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- नयी दिल्ली. ‘ऑपरेशन सिंदूर' पिछली आधी सदी में भारतीय सेना का सबसे व्यापक और बहु-आयामी सैन्य अभियान रहा जिसका उद्देश्य सीमा-पार आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाना था। इसने 2025 में भारत के समग्र सुरक्षा और रणनीतिक लक्ष्यों को नये सिरे से परिभाषित किया, जिससे यह रक्षा प्रतिष्ठान के लिए एक महत्वपूर्ण साल बन गया। भारत ने सात मई की तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ आतंकवादी शिविरों पर सटीक मिसाइल हमले किये, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गये। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गये थे। नयी दिल्ली की इस कार्रवाई को व्यापक रूप से आतंकवाद को समर्थन देने वाले पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए उसकी ‘‘राजनीतिक इच्छाशक्ति'' के प्रदर्शन के रूप में देखा गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत इस्लामाबाद द्वारा किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा। भारतीय सेना ने जिन आतंकी शिविरों को निशाना बनाया, उनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का मुख्यालय, मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा और सियालकोट के महमूना जोया, मुजफ्फरबाद के सवाई नाला और सैयद ना बिलाल, कोटली के गुलपुर और अब्बास, भीमबर के बरनाला और सरजल में स्थित आतंकी ढांचे शामिल थे। आतंकी ढांचे पर हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान को सूचित किया कि वह संघर्ष की स्थिति को बढ़ाना नहीं चाहता और उसका अभियान आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर चलाया गया था। लेकिन जैसे ही पाकिस्तान ने सैन्य जवाबी कार्रवाई शुरू की, भारत ने एकीकृत मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस) ग्रिड, एस-400 ट्रायम्फ मिसाइल प्रणाली, बराक-8 मिसाइल, आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों समेत कई हथियारों और सैन्य प्लेटफार्म का इस्तेमाल करके इसका बहुत मजबूती से जवाब दिया। भारतीय सेना ने कम से कम चार स्थानों पर स्थित रडारों, दो स्थानों पर स्थित कमान एवं नियंत्रण केंद्रों और दो हवाई अड्डों पर स्थित रनवे समेत कई महत्वपूर्ण पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाया। इस सैन्य अभियान ने व्यापक रूप से तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को उजागर किया और ड्रोन तथा ड्रोन रोधी प्रणालियों से युक्त नये युग के युद्ध की शुरुआत को प्रदर्शित किया। दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों के बीच ‘हॉटलाइन' पर हुई बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के साथ संघर्ष समाप्त हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 मई को कहा था, ‘‘हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य शिविरों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई को फिलहाल स्थगित कर दिया है। आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस मानदंड पर परखेंगे कि पाकिस्तान आगे किस तरह का रवैया अपनायेगा।'' आतंकवाद से निपटने के लिए भारत के नये दृष्टिकोण को विस्तार से बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा और नया दृष्टिकोण आतंकवाद को प्रायोजित करने वाली सरकार और आतंकवाद के साजिशकर्ताओं के बीच कोई भेद नहीं करेगा। मोदी ने कहा था, ‘‘यदि पाकिस्तान को अपना अस्तित्व बनाए रखना है, तो उसे अपने आतंकी ढांचे को नष्ट करना होगा। शांति का कोई और रास्ता नहीं है। भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है।'' ‘ऑपरेशन सिंदूर' को महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि इसने भारत की सैन्य और रणनीतिक शक्ति का प्रदर्शन किया। रक्षा मंत्रालय के एक विश्लेषण के अनुसार, इस बहु-आयामी अभियान के जरिये आतंकवादी खतरों को प्रभावी ढंग से बेअसर कर दिया गया, पाकिस्तानी आक्रामकता को रोका गया और आतंकवाद के प्रति भारत की कतई सहन नहीं करने की नीति को दृढ़ता से लागू किया। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने तीन अक्टूबर को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हमलों में एफ-16 जेट सहित कम से कम 12 पाकिस्तानी सैन्य विमान नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हुए। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष में विमान के नुकसान की बात 31 मई को स्वीकार की थी, लेकिन छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने के इस्लामाबाद के दावे को ‘‘बिल्कुल गलत'' बताया था। वर्ष 2025 के दौरान, लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा कर रही भारतीय सेना ने आक्रामक रुख अपनाया और सीमा के चीनी हिस्से पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए अपने समग्र निगरानी तंत्र को मजबूत किया। इस वर्ष भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर में और उसके आसपास अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखते हुए महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में अपनी रणनीतिक ताकत का विस्तार किया। एक महत्वपूर्ण घोषणा में, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने हाल में कहा था कि तीसरी स्वदेशी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी ‘अरिदमन' जल्द ही सेवा में शामिल की जाएगी क्योंकि यह परीक्षणों के अंतिम चरण में है। एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत भारत और फ्रांस ने अप्रैल में एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत' पर तैनाती के लिए 64,000 करोड़ रुपये (7 अरब यूरो) की लागत से 26 राफेल समुद्री जेट खरीदने का एक बड़ा सौदा हुआ। इस वर्ष रक्षा मंत्रालय ‘प्रोजेक्ट 75 इंडिया' के तहत लगभग 70,000 करोड़ रुपये की लागत से छह स्टील्थ पनडुब्बियों की खरीद की प्रक्रिया में तेजी लाया। दो महीने पहले, भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को विस्तार देने के लिए 10 साल के रक्षा ढांचागत समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें दोनों पक्षों ने एक स्वतंत्र और मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया था। इस वर्ष के दौरान, भारत ने ‘अग्नि' मिसाइलों समेत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हथियारों का सफलतापूर्वक परीक्षण भी किया। भारत ने अगस्त में 5,000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाली ‘अग्नि-5' मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। अग्नि-5 मिसाइल चीन के उत्तरी भाग समेत लगभग पूरे एशिया के साथ-साथ यूरोप के कुछ क्षेत्रों को भी अपनी मारक क्षमता के दायरे में ला सकती है।
