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मुंबई। उर्दू के मशहूर शायर राहत इंदौरी को जावेद अख्तर, गुलजार, शंकर महादेवन और वरुण ग्रोवर समेत अनेक कवियों, गीतकारों और संगीतकारों ने श्रद्धांजलि दी। राहत का निधन मंगलवार को दिल का दौरा पडऩे से हो गया। गुलजार ने कहा, वह अपनी किस्म के अलग शायर थे। उनके जाने से उर्दू मुशायरे में एक खाली जगह पैदा हो गयी है, जिसे कभी नहीं भरा जा सकता। उन्होंने कहा, वो तो लुटेरा था मुशायरों का। गुलजार ने कहा कि हर उम्र के लोग मुशायरों में राहत इंदौरी की बारी का इंतजार करते थे।
जावेद अख्तर ने ट्विटर पर इंदौरी को याद करते हुए लिखा कि वह एक निर्भीक शायर थे जिनके जाने से अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने ट्वीट किया, राहत साहब के जाने से समकालीन उर्दू शायरी को और हमारे पूरे समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। राहत इंदौरी अपनी शायरी के साथ ही फिल्मों में अपने गीतों के लिए भी मशहूर थे। मुन्ना भाई एमबीबीएस में देख ले, गोविंदा अभिनीत खुद्दार में तुमसा कोई प्यारा, करीब में चोरी चोरी जब नजरें मिलीं और इश्क में नींद चुराई मेरी जैसे गीत उनकी कलम से लिखे गये। गीतकार और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा कि इंदौरी एक अलग अंदाज वाले शायर थे।
उन्होंने कहा, उनकी कमी खलेगी। उनके लफ्जों में : एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तो, दोस्ताना जिंदगी से मौत से यारी रखो।'' राहत इंदौरी के ही शहर से ताल्लुक रखने वाले गीतकार-लेखक स्वानंद किरकिरे ने कहा कि उन्हें श्रोता सुबह तीन-चार बजे तक भी सुनने को तैयार रहते थे। किरकिरे ने कहा, राहत साहब मेरे बुजुर्ग थे क्योंकि मैं भी इंदौर से हूं। यह निजी तौर पर और कवि के रूप में मेरा बड़ा नुकसान है। मैं बचपन से उनकी रचनाएं सुनता आ रहा हूं।
गीतकार इरशाद कामिल ने इंदौरी को श्रद्धांलजि देते हुए कहा, जब कोई शायर मरता है तो थोड़ा अतीत, थोड़ा वर्तमान और थोड़ा भविष्य भी मर जाता है। क्यों? क्योंकि उनके जैसा शायर आसानी से अतीत में जा सकता है, आसानी से वर्तमान की बात कर सकता है और आसानी से भविष्य की ओर ले जा सकता है। जहां न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि। संगीतकार शंकर महादेवन ने कहा कि इंदौरी देश के शीर्ष शायरों में गिने जाते थे। उन्होंने फिल्म मिशन कश्मीर में इंदौरी के साथ अपने अनुभवों को याद किया और कहा कि वह शानदार शायर थे, जो दर्शकों को अपने अंदाज से मंत्रमुग्ध कर लेते थे। इंदौरी ने मिशन कश्मीर में बुंबरो और धुआं धुआं जैसे गीत लिखे थे। वरुण ग्रोवर ने कहा, इंदौरी की रेंज, तीखी सियासी टिप्पणियां और मोहब्बत की भाषा ने भारत में हिंदुस्तानी कवियों की पीढिय़ों को प्रेरित किया।
गायिका अनुराधा पौडवाल, भजन गायक अनूप जलोटा, गीतकार कौसर मुनीर के साथ ही फरहान अख्तर, जावेद जाफरी, पंकज त्रिपाठी, मनोज बाजपेयी समेत कई अभिनेताओं ने भी इंदौरी के निधन पर दुख जताया। -
जींद। जींद-पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर चीनी मिल के पास एक सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। सदर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार वेद नगर निवासी 29 वर्षीय नितिन और उसका छोटा भाई आयुष मंगलवार की रात कार से घर वापस लौट रहे थे। चीनी मिल के पास अचानक आवारा पशु कार के आगे आ गया। अनियंत्रित कार डिवाइडर को पार कर दूसरी ओर चली गई। उसी दौरान एक कैंटर ने कार को टक्कर मार दी। जिसमें दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने दोनों भाइयों को अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने प्रदेश में स्थित अपने सभी होटल और रेस्तरां का संचालन फिर से शुरू कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी के कारण होटल और रेस्तरां बंद कर दिए गए थे । निगम के प्रबंध संचालक एस. विश्वनाथन ने मंगलवार को बताया, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, खजुराहो और पचमढ़ी क्षेत्र के सभी होटल और रेस्तरां पर्यटकों की मांग पर पुन: शुरू किये जा रहे हैं। अनलॉक-1 की अवधि में निगम ने पहले चरण में प्रदेश में अपने 35 होटल और रेस्तरां का संचालन शुरू किया था। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा भोपाल क्षेत्र के होटल पलाश रेसीडेंसी, विण्ड एण्ड वेव्स, पिकनिक एट केरवा शुरू कर दिये गये हैं। वर्षा ऋतु में विण्ड एण्ड वेव्स और पिकनिक एट केरवा सैलानियों का पसंदीदा स्थल रहा है। वहीं जबलपुर में होटल कलचुरि रेसीडेंसी, ग्वालियर में तानसेन रेसीडेंसी सहित निगम के सभी होटल और रेस्टॉरेंट को पर्यटकों और फूड लवर्स के लिये पुन: आरंभ कर दिया गया है। विश्वनाथन ने बताया कि सभी होटल और रेस्तरां का संचालन केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय और राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन और होटल और रेस्तरां के लिये जारी मानक संचालन प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से पालन कराते हुए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से पर्यटन विकास निगम ने इन होटलों और रेस्तरां का संचालन बंद कर दिया था। -
