प्रधानमंत्री ने आज छह राज्यों में उच्च तकनीक के कम भार वाले मकानों की परियोजनाओं की आधारशिला रखी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से देश के छह राज्यों में वैश्विक आवासीय प्रौद्योगिकी चुनौती--जीएचटीसी--इंडिया के तहत लाइट हाउस परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सब नये उत्साह और अवसरों के साथ 2021 में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास योजनाएं पिछली केन्द्र सरकारों की प्राथमिकता सूची में नहीं थी। श्री मोदी ने कहा कि मौजूदा केन्द्र सरकार यह समझती है कि देश के चहुंमुखी विकास के बिना कायाकल्प संभव नहीं है। देश ने नया दृष्टिकोण अपनाया है और अलग पथ पर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि कोविड 19 महामारी की वैश्चिक चुनौती ने राष्?ट्र को नवाचार और नई प्रौद्योगिकी अपनाने के अवसर दिए। उन्होंने कहा कि आज शुरू की जा रही छह लाइट हाउस परियोजनाएं देश में आवास निर्माण क्षेत्र को नई दिशा दिखाएंगी।
श्री मोदी ने कहा कि ये परियोजनाएं आधुनिक प्रौद्योगिकी और नवाचार प्रक्रियाओं से बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न सिर्फ कम समय में सम्पन्न होंगी बल्कि गरीबों के लिए ज्यादा किफायती और आरामदायक सिद्ध होंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रांची में जर्मनी की थ्री डी निर्माण तकनीक इस्तेमाल की जा रही है, जबकि अगरतला में न्यूजीलैंड की स्टील फ्रेम टैक्नोलोजी का उपयोग किया जा रहा है। लखनऊ में कनाडा की निर्माण प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि ये परियोजनाएं एक तरह के इनक्यूबेटर सेंटर के रूप में काम करेंगी जिनसे योजना बनाने वालों, अभियंताओं, वास्तुविदों और विद्यार्थियों को सीखेने को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इनसे देश के नौजवानों को यह सीखना होगा कि तकनीक में अपनी आवश्यकता के अनुसार कैसे बदलााव किया जा सकता है।
श्री मोदी ने कहा कि सरकार रीयलिटी क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में आवास कर 8 प्रतिशत से कम करके किफायती मकानों पर 1 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि औसत मकानों पर केवल 5 प्रतिशत है।
श्री मोदी ने किफायती, टिकाऊ आवास उत्प्रेरक--आशा इंडिया के तहत विजेताओं की भी घोषणा की और प्रधानमंत्री आवास योजना--शहरी -- पीएमएवाई-यू मिशन के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए वार्षिक पुरस्कार भी प्रदान किए। उन्होंने नूतन निर्माण प्रौद्योगिकी के बारे में सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किया। इस कोर्स का नाम भारतीय आवास के लिए नूतन, किफायती, वैध, अनुसंधान, नवाचार प्रौद्योगिकी-निवृत्ति होगा।
इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी, त्रिपुरा, झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे।


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