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- बेंगलुरु । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बेंगलुरु में आज शुक्रवार को आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से साहस जुटाने, बड़े सपने देखने और अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर अपने लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया। इससे पहले राष्ट्रपति बेंगलुरु के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड हवाई अड्डे पर पहुंचीं जहां कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि बाधाओं को तोड़ना और रूढ़ियों को चुनौती देना बिना मानसिक शक्ति के संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “हर महिला को साहस जुटाना चाहिए बड़े सपने देखने चाहिए और अपनी पूरी ताकत और क्षमता का उपयोग कर अपने सपनों को साकार करना चाहिए। महिलाओं के हर छोटे कदम से भारत और दुनिया के विकास की दिशा में बड़ा योगदान होगा।”राष्ट्रपति मुर्मु ने तकनीकी प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना रही है लेकिन इसके साथ ही मानवीय मूल्यों को बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा “करुणा, प्रेम और एकता को बढ़ावा देने के लिए हर व्यक्ति को अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है। यहां महिलाओं की भूमिका सबसे अहम हो जाती है क्योंकि उनमें करुणा के साथ नेतृत्व करने की विशेष क्षमता होती है। वे परिवार, समाज और यहां तक कि पूरी दुनिया के कल्याण के लिए सोच सकती हैं और कार्य कर सकती हैं।”राष्ट्रपति ने कहा कि आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य खासकर महिलाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच संघर्ष करती हैं। कई बार सामाजिक नियमों और परंपराओं के कारण महिलाएं अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर पातीं। उन्होंने कहा “मानसिक स्वास्थ्य किसी भी महिला के लिए एक अर्थपूर्ण जीवन जीने और परिवार, समाज और दुनिया में योगदान देने की बुनियाद है।राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे सम्मेलन यह संदेश देते हैं कि इंसान अकेला नहीं बल्कि इस दुनिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन में भाग लेने वाली सभी महिलाएं ऐसे आध्यात्मिक सिद्धांतों को अपनाएंगी जो उनके जीवन को सुंदर और शांतिपूर्ण बनाने में मदद करेंगे।इस कार्यक्रम में कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बैरे गौड़ा, मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, एयर मार्शल नागेश कपूर, लेफ्टिनेंट जनरल जे. के. गेरा, कर्नाटक के डीजीपी आलोक मोहन, बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी. दयानंद, और जिला कलेक्टर जगदीश जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने की दिशा में महाराष्ट्र की स्थिति की नई दिल्ली में हुई एक बैठक में समीक्षा की। बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री मेघवाल ने बताया कि बैठक में आईटी सेक्टर में आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि इन कानूनों के लागू होने से सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जिला कोर्ट के मुकदमों में तेजी से कमी आएगी।उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 1 जुलाई 2024 से लागू कर दिए हैं। इन कानूनों को लागू करने का उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार लाना है।वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मेघवाल ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के प्रस्तुत किए जाने के समय एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया गया था। इस समिति में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल थे और इसकी रिपोर्ट पेश की जानी थी।उन्होंने कहा कि जब रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तो खड़गे ने इसके विरोध में सवाल उठाए, जबकि रिपोर्ट में सभी आवश्यक जानकारियां शामिल थीं। इस मुद्दे पर गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में कोई अधूरी जानकारी नहीं है और इसमें विरोध करने जैसा कुछ नहीं है। अब आगे इस मामले में क्या बदलाव होते हैं, यह देखने वाली बात होगी।उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपीसी रिपोर्ट को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह रिपोर्ट विपक्ष की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए तैयार की गई है, जो संसदीय प्रक्रिया का उल्लंघन है। खड़गे ने इस रिपोर्ट को “फर्जी” बताते हुए इसे पुनः पेश करने की मांग की थी। -
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आउटर रिंग रोड पर हवाई जहाज जैसी सुविधाओं वाली फ्लैश बसें चलाई जाएंगी। प्रयागराज में यातायात की समस्या से निपटने के लिए यमुना नदी पर पहले से मौजूद शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक और ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का काम अगले चार महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। ये बातें केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ में कही।
लखनऊ में दो फ्लाईओवर का लोकार्पण करने पहुंचे नितिन गडकरी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपये की सड़कों का निर्माण पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि प्रदेश में हवा में चलने वाली बस सेवा शुरू करें जिसके लिए पैसों की कोई कमी नहीं आएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल ही में नागपुर के लिए फ्लैश बस का टेंडर जारी हुआ है। इस बस में हवाई जहाज की तरह होस्टेस, एक्जीक्यूटिव चेयर और टीवी वगैरह की सुविधाएं हैं पर किराया डीजल बस की तुलना में 30 फीसदी कम है। उन्होंने वादा किया कि फ्लैश बस पूरे लखनऊ के रिंग रोड पर चलाई जाएंगी।नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत काम हुआ है। पहले जब यहां निवेश के लिए उद्योगपति आते थे तो बिजली, पानी, सड़क की सुविधाओं के बारे में पूछते थे। अगर सड़कें अच्छी नहीं होंगी तो निवेश नहीं होगा। अमेरिका व यूरोप के देशों में लॉजिस्टिक लागत 12 फीसदी है और चीन में 8 फीसदी है जबकि हमारे देश में यह 16 फीसदी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दो सालों में भारत में लॉजिस्टिक की लागत को सिंगल डिजिट में 9 फीसदी तक लाएंगे। इसके बाद देश का निर्यात डेढ़ गुना बढ़ जाएगा। गडकरी ने कहा कि दो सालों में यूपी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अमेरिका से भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि महाकुंभ की वजह से जीडीपी में 3 लाख करोड़ रुपये जुड़े हैं। अर्थव्यवस्था का ईंधन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा हुआ है।केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ तेजी से विकसित हो रहा है और अब यह जमीनों की कीमत के मामले में दुनिया के टॉप शहरों में गिना जाने लगा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन पर महज 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए जबकि बाकी पैसा प्रयागराज में सुविधाओं के विकास पर खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि आज महाकुंभ से तीन लाख करोड़ रुपये का व्यापार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 50 करोड़ लोग कुंभ में स्नान के लिए आ चुके हैं। गडकरी ने कहा कि लखनऊ को एआई सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां की कनेक्टिविटी को लगातार बेहतर किया जा रहा है। -
प्रयागराज। दुनिया में पहली बार शुक्रवार को 300 सफाई कर्मियों ने पहला रिवर क्लीनिंग रिकॉर्ड बनाया है। महाकुंभ मेले की सीईओ आकांक्षा राणा ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