- नई दिल्ली। डाक विभाग ने कुछ अंतरराष्ट्रीय पत्र डाक सेवाओं में बदलाव करने की घोषणा की है। इसके तहत खासकर उन सेवाओं में बदलाव किया गया है, जिनमें ट्रैकिंग की सुविधा नहीं है या बहुत कम है। इसके साथ ही ज्यादा बेहतर, भरोसेमंद और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।दुनिया भर में अपनाई जा रही अच्छी प्रक्रियाओं और यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) के फैसलों के अनुसार, डाक विभाग ने अंतरराष्ट्रीय पत्र डाक सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाया है। इसी के तहत 1 जनवरी, 2026 से विदेश भेजी जाने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय पत्र डाक सेवाओं को बंद किया जाएगा।इसमें रजिस्टर्ड स्मॉल पैकेट सेवा शामिल है।इसके तहत आउटवर्ड स्मॉल पैकेट सेवा आती है, जिसमें समुद्र, एसएएल या हवाई मार्ग से भेजे जाने वाले सामान वाले पत्र को शामिल किया जाता है। वहीं, सरफेस लेटर मेल सेवा तथा सरफेस एयर लिफ्टेड (एसएएल) लेटर मेल सेवा को भी बंद किया गया है, जो बाहर भेजे जाने वाले पत्रों के लिए थीं। संचार मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि स्मॉल पैकेट सेवाओं में ट्रैकिंग की सुविधा बहुत कम या बिल्कुल नहीं होती, डिलीवरी में ज्यादा समय लगता है, दूसरे देशों में कस्टम और सुरक्षा नियम सख्त हो गए हैं और कई विदेशी डाक विभाग ऐसे पैकेट स्वीकार नहीं कर रहे हैं।मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह बदलाव सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए किया गया है और इससे निर्यातकों या ग्राहकों के विकल्पों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इन बदलावों के बाद केवल दस्तावेजों के लिए रजिस्ट्रेशन सुविधा जारी रहेगी, जो हवाई मार्ग से भेजे जाएंगे। इनमें पत्र, पोस्टकार्ड, प्रिंटेड पेपर, एरोग्राम, ब्लाइंड लिटरेचर और एम-बैग शामिल हैं।डाक विभाग ने बताया कि ब्लाइंड लिटरेचर और एम-बैग से जुड़े यूपीयू के नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे। नेत्रहीन व्यक्ति या उनके संगठनों को भेजी जाने वाली ब्लाइंड लिटरेचर पर डाक शुल्क नहीं लगेगा, केवल हवाई शुल्क लग सकता है, और वह भी गंतव्य देश के नियमों के अनुसार। एम-बैग पर भी यूपीयू के नियम लागू रहेंगे, जिनमें वजन सीमा और देश के अनुसार स्वीकार करने की शर्तें शामिल हैं।निर्यातकों, एमएसएमई और आम ग्राहकों की मदद के लिए डाक विभाग पहले से ही विदेश में सामान भेजने के लिए भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध करा रहा है। ग्राहकों को इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट सर्विस (आईआईपीएस) और अन्य अंतरराष्ट्रीय पार्सल सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर स्थित रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये वर्षगांठ हमारी आस्था और संस्कारों का एक दिव्य उत्सव है। भगवान श्री राम की असीम कृपा और आशीर्वाद से असंख्य रामभक्तों का पांच सदियों का संकल्प साकार हुआ है।पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा कि आज रामलला अपने भव्य धाम में पुन: विराजित हैं और इस वर्ष अयोध्या की धर्म ध्वजा, रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी की साक्षी बन रही है। ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले महीने मुझे इस ध्वजा की पुण्य स्थापना का मौका मिला।इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़ी कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”अयोध्या जी की पावन धरा पर आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ मनाई जा रही है। ये वर्षगांठ हमारी आस्था और संस्कारों का एक दिव्य उत्सव है। इस पावन-पुनीत अवसर पर देश-विदेश के सभी रामभक्तों की ओर से प्रभु श्री राम के चरणों में मेरा कोटि-कोटि नमन और वंदन। समस्त देशवासियों को मेरी अनंत शुभकामनाएं।”दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”भगवान श्री राम की असीम कृपा और आशीर्वाद से असंख्य रामभक्तों का पांच सदियों का संकल्प साकार हुआ है। आज रामलला अपने भव्य धाम में पुन: विराजित हैं और इस वर्ष अयोध्या की धर्म ध्वजा, रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी की साक्षी बन रही है। ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले महीने मुझे इस ध्वजा की पुण्य स्थापना का सुअवसर मिला।”पीएम मोदी ने आगे लिखा, ”मेरी कामना है कि मर्यादा पुरुषोत्तम की प्रेरणा हर देशवासी के हृदय में सेवा, समर्पण और करुणा की भावना को और प्रगाढ़ करे, जो समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सशक्त आधार भी बने। जय सियाराम।”वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”जय श्री राम। आज ही की शुभ तिथि पर दो वर्ष पूर्व 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई और मोदी जी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की। प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।”उन्होंने आगे लिखा, ”प्रभु श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों की पुनर्स्थापना का प्रतीक यह मंदिर धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष, सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए त्याग व विरासतों के संरक्षण के लिए बलिदान की अप्रतिम प्रेरणा बना रहेगा। इस पवित्र अवसर पर श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के सभी बलिदानियों को नमन करता हूं।” (
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। प्रगति सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित बहुआयामी मंच है। यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सहयोगात्मक और परिणामोन्मुखी शासन के एक दशक लंबे सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रौद्योगिकी-आधारित नेतृत्व, वास्तविक समय की निगरानी, और केंद्र-राज्य के निरंतर सहयोग ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदल दिया है। बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला सहित विभिन्न क्षेत्रों की पांच महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं 5 राज्यों में फैली हुई हैं, जिनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपए से अधिक है।पीएम श्री योजना की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम श्री योजना को समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा का राष्ट्रीय मानक बनना चाहिए और कहा कि इसका कार्यान्वयन बुनियादी ढांचे पर केंद्रित होने के बजाय परिणामोन्मुखी होना चाहिए। उन्होंने सभी मुख्य सचिवों को पीएम श्री योजना की बारीकी से निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम श्री विद्यालयों को राज्य सरकार के अन्य विद्यालयों के लिए मानक बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पीएम श्री विद्यालयों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए जमीनी स्तर पर दौरा करना चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई के साथ जनता की शिकायतों को समझने और उनका समाधान करने के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम स्वागत प्लेटफॉर्म (प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग द्वारा शिकायतों पर राज्यव्यापी ध्यान) की शुरुआत की थी।उस अनुभव के आधार पर केंद्र में पदभार ग्रहण करने के बाद, उन्होंने प्रगति के माध्यम से उसी भावना को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया, जिसमें बड़ी परियोजनाओं, प्रमुख कार्यक्रमों और शिकायत निवारण को समीक्षा, समाधान और अनुवर्ती कार्रवाई के लिए एक एकीकृत मंच पर लाया गया।