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- नयी दिल्ली । अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक तरीके से बढ़ोतरी की आशंका के बीच विदेशी निवेशकों ने इस महीने अबतक भारतीय बाजारों से 12,300 करोड़ रुपये निकाले हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना, रूस-यूक्रेन युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, घरेलू मोर्चे पर ऊंची मुद्रास्फीति की वजह से भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का निवेश प्रवाह दबाव में रहेगा। एफपीआई ने मार्च, 2022 तक भारतीय शेयर बाजारों में लगातार छह महीने तक बिकवाली की थी। इस दौरान उन्होंने भारतीय शेयर बाजारों से 1.48 लाख करोड़ रुपये निकाले थे। इसकी मुख्य वजह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका और रूस के यूक्रेन पर हमले की वजह से पैदा हुए हालात थे। लगाताह छह माह तक बिकवाली के बाद एफपीआई ने अप्रैल के पहले सप्ताह में शेयरों में 7,707 करोड़ रुपये डाले थे। इसके बाद 11 से 13 अप्रैल के कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह के दौरान उन्होंने शेयरों से 4,500 करोड़ रुपये की निकासी की। उसके बाद के सप्ताह में भी एफपीआई की बिकवाली जारी रही। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एक से 22 अप्रैल के दौरान विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से शुद्ध रूप से 12,286 करोड़ रुपये की निकासी की है। समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने शेयरों के अलावा ऋण या बांड बाजार से भी 1,282 करोड़ रुपये की निकासी की है। मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से निवेशकों की धारणा को प्रभावित हो रही है। ऐसे में निवेशक उभरते बाजारों में अपने निवेश को लेकर एक बार फिर सतर्क रुख अपना रहे हैं।'' कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, ऊंची मुद्रास्फीति, सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर में कमी जैसे कारणों से निकट भविष्य में एफपीआई के प्रवाह में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। भारत के अलावा एफपीआई ने अप्रैल में अन्य उभरते बाजारों मसलन ताइवान, दक्षिण कोरिया और फिलिपीन से भी निकासी की है।
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नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने तेल क्षेत्र ‘मुंबई हाई फील्ड्स' से अतिरिक्त 75 लाख टन तेल उत्पादन और एक अरब घन मीटर (बीसीएम) गैस उत्पादन के लिए 6,000 करोड़ रुपये की लागत से दो परियोजनाएं शुरू की हैं। ओएनजीसी ने एक बयान में कहा कि मुंबई हाई साउथ रिडेवलपमेंट फेज-4 के हिस्से के रूप में 3,740 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ‘8- लेग्ड वॉटर इंजेक्शन कम लिविंग क्वार्टर' मंच बनाया गया है जबकि 2,292.46 करोड़ रुपये की लागत से मुंबई हाई में ‘क्लस्टर-8 मार्जिनल फील्ड डेवलपमेंट' परियोजना पूरी की गई। इस बयान के मुताबिक, ‘‘इन दोनों परियोजनाओं से 75 लाख टन तेल और एक अरब घन मीटर गैस का अतिरिक्त उत्पादन होगा।'' पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को पश्चिमी तट पर स्थित इन परियोजनाओं को देश को समर्पित किया। बयान के मुताबिक, इन दोनों परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए पुरी ने ओएनजीसी दल की सराहना की है।
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मुंबई। वाहन विनिर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने तत्काल प्रभाव से अपने यात्री वाहनों की कीमतें औसतन 1.1 फीसदी बढ़ा दी हैं। कंपनी ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि वाहन निर्माण की लागत में वृद्धि होने के कारण यात्री वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। टाटा मोटर्स ने कहा कि यह मूल्य वृद्धि 23 अप्रैल से ही प्रभाव में आ गई है और विभिन्न मॉडल एवं संस्करण के आधार पर औसत मूल्य वृद्धि 1.1 फीसदी है। टाटा मोटर्स से पहले कई अन्य वाहन विनिर्माता भी लागत बढ़ने की वजह से कीमतों में बढ़ोतरी कर चुके हैं। पिछले कुछ महीनों में इस्पात एवं अन्य कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से वाहनों की कीमतों में पांच से आठ फीसदी तक वृद्धि हो चुकी है।
