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- स्व-सहायता समूह से जुड़कर हुई लखपति, बनीं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणारायपुर/ अभनपुर ब्लॉक के ग्राम उमरपोटी की श्रीमती तुलेश्वरी सिन्हा ने अपने आत्मविश्वास, मेहनत और सही मार्गदर्शन से सफलता हासिल की हैं। कभी एक साधारण गृहिणी रहीं तुलेश्वरी आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं।स्व-सहायता समूह “पहचान” से जुड़ने के बाद उनके जीवन को नई दिशा मिली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत मिले प्रशिक्षण और ग्राम संगठन “मुस्कान” के सहयोग से उन्होंने मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया। इसके लिए उन्होंने 60 हजार रुपये का ऋण लिया और धीरे-धीरे अपने छोटे से प्रयास को सफल व्यवसाय में बदल दिया।आज तुलेश्वरी न केवल स्थानीय बाजारों में मशरूम बेचकर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अन्य गांवों की महिलाओं को भी इसका प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं। इसके साथ ही वे ग्राम संगठन में बुककीपर और लेखा कार्य भी कर रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश में “बिहान” योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का सशक्त मंच मिल रहा है।आज तुलेश्वरी की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। वे इस आय से अपने परिवार और व्यवसाय दोनों को आगे बढ़ा रही हैं। तुलेश्वरी कहती हैं, “बिहान से जुड़कर मैंने अपने सपनों को साकार किया है। आज मैं आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत हूं।”
- बिलासपुर/ कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिले की समस्त निर्माण एजेंसियों की समीक्षा बैठक 23 अप्रैल को शाम 5:30 बजे मंथन सभा कक्ष में आयोजित की गई है।जारी आदेश के अनुसार बैठक में नगर निगम, जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सिंचाई विभाग, सीजीएमएससी, एनटीपीसी सीपत सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग प्रमुख अपने-अपने विभाग के सब इंजीनियरों सहित बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जा सके।
- बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन जल संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण जल आपूर्ति स्रोतों की स्थायित्व सुनिश्चित करने हेतु भू-जल संवर्धन एवं एक्विफर पुनर्भरण तकनीकों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन विकासखंड मस्तूरी के सभाकक्ष में किया गया। प्रशिक्षण में वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री बी. अभिषेक, कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री रूपेश धनंजय एवं एपीओ जिला पंचायत श्रीमती अनुराधा मिश्रा द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।कार्यक्रम में जिले के सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, सहायक अभियंता एवं उप अभियंताओं ने भाग लिया तथा एक्विफर रिचार्ज एवं जल स्रोत पुनर्भरण की उन्नत तकनीकों को समझा। प्रशिक्षण के अंतर्गत टीम द्वारा तीन ग्रामों में स्थल निरीक्षण कर लाइव डेमो किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम सरगांव में स्थित एक बड़े तालाब के अपस्ट्रीम क्षेत्र में जल उपलब्ध था। टीम द्वारा तालाब के डाउनस्ट्रीम स्थित पेयजल स्रोत (ट्यूबवेल) का निरीक्षण किया गया। भू-वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर तालाब के अपस्ट्रीम में फ्रैक्चर, फॉल्ट लाइन चिन्हित की गई, जहां वर्षा जल एवं बांध का पानी प्रवेश करता है। उक्त स्थान पर इंजेक्शन वेल स्थापित करने हेतु उपयुक्त साइट चयनित किया गया, जिससे सीधे एक्विफर में जल पुनर्भरण होकर डाउनस्ट्रीम स्थित पेयजल स्रोतों को सुदृढ़ किया जा सके। मस्तुरी के ग्राम जयरामनगर में स्थित दो तालाबों के निरीक्षण के दौरान ऊपरी तालाब सूखा एवं निचला तालाब निस्तारी उपयोग में पाया गया। ग्राम सरपंच द्वारा बताया गया कि ऊपरी तालाब के भरने पर सभी पेयजल स्रोत सुचारू रूप से चलते हैं। इस पर वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री अभिषेक ने बताया कि ऊपरी तालाब स्वयं एक परकोलेशन टैंक की तरह कार्य करता है, अतः यहां इंजेक्शन वेल की आवश्यकता नहीं है।ग्राम परसदा वेद के तालाब में पर्याप्त जल उपलब्ध था एवं इसका कैचमेंट क्षेत्र विस्तृत पाया गया। रन ऑफ एवं नहर जल के प्रवेश बिंदु पर फ्रैक्चर, फॉल्ट लाइन चिन्हित कर इंजेक्शन वेल हेतु उपयुक्त स्थान चयनित किया गया। इससे तालाब के डाउनस्ट्रीम स्थित पेयजल स्रोतों (ट्यूबवेल) का पुनर्भरण सुनिश्चित होगा, जिससे जल जीवन मिशन अंतर्गत ओएचटी एवं ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को स्थायित्व मिलेगा। इस प्रशिक्षण एवं मैदानी अभ्यास से तकनीकी अधिकारियों को स्थानीय भू-जल परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक जल पुनर्भरण तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट के समाधान एवं दीर्घकालिक जल स्रोत स्थायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार 1 मई 2026 से सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किये जाएंगे। सभी नगरीय निकाय और जनपद पंचायत के अधिकारी इस संबंध में सारी तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी कर लें।