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- नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी शुक्रवार को निजी नियोजन के आधार पर गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी कर 1,500 करोड़ रुपये जुटाएगी। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा,‘‘एनटीपीसी ने 29 अप्रैल, 2022 को 1,500 करोड़ रुपये का गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करने का निर्णय किया है। इस पर ब्याज 5.78 प्रतिशत सालाना होगा। इसकी परिपक्वता अवधि दो साल है। यानी यह 29 अप्रैल, 2024 को परिपक्व होगा।'' सूचना के अनुसार एनसीडी से प्राप्त राशि का उपयोग पूंजीगत व्यय के वित्तपोषण, मौजूदा कर्ज को लौटाने और अन्य सामान्य कंपनी कार्यों में किया जाएगा। इस डिबेंचर के लिये कंपनी के शेयरधारकों ने 28 सितंबर, 2021 को मंजूरी दी थी।
- मुंबई/दिल्ली. देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी ने बुधवार को अपने 21,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए कीमत का दायरा 902-949 रुपये प्रति शेयर तय किया। आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत एंकर निवेशक दो मई को बोली लगाएंगे। निर्गम चार मई को संस्थागत और खुदरा खरीदारों के लिए खुलेगा और नौ मई को बंद होगा। शेयर आईपीओ बंद होने के एक सप्ताह बाद 17 मई को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हो सकते हैं।सेबी के पास दाखिल अंतिम कागजात के अनुसार बोली लगाने वालों के डीमैट खाते में शेयरों का आवंटन 16 मई तक होगा, जिसके बाद एलआईसी शेयर बाजारों में इक्विटी शेयरों का कारोबार शुरू करेगी और शेयर ‘‘17 मई को या उसके आसपास'' सूचीबद्ध किए जाएंगे। सरकार को बोली के ऊपरी छोर पर करीब 21,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।यह आईपीओ बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में है और इसके जरिए सरकार 22.13 करोड़ शेयर बेचकर एलआईसी में अपनी 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है। खुदरा निवेशकों और पात्र कर्मचारियों को प्रति इक्विटी शेयर 45 रुपये की छूट मिलेगी, जबकि एलआईसी के पॉलिसीधारक 60 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की छूट पा सकेंगे। निर्गम के तहत 15 के गुणक में शेयरों की बोली लगाई जा सकेगी। आईपीओ के तहत 15,81,249 शेयर कर्मचारियों के लिए और 2,21,37,492 शेयर पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित हैं। योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए 9.88 करोड़ से अधिक शेयर और गैर-संस्थागत खरीदारों के लिए 2.96 करोड़ से अधिक शेयर आरक्षित हैं।
- मुंबई. घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 537 अंक टूटकर बंद हुआ। हाल की तेजी के बाद बैंक, वित्तीय और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार नीचे आया। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 537.22 अंक यानी 0.94 प्रतिशत का गोता लगाकार 56,819.39 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 772.57 अंक तक टूट गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 162.40 अंक यानी 0.94 प्रतिशत टूटकर 17,038.40 अंक पर बंद हुआ।सेंसेक्स के तीस शेयरों में से बजाज फाइनेंस सर्वाधिक 7.24 प्रतिशत नीचे आया जबकि बजाज फिनसर्व में 3.88 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक (2.21 प्रतिशत), एसबीआई (1.78 प्रतिशत), इन्फोसिस (1.68 प्रतिशत) टाइटन (2.19 प्रतिशत), डॉ. रेड्डीज (1.94 प्रतिशत), अल्ट्राटेक सीमेंट (1.63 प्रतिशत), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.46 प्रतिशत) और मारुति सुजुकी (1.44 प्रतिशत) प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। इस रुख के उलट टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज , टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक लाभ में रहे। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली से घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। इसका कारण ऊर्जा संकट का बढ़ना तथा चीन में आर्थिक परिदृश्य का कमजोर होना है। इनपर अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की संभावना का असर है।'' नायर ने कहा, ‘‘निवेशक दुनिया के कई देशों में केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर बढ़ाने, चीन में ‘लॉकडाउन' और रूस-यूक्रेन युद्ध से वैश्विक नरमी को लेकर आशंकित हैं।'' रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि रूस-यूक्रेन संकट, चीन में लॉकडाउन, मुद्रास्फीति को लेकर चिंता तथा अब कंपनियों के वित्तीय परिणाम भारत समेत दुनिया के अन्य बाजारों को प्रभावित कर रहे हैं। एशिया के अन्य बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी एक प्रतिशत से अधिक नुकसान में जबकि हांगकांग का हैंगसेंग तथा चीन का शंघाई कंपोजिट बढ़त में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख रहा।
- नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के शेयरों में बुधवार को हुई तेजी के चलते कंपनी का बाजार मूल्यांकन बढ़कर 19 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।बाजार मूल्यांकन के इस निशान को पार करने वाली आरआईएल पहली भारतीय कंपनी बन गई। बीएसई पर आरआईएल के शेयर 1.85 प्रतिशत बढ़कर 2,827.10 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गए।शेयर की कीमत में तेजी के बाद बीएसई पर सुबह के कारोबार में कंपनी का बाजार मूल्यांकन 19,12,814 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले इस साल मार्च में आरआईएल का बाजार मूल्यांकन 18 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया था।इस साल अब तक आरआईएल के शेयर 19 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। स्वास्तिका इंवेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज सभी खंडों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। तेल और गैस की कीमतों में उछाल के कारण इसका पेट्रोकेमिकल व्यवसाय बहुत अच्छा कर रहा है।
- वाशिंगटन। आईएमएफ की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण तेल की कीमतों में हुई तेजी के चलते भारत में महंगाई बढ़ी है।उन्होंने कहा कि इस स्थिति को ठीक करने के लिए मौद्रिक सख्ती जरूरी है। इसके अलावा उन्होंने संरचनात्मक कमजोरियों को दूर करके वृद्धि क्षमता में सुधार पर भी जोर दिया।आईएमएफ के एशिया और प्रशांत विभाग की कार्यवाहक निदेशक ऐनी-मैरी गुल्डे-वुल्फ ने कहा कि अनुमानों के अनुसार 2022-23 में देश की अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है, जो 0.8 प्रतिशत अंक कम है।उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वृद्धि अभी भी मजबूत है, लेकिन इसमें पर्याप्त गिरावट है। दुनिया भर में नीति निर्माता महंगाई को काबू में करने के उपाए कर रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह यूक्रेन में जारी युद्ध है। भारत खासतौर से तेल और अन्य वस्तुओं के आयात पर निर्भर है।’’आईएमएफ अधिकारी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अल्पावधि में कमजोर परिवारों की मदद करने और बुनियादी ढांचे के निवेश पर ध्यान देने की नीति उपयुक्त है।उन्होंने मौद्रिक सख्ती और संरचनात्मक कमजोरियों को दूर करने की सिफारिश की।
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नयी दिल्ली | खेलकूद के जूते बनाने वाली कंपनी कैंपस एक्टिववियर के आरंभिक सार्वजानिक निर्गम (आईपीओ) को मंगलवार को पहले दिन 1.24 गुना अभिदान मिला है। एनएसई पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कंपनी को 3,36,25,000 शेयरों की पेशकश पर 4,18,33,005 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं। पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के खंड को 1.88 गुना जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 1.32 गुना अभिदान मिला। आंकड़ों के अनुसार, खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित खंड को नौ प्रतिशत अभिदान मिला। कंपनी ने अपने आईपीओ में 4,79,50,000 शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) की है। कैंपस एक्टिववियर ने आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 278 से 292 रुपये प्रति शेयर रखा है। कंपनी ने सोमवार को एंकर निवेशकों से 418 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे। -
मुंबई | बजाज हाउसिंग फाइनेंस लि. को अपनी मूल कंपनी बजाज फाइनेंस से 2,500 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी मिली है। पुणे मुख्यालय वाली कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कंपनी को यह राशि सात अप्रैल को मिली है। यह बजाज फाइनेंस का आवास वित्त कंपनी की भविष्य की वृद्धि के लिए किया गया सबसे बड़ा और सातवां वित्तपोषण दौर है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अतुल जैन ने कहा, ‘‘यह पूंजी निवेश हमारी अगले डेढ़ से दो साल की पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। कंपनी अपनी वृद्धि की रफ्तार को कायम रखने को प्रतिबद्ध है।