- मुंबई . आईटीसी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) संजीव पुरी ने कहा कि वैश्विक और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के कारण अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की बुनियाद मजबूत है और भारत की वृद्धि गाथा बरकरार है। उन्होंने हालांकि कहा कि मुद्रास्फीति में वृद्धि चिंता का विषय है, जिससे मांग प्रभावित हुई है।पुरी ने टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं कि हम अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष इसका सिर्फ एक हिस्सा है। महामारी के बीच में मुद्रास्फीति आ गई। इस अनिश्चितता के कई हिस्से हैं। लेकिन, अगर आप बुनियादी बातों को देखें, तो वृद्धि गाथा और भारत का वादा पूरी तरह बरकरार है।'' पुरी ने कहा कि वह भारत में उपलब्ध अवसरों को लेकर आशावादी हैं।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि काफी अधिक अवसर हैं। मुझे नहीं लगता कि पीछे हटने या निराश होने की कोई वजह है। उतार-चढ़ाव बने रहते हैं, लेकिन अगर आपको सही रणनीति, सही प्रतिस्पर्धात्मकता मिल गई है, तो मुझे लगता है कि आगे बढ़ा जा सकता है।'' पुरी ने कहा कि भारत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्था है, देश में विदेशी मुद्रा भंडार पर्याप्त है, कर राजस्व में उछाल आया है और बजट वृद्धि को बढ़ावा देने वाला है।
- नयी दिल्ली. अडाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन्स (एपीएसईजेड) लिमिटेड की अनुषंगी अडाणी हार्बर सर्विसेस ने तृतीय पक्ष समुद्री सेवा प्रदाता कंपनी ओशन स्पार्कल लिमिटेड (ओएसएल) के अधिग्रहण के लिए करार किया है। एपीएसईजेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक करण अडाणी ने कहा कि ओएसएल और अडाणी हार्बर सर्विसेज लिमिटेड (टीएएचएसएल) के तालमेल को देखते हुए, समेकित व्यवसाय बेहतर मुनाफे के साथ पांच वर्षों में दोगुना होने की संभावना है, जिसका लाभ अडाणी पोर्ट्स के शेयरधारकों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस अधिग्रहण से कंपनी की भारत के समुद्री सेवा बाजार में हिस्सेदारी बढ़ेगी और अन्य देशों में मौजूदगी दर्ज करवाने के लिए एक मंच भी मिलेगा। एक बयान में कहा गया, ‘‘स्वयं के 94 पोतों और तृतीय पक्ष स्वामित्व वाले 13 पोतों के साथ ओएसएल बाजार में अगुवा है।'' बयान के मुताबिक ओएसएल का उद्यम मूल्य 1,700 करोड़ रुपये है।
- नयी दिल्ली. ऑनलाइन खाना आर्डर और डिलिवरी की सुविधा देने वाली कंपनी जोमैटो ने अप्रैल 2022 से प्लास्टिक उपयोग मामले में शत प्रतिशत तटस्थ होने की घोषणा की है। इसके तहत कंपनी जितना प्लास्टिक उपयोग करेगी, उससे कहीं ज्यादा का पुनर्चक्रण करेगी। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि इसके अलावा उसने अगले तीन साल में 10 करोड़ से अधिक डिलिवरी पर्यावरण अनुकूल डिब्बे में करने का लक्ष्य रखा है। जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने एक ब्लॉगस्पॉट में कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना प्रकृति में स्वयं घुल-मिल जाने वाले और अन्य गैर-प्लास्टिक विकल्पों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन्हें बढ़ावा देकर ऐसे उत्पादों को अधिक किफायती तथा उपलब्ध बनाया जा सकता है। उन्होंने लिखा, ‘‘अब से, जोमैटो के जरिए आप जो भी खाना ऑर्डर करेंगे, वह 100 फीसदी प्लास्टिक तटस्थ होगा। इसका मतलब है कि हम स्वेच्छा से आपके ऑर्डर की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से ज्यादा प्लास्टिक का पुनर्चक्रण करेंगे।'' गोयल ने कहा कि इसके लिए कंपनी ने अत्याधुनिक आईएसओ-प्रमाणित प्लास्टिक कचरा प्रबंधन संगठनों के साथ काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जोमैटो सभी प्रकार के व्यंजनों के लिए पर्यावरण अनुकूल पैकेट विकसित करने पर भी जोर दे रही है।
- नयी दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने विशेषज्ञ अधिकारियों के 145 पदों के लिए पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें से 100 पद प्रबंधक (ऋण) के लिए, 40 प्रबंधक (जोखिम) और पांच वरिष्ठ प्रबंधक (कोषागार) पद के लिये हैं। बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तारीख सात मई 2022 है। ऑनलाइन परीक्षा की संभावित तारीख 12 जून है। प्रबंधक (ऋण) और प्रबंधक (जोखिम) पद के लिये न्यूनतम आयु एक जनवरी, 2022 की स्थिति के अनुसार 25 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष है। जबकि वरिष्ठ प्रबंधक (कोषागार) पद के लिये न्यूनतम आयु 25 वर्ष और अधिकतम 37 वर्ष है। पीएनबी ने अधिसूचना में कहा, ‘‘उम्मीदवार का चयन ऑनलाइन परीक्षा और साक्षात्कार से होगा।
