भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव की शुरुआत पांच फरवरी से, सीमावर्ती जिलों में निकलेगी सांस्कृतिक यात्रा
लखनऊ. भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का आयोजन पांच फरवरी से 23 फरवरी के बीच किया जाएगा और इस दौरान सीमावर्ती जिलों में सांस्कृतिक यात्रा भी निकाली जाएगी। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि भारत-नेपाल की साझी सांस्कृतिक विरासत को बरकरार रखने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश का संस्कृति विभाग इस वर्ष भी महोत्सव का आयोजन कर रहा है। महोत्सव में मित्र राष्ट्र नेपाल और उत्तर प्रदेश के कलाकार संगीत, लोक गीत व नृत्य पेश करेंगे।
भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव सांस्कृतिक यात्रा पांच फरवरी को सिद्धार्थनगर से प्रारंभ होकर महाराजगंज, कुशीनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी होते हुए 23 फरवरी को पीलीभीत में समाप्त होगी। उत्तर प्रदेश के सात जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और महराजगंज नेपाल सीमा से लगे हैं। इसके पहले एक बयान में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश के तराई सीमा क्षेत्र के जनपदों में स्थानीय जिला प्रशासन के सहयोग से भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव-2024-25 का आयोजन किया जा रहा है। सिंह के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य सीमावर्ती जनपदों में युवा पीढ़ी एवं विद्यार्थियों के बीच प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना एवं देश प्रेम की भावना को बढ़ावा देना है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार कार्यक्रम पांच फरवरी को सिद्धार्थ नगर से प्रारंभ होकर 23 फरवरी को पीलीभीत में संपन्न होगा। भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव सांस्कृतिक यात्रा 5-7 फरवरी को सिद्धार्थनगर के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, 11 फरवरी को महाराजगंज के जवाहर लाल नेहरू पी.जी कॉलेज, 13 फरवरी को कुशीनगर में बुद्ध पी.जी महाविद्यालय, 15 फरवरी को बलरामपुर में एस.एस.बी. ग्राउंड, 17 फरवरी को श्रावस्ती में जगजीत इंटर कॉलेज, 19 फरवरी को बहराइच में लॉर्ड बुद्धा इंटर कॉलेज, 21 फरवरी को लखीमपुर खीरी में राजकीय एकलव्य आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज/एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना परिसर और 22-23 फरवरी को पीलीभीत में गांधी स्टेडियम प्रेक्षागृह ड्रमण्ड इंटर कॉलेज में होगी।



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