- Home
- छत्तीसगढ़
-
*कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मरीन ड्राइव में कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, तैयारियों के दिए निर्देश*
रायपुर/ सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को रायपुर 25 लाख दीयों की रोशनी से जगमगाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बीती रात मरीन ड्राइव पहुंचकर निरीक्षण किया।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने कार्यक्रम स्थल पर की जाने वाली सभी तैयारियां समयबद्ध और सुचारु रूप से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने लोगों की सुविधा, सुरक्षा और कार्यक्रम के बेहतर संचालन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।17 सितंबर की शाम रायपुर एक साथ लाखों दीपों से रोशन होगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से इस खास आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है। आप भी 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप लेकर आएं और सशक्त रायपुर, सशक्त छत्तीसगढ़ और सशक्त भारत के लिए एक दीप जरूर प्रज्वलित करें।निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, पुलिस डीसीपी (जोन मध्य) श्री तारकेश्वर पटेल, डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा, अपर संचालक जनसंपर्क श्री उमेश मिश्रा,अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, संयुक्त संचालक जनसंपर्क श्री पवन गुप्ता, एडिशनल डीसीपी श्री विवेक शुक्ला, एसडीएम रायपुर श्री नंदकुमार चौबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। -
रायपुर। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जल ही जीवन है के दिये जा रहे स्लोगन के बीच ही प्रदेश के जल संसाधन विभाग में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 60 प्रतिशत पद अरसे से रिक्त पड़ा हुआ है जिसके चलते जहां मैदानी अमला के अभाव में नहरों के रखरखाव प्रभावित होने के साथ - साथ पानी की बर्बादी नहीं थम पा रहा वहीं कार्यालयीन कार्य भी गुणवत्ता पूर्ण नहीं हो पा रहा । रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , मुख्य सचिव विकास शील व मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को मेल से ज्ञापन भेज रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग की है ।
ज्ञापन में जानकारी दी गयी है कि तृतीय श्रेणी के स्वीकृत 4679 पदों में से 2750 व चतुर्थ श्रेणी के स्वीकृत 803 पदों में से 553 पद रिक्त पड़ा हुआ है । उप अभियंता ( सिविल ) के स्वीकृत 1303 पदों में से 840 , अमीन के 691 पद में से 464 , सिंचाई निरीक्षक के 20 में से 05 , बांध निरीक्षक के 16 में से 12 , भू गर्भ सहायक/ भौमिक सहायक / भूजलविद सहायक के स्वीकृत सभी 19 व भू रसायन सहायक के स्वीकृत सभी 04 पद , चैनमेन के स्वीकृत सभी 12 पद व मुख्य मान चित्रकार के स्वीकृत सभी 06 पद रिक्त पड़ा हुआ है । इसी तरह प्रोसेस सर्वर के 22 में से 20 , उप अभियंता ( वि. / यां. ) के 173 में से 65 , मानचित्रकार ( सिविल ) के 81 में से 25 , मानचित्र कार ( वि./ यां. ) के 12 में से 07 , सहायक मानचित्र कार ( सिविल ) के 96 में से 33 व विद्युत / यांत्रिकी के 15 में से 13 , अनुरेखक ( सिविल ) के 134 में से 117 व विद्युत/ यांत्रिकी विभाग के 10 में से 08 , वरिष्ठ अधीक्षक के 09 में से 07 , मंडल स्तर अधीक्षक के 17 में से 10 , निज सहायक ग्रेड -1 के 08 में से 04 व ग्रेड -2 के 11 में से 03 , शीघ्र लेखक ग्रेड -3 के 19 में से 03 , सहायक ग्रेड -1 के 70 में से 29 / ग्रेड- 2 के 557 में से 142 / ग्रेड - 3 के 784 में से 481 , डाटा एंट्री ऑपरेटर के 366 में से 290 , स्टेनों टाइपिस्ट के 87 में से 59 , अनुसंधान सहायक के 25 में से 22 , प्रयोगशाला तकनीशियन के 25 में से 22 , प्रयोगशाला सहायक के 10 में से 03 , असिस्टेंट प्रोग्रामर के 05 में से 03 , वायरलेस आपरेटर के 0 2 में से 01 , संभागीय लेखापाल के 59 में से 26 , वाहन चालक के 38 में से 20 , दफ्तरी के 77 में से 56 , भृत्य के 641 में से 421 , चौकीदार के 21 में से 20 , फर्राश / स्पीपर के 20 में से 16 तथा प्रयोगशाला परिचारक के स्वीकृत सभी 08 , जमादार के स्वीकृत 01 पद व प्रयोगशाला अनुचर के स्वीकृत 01 पद रिक्त पड़ा हुआ है । ज्ञापन में आगे बतलाया गया है कि कुछ रिक्त पदों पर आऊटसोर्सिंग व संविदा नियुक्ति के माध्यम से काम चलाया जा रहा है वहीं सेवा समाप्ति के साथ - साथ कुछ पदों को समाप्त किया जा रहा है । फील्ड व कार्यालय में गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु अविलंब रिक्त पदों पर नियुक्ति का आग्रह किया गया है । - -मस्तूरी के शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी का मामला, जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया नोटिसबिलासपुर / मस्तूरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी में बीमार छात्रा से कुर्सी साफ करवाने का मामला सामने आया है। बताया गया कि छात्रा पहले से बुखार से पीड़ित थी और स्कूल में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे उल्टी हो गई। आरोप है कि छात्रा को चिकित्सकीय सहायता दिलाने के बजाय उससे ही गंदी हुई कुर्सी साफ करवाई गई। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामले को कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शाला की प्रधान पाठक श्रीमती भारती खांडे को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्ट एवं तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- -जनभागीदारी से सूरजपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम-न्योता भोजन के साथ बच्चों ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सारायपुर। बैगलेस डे (Bagless Day) पर विद्यालयों में बच्चों को बस्ते के बोझ से मुक्त रखकर स्वच्छता, रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से आनंदमय शिक्षा दी जाती है। बैगलेस डे के अंतर्गत बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के अतिरिक्त खेल, चित्र, चर्चा, स्वतंत्रता जागरूकता एवं मौलिक विचारधारा की स्थापना में शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों में नेतृत्व क्षमता, निर्देशन, सहयोग एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी। कलेक्टर सूरजपुर श्रीमती रेना जमील और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में शनिवार को जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में बैगलेस डे के अवसर पर विभिन्न रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जनप्रतिनिधियों, पालकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान, खेलकूद और कलात्मक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।बैगलेस डे के तहत विद्यालय परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। बच्चों ने गाजर घास उन्मूलन, परिसर व शौचालयों की साफ-सफाई, पाउच-पन्नी का सुरक्षित निस्तारण और पेयजल स्रोतों की स्वच्छता का कार्य किया। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया, जिससे वे स्वच्छ और सुंदर विद्यालय के महत्व को समझ सकें।द्यार्थियों के बौद्धिक और सृजनात्मक विकास के लिए कई दिलचस्प गतिविधियां आयोजित की गईं। कल्पनात्मक निबंध पेड़ बोल सकते तो क्या कहते विषय पर बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता के आधार पर सुंदर निबंध लिखे। पेपर क्राफ्ट और कला के माध्यम से कागज को मोड़ने और काटने की तकनीक से बच्चों ने नाव, हवाई जहाज, तितली और मेंढक जैसी आकर्षक आकृतियां बनाईं। बेस्ट आउट ऑफ़ वेस्ट के द्वारा विद्यार्थियों ने कागज से ग्रीटिंग कार्ड और कबाड़ से जुगाड़ यानी अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी कलात्मक वस्तुएं तैयार कीं।