प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से प्रगति के नेतृत्व वाले इकोसिस्टम ने 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को गति देने में मदद की है और बड़े पैमाने पर प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में सहयोग दिया है।2014 से प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा की गई है और इन परियोजनाओं में पहचाने गए 3,162 मुद्दों में से 2,958 – यानी लगभग 94 प्रतिशत का समाधान किया गया है, जिससे देरी, लागत में वृद्धि और समन्वय विफलताओं में काफी कमी आई है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की प्रगति की गति तेज होने के साथ ही प्रगति की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सुधारों की गति को बनाए रखने और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रगति आवश्यक है।उन्होंने कहा कि 2014 से सरकार ने क्रियान्वयन और जवाबदेही को संस्थागत रूप देने के लिए काम किया है, जिससे एक ऐसी प्रणाली बनी है जिसमें काम को निरंतर निगरानी के साथ आगे बढ़ाया जाता है और समय-सीमा और बजट के भीतर पूरा किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले शुरू की गई लेकिन अधूरी या भुला दी गई परियोजनाओं को राष्ट्रीय हित में पुनर्जीवित करके पूरा किया गया है।प्रगति मंच के अंतर्गत शुरू की गई कई परियोजनाएं, जो दशकों से रुकी हुई थीं, पूरी हो गईं या निर्णायक रूप से आगे बढ़ने के लिए तैयार हो गईं। प्रधानमंत्री ने बताया कि परियोजनाएं केवल इरादे की कमी के कारण ही विफल नहीं होतीं। कई परियोजनाएं समन्वय की कमी और अलग-थलग कार्यप्रणाली के कारण विफल होती हैं। उन्होंने कहा कि प्रगति ने सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर और एक साझा लक्ष्य की ओर अग्रसर करके इस समस्या को दूर करने में मदद की है।प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए हैं और सभी क्षेत्रों में निरंतर निवेश किया है। उन्होंने प्रत्येक मंत्रालय और राज्य से योजना से लेकर कार्यान्वयन तक की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने और निविदा प्रक्रिया से लेकर जमीनी स्तर पर परियोजना वितरण तक की देरी को कम करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 एक राष्ट्रीय संकल्प और समयबद्ध लक्ष्य दोनों है, और प्रगति इसे हासिल करने का एक शक्तिशाली माध्यम है। उन्होंने राज्यों को विशेष रूप से सामाजिक क्षेत्र के लिए मुख्य सचिव स्तर पर प्रगति जैसी समान व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया।प्रगति को अगले स्तर पर ले जाने के लिए, पीएम ने परियोजना जीवन चक्र के प्रत्येक चरण में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया। - नई दिल्ली। साल 2025 के आखिरी दिन और नए साल 2026 के स्वागत की तैयारियों के बीच पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। गुजरात के केवड़िया में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और आसपास के आकर्षण नए साल के जश्न के लिए सबसे पसंदीदा स्पॉट बन गए हैं। 31 दिसंबर को साल के आखिरी दिन यहां 60,000 से अधिक पर्यटकों ने ऑनलाइन बुकिंग कराई। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बसों, पार्किंग और अन्य सुविधाओं को बढ़ा दिया है।नए साल को देखते हुए स्लॉट में पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। पहले जहां 500 पर्यटकों की एंट्री होती थी, लेकिन अब रोजाना 5,500 तक पहुंच गई है। अब कुल 7,000 पर्यटकों को एंट्री मिल रही है। पर्यटकों का कहना है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, जंगल सफारी, गार्डन और अन्य आकर्षणों के साथ यहां स्वच्छता और व्यवस्था का खास ध्यान रखा जाता है।कई पर्यटकों ने इसे पीएम मोदी के नेतृत्व में सरदार वल्लभभाई पटेल की मेहनत और समर्पण का सम्मान करने का बेहतरीन तरीका बताया है। वडोदरा से आई पर्यटक हार्वी ने कहा कि मुझे यहां बहुत अच्छा लगा। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अलावा जंगल सफारी जैसी कई दिलचस्प चीजें हैं।युकिता ने बताया कि हमने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखी। यहां स्वच्छता का काफी ध्यान रखा जाता है। परिवार के साथ सभी को यहां जरूर आना चाहिए।एक अन्य पर्यटक ने कहा कि इस जगह की तारीफ का एक ही कारण है, हमारे देश के लिए की गई कड़ी मेहनत का सम्मान। हम यहां साल का आखिरी दिन मनाने और यहां के सुंदर कार्य, समर्पण को देखने आए हैं।राजस्थान से आए पर्यटकों ने भी जगह की सराहना की और कहा कि सभी देशवासियों को जब भी समय मिले, एक बार जरूर आना चाहिए। क्रिसमस के बाद से ही यहां पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अथॉरिटी और टेंट सिटी होटलों ने नए साल के जश्न के लिए गाला डिनर, क्रूज, डांस पार्टी और अन्य आयोजन तैयार किए हैं। अब तक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर कुल 2.85 करोड़ से अधिक पर्यटक रजिस्टर हो चुके हैं।
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नई दिल्ली। डीआरडीओ ने एक ही लॉन्चर से दो ‘प्रलय’ मिसाइलों का सल्वो प्रक्षेपण सफलतापूर्वक किया। एक ही लॉन्चर से तेजी से एक के बाद एक प्रलय मिसाइल के दो प्रक्षेपण अंजाम दिए गए हैं। प्रलय मिसाइल ठोस ईंधन आधारित स्वदेशी क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसमें अत्याधुनिक गाइडेंस एवं नेविगेशन प्रणाली लगी है, जो इसकी उच्च सटीकता सुनिश्चित करती है। यह मिसाइल विभिन्न प्रकार के वारहेड ले जाने और अलग-अलग लक्ष्यों पर प्रहार करने में सक्षम है। यह प्रक्षेपण 31 दिसंबर की सुबह ओडिशा तट के पास प्रातः लगभग साढ़े 10 बजे संपन्न हुआ।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों मिसाइलों ने एक निर्धारित मार्ग का सटीक पालन किया। इस दौरान मिसाइलों ने सभी उड़ान उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। मिसाइल उड़ान और टर्मिनल घटनाओं की पुष्टि इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदिपुर में तैनात ट्रैकिंग सेंसर से हुई। वहीं लक्षित क्षेत्र के निकट तैनात नौसैनिक जहाजों पर मौजूद टेलीमेट्री प्रणालियों के माध्यम से भी मिसाइल उड़ान की सटीकता की पुष्टि की गई।इस मिसाइल का विकास रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद द्वारा डीआरडीओ की अन्य प्रयोगशालाओं द्वारा किया गया है। इनमें डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेट्री, एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेट्री, आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, हाई एनर्जी मैटीरियल्स रिसर्च लेबोरेट्री, डिफेन्स मेटालर्जिकल रिसर्च लेबोरेट्री, टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेट्री, आर एंड डी एस्टैब्लिशमेंट (इंजीनियर्स), और इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज का सहयोग शामिल है।परीक्षण के लिए प्रणालियों का एकीकरण भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा किया गया। परीक्षणों को डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, भारतीय वायुसेना एवं भारतीय थलसेना के प्रतिनिधियों, साथ ही रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना, भारतीय थलसेना, डिफेंस पीएसयूज तथा उद्योग को तेजी से संपन्न इस दोहरे प्रक्षेपण की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सल्वो लॉन्च की सफलता ने ‘प्रलय’ मिसाइल प्रणाली की विश्वसनीयता को सुदृढ़ रूप से सिद्ध कर दिया है।वहीं, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने परीक्षण में शामिल वैज्ञानिकों व टीमों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस प्रणाली के शीघ्र ही उपयोगकर्ताओं के साथ इंडक्शन के लिए तैयार होने का संकेत देती है। बता दें कि यह सफलता भारत की स्वदेशी मिसाइल प्रौद्योगिकी और त्वरित प्रहार क्षमता को और अधिक मजबूत करती है। -