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सात मई को शुरू किये गये वंदे भारत मिशन के बाद 10 लाख से अधिक भारतीय विदेश से लौटे हैं। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, वंदे भारत मिशन ने 10 लाख का आंकड़ा पार कर लिया! उन्होंने ट्वीट किया, हम अपने नागरिकों को घर लाने के लिये नागर विमानन मंत्रालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ कोशिशें जारी रखेंगे। उन्होंने नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के सोमवार के उस ट्वीट को भी टैग किया, जिसमें उनहोंने कहा था कि करीब 10 लाख फंसे हुए भारतीय वंदे भारत मिशन के तहत विभिन्न साधनों से लौटे हैं तथा 1,30,000 लोग विभिन्न देशों के लिये गये हैं। फिलहाल, मिशन का पांचवां चरण जारी है। विदेशों में फंसे 1,30,000 से अधिक भारतीयों को इस चरण में वापस लाने की उम्मीद है। -
मुंबई । कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर महाराष्ट्र में कई 'दही-हांडी' समूहों ने बुधवार को जन्माष्टमी का त्योहार सादगीपूर्वक ढंग से और बिना मानव श्रृंखला के मनाने का फैसला किया है। दही-हांडी उत्सव समन्वय समिति के प्रमुख बाला पडेलकर ने कहा कि दही-हांडी इस बार केवल प्रतीकात्मक रूप से फोड़ी जाएंगी। इस समिति के तहत राज्य में 950 से अधिक 'मंडल' (समूह) हैं। सामान्य समय में इस पर्व पर 'गोविंदाओं' की मानव श्रृंखला बनाकर ऊंचाई पर एक रस्सी से बंधी दही-हांडी तक पहुंचा जाता है और उसे फोड़ा जाता है। पडेलकर ने कहा कि समिति के सदस्यों ने फैसला किया है कि सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष मानव श्रृंखलाएं नहीं बनाई जायेगी। उन्होंने बताया कि दही-हांडी इस बार केवल प्रतीकात्मक रूप से फोड़ी जाएंगी। उन्होंने कहा, इस वर्ष वैसा उत्साह नहीं होगा। उन्होंने कहा, लेकिन हम सभी ने सामान्य तरीके से त्योहार न मनाने पर सहमति व्यक्त की है। कोविड-19 योद्धाओं की इस महामारी के खिलाफ लड़ाई को ध्यान में रखते हुए हमने उनकी हर संभव सहायता करने का फैसला किया है। हम भारी भीड़ एकत्र करने से बचेंगे।'' उन्होंने कहा कि मानव श्रृंखला के निर्माण के लिए गोविंदाओं के समूह एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं जायेंगे लेकिन अपने-अपने क्षेत्रों में पूजा अर्चना करेंगे। उन्होंने कहा कि समारोह में कुछ ही लोग हिस्सा लेंगे। पडेलकर ने कहा कि मंडल रक्तदान शिविर भी आयोजित करेंगे। -
नई दिल्ली। चुनावों में व्यापक समावेशिता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए निर्वाचन आयुक्त सुशील चन्द्रा ने कहा कि रिमोट मतदान ऐसा होना चाहिए जिससे सभी हितधारकों का भरोसा बढ़े तथा चुनावी प्रक्रिया की सच्चाई और गोपनीयता के प्रति विश्वास बना रहे। रिमोट मतदान के तकनीकी पहलु : ब्लॉकचेन पर चर्चा विषय पर सोमवार को आयोजित वेबीनार में मुख्य वक्ता चन्द्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से वोटिंग पर विचार नहीं कर रहा है। आधिकारिक बयान के अनुसार, रिमोट मतदान परियोजना अपने मतदान क्षेत्र से दूर रहने वाले लोगों को पहले से तय एक स्थान पर जाकर अपना वोट डालने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने चुनावों में व्यापक समावेशिता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाता अपने घरों से दूर होने के कारण वोट नहीं डाल पाते हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य कारणों, से ऐसे कई मामले सामने आए हैं कि मतदाता का वर्तमान पता उस जगह से बहुत दूर है जिस मतदान केन्द्र पर वह पंजीकृत है। चन्द्रा का कहना है कि रिपोर्ट मतदान परंपरागत मतदान केन्द्रों से अलग होगा जोकि एक तय भौगोलिक क्षेत्र से जुड़े हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रौद्योगिकी आधारित समाधान तैयार करते समय प्राथमिक रूप से विचारणीय बात होनी चाहिए कि यह सभी हितधारकों में भरोसा पैदा कर सकते, मतदान प्रक्रिया की सच्चाई तथा इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किए जाने के बारे में भरोसा दिला सके।