इस विशेष दिन पर विद्यालयों में समुदाय आधारित न्योता भोजन का भी आयोजन किया गया। माध्यमिक शाला कन्या रामानुजनगर में स्थानीय व्यवसायी श्री श्रवण कुमार गुप्ता ने अपने जन्मदिन के अवसर पर संकुल समन्वयक श्री जयप्रकाश बरेठा के साथ मिलकर बच्चों को न्योता भोजन कराया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। वहीं, भैयाथान विकासखंड के प्राथमिक शाला शिवप्रसाद नगर में समुदाय के सहयोग से बच्चों को कॉपियां वितरित की गईं और विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।बैगलेस डे के तहत विद्यालयों में आयोजित सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग एडी शिक्षा, एडीपीओ समग्र, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी, संकुल प्राचार्य और संकुल समन्वयकों द्वारा की गई। अधिकारियों ने स्कूलों का दौरा कर गतिविधियों का अवलोकन किया और बच्चों व शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
- -मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन BOCW शुरूरायपुर / भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ('National Conference on BOCW') का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के निर्माण श्रमिकों के सुरक्षित, सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती शोभा करंदलाजे, मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और छत्तीसगढ़ के श्रम सचिव श्री हिम शिखर गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा मंडल सचिव श्री गिरीश रामटेके ने किया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों ने श्रमिक हित में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। साथ ही निर्माण श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भविष्य की रणनीतियों पर रणनीति तैयार की जा रही है। यह आयोजन देश के निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- -पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में 500 से अधिक विद्यार्थियों से उप मुख्यमंत्री ने किया सीधा संवाद-साइबर ठगी होते ही 1930 पर तत्काल संपर्क करें, जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाएं - श्री विजय शर्मा-एक करोड़ रुपए से अधिक की ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी के पीड़ित ने साझा किया अनुभव-गोल्डन ऑवर में पुलिस से संपर्क से वापस मिली 60 लाख रुपए की राशिरायपुर। छत्तीसगढ़ को साइबर अपराधों से मुक्त और सुरक्षित डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ को आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से नई गति मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए 9 मॉड्यूल वाले वीडियो पाठ्यक्रम ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। बैंकिंग, खरीदारी, शिक्षा, व्यापार और सरकारी सेवाओं सहित अनेक कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए ‘साइबर संकल्प’ एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत 9 वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं और प्रत्येक मॉड्यूल लगभग 5 से 6 मिनट का है। इन वीडियो के माध्यम से नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी।विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। देश में बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन हो रहा है और डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में तकनीक का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क और जागरूक रहना होगा। श्री शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं साइबर अपराधों से बचने के उपाय सीखें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से साइबर जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो घबराने या देर करने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को ठगी की राशि को रोकने और पीड़ित तक वापस पहुंचाने की कार्रवाई करने में मदद मिलती है।कार्यक्रम में साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को साइबर ठगी के वास्तविक स्वरूप से अवगत कराया। एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के शिकार डॉ. सेन ने बताया कि किस प्रकार उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर अपराधियों ने अपने जाल में फंसाया। उन्होंने समय रहते पुलिस से संपर्क किया। गोल्डन ऑवर में पुलिस को सूचना मिलने के कारण 60 लाख रुपये की ठगी की राशि वापस प्राप्त हो सकी। उनकी आपबीती ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि साइबर ठगी के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है और तत्काल पुलिस अथवा 1930 पर सूचना देना अत्यंत आवश्यक है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा अभियान का सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग तकनीक का सबसे अधिक उपयोग करता है और उसके पास डिजिटल जागरूकता को समाज के बड़े वर्ग तक पहुंचाने की क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों में बुजुर्गों, माता-पिता और अन्य परिजनों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में बताएं। सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, ओटीपी, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में सावधानी बरतने के लिए लोगों को जागरूक करें।कार्यक्रम में बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर क्राइम वालंटियर पहल संचालित की जा रही है। इस पहल के माध्यम से नागरिक स्वयं, अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों से भी इसमें सहभागी बनने की अपील की गई।पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय तथा रायपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ साइबर धोखाधड़ी, डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े विषयों पर संवाद किया।कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) श्री अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (तकनीकी सेवाएं) श्री प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर श्री अमित तुकाराम कांबले, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला एवं कुलसचिव श्री शैलेंद्र पटेल सहित पुलिस एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप से सावधान रहने तथा ऑनलाइन सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन करने की सलाह दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौरव मंडल ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, उनके तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलपति, उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से प्रदेशवासियों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के तरीकों तथा साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- -वन-पर्यावरण स्वीकृति समेत सभीनिर्धारित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही शुरू हो सकेगा खनन-देश की ऊर्जा जरूरत और राज्य के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय हितों को प्राथमिकतारायपुर। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम ने बताया है कि फिलहाल तारा कोल ब्लॉक की केवल प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी हुई है। खनन शुरू करने से पहले माइनिंग प्लान, खनन पट्टा, पर्यावरण स्वीकृति, वन स्वीकृति और अन्य सभी जरूरी वैधानिक अनुमतियां हासिल करनी होंगी। इन प्रक्रियाओं और अनुमोदनों के पूरा होने के बाद ही वास्तविक खनन गतिविधियां शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी।तारा कोल ब्लॉक की प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी में कुल 9 बोलियां मिली थीं। नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह ब्लॉक CG Syn&Gas and Chemicals Limited को प्राप्त हुआ है। खनन से पहले वन स्वीकृति के विभिन्न चरण पूरे करने होंगे। पर्यावरणीय प्रभावों का निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षण भी किया जाएगा। जरूरी वैधानिक अनुमतियां मिलने से पहले वृक्षों की कटाई या वास्तविक खनन गतिविधि शुरू नहीं की जा सकती। यानि कोल ब्लॉक की नीलामी, वन एवं पर्यावरण स्वीकृति और वास्तविक खनन की अनुमति अलग-अलग चरण हैं।हसदेव-अरण्य में कोल ब्लॉकों के आवंटन और खनन से जुड़ी प्रक्रिया पहले से चली आ रही है। तारा कोल ब्लॉक वर्ष 2011 में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम को आवंटित किया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिणामस्वरूप अन्य कोल ब्लॉकों के साथ इसका पूर्व आवंटन निरस्त हो गया।इसी अवधि में हसदेव-अरण्य क्षेत्र के अन्य कोल ब्लॉक विभिन्न सरकारी विद्युत उत्पादन संस्थाओं की जरूरतों से जुड़े थे। इनमें परसा ईस्ट केते बासन (पीईकेबी), राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की विद्युत उत्पादन जरूरतों के लिए आवंटित प्रमुख ब्लॉकों में शामिल रहा है।हसदेव-अरण्य क्षेत्र के कोल ब्लॉकों से संबंधित वन और पर्यावरण स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी केंद्र की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में आगे बढ़ी थी। वर्ष 2011 में वन सलाहकार समिति की प्रतिकूल अनुशंसा के बावजूद केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के स्तर पर तारा और पीईकेबी के संबंध में वन स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया था। पीईकेबी को जुलाई 2011 में स्टेज-1 और मार्च 2012 में स्टेज-2 फारेस्ट क्लियरेंस मिली थी। इसी अवधि में परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी।पूर्व की व्यवस्था में कोल ब्लॉक सरकारी कंपनियों या निर्धारित उपयोगकर्ता संस्थाओं को आवंटित किए जाते थे। वर्तमान व्यवस्था में वाणिज्यिक कोयला खनन के लिए पारदर्शी प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाती है। तारा कोल ब्लॉक की मौजूदा प्रक्रिया इसी व्यवस्था के तहत हुई है। नीलामी में सफल होने से कंपनी को स्वतः खनन, वन या पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलती।देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और विद्युत आपूर्ति की निरंतरता के लिए घरेलू कोयला संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। हसदेव क्षेत्र में पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यकाल में भी कोयला उत्पादन और बिजली आपूर्ति की जरूरत को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्तरों पर निर्णय लिए गए और केंद्र सरकार से पत्राचार हुआ। वर्ष 2019 और 2021 में कोल ब्लॉकों के आवंटन को लेकर केंद्र सरकार से पत्राचार किया गया था। वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने हसदेव क्षेत्र के कोल ब्लॉकों के संबंध में एक अशासकीय संकल्प भी पारित किया।हसदेव-अरण्य में कोयला संसाधनों के उपयोग का मामला केवल तारा ब्लॉक तक सीमित नहीं है। मोरगा कोल ब्लॉक के आवंटन का विषय भी अभी जीवित है। पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने इसे छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के पक्ष में आवंटित करने के लिए केंद्रीय कोयला मंत्रालय से अनुरोध किया था।राज्य सरकार के पत्र में कहा गया था कि मोरगा से लगे मदनपुर कोल ब्लॉक के मदनपुर साउथ ब्लॉक को केंद्रीय कोयला मंत्रालय पहले ही आंध्र प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को आवंटित कर चुका है। इसी आधार पर मोरगा कोल ब्लॉक को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम को आवंटित करने का अनुरोध किया गया था। पत्र में यह भी कहा गया था कि आवंटन के बाद जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियों के लिए राज्य सरकार केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से अनुरोध करेगी।हसदेव-अरण्य क्षेत्र में भविष्य की खनन गतिविधियों को लेकर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद ने विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन किया। इसमें जैव विविधता, वन्यजीव, जलग्रहण क्षेत्र और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का आकलन किया गया। अध्ययन में तारा सहित कुछ अन्य कोल ब्लॉक को कड़े पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों और संरक्षण प्रावधानों के अधीन खनन के लिए विचार योग्य माना गया।वन संरक्षण और वृक्षारोपण को राज्य की प्राथमिकता बताते हुए दस्तावेज में फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट-2023 के आंकड़ों का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार 2021 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्राच्छादन में 683.62 वर्ग किलोमीटर की शुद्ध वृद्धि हुई, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक थी। इसी अवधि में राज्य के वनावरण में 702.75 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया 2021 में भी वर्ष 2019 की तुलना में छत्तीसगढ़ के वनावरण में करीब 106 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई थी।दस्तावेज के अनुसार किसी भी खनन परियोजना में पर्यावरण और वन स्वीकृति, वैज्ञानिक अध्ययन, प्रतिपूरक वनीकरण तथा अन्य निर्धारित पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।राज्य खनिज विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि तारा कोल ब्लॉक को लेकर मौजूदा स्थिति यही है कि अभी केवल प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी हुई है और खनन शुरू नहीं हुआ है। सफल बोलीदाता को सभी जरूरी वैधानिक अनुमतियां हासिल करनी होंगी। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही वास्तविक खनन गतिविधियां शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी। इस पूरी प्रक्रिया में देश की ऊर्जा सुरक्षा, राज्य की विकास जरूरतों, वन एवं पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय हितों के बीच संतुलन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
