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*0 रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2ः स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन प्रतियोगिता*
*रायपुर।* रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 के तहत आयोजित स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन एकल प्रतियोगिता के दूसरे दिन भी नॉकआउट दौर के ग्रुप मैचों में रोमांच और प्रतिस्पर्धा का शानदार संगम देखने को मिला। शुक्रवार को यूनियन क्लब में खेले गए मुकाबलों में चंदन साहू, टीकम वर्मा और संतोष साहू अपने-अपने मैच जीतकर ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहे और प्रतियोगिता के अंतिम राउंड में जगह बनाने में सफल रहे।ग्रुप ए के मुकाबलों में चंदन साहू का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने अपने सभी मैच जीतकर ग्रुप में दबदबा कायम रखा। पहले मुकाबले में उन्होंने तहसीन जैदी को 30-14 से हराया। इसके पूर्व खेले पहले मैच उन्होंने सत्येंद्र सिंह के खिलाफ एकतरफा अंदाज में 30-5 से जीत दर्ज की। इसके बाद दूसरे मैच में भी चंदन ने लविंदर सिंह सिंघोत्रा को 30-6 से पराजित कर अपनी श्रेष्ठता साबित की।ग्रुप बी में टीकम वर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मुकाबले जीत लिए। उन्होंने रोहित बर्मन को 30-10 से हराया। इसके पूर्व अपने पहले मैच में विक्रम साहू के खिलाफ 30-7 से प्रभावशाली जीत दर्ज की। दूसरे मैच में संतोष साहू (जूनियर) को 30-10 से पराजित कर टीकम ने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया।ग्रुप बी में ही संतोष साहू ने भी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने अजय सक्सेना को 30-6 से हराया। हालांकि इस मुकाबले के दौरान अजय सक्सेना चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट हो गए और मैच पूरा नहीं खेल सके। इसके पहले संतोष साहू ने हिमांशु शर्मा को 30-5 से पराजित कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। लगातार दो प्रभावशाली जीत के साथ संतोष साहू ने भी अंतिम राउंड में प्रवेश सुनिश्चित किया।इसके पहले खेले गए अन्य मैचों में लविंदर सिंघोत्रा ने शंकर चंद्राकर को 30-9 से, तहसीन जैदी ने कौशल तिवारी को 15-6 से, अमित मिश्रा ने दीपक पांडेय को 30-11 से और रोहित बर्मन ने शिवम दुबे को 27-23 से व सुखनंदन बंजारे को 30-15 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया था। मैच के निर्णाय़क विजय मिश्रा, सत्येंद्र कर, टीकम वर्मा, चंदन साहू व कमलेश गोगिया रहे।*आज के मैच*18 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से यूनियन क्लब में एकल के शेष सभी मैच खेले जाएंगे। साथ ही बैडमिंटन युगल के मुकाबले भी शुरू होंगे।*एकल के मैच*1. रामेश्वर मिश्रा/सत्यप्रकाश दुबे के बीच।2. सुशील अग्रवाल/पंकज सिंह के बीच।(उक्त दोनों मैच के विजेता क्रमशः सत्येंद्र कर और अमित मिश्रा से भिड़ेंगे। इनके विजेता क्रमशः चंदन साहू व संतोष साहू के साथ खेलेंगे)3.टिकेश्वर पटेल/टीकम वर्मा के बीच।*युगल के मुकाबले*1. चंदन साहू-सुशील अग्रवाल/हिमांशु शर्मा-सुखनंदन बंजारे के बीच।2. संतोष साहू (सी.)-नरेंद्र बंगाले/शिवम दुबे-रोहित बर्मन के बीच।3. रामेश्वर मिश्रा-तहसीन जैदी/राजेश सोनकर-पंकज सिंह के बीच।4. टिकेश्वर पटेल-अभिषेक सिंह/राजेंद्र निगम-शंकर चंद्राकर के बीच।5. सत्येंद्र कर-टीकम वर्मा/विक्रम साहू-संजय जोशी के बीच।6. लक्ष्मण लेखवानी-हितेश मेहता/त्र्यंबक शर्मा-संजीव गुप्ता के बीच।7. अमित मिश्रा-शुभम वर्मा/प्रदीप चंद्रवंशी-पलाश तिवारी के बीच।8. कमेलेश गोगिया-दिनेश कुमार/सत्यप्रकाश दुबे-इम्तियाज अंसारी के बीच। -
बालोद/ स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए छात्रों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। जारी आदेश में बताया गया है कि वर्तमान में प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी व लू के कारण छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त, अशासकीय शालाओं हेतु घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में आशिक संशोधन करते हुए 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की गई है। यह आदेश शिक्षकों के लिए लागू नही होगा तथा विभागीय समसंख्यक आदेश 22 सितंबर 2025 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी।
- -वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सुविधा से सुसज्जित केंद्र : योग, स्वास्थ्य, मनोरंजन और कौशल विकास की मिलेगी एक ही छत के नीचे सुविधारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर केंद्र ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और आत्मीय संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन अत्यंत प्रसन्न नजर आए तथा उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विकसित ‘सियान गुड़ी’ के लिए आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक पुस्तक, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। उन्होंने समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। यह भवन वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रियता का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सियान गुड़ी’ के माध्यम से राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हुए पारिवारिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।उल्लेखनीय है कि जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित यह ‘सियान गुड़ी’ केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समग्र डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से ‘सियान गुड़ी’ को अत्याधुनिक रूप दिया गया है, जहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा तथा कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन उपस्थित थे।
