित्सा उपकरणों के आयात की तीन माह के लिये मंजूरी दे दी। यह मंजूरी कुछ शर्तों के साथ दी गई है। आयातकों को सीमा शुल्क से माल की मंजूरी और घरेलू बाजार में ऐसे उत्पादों की बिक्री से पहले जरूरी जानकारी देनी होगी।सरकार ने नेबुलाइजर, आक्सीजन, कंस्ट्रेटर्स, आक्सीजन कैनिस्टर, आक्सीजन सिलेंडर, आक्सीजन जनरेटर और वेंटीलेटर्स सहित कुल 17 चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति दी है। इस संबंध में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है।खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में सरकार ने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति दी है जिसमें सीमा शुल्क मंजूरी मिलने के बाद और घरेलू बाजार में बिक्री से पहले वैध माप- पद्धति नियम 2011 के तहत ऐसे उत्पादों के बारे में जरूरी घोषणा करनी होगी। सरकार के इस कदम से कोविड- 19 के तहत आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने 28 अप्रैल को जारी आदेश में इसकी जानकारी देते हुये कहा कि मौजूदा महामारी की स्थिति को देखते हुये चिकित्सा उपकरणों की मांग काफी बढ़ी है। ऐसे में मौजूदा स्वास्थ्य चिंतओं को ध्यान में रखते हुये चिकत्सा उद्वोग को इनकी तुरंत आवश्यकता है।
- देहरादून ।कोविड मामलों में जबरदस्त उछाल के चलते अगले माह शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है । यहां बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि महामारी की स्थिति के बीच यात्रा का संचालन संभव नहीं है । उन्होंने हालांकि, कहा कि चारधाम के नाम से मशहूर चारों हिमालयी धामों के कपाट अपने नियत समय पर ही खुलेंगे लेकिन वहां केवल तीर्थ पुरोहित ही नियमित पूजा करेंगे । रावत ने कहा, ' ‘तेजी से बढ रहे कोविड मामलों को देखते हुए चारधाम यात्रा को फिलहाल स्थगित किया जाता है । वहां केवल पुजारी ही पूजा पाठ करेंगे, बाकी लोगों के लिए यात्रा बंद रहेगी । देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तराखंड में भी कोविड मामलों में जबरदस्त वृद्धि हुई है । बुधवार को भी उत्तराखंड में रिकार्ड 6054 मरीजों में कोविड की पुष्टि हुई जबकि 108 अन्य ने महामारी से अपनी जान गंवा दी । चौदह मई को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे । रूद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ के कपाट 17 मई को जबकि चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ के कपाट उसके एक दिन बाद 18 मई को खोले जाएंगे ।
- नयी दिल्ली। दिल्लीवासियों के लिए बृहस्पतिवार की सुबह गर्म रही जहां न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में सुबह साढ़े आठ बजे हवा में नमी का स्तर 38 प्रतिशत दर्ज किया गया। आज अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आस-पास रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने आसमान पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। बुधवार को, राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- प्रतापगढ़ ।प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आ कर मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बृहस्पतिवार को बताया कि आसपुर देवसरा क्षेत्र के पट्टी-ढखवा मार्ग पर तेलियानी गांव के निकट 28/29 अप्रैल की दरमियानी रात ट्रक की चपेट में आ कर एक मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि मरने वालों में दीपक गौतम (19), सूरज (20) और साहिल (19) शामिल हैं। घटना के बाद ट्रक चालक अपना वाहन छोड़कर भाग गया। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
- आइजोल। मिजोरम में मेडिकल के दो छात्र नदी में डूब गये। पुलिस ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस उप महानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) लालबियाकथांगा खियांगते ने कहा कि घटना उस वक्त हुई जब लालबियाकनुंगा (21) और पी सी लालरेमलियाना (21) अपने दोस्तों के साथ आइजोल में बुधवार को कुलिकॉन पुलिस थाना क्षेत्र में तुईरिवांग नदी में नहाने गये थे। उन्होंने बताया कि उनके शव शाम में बरामद किये गये और उन्हें पास के फुलपुई गांव ले जाया गया।अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने पर कुलिकॉन पुलिस थाने से पुलिसकर्मी गांव पहुंचे और वहां जांच शुरू की। लालबियाकनुंगा आइजोल में चंफई वेंगथलांग का और लालरेमलियाना दिनथार इलाके का रहने वाला था। दोनों आइजोल से करीब 18 किलोमीटर दक्षिण फालकॉन में राज्य के एकमात्र मेडिकल कॉलेज जोराम मेडिकल कॉलेज (जेडएमसी) में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे।-File photo