- -वायुसेना के लिए 106 बुनियादी प्रशिक्षु विमान भी शामिलनई दिल्ली। रक्षा खरीद परिषद ने आठ हजार सात सौ 22 करोड़ रुपये से अधिक के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इनमें भारतीय वायुसेना के लिए एक सौ छह बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट की खरीद के प्रस्ताव शामिल हैं।यह फैसला आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए स्वदेश में उत्पादन कर सैन्य बलों को मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में परिषद की बैठक में लिया गया। हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड-एचएएल ने बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट प्रोटोटाइप का विकास सफलतापर्वक कर लिया है और प्रमाणन प्रक्रिया जारी है, इसलिए परिषद ने इस कम्पनी से ये विमान खरीदने की मंजूरी दी है। इससे वायुसेना की मौलिक प्रशिक्षण की आवश्यकताएं पूरी हो सकेंगी। प्रमाणन के बाद शुरू में हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स से 70 विमान खरीदे जाएंगे। शेष 36 की खरीद बाद में की जाएगी।रक्षा खरीद परिषद ने नौसेना की क्षमता में सुधार के लिए बीएचईएल से सुपर रैपिड गन माउंट के उन्नत संस्करण की खरीद को भी मंजूरी दे दी है। इसके उन्नत संस्करण ने मिसाइलों और तेजी से हमला करने वाले विमानों जैसे तेज पैंतरेबाजी लक्ष्यों के खिलाफ प्रदर्शन करने की क्षमता को बढ़ाया है। इसके अलावा, परिषद ने भारतीय सेना के लिए गोला बारूद के 125 मिली मीटर कवच भेदी फिन स्टैबिलाइज्ड डिस्कारडिंग सेबोट गोला-गारूद की खरीद की मंजूरी दे दी। खरीदे जाने वाले गोला-बारूद में 70 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री होगी।
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नई दिल्ली। यूरोपीय संघ (ईयू) ने कहा है कि वह दक्षिण एशिया में बाढ़ से प्रभावित देशों, मुख्य रूप से बांग्लादेश, भारत और नेपाल को मानवीय सहायता के रूप में 16.5 लाख यूरो उपलब्ध करा रहा है।
यूरोपीय नागरिक संरक्षण एवं मानवीय सहायता अभियान (ईसीएचओ) ने आज एक बयान में कहा यह धन सिलसिलेवार आपदाओं से प्रभावित परिवारों के लिये इस साल की शुरूआत में की गई 10.8 लाख यूरो की घोषणा के अतिरिक्त होगी। उन आपदाओं में चक्रवात अम्फान भी शामिल था, जिसने भारत के कुछ राज्यों में और बांग्लादेश में मई महीने में तबाही मचाई थी। नयी घोषणा के साथ ही क्षेत्र में आपदा प्रभावितों के लिये यूरोपीय संघ की सहायता बढ़ कर 34.5 लाख यूरो हो जाएगी। इसने कहा है कि इसके अलावा पांच लाख यूरो का उपयोग भारत में भोजन एवं आजीविका सहायता, आपात राहत आपूर्ति और जल एवं स्वच्छता सेवाओं में किया जाएगा।
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नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने अगली सूचना तक नियमित यात्री और उप नगरीय ट्रेन सेवाएं निलम्बित रखने का फैसला लिया है।
गौरतलब है कि वर्तमान में परिचालित 230 विशेष ट्रेनों का परिचालन जारी रहेगा। मुंबई में लोकल ट्रेनों, जो वर्तमान में राज्य सरकार की मांग पर सीमित रूप से परिचालित हो रही हैं, उनका भी परिचालन जारी रहेगा।
विशेष ट्रेनों में यात्रियों की संख्या (ऑक्यूपैंसी) की नियमित आधार पर निगरानी की जा रही है। इसके अलावा आवश्यकता के आधार पर विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा सकता है। हालांकि, लॉकडाउन से पहले चल रही सभी अन्य नियमित ट्रेनों और उप नगरीय ट्रेनों की सेवाएं फिलहाल निलंबित रहेंगी।
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नई दिल्ली। देश में कोविड 19 की स्थिति की निगरानी के लिए बनाये गये आरोग्य सेतु एप को अब तक 15 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया है। लोगों के अत्यधिक समर्थन के कारण यह दुनिया भर में सबसे अधिक डाउनलोड होने वाला एप बन गया है। सरकार के समर्थन से तैयार किये गये इस एप ने शुरू होने के बाद तीन महीने के अन्दर ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली।
विश्व में कोविड-19 की निगरानी के लिए बनाए गये एप के डाउनलोड मामले में आरोग्य सेतु के बाद तुर्की का पेनडेमिक आइसोलेशन ट्रेकिंग प्रोजक्ट दूसरे और जर्मनी का कोरोना वार्न एप तीसरे स्थान पर है। एप के डाउनलोड की ये संख्या गूगल प्ले स्टोर और एप स्टोर से ली गई है।
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नई दिल्ली। सेना के रिसर्च एंड रेफरल (आर एंड आर) अस्पताल ने आज बताया कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है। इससे एक दिन पहले उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी।
श्री मुखर्जी को सोमवार की दोपहर के वक्त सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सर्जरी से पहले उनमें कोविड-19 की भी पुष्टि हुई थी। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को 10 अगस्त को गंभीर स्थिति में 12 बजकर सात मिनट पर दिल्ली छावनी स्थित सेना के आर एंड आर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें कहा गया, अस्पताल में की गई चिकित्सीय जांच में सामने आया कि उनके मस्तिष्क में एक बड़ा सा थक्का है, जिसके लिए उनकी आपातकालीन जीवनरक्षक सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद भी उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है। विभिन्न विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों की टीम पूर्व राष्ट्रपति के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है।