- नयी दिल्ली. हीरो इलेक्ट्रिक ने अंतिम छोर पर डिलिवरी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इवन कार्गो के साथ हाथ मिलाया है। इवन कार्गो पूरी तरह से पहली महिला संचालित डिलिवरी मंच है। इस समझौते का मकसद इलेक्ट्रिक परिवहन साधनों को बढ़ावा देने में महिलाओं की भूमिका को बढ़ाना है।इस करार के अंतर्गत हीरो इलेक्ट्रिक, इवन कार्गो को डिलिवरी के लिये इलेक्ट्रिक वाहन बेड़े को बढ़ाने में मदद करेगी। इसके तहत 2025 तक 10,000 से अधिक महिलाओं को मंच से जोड़ने का लक्ष्य है।इसके साथ कंपनी महिलाओं को सशक्त बनाएगी और उनके लिये रोजगार के अवसर सृजित करेगी। बेड़े को दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद सहित प्रमुख शहरों में आवंटित किया जाएगा।हीरो इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सोहिंदर गिल ने एक बयान में कहा, "...इस तरह की बी2बी (कंपनियों के बीच) साझेदारी इलेक्ट्रिक वाहन की पूरी स्थिति को बदलने के लिए तैयार है। इसके तहत कई इकाइयां अपने विशेषज्ञताओं को साझा करने के साथ उसका उपयोग करेंगे तथा आगे बढ़ेंगे।" उन्होंने कहा कि कंपनी अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग जारी रखेगी और देश में ईवी का दायरा तेजी से बढ़ाने को ऐसे और इकाइयों का समर्थन करेगी। इवन कार्गो की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) करीना भसीन ने कहा कि यह सहयोग महिलाओं को सुरक्षित, किफायती और विश्वसनीय परिवहन प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। हीरो इलेक्ट्रिक, देश में अब तक 4.5 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बिक्री कर चुकी है।
- नयी दिल्ली . मजबूत वैश्विक रुख के साथ दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 263 रुपये की तेजी के साथ 52,472 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 52,209 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।इसी तरह, चांदी की कीमत भी 500 रुपये की तेजी के साथ 67,707 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 67,207 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव तेजी के साथ 1,952 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी 24.45 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘उच्च मुद्रास्फीति के कारण वैश्विक वृद्धि को लेकर उपजी चिंताओं की वजह से शुक्रवार को न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में सोने की कीमतों में मजबूती रही।
- मुंबई. कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बिकवाली का जोर रहने से शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में दो दिनों की तेजी के बाद गिरावट रही। मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 714.53 अंक तक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में भी 220.65 अंक का नुकसान रहा। विश्लेषकों ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी जारी रहने और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में आई गिरावट ने भी शेयर बाजारों को प्रभावित किया। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस पर बीएसई सेंसेक्स 714.53 अंक यानी 1.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,197.15 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी 220.65 अंक यानी 1.27 प्रतिशत के नुकसान के साथ 17,171.95 अंक पर आ गया। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में से एसबीआई, एचयूएल, इंडसइंड बैंक, डॉ रेड्डीज, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इनमें से एसबीआई के शेयर सबसे अधिक 3.08 प्रतिशत तक लुढ़क गए। दूसरी तरफ, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, मारुति सुजूकी, आईटीसी, एशियन पेंट्स एवं एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर 0.98 फीसदी तक लाभ पर रहे। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, "किसी स्पष्ट दिशा के बगैर उठापटक भरा यह बाजार दैनिक स्तर पर बाह्य एवं आंतरिक दोनों कारकों से प्रभावित हो रहा है। बाह्य स्तर पर अमेरिकी बाजार एक दिन दो फीसदी बढ़ जाता है तो अगले दिन दो फीसदी गिर जाता है।" उन्होंने कहा, "इसी तरह आंतरिक स्तर पर विदेशी संस्थागत निवेशकों एवं घरेलू संस्थागत निवेशकों के बीच लिवाली-बिकवाली को लेकर होड़ देखने को मिल रही है। ये बाह्य एवं आंतरिक दोनों ही कारक अब डांवाडोल हैं और इसी वजह से बाजार अस्थिर बना हुआ है।" साप्ताताहिक आधार पर इस हफ्ते सेंसेक्स 1,141.78 अंक यानी 1.95 फीसदी के नुकसान में रहा जबकि निफ्टी में 303.70 अंक यानी 1.73 फीसदी की गिरावट आई। जूलियस बेयर के कार्यकारी निदेशक मिलिंद मुचाला ने कहा, "भारतीय शेयर बाजार एक दायरे में ही घूम रहे हैं। जहां प्रमुख सूचकांकों में मजबूती नजर आ रही है वहीं ऐसा लगता