आकांक्षा राणा ने कहा कि यह दुनिया का पहला रिवर रिकॉर्ड है, जिसमें 300 सफाई कर्मियों द्वारा गंगा नदी की सफाई की जा रही है। इस गतिविधि के माध्यम से मेला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य देश और दुनिया को यह संदेश देना है कि नदी और जल स्रोतों को स्वच्छ रखना कितना महत्वपूर्ण है। महाकुंभ मेला प्रशासन की योजना है कि इस तरह के और भी रिकॉर्ड बनाए जाएं। अगले चरण में 15 हजार सफाई कर्मियों द्वारा सड़कों की सफाई की जाएगी। यह सफाई गतिविधि विभिन्न जगहों पर एक ही समय में आयोजित की जाएगी।आकांक्षा राणा ने आगे कहा कि आज का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दुनिया का पहला रिवर क्लीनिंग रिकॉर्ड है, जिसमें 300 सफाई कर्मियों ने एक साथ मिलकर गंगा की सफाई की। इसके बाद, महाकुंभ मेला प्रशासन द्वारा और भी रिकॉर्ड बनाए जाएंगे, जो इस विशाल आयोजन की स्वच्छता की दिशा में एक और कदम साबित होंगे। इस ऐतिहासिक सफाई अभियान से महाकुंभ मेला प्रशासन ने देश और दुनिया को एक जागरूकता का संदेश दिया है कि हमारे नदी-जल स्रोतों को साफ और स्वच्छ रखना चाहिए।बता दें कि विश्व के सबसे बड़े धार्मिक सांस्कृतिक समागम ‘महाकुंभ 2025’ ने दुनिया को अचंभित कर रखा है। दुनियाभर के बड़े धार्मिक आयोजनों में यह अपनी विशेष पहचान बना चुका है। प्रयागराज में मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के पावन संगम में आस्था का अटूट रेला उमड़ रहा है। महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (मंत्रिमंडल समेत) संगम में डुबकी लगा चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत समेत कई दिग्गज स्नान कर चुके हैं। - मुंबई. जनवरी में कार्यालय वाली नौकरियों के लिए भर्ती में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई जिसमें सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और विनिर्माण जैसे उद्योगों का मुख्य योगदान रहा। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। नौकरियों की जानकारी देने वाले मंच फाउंडइट के इनसाइट्स ट्रैकर के मुताबिक, जनवरी में भर्तियों में वृद्धि का श्रेय बढ़ती उपभोक्ता मांग, केंद्रीय बजट 2025-26 में उल्लिखित रणनीतिक प्रोत्साहन और स्थिरता पहलों पर बढ़ते ध्यान को दिया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी, 2025 में भर्ती में 32 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है, जो बाजार में नए सिरे से विश्वास का संकेत है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में नवीकरणीय क्षेत्र में नौकरियां सबसे ज्यादा रहीं। इनमें पिछले दो वर्षों की तुलना में 41 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जिसका कारण स्वच्छ ऊर्जा पहलों का विस्तार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्र वैश्विक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों से प्रेरित होकर इस वृद्धि में सबसे आगे हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलुरु, दिल्ली और पुणे इन भूमिकाओं के लिए प्रमुख केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं, जहां ऊर्जा लेखा परीक्षा और स्थिरता रणनीति जैसे क्षेत्रों में विशेष कौशल की आवश्यकता होती है। अनुमान है कि 2025 में हरित क्षेत्र की नौकरियों की मांग में 11 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और हरित हाइड्रोजन पहलों से प्रेरित होगी।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि वर्ष 2019-20 से 42,000 से अधिक रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है और 18.4 लाख से अधिक नौकरी चाहने वालों का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 अक्टूबर, 2022 को रोजगार मेले की शुरुआत की थी।केंद्रीय मंत्री ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘‘विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय स्तर पर अब तक 14 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है... भाग लेने वाले मंत्रालयों या विभागों आदि द्वारा रोजगार मेलों के दौरान कई लाख नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं।'' उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से सभी मंत्रालयों और विभागों में मिशन मोड में भर्तियां की गई हैं। सिंह ने कहा कि रोजगार मेलों के आयोजन के अलावा, श्रम और रोजगार मंत्रालय राष्ट्रीय रोजगार सेवा के परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) परियोजना को लागू कर रहा है, ताकि रोजगार से संबंधित विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से करियर काउंसलिंग, व्यावसायिक मार्गदर्शन, कौशल विकास पाठ्यक्रमों, इंटर्नशिप आदि की जानकारी एनसीएस की वेबसाइट के जरिए दी जाती है। सिंह ने कहा कि एनसीएस के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है, जहां निजी नियोक्ता अपनी जरूरतों के लिए भाग लेते हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘2019-20 से, 42,234 नौकरी मेले आयोजित किए गए हैं और 18.4 लाख से अधिक नौकरी चाहने वालों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।'' एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के साथ रोजगार क्षमता में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंह ने कहा, ‘‘तदनुसार, भारत सरकार ने देश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए हैं।'' उन्होंने कहा कि सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, जलमार्गों आदि जैसे बुनियादी ढांचे में एक बड़े कदम ने संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दिया है। मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-2025 में, सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ 5 साल की अवधि में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों के लिए पांच योजनाओं के प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा की। सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-2026 का उद्देश्य पर्यटन, विनिर्माण, मत्स्य पालन आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के कई अवसर पैदा करना है और इसमें युवाओं के लिए उद्यमिता और कौशल का समर्थन करने के लिए विभिन्न उपाय भी शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्र ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को संभावित सुरक्षा खतरों के मद्देनजर ‘जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की वीआईपी सुरक्षा शाखा को 89 वर्षीय आध्यात्मिक नेता की सुरक्षा का जिम्मा संभालने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने बताया कि देश के सभी हिस्सों में दलाई लामा को सीआरपीएफ कमांडो की ‘जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। दलाई लामा को हिमाचल प्रदेश पुलिस सुरक्षा मुहैया करा रही थी और जब वह दिल्ली या किसी अन्य स्थान पर जाते थे तो स्थानीय पुलिस द्वारा उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाती थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा समीक्षा के बाद सरकार ने अब उन्हें यह सुरक्षा घेरा प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि दलाई लामा की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के लगभग 30 कमांडो की एक टीम अलग-अलग पालियों में काम करेगी। सूत्रों ने बताया कि इसी तरह के एक कदम के तहत, गृह मंत्रालय ने मणिपुर में भाजपा नेता संबित पात्रा को ‘जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। पुरी से सांसद पात्रा राज्य में पार्टी मामलों के प्रभारी हैं, जहां पिछले कई महीने से जातीय हिंसा का दौर जारी है।