- -बिलासपुर आयुक्त करेंगे वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांचरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं।उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं।जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रथम चरण के अंतर्गत 01 से 30 मई तक किया जाएगा मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य
स्वगणना कार्य के लिए 16 से 30 अप्रैल तक की तिथि निर्धारितबालोद/जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मागदर्शन में बालोद जिले में जनगणना 2026 का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके अंतर्गत जिले के सभी विकासखण्डों में जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना का प्रचार-प्रसार एवं 01 मई से 30 मई 2026 तक मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना की तिथि निर्धारित की गई है। मकानों की सूचीकरण एवं मकानों के गणना संबंधी प्रचार-प्रसारों के कार्यों के अंतर्गत 01 मई से 30 मई तक की अवधी में जनगणना संबंधी स्लोगन, वीडियो, जिंगल आॅडियो, प्रिंट एड होर्डिंग आदि डाउनलोड करने हेतु गूगल लिंक प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वगणना हेतु निर्धारित तिथि के दौरान इच्छुक परिवार आॅनलाईन पोर्टल https://se.census.gov.in/ पर वांछित जानकारी दे सकते हैं। ज्ञातव्य हो कि स्वगणना पूरी तरह से एक ऐच्छिक है अनिवार्य है। परिवारों के द्वारा पोर्टल में स्वगणना की जानकारी नही दर्ज करने पर भी 01 से 30 मई की अवधि में प्रगणकों के द्वारा सभी घरों में पहुँचकर वांछित जानकारी दर्ज की जाएगी। जनगणना कार्य के संबंध में आम जनता को आवश्यक जानकारी प्रदान करने हेतु 1855 नंबर पर टोल फ्री हेल्पलाईन नंबर भी जारी किया गया है।इस कार्य के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ द्वारा 01 मई से 30 मई 2026 तक चलने वाले मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्यों के दौरान नगर निकायों के कचरा संग्रहण गाड़ियों के ऑडियो सिस्टम, शासकीय कार्यालयों की एलईडी स्क्रीन, ट्रैफिक सिग्नल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने के अलावा स्कूल, बस स्टॉप और ग्राम पंचायतों में होर्डिंग्स व स्लोगन के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाए जाने हेतु निर्देश जारी किया गया है। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने आज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल आमापारा बालोद में पहुँचकर चल रहे प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। -
जिला प्रशासन की अनूठी पहल
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत जिले के समस्त निर्माणाधीन, अप्रारंभ रूके हुए आवासांे को यथाशीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण कराए जाने हेतु एक सघन संपर्क अभियान की शुरूआत की जा रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने बताया कि सघन संपर्क अभियान अंतर्गत जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड में 17 अप्रैल 2026 को सुबह 07 बजे से आवास निर्माण हेतु शेष रह गए लाभार्थियों को शीघ्र आवास निर्माण करने एक दिवसीय सघन संपर्क अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन हेतु जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को ग्रामवार नोडल अधिकारी नियुक्त की गई है। सभी नोडल अधिकारियों द्वारा 25 से 30 आवासों में स्वयं भ्रमण, निरीक्षण करते हुए संबंधित लाभार्थियो से संपर्क, समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं को संज्ञान में लिया जाएगा। इसके साथ ही समस्या के त्वरित निराकरण करने तथा उक्त आवासांे को यथाशीघ्र पूर्ण कराने एवं पूर्णता पश्चात् जनसहयोग एव जनभागीदारी के माध्यम से रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सोख्ता गढ्ढा का निर्माण करने लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा अपने गांव एवं पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने उक्त संपर्क अभियान में जिले के सम्मानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल होने की अपील की है।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण अंचलो में कच्चे मकानो में निवासरत लाभार्थियो को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का मकान उपलब्ध कराया है। जिले में पीएम आवास योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-2026 तक कुल 54 हजार 148 आवास स्वीकृत किया गया है जिसके विरूद्ध कुल 46 हजार 513 आवास पूर्ण है तथा 07 हजार 635 आवास पूर्णता हेतु शेष है, जिन्हें यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाना है। -
01 मई से 10 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे जन समस्या निवारण शिविर