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नयी दिल्ली। सही आकार के डिलिवरी वाहन तैयार करने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माताओं के साथ सहयोग करने की जरूरत है। वर्ल्ड बिजनेस काउंसिल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (डब्ल्यूबीसीएसडी) और ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई। रिपोर्ट के अनुसार, अनुकूल नीतिगत माहौल और पारिस्थितिकी तंत्र भागीदारों के बीच बेहतर सहयोग से ही ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलिवरी वाहनों के बेड़े में सभी वाहनों को इलेक्ट्रिक किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ई-कॉमर्स कंपनियों को मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि डिलिवरी के लिए सही आकार का ईवी वाहन तैयार किया जा सके।'' गौरतलब है कि फ्लिपकार्ट ने वर्ष 2030 तक डिलिवरी के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले अपने सभी वाहनों को ईवी में बदलने की प्रतिबद्धता जताई है।
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नयी दिल्ली। भारतीय निर्यातकों के संगठन फियो ने यूक्रेन के साथ जंग में उलझे रूस के साथ रुपये-रूबल विनिमय में द्विपक्षीय व्यापार शुरू करने के तरीके तलाशने का सरकार से अनुरोध किया है। फियो के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यूक्रेन पर हमला करने के कारण रूस पर लगे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रतिबंधों के कारण भारतीय निर्यातकों को रूस से भुगतान प्राप्त करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। फियो अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार को पांच-छह बैंकों को चिह्नित कर रुपये एवं रूबल में कारोबार करने की सुविधा शुरू करने पर ध्यान देना चाहिए। इससे भारत एवं रूस के बीच कारोबार सुगम हो सकेगा। फरवरी के अंत में रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया तो अमेरिका एवं यूरोपीय देशों ने उसे भुगतान प्रणाली से प्रतिबंधित कर दिया। इसकी वजह से वह डॉलर में भुगतान नहीं कर पा रहा है। शक्तिवेल ने कहा, ‘‘सरकार को रुपया-रूबल व्यापार का एक तरीका निकालना होगा। सरकार ने जिस तरह ईरान के साथ व्यापार में रास्ता निकाला था, वैसा ही रूस के मामले में भी निकालना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारा सुझाव है कि हम रूस से आयात रुपये में करें और रूस उस रुपये को अलग खाते में रखकर हमारे निर्यात के लिए भुगतान कर दे।'' उन्होंने कहा कि असली मुद्दा रुपये के बरक्स रूबल के लिए विनिमय दर तय करना है। वित्त वर्ष 2021-22 में भारत ने रूस को 3.2 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया, जबकि रूस से आयात 8.7 अरब डॉलर रहा है। भारत से रूस को निर्यात होने वाले प्रमुख उत्पादों में दवाएं, चाय, इलेक्ट्रिक मशीन एवं उपकरण, ऑर्गेनिक रसायन और वाहन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगने से भारतीय निर्यातकों के लिए नए कारोबारी मौके भी पैदा हुए हैं।
- नयी दिल्ली. वाहन विनिर्माता हुंदै मोटर इंडिया इस साल भारतीय बाजार में अपना लोकप्रिय इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) आईओएनआईक्यू-5 पेश करेगी। कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। त्योहारी सीजन के दौरान साल की दूसरी छमाही में पेश होने वाला यह मॉडल देश में कंपनी की ईवी विस्तार योजनाओं का प्रतीक होगा। हुंदै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) उन्सू किम ने एक बयान में कहा, "कंपनी एक प्रगतिशील और टिकाऊ भविष्य के लिए अपने व्यवसायों तथा उत्पाद श्रृंखला में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है।" उन्होंने कहा कि कंपनी देश में अपनी बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) श्रृंखला के विस्तार के लिए 2028 तक छह मॉडल पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। हुंदै ने पिछले साल दिसंबर में 2028 तक भारत में लगभग छह इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने के लिए लगभग 4,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना का ऐलान किया था। .