है कि व्यापक गतिविधि बड़े बाजारों की तरफ खिसक गई है। चौथी तिमाही के नतीजे आने लगे हैं और बाजार थोड़ी सजगता दिखा रहे हैं।" व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.71 फीसदी गिर गया जबकि स्मालकैप सूचकांक 0.38 फीसदी खिसका। सूचीबद्ध शेयरों में से 1,956 नुकसान में रहे जबकि 1,451 शेयर लाभ के साथ बंद हुए। सभी बीएसई खंडों की बात करें तो बैंकिंग खंड को सर्वाधिक 2.19 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा। धातु शेयरों को 2.17 फीसदी, वित्त को 1.70 फीसदी, स्वास्थ देखभाल को 1.57 फीसदी और बुनियादी सामग्री खंड को 1.45 फीसदी का नुकसान हुआ। भारतीय बाजारों में गिरावट की एक बड़ी वजह कमजोर वैश्विक संकेत रहे। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल ने बढ़ती महंगाई के बीच मई में 50 आधार अंकों की वृद्धि के संकेत दिए हैं। एशिया के अन्य बाजारों में टोक्यो, हांगकांग एवं सोल के बाजार नुकसान के साथ बंद हुए जबकि शंघाई हल्की बढ़त पर रहा। वहीं यूरोप में बाजार दोपहर के सत्र में नुकसान पर चल रहे थे। बृहस्पतिवार को अमेरिकी बाजार भी नुकसान के साथ बंद हुए थे। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल मानक ब्रेंट 1.60 फीसदी गिरकर 106.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 32 पैसे की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही रुपया 76.49 के अस्थायी भाव पर खिसक गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजारों से निकासी जारी रखी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को विदेशी निवेशकों ने 713.69 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।
- मुंबई. रत्न एवं आभूषण निर्यात में 2021-22 में तेजी आई है और पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह करीब 55 प्रतिशत बढ़कर 39.15 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि रत्न एवं आभूषण का सकल निर्यात 2020-21 में 25.40 अरब डॉलर रहा। मार्च में रत्न एवं आभूषण का कुल सकल निर्यात 4.33 फीसदी बढ़कर 3.39329 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 3.40907 अरब डॉलर के मुकाबले 0.46 फीसदी कम है। जीजेईपीसी के अध्यक्ष कोलिन शाह ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में भारत का निर्यात 54 फीसदी बढ़ गया।'' उन्होंने कहा कि 39.15 अरब डॉलर के सालाना निर्यात के साथ भारत के इस क्षेत्र ने देश के 400 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य में दस फीसदी हिस्से के योगदान का वादा पूरा किया।'' उन्होंने बताया, ‘‘रत्न एवं आभूषण के कुल निर्यात में तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों की हिस्सेदारी 62 फीसदी या 24.23657 अरब डॉलर है। अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, बेल्जियम और इजराइल में मांग बढ़ी है।
- नयी दिल्ली. देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने बहु-उद्देश्यीय वाहन ‘एक्सएल6' का नया संस्करण बृहस्पतिवार को बाजार में उतारा। कंपनी की चालू वित्त वर्ष में कई नए उत्पाद लाने की योजना है। नई एक्सएल6 में 1.5 लीटर का पेट्रोल इंजन है। यह मॉडल मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों तरह के ट्रांसमिशन विकल्पों में उपलब्ध है। गाड़ी की कीमत 11.29 लाख रुपये से 14.55 लाख रुपये के बीच है। इस अवसर पर मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी हिसाशी ताकेयूची ने कहा, ‘‘आज के अनिश्चितता के दौर में कारोबारी वास्तविकताएं निरंतर बदल रही हैं। हालांकि इन सबके बीच, मैं भरोसा दिलाता हूं कि उत्पादों के मामले में मारुति सुजुकी 2022-23 को उत्साह से भरा वर्ष बनाएगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम नए मॉडल लाते रहेंगे और विभिन्न श्रेणी के वाहनों को बेहतर बनाते रहेंगे।
- मानेसर. होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) की कई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मॉडल पेश करने की योजना है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को कहा कि हमारी योजना अपने मानेसर स्थित विनिर्माण संयंत्र को निर्यात के लिए वैश्विक केंद्र बनाने की है। कंपनी ने प्रवेश स्तर की 100 सीसी मोटरसाइकिल खंड में उतरने देश में भविष्य की कारोबारी रूपरेखा के तहत निर्यात बढ़ाने की भी योजना बनाई है। एचएमएसआई के प्रबंध निदेशक, अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अत्सुशी ओगाता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एचएमएसआई, होंडा की वैश्विक विशेषज्ञता के तालमेल के साथ भारत में अपना दायरा और बढ़ाएगी।'' वर्तमान में कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन मॉडलों के लिए पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन चरण में है। ओगाता ने कहा, ‘‘कंपनी ने घरेलू बाजार में अपने नए मॉडलों के कारोबार को बढ़ावा देने के साथ कम मूल्य के मोटरसाइकिल बाजार में भी उतरने की योजना बनाई है।'' वर्तमान में एचएमएसआई 40 देशों को अपने वाहनों का निर्यात करती है।