कलेक्टर ने कहा कि 24 अप्रैल 2026 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर दीनदयाल सभागृह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जिला स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रमुख प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्होंने प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारियों को इस कार्यक्रम हेतु समुचित तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में हीट वेव चलने की संभावना है, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाइयों का इंतजाम बनाए रखें।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर एवं एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत के संकल्प के साथ मनाया जाएगा पंचायती राज दिवसदुर्ग. पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल को विशेष ग्राम सभा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वर्ष 1993 में 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ, जो ग्राम पंचायतों में स्थानीय स्वशासन की सशक्त नींव का प्रतीक है। इसी के तहत 24 अप्रैल 2026 को सभी ग्राम पंचायतों में विविध कार्यक्रम आयोजित करने हेतु निर्देशित किया गया है। विशेष ग्राम सभा के अंतर्गत ग्राम के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ एवं सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। ग्राम संवाद कार्यक्रम के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप मुख्यमंत्री का 20 मिनट का रिकॉर्डेड संदेश ग्राम पंचायत स्तर पर प्रसारित किया जाएगा।ग्राम संपदा ऐप में ग्राम की समस्त परिसंपत्तियों के अपलोड का संकल्प लिया जाएगा तथा “आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत (हमारा कोष-हमारा अधिकार)” के तहत समर्थ पोर्टल में शत-प्रतिशत कर आरोपण एवं वसूली का संकल्प पारित किया जाएगा।कार्यक्रम में ग्राम के ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों-जैसे कलाकार, नर्तक, खिलाड़ी अथवा अन्य विधाओं में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाले नागरिकों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं बीएलजी (लखपति दीदी) का भी सम्मान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए तैयार पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स स्कोर कार्ड का प्रदर्शन किया जाएगा। ग्राम को स्वच्छ बनाए रखने हेतु संकल्प लिया जाएगा तथा सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में साफ-सफाई की जाएगी। ग्राम सभा में सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण, आदर्श ग्राम पंचायत के निर्माण तथा “मोर गांव-मोर पानी” अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के प्रयासों पर चर्चा करते हुए आवश्यक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी ग्रामवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर ग्राम सभा को सफल बनाएं।
- दुर्ग. नगर पालिकाओं एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के आगामी उप निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली तैयार/पुनरीक्षण का कार्य जिले में प्रभावशील है। नगरीय निकाय व त्रि-स्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन होना प्रस्तावित है। आगामी निर्वाचन से संबंधित शिकायत पर त्वरित कार्यवाही के लिए जिला स्तरीय शिकायत सेल का गठन किया गया है। यह शिकायत सेल भू-अभिलेख कक्ष क्रमांक 21 में संचालित होगा। इसके संचालन हेतु विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी उनके पूर्व दायित्वों के साथ अतिरिक्त रूप से लगाई गई है।शिकायत सेल में अधीक्षक भू-अभिलेख सुश्री रेखा राजपूत मोबाइल नंबर 8359809792 को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ सहायक प्रभारी श्री अजय मेरावी (सहायक अधीक्षक) 7987028422 जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके अलावा श्रीमती उज्जवला ध्रुव (सहायक ग्रेड-02), सुश्री साधना वर्मा (कम्प्यूटर ऑपरेटर) तथा श्री राहुल यादव (भृत्य) की ड्यूटी लगाई गई है, जो विभिन्न सहायक कार्यों का निर्वहन करेंगे।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी(स्थानीय निर्वाचन) के आदेशानुसार यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। शिकायत सेल में लगाए गए कर्मचारी प्रभारी अधिकारी के मार्गदर्शन में कार्य संपादित करेंगे।
- दुर्ग. मिशन शक्ति अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केन्द्र हब में रिक्त पद आई.टी.असिस्टेंट की पद पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था। प्राप्त आवेदन पत्रों को जिला स्तरीय चयन समिति के द्वारा परीक्षण कर पात्र/अपात्र की प्रारंभिक सूची तैयार की गई है। सूची का अवलोकन जिले के वेबसाईट www.durg.gov.in एवं कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के सूचना पटल पर किया जा सकता है।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार आवेदकों के द्वारा 04 मई 2026 तक कार्यालयीन समय तक आवेदक अपनी दावा आपत्ति स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते है। किसी अन्य माध्यम ई-मेल, कोरियर या कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत दावा आपत्ति मान्य नहीं होगी।
