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- नयी दिल्ली । उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष ने 24 अप्रैल से काम करना शुरू कर दिया है। नियंत्रण कक्ष की स्थापना आवश्यक वस्तुओं के आंतरिक व्यापार, आपूर्ति और रखरखाव की सुविधा की निगरानी के लिये की गई है। नियंत्रण कक्ष की स्थापना के पहले दिन 12 पूछताछ हुई, जिन पर समाधान कार्रवाई की जा रही है। एक अधिकारी ने यह कहा। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष के काम शुरू करने के पहले ही दिन महाराष्ट्र से छह, मध्य प्रदेश से तीन, दिल्ली से दो और कर्नाटक से एक पूछताछ हुई। इस नियंत्रण कक्ष में विनिर्माण, परिवहन, वितरण, थोक विक्रेता अथवा ई- वाणिज्य कंपनियां माल के परिवहन, वितरण और संसाधनों को जुटाने में आने वाली किसी भी समस्या के लिये नियंत्रण कक्ष के नंबरों --011- 23062383, 23062975 पर या फिर डीपीआईआईटी-कंट्रोलरूम@जीओवी डॉट इन -- पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘इस नियंत्रण कक्ष के जरिये जिन लोगों ने जो मुद्दे उठाये हैं उन्हें संबंधित राज्य, संघ शासित प्रदेश की सरकारों के समक्ष उठाया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जो भी पूछताछ हुई उनका समाधान किया जा रहा है। ज्यादातर सवाल माल के रखरखाव सुविधा और राज्यो के बीच माल के परिवहन की अनुमति को लेकर पूछे गये।
- भोपाल । कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के चलते मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना कर्फ्यू को तीन मई तक बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में भोपाल जिला प्रशासन ने रविवार को आदेश जारी कर दिए हैं।भोपाल के जिलाधिकारी अविनाश लवानिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के चलते जिले के भोपाल नगर निगम क्षेत्र एवं बैरसिया नगर पालिक क्षेत्र में कोरोना कर्फ्यू को तीन मई प्रात: छह बजे तक बढ़ा दिया गया है। पहले इन दोनों क्षेत्रों में 12 अप्रैल की रात नौ बजे से 26 अप्रैल प्रात: छह बजे तक कोरोना कर्फ्यू लगाने के आदेश दिए गये थे।-file photo
- नयी दिल्ली । दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कार्यालय ने रविवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी के करीब 11000 और निर्माण मजदूरों ने भवन एवं अन्य निर्माण कर्मचारी कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराया है और उन्हें आने वाले दिनों में एक बार पांच हजार रुपये की सहायता मिलेगी। दिल्ली उन पंजीकृत मजदूरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है जो कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से रोज़ी-रोटी के संकट का सामना कर रहे हैं। सिसोदिया के दफ्तर से जारी बयान के मुताबिक कुल 2,10,684 निर्माण मजदूरों को सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से दो लाख को पहले ही आर्थिक मदद दी जा चुकी है जिस पर 100 करोड़ रुपये की रकम खर्च हुई है। बयान में कहा गया है कि 11,000 मजदूरों को आने वाले दिनों में मदद की जाएगी।पिछले साल लॉकडाउन में दिल्ली सरकार ने 55,000 निर्माण मजदूरों को पांच-पांच हजार रुपये की मदद की थी।बयान के मुताबिक, दूसरे चरण में दिल्ली सरकार निर्माण श्रमिकों की आर्थिक मदद के लिए 46.1 करोड़ रुपये जारी करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में लागू लॉकडाउन को एक और हफ्ते के लिए बढ़ाने का ऐलान रविवार को करते हुए कहा कि दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति गंभीर बनी हुई है और बीते कुछ दिनों में संक्रमण दर 36 प्रतिशत के उच्चतर स्तर पर पहुंच गई थी। केजरीवाल ने कहा कि 19 अप्रैल की रात को लगाया गया लॉकडाउन तीन मई सुबह पांच बजे तक जारी रहेगा।राष्ट्रीय राजधानी में पहले लॉकडाउन को 26 अप्रैल की सुबह पांच बजे खत्म होना था।-file photo
- प्रयागराज। कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए यहां की एक कंपनी ने तीन सरकारी अस्पतालों- बेली अस्पताल, डफरिन अस्पताल और कॉल्विन अस्पताल को आजीवन निःशुल्क ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का निर्णय किया है। प्रभा इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन के प्रबंध निदेशक उमेश जायसवाल ने बताया कि कंपनी भारत का दूसरा और उत्तर प्रदेश का पहला क्रायोजेनिक प्रौद्योगिकी आधारित ऑक्सीजन संयंत्र लगाने की प्रक्रिया में है जिसकी अधिकतम क्षमता 1,500 सिलेंडर प्रति दिन की होगी। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान ऑक्सीजन की पूरी खपत कोविड-19 के मरीजों के लिए की जाएगी। कंपनी ने नगर के तीन अस्पतालों- बेली, डफरिन और कॉल्विन को गोद लिया है और इन अस्पतालों को आजीवन निःशुल्क ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। जायसवाल ने बताया कि इस संयंत्र की स्थापना पर करीब 11 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कंपनी सरस्वती हाईटेक सिटी में यह संयंत्र लगाएगी।