एचएमएसआई के निदेशक (बिक्री एवं विपणन) यादविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा, ‘‘हालांकि, आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दे अभी भी बने हुए हैं। उद्योग को जिंसों और ईंधन की कीमतों में भी वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन हम पिछले वित्त वर्ष के निचले आधार पर बाजार में सुधार की उम्मीद करते हैं।''
- नयी दिल्ली. नीति आयोग ने बृहस्पतिवार को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये बैटरी अदला-बदली नीति का मसौदा जारी किया। इसमें अन्य बातों के अलावा प्रोत्साहन देने के साथ-साथ कड़ी परीक्षण व्यवस्था के सुझाव दिये गये हैं। यह मसौदा नीति ऐसे समय लायी गयी है, जब इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के कई मामलों के बाद इन गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके तहत पहले चरण में बैटरी अदला-बदली नेटवर्क के विकास को लेकर 40 लाख से अधिक आबादी वाले सभी महानगरों को प्राथमिकता दी जाएगी। दोपहिया और तिपहिया वाहनों के महत्व को देखते हुए राज्यों की राजधानियों, केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यालय समेत पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। नीति में सभी कारोबारी मॉडल में समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इसमें बैटरी के साथ या अदला-बदली के तहत बिना बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि ईवी खरीद के लिये मौजूदा या नई योजनाओं के तहत दिये जाने वाले मांग संबंधित प्रोत्साहन बैटरी अदला-बदली वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को उपलब्ध कराये जा सकते हैं। नीति के मसौदे में सुझाव दिया गया है, ‘‘प्रोत्साहन के आकार का निर्धारण बैटरी की किलोवॉट रेटिंग और ईवी के आधार पर किया जा सकता है।'' इसमें यह भी प्रस्ताव किया गया है कि सब्सिडी के वितरण को लेकर एक उपयुक्त प्रणाली संबंधित मंत्रालय या विभाग तैयार करेगा। बैटरी के मामले में उच्चस्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आयोग ने एक मजबूत / कड़ी परीक्षण व्यवस्था का प्रस्ताव किया है। इसमें कहा गया है कि बैटरी की प्रबंधन प्रणाली निश्चित तौर पर स्व-प्रमाणित होनी चाहिए और परीक्षण के लिए खुली होनी चाहिए ताकि विभिन्न प्रणालियों के साथ इसकी उपयुक्तता तथा सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता की जांच की जा सके। नीति के मसौदे में कहा गया है कि मौजूदा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में लिथियम ऑयन बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहन आपूर्ति उपकरणों पर जीएसटी क्रमश: 18 प्रतिशत और पांच प्रतिशत है। ‘‘जीएसटी प्रावधानों पर निर्णय लेने वाली जीएसटी परिषद दोनों कर दरों में अंतर को कम करने पर विचार कर सकती है।'' नीति के मसौदे के अनुसार, कोई भी व्यक्ति या इकाई किसी भी स्थान पर बैटरी अदला-बदली स्टेशन स्थापित करने को स्वतंत्र है। लेकिन इसके लिये जरूरी है कि निर्धारित तकनीकी, सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों का पालन किया जाए। चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को लेकर शहरी क्षेत्रों में जगह की कमी को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 के अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि केंद्र ईवी परिवेश में दक्षता में सुधार को लेकर बैटरी अदला-बदली नीति लाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस संदर्भ में नीति आयोग ने मजबूत और व्यापक नीति रूपरेखा तैयार करने के लिए फरवरी, 2022 में अंतर-मंत्रालयी चर्चा शुरू की थी। आयोग ने मसौदा तैयार करने से पहले बैटरी अदला-बदली संचालक, बैटरी विनिर्माता, वित्तीय संस्थान समेत संबंधित पक्षों के विभिन्न समूहों के साथ व्यापक चर्चा की है। बैटरी अदला-बदली ईवी वाहनों के लिये एक वैकल्पिक व्यवस्था है। इसमें ‘डिस्चार्ज' बैटरी को ‘चार्ज' बैटरी से बदला जाता है। बैटरी अदला-बदली व्यवस्था वाले वाहनों को बिना बैटरी के बेचा जाएगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदारों के लिये गाड़ी की लागत कम बैठेगी। मसौदा विचार-विमर्श के लिये जारी किया गया है। आयोग ने पांच जून तक लोगों से इस पर अपने सुझाव देने को कहा है।