- दुर्ग. मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई एवं शासकीय बाल देख संस्था में रिक्त पदों की पदपूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था। प्राप्त आवेदन पत्रों को जिला स्तरीय चयन समिति के द्वारा परीक्षण कर पात्र/अपात्र की प्रारंभिक सूची तैयार की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार आवेदकों के द्वारा 05 मई 2026 तक कार्यालयीन समय तक आवेदक अपनी दावा आपत्ति स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते है। किसी अन्य माध्यम ई-मेल, कोरियर या कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत दावा आपत्ति मान्य नहीं होगी।--
- 0-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीणों को मिल रहा सुरक्षित आवास0- कच्चे घर से पक्के मकान तक का सफर बना प्रेरणादायकरायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार के संवेदनशील नेतृत्व और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना तेजी से साकार हो रहा है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत गोरखपुर में देखने को मिला, जहां श्री मन्नू राठौर और उनकी पत्नी श्रीमती बिमला राठौर ने योजना का लाभ लेकर अपने जीवन की दिशा ही बदल दी।कभी कच्चे और जर्जर मकान में जीवन यापन करने वाला यह परिवार हर मौसम में कठिनाइयों का सामना करता था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी में असुरक्षित वातावरण ने उनके जीवन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रखा था। सीमित आय के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था।वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति मिली। यह आर्थिक सहायता उनके जीवन में नई उम्मीद बनकर आई। योजना से प्राप्त राशि और अपनी मेहनत के बल पर मन्नू राठौर ने धीरे-धीरे अपने सपनों का पक्का घर तैयार कर लिया।आज उनका परिवार एक सुरक्षित, स्वच्छ और मजबूत मकान में निवास कर रहा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है, वहीं पूरे परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। श्रीमती बिमला राठौर बताती हैं कि अब उन्हें बारिश या तूफान की कोई चिंता नहीं रहती और वे अपने घर में गर्व और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है। साय सरकार की प्रतिबद्धता के चलते ही आज हजारों जरूरतमंद परिवारों को न केवल पक्का आवास मिल रहा है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान भी सुनिश्चित हो रहा है।--
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के विकासखण्ड-धरसींवा की बरडीह जलाशय के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 02 करोड़ 43 लाख 98 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों को पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 101 हेक्टेयर के विरूद्ध 41 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना के कार्य को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी गोदीवरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।--
- मरवाही। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले में निवासरत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीव्हीटीजी) के परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी संकलित करने के लिए 13 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 17 ग्रामों के 54 बसाहटों में मोबाईल एप के माध्यम से व्यापक सर्वेक्षण कार्य 13 अप्रैल 2026 से किया जा रहा है।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि जिले में कुल 2396 पीव्हीटीजी परिवारों के 7940 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया जाना है। इसके लिए 16 सर्वेक्षण दलों का गठन कर 70 सर्वेक्षक नियुक्त किये गये है। सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य पीव्हीटीजी समुदाय के जीवन स्तर का समग्र आकलन करना तथा उन्हें शासकीय योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित कराना है। सर्वे के माध्यम से परिवारों की वास्तविक स्थिति का आंकलन कर शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, आजीविका एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य योजना तैयार की जाएगी।जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा क्षेत्र में जाकर पीव्हीटीजी परिवारों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी एकत्रित की जा रही है। इस दौरान सर्वे दल द्वारा समुदाय के लोगों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। जिला प्रशासन ने सर्वेक्षण कार्य को सफल बनाने के लिए संबंधित ग्रामों के जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है, ताकि पीव्हीटीजी परिवारों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर और प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।