- कन्नौज। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा के निजी सचिव कल्याण सिंह की रविवार को मौत हो गई। वह कोरोना संक्रमित थे। कन्नौज मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) दिलीप सिंह ने रविवार को इसकी पुष्टि की है। सीएमएस ने बताया कि परसों कल्याण सिंह को कन्नौज मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया और उनका उपचार चल रहा था और आज उन्होंने अंतिम सांस ली। कल्याण सिंह के निधन पर उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने दुख प्रकट किया है। डॉक्टर शर्मा ने कहा कि ''मेरे कार्यालय में निजी सचिव के दायित्व पर कार्यरत कल्याण सिंह का कोरोना के कारण असामयिक मृत्यु की खबर से स्तब्ध एवं मर्माहत हूँ। दुख की इस घड़ी में हम सब उनके परिवार के साथ हैं । ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।ॐ शांति।'' उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले डॉक्टर दिनेश शर्मा और उनकी पत्नी भी कोरोना संक्रमित पाए गये। खुद डॉक्टर शर्मा ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।
- नई दिल्ली। भारतीय रेल अगले 24 घंटे के दौरान 140 टन से अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति कर देगी। रेल मंत्रालय ने कहा है कि फिलहाल नौ टैंकर चल चुके है और इनमें से आज रात तक पांच टैंकर लखनऊ पहुंच जाएंगे। झारखंड में बोकारो से चले बाकी चार टैंकर कल सुबह तक लखनऊ पहुंचेगे। मंत्रालय ने कहा है कि अभी तक 150 टन तरल ऑक्सीजन वाले 10 कंटेनर अपने गन्तव्य स्थानों तक पहुंच चुके हैं।
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अलप्पुझा (केरल)। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनियाभर में भले ही कई लोगों का जीवन थम सा गया है, लेकिन अलप्पुझा में अभिरामी को कोविड-19 भी पवित्र मुहूर्त पर विवाह करने से रोक नहीं पाया और उसने अपने संक्रमित दूल्हे से पारम्परिक परिधान के बजाए पीपीई किट पहनकर अस्पताल में शादी की। यहां थेक्कन आर्यद की निवासी 23 वर्षीय दुल्हन ने अलप्पुझा जिले के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस से संक्रमित अपने दूल्हे से विवाह रचाया। दूल्हे सरतमोन एस ने अपनी मां और दुल्हन के एक निकट संबंधी की मौजूदगी में वार्ड के एक विशेष कक्ष में दुल्हन अभिरामी को मंगलसूत्र और तुलसी की माला पहनाई। सरतमोन की मां भी संक्रमित हंै। प्राधिकारियों की अनुमति से यह विवाह सम्पन्न हुआ। खाड़ी देश में काम करने वाले सरतमोन ने विवाह के लिए यहां आने के बाद स्वयं को पृथक-वास में रख लिया था और शुरुआती 10 दिन में उसमें संक्रमण के लक्षण नहीं थे, लेकिन सरतमोन और उसकी मां को बुधवार शाम को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद की गई जांच में दोनों संक्रमित पाए गए।
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड के बढ़ते रोगियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि लॉकडाउन की अवधि अगले सोमवार सवेरे पांच बजे तक बढ़ा दी गई है।इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े और आपात स्थिति का सामना कर रहे लोगों को वैध दस्तावेज दिखाकर आवाजाही की अनुमति होगी। इससे पहले दिल्ली में छह दिन का लॉकडाउन लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि चिकित्सा संस्थानों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि इस समय राज्य में प्रतिदिन सात सौ टन ऑक्सीजन की जरूरत है। केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाकर प्रतिदिन 480 टन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन के लिए एक पोर्टल की शुरूआत की गई है इस पर हर दो घंटे बाद ऑक्सीजन निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और अस्पतालों द्वारा ताजा जानकारी दी जाएगी। श्री केजरदिल्ली सरकार ने कोविड रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ायानई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड के बढ़ते रोगियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि लॉकडाउन की अवधि अगले सोमवार सवेरे पांच बजे तक बढ़ा दी गई है।इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े और आपात स्थिति का सामना कर रहे लोगों को वैध दस्तावेज दिखाकर आवाजाही की अनुमति होगी। इससे पहले दिल्ली में छह दिन का लॉकडाउन लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि चिकित्सा संस्थानों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि इस समय राज्य में प्रतिदिन सात सौ टन ऑक्सीजन की जरूरत है। केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाकर प्रतिदिन 480 टन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन के लिए एक पोर्टल की शुरूआत की गई है इस पर हर दो घंटे बाद ऑक्सीजन निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और अस्पतालों द्वारा ताजा जानकारी दी जाएगी। श्री केजरीवाल ने संकट की इस घड़ी में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोरोना संकट की इस घड़ी में प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक होना चाहिए। उन्होंने लोगों से कोरोना वैक्सीन के बारे में किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की। आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम में श्री मोदी ने कहा कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग नि:शुल्क वैक्सीन लगवा सकते हैं जो केन्द्र सरकार राज्य सरकारों को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि पहली मई से देश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कॉरपोरेट सेक्टर और कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को वैक्सीन देने के लिए टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र का नि:शुल्क टीकाकरण कार्यक्रम आगे बढ़ता रहेगा। प्रधानमंत्री ने राज्यों से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को केन्द्र सरकार के नि:शुल्क टीकाकरण अभियान का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया - वैक्सीन लें, सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें।प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें दवाई भी, कड़ाई भी का मंत्र नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने आशा प्रकट की कि लोग शीघ्र ही इस संकट से बाहर निकल जाएंगे। केन्द्र सरकार राज्य सरकारों के प्रयासों को आगे बढ़ाने में पूरी शक्ति से जुटी हुई है। श्री मोदी ने कहा कि राज्य सरकारें भी पूरी जिम्मेदारी के साथ श्रेष्ठ कार्य करने का प्रयास कर रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना भी चल रहा है, आगे बुद्ध पूर्णिमा भी है, गुरू तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व भी है। ये सभी हमें अपना कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देते हैं। श्री मोदी ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर हम जीवन में जितनी कुशलता से अपने कर्तव्य निभाएंगे संकट मुक्त होकर भविष्य के रास्ते पर उतनी ही तेजी से आगे बढेंगे।
- नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और इसके मद्देनजर अस्पतालों में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के मद्देनजर प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात राहत कोष (पीएम केयर्स) से देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य केंद्रों में 551 पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन) चिकित्सीय ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में रविवार को कहा कि पीएम केयर्स कोष ने इन संयंत्रों की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने इन संयंत्रों को जल्द से जल्द क्रियान्वित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इन संयंत्रों से जिला स्तर पर ऑक्सीजन की उपलब्धता को बल मिलेगा। इन संयंत्रों की स्थापना विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के जिला मुख्यालयों में चिह्नित अस्पतालों में की जाएगी और केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय यह काम करेगा।पीएम केयर्स कोष से इससे पहले से देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य केंद्रों में 162 पीएसए चिकित्सीय ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना के लिए 201.58 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। ताजा मंजूरी के साथ ही देश भर के सभी जिला मुख्यालयों में जहां-जहां सरकारी अस्पताल हैं, में अब ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ का बयान साझा करते हुए ट्वीट किया, पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश के हर जिले में ऑक्सीजन संयंत्र...एक महत्वपूर्ण निर्णय जो अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता को मजबूती प्रदान करेगा और देश भर के लोगों की मदद करेगा।