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के अलावा वरिष्ठ अधिकारी करंेंगे विकास कार्यों का औचक निरीक्षणबालोद/राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया गया है। राज्य शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 01 मई से 10 जून की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक 15-20 ग्राम पंचायतों में एक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह नगरीय क्षेत्रों में वार्डों एवं क्लस्टरों के आधार पर जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा इन शिविरों में शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शिविर में प्राप्त आवेदनों का एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने एवं प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान करने के भी निर्देश दिए गए हैं।सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के अलावा अभियान के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायकगणों के अलावा मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान उनके द्वारा विकास कार्यों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के औचक निरीक्षण के पश्चात् दोपहर बाद जिला मुख्यालयों में अधिकारियों के साथ बैठक भी आयोजित की जाएगी। जिसमें समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों की स्थिति और विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही बैठक में आगामी कार्य योजना पर भी चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा समीक्षा बैठक में शामिल होने के उपरांत प्रेस वार्ता भी ली जाएगी। इस दौरान वे विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भेंट भी करेंगे। राज्य शासन द्वारा सुशासन तिहार 2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिससे कि इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देते हुए आम जनता की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। -
बालोद/जिला पंचायत सभाकक्ष में आज महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना, जल संरक्षण तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के अंतर्गत निर्मित होने वाले विभिन्न संरचनाओं के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर श्री घनश्याम सिन्हा एवं सहायक मास्टर ट्रेनर श्री हितेन्द्र बघेल द्वारा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ग्रे वाटर मैनेजमेंट सिस्टम, रिचार्ज पिट, मैजिक पिट, सोकपीट निर्माण कार्य महात्मा गांधी नरेगा एवं जे.एस. जी.बी अंतर्गत ट्रेंच, चेक डेम, रिचार्ज पीट, कंटूरट्रेंच, डब्लू.ए.टी. निर्माण कार्य इत्यादि इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग कार्य के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उक्त कार्यशाला में सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, जिला समन्वयक एसबीएम एवं पीएमएवाई, उपअभियंता, विकासखण्ड समन्वयक एसबीएम एवं पीएमएवाई तथा तकनीकी सहायक मनरेगा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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- दिव्यांग बच्चों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण वितरित
- कलेक्टर सीआरसी ठाकुरटोला में आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में हुए शामिलराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव गुरुवार को सीआरसी ठाकुरटोला में आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित शिशुवती माताओं एवं अभिभावकों को बच्चों के समग्र विकास के लिए सही एवं संतुलित पोषण आहार देने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के जन्म के पश्चात प्रारंभिक दो वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इस अवधि में मस्तिष्क का तीव्र विकास होता है। इसलिए बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को घर पर तिरंगा पौष्टिक भोजन देने के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों से मिलने वाले रेडी-टू-ईट आहार के उपयोग करने कहा। साथ ही संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, स्वस्थ खान-पान एवं बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दी।कलेक्टर ने विद्यार्थियों एवं लाभार्थियों से संवाद कर उन्हें करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया। उन्होंने सीआरसी ठाकुरटोला के विभिन्न सेवा इकाइयों एवं ओपीडी का निरीक्षण कर विशेषज्ञों एवं लाभार्थियों से चर्चा की तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास की प्रगति की जानकारी ली। कार्यक्रम में पद्मश्री पुखराज बाफना ने स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। पोषण पखवाड़ा अंतर्गत अभिभावकों एवं गर्भवती महिलाओं को पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संतुलित आहार, मातृ स्वास्थ्य एवं बाल पोषण पर विस्तृत जानकारी दी गई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत चिकित्सकों की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए गोद भराई एवं छह माह तक के शिशुओं के लिए अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। -
“हिंदी पत्रकारिता के 200 साल: रायपुर में होगा ऐतिहासिक आयोजन”