नई दिल्ली। 2026 शुरू होने में कुछ ही घंटों का समय बचा हुआ है। हर साल ही शुरुआत में कुछ नए नियम लागू होते हैं, जिनका असर सीधे तौर पर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है। ऐसे ही कुछ नियम एक जनवरी से लागू होने वाले हैं।
–8वां वेतन आयोग एक जनवरी, 2026 से लागू हो जाएगा। केंद्र सरकार इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इससे प्रत्यक्ष तौर पर करीब 50 लाख कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। नए वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 20 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।–नए साल पर क्रेडिट स्कोर में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। फिलहाल क्रेडिट स्कोर महीने में एक बाद अपडेट होता है, लेकिन 2026 से यह हर हफ्ते यानी हर 7 दिनों में अपडेट होगा। इससे ईएमआई समय से भरने का फायदा जल्द ही मिलेगा।–केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना का फायदा लेने वालों के लिए नया सिस्टम किसान आईडी पेश किया है। एक जनवरी 2026 से यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में यह सिस्टम लागू हो रहा है। इस डिजिटल आईडी में किसानों की भूमि, फसल, आधार और बैंक आदि की जानकारी होगी। अगर यह आईडी नहीं है तो पीएम किसान योजना के तहत आने वाली 6,000 रुपए की सालाना मदद रुक सकती है।–नए साल में वाहनों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी और घरों में खाना बनाने के लिए उपयोग होने वाली पीएनजी की कीमतों में 2-3 रुपए प्रति यूनिट की कमी आ सकती है। इसकी वजह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) की ओर से घोषित टैरिफ एडजस्टमेंट है जो कि एक जनवरी 2026 से लागू होने जा रहा है।–इसके अलावा नए साल के अवसर पर एलपीजी गैस और एविएशन फ्यूल की कीमतों में बदलाव हो सकता है।–पैन को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर, 2025 है। अगर आपने अभी तक पैन को आधार लिंक नहीं किया है तो आपका पैन कार्ड एक जनवरी से निष्क्रिय हो जाएगा। ऐसे में आपको इनकम टैक्स भरने से लेकर बैंकों में बड़े लेनदेन करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की अनटाइड अनुदान की प्रथम किस्त के रूप में ₹224.5762 करोड़ की राशि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए जारी की है। यह अनुदान राज्य की 11279 पात्र ग्राम पंचायतों, 138 पात्र ब्लॉक पंचायतों और 26 पात्र जिला पंचायतों के लिए है।
भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त वर्ष के अनुदान जारी करने की सिफारिश करती है, जिसे वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किए जाते हैं। अनटाइड अनुदानों का उपयोग पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस विषयों के अंतर्गत, वेतन और अन्य स्थापना व्ययों को छोड़कर, स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जाएगा। टाइड अनुदानों का उपयोग (क) स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति के रखरखाव के लिए किया जा सकता है, जिसमें घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन और उपचार, विशेष रूप से मानव मल और मल कीचड़ प्रबंधन शामिल होना चाहिए, और (ख) पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है। - भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार ने नव वर्ष पर शांतिपूर्ण तरीके से पार्टियां और पिकनिक आयोजित करने के लिए मंगलवार को कुछ दिशानिर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय परिसर के अंदर नव वर्ष का जश्न नहीं मनाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने कहा कि 31 दिसंबर को रात 12 बजे के बाद बार या क्लबों में किसी भी प्रकार की पार्टी की अनुमति नहीं होगी। नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय एक जनवरी को सामान्य कार्यदिवस की तरह ही कार्य करेगा। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे केवल शुभकामनाएं देने के लिए ही कार्यालय न जाएं। एक पोस्ट में मांझी ने ओडिशा की जनता के स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा, “जो लोग मेरे सरकारी आवास पर बधाई देने आएंगे, उनसे मेरा विनम्र निवेदन है कि वे कोई उपहार या फूलों का गुलदस्ता न लाएं। मेरी एकमात्र आकांक्षा आपका स्नेह और आशीर्वाद है।” मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया है, “सरकारी कार्यालय परिसर में सभी प्रकार के समारोह, बैठकें, दावतें और पार्टियां आयोजित करना बिल्कुल निषिद्ध है।” बयान में कहा गया है कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता सिंह ने भुवनेश्वर और कटक के नागरिकों से अनुशासन बनाए रखने का अनुरोध किया है, क्योंकि पुलिस उपद्रव को कतई नहीं बर्दाश्त करेगी। पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘रात 12 बजे के बाद संगीत पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा और किसी भी स्थान पर डीजे की अनुमति नहीं होगी।'' उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के बाद जश्न मनाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सिंह ने कहा कि पुलिस ने ‘जीरो नाइट' समारोह आयोजन स्थलों की एक सूची तैयार कर ली है और आयोजकों को थाने से पूर्व अनुमति लेनी होगी एवं कार्यक्रम का पूरा विवरण प्रस्तुत करना होगा। पुलिस ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सड़क किनारे मंच और सार्वजनिक प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बीच, पुरी पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती करके व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को नौकरशाही में किए गए एक बड़े फेरबदल के तहत वरिष्ठ नौकरशाह लव अग्रवाल को विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) का प्रमुख नियुक्त किया गया। अग्रवाल आंध्र प्रदेश कैडर के 1996 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। वह वर्तमान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन विदेश व्यापार महानिदेशालय के महानिदेशक के रूप में अग्रवाल की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। सहकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रबींद्र कुमार अग्रवाल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक होंगे। वह वर्तमान अध्यक्ष आशुतोष अग्निहोत्री का स्थान लेंगे, जिन्हें अब पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। विद्युत मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव श्रीकांत नागुलपल्ली को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में हाइड्रोकार्बन का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि 1992 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा अधिकारी सुचिंद्र मिश्रा वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव होंगे। राष्ट्रपति सचिवालय में अतिरिक्त सचिव राकेश गुप्ता को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अनीता सी मेश्राम को गुप्ता के स्थान पर राष्ट्रपति सचिवालय में स्थानांतरित किया गया है। पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में महानिदेशक (प्रशिक्षण) होंगे और श्यामल मिश्रा को दूरसंचार विभाग में प्रशासक (डिजिटल भारत निधि) नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि कैरलिन खोंगवार देशमुख को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव, सोनल मिश्रा को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) और निरंजन कुमार सुधांशु को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इस फेरबदल के तहत 25 नौकरशाहों को विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों में नियुक्त किया गया है।आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव सोलोमन अरोकियाराज को कैबिनेट सचिवालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने दो अधिकारियों को भारत सरकार के सचिव के पद और वेतनमान के अंतर्गत विशेष सचिव के स्तर पर यथास्थान पदोन्नत करने को भी मंजूरी दे दी है।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक जनवरी को 'स्किल इंडिया' मिशन की पहल 'एसओएआर... एआई के लिए लिए कौशल तैयारी' के तहत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार यह कार्यक्रम भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह एआई आधारित भविष्य के लिए कार्यबल को तैयार करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रपति छात्रों और संसद सदस्यों सहित शिक्षार्थियों को कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रमाणपत्र प्रदान करेंगी और भविष्य-उन्मुख कौशल कार्यक्रमों में अधिक युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय जागरूकता अभियान 'स्किल द नेशन चैलेंज' की शुरुआत करेंगी। कार्यक्रम के तहत एमएसडीई राष्ट्रपति भवन में 'एआई फॉर बिगिनर्स' विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित करेगा। यह सत्र एक संक्षिप्त संवादात्मक शिक्षण मॉड्यूल होगा, जिसे मंत्रालय के प्रमुख एआई कौशल साझेदार गूगल के सहयोग से एक विश्व प्रसिद्ध एआई विशेषज्ञ द्वारा संचालित किया जाएगा। राष्ट्रपति ओडिशा में रायरंगपुर स्थित इग्नू क्षेत्रीय केंद्र का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन भी करेंगी।
- नयी दिल्ली. देश भर से 898 लड़कियों सहित कुल 2,406 एनसीसी कैडेट मंगलवार से शुरु हुए राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में भाग ले रहे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम' (वाईईपी) के तहत 25 मित्र देशों के कैडेट और अधिकारी भी समारोह में भाग लेने वाले हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 की शुरुआत दिल्ली छावनी स्थित करियाप्पा परेड ग्राउंड में 'सर्व धर्म पूजा' के साथ हुयी। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस शिविर में "28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों से आईं 898 महिला कैडेट सहित कुल 2,406 कैडेट भाग ले रहे हैं, जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है।" एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने कैडेट का स्वागत किया और उन्हें प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चुने जाने पर बधाई दी।
- नयी दिल्ली. नये साल के जश्न के लिए कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को परामर्श जारी कर 31 दिसंबर की शाम सात बजे से क्षेत्र में निजी और सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने भी सूचित किया है कि कनॉट प्लेस स्थित राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के निकास द्वार रात नौ बजे के बाद बंद रहेंगे। पुलिस ने बताया कि नये साल के स्वागत के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए पैदल यात्रियों और वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। परामर्श के अनुसार, यातायात प्रतिबंध 31 दिसंबर की शाम सात बजे से लागू होंगे और जश्न की समाप्ति तक प्रभावी रहेंगे। ये प्रतिबंध विशेष अनुमति प्राप्त वाहनों को छोड़कर सभी निजी और सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर लागू होंगे। पुलिस के मुताबिक, मंडी हाउस, बंगाली मार्केट, पटेल चौक, गोल मार्केट, जीपीओ और कस्तूरबा गांधी मार्ग-फिरोजशाह रोड चौराहे, जय सिंह रोड-बंगला साहिब लेन और विंडसर प्लेस जैसे निर्धारित बिंदुओं से आगे किसी भी वाहन को कनॉट प्लेस की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परामर्श में कहा गया कि वैध प्रवेश पास वाले वाहनों को छोड़कर, कनॉट प्लेस के अंदरूनी, मध्य या बाहरी सर्किल में वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इंडिया गेट पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए ओ-पॉइंट, डब्ल्यू-पॉइंट, एमएलएनपी और सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर, कर्तव्य पथ-रफी मार्ग, मथुरा रोड-पुराना किला रोड, शेर शाह रोड और जाकिर हुसैन मार्ग जैसे स्थलों पर भी यातायात को प्रतिबंधित किया जा सकता है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया जा सकता है। यातायात पुलिस ने उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम आवाजाही के लिए रिंग रोड, मथुरा रोड, रानी झांसी मार्ग, पचकुइयां रोड, मंदिर मार्ग और मदर टेरेसा क्रिसेंट जैसे वैकल्पिक मार्गों के उपयोग का सुझाव दिया है। कनॉट प्लेस क्षेत्र में पार्किंग के लिए काली बाड़ी मार्ग, पंडित पंत मार्ग, भाई वीर सिंह मार्ग, रकाब गंज रोड, कॉपरनिकस मार्ग, बाबर रोड, तानसेन मार्ग, विंडसर प्लेस और रायसीना रोड जैसे स्थानों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने कहा है कि पार्किंग ‘पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर उपलब्ध होगी और अनधिकृत पार्किंग करने पर वाहन को जब्त किया जाएगा तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दक्षिण दिल्ली में साकेत स्थित सिलेक्ट सिटीवॉक, डीएलएफ एवेन्यू और एमजीएफ मेट्रोपॉलिटन जैसे लोकप्रिय मॉल में नये साल के जश्न के मद्देनजर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। दिल्ली यातायात पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को दोपहर दो बजे से प्रेस एन्क्लेव रोड के साथ-साथ साकेत और पुष्प विहार की आंतरिक सड़कों पर यातायात के मार्ग बदले रहेंगे। इसके अलावा, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर शेख सराय रेड लाइट, महरौली-बदरपुर रोड पर एशियन मार्केट रेड लाइट और श्री अरबिंदो मार्ग पर पीटीएस मालवीय नगर लाइट से भी यातायात को अन्य मार्गों पर मोड़ा जाएगा। पुलिस के अनुसार, शेख सराय से हौज रानी के बीच सड़क के सभी 'कट' बंद रहेंगे। साथ ही, प्रेस एन्क्लेव रोड पर भारी वाहनों और डीटीसी व क्लस्टर बसों के चलने पर पाबंदी होगी। इसके अलावा, डीटीसी और क्लस्टर बसों को एमबी रोड से पुष्प विहार की ओर जाने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। यात्रियों को इन प्रभावित सड़कों से बचने और अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है। लोग अपनी मंजिल के हिसाब से खानपुर टी-पॉइंट, एमबी रोड, लाडो सराय, चिराग दिल्ली और टीबी अस्पताल जंक्शन जैसे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग कर सकते हैं। एक अन्य परामर्श में दिल्ली यातायात पुलिस ने कहा कि नये साल के दौरान श्री माता झंडेवालान मंदिर में भारी भीड़ होने के कारण 31 दिसंबर और 1 जनवरी को रानी झांसी रोड और पहाड़गंज क्षेत्र के आसपास के रास्तों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस ने वाहन चालकों को व्यस्त समय के दौरान रानी झांसी रोड से यात्रा करने बचने और डीबीजी रोड, न्यू रोहतक रोड जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने का सुझाव दिया है। पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह किया है क्योंकि कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के पास पार्किंग की जगह बेहद सीमित होगी। यात्रियों से यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने का भी अनुरोध किया गया है।
