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जो कंपनी बना रही है कोरोना का टीका, उसी के प्लांट में आग लगी, 5 लोगों की मौत

- अधिकारियों ने कहा- टीके का भंडार सुरक्षित है, और उत्पादन जारी रहेगा
नई दिल्ली।  पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया की इमारत में आज दोपहर बाद जबर्दस्त आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गयी। पुणे के महापौर मुरलीधर मोहोल ने बताया है कि आग में फंसे चार लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया लेकिन जब आग पर काबू पा लिया गया तो पांच शव भी मिले। ऐसा समझा जाता है कि मृतक वहां बनायी जा रही एक इमारत में काम करने वाले मजदूर थे।
 आग लगने की यह दुर्घटना सीरम इंस्टीट्यूट परिसर की एक इमारत की चौथी और पांचवीं मंजिल में पौने तीन बजे हुई और आग पर दो घंटे में काबू पा लिया गया। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। आग बुझाने में पन्द्रह दमकल गाडिय़ों की मदद ली गयी और करीब साढ़े चार बजे तक आग  बुझा दी गयी थी। इमारत की जिन मंजिलों में आग लगी उनमें कुछ मशीन और उपकरण रखे गये थे। आग से इमारत की वायरिंग और केबिन जल कर खाक हो गये लेकिन किसी प्रमुख मशीनरी या उपकरणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। 
 इस बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अडर पुनावाला ने आग लगने की दुर्घटना में लोंगो के मारे जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। यह संस्थान दुनिया का सबसे बड़ा टीका निर्माण केन्द्र है और इसमें ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविड-19 के टीके कोविशील्ड का उत्पादन किया जा रहा है। हाल ही में इस टीके के आपात इस्तेमाल की स्वीकृति मिली है और देश में कोविड टीकाकरण महाअभियान में इन टीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। संस्थान की जिस इमारत में आग लगी वह इसी परिसर में स्थित कोविशील्ड बनाने वाली इकाई से करीब एक किलोमीटर दूर है।
 महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे ने पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट  में लगी आग के कारणों का पता लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ बातचीत की। वे कल दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आग के कारणों की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।  वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि आग लगने का कारण वैलडिंग के दौरान किसी चिंगारी का ज्वलनशील पदार्थ के साथ सम्पर्क होना है। उन्होंने बताया कि बताया कि कोविशील्ड टीके का भंडारण दुर्घटनास्थल से काफी दूर है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।
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