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नयी दिल्ली. बातचीत करने वाले कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित मंच ‘गपशप' ने बृहस्पतिवार को वित्तीय सेवा क्षेत्र के लिए पूर्व-निर्मित और उद्योग-प्रशिक्षित एआई एजेंट पेश किए। तकनीकी भाषा में एआई एजेंट एक ऐसी प्रणाली या प्रोग्राम है जो कार्यप्रवाह और प्रक्रियाओं को डिजाइन कर और उपलब्ध उपकरणों का लाभ उठाकर स्वायत्त रूप से कार्य कर सकता है। कंपनी की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, गपशप ने वित्तीय सेवा उद्योग के लिए वृद्धि को गति देने के लिए पहले से निर्मित, उद्योग-प्रशिक्षित एआई प्रतिनिधि पेश किए हैं। इस पेशकश से वित्तीय संस्थानों को ग्राहक जुड़ाव को सुव्यवस्थित करने, संभावित ग्राहक को अपने साथ जोड़ने और राजस्व वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। शीर्ष स्तर के ग्राहक अधिग्रहण में महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिजायन किए गए ये एआई प्रतिनिधि, वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को न्यूनतम सेटअप के साथ तेज़ी से बाजार में जाने में मदद करते हैं।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2025-26 में कई क्षेत्रों और राज्यों के लिए आवटंन में कटौती के विपक्ष के आरोपों को निराधार करार देते हुए बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि आयकर सीमा बढ़ाने सहित बजट में घोषित विभिन्न उपायों से मध्यम वर्ग के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। सीतारमण ने आम बजट पर उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बजट में उन सभी समस्याओं को ध्यान में रखा गया है जो आज देश के समक्ष हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों द्वारा ली जा रही उधारी के कारण ब्याज का बोझ एक समस्या है। उन्होंने कहा कि इससे उबरने के लिए बुद्धिमत्ता से राजकोषीय प्रबंधन करना आवश्यक उपाय है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस बार बजट इस तरह से बनाया है कि विकास को गति मिल सके, समावेशी विकास हासिल किया जा सके, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिल सके, गृहस्थ लोगों की भावनाओं को बल दिया जा सके तथा भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग की प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से क्रय शक्ति बढ़ायी जा सके। उन्होंने कहा कि बजट में चार वर्गों-गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारी पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि पूरी अर्थव्यवस्था को बल मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं में इन वर्गों का ध्यान रखा गया है ताकि उन्हें लाभ मिल सके। सीतारमण ने कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय पर पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने पिछले साल के आंकड़े देते हुए कहा कि आगामी वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय में कोई कमी नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रभावी पूंजीगत व्यय 19.80 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि चर्चा में शामिल कुछ सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में बजटीय आवंटन घटाने की बात की थी। वित्त मंत्री ने इन आशंकाओं को निर्मूल करार देते हुए कहा कि क्षेत्रवार बजट आवंटन में कोई कमी नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.71 लाख करोड़ रूपये, ग्रामीण विकास के लिए 2.67 लाख करोड़ रूपये, शहरी विकास एवं परिवहन के लिए 6.45 लाख करोड़ रूपये, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए 2.27 लाख करोड़ रूपये तथा रक्षा क्षेत्र के लिए 4.92 लाख करोड़ रूपये (इसमें रक्षा क्षेत्र का पेंशन व्यय शामिल नहीं है) का बजट आवंटन किया गया। उन्होंने कहा कि 2025-26 में राज्यों को दिये गये कुल संसाधनों का मूल्य 25.01 लाख करोड़ रूपये होगा और इस प्रकार इसमें 4.92 लाख करोड़ रूपये की वृद्धि होगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार महंगाई पर लगाम लगाने और नागरिकों पर बोझ न पड़े, इसके लिए कदम उठाती रहेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर के 5.22 प्रतिशत से घटकर जनवरी में 4.31 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक को दिए गए चार प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। इस दौरान सदन में तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल को बजट आवंटन के मुद्दों पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तकरार भी हुई। हालांकि, सीतारमण ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने कभी किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत के हितों को सर्वोपरि रखते हुए बजट आकलन को यथासंभव सटीक रखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और हमारी अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कई आयात पर भी इसका असर हो सकता है। सीतारमण ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक रुपये में उतार-चढ़ाव पर नजर रख रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार के बजट आंकड़े हमेशा यथार्थवादी होते हैं तथा इन्हें न तो कम करके बताया जाता है और न ही बढ़ाकर। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने कोविड संकट के दौरान अर्थव्यवस्था को बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ाया और देश दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा। उन्होंने विपक्षी दलों के इस दावे का भी खंडन किया कि आयकर प्रोत्साहन से केवल अमीर लोगों को ही फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग की आयकर देनदारी में उल्लेखनीय कमी आएगी। -
नयी दिल्ली. प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बल्कि मालिक बनना सीखना, कृत्रिम मेधा (एआई) का बुद्धिमानी से उपयोग करना और स्वयं निर्णय लेना समेत कई मंत्र प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को प्रसारित प्रौद्योगिकी की ‘मास्टरक्लास' के दौरान छात्रों को दिए गए। ‘परीक्षा पे चर्चा' के विशेष सत्र में ‘टेक्निकल गुरुजी' के नाम से लोकप्रिय यूट्यूबर गौरव चौधरी और ‘एडलवाइस म्यूचुअल फंड' की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राधिका गुप्ता ने छात्रों के साथ ये मंत्र साझा किए। ‘परीक्षा पे चर्चा' एक वार्षिक कार्यक्रम है, जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोर्ड परीक्षाएं देने वाले छात्रों के साथ बातचीत करते हैं। इस बार पारंपरिक ‘टाउन हॉल' प्रारूप से हटकर प्रधानमंत्री ने छात्रों को दिल्ली के प्रसिद्ध सुंदर नर्सरी में आमंत्रित किया और बोर्ड परीक्षा से पहले उनसे अनौपचारिक माहौल में बातचीत की। चौधरी ने छात्रों से कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी के गुलाम नहीं, बल्कि मालिक बनना सीखें। प्रौद्योगिकी को आपको संबल बनाने की भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन प्राथमिकता आपकी अपनी बुद्धिमत्ता, कुशाग्रता और रचनात्मकता को मिलनी चाहिए।'' गुप्ता ने ‘फ्लॉपी डिस्क' के युग से लेकर अब तक हुए प्रौद्योगिकी के विकास के बारे में किस्से साझा करते हुए कहा कि आज एआई एक अच्छे अध्ययन सहयोगी की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इसका उपयोग बुद्धिमानी से किया जाना चाहिए। एआई आपको ज्ञान, बुद्धिमत्ता एवं विस्तृत विश्लेषण मुहैया करा सकती है लेकिन बुनियादी अवधारणाएं आपकी होनी चाहिए। यदि आप इनके बारे में पूरी तरह से जानते हैं तो आप एआई का बुद्धिमानी से उपयोग कर पाएंगे।'' दोनों अतिथियों ने छात्रों के साथ लोकप्रिय खेल ‘डंब शराड' (मौन रहकर अभिनय करते हुए अपनी बात समझाने वाला खेल) पर आधारित खेल ‘एआई शराड' भी खेला और छात्रों को एआई का उपयोग करके कुछ प्रसिद्ध हस्तियों के नाम लिए बिना उनके चित्र बनाने के लिए कहा गया। गुप्ता ने छात्रों को निर्देश दिया कि वे एआई की मदद भले ही लें लेकिन अपने निर्णय स्वयं लें।
उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, यदि आप यह तय करना चाहते हैं कि आपको उच्च शिक्षा के दौरान पढ़ाई के लिए कौन से विषय चुनने हैं- मानविकी एवं विज्ञान, तो एआई आपको विस्तृत विश्लेषण मुहैया करा सकता है जिससे आपको निर्णय लेने में मदद मिल सकती है लेकिन निर्णय आपका होना चाहिए।'' इस वर्ष ‘परीक्षा पे चर्चा' के विभिन्न ‘एपिसोड' में मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम और आध्यात्मिक नेता सद्गुरु समेत कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने जीवन और शिक्षा से जुड़े प्रमुख पहलुओं पर अपने अनुभव छात्रों के साथ साझा किये। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने बुधवार को प्रसारित कार्यक्रम में स्कूली छात्रों से बातचीत करते हुये कहा कि अपने तनाव के कारणों की पहचान करें और उसे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ साझा करें जिस पर वह भरोसा कर सकें। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 फरवरी को ‘एसओयूएल लीडरशिप कॉन्क्लेव' के पहले संस्करण का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप' (एसओयूएल) द्वारा किया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम में राजनीति, खेल, कला एवं मीडिया, सार्वजनिक नीति, व्यापार, सामाजिक क्षेत्र और आध्यात्मिक दुनिया के दिग्गज अपनी व्यक्तिगत नेतृत्व यात्रा के बारे में बात करने के साथ ही विचारकों की नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए परिवर्तनकारी अनुभवों को साझा करने के वास्ते एक मंच पर आएंगे। सम्मेलन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास, ब्रह्मकुमारी की आध्यात्मिक नेता बी के शिवानी, शतरंज के विश्व चैंपियन डी. गुकेश, पीरामल समूह के प्रमुख अजय पीरामल और भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल जैसे वक्ता शामिल होंगे।
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- सदन की प्रवर समिति को भेजने का अनुरोध किया
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आयकर विधेयक, 2025 पेश किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इसे सदन की प्रवर समिति को भेजने का अनुरोध किया। सदन में विधेयक पेश किए जाने का तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय समेत कुछ विपक्षी सदस्यों ने विरोध किया। लेकिन सदन ने ध्वनिमत से इसे पेश करने की मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सात फरवरी को नये आयकर विधेयक को मंजूरी दी थी, जो छह दशक पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा। वित्त मंत्री ने सदस्यों की आपत्तियों के बीच विधेयक सदन में प्रस्तुत किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इसे सदन की प्रवर समिति को भेजने का अनुरोध किया। समिति अगले सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सीतारमण ने अध्यक्ष से प्रस्तावित समिति के गठन और नियमों पर भी निर्णय लेने का आग्रह किया।
विधेयक पेश किये जाने पर कुछ विपक्षी सदस्यों के ऐतराज पर वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन के प्रेमचंद्रन ने ये बात गलत कही है कि नये विधेयक में मौजूदा आयकर कानून की तुलना में अधिक धाराएं हैं। उन्होंने कहा कि 1961 में पारित मौजूदा कानून में कुछ ही धाराएं थीं और इतने सालों में इसमें किए गए बदलावों के बाद अब इसमें 819 धाराएं हैं। सीतारमण ने कहा कि प्रस्तावित नए कानून में केवल 536 धाराएं हैं। वित्त मंत्री ने विधेयक पेश किए जाने के विरोध में तृणमूल कांग्रेस सदस्य सौगत राय की दलील को भी खारिज कर दिया। नया विधेयक प्रत्यक्ष कर कानून को समझने में आसान बनाने और कोई नया कर बोझ नहीं डालने की एक कवायद है। इसमें प्रावधान और स्पष्टीकरण या कठिन वाक्य नहीं होंगे। नए विधेयक की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को अपने बजट भाषण में की थी। छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेने वाला नया आयकर विधेयक प्रत्यक्ष कर कानूनों को पढ़ने-समझने में आसान बनाएगा, अस्पष्टता दूर करेगा और मुकदमेबाजी को कम करेगा। नया अधिनियम उन सभी संशोधनों और धाराओं से मुक्त होगा जो अब प्रासंगिक नहीं हैं। साथ ही इसकी भाषा ऐसी होगी कि लोग इसे कर विशेषज्ञों की सहायता के बिना समझ सकेंगे। -
अयोध्या .अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के दिवंगत मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास को बृहस्पतिवार की शाम जल समाधि दी गयी। आचार्य सत्येंद्र दास के पार्थिव शरीर को पालकी में रखकर उनके निवास स्थान से सरयू नदी के तट पर ले जाया गया, जहां तुलसीदास घाट पर उन्हें जल समाधि दी गयी। इससे पहले दोपहर बाद सत्येंद्र दास के पार्थिव शरीर को रथ पर रखकर नगर भ्रमण कराया गया। उनके उत्तराधिकारी प्रदीप दास ने सुबह बताया था कि रामानंदी संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार दास को जल समाधि दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि उनके पार्थिव शरीर को हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा था, तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आचार्य सत्येंद्र दास की अंतिम यात्रा जल्द शुरू होगी।'' प्रदीप दास ने बताया था कि जल समाधि के तहत शव को नदी के बीच में प्रवाहित करने से पहले उसके साथ भारी पत्थर बांधे जाते हैं। रामानंदी संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार, जल समाधि देने से पहले रामलला के मुख्य पुजारी के पार्थिव शरीर को जुलूस के रूप में घुमाया गया, ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। अयोध्या नगरी का भ्रमण कराते हुए सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पर पहुंचा, फिर पालकी में रखकर नदी में ले जाया गया। जल समाधि से पहले उनके पार्थिव शरीर को हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि के दर्शन के लिए ले जाया गया। बैंड-बाजों के साथ सत्येंद्र दास की अंतिम यात्रा शुरू हुई। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी। मुख्य पुजारी के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग सरयू तट पर खड़े थे। फैजाबाद/अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने जल समाधि से पहले आचार्य सत्येंद्र दास को श्रद्धांजलि दी। सत्येंद्र दास (85) को इस महीने की शुरुआत में मस्तिष्काघात के बाद संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उनका निधन हो गया। अस्पताल के अनुसार, उन्हें तीन फरवरी को मस्तिष्काघात के बाद गंभीर हालत में ‘न्यूरोलॉजी वार्ड' के ‘एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट)' में भर्ती कराया गया था। सत्येंद्र दास ने 20 वर्ष की आयु में ‘संन्यास' ले लिया था। उन्होंने छह दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस के दौरान भी पुजारी के रूप में सेवा की थी। बाद में जब सरकार ने परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया, तो उन्हें अस्थायी मंदिर का मुख्य पुजारी बना दिया गया। सत्येंद्र दास ने 2022 में कहा था कि वह 1992 में अस्थायी रामलला मंदिर के पुजारी के रूप में शामिल हुए थे। उसी वर्ष बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था। सत्येंद्र दास से जब पूछा गया था कि क्या मस्जिद गिराए जाने के समय वह मौजूद थे, तो उन्होंने कहा था, ‘‘मैं वहां था। यह मेरे सामने हुआ। मैं इसका गवाह था। तीन गुंबदों में से उत्तरी और दक्षिणी गुंबदों को ‘कार सेवकों' ने ध्वस्त कर दिया था। मैंने रामलला को उनके सिंहासन के साथ अपने हाथ में ले लिया।'' उन्होंने कहा था, ‘‘बाद में ‘कार सेवकों' ने एक तंबू लगाया और उस स्थान को समतल कर दिया तथा शाम सात बजे तक मैंने रामलला को वहीं स्थापित कर दिया।'' निर्वाणी अखाड़े से आने वाले सत्येंद्र दास अयोध्या के सबसे सुलभ संतों में से एक थे और अयोध्या एवं राम मंदिर के घटनाक्रमों के बारे में जानकारी चाहने वाले देश भर के कई मीडियाकर्मियों के लिए संपर्क व्यक्ति थे। छह दिसंबर, 1992 को जब बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था, तब उन्हें मुख्य पुजारी के रूप में सेवा करते हुए मुश्किल से नौ महीने हुए थे।