- कांकेर। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कांकेर द्वारा विकासखण्ड नरहरपुर अंतर्गत लेम्पस दबेना, लेम्पस सरोना, ग्राम पंचायत देवीनवागांव, ग्राम पंचायत धनोरा, लेम्पस बासनवाही, ग्राम पंचायत कुम्हानखार, मावलीपारा और सरोना में शासकीय उचित मूल्य की दुकान आबंटित किए जाने हेतु इच्छुक पात्र एजेंसियों से आगामी 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किया गया है।उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए वृहत्ताकार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, कृषि साख समितियों, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूह, ग्राम पंचायत एवं अन्य सहकारी समितियां जो शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित करने के इच्छुक हैं, ऐसी संस्था से समस्त दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कांकेर में कार्यालयीन समय पर आगामी 30 अप्रैल तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
- कांकेर। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के निगमित सीएसआर मद से दिव्यांगजन को निःशुल्क सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु मूल्यांकन शिविर का आयोजन जनपद पंचायतों में 22 अप्रैल से 24 अप्रैल तक प्रातः 10 बजे से सायं 04 बजे तक आयोजित किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल को जनपद पंचायत कांकेर में आयोजित होने वाले मूल्यांकन शिविर में चारामा, कांकेर और नरहरपुर जनपद पंचायत के दिव्यांगजन सम्मिलित हो सकते हैं। इसी प्रकार 23 अप्रैल को भानुप्रतापपुर जनपद पंचायत में भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ और दुर्गूकोंदल तथा 24 अप्रैल को कोयलीबेड़ा मंे आयोजित मूल्यांकन शिविर में कोयलीबेड़ा, अंतागढ़ और दुर्गूकोंदल जनपद पंचायत के दिव्यांगजन शामिल होंगे।मूल्यांकन शिविर में दिव्यांगजनों को आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, मेडिकल, पासपोर्ट साईज फोटो जिसमें दिव्यांगता दर्शित हो, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र तथा राशन कार्ड लाना अनिवार्य होगा। शिविर विषयक सभी व्यवस्था संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा की जाएगी। शिविर में दिव्यांगजन प्रमाणीकरण हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा चिकित्सक टीम उपलब्ध कराई जाएगी। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों का पेंशन, मोबाईल सीडिंग, डीएलसी इत्यादि कार्य किए जाएंगे। इसी प्रकार जिला आधार सेवा केंद अधिकारी के द्वारा दिव्यांगजन का आधार बनाने, अपडेट किए जाने हेतु टीम उपलब्ध कराया जाएगा तथा अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा दिव्यांगजनों के बैंक खाता संबंधी समस्या के समाधान हेतु टीम उपलब्ध कराई जाएगी।
- महासमुंद. छत्तीसगढ़ कुटुम्ब न्यायालय नियम 2007 के अधीन कुटुम्ब न्यायालय महासमुंद (लिंक कोर्ट सरायपाली) के लिए 02 परामर्शदाता की भर्ती हेतु 1 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किया गया था। न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय महासमुंद ने बताया कि उक्त पद हेतु आवेदन की तिथि में वृद्धि करते हुए अंतिम तिथि 8 मई 2026 शाम 5ः0 बजे तक निर्धारित की गई है।इच्छुक स्थानीय नागरिक (बसना-सरायपाली क्षेत्रीय निवासी) अंतिम तिथि तक कार्यालय न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय महासमुंद में पंजीकृत डाक या सीधे कार्यालयीन समय पर बंद लिफाफा में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी एवं आवेदन पत्र का प्रारूप जिला न्यायालय महासमुंद के वेबसाईट https://mahasamund.dcourts.gov.in/ पर अवलोकन एवं डाउनलोड किया जा सकता है।
- 0- सुभाष चंद्र बोस वार्ड बागबाहरा एवं बानीगिरोला सरायपाली में शिविर 21 अप्रैल कोमहासमुंद. छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के पंजीयन एवं नवीनीकरण के लिए जिले में व्यापक स्तर पर मोबाइल कैंप शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 16 मार्च 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक लगातार संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत विकासखंडवार विभिन्न नगरीय निकायों, वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों तक सुविधा पहुंचाई जा सके।श्रम पदाधिकारी श्री डी. एन. पात्र ने बताया कि इसी क्रम में इस सप्ताह आज विकासखंड पिथौरा के ग्राम अमलीडीह तथा विकासखंड बसना के ग्राम गौरटेक में शिविर आयोजित किया गया। इसी तरह 21 अप्रैल को नगर पालिका बागबाहरा के सुभाषचंद्र बोस वार्ड और विकासखंड सरायपाली के ग्राम बानीगिरोला में शिविर लगाए जाएंगे। 