- नयी दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट के रुख के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोना 46 रुपये टूटकर 52,357 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 52,403 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।इस रुख के अनुरूप चांदी भी 103 रुपये की गिरावट के साथ 67,968 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 68,071 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना नुकसान के साथ 1,949 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। जबकि चांदी 25.03 डॉलर प्रति औंस पर अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘डॉलर के कमजोर होने के बावजूद अमेरिकी बांड आय बढ़ने से सोने की कीमतों में नरमी रही जिससे सोने में गिरावट देखने को मिली।
- नयी दिल्ली । निजी क्षेत्र की कंपनी टाटा स्टील ने रूस के साथ कारोबार बंद करने की घोषणा की है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कंपनी ने यह कदम उठाया है। कंपनी के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘टाटा स्टील का रूस में न तो कोई परिचालन नहीं है, न ही वहां उसके कर्मचारी हैं। हमने रूस के साथ कारोबार बंद करने का फैसला सोच-विचार कर किया है। टाटा स्टील ने बयान में कहा कि कारोबारी निरंतरता के लिए कंपनी के भारत, ब्रिटेन और नीदरलैंड के सभी इस्पात विनिर्माण संयंत्रों ने कच्चे माल की वैकल्पिक आपूर्ति का प्रबंध किया है। इससे उनकी रूस पर निर्भरता समाप्त हो गई है। कंपनी रूस से अपने विभिन्न परिचालनों के लिए रूस से सीमित मात्रा में कोयला खरीदा है।
- नयी दिल्ली । ओला और उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवा के चालकों ने दिल्ली सरकार द्वारा उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिये जाने के बाद अपनी हड़ताल 15 दिन के लिए टाल दी है। कैब चालकों की मांग है कि उन्हें सीएनजी पर सब्सिडी दी जाये और किराये में संशोधन किया जाये।सोमवार को शुरू हुई हड़ताल से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, शहर की सड़कों पर ऑटो रिक्शा चलने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। सर्वोदय चालक कल्याण संघ के अध्यक्ष रवि राठौर ने कहा कि हड़ताल को 15 दिन के लिए टाल दिया गया है।राठौर ने कहा, ''हमने मंगलवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के साथ बैठक की थी। उन्होंने हमारी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया और हमे 10 दिन और इंतजार करने को कहा।'' उन्होंने कहा, ''आज, उन्होंने किराया संशोधन समिति गठित की है। इसलिए, इन बातों को ध्यान में रखते हुए हमने अपनी हड़ताल 15 दिनों के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है।
- नयी दिल्ली। भारत सही मानकों और गुणवत्ता वाले विनिर्माण के जरिये टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर्स (टीजी-एसपी) के मामले में 20,300 करोड़ रुपये के निर्यात के अवसर को हासिल कर सकता है। भारत को टीजी-एसपी की 95.1 करोड़ इकाइयों के निर्यात का मौका मिल सकता है। इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट ‘बिल्डिंग ए लार्ज टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर्स इंडस्ट्री इन इंडिया' में यह दावा किया है। आईसीईए ने अपने एक अध्यन के हवाले से रिपोर्ट में कहा कि भारत को वर्तमान में टीजी-एसपी उद्योग के लिए एक संगठित विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने की जरूरत है। आईसीईए के अनुसार, टीजी-एसपी का घरेलू कारोबार वर्ष 2025 तक 25,000 करोड़ रुपये या 55 करोड़ इकाइयों तक पहुंच सकता है। इतनी बड़ी मात्रा में मांग होने के बावजूद भारत ने इस क्षेत्र में कोई ठोस व्यवस्था तैयार नहीं की है और 90 प्रतिशत कारोबार असंगठित तरीके से चल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेम्पर्ड ग्लास को अनिवार्य पंजीकरण के अंतर्गत आने वाले उत्पाद (सीआरओ) में शामिल करना चाहिए, ताकि इसका सही मानकों के आधार पर उत्पादन किया जा सके। इस कदम से यह क्षेत्र मोबाइल चार्जर, बैटरी और ईयरफोन्स जैसे संगठित क्षेत्रों की तरह आगे बढ़ेगा।रिपोर्ट में कहा गया कि भारत अच्छी गुणवत्ता वाले टीजी-एसपी के उत्पादन के साथ वर्ष 2025 तक 20,300 करोड़ रुपये का निर्यात या वर्ष 2022 से 2025 के बीच कुल 40,000 करोड़ रुपये का कारोबार कर सकता है।