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प्रयागराज: । केंद्र और यूपी सरकार ने मिलकर महाकुंभ-2025 को अद्वितीय, अविस्मरणीय व अभूतपूर्व बना दिया है। इसमें माघ पूर्णिमा तक का स्नान संपन्न हो चुका है। इसके बाद फाल्गुन मास में भी त्रिवेणी तट पर संस्कृति, पर्यावरण व बर्ड फेस्टिवल का ‘संगम’ होगा। एक तरफ यहां त्रिवेणी, सरस्वती व यमुना पंडाल पर शुक्रवार से सांस्कृतिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी तो वहीं 16 फरवरी को जलवायु सम्मेलन होगा।
इस दिन से ही त्रिदिवसीय बर्ड फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा। गंगा पंडाल पर गुरुवार से सांस्कृतिक आयोजन प्रारंभ हो गए। महाकुंभ के मुख्य पंडाल ‘गंगा’ में अभी बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर, मोहित चौहान, कविता सेठ, नवदीप वडाली सरीखे कलाकारों के सुगम संगीत से श्रोता दो-चार होंगे।माघ पूर्णिमा स्नान के उपरांत फाल्गुन मास में भी सुरमई सांझ में श्रोता-दर्शक भारतीय संस्कृति का दीदार करेंगे। गंगा पंडाल पर गुरुवार से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हो गए, जबकि शुक्रवार से त्रिवेणी, यमुना व सरस्वती पंडाल पर कार्यक्रम शुरू होंगे। महाकुंभ की अवधि के दौरान कैलाश खेर, मोहित चौहान, सुचेता भिड़े, कविता सेठ, नितिन मुकेश सरीखे नामचीन कलाकारों की भी प्रस्तुति होगी। इस दौरान शास्त्रीय संगीत, वायलिन, तबला, बांसुरी वादन, ध्रुपद गायन, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कथक, ओडिसी नृत्य आदि विधा के कलाकार महाकुंभ में अपनी प्रतिभा बिखेरेंगे।आस्था के साथ ही महाकुंभ प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण होगा। सीएम योगी के निर्देश पर श्रद्धालुओं के लिए ईको टूरिज्म का विशेष प्लान भी बनाया गया है। 16 से 18 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल भी होगा, जिसमें लगभग 200 प्रजातियों के पक्षियों का महाकुंभ भी होगा। इसमें लुप्तप्राय इंडियन स्कीमर, फ्लेमिंगो और साइबेरियन क्रेन आदि का दीदार कर सकेंगे। यहां साइबेरिया, मंगोलिया, अफगानिस्तान समेत लगभग एक दर्जन से अधिक देशों से साइबेरियन पक्षियों का भी दीदार होगा।फेस्टिवल के दौरान फोटोग्राफी, पेंटिंग, नारा लेखन, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी समेत अनेक प्रतियोगिताएं होंगी, जिनके विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल भारतीय संस्कृति, प्रकृति प्रेम व वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अनूठा मिश्रण होगा।यूपी के पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन विभाग की तरफ से महाकुंभ में ‘आस्था व जलवायु परिवर्तन’ पर जलवायु सम्मेलन भी होगा। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटना और जलवायु सुधार को लेकर प्रेरित करना है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिरकत करेंगे। साथ ही धर्मगुरु, पर्यावरणविद, अनेक सामाजिक संगठन, उद्योग व व्यापार जगत के साथ ही गणमान्य नागरिक भी हिस्सा लेंगे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा के दूसरे चरण में आज गुरुवार तड़के फ्रांस के बाद अमेरिका पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन डीसी के हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग शामिल रहे।
बर्फबारी और भीषण ठंड के बीच पीएम मोदी के स्वागत में खड़े नजर आए लोगएयरपोर्ट के बाद प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति के ब्लेयर हाउस रवाना हुए जहां बर्फबारी और भीषण ठंड के बीच उनके स्वागत और उनकी एक झलक पाने के लिए कई घंटों से भारतीय समुदाय के लोग वहां मौजूद थे। पीएम मोदी जैसे ही वहां पहुंचे उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।पीएम मोदी ने हाथ मिलाकर सभी का अभिवादन कियालोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘मोदी है तो मुमकिन है’, ‘वंदे मातरम’ जैसे नारे लगाए। पीएम मोदी ने हाथ मिलाकर सभी का अभिवादन किया। गौरतलब हो, पीएम मोदी की यात्रा भारत-अमेरिका के बीच आपसी साझेदारी के महत्व को रेखांकित करती है। पीएम मोदी अमेरिका में व्यापार जगत की हस्तियों से मुलाकात करेंगे, साथ ही भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। ऐसे में अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय में नरेंद्र मोदी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कैंसर के इलाज में सफलता के लिए सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रोकथाम, जांच, निदान और इलाज का एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने से कैंसर के प्रभाव को कम किया जा सकता है। गौरतलब है कि कैंसर आज दुनिया भर में मृत्यु का एक प्रमुख कारण बन गया है। वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर 2 करोड़ नए कैंसर मामले दर्ज किए गए और 97 लाख लोगों की इस बीमारी से मौत हो गई। भारत में भी यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है जहां हर 1 लाख में से 100 लोग कैंसर से पीड़ित पाए जाते हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के मुताबिक 2023 में देश में 14 लाख से अधिक कैंसर के नए मामले दर्ज किए गए।
केंद्र सरकार ने कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान, बेहतर इलाज और रोगियों की देखभाल के लिए कई नीतियां और योजनाएं लागू की हैं। आईसीएमआर की राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के तहत (NCRP) 1982 से कैंसर के मामलों और रुझानों पर नजर रख रहा है जिससे नीतियां बनाने में मदद मिलती है। इसके अलावा, राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान (NICPR) कैंसर स्क्रीनिंग और उपचार के लिए दिशानिर्देश तैयार करता है।वहीं केंद्रीय बजट 2025-26 में कैंसर देखभाल को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए ₹99,858.56 करोड़ आवंटित किए हैं, जिसमें ₹95,957.87 करोड़ स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग और ₹3,900.69 करोड़ स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग को दिए गए हैं। बजट में डे-केयर कैंसर सेंटर खोलने, कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी छूट और इलाज को सुलभ बनाने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र स्थापित करेगी जिनमें से 200 केंद्र 2025-26 में खुलेंगे। इसके अलावा 36 जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से पूरी तरह छूट दी गई है और छह महत्वपूर्ण कैंसर दवाओं पर 5% रियायती कस्टम ड्यूटी लागू की गई है।कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPCDCS) के तहत तीन मुख्य मुंह, स्तन और सर्विकल कैंसर की जांच और रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत सामुदायिक स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा जल्दी पहचान और इलाज की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इस योजना के तहत अब तक 770 जिला एनसीडी क्लीनिक, 233 कार्डिएक केयर यूनिट, 372 जिला डे-केयर सेंटर और 6,410 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एनसीडी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।भारत में कैंसर के इलाज को सुलभ और किफायती बनाने के लिए 19 राज्य कैंसर संस्थान (SCI) और 20 टर्शियरी कैंसर देखभाल केंद्र (TCCC) खोले गए हैं। हरियाणा में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (NCI) और कोलकाता में चित्तरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (CNCI) अत्याधुनिक कैंसर उपचार प्रदान कर रहे हैं।वहीं आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) के तहत गरीब और ग्रामीण परिवारों को मुफ्त कैंसर उपचार की सुविधा दी जाती है। 