बयान में कहा गया, जिला मुख्यालयों के सरकारी अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करना है और यह सुनिश्चित करना है कि इनमें से प्रत्येक अस्पतालों में कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन की सुविधा बनी रहे। बयान के मुताबिक इस तरह से अपने स्तर पर ऑक्सीजन उत्पादन सुविधा से इन अस्पतालों और जिले की दिन-प्रतिदिन की मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरतें पूरी हो सकेंगी।बयान में कहा गया, इसके अलावा, तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन के 'टॉप अप' के रूप में काम करेगा। इस तरह की प्रणाली यह सुनिश्चित कर सकेगी कि जिले के सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति में अचानक व्यवधान न उत्पन्न हो सके और कोरोना मरीजों व अन्य जरूरतमंद मरीजों के लिए निर्बाध रूप से पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके।
- पुरी। ओडिशा में कोविड-19 मामलों में वृद्धि को देखते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने 12वीं शताब्दी के इस मंदिर में भक्तों का प्रवेश 15 मई तक रोकने का शनिवार को फैसला किया। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा कि हालांकि, इस दौरान भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा, और भगवान जगन्नाथ के दैनिक अनुष्ठान सेवादारों और मंदिर प्राधिकारियों की मदद से जारी रहेंगे। इस बैठक में मंदिर के सेवादारों के प्रतिनिधियों ने अलावा, पुरी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। यह भी तय किया गया कि रथों के निर्माण के लिए सभी तैयारियां परंपराओं के अनुसार जारी रहेंगी। एसजेटीए चंदन यात्रा, स्नान यात्रा और रथयात्रा के दौरान उपयोग के लिए मास्क और सेनिटाइज़र की खरीद के लिए कदम उठाएगा। वार्षिक रथयात्रा इस वर्ष 12 जुलाई को होगी।कुमार ने कहा, ‘‘कोविड-19 के चलते उत्पन्न गंभीर चुनौती पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी इस बात पर एकमत थे कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ की निति-कांति (अनुष्ठान) की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।'' सेवादारों और मंदिर के प्राधिकारियों के परिवारों की नियमित स्क्रीनिंग और जांच करने का भी निर्णय लिया गया। रथयात्रा से संबंधित अनुष्ठान अक्षय तृतीया (15 मई) से शुरू होंगे।उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार नीलांचल यात्री निवास में एक कोविड-19 देखभाल केंद्र को मजबूत किया जाएगा। मंदिर में दैनिक अनुष्ठानों में शामिल होने वाले व्यक्तियों और रथयात्रा के लिए रथ के निर्माण में लगे लोगों के के टीकाकरण ध्यान दिया जाएगा। बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि फेस मास्क, सेनिटेशन और हाथ धोने के उपयोग और सामाजिक दूरी बनाये रखने पर जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेगा। एसजेटीए ने कहा कि वह छह मई को स्थिति की समीक्षा करेगा।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारत केवल 99 दिन में कोविड रोधी टीके की 14 करोड़ खुराक दे चुका है और यह गति दुनिया में सबसे तेज है। मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को रात आठ बजे तक टीके की 24 लाख से अधिक खुराक दी गईं। रात आठ बजे तक के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड रोधी टीके की अब तक कुल 14,08,02,794 खुराक दी गई हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत केवल 99 दिन में कोविड-19 रोधी टीके की 14 करोड़ खुराक देकर दुनिया में सबसे तेज गति से ऐसा करने वाला देश बन गया है।
- चंडीगढ़। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कई अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन की कमी की जानकारी दिए जाने के चलते पंजाब सरकार ने शनिवार को राज्य के लौह एवं इस्पात उद्योग को बंद करके इसकी ऑक्सीजन के चिकित्सीय इस्तेमाल के आदेश दिए। पंजाब में लौह और इस्पात उद्योग की अधिकतर इकाइयां लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ में स्थित हैं।पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य और जिला स्तर पर तत्काल ऑक्सीजन निंयत्रण कक्ष बनाने के भी आदेश दिए हैं। यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने लौह व इस्पात संयंत्रों में औद्योगिक संचालन को बंद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार अपने इस निर्णय से केंद्र सरकार को अवगत कराएगी। अमृतसर में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से एक निजी अस्पताल में छह मरीजों की मौत के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।
- नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) और आयुध कारखाना बोर्ड (ओएफबी) के सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों को कोरोना वायरस से संक्रमित आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की अनुमति दे दी गई है। सिंह ने यह भी कहा कि सशस्त्र बल और रक्षा मंत्रालय महामारी से निपटने के लिये नागरिक प्रशासनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।रक्षा मंत्री ने भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के विरूद्ध लड़ाई में सहयोग कर रहीं मंत्रालय की विभिन्न इकाइयों के प्रयासों की शनिवार को समीक्षा करने के बाद ये बातें कहीं। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिये चिकित्सीय ऑक्सीजन की कमी के मद्देनजर भारतीय नौसेना के कई जहाजों को ऑक्सीजन टैंकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिये तैयार रखा गया है। इससे पहले सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और रक्षा एवं अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने ट्वीट किया, ''कोविड-19 महामारी की मौजूदा लहर से निपटने के लिये रक्षा मंत्रालय और सेना के तीनों अंगों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये समीक्षा की। सशस्त्र बल और रक्षा मंत्रालय नागरिक प्रशासन को हरसंभव मदद मुहैया कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।'' उन्होंने कहा कि डीआरडीओ दिल्ली हवाई अड्डे के निकट स्थित अपने सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में शनिवार शाम तक 250 और बिस्तरों का प्रबंध करेगा। इसके बाद अस्पताल में बिस्तरों की कुल संख्या बढ़कर 500 हो जाएगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि गुजरात में 1,000 बिस्तरों वाले अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है।
- नयी दिल्ली । ‘भारत बायोटेक' कंपनी ने शनिवार को बताया कि वह अपने कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सीन' को राज्य सरकारों को प्रति खुराक 600 रुपये और निजी अस्पतालों को प्रति खुराक 1,200 रुपए में उपलब्ध करायेगी। हैदराबाद की इस कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एम एल्ला ने कहा कि उनकी कंपनी केन्द्र सरकार को 150 रुपये प्रति खुराक की दर से कोवैक्सीन की आपूर्ति कर रही है। एल्ला ने कहा, ‘‘हम यह बताना चाहते हैं कि कंपनी की आधी से अधिक उत्पादन क्षमता केन्द्र सरकार को आपूर्ति के लिए आरक्षित की गई है।'' उन्होंने कहा कि कोविड-19, चिकनगुनिया, जीका, हैजा और अन्य संक्रमणों के लिए टीका विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि इस टीके की लागत वसूल हो। कंपनी ने निर्यात के लिए बाजार में इसकी कीमत 15 से 20 डॉलर के बीच तय की है।इससे पहले, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने अपने कोविड-19 टीके कोविशील्ड को राज्य सरकारों को 400 रुपए प्रति खुराक और निजी अस्पतालों को 600 रुपए प्रति खुराक के दर से देने की घोषणा की थी। एसआईआई ने यह भी कहा था कि वह अगले दो महीने में टीके का उत्पादन बढ़ाकर सीमित क्षमता की समस्या का समाधान करेगी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा था, ‘‘हमारी क्षमता का 50 प्रतिशत भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए होगा और बाकी 50 प्रतिशत क्षमता राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के लिए होगी।'' उसने कहा था कि अमेरिकी टीके की कीमत 1,500 रुपये प्रति खुराक है जबकि रूस और चीन में टीके की कीमत 750 रुपये प्रति खुराक से अधिक है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक लगाए कोविड-19 के 12.76 करोड़ टीकों में से 90 प्रतिशत टीके ऑक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड के लगाए गए हैं।
- नयी दिल्ली । केंद्र ने शनिवार को राज्यों से कहा कि देश में एक मई से 18 से 45 साल तक के लोगों का कोविड रोधी टीकाकरण शुरू होने से पहले और अधिक निजी केंद्रों का पंजीकरण किया जाए और संबंधित स्थलों पर प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। केंद्र ने इस बात पर जोर दिया कि संबंधित आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण ‘‘केवल ऑनलाइन पंजीकरण'' के माध्यम से किया जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और कोविड-19 से निपटने संबंधी प्रौद्योगिकी एवं आंकड़ा प्रबंधन अधिकारप्राप्त समूह के अध्यक्ष आर एस शर्मा ने नई टीका रणनीति (तीसरा चरण) के प्रभावी क्रियान्वयन पर राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मार्गदर्शन के लिए शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की और रोगियों के लिए मौजूदा अस्पताल एवं चिकित्सीय उपचार अवसंरचना संबंधी उनकी योजना की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक मई से शुरू हो रहे तीसरे चरण के टीकाकरण संबंधी रणनीति को लेकर राज्यों को सुझाव दिया गया कि वे निजी अस्पतालों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अस्पतालों, औद्योगिक संगठनों आदि की मदद से मिशन मोड में अतिरिक्त निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्र स्थापित करें। मंत्रालय के अनुसार उनसे यह भी कहा गया कि वे टीका प्राप्त कर चुके अस्पतालों, कोविन पोर्टल पर भंडार तथा कीमत की घोषणा और योग्य लाभार्थियों के लिए निर्धारित टीकाकरण के वास्ते कोविन पर पर्याप्त टीकाकरण स्लॉट उपलब्ध कराने संबंधी चीजों पर नजर रखें। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 18-45 आयु समूह के टीकाकरण के लिए ‘केवल ऑनलाइन पंजीकरण' को प्राथमिकता देने को कहा गया है।-file photo
- नयी दिल्ली । वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने अपने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जीवन रक्षक दवाओं और ऑक्सीजन उपकरणों सहित कोविड-19 के उपचार में इस्तेमाल होने वाली सभी आयातित खेपों की सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर रास्ता दें। गौरतलब है कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों के तेजी से बढ़ने के कारण जीवन रक्षक दवाओं और अन्य उपकरणों की भारी किल्लत हो गई है। बोर्ड ने ट्वीट किया, ‘‘सीबीआईसी ने अपने सभी फील्ड अधिकारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ इन खेपों की निकासी के निर्देश दिए हैं।'' सीबीआईसी ने कहा कि इन दिशानिर्देशों का मकसद इन सामानों को जरुरतमंदों तक जल्द से जल्द पहुंचाने में मदद करना है। इसके साथ ही ऑक्सीजन और संबंधित वस्तुओं की निकासी के लिए सीमा शुल्क संबंधित मुद्दों के लिए राजस्व विभाग में नोडल अधिकारी गौरव मसलदन को नियुक्त किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘‘बंदरगाहों में विशेष रूप से ऑक्सीजन और संबंधित वस्तुओं की निकासी के संबंध में सीमा शुल्क से जुड़ी किसी भी कठिनाई में मदद के लिए सीबीआईसी द्वारा एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया गया है।'' वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी एक ट्वीट में कहा कि कोविड-19 से लड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तहत आयातित उपकरणों और दवाओं को समय से पहुंचाने के लिए सीमा शुल्क निकासी में तेजी लाई जाएगी। देश में एक दिन में कोविड-19 के 3,46,786 नए मामले सामने आने के साथ संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,66,10,481 पर पहुंच गए जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 25 लाख से अधिक हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। इन आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में 2,624 संक्रमितों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,89,544 हो गई है।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 की जिस वर्तमान चुनौती का देश सामना कर रहा है वह पिछले वर्ष के मुकाबले बड़ी है। उन्होंने किसी भी सूरत में इस महामारी को गांवों तक पहुंचने से रोकने के हरसंभव प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान किया। पंचायती राज दिवस के मौके पर डिजिटल माध्यम से आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की। इसके तहत चार लाख से अधिक लोगों के बीच उनकी सम्पत्ति के ई-प्रापर्टी कार्ड वितरित किए। साथ ही वर्ष 2021 के लिए राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार पिछले वर्ष कोविड-19 के संक्रमण को गांवों में फैलने से रोकने में सफलता मिली थी, उसी प्रकार इस बार भी इसमें सफलता मिलेगी। उन्होंने पंचायतों से आग्रह किया कि कोरोना को गांव में पहुंचने से, रोकने में वे अपनी भूमिका निभाएं।उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल भी आपने इस संक्रमण को गांवों में फैलने से रोका था। पंचायतों ने गांव में जागरूकता पहुंचाने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। इस वर्ष भी हमारे सामने जो चुनौती है, वह पहले से जरा ज्यादा है। गांवों तक इस संक्रमण को किसी भी हालत में पहुंचने नहीं देना है, उसे रोकना ही है।'' उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पंचायतों का मंत्र दवाई भी और कड़ाई भी का होना चाहिए।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कोरोना की जंग में सबसे पहले हिंदुस्तान के गांव विजयी होने वाले हैं। देश और दुनिया को रास्ता भी आप गांव वाले इस सफलता के साथ दिखाने वाले हैं, यह मुझे भरोसा है।'' इस समारोह में डिजीटल माध्यम से केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, आठ राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़ी संख्या में स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कोविड-19 के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी से बचाव के उपायों का पालन करने का आग्रह किया और कहा, ‘‘जो भी दिशा-निर्देश समय-समय पर जारी होते हैं, उनका पूरा पालन गांव में हो, हमें ये सुनिश्चित करना होगा। इस बार हमारे पास टीके का एक सुरक्षा कवच भी है। इसलिए हमें सारी सावधानियों का पालन भी करना है और ये भी सुनिश्चित करना है कि गांव के हर एक व्यक्ति को टीके की दोनों खुराक लगे।'