22 अप्रैल को विकासखंड महासमुंद के ग्राम धनसूली तथा विकासखंड पिथौरा के ग्राम ठाकुरदिया खुर्द में, 23 अप्रैल को विकासखंड बसना के ग्राम कुरचुंडी और नगर पालिका बागबाहरा के राजीव गांधी वार्ड में शिविर आयोजित होंगे। वहीं 24 अप्रैल को विकासखंड सरायपाली के ग्राम लांती में मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों का पंजीयन एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इन शिविरों में श्रमिकों को पंजीयन एवं नवीनीकरण की सुविधा मौके पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पंजीयन नवीनीकरण कराने वाले श्रमिकों को अपने साथ परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा मोबाइल लाना अनिवार्य होगा। वहीं असंगठित कर्मकार के नए पंजीयन के लिए आय प्रमाण पत्र के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल साथ लाना आवश्यक है।श्रम विभाग ने जिले के सभी श्रमिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में उपस्थित होकर योजनाओं का लाभ उठाएं। किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 0771-3505050 पर संपर्क किया जा सकता है।--
- 0 महाराष्ट्र मंडल के केंद्रों में हो रहे उत्सव में भीषण गर्मी का नहीं दिख रहा कोई असररायपुर। महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम केंद्र की सभासद मीना विभुते के घर पर चैत्र गौर हल्दी कुंकू का शानदार उत्सव आयोजित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पहुंची महिला सभासदों के साथ खेले गए रोचक खेल ने कार्यक्रम में और भी जोश भर दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर बता दिया कि भीषण गर्मी और लू के थपेड़े भी उन्हें उनकी संस्कृति से नहीं डिगा सकते।ऋतु बहिरट, साधना बहिरट और मीना विभूते की ओर से आयोजित इस उत्सव में सबसे पहले हनुमान चालीसा का सस्वर सामूहिक पाठ किया गया। फिर भक्तिमय वातावरण में सभी ने मां गौरी के भजनों की सस्वर प्रस्तुति दी। तत्पश्चात रोचक खेल में ए से जेड तक की पर्ची एक बाउल में डाली गई। इधर सभी सभासदों को अंग्रजी में अपना पूरा नाम लिखने को कहा गया। तत्पश्चात बाउल को अच्छी तरह हिलाने के बाद जैसे- जैसे ए से जेड तक के अल्फाबेट वाली पर्चियों को एक के बाद एक निकालकर सभी को बताया जाता रहा, वैसे- वैसे सामने बैठे सभासद अपने- अपने नामों में उक्त अल्फाबेट को काटते गए। इस तरह सबसे पहले नाम के पूरे अल्फाबेट कटने पर श्रेया टुल्लू को विजेता घोषित किया गया। उप विजेता अनुभा साडे़गांवकर और तीसरे स्थान पर जयश्री गायकवाड़ रहीं।प्रांजल बल्लाल ने सभी के सामने गीता की 18वीं वृत्ती को बिना देखे - पढ़ें, जोशीले अंदाज में सुनाया। तो न केवल तमाम सभासदों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि उन्हें इसके लिए सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का सर्वाधिक रोचक सेगमेंट उखाणे लेने (शायरी के अंदाज में पति का नाम लेना) रहा। इसमें कई नए और मजेदार उखाणे सुनने को भी मिले। सुस्वाद नाश्ते और व्यंजनों का लुत्फ लेकर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।इस मौके पर अलका कुलकर्णी, अचला मोहरीकर, चित्रा बल्की, राजश्री वैद्य, अपर्णा जोशी, अनिता लांगे, अपर्णा वराड़पांडे, रश्मि तनखीवाले, प्राची गनोदवाले, अर्चना कश्यप, सीमा बक्षी, छाया अंजनकर, वीना वंडलकर, जयश्री गायकवाड़, सोनाली कुलकर्णी, मंगला पुराणकर, शीतल कुंभलकर, रचना ठेंगड़ी, मंगला कुलकर्णी सहित अनेक सभासद उपस्थित रहीं।
- कोंडागांव। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार 24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना द्वारा सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर ग्राम सभा के आयोजन हेतु निर्देशित किया गया है।निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन हेतु पूर्व से समय-सारिणी तैयार कर कोटवारों के माध्यम से मुनादी एवं प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ एवं सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। ग्राम सभाओं में विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें ग्राम संवाद के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप मुख्यमंत्री का संदेश प्रसारित किया जाएगा। साथ ही ग्राम संपदा ऐप में परिसंपत्तियों के अपलोड, आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत के संकल्प, कर आरोपण एवं वसूली की जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ग्राम के ऐसे व्यक्ति जैसे कलाकार, नर्तक, खिलाड़ी या अन्य विधा में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त किया है और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। स्व-सहायता समूह की लखपति दीदियों का सम्मान किया जाएगा और बस्तर मुन्ने कार्यक्रम पर भी चर्चा की जाएगी। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स स्कोर कार्ड का प्रदर्शन भी किया जाएगा।ग्राम को स्वच्छ बनाए रखने हेतु संकल्प पारित किया जाएगा और सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में साफ सफाई की जाएगी। सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण हेतु कार्यवाही की जाएगी और ग्राम पंचयत को आदर्श ग्राम पंचायत बनाये जाने हेतु संकल्प पारित किया जाएगा। साथ ही “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत जल संरक्षण के प्रयासों पर चर्चा भी की जाएगी। ग्राम पंचायतों को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने हेतु संकल्प भी पारित किए जाएंगे। ग्राम सभा में लिए गए निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर “ग्राम सभा निर्णय” मोबाइल ऐप में अपलोड किया जाएगा। साथ ही सभी गतिविधियों को वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल एवं जीपीडीपी पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिन भारत में स्थानीय स्वशासन की संवैधानिक शुरुआत का प्रतीक है, जब वर्ष 1993 में 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा मिला।--=