- मुंबई. क्षेत्रीय मुद्राओं और घरेलू बाजार में सुधार के कारण मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे बढ़कर 76.60 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर पहुंच गया। कारोबारियों ने बताया कि चीन में कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण लगाए गए प्रतिबंधों और अमेरिका में ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि की आशंकाओं के कारण घरेलू मुद्रा में लाभ सिमट गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 76.48 प्रति डॉलर पर मजबूती के साथ खुला। कारोबार के दौरान रुपया 76.43 के उच्चतम और 76.69 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गया और अंत में चार पैसे बढ़त लेकर 76.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘लगातार दो दिन गिरने के बाद क्षेत्रीय मुद्राओं और घरेलू बाजार में सुधार के कारण रुपये में आज मजबूती दर्ज की गई। कच्चे तेल और जिंसों की कीमतों में गिरावट तथा एलआईसी के आईपीओ से घरेलू बाजार में निवेश की उम्मीदों से भी रुपये को समर्थन मिला।'' बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 776.72 अंक उछलकर 57,356.61 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 246.85 अंक की वृद्धि के साथ 17,200.80 अंक पर पहुंच गया। वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.49 प्रतिशत की गिरावट लेकर 101.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस बीच, छह मुद्राओं की तुलना में डॉलर का आकलन करने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 की मजबूती के साथ 101.81 पर कारोबार कर रहा था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने 3,302.85 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
- मुंबई. शेयर बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर मंगलवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स करीब 777 अंक उछलकर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच ऊर्जा, वाहन और उपभोग से जुड़े शेयरों में लिवाली से बाजार को समर्थन मिला। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 776.72 अंक यानी 1.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,356.61 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 246.85 अंक यानी 1.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,200.80 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के तीस शेयरों में पावरग्रिड का शेयर 3.93 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में रहा। इसके अलावा टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो, एसबीआई, भारती एयरटेल और एचयूएल प्रमुख रूप से लाभ में रहे। मूल्य के हिसाब से सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज में तेजी से बाजार को अच्छी मजबूती मिली। केवल चार शेयर... एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, मारुति और टीसीएस के शेयर नुकसान में रहे। इनमें 0.70 प्रतिशत की गिरावट आयी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू निवेशकों की मजबूत लिवाली तथा सकारात्मक वैश्विक रुख से बाजार में तेजी रही। लेकिन चीन में ‘लॉकडाउन', रूस-यूक्रेन युद्ध तथा नीतिगत दरों में वृद्धि की संभावना के कारण उतार-चढ़ाव बना हुआ है।'' उन्होंने कहा, ‘‘...निवेशकों को सलाह है कि जिन क्षेत्रों के मुद्रास्फीति और बांड प्रतिफल में वृद्धि से प्रभावित होने की संभावना कम है, उसको तरजीह दें। इसमें बैंक, आईटी, औषधि तथा हरित ऊर्जा शामिल हैं।'' एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहे जबकि चीन के शंघाई कंपोजिट में गिरावट आई। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख रहा।इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.75 प्रतिशत फिसलकर 101.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर चार पैसे मजबूत होकर 76.60 (अस्थायी) पर बंद हुई। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,302.85 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