“द्विशताब्दी गौरव: हिंदी पत्रकारिता का उत्सव मनाएगा रायपुर प्रेस क्लब”रायपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब ने इस गौरवपूर्ण क्षण को भव्य उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में प्रेस क्लब की कार्यकारिणी द्वारा पूर्व में पारित प्रस्ताव के अनुरूप शुक्रवार को आयोजित बैठक में कार्यक्रम की प्रारंभिक तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि हिंदी पत्रकारिता दिवस के इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए क्लब द्वारा व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा और योगदान को सम्मान देने हेतु इस आयोजन को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।बैठक में महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु तथा संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति में विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि आयोजन के सफल संचालन के लिए एक अलग आयोजन समिति का गठन किया जाएगा। साथ ही, कार्यक्रम को भव्य और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित वक्ताओं को आमंत्रित करने पर भी सहमति बनी।अध्यक्ष मोहन तिवारी ने जानकारी दी कि हिंदी का पहला समाचार पत्र “उदंत मार्तंड” 30 मई 1826 को प्रकाशित हुआ था। वर्ष 2026 में इसके 200 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, जिससे 30 मई का दिन समूचे पत्रकारिता जगत के लिए विशेष महत्व रखता है।रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित यह उत्सव हिंदी पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान और भविष्य पर केंद्रित होगा, जिसमें प्रदेश सहित देशभर के पत्रकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में आयोजन से संबंधित प्रारंभिक तैयारियों, विभिन्न समितियों के गठन तथा कार्यकारिणी सदस्यों के मनोनयन पर भी चर्चा की गई। सभी आवश्यक समितियों के गठन को लेकर सहमति बन चुकी है, जिसकी घोषणा शीघ्र की जाएगी - 0- महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में चैत्र गौर हल्दी कुंकू उत्सव की धूम, देवी भजनों के साथ फिल्मी गीतों का भी ले रहे आनंदरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सुंदर नगर केंद्र की महिलाओं ने सभासद मैथिली बक्षी के निवास पर हल्दी कुंकू उत्सव मनाया। महिलाओं ने देवी भजन के साथ फिल्मी गीत गाकर उत्सव के मजे को दोगुना कर दिया। इस बीच केंद्र ने न केवल पार्श्व गायिका आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, बल्कि केंद्र की प्रतिभाशाली गायिकाओं ने ‘दो लफ़्ज़ों की है, दिल की कहानी…’, सहित अनेक सदाबहार गाने गाकर सभी का मनोरंजन किया।कार्यक्रम की शुरुआत में महिलाओं का स्वागत हल्दी कुंकू लगाकर किया गया। फिर महिलाओं ने मिलकर चैत्र गौर की पूजा है। सभी ने राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। तत्पश्चात उपस्थित महिलाओं ने देवी के भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। अंत में सभी ने सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए उनके द्वारा गए गीत गुनगुनाए। इस अवसर पर सुरभि गनोदवाले, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, अर्चना दंडवते, ओशिन जोशी, सोनम गनोदवाले, सुजाता निंबानकर, मनीषा मुकादम सहित अनेक श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।--
- 0- छत्तीसगढ़़ सहित अनेक राज्यों के बच्चों की बड़े पैमाने पर रहेगी भागीदारी, बच्चों की प्रतिभा को निखारने का अवसररायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश पर बच्चों के लिए एक मई से ऑनलाइन बाल संस्कार शिविर शुरू होने जा रहा है। आयोजन के दूसरे वर्ष में इस बार रायपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के तमाम शहरों- कस्बों सहित विभिन्न प्रदेशों के ऐसे बच्चे शामिल हो सकते हैं, जिनके अभिभावक उन्हें अच्छे संस्कार देने के इच्छुक हों।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था अभय काले ने बताया कि करीब 40 दिन चलने वाले शिविर में बच्चों को न केवल राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्र नाम, गीता का 12वां अध्याय सहित विविध मंत्रोच्चार सिखाए व याद कराए जाएंगे, बल्कि उनका अर्थ भी बताया जाएगा। इसके अलावा व्यायाम, योग, ड्राइंग, पेंटिंग, संगीत व इनडोर गेम्स, जिसमें भी बच्चे की रुचि हो, उसमें उसे प्रशिक्षण देकर पारंगत किया जाएगा। आस्था के अनुसार शिविर के ऑफलाइन समापन समारोह में बच्चों को वो सब मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिसे ऑनलाइन शिविर के दौरान उन्होंने सीखा हो। शिविर में प्रत्येक सेगमेंट के लिए अलग- अलग प्रशिक्षक अथवा प्रशिक्षिकाएं होंगी।समिति की प्रमुख सृष्टि दंडवते व आकांक्षा गद्रे ने जानकारी दी कि शिविर में शामिल होने वाले बच्चों को सनातन संस्कृति के अनुरूप जमीन पर पंगत लगाकर भोजन कराया गया था। इस बार भी हमारा प्रयास शिविर के समापन समारोह को गरिमामय बनाने का होगा।आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन ने बताया कि गत वर्ष ऑनलाइन शिविर में करीब 125 बच्चों की भागीदारी रही थी। इस साल हमारा प्रयास इस संख्या को 300 से ऊपर ले जाने का है। इसके लिए हमने अभी से प्रचार- प्रयास शुरू कर दिया है। इसके साथ ही हम बृहन्महाराष्ट्र मंडल के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा महाराष्ट्र मंडलों के सभासदों के बच्चों को शिविर तक लाने का प्रयास करेंगे। संध्या के मुताबिक महाराष्ट्र में ऑनलाइन बाल संस्कार शिविर में रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग- भिलाई, रायगढ़, धमतरी, जगदलपुर सहित छत्तीसगढ के अनेक शहरों व महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के बच्चे भी प्रतिभागी होंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में होने वाले समापन समारोह में शिविरार्थी बच्चों के साथ प्रशिक्षक व प्रशिक्षिकाओं को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।--
- बिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला कोषालय का वार्षिक निरीक्षण किया। डबल लॉक और अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कोषालय में डबल लॉक की व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किया और सभी संबंधित पंजियों एवं अभिलेखों की समीक्षा की। वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर उन्होंने जोर दिया। कलेक्टर ने स्टाम्प, टिकट, बिल पासिंग, पेंशन भुगतान और लेखा कार्यों की समीक्षा करते हुए वित्तीय अनुशासन, समयबद्धता और कार्य की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त कलेक्टर ज्योति पटेल, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बसंत गुलेरी, डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, सहायक कोषालय अधिकारी सुजीत कुमार पात्रे और श्रीमती तरला नुरूटी , खजांची ज्ञानू भारद्वाज, सुरेंद्र देवांगन सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।--
- बिलासपुर. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा रासायनिक आपदा से बचाव के लिए एनटीपीसी सीपत में 23 अप्रैल को सवेरे 10 बजे से मॉक ड्रिल प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित होकर प्रक्रिया का अवलोकन एवं जानकारी प्राप्त कर सकते है। यह प्रशिक्षण आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा आमजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
- बिलासपुर. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी अंतर्गत जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में संचालित विभिन्न व्यवसायों के प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कराने मेहमान प्रवक्ता की नियुक्ति की जानी है। इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन 27 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक स्वयं उपस्थित होकर अथवा पंजीकृत या स्पीड पोस्ट के माध्यम से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी में जमा कर सकते है। विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट www.bilaspur.gov.in से प्राप्त कर सकते है।
- बिलासपुर. वरिष्ठ पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के विभिन्न थानों में दर्ज अपराध प्रकरणों के फरार आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए 5-5 हजार रूपये के ईनाम की घोषणा की गई है। थाना सकरी में दर्ज अपराध प्रकरण के आरोपी प्रशांत तिवारी, उम्र 30 वर्ष, निवासी काठाकोनी एवं रोनक धु्रर्वे, उम्र 40 वर्ष, निवासी आसमा सिटी सकरी, थाना तोरवा में दर्ज अपराध प्रकरण के आरोपी मोनिस हटकेश्वर, वासू हटकेश्वर, हनी हटकेश्वर निवासी बापूनगर एवं पवन कुमार यादव, ग्राम डूउंगा, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर चांपा, हिम बहादूर सोनार, निवासी सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल), थाना कोटा में दर्ज अपराध प्रकरण के आरोपी धार्मिक भाई सवन्नी, निवासी राधाकृष्णा अपार्टमेंट सीसीबी सूरत, जिला सूरत (गुजरात), संतोष कुमार पोर्ते निवासी जेमरा, थाना पाली, जिला कोरबा एवं थाना तखतपुर में दर्ज अपराध प्रकरण के आरोपी परमेश्वर वैष्णव, निवासी जनकपुर रोड, थाना तखतपुर, थाना बिल्हा में दर्ज अपराध प्रकरण के आरोपी गुरूजी उर्फ मेवालाल टण्डन, उम्र 55 वर्ष, निवासी बीरगांव, थाना मुंगेली जिला मुंगेली के संबंध में सूचना देने वाले व्यक्ति को 5 हजार रूपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर 07752-223330, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर बिलासपुर 9479193002, पुलिस नियंत्रण कक्ष, बिलासपुर 07758-228504, मो.नं. 9479193099, थाना प्रभारी सकरी मो.नं. 9479191721, तोरवा मो.नं. 9479193021, कोटा मो.नं. 9479193028, तखतपुर मो.नं. 9479193027, बिल्हा मो.नं. 9479193038 पर संपर्क किया जा सकता है।
- 0- कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का 22वीं स्थापना दिवस समारोहरायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में 22 वां स्थापना दिवस समारोह 16 अप्रैल गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि के बतौर प्रो. रवि आर सक्सेना कुलपति, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, विशिष्ट अतिथि आर. कृष्णा दास माननीय मुख्यमंत्री के सलाहकार और प्रभात मिश्र माननीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग रहे।विश्वविद्यालय के स्वर्णिम उपलब्धियों पर कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्रो. रवि आर सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता शब्दों को निखारने की कला है और यह समाज में छवि निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने पत्रकारिता लेखन को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि आज के दौर में विषयों की गहराई को समझते हुए संवेदनशील लेखन की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से कृषि पत्रकारिता, क्लाइमेट चेंज और किसानों से जुड़े मुद्दों पर लेखन की चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसानों तक सही समय पर सही जानकारी पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। प्रो. सक्सेना ने कहा कि विचारों से ही समाज का निर्माण होता है, इसलिए पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते समय सतर्क और जिम्मेदार रहने की सलाह दी। उन्होंने पत्रकरिता विश्वविद्यालय और उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय बीच एमओयू के माध्यम से सहयोग बढ़ाने की बात कही, ताकि शोध और व्यवहारिक ज्ञान का आदान-प्रदान हो सके।