- नोएडा (उत्तर प्रदेश)। नोएडा में 15 साल की लड़की ने कोविड-19 से जान गंवाने वाले 52 वर्षीय पिता की चिता को पुलिसकर्मियों की मदद से मुखाग्नि दी। स्थानीय निवासियों ने जब किशोरी और उसकी मां की मदद करने से इनकार कर दिया तो पुलिस ने अंतिम संस्कार की व्यवस्था की।स्थानीय पुलिस चौकी के प्रभारी हरि सिंह ने बताया, ''चूंकि व्यक्ति कोविड-19 रोगी था, इसलिये किसी ने लड़की और उसकी मां की मदद नहीं की और जब उस व्यक्ति की हालत बिगडऩे लगी तो कोई भी उसे अस्पताल ले जाने के लिये आगे नहीं आया और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया। '' उन्होंने कहा कि सोमवार को जब उस व्यक्ति की हालत बिगडऩे लगी तो उसकी बेटी ने मदद मांगी, लेकिन कोई काम नहीं आया। इसके बाद वह मदद की तलाश में घर से निकल पड़ी। रात करीब नौ बजे उसे सड़क पर उत्तर प्रदेश पुलिस के आपात सेवा नंबर 112 का वाहन दिखा और उसने मदद मांगी। वाहन में सवार अधिकारियों ने संदेश भेजा जिसके बाद स्थानीय पुलिस चौकी के कर्मी मदद के लिये उसके घर पहुंचे। सिंह ने कहा, ''हमने भी स्थानीय लोगों से मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन महामारी से उपजे हालात के चलते कोई आगे नहीं आया। किसी तरह हमने एंबुलेंस की व्यवस्था की और व्यक्ति को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी जान नहीं बच सकी।''उप-निरीक्षक सिंह ने कहा, ''चौकी के तीन कर्मियों, एम्बुलेंस चालक और मैंने 'हवन' सामग्री और अंतिम संस्कार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लकड़ी की व्यवस्था की । श्मशान में भीड़ थी, लेकिन हमने स्थानीय अधिकारियों से अनुरोध किया और परिवार की स्थिति को देखते हुए एक पुजारी भी मदद करने के लिए सहमत हो गया।'' उन्होंने कहा कि शाम पांच बजे अंतिम संस्कार किया गया। उस समय परिवार का कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था, लिहाजा मृतक की बेटी ने चिता को मुखाग्नि दी। file photo
- कौशांबी (उत्तर प्रदेश)। कौशांबी जिले के कोखराज क्षेत्र में बुधवार रात एक कार के मोटरसाइकिल को टक्कर मारने के बाद ट्रक से टकरा जाने की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि प्रयागराज जिले के रहने वाले कुछ जायरीन प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर से फातिहा करके लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि रास्ते में चालक को झपकी आ गई जिससे उसकी कार अनियंत्रित हो गई और उसने पहले मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को टक्कर मारी और फिर एक ट्रक से जा भिड़ी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार एक युवक तथा कार में सवार दो लोगों की मृत्यु हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार राय ने बताया कि पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है और मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं, मृतकों की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
- हाथरस (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में संदिग्ध रूप से जहरीली शराब पीने के कारण अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है जिसके बाद इस मामले में बुधवार को एक दारोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया।जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया कि हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के नगला दया ग्राम पंचायत के नगला पराध और नगला सिंधी मजरों में 26 अप्रैल को सिंधी समाज के कुछ लोगों ने अपने कुल देवता की पूजा की थी और इसमें परंपरानुसार कुलदेवता को शराब का चढ़ावा चढ़ाए जाने के बाद लोगों ने प्रसाद स्वरूप उसका सेवन भी किया। उन्होंने बताया कि अगले दिन पुलिस को शराब पीने से कुछ लोगों की मौत होने की खबर मिली तो वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान पता लगा कि शराब पीने वाले चार लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आज दो और व्यक्तियों की मौत हो गई और इस तरह अब तक शराब पीने के बाद छह लोगों की मौत हो चुकी है। रंजन ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीली शराब पीने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शराब पीने के बाद मौतें हुई हैं इसलिए आरोप लगाया जा रहा है कि यह जहरीली शराब की वजह से हुई हैं।जिलाधिकारी ने बताया कि शराब पीने के बाद बीमार हुए आधा दर्जन से अधिक लोगों का स्थानीय जिला अस्पताल और अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह शराब बेचने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। इस बीच, मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में हाथरस गेट में तैनात हलका प्रभारी रामदास पचौरी और सिपाही रिंकू सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र के खिलाफ विभागीय जांच कर कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं।
- मुंबई। सिंगापुर से यहां विमान से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 256 ऑक्सीजन कनसेनट्रेटर की खेप लायी गयी हैं। मरीजों को आक्सीजन सहायता देने में काम आने वाले ये महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण ऐसे समय आए हैं जब देश में कोविड-19 मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ रही है। इस हवाई अड्डी निजी हवाईअड्डा परिचालक ने बुधवार को एक बयान में कहा कि कुल 5.5 टन वजन के ये ऑक्सीजन कनसेन्ट्रेटर पिछले दो दिनों में 128-128 की खेप में लाये गये। यह चिकित्सा उपकरण हवा से ऑक्सीजन को केंद्रित करता है और विशेष रूप से उन रोगियों के लिए उपयोगी है जो पर पृथकवास में हैं। साथ ही इससे अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग भी पूरी होगी, जो इसकी कमी से जूझ रहे हैं। हाल में देश में कोविड मामले बढ़ने से ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है।
- मुंबई। महाराष्ट्र में टीकाकरण की धीमी गति से राज्य में संक्रमण की तीसरी लहर आ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुधवार को यह चेतावनी जारी की। यह चेतावनी तब जारी की गई है जब महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह पर्याप्त संख्या में टीका उपलब्ध नहीं होने के कारण 18 से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू नहीं करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे महाराष्ट्र के लिए पर्याप्त संख्या में टीके की उपलब्धता नहीं होने पर पहले ही चिंता जता चुके हैं। महाराष्ट्र महामारी से बुरी तरह प्रभावित राज्य है और वहां वर्तमान लाभार्थियों (45 वर्ष से ऊपर के लोग) के लिए टीके की कमी की खबर है जिससे वहां टीकाकरण की गति धीमी है। कोविड-19 पर सही तरीके से तभी लगाम कसी जा सकता है जब टीकाकरण के योग्य दो-तिहाई आबादी को टीका लगाया जाए। राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में टीका लगाने योग्य नौ करोड़ लोगों में से महज 1.50 करोड़ लोगों को अभी तक टीका लग सका है, जो बहुत कम है।'' उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘अगर हमने टीकाकरण की गति तेज नहीं की तो जब लोग नौकरी या अन्य कामों के लिए बाहर निकलेंगे तो इससे कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘दिसंबर में दी गई छूट से लोग लापरवाह हो गए और इससे फरवरी से कोविड-19 की दूसरी लहर शुरू हो गई। हम अब भी इससे पीड़ित हैं।'' स्वास्थ्य विभाग ने कहा, ‘‘अगर हमने बड़ी आबादी का टीकाकरण नहीं किया तो हम तीसरी लहर को निमंत्रण दे रहे हैं।'' राज्य में अप्रैल में अभी तक कोरोना वायरस के 15,53,922 मामले सामने आए हैं और 11,281 लोगों की मौत हो चुकी है। टोपे ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार को 20 मई से पहले भारत बायोटेक अथवा सीरम इंस्टीट्यूट से टीका मिलने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में हम 18 से 44 वर्ष तक के लोगों का टीकाकरण एक मई से नहीं कर पाएंगे। हमें मई के तीसरे हफ्ते तक