- नयी दिल्ली। वाहन विनिर्माता हुंदै मोटर इंडिया इस साल भारतीय बाजार में अपना लोकप्रिय इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) आईओएनआईक्यू-5 पेश करेगी। कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।त्योहारी सीजन के दौरान साल की दूसरी छमाही में पेश होने वाला यह मॉडल देश में कंपनी की ईवी विस्तार योजनाओं का प्रतीक होगा।हुंदै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) उन्सू किम ने एक बयान में कहा, "कंपनी एक प्रगतिशील और टिकाऊ भविष्य के लिए अपने व्यवसायों तथा उत्पाद श्रृंखला में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है।"उन्होंने कहा कि कंपनी देश में अपनी बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) श्रृंखला के विस्तार के लिए 2028 तक छह मॉडल पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। हुंदै ने पिछले साल दिसंबर में 2028 तक भारत में लगभग छह इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने के लिए लगभग 4,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना का ऐलान किया था।
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नयी दिल्ली. राकेश झुनझुनवाला के समर्थन वाली विमानन कंपनी आकाश एयर अपनी वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन जून के बजाय जुलाई में शुरू करेगी। आकाश एयर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम एयरलाइन को शुरू करने की तारीख के करीब आते हैं, हम अब अपनी समयसीमा अनुमानों की पुष्टि कर सकेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम जुलाई, 2022 में वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने के इरादे से जून, 2022 की शुरुआत में अपने पहले विमान की डिलिवरी पाने की उम्मीद कर रहे हैं।'' दुबे कंपनी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक भी है। उन्होंने कहा कि आकाश एयर मार्च, 2023 के अंत तक 18 विमानों को उड़ाने की योजना पर कायम है। गौरतलब है कि दुबे ने 26 मार्च को एक विमानन कार्यक्रम में कहा था कि एयरलाइन जून में अपना वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने की योजना बना रही है। झुनझुनवाला और विमानन क्षेत्र के दिग्गज आदित्य घोष के समर्थन वाली आकाश एयर को वाणिज्यिक उड़ानों का परिचालन शुरू करने के लिए अगस्त, 2021 के पहले पखवाड़े में नागर विमानन मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिला था।
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चेन्नई। दोपहिया वाहन कंपनी टीवीएस मोटर कंपनी ने ‘पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग टीम' बनाने के लिए मलेशिया की तेल एवं गैस कंपनी पेट्रोनास के साथ हाथ मिलाया है। टीवीएस मोटर ने सोमवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि यह टीम रोड रेसिंग, सुपरक्रॉस और इंडियन नेशनल मोटरसाइकिल रेसिंग चैंपियनशिप, इंडियन नेशनल सुपरक्रॉस चैंपियनशिप और इंडियन नेशनल रैली चैंपियनशिप में भी भाग लेगी। विज्ञप्ति के अनुसार, नये सिरे से ब्रांड टीम से देश में रेसिंग की लोकप्रियता और बढ़ेगी। -
नयी दिल्ली. देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक ने पाबंदियां हटने के बाद से 21 लाख से अधिक कार्ड जारी किये हैं। साथ ही बैंक अगली कुछ तिमाहियों में कई और डिजिटल पहल शुरू करने की योजना बना रहा है। बैंक एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एचडीएफसी बैंक को नये क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी थी। पिछले दो साल के दौरान बैंक की इंटरनेट बैंकिंग/मोबाइल बैंकिंग/भुगतान सुविधाओं में समस्याओं को देखते हुए पाबंदी लगायी गयी थी। यह प्रतिबंध आठ महीने बाद पिछले साल अगस्त में हटा लिया गया। जबकि मार्च, 2020 में आरबीआई ने डिजिटल पहल समेत अन्य पाबंदियों को भी हटा लिया। एचडीएफसी बैंक के मुख्य वित्त अधिकारी आर श्रीनिवासन वैद्यनाथन ने तिमाही परिणाम बाद विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘हमने एक मजबूत और सुरक्षित प्रौद्योगिकी ढांचे को और सुदृढ़ करने को लेकर कई कदम उठाए हैं। हम गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और अब अगली कुछ तिमाहियों में विभिन्न डिजिटल पहल के तहत कार्यक्रम शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।'' बातचीत की जानकारी सोमवार को शेयर बाजार को दी गयी।
उन्होंने कहा, हमने जो प्रगति की, उसी के तहत नये कार्ड को लेकर लगायी गयी पाबंदियों को पिछले साल अगस्त में हटा लिया गया। उसके बाद मार्च, 2022 में डिजिटल 2.0 कार्यक्रम शुरू करने को लेकर लगी रोक भी हटा ली गयी। - मुंबई. सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने सोमवार को कहा कि उसने एसबीआई कार्ड के उपभोक्ताओं के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन क्रियाकलाप को आसान बनाने के लिए एक करार किया है। टीसीएस ने एक बयान में कहा कि इस समझौते से एसबीआई कार्ड को अपने ई-कार्ड कारोबार के विस्तार में सहूलियत होगी। हालांकि कंपनी ने इस सौदे के मूल्य का खुलासा नहीं किया। टीसीएक के बयान के मुताबिक वह पिछले एक दशक से देश में सबसे बड़े क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता कंपनी एसबीआई कार्ड को सेवाएं दे रही है और नया करार इस संबंध को आगे बढ़ाता है। एसबीआई कार्ड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी राम मोहन राव अमारा ने कहा, “एक रणनीतिक भागीदार के रूप में टीसीएस ने हमारे लिए इस डिजिटल यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारे कोर कार्ड सोर्सिंग मंच को डिजिटल बनाने में उसकी खास भूमिका रही है।