- -कुंवरपुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण के संकल्प में जनभागीदारी का किया आह्वानरायपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली संवर्धन के संदेश के साथ आज कुंवरपुर, लखनपुर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता की। उन्होंने कार्यक्रम में पौधरोपण कर आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ और सुरक्षित जीवन के लिए हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी ओर से एक अनमोल उपहार है। पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। हमें पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लेना होगा। जब जनभागीदारी के साथ हर व्यक्ति अपने आसपास हरियाली बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी हम एक स्वच्छ, सुंदर और संतुलित पर्यावरण का निर्माण कर सकेंगे।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा और बदलता पर्यावरणीय स्वरूप हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और गंभीरता से समझने का संदेश दे रहा है। ऐसे में अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनका संरक्षण करना समय की आवश्यकता है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों से आग्रह किया कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक पौधे को वृक्ष बनने में कई वर्ष लगते हैं, इसलिए उसकी सुरक्षा और देखभाल करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पौधरोपण करना।उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे वृक्ष तैयार करना होना चाहिए जो आने वाले वर्षों में समाज को स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण प्रदान करें। हर परिवार यदि कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का संकल्प करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।कुंवरपुर में आयोजित कार्यक्रम ने स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ सामूहिक भागीदारी का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पौधरोपण में सहभागिता करते हुए हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूत किया।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन देती है और अब प्रकृति के प्रति अपना दायित्व निभाने का समय हमारा है। हम सभी मिलकर अपने गांव, शहर और जिले को अधिक हरा-भरा बनाने का प्रयास करें। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध वातावरण और बेहतर जीवन देना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, खेत, विद्यालय, सार्वजनिक स्थलों और उपलब्ध अन्य स्थानों पर पौधरोपण करें तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से चलाया गया पर्यावरण संरक्षण का अभियान निश्चित रूप से दूरगामी परिणाम देगा।कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री विजय अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनपद उपाध्यक्ष श्री कामेश्वर राजवाड़े, पार्षद श्री दिनेश साहू, श्री सुभाष अग्रवाल, श्री राजेंद्र जायसवाल, श्री सुरेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और पौधों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कुंवरपुर में आयोजित यह कार्यक्रम पौधा लगाएं, पर्यावरण बचाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य बनाएं के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
- -एमबीबीएस प्रथम वर्ष में 41 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश, 50 सीटों पर दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जारी-चराईडांड में 359 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज का स्थायी परिसर, 220 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण भी प्रगति पररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और विशेष प्रयासों से आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जशपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृत 50 सीटों में से प्रथम चरण में 41 विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है, जबकि शेष सीटों के लिए दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जारी है।मेडिकल कॉलेज की 50 सीटों में 42 सीटें राज्य कोटा, 7 सीटें केंद्रीय कोटा तथा 1 सीट सेंट्रल पूल के अंतर्गत भरी जाएगी। जिले में चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत से स्थानीय विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के नए अवसर मिलने के साथ ही जशपुर और आसपास के क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।मेडिकल कॉलेज के स्थायी भवन के निर्माण तक झारगांव स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए आवश्यक आधारभूत व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।विद्यार्थियों के प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक अध्ययन के लिए जिला चिकित्सालय में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक कार्यालय जिला चिकित्सालय के समीप निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर अस्पताल भवन में संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है।मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 20 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 25 पदों सहित अन्य आवश्यक पदों की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।जशपुर को चिकित्सा शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कुनकुरी के चराईडांड में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के स्थायी भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 359 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। मेडिकल कॉलेज परिसर के साथ यहां 220 बिस्तरों की क्षमता वाले अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।स्थायी परिसर और अत्याधुनिक अस्पताल के पूर्ण होने के बाद जशपुर में चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी। इससे जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का बेहतर वातावरण मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई की शुरुआत और स्थायी परिसर के निर्माण की स्वीकृति इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।जिले के फरसाबहार क्षेत्र में सत्य साईं ट्रस्ट द्वारा सत्य साईं मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। संजीवनी एंबुलेंस की संख्या में भी पर्याप्त वृद्धि की गई है। गिनाबहार में 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट का निर्माण जारी है। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है।इन संस्थानों के पूर्ण होने और संचालन में आने से जशपुर में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। साथ ही जिलेवासियों को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
- -17 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम-धमतरी में 10 लाख दीयों से होगा विशेष आयोजनरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा, समर्पण और जनकल्याणकारी नेतृत्व की यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर प्रदेशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस एक माह के अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी जिले में अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान जिला प्रशासन ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए टास्क फोर्स समिति का गठन कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सभी विभागों द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।अभियान के प्रथम दिवस 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत धमतरी जिले में लगभग 10 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्य आयोजन रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर एवं महानदी घाट में होगा। इसके साथ ही कर्णेश्वर महादेव मंदिर सिहावा, अंगारमोती माता मंदिर गंगरेल, विंध्यवासिनी माता मंदिर धमतरी सहित जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। इसके अलावा पीएम जनमन आवासों, अटल आवासों तथा आम नागरिकों के घरों में भी दीप जलाकर सेवा एवं समर्पण का संदेश दिया जाएगा। प्रशासन ने इसे जन-जन की सहभागिता वाला कार्यक्रम बनाने की दिशा में व्यापक तैयारी की है। राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प में सहभागी बनें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिला समूहों और विभिन्न सामाजिक वर्गों से अभियान के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के सभी कार्यक्रमों का आयोजन गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से किया जाए ताकि सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