इंतजार करना होगा।'' कोविड-19 पर राज्य कार्यबल के एक सदस्य ने कहा कि ज्यादा टीके होने से महाराष्ट्र काफी संख्या में लोगों का टीकाकरण करता। उन्होंने कहा, ‘‘मॉनसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन सहित इस अभियान को अंजाम देने में कई बाधाएं आएंगी।'' कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति बहुत खराब है लेकिन ‘‘गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों का टीकाकरण करने के स्वर्णिम अवसर को हम गंवा रहे हैं।'' कोरोना वायरस की जीनोम सिक्वेंसिंग में शामिल एक वैज्ञानिक ने कहा कि अगर वायरस इसी तरह म्यूटेट करता रहा तो टीकाकरण का उद्देश्य विफल हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘टीकाकरण में अगर हम इतना समय बर्बाद करेंगे तो कोविड-19 का नया म्यूटेंट आ जाएगा जिस पर टीके का असर नहीं होगा।' file photo
- कोच्चि । केरल में कांजीरामोत्तम स्टेशन के समीप बुधवार को 31 वर्षीय एक महिला हमलावर से बचने के लिए चलती ट्रेन से कूद गयी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कूदने के बाद यह महिला घायल हो गयी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक रेल अधिकारी ने बताया कि महिला करीब दस बजे गुरूवयुर-पुनालूर पैसेंजर ट्रेन से मुलाथुरूथी से चेंगन्नूर स्थित अपने कार्यालय जा रही थी। वह डिब्बे में अकेली थी। तभी एक अज्ञात व्यक्ति उस डिब्बे में घुस गया और उसने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। महिला ने जब दरवाजा खोलने का प्रयास किया तब उस व्यक्ति ने उस पर कथित रूप से हमला किया। उसने उसके गहने छीन लिये। जब उसने उस पर पेंचकस से हमला करने की कोशिश की तब वह महिला ट्रेन से कूद गयी । अधिकारियों के अनुसार कुछ स्थानीय लोगों ने महिला को ट्रेन से कूदते देख लिया और उन्होंने रेलवे गेटकीपर को इसकी सूचना दी। उसके बाद पुलिस महिला को घायल दशा में एर्नाकुलम के अस्पताल ले गयी। अस्पताल के सूत्र ने कहा, ‘‘ वह बेहोश है। उसके जख्म को देखते हुए उसे न्यूरो आईसीयू में रखा गया है। '' पुलिस ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है।
- पुडुचेरी/नयी दिल्ली । प्रख्यात द्विभाषी लेखक और स्तंभकार मनोज दास का उम्र संबंधी बीमारियों के चलते पुडुचेरी के अरविंदो आश्रम में मंगलवार को निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। दास के निधन पर बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई शख्सियतों ने शोक व्यक्त किया। दास ने उड़िया और अंग्रेजी भाषा में कई रचनाएं की थी और शिक्षा एवं दर्शन में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2001 में पद्म श्री और वर्ष 2020 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति भवन ने कोविंद के हवाले से ट्वीट में कहा, ‘‘गल्प लेखन के तौर पर उनका उच्च व्यक्तित्व, उनकी सरलता, आध्यात्मिकता ने उन्हें अलग पहचान दी।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मनोज दास का निधन अंग्रेजी एवं उड़िया लेखन की दुनिया को बड़ी क्षति है।''कोविंद ने कहा कि पद्म भूषण से सम्मानित दास को अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। ‘‘उनके परिजनों एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।'' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दास के निधन पर शोक जताया और कहा कि अंग्रेजी और उड़िया साहित्य के लिए उन्होंने अमूल्य योगदान दिया। मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मनोज दास ने खुद को एक जानेमाने शिक्षाविद, लोकप्रिय स्तंभकार और उत्कृष्ट लेखक के रूप में स्थापित किया। उन्होंने अंग्रेजी और उड़िया साहित्य में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने श्री अरविंदो के विचार को आगे बढ़ाया।'' उपराष्ट्रपति नायडू ने भी दास के निधन पर शोक व्यक्त किया।उपराष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट में कहा, ‘‘यह जानकर दुखी हूं कि जाने माने लेखक, दार्शनिक एवं शिक्षाविद मनोज दास नहीं रहे।'' उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उनके जाने से उड़िया साहित्य के क्षेत्र में बड़ा शून्य पैदा हो गया है। उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।'' दास वर्ष 1963 से ही अरविंदो आश्रम से जुड़े हुए थे और यहां पर अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र में अरविंदो दर्शन पढ़ाते थे। सूत्रों ने बताया कि दास विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर निर्भिक होकर लिखते थे।