- नयी दिल्ली. प्रौद्योगिकी समाधान कंपनी साएंट अपना कारोबार आधार बढ़ाने के लिए फिनलैंड स्थित वैश्विक संयंत्र एवं उत्पाद इंजीनियरिंग सेवा कंपनी साइटेक का करीब 800 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करेगी। साएंट की तरफ से शेयर बाजारों को भेजी गई एक सूचना के अनुसार, अधिग्रहण का यह सौदा पूरी तरह से नकद सौदा होगा। इस सौदे का लेनदेन मूल्य लगभग 800 करोड़ रुपये है। इस सौदे के चालू तिमाही में ही पूरा हो जाने की उम्मीद है। वर्ष 1984 में गठित साइटेक के दुनिया भर में करीब 1,200 कर्मचारी हैं। यह वर्तमान में ऊर्जा, प्रक्रिया, तेल एवं गैस और विनिर्माण उद्योगों में ग्राहकों को सेवा प्रदान कर रही है। साएंट के अनुसार, यह किसी भारतीय इंजीनियरिंग सेवा कंपनी द्वारा किया गया सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण है। यह खुद साएंट का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है। साएंट ने कहा, "यह अधिग्रहण स्वच्छ ऊर्जा पर ध्यान देने के साथ ऊर्जा उद्योग में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करेगा। इससे जर्मनी, फ्रांस के साथ फिनलैंड, नार्वे और स्वीडन जैसे देशों में हमारी मौजूदगी का विस्तार होगा।
- नयी दिल्ली. हीरो इलेक्ट्रिक ने सोमवार को कहा कि उसने प्रौद्योगिकी-आधारित इलेक्ट्रिक वाहन लॉजिस्टिक कंपनी इविफाई के साथ गठजोड़ किया है। इस करार के तहत हीरो इलेक्ट्रिक अगले दो वर्षों में इविफाई को 1,000 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की आपूर्ति करेगी। हीरो इलेक्ट्रिक ने एक बयान में कहा कि आपूर्ति की जाने वाली पहली 50 इकाइयां पहले से ही उत्पादन चरण में हैं और अगले महीने तक सौंप दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, कंपनी साल के अंत तक कई टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में इविफाई की तरफ से तैनात किए जाने वाले 500 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की भी आपूर्ति करेगी। हीरो इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहिंदर गिल ने कहा, "बी2बी साझेदारी ईवी उद्योग को शून्य-उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में काम करने के लिए पार्टनर विशेषज्ञता और ताकत का आदान-प्रदान और उपयोग करने में सक्षम बनाएगी।" उन्होंने कहा कि कंपनी अपने संसाधनों का लाभ उठाएगी और भविष्य में इस तरह की कई और भागीदारी करेगी। इविफाई के सीईओ देवर्षि अरोड़ा ने कहा, "यह साझेदारी हमें भारत में ईवी लॉजिस्टिक परिदृश्य की नए सिरे से कल्पना करने में मदद करेगी।
- नई दिल्ली. खानपान के सामान के ऑनलाइन ऑर्डर लेने वाले मंच स्विगी ने अपने आपूर्ति कर्मचारियों को प्रबंधक स्तर की तय वेतन एवं अन्य लाभों वाली पूर्णकालिक नौकरियों के लायक बनाने के लिए एक खास कार्यक्रम शुरू किया है। स्विगी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि इस 'स्टेप-अहेड' कार्यक्रम का उद्देश्य उन कर्मचारियों को अवसर देना है जो कंपनी के साथ अपने मौजूदा जुड़ाव की जगह एक समर्पित, प्रबंधकीय भूमिका में जाना चाहते हैं। स्विगी ने कहा कि वह इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे रहा है और सभी फ्लीट मैनेजर की नियुक्तियों का कम-से-कम 20 फीसदी अपने आपूर्ति कर्मचारियों के लिए आरक्षित करना चाहता है। स्विगी के उपाध्यक्ष (परिचालन) मिहिर राजेश शाह ने कहा, "जहां अधिकांश लोग इस मंच के साथ अपने जुड़ाव को आय के एक अतिरिक्त स्रोत या अस्थायी रोजगार के रूप में देखते हैं, वहीं हमें लगता है कि कुछ लोग इससे अधिक चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि स्टेप अहेड कार्यक्रम ऐसे लोगों को प्रबंधकीय भूमिका में आने का अवसर मुहैया कराएगा। स्विगी के देश भर में 2.7 लाख से अधिक आपूर्ति साझेदार हैं। कंपनी के मुताबिक, फ्लीट मैनेजर की भूमिका के लिए वही आपूर्ति कर्मचारी योग्य माने जाएंगे जिनके पास कॉलेज की डिग्री है और उन्हें कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी भी है।