श्री मुखर्जी ने सोमवार को ट्वीट कर बताया कि वह कोविड-19 की जांच में संक्रमित पाए गए हैं और पिछले हफ्ते उनके संपर्क में आने वाले लोगों से अपील की कि वे खुद को पृथक कर लें और कोरोना वायरस की जांच करवाएं। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबरों के तुरंत बाद, विभिन्न वर्गों से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करने वाले संदेश आने लगे और कई नेताओं ने ट्विटर के माध्यम से उनकी कुशलता की कामना के संदेश ट्वीट किए।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी से सोमवार की शाम बात की और उनकी सेहत के बारे में जाना। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को आर एंड आर अस्पताल का दौरा किया और पूर्व राष्ट्रपति के स्वास्थ्य की जानकारी ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पूर्व राष्ट्रपति को शुभकामनाएं भेजी और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
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बहराइच। मास्क लगाए बिना फेस मास्क नहीं पहनने वाले नागरिकों का चालान काट रहे थानेदार को ऐसा करना महंगा पड़ा। पुलिस अधीक्षक ने स्वयं उनका चालान काट दिया ।
बौंडी थाना प्रभारी सुभाष चन्द्र सिंह वाहन चेकिंग के दौरान पैदल चलने वाले लोगों व साइकिल सवार ग्रामीणों का मास्क न पहनने पर चालान काट रहे थे। थानाध्यक्ष लोगों को मास्क पहनने की नसीहत तो दे रहे थे लेकिन स्वयं उन्होंने मास्क नहीं लगा रखा था। कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि अंगौछा पहनने के बावजूद पुलिस ने उनका फेस मास्क संबंधी चालान कर दिया है । इस बीच पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्र को कहीं से इस बात की जानकारी मिली और मास्क पहने बिना जनता से रूबरू होते उक्त थानेदार की फोटो उन्होंने देखी तो तुरंत कार्रवाई करते हुए सोमवार को थानेदार का पांच सौ रूपये का चालान काट दिया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा, फेस मास्क जैसे साधारण एहतियात से तो स्वयं, अपने परिवार और जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा होती है। हमारे अधिकारी ही यदि इतनी छोटी सी बात का ध्यान नहीं रखेंगे तो समाज को हम क्या संदेश दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस चालान से हमने जिले के समस्त पुलिसकर्मियों व अधिकारियों को संदेश देने की कोशिश की है कि हम पुलिस वाले जनता से ऊपर नहीं हैं बल्कि हम यदि गलती करते हैं तो हमें भी उसी कानून के दायरे में आना होगा।
- नई दिल्ली। मशहूर और हर दिल अज़ीज़ शायर राहत इंदौरी का निधन हो गया है। उनके ट्वीटर अकाउंट पर शाम 5.52 मिनट पर सूचना दी गई है कि राहत साहब का कार्डियक अरेस्ट की वजह से शाम 5,00 बजे इंतेकाल हो गया है। वे 70 साल के थे।आज सुबह ही उन्होंने ट्वीट कर अपने कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी थी। उनके निधन से शायरी का समंदर शांत हो गया। मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मे राहत साहब अपनी शायरी की वजह से खासे लोकप्रिय थे।राहत इंदौरी का जन्म इंदौर में 1 जनवरी 1950 में कपड़ा मिल के कर्मचारी रफ्तुल्लाह कुरैशी और मकबूल उन निशा बेगम के यहां हुआ था। वे उन दोनों की चौथी संतान हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नूतन स्कूल इंदौर में हुई। उन्होंने इस्लामिया करीमिया कॉलेज इंदौर से 1973 में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 1975 में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से उर्दू साहित्य में एमए किया। 1985 में मध्य प्रदेश के मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।राहत इंदौरी ने 11 अगस्त को सुबह ट्वीट किया था- कोविड के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूं। दुआ कीजिये जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं। एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फ़ोन ना करें, मेरी ख़ैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी। लेकिन शाम को उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्हें बचाया नहीं जा सका।कुमार विश्वास ने जताया शोकराहत इंदौरी के निधन पर कवि डॉ. कुमार विश्वास ने शोक जताते हुए लिखा- हे ईश्वर ! बेहद दुखद ! इतनी बेबाक़ जिदंगी और ऐसा तरंगित शब्द-सागर इतनी ख़ामोशी से विदा होगा,कभी नहीं सोचा था ! शायरी के मेरे सफऱ और काव्य-जीवन के ठहाकेदार किस्सोंं का एक बेहद जिंदादिल हमसफऱ हाथ छुड़ा कर चला गया!
- जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि वह विधायकों की शिकायतों को दूर करने की कोशिश करेंगे। गहलोत ने आजं संवाददाताओं से कहा, अगर कोई विधायक मुझसे नाराज है तो यह मेरी जिम्मेदारी बनती है कि उसका निस्तारण करूं। मैं पहले भी ऐसा करता रहा हूं अब भी करूंगा।यहां से जैसलमेर रवाना होने से पहले गहलोत ने कहा, पार्टी एकजुट रहेगी और पांच साल शासन करेगी। अगला विधानसभा चुनाव भी जीतकर आएंगे हम। गहलोत ने कहा, सरकार बहुमत में पहले थी आज भी है और कल भी रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उनकी सरकार को गिराने का पूरा षडयंत्र किया लेकिन वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सकी। गहलोत ने कहा कि यह सारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है।---
- -गृहप्रवेश में ऐसे किया याद....हुबली। श्रीनिवास गुप्ता की उम्र है 57 साल। मूल रूप से भावनगर के रहने वाले श्री गुप्ता कर्नाटक के एक बिजनेसमैन हैं। 8 अगस्त को अपने नए घर के गृहप्रवेश के मौके पर जब श्रीनिवास ने अपनी पत्नी माधवी के साथ मेहमानों का स्वागत किया तो सभी हैरान रह गए। लोगों को वहां सोफे पर बैठी हुई उनकी पत्नी माधवी नजर आई, जिनकी तीन साल पहले एक कार हादसे में मौत हो गई थी।माधवी सोफे पर अपनी चिरपरिचित मुस्कुराहट के साथ पिंक सिल्क की साड़ी और सोने के गहनों से सजी -धजी बैठी थीं। जिसे देखने के बाद लोग विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे, कि उनकी मौत हो चुकी है। दरअसल यह उनकी एक सजीव प्रतिमा थी। साल 2017 में श्रीनिवास अपनी पत्नी और दोनों बेटियों के साथ कार से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार का एक ट्रक के साथ एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में उनकी पत्नी माधवी की मौत हो गई। पत्नी के जाने के बाद श्रीनिवास उन्हें बहुत याद कर रहे थे। आखिरकार श्रीनिवास ने पत्नी की आखिरी इच्छा पूरी करने का फैसला लिया। उन्होंने पत्नी की एक ऐसी सजीव मूर्ति बनवाई, जिसे देखकर हर कोई आश्चर्य में पड़ गया। मशहूर आर्किटेक्ट रंगनान्नवर ने करीब एक साल में माधवी की हूबहू तस्वीर वैक्स मूर्ति में उकेर दी।श्रीनिवास गुप्ता ने कहा कि माधुवी की अंतिम इच्छा भावनगर में मकान बनाने की थी। उसने अपने घर को लेकर पूरी योजना तैयार कर ली थी और 3 डी स्कैच भी बना लिया था, लेकिन हादसे में उनका साथ छूट गया। नए घर में हम उसके बिना कैसे प्रवेश करते। आखिरकार हमने उनकी एक मूर्ति बनाने का फैसला लिया। आर्किटेक्ट रंगनान्नवर ने वैक्स की मूर्ति बना दी, जो एकदम स्वभाविक लग रही है। श्रीनिवास गुप्ता कहते हैं-मूर्ति जब बनकर तैयार हुई तो वे खुद उसे देखकर आश्चर्य में पड़ गए।8 अगस्त को जब उनके नए मकान का गृह प्रवेश था तो श्रीनिवास की दोनों बेटियों ने माधवी को मूर्ति को उनकी फेवरिट गुलाबी साड़ी और गहनों से सजा दिया। इसके बाद मूर्ति को सोफे पर बिठाकर खुद श्रीनिवास भी बगल में बैठ गए। इसतरह उन्होंने पत्नी की आखिरी इच्छा पूरी की और गृहप्रवेश पर उनकी कमी भी पूरी कर ली।---
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बेंगलुरू। कोरोना वायरस से संक्रमित कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें सोमवार को यहां एक निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी। राज्य सरकार ने एक बयान में यह जानकारी दी।
येदियुरप्पा (77) को दो अगस्त को मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘कोविड-19 से पूरी तरह से उबरने के बाद मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को मणिपाल अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। -
- पूर्वानुमान एवं चेतावनी प्रणाली को बेहतर करने के लिए अभिनव प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से छह राज्यों यथा असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ-साथ बाढ़ की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में रक्षा मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, दोनों ही गृह राज्य मंत्री और संबंधित केन्द्रीय मंत्रालयों एवं संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री ने बाढ़ के पूर्वानुमान के लिए स्थायी प्रणाली स्थापित करने और पूर्वानुमान एवं चेतावनी प्रणाली बेहतर करने हेतु अभिनव प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग के लिए सभी केन्द्रीय एवं राज्य एजेंसियों के बीच और भी अधिक समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान हमारी पूर्वानुमान एजेंसियों जैसे कि भारत मौसम विभाग और केन्द्रीय जल आयोग बेहतर एवं अधिक उपयोगी बाढ़ पूर्वानुमान लगाने के लिए ठोस प्रयास करते रहे हैं। ये एजेंसियां न केवल वर्षा एवं नदी स्तरीय पूर्वानुमान, बल्कि बाढ़ के विशिष्ट स्थान संबंधी पूर्वानुमान लगाने के लिए भी प्रयास कर रही हैं। विशिष्ट स्थान संबंधी पूर्वानुमान को बेहतर करने हेतु अभिनव प्रौद्योगिकियों जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग करने के लिए प्रायोगिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके लिए राज्यों को भी इन एजेंसियों को आवश्यक सूचनाएं देनी चाहिए और स्थानीय समुदायों को संबंधित चेतावनी के बारे में समय पर अवगत कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय पूर्व चेतावनी प्रणाली में निवेश बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि किसी विशेष क्षेत्र के लोगों को किसी भी खतरे की स्थिति जैसे कि नदी के तटबंध के टूटने, बाढ़ का स्तर बढऩे, बिजली गिरने, इत्यादि के बारे में समय पर चेतावनी दी जा सके।