पुडुचेरी की उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन ने दास के निधन को साहित्य जगत के लिए आपूरणीय क्षति करार दिया। उन्होंने कहा कि दास ने शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में पुडुचेरी का नाम रोशन किया और यहां का मान बढ़ाया।
- नयी दिल्ली। सीरम इंस्ट्टीयूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला को ‘संभावित खतरे' को देखते हुए पूरे देश में ‘वाई' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। पूनावाला का एसआईआई देश में कोविड- रोधी टीके का उत्पादन कर रहा है।पुणे स्थित एसआईआई में सरकार एवं नियमन कार्य के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने 16 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर पूनावाला को सुरक्षा देने का आग्रह किया था जिसके बाद केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पूनावाला को ‘संभावित खतरे' को देखते हुए उन्हें सुरक्षा दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सशस्त्र कमांडो हर वक्त पूनावाला के साथ रहेंगे और वे कारोबारी के साथ तब भी रहेंगे जब वह देश के किसी भी हिस्से की यात्रा कर रहे होंगे। अधिकारियों ने बताया कि ‘वाई' श्रेणी की सुरक्षा के तहत पूनावाला के साथ करीब 4-5 सशस्त्र कमांडो रहेंगे। भारत में लगाए जा रहे दो कोविड-19 रोधी टीकों में से ‘कोविशील्ड' टीके का विनिर्माण एसआईआई कर रहा है। दूसरे टीके ‘कोवैक्सीन' को भारत बायोटेक ने बनाया है। अपने पत्र में सिंह ने कहा था कि कोविड-19 टीके की आपूर्ति को लेकर विभिन्न समूहों से पूनावाला को धमकियां मिल रही हैं। सिंह ने यह भी कहा था, “ हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जावान नेतृत्व में भारत सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलकर कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ रहे हैं।
- नयी दिल्ली। सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय में व्यय सचिव टी वी सोमनाथन को वित्त सचिव नामित किया है। कार्मिक मंत्रालय ने इस संदर्भ में बुधवार को आदेश जारी किया। सोमनाथन तमिलनाडु कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।वित्त मंत्रालय में सभी सचिवों में सबसे वरिष्ठ को वित्त सचिव नामित किया जाता है। आदेश के अनुसार मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने वित्त मंत्रालय में व्यय विभाग के सचिव सोमनाथन को वित्त सचिव नामित किए किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
- नागपुर। महाराष्ट्र में गढ़चिरोली जिले के एक जंगल में बुधवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में कम से कम दो नक्सली मारे गए। इन दोनों पर सामूहिक रूप से आठ लाख रूपये का इनाम था।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ तब शुरू हुई जब गढ़चिरोली पुलिस के सी 60 कमांडो सुबह करीब साढ़े छह बजे गट्टा जाम्बिया जंगल में नक्सल रोधी अभियान चला रहे थे। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि जंगल में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने डेरा डाल रखा है और वे आपराधिक साजिश रच रहे थे। विज्ञप्ति के अनुसार नक्सल-विरोधी अभियान के दौरान गढ़चिरोली पुलिस के सी -60 कमांडो पर 20-25 हथियारबंद नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया और वे उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे। विज्ञप्ति में बताया गया है, '' कमांडों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। उसके बाद नक्सली जंगल में भाग गये। तलाशी के दौरान दो नक्सलियों के शव मिले।'' बयान के अनुसार मारे गये नक्सलियों की पहचान विनय नरोटे (31) और विवेक नरोटे के रूप में हुई है। विनय पर दो लाख रूपये का और विवेक पर छह लाख रूपये का नकद इनाम था। गट्टा में सशस्त्र चौकी पर 21 अप्रैल को किये गये हमले के पीछे इन्हीं का हाथ होने का आरोप था। पुलिस के अनुसार उसने मुठभेड़ स्थल से पिस्तौल, बंदूक , विस्फोटक एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है। file photo
