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 सरकार ने कृषि कानूनों को एक से डेढ़ वर्ष तक स्थगित रखने की पेशकश किसान संगठनों के समक्ष की

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार और 41 किसान संगठनों के बीच बातचीत का दसवां दौर बुधवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्पन्न हुआ। बैठक में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य तथा उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
केन्द्र सरकार और किसान संगठनों के बीच अगले दौर की बातचीत कल आयोजित की जाएगी। बैठक के बाद नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि सरकार ने कृषि कानूनों को एक से डेढ़ वर्ष तक स्थगित रखने की पेशकश किसान संगठनों के समक्ष की। उन्होंने कहा कि इस अवधि में किसानों के प्रतिनिधि और सरकार आंदोलन से संबंधित सभी मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।
श्री तोमर ने कहा कि बैठक के दौरान किसान संघों के प्रतिनिधियों की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि वे सरकार के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार करेंगे और कल फिर से वार्ता में शामिल होंगे। कृषि मंत्री ने सरकार का यह दृष्टिकोण दोहराया कि कृषि कानूनों से किसानों के जीवन और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आयेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के प्रति वचनबद्ध है और किसानों की जमीन को कोई नहीं हथिया सकता।
 श्री तोमर ने अपील की कि सार्थक बातचीत के लिए कृषि कानूनों के प्रत्येक खंड पर बहस की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान संगठन भी कानून रद्द किये जाने के विकल्प सुझा सकते हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार खुले मन से और नेक इरादे से बातचीत की प्रक्रिया जारी रखने के प्रति कृतसंकल्प है। श्री तोमर ने कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ रही है और उम्मीद है कि अगले दौर की बैठक में किसानों से संबंधित मुद्दों का समाधान हो जाएगा।
 

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