- मथुरा (उप्र) . नववर्ष के उपलक्ष्य में मथुरा में एक स्थानीय बार में फिल्म अभिनेत्री सनी लियोनी का प्रस्तावित कार्यक्रम साधु-संतों के विरोध के बाद रद्द कर दिया गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास की ओर से भी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्यक्रम न होने देने का अनुरोध किया गया था। आयोजकों के मुताबिक, सनी लियोनी को एक कार्यक्रम में शामिल होना था जहां एक जनवरी को उन्हें ‘डीजे' (डिस्क जॉकी) के तौर पर प्रस्तुति देनी थी। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के दिनेश फलाहारी ने कहा, ‘‘हमने जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा है। भगवान कृष्ण ने यहां लीला की थी। संत यहां पूजा पाठ करने आते हैं। ऐसे स्थान पर सनी लियोनी को एक कार्यक्रम के लिए आमंत्रित कर कुछ लोग बृज भूमि और सनातन धर्म को बदनाम करना चाहते हैं।'' इन आपत्तियों पर जवाब देते हुए सनी लियोनी के कार्यक्रम के आयोजकों में से एक और ‘द ट्रंक बार' के साझेदार मिथुल पाठक ने कहा, ‘‘स्थानीय संतों की भावनाओं का सम्मान करते हुए हमने सनी लियोनी का कार्यक्रम निरस्त करने का निर्णय किया है। हम टिकट के पैसे वापस कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा गलत सूचनाएं फैलाई गईं हैं। सनी एक डीजे के तौर पर प्रस्तुति देने आ रही थीं और इस कार्यक्रम में केवल टिकट के जरिए प्रवेश की अनुमति थी। पाठक ने यह भी कहा कि सनी लियोनी भारत में हर जगह प्रस्तुति दे रही हैं तो क्या हर जगह उनका विरोध किया जाता है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों पर मंगलवार को ‘‘गहरी चिंता'' जताई और रूस एवं यूक्रेन से शत्रुता समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘रूसी संघ के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरें बहुत चिंताजनक हैं।'' रूस ने सोमवार को दावा किया कि लंबी दूरी के 91 यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को के उत्तर में नोवगोरोड क्षेत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्थायी आवास पर हमला करने का प्रयास किया। मोदी ने कहा कि जारी कूटनीतिक प्रयास शत्रुता समाप्त करने और शांति हासिल करने की दिशा में सबसे व्यावहारिक रास्ता मुहैया कराते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे इन प्रयासों पर ध्यान केंद्रित रखें और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचें जो इन्हें कमजोर कर सकती है।''
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी बजट पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रख्यात अर्थशास्त्रियों और क्षेत्र विशेषज्ञों से मंगलवार को मुलाकात की। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह बैठक पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई जो अभी तक जारी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन सुमन बेरी, नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम, आयोग के अन्य सदस्य, कई अर्थशास्त्री तथा क्षेत्रीय विशेषज्ञ इस बैठक में मौजूद हैं। निर्मला सीतारमण एक फरवरी को 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर सकती हैं। -
कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार चुनावी लाभ के लिए बांग्लादेशियों की घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है जिससे पिछले कुछ वर्षों में राज्य की जनसांख्यिकी "खतरनाक रूप से बदल गई" है। कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग घुसपैठ को लेकर चिंतित हैं और भाजपा 2026 में राज्य में दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में आने के बाद इसे समाप्त करेगी। उन्होंने कहा, "हम न केवल घुसपैठियों की पहचान करेंगे, बल्कि उन्हें बाहर भी निकालेंगे। 15 अप्रैल, 2026 के बाद बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, क्योंकि जनता ने अपना मन बना लिया है।" शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आवश्यक भूमि उपलब्ध न कराए जाने के कारण केंद्र सरकार भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं कर पाई है। शाह ने कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी पूर्वी सीमाओं से घुसपैठ रोकेगी और बंगाल का पुनरुद्धार सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, "भाजपा पश्चिम बंगाल में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।" शाह ने कहा कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से मतुआ समुदाय के लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। शाह ने कहा, ‘‘ हमारा यह संकल्प है कि धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हुए सभी शरणार्थियों को देश में शरण दी जाएगी। ममता बनर्जी भी मतुआ समुदाय को नुकसान नहीं पहुंचा सकतीं।'' शाह ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने भय और हिंसा की राजनीति में वामपंथियों को भी पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा माना जाता था कि कम्युनिस्टों की हार के बाद हिंसा और बदले की राजनीति खत्म हो जाएगी लेकिन इन्होंने कम्युनिस्टों को भी पीछे छोड़ दिया है। अब तक 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। 3,000 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता अब भी अपने घरों को नहीं लौट पाए हैं। उन पर दबाव डाला जा रहा है कि उन्हें तभी घर जाने दिया जाएगा जब वे तृणमूल का झंडा लेकर चलेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल की जनता ने भय, भ्रष्टाचार और कुशासन के स्थान पर सुशासन को चुनने का संकल्प लिया है।'' शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गिरावट आई है और 7,000 से अधिक उद्योग पलायन कर गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल की जनता ने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल को सत्ता संभालने का मौका दिया है, अब मैं उनसे भाजपा को मौका देने की अपील करता हूं। -