- नयी दिल्ली। फ्यूचर समूह की इकाई फ्यूचर रिटेल लि. (एफआरएल) ने कंपनी की खुदरा संपत्तियां मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचने को लेकर बुधवार को शेयरधारकों के साथ बैठक की। एफआरएल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि बैठक की अध्यक्षता शैलेश हरिभक्ति ने की। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने बैठक की अध्यक्षता के लिये उनकी नियुक्ति की है। सूचना के अनुसार मतदान के परिणाम की घोषणा उपयुक्त समय पर की जाएगी। बैठक वीडियो कॉफ्रेंस के जरिये हुई। कंपनी ने कहा, ‘‘एनसीएलटी की मुंबई पीठ के निर्देश के अनुसार एफआरएल के शेयरधारकों की बैठक 20 अप्रैल को वीडियो कॉफ्रेंस के जरिये हुई।'' बैठक के दौरान सौदे पर कुछ सवाल उठे। बैठक में शेयरधारकों के समक्ष सभी पहलुओं को साफ किया गया।
- नयी दिल्ली. देश में मार्च, 2022 के दौरान करीब 1.06 करोड़ यात्रियों ने घरेलू उड़ानों से यात्रा की। यह आंकड़ा फरवरी की तुलना में 38 प्रतिशत अधिक है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को अपने मासिक बयान में कहा कि मार्च में सभी एयरलाइंस की सीटें भरने की दर 80 प्रतिशत से अधिक रही। डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार स्पाइसजेट, इंडिगो, विस्तार, गो फर्स्ट, एयर इंडिया और एयरएशिया इंडिया की सीटों की बुकिंग दर क्रमश: 86.9 प्रतिशत, 81 प्रतिशत, 86.1 प्रतिशत, 81.4 प्रतिशत, 85 प्रतिशत और 81.3 प्रतिशत रही। वहीं केंद्र संचालित क्षेत्रीय विमानन कंपनी अलायंस एयर की सीटों की बुकिंग 74 प्रतिशत रही। कोविड-19 महामारी की वजह से पिछले दो साल में विमानन क्षेत्र को यात्रा संबंधी पाबंदियों की मार झेलनी पड़ी है। डीजीसीए के अनुसार, मार्च में देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने अकेले 58.61 लाख घरेलू यात्रियों को हवाई यात्रा कराई। यह इस महीने में कुल घरेलू हवाई परिवहन का 54.8 प्रतिशत है। वहीं 10.44 लाख यात्रियों की संख्या के साथ गो फर्स्ट दूसरे स्थान पर रही। इसके अलावा देश के चार प्रमुख शहरों......बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई के हवाईअड्डों पर समय से उड़ानों के संचालन में 93.9 प्रतिशत के साथ इंडिगो ने सबसे अच्छा प्रर्दशन किया।
- नयी दिल्ली. हीरो इलेक्ट्रिक ने अगले एक साल में 50,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए बोल्ट के साथ साझेदारी की है। बोल्ट एक अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क है। हीरो इलेक्ट्रिक ने बुधवार को कहा कि इस साझेदारी के तहत पूरे भारत में 750 से अधिक हीरो इलेक्ट्रिक के टच प्वाइंट में बोल्ट चार्जर लगाए जाएंगे। इससे 4.5 लाख से अधिक ग्राहकों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा लगभग 2,000 हीरो इलेक्ट्रिक चालक अपने घरों में बोल्ट चार्जिंग इकाइयों का निशुल्क लाभ ले सकेंगे। हीरो इलेक्ट्रिक के सीईओ सोहिंदर गिल ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारा मिशन कार्बन मुक्त गतिशीलता को बढ़ावा देना और एक मजबूत ईवी सफर का अनुभव देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क का निर्माण करना है।'' उन्होंने कहा कि इस गठजोड़ से लाखों हीरो इलेक्ट्रिक ग्राहकों का सफर आसान होगा।
- नयी दिल्ली. इफको किसान संचार लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसने उत्पादन बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत किसानों की मदद से लगभग 25 स्मार्ट प्रौद्योगिकी आधारित खेत विकसित किए हैं। इससे लागत में कमी होगी और आय बढ़ेगी।इफको किसान संचार लिमिटेड चार प्रमुख क्षेत्रों - स्मार्ट कृषि समाधान, पशु चारा व्यवसाय, कृषि-तकनीक और कॉल सेंटर सेवाएं, में काम करती है। कंपनी इन स्मार्ट खेतों में स्वचालित वायरलेस मौसम केंद्र (एडब्ल्यूडब्ल्यूएस), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित स्वचालित ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मिट्टी की नमी सेंसर और जीआईएस आधारित रिमोट सेंसिंग उपग्रह चित्र विश्लेषण जैसी स्मार्ट तकनीकों का इस्तेमाल करती है। इन 25 स्मार्ट खेतों में प्रत्येक पांच एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।इफको किसान संचार लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप मल्होत्रा ने कहा, ‘‘हमारी कोशिश उत्कृष्टता के ऐसे प्रतीकों को स्थापित करना है, जहां विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और फसलों में सटीक कृषि प्रौद्योगिकियों को लागू किया जाए।'' उन्होंने कहा कि कंपनी किसानों को उन्नत और लाभकारी प्रथाओं के संबंध में सेवाएं देने के लिए काम कर रही है। भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) ने भारती एयरटेल और स्टार ग्लोबल रिसोर्सेज लिमिटेड के साथ मिलकर इफको किसान संचार लिमिटेड का गठन किया है।