- -अवैध खनन एवं परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, रेत-मिट्टी और गिट्टी से लदे 4 ट्रैक्टर व 1 हाईवा जप्तरायपुर । जीपीएम जिले में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग के अमले ने अवैध परिवहन में संलिप्त 4 ट्रैक्टर एवं 1 हाईवा वाहन जप्त किया है। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध रूप से खनिजों के उत्खनन एवं परिवहन में लगे लोगों में हड़कंप मचा है। खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिवनी क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 2 ट्रैक्टरों को जप्त किया गया। इसी तरह मजगवां से 1 ट्रैक्टर, पड़वनिया से मिट्टी (ईंट) के अवैध परिवहन में संलिप्त 1 ट्रैक्टर तथा पकरिया से गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 1 हाईवा वाहन को जप्त किया गया है।जप्त किए गए वाहनों को नियमानुसार सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। इनमें 2 ट्रैक्टरों को सिवनी चौकी, जबकि 2 ट्रैक्टर एवं 1 हाईवा वाहन को अमरपुर पुलिस लाइन में सुरक्षित रखा गया है। खनिज विभाग द्वारा जप्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।जिले में नागरिकों द्वारा सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज कराई जा रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों द्वारा मौके पर जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग ने प्राप्त शिकायतों की जांच कर अवैध खनिज परिवहन के मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गुणवत्तापूर्ण जांच, समयबद्ध कार्रवाई और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप खनिज विभाग द्वारा शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए मौके पर कार्रवाई की जा रही है।खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग द्वारा ऐसे मामलों की निगरानी के साथ-साथ प्राप्त शिकायतों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य जिले में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा शासन के राजस्व को होने वाली क्षति को रोकना है।
- -2.53 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का हुआ निराकरण, 2,52,967 मामलों का समाधान कर जिले ने दर्ज की उल्लेखनीय उपलब्धिरायपुर । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जिले के राजस्व न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 2 लाख 53 हजार 365 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 2 लाख 52 हजार 967 प्रकरणों का निराकरण किया गया। बड़ी संख्या में लंबित मामलों के समाधान से आम नागरिकों को राहत मिली है।राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के राजस्व प्रकरणों का पक्षकारों की सहमति, आपसी सुलह और सरल प्रक्रिया के जरिए निराकरण किया गया। इस पहल से लंबे समय से लंबित मामलों को गति मिली और पक्षकारों को अनावश्यक न्यायिक प्रक्रिया से राहत प्राप्त हुई।राष्ट्रीय लोक अदालत में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे से संबंधित 23 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 22 का निराकरण किया गया। इसी प्रकार वारिसों के मध्य बंटवारे के 19 में से 18 तथा कब्जे के आधार पर बंटवारे के 7 में से 6 प्रकरणों का समाधान किया गया।धारा 145 की कार्यवाही से संबंधित सभी 10 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं रेंट कंट्रोल एक्ट का 1 प्रकरण भी पूरी तरह निराकृत हुआ। विक्रय पत्र, दानपत्र एवं वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण से संबंधित 73 में से 72 प्रकरणों का निराकरण किया गया।आंकड़ों के अनुसार अन्य प्रकृति के कुल 2,152 प्रकरणों में से 2,139 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अलावा अन्य विभागों से संबंधित 2 लाख 51 हजार 80 प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे गए थे, जिनमें से 2 लाख 50 हजार 699 प्रकरणों का निराकरण किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। जीपीएम जिले में बड़ी संख्या में राजस्व प्रकरणों के निराकरण से न केवल नागरिकों को लंबित मामलों से राहत मिली, बल्कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण मदद मिली है। जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत की यह उपलब्धि न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुगम, प्रभावी और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लोक अदालत के माध्यम से हुए निराकरण से पक्षकारों के बीच आपसी सहमति को बढ़ावा मिलने के साथ ही समय और संसाधनों की बचत भी हुई है।
- -गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह और नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारीरायपुर । छत्तीसगढ़ में बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में सूरजपुर के साधुराम विद्या मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा विधि के विरुद्ध कार्य करने वाले बच्चों के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया। बाल भिक्षावृत्ति के उन्मूलन एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझने तथा किसी भी असहज अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में तत्काल भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को बताया गया कि किसी घटना की स्थिति में डर अथवा सामाजिक दबाव के कारण चुप रहने की आवश्यकता नहीं है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से सहायता एवं शिकायत की जा सकती है तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाती है।कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता गतिविधियों के साथ पुराने प्रकरणों के फॉलोअप की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने और अपने आसपास के लोगों को भी बाल विवाह रोकने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया गया कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना बच्चे को गोद लेना अथवा देना कानूनन अपराध है। विद्यार्थियों को बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका से भी अवगत कराया गया।‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई।साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने की समझाइश दी गई। ओटीपी साझा नहीं करने, अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर बातचीत से बचने, निजी फोटो साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने के संबंध में महत्वपूर्ण सावधानियां बताई गईं।विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए कम उम्र में वाहन नहीं चलाने तथा बिना लाइसेंस वाहन चलाने से बचने की समझाइश दी गई। विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों को भी वाहन चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा एवं पंजीयन दस्तावेज साथ रखने तथा हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित करने कहा गया।कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी देते हुए संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध सहायता के संबंध में बताया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर टोल फ्री नंबर 181 के माध्यम से सखी वन स्टॉप सेंटर की निःशुल्क सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।महिला सशक्तिकरण हब की ओर से किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी गई। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बेटियों की शिक्षा, आत्मविश्वास और समान अवसरों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम में विद्यालय संचालक श्री राहुल अग्रवाल, प्राचार्य श्रीमती खुशबू सिंह, महिला सशक्तिकरण हब की जेंडर विशेषज्ञ सुश्री सलोनी कुजूर, चाइल्ड लाइन से श्री प्रकाश राजवाड़े, सूरजपुर कोतवाली से श्रीमती सुमन पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -रटगा में खराब हैंडपंप की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई, ग्रामीण संत राम बोले—समय पर हुआ समाधान, शासन-प्रशासन पर बढ़ा भरोसारायपुर । राज्य शासन की सुशासन नीति और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शासन की इसी प्रतिबद्धता का प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ‘विष्णु का सुशासन’ केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में प्रत्यक्ष सकारात्मक बदलाव लाने वाली व्यवस्था के रूप में साकार हो रहा है।इसी सुशासन की प्रभावी मिसाल मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत रटगा में देखने को मिली, जहां एक ग्रामीण की पेयजल संबंधी समस्या का समाधान शिकायत दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर कर दिया गया। ग्राम रटगा निवासी श्री संत राम ने अपने आसपास खराब पड़े हैंडपंप की समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मैदानी अमले ने बिना विलंब मौके पर पहुंचकर खराब हैंडपंप का निरीक्षण किया और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया। विभागीय टीम की तत्परता से महज 24 घंटे के भीतर हैंडपंप को दुरुस्त कर पुनः चालू कर दिया गया।हैंडपंप के चालू होने से श्री संत राम सहित आसपास के ग्रामीणों को अब आसानी से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। पेयजल की समस्या दूर होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही, त्वरित निराकरण से ग्रामीणों के बीच शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।शिकायत करने के बाद इतनी जल्दी समाधान होगा, इसकी उम्मीद थी, लेकिन 24 घंटे में ही हैंडपंप चालू हो गयासमस्या के शीघ्र समाधान से प्रसन्न श्री संत राम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हैंडपंप खराब होने से हम लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी हो रही थी। मैंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद विभाग के कर्मचारी तुरंत पहुंचे और 24 घंटे के अंदर हैंडपंप ठीक कर दिया गया। अब हम लोगों को फिर से आसानी से पानी मिल रहा है। इतनी जल्दी समस्या का समाधान होने से हमें बहुत खुशी हुई है। सीएम हेल्पलाइन आम लोगों के लिए बहुत उपयोगी व्यवस्था है। मैं मुख्यमंत्री जी और जिला प्रशासन का धन्यवाद करता हूं।शिकायत के साथ ही हरकत में आया विभागग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ी समस्याओं का समय पर निराकरण आम नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रटगा में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर संबंधित विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई किए जाने से यह स्पष्ट हुआ कि शिकायतों के निराकरण के लिए प्रशासनिक तंत्र लगातार सक्रिय है।सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का सरल माध्यम उपलब्ध हुआ है। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उसके निराकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने से आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हुई है।सुशासन का असर, ग्रामीणों को मिला सीधा लाभरटगा की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि शासन की जनसुनवाई और शिकायत निराकरण व्यवस्था किस तरह आम नागरिकों के दैनिक जीवन में बदलाव ला रही है। एक ओर जहां शिकायत के माध्यम से ग्रामीण की आवाज प्रशासन तक पहुंची, वहीं दूसरी ओर संबंधित विभाग ने तत्परता दिखाते हुए समस्या का समाधान किया। शिकायत दर्ज होने से लेकर समाधान तक की यह पूरी प्रक्रिया ‘सुशासन’ की उस भावना को प्रदर्शित करती है, जिसमें नागरिकों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ किया जाता है।सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से रटगा के ग्रामीणों को मिली यह राहत शासन की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसमें हर नागरिक की समस्या को सुना जाए, उसका समाधान किया जाए और शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
- -तकनीकी अड़चनों के बीच फँसा आधार हुआ अपडेट, 75 वर्षीय वासुदेव गुप्ता को मिली राहत, खुले शासकीय योजनाओं के द्वाररायपुर । पहचान का एक छोटा-सा दस्तावेज किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है, इसका जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत झलपी (पोस्ट-महाराजगंज) निवासी 75 वर्षीय श्री वासुदेव गुप्ता का प्रकरण है। पहचान पत्र न बन पाने के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा था। किन्तु यह बदलाव तब संभव हुआ जब प्रशासन की संवेदनशील सोच ने सेवा संकल्प का प्राथमिकता में रखकर कार्य किया।आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय नागरिक की पहचानए वित्तीय लेन.देन और सरकारी योजनाओं का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। बीते चार वर्षों के दौरान श्री वासुदेव गुप्ता ने क्षेत्र के लगभग हर आधार केंद्र के चक्कर काटे और कई बार नामांकन भी करवाया। हालांकि, जब भी वे पावती से स्थिति की जांच करवाते, तो हर बार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इस समस्या के समाधान और पहचान संख्या प्राप्त करने की उम्मीद में उन्होंने अंबिकापुर स्थित सेवा केंद्र तक की दौड़ लगाई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। लगातार आ रही इन बाधाओं के चलते उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूटने लगी थीं। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल पर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों की ऐसी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला टीम तथा संबंधित तकनीकी कार्यालयों (ई-डीएम, डीसी एवं एमटीओ) ने तकनीकी अड़चनों की गहराई से पड़ताल की। आपसी समन्वय से समाधान का मार्ग निकालते हुए अंततः श्री गुप्ता का दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया।दस्तावेज के तैयार होते ही वृद्ध कृषक के लिए शासन की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के रास्ते खुल गए हैं। इसके अपडेट होने से अब श्री वासुदेव गुप्ता एग्री स्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे, जिससे उन्हें सुगमता से धान विक्रय करने और अन्य कृषि-हितैषी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, राशन कार्ड की ई-केवायसी, बैंकिंग सेवाओं तथा ऋण संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संबल प्राप्त होगा।जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल एक अकेले प्रकरण के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था विकसित करना है जहाँ पहचान से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें किसी भी पात्र हितग्राही के अधिकारों के आड़े न आएं। इस दिशा में नामांकन व अपडेशन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने, तकनीकी कारणों से अटके मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष अभियान के तहत पूरा करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन के इस संवेदनशील दृष्टिकोण से दूरस्थ अंचलों और वृद्धजनों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है, जो कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
- रायपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद विमानतल पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनका स्वागत किया।इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की तथा संस्थान द्वारा संचालित अनुसंधान कार्यक्रमों, तकनीकी हस्तक्षेपों एवं प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने राज्य के कृषि विभाग के साथ समन्वय से भारतीय कृषि को सुदृढ़ बनाने के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।डॉ. राय ने फसलों में कीट-व्याधियों, रोगों एवं अन्य जैविक तनावों के कारण होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में ICAR-NIBSM द्वारा किए जा रहे अनुसंधान एवं प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने फसल उत्पादकता, कृषि की प्रतिरोधक क्षमता तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए विकसित की जा रही सतत एवं किसानोन्मुख तकनीकों पर भी प्रकाश डाला।श्री चौहान ने संस्थान के कृषि अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थापित ICAR-NIBSM एक प्रमुख प्ब्।त् संस्थान के रूप में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों, नवाचारों एवं किसान-केंद्रित पहलों का अवलोकन करने के लिए निकट भविष्य में ICAR-NIBSM का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की। केंद्रीय कृषि मंत्री ने उभरती कृषि चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में ICAR-NIBSM द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की। यह मुलाकात केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कृषि अनुसंधान को सुदृढ़ करने, फसल तनावों के प्रभावी प्रबंधन तथा किसानों के कल्याण को बढ़ावा देने के साझा संकल्प को प्रतिबिंबित करती है।
- -आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हुए शामिल-19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित-504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए, जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईराज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।
- जिला पंचायत बालोद में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित; 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'आशीर्वाद का दीया'बालोद/ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू एवं जिला पंचायत सदस्यों की उपस्थिति में अभियान की तैयारियों, गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मुख्य ध्येय शासन की सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं और सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए पंचायत स्तर पर जनभागीदारी को बढ़ावा देकर काम को परिणाममूलक बनाया जाएगा।जन-जागरूकता पर जोरजिला पंचायत उपाध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को लेकर जागरूकता फैलाने और पंचायत प्रतिनिधियों सहित आम ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।हितग्राहियों को जोड़ने की पहलकेंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हितग्राहियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें।विशेष आयोजन:17 सितंबर को 'आशीर्वाद का दीया'अभियान के अंतर्गत आगामी 17 सितंबर 2026 को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिला पंचायत प्रशासन ने इस अवसर पर अधिक से अधिक ग्रामीणों से बढ़-चढ़कर भाग लेने और जनभागीदारी निभाने की अपील की है।
- सेवा और सहभागिता की भावना को मजबूत करेगा एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियानबिलासपुर/जिले में जनसेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहंुचाने सेवा संकल्प अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। जिसमें प्रत्येक परिवार की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा, स्वच्छता, जागरूकता और जनभागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अभियान के सफल आयोजन के लिए नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही विभागीय अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को गतिविधिवार जिम्मेदारियां सौंपी हैं।अभियान के दौरान 17 सितंबर की शाम को जिला स्तर पर, रतनपुर और मल्हार मंदिर में, महतारी वंदन, पीएम आवास हितग्राहियों के घर में एवं प्रत्येक परिवार स्तर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित किया जाएगा। मेरे सपनों का भारत’ विषय पर 18 एवं 19 सितम्बर, 28 सितम्बर, 1 अक्टूबर एवं 3 अक्टूबर को विद्यालय स्तर पर ‘ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 17 सितंबर से 21 सितम्बर, 6 से 10 अक्टूबर एवं 15 से 17 अक्टूबर तक प्रमुख स्थलों पर नमो सेवा अनकही कहानियां विषय पर संगीतमय नाटक प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा। 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आंगन मिलन सेवा का आयोजन, 17 से 21 सितम्बर तक सेवा की कहानी, पर्यटन विभाग द्वारा विकसित भारत संकल्प यात्रा अंतर्गत बस्तर सहित परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। 7 अक्टूबर को सेवा ज्योति कलश यात्रा निकली जाएगी। 23 से 25 सितम्बर तक सेवा मेरा योगदान का आयोजन होगा। वहीं जल संसाधन विभाग के माध्यम से ‘जल जन सेवा संकल्प’ से जुड़ी गतिविधियां पूरे अभियान के दौरान संचालित की जाएंगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा-मेरा योगदान’ अभियान के अंतर्गत नदी घाटों की स्वच्छता सहित विभिन्न सेवा गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। 1 से 5 अक्टूबर तक विकासखण्ड स्तर पर सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार अंतर्गत शिविर लगाये जाएंगे। 29 सितम्बर को सेवा के रंग, राष्ट्र के संग का आयोजन होगा। 9 अक्टूबर को सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज एवं 17 अक्टूबर को सुशासन सेवा संवाद जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी।कलेक्टर ने सभी संबंधित नोडल अधिकारियों एवं विभागों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- बिलासपुर/शासन द्वारा नागरिकों को सरल, सहज एवं समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा सेतु’ डिजिटल व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है। सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।कोटा विकासखण्ड के मझगांव निवासी मुक्तामणि मानिकपुरी ने तहसील कार्यालय बेलगहना में आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया। उनका आवेदन 18 जुलाई 2026 को प्रक्रिया में लिया गया। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी श्री संदीप कुमार कश्यप द्वारा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया गया। मात्र छह दिनों में मुक्तामणि मानिकपुरी को आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। महज छह दिनों में आय प्रमाण पत्र प्राप्त होने से मुक्तामणि मानिकपुरी को अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिली। उन्होंने सेवा सेतु की त्वरित एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की।सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और समयबद्ध निराकरण की यह प्रक्रिया नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयीन भागदौड़ से राहत देने के साथ ही शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायक हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन का सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा कुरूद एसएलआरएम सेंटर के सामने आवारा एवं सामुदायिक कुत्तों के प्रबंधन हेतु डॉग हाउस का निर्माण किया गया है। डॉग हाउस में कुल 44 केज (कैच) की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केज में 4 डॉग रखने की क्षमता के अनुसार एक समय में लगभग 176 डॉग की व्यवस्था की गई है।नगर निगम द्वारा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने तथा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने के उद्देश्य से यहां प्रतिदिन लगभग 40 से 44 डॉग के बधियाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।डॉग हाउस में डॉग को पकड़कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत बधियाकरण किया जाएगा तथा आवश्यक देखरेख के पश्चात उन्हें निर्धारित स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था से शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ नागरिकों को होने वाली परेशानियों में भी कमी लाने में मदद मिलेगी।नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
- -ऑनलाइन दावा-आपत्ति 24 सितंबर तक आमंत्रितदुर्ग/ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), दुर्ग के अंतर्गत संविदा भर्ती प्रक्रिया के तहत विभिन्न 12 पदों के लिए अभ्यर्थियों की प्रारंभिक पात्र एवं अपात्र सूची जारी कर दी गई है। जारी सूची के संबंध में अभ्यर्थी आगामी 24 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 16 जुलाई 2026 के तहत कुल 18 विभिन्न संविदा पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। इनमें से 12 पदों—साइकोलॉजिस्ट क्लीनिकल, प्रोग्राम एसोसिएट एनटीईपी, सोशल वर्कर, एसटीएस, लैब सुपरवाइजर, टीबीएचवी, डेंटल असिस्टेंट, एमपीडब्ल्यू-मेल, ऑप्थेलमिक असिस्टेंट, एएनएम, वार्ड असिस्टेंट व अटेंडेंट तथा सिक्योरिटी गार्ड के लिए प्रारंभिक पात्र-अपात्र सूची पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।अभ्यर्थी जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.durg.gov.in पर दिए गए लिंक अथवा सीधे पोर्टल https://govthealth.cg.gov.in/RecDurgCont2026/ पर जाकर अपनी पंजीयन आईडी एवं पासवर्ड से लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन उपरांत उपलब्ध लिंक के जरिए अभ्यर्थी 24 सितंबर 2026 को सायं 05:30 बजे तक अपनी दावा-आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।निर्धारित तिथि व समय बीत जाने के बाद अथवा ऑफलाइन, डाक या ईमेल जैसे अन्य किसी माध्यम से भेजी गई दावा-आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। विस्तृत विवरण व सूची जिले की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- दुर्ग/ जिले में आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के संबंध में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य समन्वय बैठक आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में श्री सुरेन्द्र कौशिक, श्री पुरूर्षोत्तम देवांगन, श्रीमती चन्द्रिका चन्द्राकर, श्रीमती सरिता मिश्रा, श्री विनोद अरोरा एवं विनोद सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और जिला पंचायत के सीईओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी श्री बी.के. दुबे सहित समस्त विभागीय नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी सम्मिलित हुए। अभियान अंतर्गत विभिन्न 12 पहलुओं क्रमशः आशीर्वाद दीया, मेरे सपनों का भारत चित्र सेवा, नमो सेवा अनकही कहानियां, आनंद मिलन सेवा, सेवा की कहानी, सेवा संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति कलश यात्रा, सेवा मेरा योगदान, जन-जन सेवा संकल्प, सेवा सेतु अभियान, सेवा के रंग राष्ट्र के संग एवं सुशासन सेवा संवाद के बेहतर आयोजन के संबंध में तिथियों आदि के संबंध में रायशुमारी की गई। जनप्रतिनिधियों ने आयोजन हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किये। साथ ही अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया।
- -महाराष्ट्र मंडल की फिजियोथेरेपिस्ट डा. संगीता कश्यप ने विश्व फिजियोथेरपी दिवस पर अभिभावकों को दिए कई महत्वपूर्ण टिप्सरायपुर। विकास में देरी, जन्मजात बीमारियां, हड्डियों की चोट या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है। बच्चों में सबसे आम प्रकार की शारीरिक अक्षमता सेरेब्रल पाल्सी है। निगलने में कठिनाई और आँखों की मांस पेशियों में असंतुलन, जिसके कारण आँखें एक ही वस्तु पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पातीं, सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित लोगों में आम हैं। अगर आपके आसपास किसी बच्चे को इस तरह की परेशानी होती है तो उसे एक बार फिजियोथेरेपिस्ट को जरूर दिखाएं। उक्त विचार महाराष्ट्र मंडल की फिजियोथेरेपिस्ट डाॅ. संगीता कश्यप ने विश्व फिजियोथेरपी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं।डा. संगीता ने कहा कि बच्चों के फिजियोथेरेपिस्ट बच्चों की शारीरिक क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं। वे नवजात शिशुओं से लेकर किशोरों तक के रोगियों का इलाज करते हैं और लंबे समय तक इलाज में स्वयं तो सहृदयता तो रखते ही है, साथ ही बच्चों के अभिभावकों को भी धैर्य रखने के लिए विशेष रूप से ध्यान देते हैं। शिशु एवं बढ़ते बच्चे की गतिशीलता, विकास और उन्हें नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियों की विशेष समझ रखते हैं।डॉ. संगीत कश्यप के अनुसार अगर आपका बच्चा या आपके आसपास कोई बच्चा एड़ी उठाकर चलता है, तो आमतौर पर लोग इसे सामान्य मानते हैं। ऐसा है भी, लेकिन दो साल तक। दो- तीन साल की उम्र पार करने के बाद भी बच्चे एड़ी उठाकर चलता है, तो उसकी मांसपेशियां बहुत कड़ी और सख्त हो चुकी है। ऐसे में उसे फिजियोथैरेपी ट्रीटमेंट की आवश्यकता है।
- रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार ग्राम फुण्डहर के खसरा क्रमांक 54/127 के रकबा 0.0352 हेक्टेयर भूमि पर संजय अग्रवाल पिता राधेश्याम अग्रवाल, शंकर नगर निवासी द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर आज प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की।उक्त कार्यवाही नायब तहसीलदार सुश्री ज्योति सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग, नगर पालिक निगम एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटाया गया।कार्यवाही के पश्चात उक्त भूमि को विधिवत रूप से भूमि स्वामी यशोदा एसोसिएट एवं पार्टनर योगेश आहूजा को सौंपी गई।



.jpg)


.jpg)

