प्रधानमंत्री ने विशेष जोर देते हुए यह भी कहा कि कोविड से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बचाव कार्यों पर अमल करते समय लोग अवश्य ही स्वास्थ्य संबंधी सभी सावधानियां बरतें, जैसे कि फेस मास्क पहनें, हाथ को साबुन से धोएं या सैनिटाइज करें, पर्याप्त सामाजिक दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही राहत सामग्री के मामले में भी प्रभावित लोगों के लिए हाथ धोने/सैनिटाइज करने और फेस मास्क पहनने की व्यवस्था अवश्य की जानी चाहिए।
असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं केरल के मुख्यमंत्री तथा कर्नाटक के गृह मंत्री ने इस दौरान अपने-अपने राज्यों में बाढ़ की स्थिति और बचाव कार्यों के बारे में अद्यतन जानकारियां दीं। उन्होंने समय पर तैनाती करने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ सहित केन्द्रीय एजेंसियों द्वारा किए गए ठोस प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बाढ़ के प्रतिकूल प्रभावों में कमी लाने हेतु अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उपायों के बारे में भी कुछ सुझाव दिए। -
जोरहाट। असम के जोरहाट शहर में आग लगने की घटना में दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य झुलस गये। हादसे में सड़क पर स्थित कई दुकानें, मकान और गोदाम जलकर नष्ट हो गये।
अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओएनजीसी, नुमालीगढ़ रिफाइनरी और वायु सेना के अग्निशमन दलों के अलावा जोरहाट, टिटाबोर, मरियानी, बोरहोला और डेरगांव से राज्य दमकल कर्मियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जोरहाट की उपायुक्त रोशनी अपरांजी कोराती ने बताया, रविवार की मध्य रात्रि एटी सड़क पर लगी आग में दो लोगों की मौत हुई है और तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गये। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में दुकानें, मकान, गोदाम और होटल जैसे लगभग 10 प्रतिष्ठान नष्ट हो गये। एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान सत्यनारायण अग्रवाल (75) और गोमती देवी (72) के रूप में हुई है। कोराती ने बताया कि घायलों को जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया और इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए डिब्रूगढ़ रेफर कर दिया गया। जोरहाट के दमकल अधिकारी बिद्युत गोगोई के अनुसार प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत है कि इमारतों में से एक में लगे पंखे में शार्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ।
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गोधरा। गुजरात के पंचमाहल जिले में आज सुबह भारी बारिश के कारण एक मकान ढहने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पंचमहल की पुलिस अधीक्षक लीना पाटिल ने बताया कि जंबूघोडा तालुका के कांजीपनी गांव में स्थित एक मकान में एक परिवार के चार सदस्य सो रहे थे कि इसी दौरान सुबह लगभग छह बजे यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया, भारी बारिश के कारण मकान ढह गया। हादसे में चार वर्षीय एक बालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि परिवार का एक सदस्य मामूली रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि बचाव टीम ने शव मलबे से निकाल लिये है। उन्होंने बताया कि मृतकों में 70 वर्षीय एक महिला, उसका 40 वर्षीय बेटा और पौत्र शामिल हैं।
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नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने राज्यसभा कर्मचारियों के लिये यहां 46 करोड़ रुपये की लागत वाले एक अवासीय परिसर की सोमवार को आधारशिला रखी। हालांकि, उन्होंने परियोजना आरंभ करने में विलंब को लेकर चिंता भी प्रकट की।
इस परियोजना के लिये आर के पुरम में 2003 में भूमि आवंटित की गई थी। संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के सभापति नायडू ने एक डिजिटल कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस आवासीय परियोजना को शुरू करने में 17 साल का लंबा समय लगा। इसके चलते राज्यसभा सचिवालय के लिये इसकी लागत बढ़ गई, जो टाली जा सकती थी। एक बयान के मुताबिक उन्होंने सामाजिक-आर्थिक-कानूनी-प्रशासनिक मकड़ जाल का भी जिक्र किया, जिसके परिणामस्वरूप बहुमूल्य भूमि संसाधन का उपयोग नहीं हो पाया तथा भूमि उपयोग की राह में आड़े आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिये उन्होंने पिछले दो वर्षों में विभिन्न अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक भी की। नायडू ने इस बात का जिक्र किया कि यदि 2003 में राज्यसभा सचिवालय को आवंटित 8,700 वर्ग मीटर भूमि को समय से उपयोग में ले आया गया होता, तो सचिवालय को आवास किराया भत्ता के रूप में काफी लाभ हुआ होता। इसके अलावा आवासीय परियोजना में निवेश का बड़ा हिस्सा अब तक वसूल हो गया होता। उन्होंने राज्यसभा टीवी (आरएसटीवी) चैनल को एनडीएमसी परिसर में रखने के लिये सचिवालय द्वारा 30 करोड़ रुपये का सालाना किराये का उल्लेख करते हुए कहा कि इस चैनल को आर के पुरम में स्थित रखने से भी काफी फायदा हुआ होता।
