पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के विकसित भारत के विजन को सराहा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संसद में दिए भाषण की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का संबोधन एक मजबूत और विकसित भारत का विजन प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि उनका भाषण एक प्रेरणादायक रोडमैप दिखाता है जिससे भारत अपने लक्ष्यों को एकता और संकल्प के साथ हासिल कर सकता है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि राष्ट्रपति का भाषण युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और देश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश देता है। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में की गई पहलों और सभी के विकास की प्रतिबद्धता की सराहना की।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ अब ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ बन चुका है। साथ ही उन्होंने सरकार की आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबका साथ, सबका विकास की नीति को दोहराया और कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने की है।
संसद का बजट सत्र आज 31 जनवरी को शुरू हुआ जिसमें राष्ट्रपति मुर्मु ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत का मुख्य लक्ष्य 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनना और सभी नागरिकों के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने सरकार की “सैचुरेशन अप्रोच” पर जोर दिया, जिसका मतलब है कि हर सरकारी योजना का लाभ 100% लोगों तक पहुंचे।
इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। अब 1 फरवरी को 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा जिसमें सरकार अपनी आर्थिक नीतियों, कर सुधारों और जनकल्याण की योजनाओं की जानकारी देगी।



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