- मुंबई । महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए राज्य में 30 अप्रैल के बाद भी 15 दिनों के लिए लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों को बढ़ाया जाएगा। राज्य में 14 अप्रैल से लोगों की आवाजाही और कई अन्य गतिविधियों पर रोक है। यह रोक 30 अप्रैल तक लगाई गई थी। इन पाबंदियों से जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यहां मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए टोपे ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य में काफी हद तक कोविड-19 की स्थिति स्थिर हो गई है लेकिन सभी सदस्यों ने इन प्रतिबंधों को बढ़ाने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, “ आज (कोरोना वायरस के) 60,000 से ज्यादा मामले हैं। निश्चित रूप से कुछ स्थिरता आई है। हमने पहले पूर्वानुमान जताया था कि (दैनिक) मामले 70,000 से अधिक हो सकते हैं। लेकिन यह नहीं हुआ।” मंत्री ने कहा, “ अब मैं उम्मीद करता हूं कि और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि यह (मामलों की) चरम स्थिति हो और अब से मामलों का ग्राफ गिरना शुरू हो जाए।” टोपे ने कहा कि अगर लोग मास्क लगाएं व एक-दूसरे से दूरी के नियम का पालन करें तो मौजूदा स्थिति को काबू में लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने एक सुर में कहा है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए और अब इसे निश्चित रूप से (लॉकडाउन को) 15 दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा। एक बार में पांच या अधिक लोगों को जमा होने से रोकने वाले निषेधात्मक आदेश लागू हैं और गैर जरूरी गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जा रही है। फिलहाल किराना, सब्जी की दुकानों और डेयरी को महज चार घंटे सुबह सात बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक ही खोलने की इजाजत है जबकि सामान की ‘होम डिलिवरी' रात आठ बजे तक ही करने की इजाजत है। पिछले हफ्ते, राज्य सरकार ने प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया था तथा यात्रा, कार्यालयों में उपस्थिति और शादी कार्यक्रमों में शिरकत को और सीमित कर दिया है।
- मुम्बई,। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में 18-44 साल के नागरिकों को मुफ्त टीका लगाने का फैसला किया है । हालांकि उनके एक मंत्री ने कहा कि टीके की पर्याप्त खुराकों की अनुपलब्धता के चलते एक मई से इस उम्र समूह का कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो पाएगा । ठाकरे ने यहां मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह घोषणा की।बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य सरकार इस उम्रवर्ग के 5.71 करोड़ लोगों को टीका लगाएगी और इस कदम से राज्य के खजाने पर 6500 करोड़ रूपये का बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हालांक टीके की पर्याप्त खुराकों की अनुपलब्धता के चलते एक मई से यह टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो पाएगी, लेकिन राज्य सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से अगले छह महीने में नागरिकों को टीका लगाने की योजना बनायी है। टोपे ने यह भी कहा कि 18-44 साल के लोगों को सरकारी टीका केंद्रों पर मुफ्त टीका लगाया जाएगा, लेकिन उन्हें निजी संस्थानों में भुगतान करना होगा।एक अधिकारी के अनुसार ठाकरे ने कहा, '' राज्य भले ही वित्तीय समस्याओं से घिरा है लेकिन नागरिकों के स्वास्थ्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी। इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक में 18 से 44 साल के लोगों को मुफ्त टीका लगाने का फैसला किया गया। '' मुख्यमंत्री ने कहा, '' टीकाकरण इस पर आधारित होगा कि (राज्य को) कितने टीके (खुराक) दिये जाते हैं। आगे का कार्यक्रम उसी के अनुसार घोषित किया जाएगा।''