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-01 अंतर्गत नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब एवं उद्यान का निरीक्षण निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देशानुसार किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल एवं अधिकारियों ने साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक संधारण कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान तालाब एवं उद्यान की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करते हुए स्वच्छता, हरियाली एवं सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। तालाब में बेतरतीब फैल रहे कमल, जलकुंभी एवं अवांछित घास हटाने कहा गया है । गिरे हुए सूखे पेड़ हटाने जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना को निर्देशित किया गया है।अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। नागरिकों की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है| इस अवसर पर उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू, उप अभियंता बसंत साहू, रीमा जमुलकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। निगम द्वारा क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
- 0- गर्मी में राहगीरों व श्रमिकों को मिलेगी राहतबिलासपुर. लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए रियल ग्रोथ पब्लिक उस्लापुर के स्काउट-गाइड के बच्चों द्वारा समाज सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए उस्लापुर ओवर ब्रिज के नीचे प्याऊ घर का शुभारंभ किया गया। इस व्यवस्था के माध्यम से राहगीरों, श्रमिकों और आमजन को निःशुल्क शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।कार्यक्रम का शुभारंभ वार्ड पार्षद राजेंद्र किरण टंडन द्वारा गया। इस अवसर पर जिला मुख्य आयुक्त श्री चन्द्रप्रकाश बाजपेयी, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) श्री महेन्द्र बाबू टंडन, चेयरमैन डी.के.जायसवाल, एकेडमिक डायरेक्टर श्रीमती दिलजीत कौर छाबड़ा, डायरेक्टर श्रीमती तनिष्का जायसवाल, उप प्राचार्या सुश्री ऊषा मिश्रा तथा शाला की गाइडर श्रीमती पुष्पा शर्मा सहित विद्यालय परिवार के सदस्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।इस दौरान जिले के स्काउट्स-गाइड्स, रोवर-रेंजर एवं स्काउटर-गाइडर ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सेवा कार्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में इस प्रकार की व्यवस्था आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करेगी। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि प्याऊ घर के माध्यम से प्रतिदिन राहगीरों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं नियमित रूप से यहां सेवा कार्य करते हुए लोगों को जल पिलाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों ने इस जनसेवा कार्य को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया और विद्यालय के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की।--
- भिलाईनगर| स्मृति नगर क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने सख्ती दिखाते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। गम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देशानुसार जोन क्रमांक 01, वार्ड क्रमांक 02 में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की कमी, सड़क बाधा उत्पन्न करने और अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) नहीं होने पर चालानी कार्रवाई की गई।अभियान के तहत तीन लोगों पर जुर्माना लगाया गया। विश्वनाथ डोसा सेंटर से ₹2000, ओम यादव से ₹500 तथा सुमित बाग से ₹1000 का चालान वसूला गया। इस प्रकार कुल ₹3500 की राशि निगम द्वारा वसूली गई। गर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही व्यापारियों से अपील की गई है कि वे आवश्यक लाइसेंस प्राप्त कर नियमों का पालन करें, ताकि इस तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।--