- नर्ई दिल्ली। केन्द्रीय पर्यावरण और वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने विश्व हाथी दिवस-2020 की पूर्व संध्या पर आज हाथियों के संरक्षण के बेहतरीन तौर-तरीकों के बारे में एक दस्तावेज का विमोचन किया। उन्होंने मनुष्यों तथा हाथियों के बीच संघर्ष की स्थिति के बारे में एक वेबसाइट का भी शुभारंभ किया।इस अवसर पर श्री जावडेकर ने कहा कि हमें भारतीय संस्?कृति पर गर्व है जिसमें न सिर्फ पशुओं से प्रेम किया जाता है बल्कि उनकी हत्?या करने को अशुभ माना जाता है। श्री जावडेकर ने कहा कि सरकार ने वन क्षेत्रों में चारा और पानी की उपलब्धता बढ़ाने की पहल की है ताकि पशुओं को इनकी कोई कमी न हो और उन्हें इनके लिए जंगल से बाहर न जाना पड़े।इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यावरण और वन राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि यह गर्व की बात है कि एशियाई हाथियों की कुल संख्या का 60 प्रतिशत भारत में हैं।विश्व हाथी दिवस का आयोजन हाथियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है। एशियाई और अफ्रीकी हाथियों की घटती संख्या की ओर तत्काल ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह दिवस 2012 से मनाया जा रहा है। एशियाई और अफ्रीकी हाथियों को अवैध शिकार, मनुष्यों और हाथियों के बीच संघर्ष तथा पालतू हाथियों के साथ दुव्र्यवहार जैसे खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
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नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के मौरिस नगर इलाके में रविवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। होंडा सिटी कार ने दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन में टक्कर मार दी, जिससे हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। हादसे में घायल होंडा सिटी चालक की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार दिल्ली के मौरिस नगर इलाके में रविवार रात को एक तेज रफ्तार होंडा सिटी कार ने दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस हादसे में दिल्ली पुलिस के प्रखर गाड़ी में ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी अस्पताल में मौत हो गई। वहीं होडा सिटी के चालक की भी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि सड़क हादसे में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल का नाम वजीर सिंह है, जो देर रात ड्यूटी पर थे। इस दौरान होडा सिटी कार ने उनकी पीसीआर (स्कोर्पियो) गाड़ी को जबरदस्त टक्कर मार दी, जिससे पीसीआर पलट गई।
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भोपाल। कोरोना वायरस की महामारी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने के कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को स्वयंसेवकों से मोहल्ला एवं ग्रामीण शिक्षा केंद्र संचालित करने का आह्वान किया है, ताकि विद्यार्थियों का नुकसान न हो और कोई शिक्षा से पीछे न छूट जाए। इसके अलावा, उन्होंने स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण और कुटुम्ब प्रबोधन जैसे विषयों पर भी कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया और उनसे कहा कि सामाजिक समरसता को बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रयास करें। वह यहां ठेंगड़ी भवन में आरएसएस के मध्य भारत और मालवा प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संवाद कर रहे थे। बैठक के बाद मध्य भारत प्रांत के संघचालक सतीश पिंपलीकर ने बताया कि भागवत ने वर्तमान चुनौतियों एवं आने वाले समय को ध्यान में रखकर कार्य करने के लिए मध्यभारत एवं मालवा प्रान्तों के चयनित स्वयंसेवकों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान आरएसएस सरसंघचालक ने कोरोना वायरस संक्रमण एवं लॉकडाउन के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा समाज एवं अन्य संस्थाओं को साथ लेकर चलाए गए सेवा कार्यों और संघ की अन्य गतिविधियों की जानकारी ली। पिंपलीकर ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए उन्होंने मोहल्ला एवं ग्राम शिक्षा केंद्र संचालित करने का आह्वान किया है। इस कार्य में समूचे समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा, सरसंघचालकजी ने मोहल्ला एवं ग्रामीण शिक्षा केंद्र संचालित करने का आह्वान स्वयंसेवकों से किया है, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है, उस पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। विद्यार्थियों का नुकसान न हो और कोई शिक्षा से पीछे न छूट जाए, इसलिए नगरों में मोहल्ला स्तर एवं प्रत्येक गांव में शिक्षा केंद्र संचालित किये जाने चाहिए। पिंपलीकर ने बताया, इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण और कुटुम्ब प्रबोधन जैसे विषयों पर भी कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया। सरसंघचालक ने स्वयंसेवकों