2024 तक 90 फीसदी पंजीकृत कैंसर रोगियों को इस योजना के तहत इलाज मिल चुका है। इस योजना में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी का खर्च शामिल है। इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्री कैंसर रोगी सहायता कोष (HMCPF) के तहत ₹5 लाख तक की वित्तीय सहायता भी दी जाती है और गंभीर मामलों में यह सहायता ₹15 लाख तक बढ़ाई जा सकती है।सरकार ने राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड (NCG) 2012 में स्थापित किया था और अब यह दुनिया का सबसे बड़ा कैंसर नेटवर्क बन गया है जिसमें 287 अस्पताल, अनुसंधान केंद्र और गैर-लाभकारी संस्थाएं शामिल हैं। इस नेटवर्क के तहत हर साल 7.5 लाख से अधिक नए कैंसर मरीजों का इलाज किया जाता है जो भारत के कुल कैंसर रोगियों की 60 फीसदी से अधिक है।भारत कैंसर अनुसंधान में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अप्रैल 2024 में IIT बॉम्बे, टाटा मेमोरियल सेंटर और इम्यूनों एक्ट के सहयोग से NexCAR19 भारत की पहली स्वदेशी CAR-T सेल थेरेपी लॉन्च की गई। यह तकनीक रक्त कैंसर के इलाज में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है और महंगे विदेशी उपचारों पर निर्भरता को कम करेगी।वहीं सितंबर 2024 में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने मिलकर “क्वाड कैंसर मूनशॉट” पहल शुरुआत की जिसका लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सर्विकल कैंसर को खत्म करना है। जनवरी 2025 में टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC) ने एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन इन कैंसर (ACTREC) का विस्तार किया जिसका उद्देश्य कैंसर अनुसंधान और उपचार में नई खोजों को बढ़ावा देना है।इसके अलावा सरकार कैंसर जागरूकता बढ़ाने के लिए भी कई कार्यक्रम चला रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य अभियान, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए कैंसर जागरूकता अभियान और ईट राइट इंडिया व फिट इंडिया मूवमेंट जैसी पहलें चलाई जा रही हैं। -
नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर में शीत लहर की स्थिति जारी है, श्रीनगर और कई अन्य शहरों में मौसम खराब है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार श्रीनगर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ तापमान कम रहा। आईएमडी ने कहा कि श्रीनगर में अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
इन मौसम स्थितियों के बीच डल झील से शांत दृश्य उभरे, जिसमें लोग सर्दियों के मौसम का आनंद ले रहे थे। आईएमडी के अनुसार, गुलमर्ग, पहलगाम और कुपवाड़ा सहित कई शहरों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे रहेगा। सोमवार को बर्फ की मोटी चादर और गिरते तापमान के बीच, भारतीय सेना के जवानों ने क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ऊपरी इलाकों में गश्त अभियान चलाया।आपको बता दें, 9 फरवरी को डोडा जिले में जिला प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘लाल द्रमन विंटर फेस्टिवल-2025’ ने संस्कृति, रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता के इस उत्सव को देखने के लिए पर्यटकों, स्थानीय लोगों, अधिकारियों और मीडिया सहित हजारों आगंतुकों को आकर्षित किया।जम्मू-कश्मीर के सुरम्य डोडा जिले में एक शांत घास का मैदान लाल द्रमन बहुप्रतीक्षित शीतकालीन त्योहार के साथ जीवंत हो उठा।यह कार्यक्रम कुपवाड़ा जिले की लोलाब घाटी की सुंदरता और जीवंत संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए हजारों विजिटर्स और स्थानीय लोगों को एक साथ लाया। इस त्योहार का उद्देश्य सर्दियों के मौसम का जश्न मनाना और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना था। इस दौरान कई उत्साहजनक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। दरअसल यह क्षेत्र हाल ही में चिल्लई कलां की चरम और कठोर मौसम स्थितियों से गुजरा है। यह 21 दिसंबर को शुरू हुआ और 31 जनवरी को समाप्त हुआ। यह वह अवधि है जब शून्य से नीचे तापमान, जमे हुए जल निकायों और ठंढ और बर्फ से ढके परिदृश्यों दिखाई देते हैं। इस क्षेत्र में आमतौर पर भारी बर्फबारी होती है, जिससे दैनिक जीवन बाधित होता है। इस समय के दौरान तापमान अक्सर बेहद निचले स्तर तक गिर जाता है, जिससे श्रीनगर में प्रसिद्ध डल झील के कुछ हिस्सों सहित जल निकाय जम जाते हैं। - महाकुंभ नगर. क्रीड़ा भारती और टीवाईसी द्वारा आयोजित 'खेल महाकुंभ' के सातवें दिन बुधवार को ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज मैरीकॉम भी शामिल हुईं। खेल संवाद संगम के संवाद सत्र में चर्चा करते हुये पूर्व राज्यसभा सदस्य और कई बार विश्व विजेता रहीं महिला मुक्केबाज मैरीकॉम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों को बहुत समर्थन दिया है, अब पदक लाने की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों की है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार मैरीकॉम ने कहा, "मैं बचपन में हर खेल खेलती थी, तब मुझे मुक्केबाजी के बारे में पता ही नहीं था। अभाव में बचपन बीता, सिर्फ चावल खाकर बचपन बीता, लेकिन खेल के प्रति जुनून जारी रहा।” उन्होंने कहा, “ मुक्केबाजी का अभ्यास बाद में जब शुरू हुआ तो ठान लिया कि शीर्ष तक जाना है। युवा खिलाड़ियों से भी कहना चाहती हूं कि जो भी करो बस एक जगह ध्यान केंद्रित करके पूरा मन लगाकर काम करो, अपने मन को मजबूत रखो, अनुशासन में रहो और जुनून जिंदा रखो, जीत तुम्हारी होगी।" उन्होंने कहा, "क्रिकेट की तरह बाकी खेलों को भी लोकप्रियता मिलनी चाहिए। 30 से ज्यादा देशों के साथ खेल कर मैं विश्व चैंपियन रही, उसके बाद भी महिला मुक्केबाजी को इतनी बड़ी पहचान नहीं मिल पाई, इसका मलाल है।" मैरीकॉम ने कहा , "शादी और बच्चे होने के बाद मैं सिर्फ और बेहतर करने की सोच तथा पदक की भूख की वजह से वापस और मजबूती के साथ मुक्केबाजी में आई।" बृहस्पतिवार को प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश यादव कार्यक्रम का समापन करेंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में ओडिशा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुकांता कुमार पाणिग्रहि और पतंजलि के संपर्क प्रमुख बजरंग देव जी मौजूद रहे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्लैगशिप प्रोग्राम ‘परीक्षा पे चर्चा’ की लोकप्रियता देश में तेजी से बढ़ती जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत अब इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स टेक्नोलॉजी और गैजेट्स की भूमिकाओं पर छात्रों से चर्चा करेंगे।
‘परीक्षा पे चर्चा’ के गुरुवार को आने वाले एपिसोड में एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट गौरव चौधरी छात्रों को गाइड करेंगे कि कैसे टेक्नोलॉजी को पढ़ाई में सहायक के रूप में उपयोग किया जा सकता है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी, परीक्षा के दौरान गैजेट्स की भूमिका, छात्रों के बीच अधिक स्क्रीन समय जैसे विषय छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के सामने आने वाली सबसे बड़ी दुविधाओं में से एक हैं।प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 13 फरवरी को गौरव चौधरी और राधिका गुप्ता ‘परीक्षा पे चर्चा’ के तहत इस मुद्दे पर छात्रों से बातचीत करेंगे।सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने परीक्षा के दौरान टेक्नोलॉजी और गैजेट की भूमिका पर आगामी एपिसोड के बारे में एक्स पर पोस्ट भी किया है।मंत्रालय ने पोस्ट किया, “13 फरवरी को सुबह 10 बजे परीक्षा पे चर्चा के इस टेक और एआई संस्करण के लिए ट्यून इन करें।”प्रधानमंत्री मोदी ने 10 फरवरी को दिल्ली में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के आठवें संस्करण का शुभारंभ किया, पहले एपिसोड के दौरान ‘सुंदर नर्सरी’ में छात्रों के साथ बातचीत की। ‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ के दौरान, पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि टेक्नोलॉजी सीखने का एक शक्तिशाली उपकरण है और छात्रों को इससे विचलित होने के बजाय इसका प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए।उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे टेक्नोलॉजी से न भागें, बल्कि अपनी परीक्षा की तैयारी को बढ़ाने के लिए इसका बुद्धिमानी से उपयोग करें।प्रधानमंत्री ने छात्रों से अनावश्यक स्क्रीन टाइम की सीमा निर्धारित करने और डिजिटल जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया, जो उनके शैक्षणिक विकास में योगदान देता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस की दो दिन की अपनी यात्रा समाप्त कर अमेरिका के लिए रवाना हो गए। यूरोपीय देश में एक बार फिर उनकी ‘गिफ्ट डिप्लोमेसी’ की खूब चर्चा है। इस तरह से वह दूसरे देशों के लोगों को भारतीय संस्कृति और शिल्प से जोड़ने का प्रयास करते हैं। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी को खास उपहार दिए। उन्होंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस से मुलाकात के दौरान उनके बच्चों के लिए भी तोहफे दिए।
