राम मंदिर निर्माण में शामिल कंपनियों को बैंक गारंटी देनी होगी: नृपेंद्र मिश्रा
अयोध्या. श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण में शामिल कंपनियों को 'बैंक गारंटी' देनी होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आने वाले वर्षों में उनके काम की गुणवत्ता बनी रहे। मिश्रा ने अयोध्या की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन संवाददाताओं से कहा कि यह मुद्दा मंदिर निर्माण में शामिल कंपनियों, विशेष रूप से लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और टाटा को अंतिम भुगतान पर चर्चा के दौरान उठा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जैसे जैसे काम आगे बढ़ा कंपनियों को लगातार भुगतान किए जाते रहे हैं। अब प्रक्रिया अंतिम भुगतान और जरूरी समायोजन के चरण में पहुंच गई है। मिश्रा ने प्रक्रिया को समझाते हुए कहा, ''पिछले पांच वर्षों के दौरान काम की प्रगति के आधार पर भुगतान किया जाता था लेकिन अब समायोजन करना होगा।'' उन्होंने कहा कि अंतिम भुगतान प्रक्रिया के तहत हर कंपनी को मंदिर के निर्माण कार्य के संबंध बैंक गारंटी देनी होगी ताकि यह सुनिश्चत हो सके कि आने वाले वर्षों में उनके काम की गुणवत्ता बनी रहेगी। मिश्रा ने कहा कि बैठकों के दौरान बैंक गारंटी से संबंधित कटौती के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि अंतिम बिल का प्रस्तावित तृतीय-पक्ष ऑडिट भी एक अन्य प्रमुख मुद्दा था।
मिश्रा ने कहा कि टाटा पहले से ही परियोजना प्रबंधन परामर्श में शामिल था लेकिन ट्रस्ट ने अतिरिक्त ऑडिट के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को शामिल करने का भी फैसला किया था। उन्होंने कहा, ''इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को अंतिम बिल का कम से कम 60 से 70 प्रतिशत ऑडिट करने के लिए कहा गया है।'' उन्होंने कहा, ''इसका चयन कंपनियों के संबंधित ऑर्डर और लागू प्रतिशत गुणांकों के आधार पर किया जाएगा।'' मिश्रा ने कहा कि मंदिर का निर्माण पूरा होने के साथ अब ध्यान अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय और अन्य संबंधित कार्यों पर है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के अंदर एक सभागार और परिसर के बाहर एक अन्य सुविधा निर्माणाधीन है जिसके काम में लगभग तीन से चार महीने की देरी हुई। मिश्रा ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि जनवरी-फरवरी तक काम जरूर पूरा हो जाएगा।''
मिश्रा मंदिर परिसर और संबंधित परियोजनाओं की तीन दिवसीय समीक्षा के लिए रविवार को अयोध्या पहुंचे। पहले दिन उन्होंने एक स्मारक स्तंभ का निरीक्षण किया जिसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने निर्माण एवं अन्य संबंधित परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों, ठेकेदारों और प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने से पहले पुराने अस्थायी मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने सोमवार को मंदिर परिसर के अंदर निर्धारित निर्माण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों, ठेकेदारों एवं मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं।
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