प्रधानमंत्री ने कहा- देश में जारी विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान से भारत आत्मनिर्भर बन रहा है
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत को आत्मनिर्भर बना रहा है। प्रधानमंत्री ने वचुर्अल माध्यम से वाराणसी के कोविड टीकाकरण अभियान के लाभार्थियों और स्वास्थ्य कर्मियों से यह बात कही।
श्री मोदी ने लाभार्थियों और भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में लोगों का विश्वास बढ़ाने पर कोविड टीकाकरण कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड योद्धाओं ने महामारी से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने टीकाकरण अभियान के पहले चरण में खुद टीके लगवाकर निर्णायक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीका लगवाने का कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे वे बिना किसी भय के अपना काम कर सकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैक्सीन के आपात उपयोग की अनुमति देना राजनीतिक फैसला नहीं है बल्कि डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के साथ कई दौर के विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया गया है। प्रधानमंत्री से बातचीत में कई लाभार्थियों ने कहा कि टीका लगवाने से उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों से बातचीत में कहा कि पहले चरण में करोड़ों लोगों को टीके दिये जाने हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन आपूर्ति देश के कोने-कोने में की गई है। भारत अन्य देशों की भी मदद कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बनारस में स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे के नवीकरण से समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश को मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने वाराणसी में शिव प्रसाद गुप्त जिला महिला अस्पताल की पुष्पा से बातचीत की। पुष्पा ने देशभर में टीकाकरण के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वैक्सीन का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया। पुष्पा ने लोगों से टीके लगवाने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने वाराणसी में स्वास्थ्य कार्यकर्ता रानी श्रीवास्तव से भी बातचीत की। रानी ने वैक्सीन के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने यह कहते हुए विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया कि जब वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी तो ये वैक्सीन,वैक्सीन चिल्ला रहे थे, लेकिन अब वैक्सीन आ गई है तो वे इनमें खामियां निकाल रहे हैं।
वाराणसी के पाण्डेयपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सी.एच.सी. अस्पताल के डॉक्टर वी. शुक्ल ने कहा कि लोग वैक्सीन से खुश हैं। इससे पहले श्री मोदी ने ट्वीटर पर कहा था कि लाभार्थियों से बातचीत से उन्हें व्यावहारिक सुझावों का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि अपने वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से बातचीत वैज्ञानिकों, नेताओं, अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ निरंतर संवाद और विचार-विमर्श की अगली कड़ी है। इससे विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के सुगम संचालन में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरूआत की थी और प्राथमिकता वाले 30 करोड़़ से अधिक अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को वैक्सीन देने की घोषणा की थी।


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