विशिष्ट अतिथि श्री आर. कृष्णा दास ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता की चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन अवसर भी उतने ही व्यापक हैं। विश्वविद्यालय 22 वर्षों की यात्रा के साथ अब युवावस्था में प्रवेश कर चुका है और यही वह चरण होता है जहां प्रोफेशनलिज्म की वास्तविक शुरुआत होती है। विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों से ही संस्थान आज इस मुकाम तक पहुंचा है। अकादमिक जीवन ही एक ऐसा स्थान होता जहां सफलता के साथ-साथ विफलताओं को भी स्वीकारा जाता है। जीवन के हर क्षेत्र में चुनौतियां आती हैं, और उनसे जूझते हुए ही व्यक्तित्व का विकास होता है। इस संदर्भ में उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की नेतृत्व क्षमता का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से उनके जीवन मूल्यों और लीडरशिप को अपनाने की बात कही।विशिष्ट अतिथि श्री प्रभात मिश्र ने कहा कि राजभाषा को आगे बढ़ाना हमारा कृत संकल्प है। उन्होंने रायपुर, छत्तीसगढ़ के समृद्ध इतिहास का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रायपुर प्राचीन काल से ही व्यापार, संस्कृति और प्रशासन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने यहां की ऐतिहासिक धरोहर, लोकसंस्कृति और भाषा की विशिष्टता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी परंपराओं और लोकजीवन से जुड़ी हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति को समझें और उसे अपनी लेखनी के माध्यम से आगे बढ़ाएं। उन्होंने बताया की छत्तीसगढ़ी बोली को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का कार्य पुरजोर से किया जा रहा है और जल्द ही इस क्षेत्र में हमें बड़ी सफलता मिलेगी। पत्रकारिता के विद्यार्थियों का ध्यान उन्होंने साहित्यिक पत्रकारिता की और आकर्षित करने की बात कही।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। विश्वविद्यालय के 21 वर्ष पूर्ण हो चुके है। उन्होंने पत्रकारिता की मौलिकता को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि बदलते समय में भी मूल्यों का संरक्षण जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी स्ट्रेंथ और वीकनेस की पहचान करने की सलाह देते हुए उन्होंने आत्मविश्लेषण को सफलता की कुंजी बताया। प्रो. दयाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बारे में कहा कि सृजनात्मक पत्रकारिता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कोई खतरा नहीं है, बल्कि यह एक सहायक उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है। उन्होंने पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि एक सफल पत्रकार बनने के लिए कुशाभाऊ ठाकरे के संघर्ष, त्याग और समर्पण से प्रेरणा लेनी चाहिए।विद्यार्थियों को उन्होंने शॉर्टकट अपनाने से बचने, परिश्रम, अनुशासन और संयम को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने डेटा पत्रकारिता और ड्रोन पत्रकारिता जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार करने की बात कही। कार्यक्रम का स्वागत भाषण विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शैलेन्द खंडेलवाल ने दिया। कार्यक्रम का संचालन विवि के प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष डॉ आशुतोष मंडावी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रोनिक मीडिया डॉ. नृपेन्द्र शर्मा ने किया। हॉस्पिटल प्रबंधन विभाग के स्वास्थ शिविर में बड़ी संख्या में लोग सम्मलित हुए। विद्यार्थियों के व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए सुयश, व्ही.वाय., व्यंकटेश, गुडविल एवं संकल्प हॉस्पिटल के साथ एमओयू किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, विद्यार्थी एवं अन्य आमंत्रित अतिथि के साथ समारोह में विवि के समस्त शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।--
- 0- प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरूरायपुर. प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 9वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट तथा एनडीए परीक्षाओं में सफल बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में प्रयास आवासीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने महत्वपूर्ण तिथियों का विवरण किया गया है।विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन/पंजीयन 24 मार्च 2026 से प्रारंभ हो चुका है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 अप्रैल 2026 (रात्रि 12 बजे तक) निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार 18 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 (रात्रि 12 बजे तक) तक कर सकते हैं। जिला स्तर पर दस्तावेजों का परीक्षण 22 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की तिथि 01 मई से 09 मई 2026 तक निर्धारित की गई है। प्रवेश परीक्षा का आयोजन 10 मई 2026 को किया जाएगा।ऑनलाइन आवेदन करने हेतु विभागीय वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in/PRSMS/Student-Admission-Detail पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में आवेदन पत्र एवं अन्य जानकारी कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कक्ष क्रमांक-40, कलेक्ट्रेट परिसर रायपुर में से प्राप्त कर सकते हैं।
- 0- आरंग के कुकरा में हुआ शुभारंभरायपुर. महात्मा गांधी नरेगा जल सरक्षण व संवर्धन हेतु “नवा तरिया-आय के जरिया” अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन तालाब निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। राज्य से प्राप्त निर्देशानुसार सभी विकासखण्डों में युक्तधारा पोर्टल व CLART APP के द्वारा नवा तरिया का स्थल चयन किया गया है जिसकी स्वीकृति दी जा रही है। आरंग के कुकरा में इसकी शुरूआत हो गई है। नवा तरिया के कार्य में विशेष रूप से स्वसहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि तरिया से उनके आय का जरिया विकसित किया जा सके। इसके अतिरिक्त युवाओं व ग्रामीणों को भी प्रेरित कर जनसहयोग हेतु शामिल किया जाएगा।