जम्मू. सेना की ‘टाइगर डिवीजन' ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की हीरक जयंती के अवसर पर 1,212 किलोमीटर की साइकिल यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक बयान में रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा जम्मू से शुरू होकर हिमाचल प्रदेश के केलांग तक गई और फिर विविध व कठिन मार्गों को पार कर वापस जम्मू लौटकर पूरी हुई। बयान के अनुसार, इस यात्रा ने सैनिकों की शारीरिक सहनशीलता, मानसिक दृढ़ता और संकल्प की कड़ी परीक्षा ली। इसके साथ ही, इस अभियान ने उनके भीतर अनुशासन, सामूहिक कार्यक्षमता और साहस की भावना को और अधिक मजबूत किया। अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान साइकिल टीम ने कई स्थानों पर पूर्व सैनिकों और स्कूल के छात्रों से बातचीत की। इन मुलाकातों से पूर्व सैनिकों की निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने का अवसर मिला, साथ ही इसने सेना के मूल्यों, परंपराओं तथा विरासत को साझा कर युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह साइकिल अभियान 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायकों के साहस और बलिदान को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है। इसके साथ ही, यह 'टाइगर डिवीजन' की शारीरिक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को भी पुनः स्थापित करता है।
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केंद्रपाड़ा (ओडिशा) हिमालयी क्षेत्र से प्रवासी पक्षियों ने ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के आर्द्रभूमि स्थलों में जत्थों में पहुंचना शुरू कर दिया है। भितरकनिका के आर्द्रभूमि क्षेत्र एक बार फिर ठंडे उत्तरी गोलार्ध से आने वाले पक्षियों के लिए एक अनुकूल और मानव हस्तक्षेप से मुक्त शीतकालीन आवास के रूप में उभरे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सर्दियों के महीनों में ठंडी जलवायु परिस्थितियां इन प्रवासी प्रजातियों को अपने मूल निवास स्थल को अस्थायी रूप से छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। ओडिशा के चिल्का और भितरकनिका आर्द्रभूमि स्थल इन प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना है। अधिकारी के अनुसार, सर्दियों में आने वाले इन प्रवासी पक्षियों के विभिन्न जत्थों ने सतभैया, हवेलीखाती, एकाकुला और रायपतिया के जलस्रोतों और खाड़ियों में डेरा डालना शुरू कर दिया है। इन पक्षियों का आवास क्षेत्र लगभग दस किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। इस बार भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में पहुंचने वाले प्रमुख प्रवासी पक्षियों में इंडियन स्किमर्स, ग्रे पेलिकन, ‘लेसर एडजुटेंट' (गरूड़ प्रजाति का छोटा रूप) और ग्रेटर स्पॉटेड ईगल शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि यहां देखे गए इन पक्षियों को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की ‘रेड बुक' में संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल किया गया है इनके अलावा, इस बार देखे गए अन्य प्रमुख पक्षियों में काली पूंछ वाली चंचुकी (ब्लैक-टेल्ड गॉडविट), उत्तरी सींकपर, ‘लेसर व्हिसलिंग डक', ‘ग्रे प्लोवर', ‘एग्रेट स्पॉटेड बिल्स', ओरिएंटल डार्टर, ‘व्हाइट बेली सीगल' और काली गर्दन वाला सारस शामिल हैं। ये प्रवासी पक्षी उत्तरी गोलार्ध और लद्दाख जैसे ठंडे स्थानों से यहां पहुंच रहे हैं। ये पक्षी अपने शीतकालीन प्रवास के लिए भितरकनिका के आर्द्रभूमि क्षेत्र को इसलिए चुनते हैं क्योंकि यहां का अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र और शांत वातावरण उनके रहने के लिए पूरी तरह अनुकूल है।
- गुवाहाटी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को गुवाहाटी पुलिस आयुक्त कार्यालय के 111 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नये भवन और शहर के लिए 2,000 सीसीटीवी कैमरों वाली निगरानी प्रणाली का उद्घाटन किया। शाह ने नवनिर्मित पुलिस आयुक्त कार्यालय में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा आपराधिक कानूनों पर लगायी गयी एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। यहां एक सरकारी समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने इन दो परियोजनाओं का अनावरण किया जिनपर कुल 292 करोड़ रुपये का खर्च आया है। गुवाहाटी पुलिस आयुक्त का 10 मंजिला कार्यालय भवन 111 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है और यह खानपारा क्षेत्र में स्थित है। इस भवन में गुवाहाटी पुलिस की सभी शाखाएं होंगी तथा इसमें 400 अधिकारियों के बैठने की क्षमता के अलावा एक पुस्तकालय और एक अभिलेखागार भी होगा। उद्घाटन समारोह में शाह के साथ मौजूद रहे असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बाद में ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘असम की पुलिस व्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाते हुए अमित शाह ने गुवाहाटी में पुलिस आयुक्त के नए भवन का उद्घाटन किया।'' उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल पुलिस केंद्र कार्यकुशलता को बढ़ावा देगा तथा राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसी को जनता की और भी बेहतर सेवा करने में और सक्षम बनाएगा। शर्मा के साथ-साथ केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी इस समारोह में उपस्थित थे। समारोह के दौरान, शाह ने नए पुलिस आयुक्त भवन के अंदर ‘इंटेलिजेंस सिटी सर्विलांस सिस्टम' (आईसीएसएस) का भी उद्घाटन किया। आईसीएसएस को तैयार करने में 181 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस सिस्टम के अंतर्गत उन्नत कमान और डेटा सुविधा - एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) - की स्थापना की गई है। इस परियोजना को गुवाहाटी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अमलीजामा पहनाया है। इस यूनिट में 2,000 सीसीटीवी कैमरे और 60 नागरिक सुरक्षा एवं ‘अलर्ट सिस्टम' लगे हैं, जिससे पूर्वोत्तर के इस सबसे बड़े शहर की समग्र सुरक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। निगरानी प्रणाली पर टिप्पणी करते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘अमित शाह द्वारा इंटेलिजेंस सिटी सर्विलांस सिस्टम का उद्घाटन किये जाने साथ ही, गुवाहाटी अब 2000 से अधिक कैमरों, उन्नत कमान और डेटा सुविधाओं और मजबूत नागरिक सुरक्षा प्रणालियों से सुसज्जित है।'' उन्होंने कहा कि यह पूरी व्यवस्था सभी के लिए एक सुरक्षित और स्मार्ट शहर की दिशा में एक बड़ा कदम है।असम पुलिस की सीआईडी ने जनता में नए कानूनों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से 'नवीन न्याय संहिता पर प्रदर्शनी' का आयोजन किया है। इस प्रदर्शनी में नए अधिनियमित कानूनों की प्रमुख विशेषताओं, उद्देश्यों और कार्यान्वयन को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय के अनुसार, नवीन न्याय संहिता के कार्यान्वयन के मामले में असम लगातार सभी राज्यों में प्रथम स्थान पर रहा है। एनसीएलआई डैशबोर्ड में असम ने 81.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत स्कोर 57.02 प्रतिशत है।'' उसने कहा कि असम पीएम गति शक्ति पोर्टल में सभी थानों की शतप्रतिशत 'जियो फेंसिंग' हासिल करने वाला पहला राज्य है और एमसीयू में डीएनए सैंपल दर्ज करने वाला भी पहला राज्य है। असम के इस शहर को एक जनवरी, 2015 को अपना पहला पुलिस आयुक्त मिला। इससे पहले, शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास थी। तब से गुवाहाटी पुलिस आयुक्त का कार्यालय विभिन्न स्थलों से अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है। स्थायी भवन मिलने से पहले इसने कई बार अपना पता बदला है और अब तक तीन अलग-अलग सरकारी कार्यालयों का उपयोग किया है। आज इसके लिए स्थायी भवन का उद्घाटन शाह ने किया। नवनिर्मित पर्यावरण-अनुकूल भवन में शत-प्रतिशत वर्षा जल संचयन की सुविधा के साथ-साथ जल शोधन और मलजल शोधन संयंत्र और 42.3 किलोवाट बिजली उत्पन्न करने के लिए सौर पैनल भी लगे हैं। शर्मा ने पांच जनवरी, 2023 को नए पुलिस आयुक्त कार्यालय के निर्माण की आधारशिला रखी थी। इसे 24 महीनों में 95 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाना था, जो अब बढ़कर 111 करोड़ रुपये हो गया है।