- 0- बुढ़ी आँखों का सपना हुआ साकार: राम बाई की कहानी0- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव के सुशासन में जिले में हजारों परिवारों को मिला पक्का मकानरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन में प्रधानमंत्री आवास योजना से राज्य सहित रायपुर जिले में हजारों लोगों की जिंदगी बदली रही है। पक्की छत के नीचे लाखों लोग सुकून से रह रहे हैं।पहले जहां कच्चे मकान की टूटी-फूटी दीवारें और छत उनके परिवार की मुश्किलों की गवाह थीं। बरसात के मौसम में तो हालत और भी विकट हो जाती थी। घर के भीतर पानी भर जाना, सामान भीग जाता और रातें जागते हुए काटनी पड़ती थीं, आज वें पक्के छत के नीचे आराम से जीवनयापन कर रहे हैं।ऐसे ही सपना 62 वर्षीय श्रीमती राम बाई निषाद की आँखों में था, जो अब सच हो गया है। ग्राम पंचायत बेमता, तिल्दा की रहने वाली सुश्री राम बाई ने जिंदगी के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। पति के गुजर जाने के बाद, एक कच्चे घर में बेटे के साथ गुजर-बसर करना उनकी मजबूरी बन गई थी। टपकती छत, मिट्टी की दीवारें और हर मौसम में असुरक्षा का एहसास यही उनकी रोजमर्रा की सच्चाई थी।राम बाई कहती हैं, "बरसात में छत टपकती थी तो पूरी रात जागकर निकालनी पड़ती थी। सोचती थी, क्या कभी अपना पक्का घर देख पाऊंगी?" समय के साथ उनकी उम्मीदें भी जैसे धुंधली पड़ने लगी थीं। लेकिन फिर एक दिन ग्राम पंचायत से खबर आई प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका नाम स्वीकृत हो गया है।"मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ। लगा जैसे भगवान ने मेरी सुन ली," वे भावुक होकर बताती हैं। जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद कुछ ही दिनों में आवास की पहली किस्त उनके खाते में आ गई।उन्होंने एक कमरा और एक छोटा सा रसोईघर बनवाया। सीमित संसाधनों में बना यह घर उनके लिए किसी महल से कम नहीं था। जब घर बनकर तैयार हुआ और राम बाई ने पहली बार उसकी चौखट पर कदम रखा, तो उनकी आँखों से आंसू अपने आप बह निकले। राम बाई कहती है "अब डर नहीं लगता। ये घर मेरा है… मेरा अपना"आज राम बाई अपने पक्के घर में सुकून से रह रही हैं। उनकी बूढ़ी आँखों में अब नमी है, लेकिन ये आंसू तकलीफ के नहीं, खुशी और संतोष के हैं। वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं, "इस उम्र में मुझे जो सहारा मिला है, उसके लिए मैं दिल से धन्यवाद देती हूँ। अब मेरा जीवन सुरक्षित है।"--
- गरियाबंद । जिले के घने जंगलों के बीच बसे पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र साहेबिनकछार में अब स्पष्ट बदलाव दिखलाई पड़ रही है। काफी वर्षों तक वहॉ भय, अभाव और उपेक्षा झेलने वाले इस गांव में अब विकास की उम्मीद दिखने लगी है। 70 वर्षीय गिरधर सोरी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहने के कारण वे वर्षों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे। उनकी जिंदगी जैसे थम सी गई थी। लेकिन जैसे ही क्षेत्र नक्सल मुक्त हुआ और जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन गॉव में किया गया तो उनकी जिंदगी में एक नया मोड़ आया। शिविर के दौरान उन्हें व्हीलचेयर प्रदान किया गया। यह सिर्फ उनके लिए एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीने सहारा बन रहा है। जिससे उनके चेहरे पर स्पष्ट मुस्कान दिखलाई दे रही है।नक्सल मुक्त होने के बाद साहेबिनकछार में पहली बार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर श्री बीएस उईके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर और जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, शिकायतें और मांगें खुलकर रखीं। जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। साहेबिनकछार आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। यहां न पक्की सड़क है और न ही नियमित बिजली सौर ऊर्जा के सहारे ही जीवन चल रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आवास और खाद्य आपूर्ति जैसी सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर ग्रामीणों को लाभान्वित किया जा रहा है।इसी प्रकार शिविर में 65 वर्षीय जुगसाय गोड को भी समाज कल्याण विभाग द्वारा चलने में सहारा देने के लिए छड़ी प्रदान की गई। यह छोटी सी मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
- 0- जिले के सभी विकासखण्डों को “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त विकासखण्ड 25 अप्रैल तक घोषित किया जाएगामहासमुंद. कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत् महासमुंद जिले के समस्त विकासखण्डों को “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त विकासखण्ड 25 अप्रैल 2026 तक घोषित किया जाएगा। डॉ. अनिल कुमार गोरियार, जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम ने बताया कि मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा महासमुंद जिले को वर्ष 2025-26 में 5000 मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य दिया गया था। जिसके विरूद्ध महासमुंद जिले में 5450 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, खरोरा, महासमुंद में पदस्थ नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार साहू 470, डॉ. मंजूषा चन्द्रसेन 536, डॉ. अनिल कुमार गोरियार 255, डॉ. रितू बजाज 275, डॉ. नेहा सिंह 44 मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया है।