- गोपेश्वर। उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत चीन सीमा से सटे इलाके में हुए हिमस्खलन में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के आठ कर्मियों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि शुक्रवार रात को नीति घाटी के सुमना इलाके में हिमस्खलन स्थल से दो व्यक्तियों के शव मिले जबकि शनिवार को छह और शव बरामद किये गये। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जोशीमठ में संवाददाताओं को बताया कि चार घायलों को घटनास्थल से बचाया गया और बचाव अभियान जारी है। रावत ने बताया कि शुक्रवार को जब हिमस्खलन हुआ तब बीआरओ के 400 कर्मी काम पर लगे थे, बताया जाता है कि इनमें से करीब 391 कर्मी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के शिविरों पर सुरक्षित पहुंच गये। मुख्यमंत्री ने नुकसान के आकलन के लिए इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया।सुमना, जहां हिमस्खलन हुआ, मलारी गांव से करीब 25 किलोमीटर दूर है और यह धौली गंगा की दो धाराओं-- गिर्थिगाड और कियोगाड के संगम के समीप है। धौली गंगा में फरवरी में आपदाकारी हिमस्खलन हुआ और 80 लोगों की जान चली गयी थी एवं 126 लापता हो गये थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाके में भारी वर्षा होने की वजह से बचाव अभियान में अड़चनें आ रही हैं । आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ बचाव अभियान चला रहे हैं। रावत के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बचाव अभियान में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
- भोपाल । तेजी से बढ़ रहे कोविड-19 के नये मामलों के मद्देनजर अस्पतालों में बिस्तरों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर 20 कोविड देखभाल कोच की व्यवस्था की है, जो रविवार से पूरी तरह कार्य करना आरंभ कर देंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार सुबह ट्वीट किया, ‘‘भोपाल, मध्य प्रदेश में भारतीय रेल द्वारा, 20 कोविड देखभाल डिब्बों की व्यवस्था की गयी है, जिसमें 320 बेड (बिस्तर) होंगे। ये डिब्बे 25 अप्रैल से पूरी तरह कार्य करना आरंभ कर देंगे।'' पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के एक अधिकारी ने बताया कि भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर इन पृथक-वास कोच को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों के स्वास्थ्य लाभ के लिए भोपाल स्टेशन पर रेलवे द्वारा पृथक-वास कोच उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही भीषण गर्मी में मरीजों को बेहतर सुविधाओं के अलावा ठंडक के लिए कोच की खिड़कियों में कूलर की व्यवस्था की गई है। हालांकि अधिकारी ने बताया कि इन कोच में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं है। इसलिए गंभीर मरीजों को इनमें नहीं रखा जा सकता है।-file photo
- त्रिशूर (केरल)। त्रिशूर में पूरम उत्सव के लिए निकाले जा रहे जुलूस पर शुक्रवार देर रात बरगद का एक पेड़ गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना देर रात 12 बजकर 20 मिनट पर हुई जब त्रिशूर पूरम उत्सव से संबंधित समारोह, तिरुवम्बादी देवस्वओम मदातिल वरावू पंचायवादयम का जुलूस पेड़ के नीचे से गुजर रहा था। पुलिस ने बताया कि बरगद के पेड़ की एक बड़ी सी डाल लोगों पर गिर गई जब वाद्य यंत्र कलाकार उसके नीचे अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। घटना में दो लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस ने बताया कि भगदड़ के दौरान जुलूस में शामिल हाथी भी आपे से बाहर हो गया लेकिन महावत ने उसे नियंत्रित कर लिया। घटना के बाद, उत्सव के तहत पटाखे छोड़े जाने के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया।त्रिशूर पूरम केरल के करीब 200 वर्ष पुराने सबसे प्रसिद्ध मंदिर उत्सवों में से एक है।कोचिन के शासक, राजा राम वर्मा ने 1798 में एक आदेश जारी किया था जिसके बाद इस उत्सव की शुरुआत हुई थी। पिछले साल की ही तरह, इस बार भी कोविड-19 संबंधी पाबंदियों के चलते उत्सव को सीमित रखा गया था।