को बताया कि समरसता को लेकर समाज में अनुकूलता बनी है। यह समाज का स्थायी भाव बने, इसके लिए स्वयंसेवकों को प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ठेंगडी भवन में आयोजित संघ की इस बैठक में शारीरिक दूरी एवं कोराना से संबंधित अन्य दिशा-निर्देशों को पूरी तरह पालन किया गया। पिंपलीकर ने बताया कि इस अवसर पर सरसंघचालक भागवत ने मध्यभारत एवं मालवा के प्रमुख स्वयंसेवकों से सेवाकार्यों के अनुभव सुने। जिसमें यह बात सामने आई कि स्वंयसेवकों द्वारा चलाए गए सेवाकार्यों से समाज के बड़े वर्ग को सहायता मिली। उन्होंने कहा कि इस बीच यह भी ध्यान आया कि बड़ी संख्या में लोग संघ के साथ जुडऩा चाहते हैं, जिनमें युवाओं की संख्या भी अधिक है। समाज के लोगों ने इस बीच स्वयंसेवकों के साथ सेवाकार्यों में सहयोग भी किया। सरसंघचालकजी ने समाज को साथ लेकर सेवाकार्यों को स्थायी रूप देने के लिए स्वयंसेवकों को कहा है। पिंपलीकर ने बताया कि बैठक में जानकारी दी गई कि कोरोना वायरस संक्रमण एवं लॉकडाउन के दौरान घुमंतू जाति (ईरानी, सपेरा, कंजर, पारदी, लोचपीटा, बेडिय़ा,मोंगिया, लुहार, बंजारा, नट, अगरिया, सिखसिकलिकर) के बंधुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। घुमंतु जाति के बंधु परिवार के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक रोजगार एवं अन्य कारणों से यात्रा करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में यह भी अनुभव सुनाया गया कि जब लॉकडाउन लगा तो कई परिवार मध्य प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भी फंस गए थे। स्वयंसेवकों ने इन परिवारों की चिंता की और उन तक सहायता पहुंचाई। स्वयंसेवकों द्वारा 2,628 परिवारों तक भोजन एवं चिकित्सा समेत अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई गईं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रवासी श्रमिकों एवं युवाओं के लिए संघ ने विभिन्न स्थानों पर हेल्प डेस्क बनाये हैं, जिनके माध्यम से स्वरोजगार एवं स्वावलंबन हेतु उन्हें आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जा रहीं है, जिसका समाज से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण एक जगह इक_ा नहीं होने के चलते संघ आजकल शाखा नहीं लगा रहा है। उन्होंने कहा कि भागवत शनिवार देर रात को भोपाल पहुंचे थे और सोमवार को वह यहां से रवाना हो जाएंगे।
- नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने आज एक ट्वीट में यह जानकारी दी। श्री मुखर्जी ने बताया कि वे एक अन्य बीमारी के सिलसिले में अस्पताल गए थे, जहां उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पूर्व राष्ट्रपति ने उनके संपर्क में आए लोगों से खुद को सेल्फ आइसोलेट करने और अपना कोविड-19 टेस्ट कराने की अपील की है।गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, संसदीय मामलों के मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उनसे पहले पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी कोविड पॉजिटिव पाए जा चुके थे।
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नई दिल्ली। केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड-19 ड्यूटी में तैनात अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपए की बीमा योजना के तहत दावों की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है क्योंकि यह योजना सितंबर तक ही उपलब्ध है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने उन्हें कहा कि वे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, चिकित्सा कर्मचारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की सुरक्षा और देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पत्र में उन्हें अग्रिम पंक्ति के कोविड-19 कर्मियों के खिलाफ हिंसा करने वालों के विरुद्ध महामारी रोग (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के तहत निवारक कार्रवाई शुरू करने के लिए भी कहा। भूषण ने पत्र में कहा कि पिछले छह महीने में, केंद्र सरकार और राज्यों ने कोविड-19 महामारी से निपटने के प्रयास के तहत मूल्यवान अनुभव प्राप्त किया है। इनमें से एक अहम सीख ये भी है कि अपने अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा और बचाव बेहद महत्वपूर्ण है। कोविड-19 महामारी से निपटने में जुटे अग्रिम पंक्ति के सरकारी एवं निजी अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों एवं कोरोना वायरस संक्रमित के सीधे संपर्क में आने वाले और इनकी देखभाल में तैनात सभी तरह के कर्मियों के वास्ते प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज : कोविड-19 से लडऩे वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बीमा योजना के तहत 50 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। भूषण ने राज्यों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव को लिखा, चूंकि, यह बीमा कवर सितंबर 2020 तक उपलब्ध है, सभी राज्यों से उम्मीद की जाती है कि वे ऐसे दावों पर तेजी से काम करें और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर मंत्रालय/बीमा कंपनी को भेजें।


























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