जिले में शासकीय अस्पताल, अनुबंधित अस्पताल एवं निजी अस्पताल मिलाकर कुल 5450 मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है। यह जिले की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, इसके तहत् जिले के समस्त विकासखण्डों को “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त विकासखण्ड’ 25 अप्रैल 2026 तक घोषित किया जाएगा। श्री अवधेश कुमार यादव, सहायक नोडल अधिकारी, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा महासमुंद जिले के समस्त प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारियों से समन्वय करेंगे।उन्होने बताया कि जिले के समस्त नेत्र सहायक अधिकारी ग्रामवार अपने क्षेत्र के चिन्हांकित मोतियाबिंद रोगियों एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन की सूची संधारित कर रखेंगे जिसे अंतिम सूची माना जाएगा। जिसके आधार पर ग्राम वार ’मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित ग्राम’ घोषित किया जाएगा। ग्रामवार समीक्षा कर जिस गांव के सभी मोतियाबिंद दृष्टिहीन रोगियों का ऑपरेशन पूरा हो गया है। उस गांव के सरपंच, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं नेत्र सहायक अधिकारी द्वारा संलग्न प्रारूप के अनुसार “मोतियाबिंद दृष्टिहीन रहित ग्राम घोषित किया जाएगा। ग्राम की सूची का सेक्शन वार फिर सेक्टर वार चिन्हित करते हुए पुरे विकासखण्ड के समस्त सेक्टर के मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित हो जाने पर तहसीलदार एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा संलग्न प्रारूप के अनुसार “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित विकासखण्ड घोषित किया जावेगा। यह 25 अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा राज्य कार्यक्रम अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। ग्राम, सेक्शन, सेक्टर एवं विकासखण्ड को ’मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त घोषित किया जाएगा। मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त होने की पुष्टि अन्य जिले की टीम द्वारा कराई जाएगी।--
- 0- गुपचुप ठेले से बढ़ाई आय, परिवार को मिला मजबूत सहारासक्ती। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। ग्रामीण अंचलों की महिलाएं इस योजना के जरिए आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। सक्ती जिले के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम भूरसीडीह की निवासी श्रीमती प्रेम बाई पटेल इसकी प्रेरक उदाहरण हैं।श्रीमती प्रेम बाई पटेल को योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता की अब तक 26वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस नियमित सहयोग ने उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। उन्होंने प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए गुपचुप (पानीपुरी) का ठेला शुरू किया, जिसे वे गांव-गांव घूमकर संचालित करती हैं। इस छोटे व्यवसाय से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका परिवार अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है।श्रीमती प्रेम बाई इस आय से घर की आवश्यक जरूरतों—जैसे राशन एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री—की पूर्ति कर रही हैं। साथ ही वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए भी बचत कर पा रही हैं। वे बताती हैं कि पहले जहां आर्थिक परेशानियां थीं, वहीं अब उनके जीवन में स्थिरता आई है, आत्मविश्वास बढ़ा है और स्वावलंबन की भावना विकसित हुई है।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने और महिलाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से यह योजना मार्च 2024 में प्रारंभ की गई थी। तब से अब तक प्रदेश की हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 26 किस्तों में कुल 16,881 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला है।श्रीमती प्रेम बाई पटेल ने इस योजना से हुए सकारात्मक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है और अब वे सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।--
- 0- तालाब निर्माण से बढ़ी आय, स्वरोजगार की दिशा में बने प्रेरणा स्रोतरायपुर। जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत ग्राम मोहमेला के किसान श्री तोषण ध्रुव ने मत्स्य पालन को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत की है।श्री तोषण ध्रुव ने अपने खेत की भूमि पर मत्स्य पालन हेतु एक तालाब एवं एक संवर्धन पोखर का निर्माण कराया है। मत्स्य पालन विभाग के प्रोत्साहन से शुरू किए गए इस कार्य से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जो पूर्व में पारंपरिक खेती से होने वाली आय से कहीं अधिक है।आर्थिक स्थिति में सुधार के बाद उन्होंने एक ट्रैक्टर भी क्रय किया है, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ी है। इसके साथ ही उन्होंने देशी मुर्गी पालन भी प्रारंभ किया है, जिससे अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित हुए हैं।श्री ध्रुव की सफलता यहीं नहीं रुकी, बल्कि उन्होंने अपने स्वयं के व्यय से 0.50 एकड़ भूमि में एक और संवर्धन पोखर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ किया है, जिससे भविष्य में आय में और वृद्धि होने की संभावना है।























