प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुसंधान और विकास में और अधिक निवेश का आह्वान किया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारतीय उद्योग की क्षमता और प्रतिबद्धता दुनिया को दिखाने का यही सही समय है। उन्होंने शनिवार को उद्योग और व्यवसाय जगत का आह्वान करते हुए कहा कि वे आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसोचैम फाउंडेशन सप्ताह 2020 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज विश्व चौथी औद्योगिक क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई प्रौद्योगिकी के रूप में कई चुनौतियों के साथ ही उनके आसान हल भी निकल कर आएंगे।
श्री मोदी ने कहा कि अब सही ढंग से योजना बनाने और उस पर काम करने का समय है। उन्होंने कहा कि 27 साल बाद भारत अपनी स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे करेगा। ये 27 वर्ष, न केवल भारत की वैश्विक भूमिका निर्धारित करेंगे, बल्कि यह भारतीयों के सपनों और समर्पण की परीक्षा की घड़ी भी होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा, अनुसंधान और विकास में निवेश को बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय उद्योग जगत से अपील की कि वे विशेष रूप से कृषि, रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, निर्माण, फार्मा और परिवहन क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए निवेश बढ़ाएं। उन्होंने सभी कंपनियों से अपनी आमदनी का कुछ हिस्सा सभी क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास कार्यों में करने को कहा। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट गवर्नेंस से लेकर मुनाफे में हिस्?सेदारी तक जैसी दुनिया की बेहतरीन नीतियों को हमें जल्द से जल्द अपनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे मुनाफा कमाने के दृष्टिकोण के पीछे समाज का व्यापक हित होना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि देश ऐसे उद्यमों और उद्यमियों के साथ है, जो युवाओं को बहुत सारे अवसर प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का युवा नवाचार और स्टार्ट-अप क्षेत्र में अपना नाम कमा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगातार सुधार कर रही है और 10 से अधिक क्षेत्रों को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत लाया गया है। उन्होंने कहा कि इन उपायों के बहुत कम समय में सकारात्मक परिणाम दिखे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के दौर में भी जब जारी दुनिया में निवेश गतिविधियां प्रभावित हुई भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी पोर्टफोलियों निवेश रिकॉर्ड स्तर पर किया गया। ऐसा भारतीय अर्थव्यवस्था पर दुनिया के भरोसे की वजह से संभव हुआ है।
श्री मोदी ने कहा कि दुनिया में भारत को लेकर इतनी सकारात्मक सोच पहले कभी नहीं रही। उन्होंने इस सफलता को एक सौ 30 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास का फल बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते हुए अपने लिए नई जगह बना रहा है। देश में शुरू किए गए सुधारों ने भारत में क्यों कि सोच को भारत में क्यों नहीं में बदल दिया है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के शुरूआत में उन्होंने पूरे देश को राजमार्गों से जोडऩे का इरादा कर लिया था। आज देश में भौतिक और डिजिटल आधारभूत संरचना खड़ी करने का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार देश के हर गांव में ब्राडबैंड संपर्क सेवा उपलब्ध कराने में लगी है ताकि गांव के हर किसान की पहुंच डिजिटल वैश्विक बाजार तक हो सके।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उद्योगपति रतन टाटा को एसोचैम एंटरप्राइज ऑफ द सेंचुरी पुरस्?कार से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 100 वर्षों से, एसोचैम और टाटा समूह देश की अर्थव्यवस्था और करोड़ों भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाने का काम कर रहा है।
एसोचैम की स्थापना 1920 में भारत के सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्योग मंडलों द्वारा की गई थी। चार सौ से अधिक उद्योग मंडल और व्यापार संघ इसके सदस्य हैं।








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