प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा, 1062 से अधिक अभिलेखों का संग्रह तैयार
रायपुर । प्रशासनिक पारदर्शिता, शोध सुविधा एवं ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायपुर में प्रशासनिक एवं ऐतिहासिक प्रोजेक्ट दस्तावेज ग्रंथालय की स्थापना की गई है। यह पहल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में की गई है।
इस पहल के अंतर्गत अविभाजित मध्यप्रदेश काल के ऐतिहासिक नियम-कानून, अधिनियम, विधानसभा एवं विधान परिषद की कार्यवाहियों सहित अन्य महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों का सुव्यवस्थित संकलन किया गया है। अब तक 1062 से अधिक पुस्तकों एवं अभिलेखों का संग्रह किया जा चुका है। इनमें वर्ष 1911 से 1971 तक की जनगणना से संबंधित पुस्तकें तथा प्रशासनिक, विधायी एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। इस संग्रह से प्रशासन, शोध एवं विधिक कार्यों में व्यापक लाभ मिलेगा। इसमें राजस्व, वित्त, योजना, कृषि, सिंचाई, अभिलेख, जेल सहित विभिन्न विभागों के अभिलेख, उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायिक संदर्भ सामग्री भी उपलब्ध है। यह संग्रह प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विधि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त संदर्भ केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
कलेक्टर डॉ गौरव सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन के मार्गदर्शन में जिला पंचायत कार्यालय के द्वितीय तल पर इस प्रोजेक्ट दस्तावेज ग्रंथालय को सुव्यवस्थित किया गया है, जहां पाठकगण अध्ययन हेतु उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल प्रदेश की प्रशासनिक एवं विधायी धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ सुशासन, पारदर्शिता एवं ज्ञान-आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है। भविष्य में इन दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की भी योजना है, जिससे इतिहासकारों एवं शोधार्थियों को और अधिक सुविधा मिल सके।






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