- नयी दिल्ली. आरामदायक बिस्तर बनाने वाली कंपनी स्प्रिंगफिट ने अगले पांच वर्षों में 1,000-1,200 करोड़ रुपये का कारोबार करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही कंपनी का अगले दो-तीन साल में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की भी योजना है। स्प्रिंगफिट के कार्यकारी निदेशक नितिन गुप्ता ने कहा कि बिक्री में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी विनिर्माण क्षमता को दोगुना करने के लिए निवेश कर रही है। इस तरह वह अपने वितरण नेटवर्क का विस्तार करने और नए शोरूम जोड़ने की कोशिश में है। इसके अलावा स्प्रिंगफिट की अगले दो-तीन वर्षों में स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने की भी तैयारी है। स्प्रिंगफिट ने 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष में लगभग 250 करोड़ रुपये का कारोबार किया। कंपनी की चालू वित्त वर्ष के दौरान इसे दोगुना बढ़ाकर लगभग 450-500 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। गुप्ता ने कहा, "अपने विस्तार के साथ अगले पांच वर्षों में अपने राजस्व को दोगुना करके 1,000 से 1,200 करोड़ रुपये करने की योजना है। यदि हमारी योजनाएं सही ढंग से चलती हैं तो हमें वित्त वर्ष 2026-27 तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की कंपनी बन जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "कंपनी के वर्तमान में देश भर में 90 विशिष्ट शोरूम हैं। हमारा लक्ष्य अगले दो वर्षों में लगभग 150-200 शोरूम स्थापित करना है।" उन्होंने बताया कि विस्तार योजनाओं पर चालू वित्त वर्ष में 50 करोड़ रुपये निवेश की योजना है। वर्तमान में स्प्रिंगफिट का 60 प्रतिशत तक का राजस्व घरेलू बाजार से आता है। शेष 40 प्रतिशत निर्यात से आता है। कंपनी की हरिद्वार, मेरठ, वडोदरा और कोयंबटूर में चार विनिर्माण इकाइयां स्थापित हैं।
- नयी दिल्ली| सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने और बही-खातों को मजबूत करने से जुड़े सुझाव देने के लिए बनाए गए छह कार्यसमूहों से इस साल दिसंबर तक अपनी-अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के शीर्ष अधिकारियों की बैठक ‘मंथन 2022' में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। गत 22 अप्रैल को हुई इस बैठक में मौजूद रहे एक अधिकारी ने बताया कि ये छह कार्यसमूह पीएसबी की कार्यप्रणाली पर ध्यान देंगे और ग्राहक सेवा, डिजिटलीकरण, मानव संसाधन प्रोत्साहन, कॉरपोरेट शासन और सहयोग को बेहतर बनाने के तरीके सुझाएंगे। बैठक में शामिल हुए वित्तीय सेवाओं के सचिव संजय मल्होत्रा ने हाल में बैंकों से कहा कि वे दीर्घकालिक मुनाफे के लिए रणनीति तैयार करें और ग्राहकों के अनुरूप तौर-तरीके अपनाएं। इस बैंक अधिकारी ने बैठक का ब्योरा देते हुए कहा कि ये कार्यसमूह इस साल के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकते हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सभी कार्य-समूह नियमित बैठकें करेंगे और प्रत्येक समूह की प्रगति का पता लगाने के लिए समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
- नयी दिल्ली। इस्पात क्षेत्र की कंपनी कामधेनु समूह ने वित्त वर्ष 2023-24 तक अपने इस्पात कारोबार से 22,000 करोड़ रुपये के ब्रांड बिक्री कारोबार का लक्ष्य रखा है। कामधुन समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सतीश अग्रवाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, "हमारे उत्पादों की मांग को देखते हुए हम अगले वित्त वर्ष तक इस्पात खंड में कुल ब्रांड बिक्री कारोबार 22,000 करोड़ रुपये पहुंचने की उम्मीद करते हैं।" टीएमटी सरिया बनाने वाली कंपनी कामधेनु इस्पात खंड में फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करती है।अग्रवाल ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का कुल ब्रांड बिक्री कारोबार 12,000 करोड़ रुपये था। अब वित्त वर्ष 2023-24 तक समूह का लक्ष्य 22,000 करोड़ रुपये का बिक्री कारोबार हासिल करना है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में सरकारी खर्च, सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, जन परिवहन, जलमार्ग और रसद बुनियादी ढांचे के विकास पर भी समूह का ध्यान है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना से इस्पात की मांग में बढ़ोतरी होगी। इस्पात के अलावा पेंट क्षेत्र में भी सक्रिय कामधेनु समूह के प्रमुख ने कहा कि वर्तमान में भारत में पेंट उद्योग 18-20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। समूह ने वर्ष 2025-26 तक पेंट कारोबार को बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये तक ले जाने की योजना बनाई है। फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत कंपनी के ओडिशा, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, बिहार, गोवा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टीएमटी विनिर्माण संयंत्र हैं।-