- भदोही (उप्र)। वाराणसी जिले के कपसेठी इलाके में शनिवार को बारात से वापस लौट रहे दो चचेरे भाइयों की मोटरसाइकिल को सामने से आ रहे तेज रफ्तार छोटे ट्रक ने टक्कर मार दी जिसके बाद दोनों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह घटना सुबह नौ बजे उस वक़्त हुई जब भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र के खानपुर गाँव के अजय बिन्द (21) और उसके चचेरा भाई संदीप बिन्द (26) अपनी बुआ के लड़के की बारात में शामिल होकर वाराणसी जिले के मिर्जामुराद से बाइक से वापस लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार वाराणसी जिले के कपसेठी -बाबतपुर मार्ग पर सामने से आ रहे एक छोटे ट्रक ने सीधे टक्कर मार दी ,जिससे दोनों घायल हो गये। लगभग एक घंटे तक कथित रूप से उपचार की कोई व्यवस्था नहीं होने पर दोनों की मौत हो गई। दूल्हा -दुल्हन सहित बारातियों द्वारा सड़क जाम किये जाने की सूचना पर भदोही की चौरी थाना और वाराणसी की कपसेठी थाना की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम ख़त्म कराया। पुलिस दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए ले गयी। उसने छोटे ट्रक को कब्ज़े में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।
- लखनऊ। रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस शनिवार की सुबह करीब 6.30 बजे लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। आधिकारिक जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर बोकारो से रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस 30 हजार लीटर तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन लेकर लखनऊ आई है।अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस मेडिकल ऑक्सीजन के दो टैंकर लेकर सुबह साढ़े छह बजे लखनऊ पहुंची। प्रत्येक टैंकर 15 हजार लीटर क्षमता का है। जानकारी के अनुसार बोकारो से ऑक्सीजन एक्सप्रेस तीन टैंकर ऑक्सीजन लेकर रवाना हुई थी जिसमें से एक टैंकर शुक्रवार/ शनिवार की दरमियानी रात वाराणसी में उतारा गया। अवस्थी ने कहा कि इस ऑक्सीजन से लखनऊ की आधी मांग आज पूरी हो जाएगी और मरीजों को राहत मिलेगी। शनिवार को रेलवे की दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस सुबह 5.30 बजे लखनऊ से बोकारो के लिए चार खाली टैंकरों के साथ रवाना हुई। बुधवार को रेलवे ने कहा था कि राज्य सरकार से अनुरोध मिलने के बाद वह उत्तर प्रदेश में अपनी दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाएगा। उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए राज्य सरकार कई मोर्चे पर कार्य रही है।एक सरकारी बयान में अवस्थी ने बताया कि ऑक्सीजन के लिए डिजिटल प्लेटफार्म की व्यवस्था शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। अवस्थी ने बताया कि यह प्लेटफार्म प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, परिवहन एवं गृह विभाग के सहयोग से रोडिक कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है।----
- नई दिल्ली। देश में कोविड-19 की गंभीर स्थिति के बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चार क्रायोजेनिक (कम तापमान बनाए रखने में सक्षम) टैंकर सिंगापुर से विमान से मंगाए जा रहे हैं।गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि चार खाली टैंकों को भारतीय वायुसेना के एक मालवाहक विमान से लाया जा रहा है। वायुसेना के सी-17 विमान ने दिल्ली के बाहरी इलाके में हिंडन हवाईअड्डे से शनिवार सुबह सिंगापुर के चांगी हवाईअड्डे के लिए उड़ान भरी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि टैंकों को लादने के बाद, विमान आज शाम पश्चिम बंगाल के पानागढ़ हवाईअड्डे पर उतरेगा। शुक्रवार को, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा था कि वह सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से उच्च क्षमता वाले ऑक्सीजन टैंकरों के आयात के लिए बातचीत कर रहा है। यह कदम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश में कोरोना वायरस स्थिति की समीक्षा करने के बाद उठाया गया।
- नई दिल्ली। न्यायमूर्ति एन वेंकट रमण ने देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शनिवार को शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति रमण ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में शपथ ग्रहण की।समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद उपस्थित थे। न्यायमूर्ति रमण ने ईश्वर को साक्षी मानकर अंग्रेजी में पद की शपथ ली।--










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