फ्रांस के राष्ट्रपति और अमेरिकी गणमान्य व्यक्तियों को दिए गए विशेष उपहार निम्नलिखित हैं–फ्रांसीसी राष्ट्रपति को उपहार – जड़े हुए पत्थरों के साथ डोकरा कलाकृति संगीतकारजिसमें वाद्ययंत्र बजाती महिलाओं की दो मूर्तियां हैं। प्रतिष्ठित डोकरा कला छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख धातु-ढलाई परंपरा है, जो प्राचीन मोम तकनीक का उपयोग करके बनाई जाती है। इस कलाकृति में पारंपरिक संगीतकारों को वाद्य यंत्र बजाते दिखाया गया है, जो संगीत के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालती है। पीतल और तांबे से बनी इस कलाकृति में बारीक कारीगरी है, जो कारीगरों के गहरे कौशल और समर्पण को दर्शाती है। सजावट के अलावा, यह डोकरा कलाकृति भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।पीतल और तांबे से बने इस पीस में बारीक विवरण है और कंट्रास्ट के लिए इसे लैपिस लाजुली और कोरल से सजाया गया है। श्रम-गहन ढलाई प्रक्रिया कारीगरों के गहन कौशल और समर्पण को दर्शाती है। सिर्फ़ सजावट से कहीं ज़्यादा, यह डोकरा पीस भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, जो आदिवासी परंपराओं और कलात्मक उत्कृष्टता का जश्न मनाता है।–फ्रांस की प्रथम महिला को उपहार — फूलों और मोर की आकृति वाला शानदार चांदी का हाथ से उकेरा हुआ टेबल मिररराजस्थान का यह उत्कृष्ट चांदी का हैंड-इंजीनियर टेबल मिरर उत्कृष्ट शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। इसके सिल्वर फ्रेम में फूलों और मोर को दर्शाया गया है, जो सुंदरता-प्रकृति का प्रतीक है। एक शानदार चमक के लिए इस पर पॉलिश की गई है, यह टेबल मिरर राजस्थान की धातुकला की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है। कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किया गया यह मिरर एक कार्यात्मक और सजावटी विरासत दोनों के रूप में काम करता है, जो कालातीत लालित्य और कलात्मक उत्कृष्टता को दर्शाता है।–यू.एस. उपराष्ट्रपति के बेटे विवेक वेंस को उपहार — लकड़ी का रेलवे खिलौना सेटयह लकड़ी का रेलवे खिलौना एक कालातीत क्लासिक है, जो पुरानी यादों को स्थिरता के साथ जोड़ता है। प्राकृतिक लकड़ी से तैयार और पर्यावरण के अनुकूल वनस्पति रंगों से रंगा गया, यह बच्चों की सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता सुनिश्चित करता है।पौधों, जड़ों और फूलों से प्राप्त रंग, पीले (हल्दी), लाल (चुकंदर), नीले (नील) और हरे (पालक या नीम) सहित एक नरम, मिट्टी के रंग पैलेट बनाते हैं। भारत की समृद्ध लकड़ी के खिलौने बनाने की परंपरा को दर्शाते हुए, यह हस्तनिर्मित टुकड़ा रचनात्मकता, विरासत और पर्यावरण के अनुकूल शिल्प कौशल का प्रतीक है।–यू.एस. उपराष्ट्रपति के बेटे इवान ब्लेन वेंस को उपहार — भारतीय लोक चित्रों पर आधारित जिगसॉ पजलयह जिगसॉ पहेली विभिन्न लोक चित्रकला शैलियों को प्रदर्शित करके भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत का जश्न मनाती है।पश्चिम बंगाल की कालीघाट पट पेंटिंग बोल्ड आउटलाइन, जीवंत रंगों और देवताओं, मिथकों और सामाजिक विषयों के चित्रण के लिए जानी जाती है।संथाल जनजाति द्वारा बनाई गई संथाल पेंटिंग, आदिवासी जीवन, रीति-रिवाजों और प्रकृति को चित्रित करने के लिए मिट्टी के रंगों और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करती है।बिहार की मधुबनी पेंटिंग की विशेषता जटिल पैटर्न, चमकीले रंग और पौराणिक या प्रकृति से प्रेरित रूपांकनों से है।प्रत्येक शैली भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की एक अनूठी झलक पेश करती है, जो इस पहेली को एक कलात्मक और शैक्षिक अनुभव बनाती है।–यू.एस. उपराष्ट्रपति की बेटी मीराबेल रोज वेंस को उपहार – एल्फाबेट सेटयह एक टिकाऊ, सुरक्षित और आकर्षक शिक्षण उपकरण है, जो मोटर स्किल्स और संज्ञानात्मक क्षमताओं को बढ़ाता है। प्लास्टिक के विकल्पों के विपरीत, यह हानिकारक रसायनों से मुक्त है और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है।हाथों से सीखने के लिए डिजाइन किया गया, यह इंटरैक्टिव गतिविधियों को बढ़ावा देता है, जिससे यह पढ़ने और भाषा के विकास के लिए आजीवन प्यार को बढ़ावा देते हुए किसी भी खेल के कमरे या कक्षा में एक मूल्यवान वस्तु बन जाता है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा के पिता गिरीश बत्रा का यहां दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया । मनिका के पिता का मंगलवार को निधन हुआ और उसी दिन इंदरपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया । उनकी प्रार्थना सभा बृहस्पतिवार को रखी गई है । मनिका भारत की शीर्ष महिला एकल खिलाड़ियों में से है । उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में महिला एकल और महिला टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता । उन्होंने महिला युगल में रजत और मिश्रित युगल में कांस्य भी जीता था । जकार्ता एशियाई खेल 2018 में उन्होंने मिश्रित युगल कांस्य जीता था ।
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नयी दिल्ली. आयकर प्रावधानों को सरल ढंग से पेश करने के लिए बनाए गए आयकर विधेयक, 2025 को बृहस्पतिवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। इस विधेयक में 'आकलन वर्ष' जैसी जटिल शब्दावली की जगह 'कर वर्ष' की संकल्पना रखी गई है। नए विधेयक में 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां हैं। यह सिर्फ 622 पृष्ठों पर अंकित है। इसमें कोई नया कर लगाने की बात नहीं की गई है। यह विधेयक मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की भाषा को सरल बनाता है। छह दशक पुराने मौजूदा कानून में 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां हैं। जब यह अधिनियम पेश किया गया था, तब इसमें 880 पृष्ठ थे। नया विधेयक आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने के इरादे से तैयार किया गया है। दरअसल पिछले 60 वर्षों में किए गए संशोधनों के कारण मौजूदा आयकर अधिनियम बहुत बड़ा हो गया है। नया आयकर कानून एक अप्रैल, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। नए विधेयक में अनुषंगी लाभ (फ्रिंज बेनेफिट) कर से संबंधित अनावश्यक धाराओं को हटा दिया गया है। विधेयक के 'स्पष्टीकरण या प्रावधानों' से मुक्त होने की वजह से इसे पढ़ना और समझना आसान हो जाता है। इसके साथ ही आयकर अधिनियम, 1961 में कई बार इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द 'बावजूद' को नए विधेयक में हटा दिया गया है और उसकी जगह पर लगभग हर जगह 'अपरिहार्य' शब्द का इस्तेमाल किया गया है। विधेयक में छोटे वाक्यों का उपयोग किया गया है और तालिकाओं एवं सूत्रों के उपयोग से इसे पढ़ने के अनुकूल बनाया गया है। टीडीएस, अनुमानित कराधान, वेतन और फंसे कर्ज के लिए कटौती से संबंधित प्रावधानों के लिए तालिकाएं दी गई हैं। नए विधेयक में 'करदाता चार्टर' भी दिया गया है जो करदाताओं के अधिकारों एवं दायित्वों को