चार दिन पहले लापता हुआ था बैंक कर्मी, नहर में मिले ड्रम के भीतर मिला शव...! जांच के दायरे में चार दोस्त और गर्लफ्रेंड...!
कानपुर। नौबस्ता से लापता बैंक कर्मी का शव उन्नाव के शारदा नहर में सीलबंद प्लास्टिक के ड्रम में मिला है। उन्नाव दही चौकी थाना पुलिस ने सीलबंद ड्रम को खोला तो शव देखकर दंग रह गई। शव की पहचान कानपुर नौबस्ता मछरिया एचडीएफसी बैंक कर्मी विशाल अग्रवाल (26) के रूप में हुई है। अब हत्याकांड का खुलासा करने के लिए कानपुर की नौबस्ता और उन्नाव पुलिस लगी हुई है। कॉल डिटेल के आधार पर चार दोस्त और गर्लफ्रेंड को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
नौबस्ता थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि उन्नाव के सराय कटियान के करीब पुरवा गांव में एलॉय फैक्ट्री के पीछे नहर में झाडिय़ों के बीच फंसा हुआ एक ड्रम मिला। ग्रामीणों की सूचना पर दही चौकी थाने की पुलिस मौके पर जांच करने पहुंची। ड्रम निकालकर खोला तो उसमें युवक का शव निकला। जांच-पड़ताल के दौरान शव की शिनाख्त नौबस्ता मछरिया संजय नगर कॉलोनी निवासी विष्णु अग्रवाल के बेटे एचडीएफसी बैंक कर्मी विशाल अग्रवाल के रूप में हुई है। पिता और भाई ने उन्नाव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की शिनाख्त की है। नौबस्ता थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि विशाल की आखिरी लोकेशन माल रोड पर 7 सितंबर को रात की मिली है। कॉल डिटेल के आधार पर उनके चार दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एक गर्लफ्रेंड को भी पुलिस ने जांच के दायरे में लिया है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा होगा।
नौबस्ता थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि हत्याकांड को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है। इसी के चलते हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक के ड्रम का इस्तेमाल किया गया। शव रखने के बाद बकायदा ड्रम को सील कर दिया गया था। ड्रम में शव रखकर ले जाने से पकड़े जाने की भी आशंका कम हो जाती है। इससे एक बात तो साफ है कि हत्याकांड को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया है।









.jpg)
Leave A Comment