- फाइल फोटो
रायपुर. अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक संचालित की गई थी जिसमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायपुर द्वारा लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम 04 मई 2026 से 04 जून 2026 तक आयोजित की जा रही है।प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को रोजगार विभाग के वेब पोर्टल erojgar.cg.gov.in अथवा मोबाइल पर उपलब्ध Chhattisgarh Rojgar App के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।यह निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला एवं विकासखंड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्रदान किया जाएगा। किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर आवेदक रोजगार कार्यालय रायपुर में संपर्क कर सकते हैं। - 0- जिला तथा पीएमश्री स्कूल की प्रभारी अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा पहुंची स्कूल0- हरिहर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, गोबरा नवापारा पीएमश्री का निरीक्षण0- मध्याह्न भोजन का चखा स्वादरायपुर. जिले के प्रभारी अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने पीएमश्री हरिहर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय गोबरा नवापारा में का निरीक्षण किया। श्रीमती ऋचा शर्मा उक्त पीएमश्री स्कूल की प्रभारी भी हैं। निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधिकारी श्रीमती शर्मा ने पीएमश्री शाला के विकास सहित व्यवसायिक शिक्षा,लैब, लाइब्रेरी सहित प्रत्येक गतिविधि की ली जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि शाला में विगत 10 वर्षों से संचालित व्यवसायिक शिक्षा के विद्यार्थियों को विभिन्न स्थानों में रोजगार प्राप्त हो रहे हैं।श्रीमती ऋचा शर्मा ने पीएमश्री हरिहर शाला में मध्याह्न भोजन कक्ष,व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए भोजन का स्वाद भी चखा। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के परीक्षा परिणाम, प्रयोगशालाओं की व्यवस्था, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, मीडिया रूम, मध्यान्ह भोजन योजना एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर एसडीएम रवि सिंह, नवापारा तहसीलदार सहित रायपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, बीएमसी समग्र शिक्षा रायपुर श्री अरुण शर्मा, एपीसी प्रभारी पीएमश्री श्री विश्वरंजन मिश्रा तथा अभनपुर विकासखंड की शिक्षा अधिकारी श्रीमती धनेश्वरी साहू, प्राचार्य एफ के दानी उपस्थित थे।
- 0- अब तक 4000 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 228 बैचों में 4000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 48 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- 0- समग्र शिक्षा की पहल रंग लाई, तनुज के जीवन में आया उल्लेखनीय सुधाररायपुर। समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित समावेशी शिक्षा योजना के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास लगातार सार्थक परिणाम दे रहे हैं। रायपुर जिले के शासकीय प्राथमिक शाला, अवंति विहार के कक्षा तीसरी के छात्र 8 वर्षीय तनुज के जीवन में इस योजना के तहत उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।सेरेब्रल पाल्सी से ग्रसित तनुज के हाथों की मांसपेशियों में अत्यधिक अकड़न होने के कारण उसके दोनों हाथ अंदर की ओर मुड़े रहते थे। वह न तो स्वयं भोजन कर पाता था और न ही किसी वस्तु को ठीक से पकड़ पाता था, जिससे लिखने में भी कठिनाई होती थी। इसके अलावा पैरों और घुटनों में कमजोरी के कारण उसका चलना भी असंतुलित था।विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक (शहरी) श्रीमती महिमा जोसेफ द्वारा निरीक्षण के दौरान तनुज की पहचान की गई। इसके बाद जिला चिकित्सालय रायपुर में परीक्षण कराकर उसे फिजियोथेरेपी और काउंसलिंग की सलाह दी गई। रिसोर्स रूम में विशेष शिक्षक डॉ. गार्गी पाण्डेय द्वारा काउंसलिंग तथा फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. लावन्या द्वारा नियमित थेरेपी प्रदान की गई।नियमित फिजियोथेरेपी और काउंसलिंग के परिणामस्वरूप तनुज की मांसपेशियों की अकड़न में कमी आई है। अब वह अपने हाथों को सीधा रख पा रहा है, स्वयं भोजन कर रहा है तथा लिखने में भी सक्षम हो गया है। साथ ही, उसके चलने-फिरने की क्षमता में भी सुधार हुआ है।तनुज की माता श्रीमती लिलेश्वरी साहू ने बताया कि पहले उनके बेटे को चलने और वस्तुएं पकड़ने में काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब सप्ताह में पांच दिन मिल रही फिजियोथेरेपी से उसमें तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने इसके लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।समग्र शिक्षा के अंतर्गत समावेशी शिक्षा योजना का उद्देश्य 6 से 18 वर्ष के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। जिले में इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ऐसे बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।