रेखांकित करता है। यह विधेयक आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित 'पिछले वर्ष' शब्द की जगह 'कर वर्ष' को रखा गया है। साथ ही, कर निर्धारण वर्ष की अवधारणा को भी खत्म कर दिया गया है। नया आयकर विधेयक, 2025 बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा जिसके बाद इसे आगे के विचार-विमर्श के लिए वित्त पर संसदीय स्थायी समिति के पास भेजा जाएगा। नए विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के ब्योरे में कहा गया है कि 1961 में पारित आयकर अधिनियम में 60 साल पहले पारित होने के बाद से कई संशोधन किए गए हैं। इन संशोधनों की वजह से आयकर अधिनियम की मूल संरचना पर अत्यधिक बोझ पड़ा है और भाषा जटिल हो गई है, जिससे करदाताओं के लिए अनुपालन की लागत बढ़ गई है और प्रत्यक्ष-कर प्रशासन की दक्षता में बाधा आ रही है। कर प्रशासकों, व्यवसायियों और करदाताओं ने आयकर अधिनियम के जटिल प्रावधानों और संरचना के बारे में चिंता जताई थी। इसे ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई 2024 के बजट में ऐलान किया था कि आयकर अधिनियम, 1961 की समयबद्ध व्यापक समीक्षा की जाएगी। उसी घोषणा के अनुरूप नए विधेयक का खाका तैयार किया गया है। आयकर विधेयक, 2025 में आयकर अधिनियम, 1961 को निरस्त करने और प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव है। नए विधेयक में 536 धाराएं शामिल हैं, जो मौजूदा कानून की 298 धाराओं से अधिक हैं। वहीं अनुसूचियों की संख्या 14 से बढ़कर 16 हो जाएगी। हालांकि अध्यायों की संख्या 23 पर ही स्थिर रखी गई है। आयकर विधेयक, 2025 में पृष्ठों की संख्या काफी कम करके 622 कर दी गई है, जो मौजूदा आयकर कानून का लगभग आधा है। प्रस्तावित आयकर कानून में कर विवादों को कम करने के लिए कर्मचारियों के स्टॉक विकल्प (ईएसओपी) मामले में कर व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है और इसमें अधिक स्पष्टता के लिए पिछले 60 वर्षों के न्यायिक निर्णय शामिल हैं। इसके साथ ही कुल आय का हिस्सा न बनने वाली आय को अब कानून सरल बनाने के लिए अनुसूचियों में डाल दिया गया है। नए आयकर कानून के प्रावधानों पर नांगिया एंडरसन एलएलपी में कर साझेदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि नए विधेयक में टीडीएस संबंधित सभी धाराओं को सरल तालिकाओं के साथ एक ही खंड में एक साथ रखा गया है। उन्होंने कहा, "इसका मतलब यह होगा कि इस विधेयक की अधिसूचना के बाद, रिपोर्टिंग उद्देश्यों के लिए फॉर्म में बहुत सारे बदलाव करने होंगे।" सीतारमण ने बजट 2025-26 में घोषणा की थी कि नया कर विधेयक संसद के चालू सत्र में पेश किया जाएगा। आयकर अधिनियम, 1961 की समीक्षा और अधिनियम को संक्षिप्त, स्पष्ट और समझने में आसान बनाने के लिए सीबीडीटी ने एक आंतरिक समिति का गठन किया था।
- जम्मू. जम्मू-कश्मीर सरकार ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले दोनों मार्गों पर आपदा संभावित क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की 14वीं उच्च स्तरीय समिति की बैठक में अनंतनाग और गांदरबल के उपायुक्तों को यह निर्देश दिए। अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर चर्चा के लिए सोमवार को यह बैठक आयोजित की गई थी।अमरनाथ गुफा में स्थित प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए पिछले साल 5.12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अनंतनाग जिले में 48 किमी लंबे परंपरागत नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में बालटाल मार्ग पर आपदा संभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए और इन क्षेत्रों में तंबू (टेंट) न लगाया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग को जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर यात्रियों की सुरक्षा के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित उपायुक्तों को सेवा प्रदाताओं के सहयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं और यात्रा प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए उपयुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। मुख्य सचिव ने सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्युत विकास विभाग, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, आवास और शहरी विकास विभाग, सीमा सड़क संगठन और दूरसंचार विभाग को आवश्यक निविदाएं और अनुबंध संबंधी प्रक्रियाएं अगले महीने तक पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों से यात्रा के लिए बजट आवश्यकताओं की समीक्षा भी की।बैठक में यात्रा मार्ग पर अस्पतालों और अन्य चिकित्सा सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
- नयी दिल्ली, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के लिए भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई) में भारत 180 देशों में 96वें स्थान पर है, क्योंकि इसका समग्र स्कोर एक अंक गिरकर 38 हो गया है। यह सूचकांक, सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के कथित स्तर के आधार पर 180 देशों और क्षेत्रों की रैंकिंग करता है। इसमें शून्य से 100 के पैमाने का इस्तेमाल किया जाता है, जहां ‘‘शून्य'' का अर्थ अत्यधिक भ्रष्ट और ‘‘100'' का मतलब साफ-सुथरी व्यवस्था है। भारत का कुल स्कोर 2024 में 38 था, जबकि 2023 में यह 39 और 2022 में 40 था। वर्ष 2023 में भारत की रैंकिंग 93 थी। भारत के पड़ोसी देशों में पाकिस्तान (135) और श्रीलंका (121) निचले पायदान पर हैं, जबकि बांग्लादेश की रैंकिंग और नीचे 149 पर है। चीन 76वें स्थान पर है। सबसे कम भ्रष्ट राष्ट्रों की सूची में डेनमार्क शीर्ष पर है, उसके बाद फिनलैंड और सिंगापुर का स्थान है। सूचकांक ने दिखाया कि भ्रष्टाचार दुनिया के हर हिस्से में एक गंभीर समस्या है, लेकिन कई देशों में बेहतरी के लिए बदलाव हो रहा है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि भ्रष्टाचार जलवायु कार्रवाई के लिए एक बड़ा खतरा है। यह उत्सर्जन को कम करने और वैश्विक तापमान के अपरिहार्य प्रभावों के अनुकूल होने में प्रगति को बाधित करता है। हालांकि, 2012 के बाद से 32 देशों ने अपने भ्रष्टाचार के स्तर में उल्लेखनीय कमी लायी है, फिर भी अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है, क्योंकि इसी अवधि के दौरान 148 देशों में भ्रष्टाचार स्थिर रहा है या उसकी स्थिति और खराब हो गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक औसत 43 वर्षों से स्थिर है, जबकि दो तिहाई से अधिक देशों का स्कोर 50 से नीचे है। अरबों लोग ऐसे देशों में रहते हैं, जहां भ्रष्टाचार जीवन को तबाह कर देता है और मानव अधिकारों को कमजोर करता है।
- लखनऊ ।अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का बुधवार को 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) अस्पताल में अंतिम सांस ली।आचार्य सत्येंद्र दास को 3 फरवरी को ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह न्यूरोलॉजी वार्ड के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में इलाज करा रहे थे। इसके अलावा, वह डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से भी पीड़ित थे। SGPGI अस्पताल ने कहा, “राम मंदिर अयोध्या के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास जी का आज निधन हो गया। उन्हें 3 फरवरी को स्ट्रोक के कारण गंभीर हालत में न्यूरोलॉजी वार्ड के HDU में भर्ती किया गया था।”आचार्य सत्येंद्र दास करीब 20 साल की उम्र से राम मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे।अयोध्या के आचार्य दास का अंतिम संस्कार गुरुवार को सरयू नदी के तट पर किया जाएगा। उनके शिष्य प्रदीप दास ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर फिलहाल लखनऊ से अयोध्या लाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे “अपूरणीय क्षति” बताया।

























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