टोपे ने कहा कि इस उम्रवर्ग के लोगों को टीका लगवाने के वास्ते कोविन एप पर अपना पंजीकरण कराना चाहिए। उन्होंने टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की। उन्होंने कहा, '' हम सभी जानने को इच्छुक हैं कि क्या एक मई से टीकाकरण शुरू होगा। जवाब है कि एक मई से टीकारकण शुरू नहीं होगा। कारण है कि (पर्याप्ट टीके) हमारे पास फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।'' उन्होंने कहा, ''.. हम मुफ्त टीका लगाने जा रहे हैं। लेकिन हमें (18-44 साल उम्र वर्ग) धैर्य एवं समझदारी से आगे बढऩा होगा। कोविन एप का इस्तेमाल अनिवार्य है। आपको को पहले पंजीकरण एवं समय लेना होगा।'' उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम के क्रियान्वयन वास्ते सूक्ष्म नियोजन करने के लिए समिति बनायी जाएगी लेकिन 18-44 साल के उम्रवर्ग के लोगों के लिए 45 से अधिक उम्र के लोगों से भिन्न केंद्र होंगे।
- नयी दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को पार्टी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा टेलीफोन के माध्यम से कोविड-19 के मरीजों के लिए परामर्श की सुविधा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया हेल्पलाइन नम्बर जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत यह लड़ाई जीतेगा तथा और मजबूत होकर उभरेगा। बहुभाषीय हेल्पलाइन नम्बर 080-68173286 के जरिए वायरस से संक्रमित लोग चिकित्सकों से परामर्श ले सकेंगे। डिजीटल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा, ‘‘देश के किसी कोने के नागरिक फोन कर चिकित्सकों से मदद ले सकते हैं। हमने इसके लिए 350 चिकित्सकों को जोड़ा है तथा और चिकित्सकों को जोड़ेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने सभी मेट्रो शहरों में भी हेल्पलाइन सेवा आरंभ की है। भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के जरिए हजारों परिवारों की सेवा की है।'' नड्डा ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं से टीकाकरण की गति तेज करने के लिए लोगों की मदद करने का आह्वान किया और इससे देश को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा, ‘‘आज कोविन पोर्टल पर पंजीकरण आरंभ हो रहा है। मैं भाजयुमो कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे अधिक से अधिक युवाओं को पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करें।'' केंद्र की राजग सरकार द्वारा कोविड के सिलसिले में उठाए गए कदमों व प्रयासों की सराहना करते हुए नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश यह जंग जीतेगा तथा और भी मजबूत होकर उभरेगा। भाजयुमो अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने संगठन की ओर से लोगों को पहुंचाई जा रही मदद की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि युवा कार्यकर्ता प्रभावितों तक मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मई से आरंभ हो रहे टीकाकरण अभियान में भी भाजयुमो कार्यकर्ता बढ़-चढकर हिस्सा लेंगे और लोगों तक मदद पहुंचाएंगे।
- इंदौर । कोविड-19 से पति की मौत के सदमे में बुधवार को यहां 34 वर्षीय प्रोफेसर ने कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। राजेंद्र नगर पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) कुंदनमल रैगर ने बताया कि बिजलपुर क्षेत्र में रहने वाले पवन पंवार (35) की यहां एक निजी अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के दौरान बुधवार सुबह मौत हो गई। वह 19 अप्रैल से अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने बताया, "पंवार की पत्नी नेहा (34) को जब पति की मौत की जानकारी मिली, तो वह सदमे में अस्पताल से सीधे घर आईं और अपने गले पर दुपट्टा बांधकर पंखे से लटकते हुए फांसी लगा ली।" एएसआई ने बताया कि नेहा, शहर के एक निजी कॉलेज में प्रोफेसर थीं, जबकि महामारी के शिकार उनके पति का वन विभाग के डिप्टी रेंजर पद पर चयन हो चुका था। हालांकि, महामारी के प्रकोप के कारण वन विभाग में उनका प्रशिक्षण सत्र रद्द हो गया था और वह इस पद को विधिवत संभाल नहीं सके थे। उन्होंने बताया कि महिला प्रोफेसर की कथित खुदकुशी के मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।




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