- मुंबई. घरेलू शेयर बाजार में उछाल और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 29 पैसे चढ़कर 76.21 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया मजबूती के साथ 76.41 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान रुपया 76.16 प्रति डॉलर के उच्च स्तर तक गया और अंत में यह 76.21 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ। यह पिछले कारोबारी दिन की तुलना में 29 पैसे की मजबूती को दर्शाता है। इससे पिछले कारोबारी दिवस यानी मंगलवार को रुपया 21 पैसे की गिरावट के साथ 76.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। शेयरखान बाय बीएनपी परिबा के एवीपी (बुनियादी मुद्रा) और जिंस विश्लेषक प्रवीण सिंह ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू शेयर बाजार में तेजी से रुपया बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।'' इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को आंकने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत की गिरावट लेकर 100.35 पर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.76 प्रतिशत बढ़कर 108.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 574.35 अंक की वृद्धि के साथ 57,037.50 अंक पर बंद हुआ तथा निफ्टी भी 177.90 अंक चढ़कर 17,136.55 अंक पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को 5,871.69 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
- मुंबई. शेयर बाजारों में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर बुधवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 574.35 अंक उछलकर बंद हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, टीसीएस, एचडीएफसी लि. तथा एचडीएफसी बैंक में लिवाली से बाजार में तेजी लौटी। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक रुख से भी बाजार को मजबूती मिली है।तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 574.35 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,037.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सूचकांक एक समय 753.36 अंक यानी 1.33 प्रतिशत चढ़ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 177.90 अंक यानी 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,136.55 अंक पर बंद हुआ। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘एचडएफसी लि. और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में निचले स्तर पर लिवाली हुई, जिसका बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा। विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं, जबकि बाजार को घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) से मदद मिल रही है। इससे कुछ हद तक संतुलन बन रहा है।'' सेंसेक्स के तीस शेयरों में से अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर लि., भारती एयरटेल, एचडीएफसी और डॉ. रेड्डीज प्रमुख रूप से लाभ में रहे। इसके उलट नुकसान में रहने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस , आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील और आईटीसी शामिल हैं। इससे पहले, दोनों मानक सूचकांक...बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी... में लगातार पांच कारोबारी सत्रों में गिरावट दर्ज की गयी थी। एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में रहे, जबकि जापान का निक्की फायदे में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.89 प्रतिशत लाभ के साथ 108.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 5,871.69 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
- नयी दिल्ली। एचडीएफसी लिमिटेड अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीआईए) की सहायक कंपनी को एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगा।एचडीएफसी ने बुधवार को बताया कि यह सौदा 184 करोड़ रुपये में हुआ।एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स की स्थापना 2016 में हुई थी, और यह एचडीएफसी कैपिटल अफोर्डेबल रियल एस्टेट फंड 1, 2 और 3 की निवेश प्रबंधक है। एचडीएफसी कैपिटल द्वारा प्रबंधित फंड के जरिए किफायती और मध्यम आय वाली आवास परियोजनाओं को वित्त दिया जाता है।

























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