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 भारत, बांग्लादेश ने सात समझौते किये, सीमापार रेल सम्पर्क किया बहाल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि बांग्लादेश भारत की पड़ोस पहले नीति में प्रमुख स्तम्भ है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध मजबूत करना हमेशा सरकार की विशेष प्राथमिकता रही है। भारत और बांग्लादेश के बीच वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक कोविड महामारी के कारण यह वर्ष चुनौतीपूर्ण रहा है।
 उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि भारत और बांग्लादेश दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और डॉक्टरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि कोविड टीके के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच अच्छा सहयोग है और इस संबंध में भारत, बांग्लादेश की जरूरतें पूरी करेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध स्वास्थ्य के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी निरन्तर प्रगाढ़ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी सीमा के रास्ते व्यापार की बाधाएं कम की गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों में सम्पर्क सुविधा बढ़ी है और इससे आपसी संबंध मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि विजय दिवस के अगले दिन दोनों देशों के बीच आज इस बैठक का विशेष महत्व है।
 श्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता विरोधी ताकतों पर जीत के रूप में विजय दिवस मनाना हमारे लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री ने कल विजय दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करने और चार मशालें प्रज्जवलित करने का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें शहीदों के गांव सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाया जाएगा। 
भारत-बांग्लादेश वर्चुअल शिखर बैठक में श्री मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बंग बंधु डिजीटल प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। दोनों नेताओं ने भारत और बांग्लादेश के बीच चिल्लाहाटी-हल्दीबारी रेल लिंग का भी उद्घाटन किया।

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