- 0- कलेक्टर ने सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित पावर प्लांट में हुए हादसे के मद्देनजर जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट की बैठक ली0- भविष्य में ऐसे हादसे एवं दुर्घटना न हो इसके लिए सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान रखें आवश्यक सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्थाराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित पावर प्लांट में हुए हादसे के मद्देनजर जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान एवं पावर प्लांट सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए मापदण्डों के अनुरूप सभी आवश्यक उपकरण एवं मशीन की व्यवस्था होनी चाहिए। भविष्य में ऐसे हादसे एवं दुर्घटना न हो इसके के लिए सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान आवश्यक सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था रखेंगे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट में कमियां पाई गई है, जिन्हें एक सप्ताह में प्राथमिकता से ठीक करें। उन्होंने अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, मशीनों का उचित संचालन, उपकरण, रखरखाव, बायलर, सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा मापदण्ड, कचरा प्रबंधन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट में तकनीकी प्रक्रियाओं एवं कार्यों का सतत निरीक्षण होना चाहिए। वायु प्रदूषण से संबंधित उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए एएसपी अंतर्गत, डस्ट संग्रहण, बैग फिल्टर, बैग हाऊस, वेट स्क्रबर, उद्योगों में संभावित प्रदूषण के दृष्टिगत जल छिड़काव व्यवस्था होनी चाहिए। जल प्रदूषणकारी उद्योगों में जल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ईटीपी, न्यूट्रालाईजेशन पिट, सेटलिंग टैंक होना चाहिए।कलेक्टर ने कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में जल संरक्षण के लिए वाटर स्ट्रक्चर का निर्माण कराएं। उन्होंने कहा कि जिले में जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे मिशन जल रक्षा अंतर्गत जल के संरक्षण के लिए विभिन्न तरह के रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हंै। उन्होंने सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को 15 मई तक वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर, रैन वाटर हारवेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के दृष्टिगत पौधरोपण के लिए निर्देश दिए। इस दौरान प्रजेंटेशन के माध्यम से इंजेक्शन वेल, बोरवेल रिचार्ज, रिचार्ज किट एवं रिचार्ज साफ्ट, उद्योगों में पानी का पुन: उपयोग, स्लम वाटर ड्रेनेज प्रबंधन, परकोलेशन टैंक रिचार्ज, मिनी परकोलेशन टैंक एवं वाटर स्ट्रक्चर के संबंध में जानकारी दी गई। अग्निशामक यंत्रों के विभिन्न प्रकार एवं सुरक्षा के विभिन्न उपायों के संबंध में बताया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री सानू वी वर्गीस सहित औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- 0- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग, ममता, मार्गदर्शन और मेहनत से खिला बेटी नन्ही चार्वी का बचपनमोहला। नन्ही चार्वी की मुस्कान समर्पण, जागरूकता और सही देखभाल की एक प्रेरक कहानी है, जिले के मोहला विकासखंड के जनजातीय ग्राम राजाडेरा से सामने आई है। 28 दिसंबर 2025 को जन्मी नन्ही चार्वी का वजन मात्र 1.8 किलोग्राम था, जिसके कारण वह बेहद कमजोर और नाजुक थी। यह स्थिति परिवार के लिए चिंता का विषय बन गई, क्योंकि चार्वी की माँ पहली बार माँ बनी थीं और उन्हें नवजात शिशु की देखभाल के बारे में सीमित जानकारी थी। परिवार असमंजस में था कि इतनी कमजोर बच्ची की देखभाल कैसे की जाए, ताकि उसका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके और उसका विकास सही दिशा में हो।इसी चुनौतीपूर्ण समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती अन्नपूर्णा आशा की किरण बनकर सामने आईं। उन्होंने नियमित गृह भेंट के माध्यम से न केवल चार्वी की स्थिति पर नजर रखी, बल्कि उसकी माँ को शिशु देखभाल के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कंगारू मदर केयर की सरल और प्रभावी विधि अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसमें मां अपने शिशु को त्वचा से त्वचा संपर्क में रखती है। साथ ही उन्होंने केवल स्तनपान के महत्व को भी समझाया और बताया कि यह शिशु के संपूर्ण पोषण और प्रतिरक्षा के लिए कितना जरूरी है।श्रीमती अन्नपूर्णा ने अपनी भूमिका को केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सुपोषण चौपाल और ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों के माध्यम से पूरे समुदाय को जागरूक किया। उन्होंने वीडियो और संवाद के जरिए अन्य माताओं और परिवारों को भी नवजात शिशु की देखभाल, पोषण और स्वच्छता के प्रति सजग किया। उनके प्रयासों से न केवल नन्ही चार्वी के परिवार में बल्कि पूरे गांव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।धीरे-धीरे नन्ही चार्वी के परिवार ने सभी सुझावों को अपनाना शुरू किया। माँ ने आत्मविश्वास के साथ कंगारू मदर केयर और नियमित स्तनपान को अपनाया। निरंतर देखभाल और सही मार्गदर्शन का परिणाम यह हुआ कि कुछ ही समय में चार्वी का वजन 1.8 किलोग्राम से बढ़कर 3.3 किलोग्राम हो गया।आज वही नन्ही चार्वी स्वस्थ, सक्रिय और मुस्कुराती हुई नजर आती है। उसकी मुस्कान न केवल उसके परिवार के लिए खुशी का कारण है, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। यह कहानी बताती है कि यदि सही समय पर सही मार्गदर्शन, समर्पण और सामुदायिक सहयोग मिल जाए, तो हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है और हर नन्ही जिंदगी को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है।







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