- नयी दिल्ली। सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से आठ के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 2,21,555.61 करोड़ रुपये की गिरावट आई। इस दौरान इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक को सबसे अधिक नुकसान हुआ। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,141.78 अंक या 1.95 प्रतिशत नीचे आया।शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज और अडाणी ग्रीन एनर्जी ही लाभ में रहीं। समीक्षाधीन सप्ताह में इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण 68,548.8 करोड़ रुपये घटकर 6,67,062.55 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक के बाजार मूल्यांकन में 60,536.97 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 7,51,801.60 करोड़ रुपये पर आ गया। भारती एयरटेल की बाजार हैसियत 30,127.49 करोड़ रुपये के नुकसान से 4,05,723.51 करोड़ रुपये और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की 18,094.01 करोड़ रुपये के नुकसान से 13,21,594.47 करोड़ रुपये रह गई। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का बाजार मूल्यांकन 15,261.09 करोड़ रुपये टूटकर 4,46,587.56 करोड़ रुपये पर आ गया। बजाज फाइनेंस की बाजार हैसियत 13,264.96 करोड़ रुपये घटकर 4,30,420.83 करोड़ रुपये रह गई। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 10,376.97 करोड़ रुपये घटकर 5,19,362.62 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का 5,345.32 करोड़ की गिरावट के साथ 5,00,392.45 करोड़ रुपये रह गया। इस रुख के उलट रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 1,39,357.52 करोड़ रुपये के भारी उछाल के साथ 18,66,071.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। अडाणी ग्रीन एनर्जी का मूल्यांकन 3,698.89 करोड़ रुपये चढ़कर 4,51,749.88 करोड़ रुपये रहा।शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अडाणी ग्रीन एनर्जी, एसबीआई, बजाज फाइनेंस और भारती एयरटेल का स्थान रहा।
- नयी दिल्ली। चिलचिलाती गर्मी के कारण बिजली की बढ़ती मांग के बीच कोयला खानों से काफी दूरी पर स्थित (नॉन पिटहेथ) ताप बिजलीघरों में कोयला भंडार का संकट पैदा होता दिख रहा है। इन बिजली संयंत्रों के पास गत गुरुवार तक सामान्य का मात्र 26 प्रतिशत कोयला भंडार था। विशेषज्ञों का मानना है कि कोयले की कमी संभावित बिजली संकट का कारण बन सकती है। ऐसे संयंत्रों को कोयला आपूर्ति बढ़ाने की जरूरत है। खानों से दूर स्थित ताप बिजलीघरों के पास सामान्य का सिर्फ 26 प्रतिशत भंडार अच्छा संकेत नहीं माना जा सकता। नॉन-पिटहेड ताप बिजलीघर कोयलों खानों से काफी दूर होते हैं और इन संयंत्रों में कोयला भंडार काफी महत्व रखता है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार (18 अप्रैल) से बृहस्पतिवार (21 अप्रैल) तक लगभग 163 गीगावॉट की कुल उत्पादन क्षमता वाले 155 नॉन-पिटहेड ताप बिजली संयंत्रों में कोयले का भंडार मानक या सामान्य स्तर का 26 प्रतिशत था। सीईए लगभग 202 गीगावॉट की कुल उत्पादन क्षमता वाले 173 बिजली संयंत्रों में कोयले भंडार की निगरानी करता है। इनमें लगभग 39 गीगावॉट की कुल उत्पादन क्षमता वाली 18 पिटहेड परियोजनाएं शामिल हैं। कोयला खानों के नजदीक (पिटहेथ) स्थित ताप बिजली घरों के समक्ष सामान्य तौर पर कोयले की कमी की समस्या नहीं आती। आंकड़ों के अनुसार 21 अप्रैल, 2022 को कोयला खानों से दूर स्थित बिजली संयंत्रों के पास 57,033 हजार टन के मानक स्तर के मुकाबले 14,610 हजार टन कोयले का भंडार था। यह सामान्य स्तर का मात्र 26 प्रतिशत बैठता है। हाल के दिनों में खानों से दूर स्थित संयंत्रों में कोयले के भंडार की स्थिति और खराब हुई है। 21 मार्च, 2022 को ऐसे 155 बिजली संयंत्रों के पास कोयले का भंडार 57,616 हजार टन के सामान्य स्तर का 31 प्रतिशत यानी 17,752 हजार टन था। राष्ट्रीय ग्रिड परिचालक पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार, 22 अप्रैल, 2022 को व्यस्त समय में बिजली की अधिकतम मांग या एक दिन में सबसे ऊंची आपूर्ति 197 गीगावॉट थी, जबकि व्यस्त समय की बिजली की कमी छह गीगावॉट थी। 22 अप्रैल, 2021 को व्यस्त समय की अधिकतम पूरी की गई बिजली की मांग 167 गीगावॉट और अधिकतम बिजली की कमी 0.63 गीगावॉट थी। विशेषज्ञों ने कहा कि इससे स्पष्ट पता चलता है कि गर्मियां जल्दी आने से मांग करीब 30 गीगावॉट या 17 प्रतिशत बढ़ी है।





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