- नयी दिल्ली. देश के खुदरा परिदृश्य में 2025 में बुनियादी बदलाव आया है और पारंपरिक ई-कॉमर्स तथा क्विक कॉमर्स के एकीकरण ने योजनाबद्ध खरीदारी एवं तत्काल जरूरतों के बीच का दायरा लगभग मिटा दिया है। शुरुआत में 10 मिनट में किराना सामान पहुंचाने की एक प्रयोगात्मक पहल से शुरू हुई यह कहानी आज बहु-अरब डॉलर के बुनियादी ढांचे में बदल चुकी है जिसके जरिये अब महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से लेकर घरेलू उपकरणों तक कुछ ही मिनट में पहुंचाए जा रहे हैं। सिर्फ एक कैलेंडर वर्ष में ही भारतीय उपभोक्ता का नजरिया बदल गया है जो अब यह नहीं सोचता की ‘क्या यह पहुंचेगा?', बल्कि अब वह यह सोचता है कि यह ‘कितने मिनट में पहुंचेगा?'। वर्ष के अंत के साथ उपलब्ध आंकड़े दिखाते हैं कि यह क्षेत्र बेहद तेज रफ्तार में आगे बढ़ रहा है। रेडसीयर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, क्विक कॉमर्स (त्वरित वाणिज्य) भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाला खुदरा प्रारूप बन गया है। इसके 150 से अधिक शहरों में 3.3 करोड़ मासिक उपभोक्ता हैं। वर्ष 2030 तक कुल ब्रांडेड खुदरा बिक्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत होने का अनुमान है। घरेलू आय में वृद्धि और सहूलियत को प्राथमिकता देने की बढ़ती प्रवृत्ति से शहरी उपभोक्ताओं के एक बड़े वर्ग के लिए क्विक कॉमर्स पसंदीदा खरीद माध्यम बन गया है। क्विक कॉमर्स बाजार की विशाल संभावनाओं से बाहर न रह जाने के लिए ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट को भी अपने-अपने त्वरित वाणिज्य मंच शुरू करने पड़े। ‘अमेजन नाउ' और ‘फ्लिपकार्ट मिनट्स' की शुरुआत की गई है। इनसे 30 मिनट से कम समय में आपूर्ति की सुविधा दी जा रही है। यह इस बात का संकेत है कि अब तेज आपूर्ति कोई विशेष सुविधा नहीं बल्कि पूरे उद्योग का नया मानक बन चुकी है। ‘डार्क स्टोर' छोटे मोहल्ला-स्तरीय केंद्रों से विकसित होकर अब विशाल ‘मेगापॉड' में तब्दील हो गए हैं। आमतौर पर 10,000 से 12,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाली इन बड़ी इकाइयों में अब 50,000 से अधिक वस्तुओं का भंडारण संभव हो गया है जिससे मंच दूध एवं ब्रेड की तरह ही आईफोन तथा एयर कंडीशनर (एसी) की भी बेहद कम समय में आपूर्ति कर पा रहे हैं। ‘डार्क स्टोर' एक ऐसा खुदरा गोदाम होता है जो ग्राहकों के लिए नहीं, बल्कि केवल ऑनलाइन ऑर्डर पूरा करने के लिए बनाया जाता है। इस डिजिटल उछाल से मानवीय पहलू पर भी काफी ध्यान दिया गया। वर्ष 2025 में ‘गिग' श्रमिकों के कल्याण को लेकर बहस चरम पर पहुंच गई। वहीं 10 मिनट में आपूर्ति के दबाव से जुड़ी सड़क सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी प्रमुखता से सामने आईं। 'गिग' कर्मचारी काम के आधार पर भुगतान पाने वाले कर्मी होते हैं। अकसर ये ऑनलाइन आपूर्ति सेवाओं के लिए काम करते हैं। सरकार ने नवंबर में चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किए जाने के साथ अंततः इन समस्याओं पर गौर किया। इससे ‘गिग' श्रमिकों के विशाल वर्ग को औपचारिक नियामक मान्यता और सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया। किराना पहुंचाने वाले (डिलीवरी) कर्मियों या शहर की सड़कों पर वाहन चलाने वाले चालकों के लिए यह कदम कानूनी अदृश्यता के अंत का संकेत है जिससे वे ‘असंगठित' क्षेत्र के हाशिये से निकलकर औपचारिक सामाजिक सुरक्षा दायरे में आ गए। समान रोजगार अधिकारों की शुरुआत, अनिवार्य नियुक्ति पत्र एवं भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और बीमा जैसे लाभों तक पहुंच ने देशभर के लाखों ‘गिग' और ऑनलाइन मंच के लिए काम करने वाले कर्मचारियों के लिए स्थिरता प्रदान की है। वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए परिदृश्य से संकेत मिलता है कि आने वाला साल बाजार के एकीकरण एवं श्रेणियों के विस्तार से परिभाषित होगा। उद्योग ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है जहां शीर्ष तीन कंपनियां अपनी बाजार स्थिति को और मजबूत करेंगी। साथ ही 30 मिनट से कम समय में पहुंचाई जाने वाली वस्तुओं के दायरे का भी विस्तार किया जाएगा। आने वाले वर्ष में नियामकीय अनुपालन के प्रति अधिक संतुलित रुख अपनाने की आवश्यकता होगी, खासकर श्रम कल्याण और पारंपरिक व्यापार के साथ प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय विधि मंत्रालय ने केंद्र सरकार पर लगे ‘‘सबसे बड़े मुकदमेबाज़'' के ठप्पे को हटाने की दिशा में इस वर्ष एक अहम कदम उठाया लेकिन अदालतों में लंबित मामलों का बोझ घटाने में सहायक मानी जाने वाली मध्यस्थता को बढ़ावा देने की कोशिशें अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकीं। इस वर्ष नए कानून के तहत ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया जिसकी विपक्ष ने “गैर-समावेशी” बताते हुए आलोचना की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के अप्रासंगिक कानूनों को निरस्त करने के एजेंडे के तहत मंत्रालय ने 70 से अधिक अधिनियमों को निरस्त करने के लिए विधेयक पेश किया जिसे संसद ने शीतकालीन सत्र में मंजूरी दे दी। इनमें 65 संशोधन अधिनियम थे जो समय के साथ अपनी उपयोगिता खो चुके थे जबकि छह मूल कानून भी ऐसे थे जो अप्रासंगिक थे। निरस्त किए गए कानूनों में कम से कम दो कानून ब्रिटिश काल के थे। मोदी सरकार मई 2014 से औपनिवेशिक काल के पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को लगातार निरस्त कर रही है। ताजा निरस्तीकरण के बाद अब तक कुल 1,633 कानूनों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। पूर्व और मौजूदा विधि मंत्रियों का यही कहना रहा है कि अप्रासंगिक कानून आम लोगों के जीवन में अनावश्यक बाधा बनते हैं और वर्तमान समय में उनका कोई औचित्य नहीं रह जाता। मंत्रालय ने लंबे समय से विचाराधीन ‘राष्ट्रीय मुकदमा नीति' लाने का विचार आखिरकार छोड़ दिया ताकि केंद्र सरकार का ‘‘सबसे बड़े मुकदमेबाज'' का ठप्पा हटाने में मदद मिल सके। इसके बजाय उसने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के लिए मुकदमों के प्रभावी प्रबंधन और अनावश्यक अदालती लड़ाइयों को कम करने संबंधी निर्देश जारी किए। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “नीति” शब्द इसलिए नहीं अपनाया गया क्योंकि यह व्यवस्था केवल सरकार एवं उसके विभागों पर लागू होती है, निजी मुकदमों पर नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई नीति केवल सरकार, उसके मंत्रालयों और विभागों पर लागू होती है और निजी मुकदमों पर नहीं, तो उसे नीति कहना उचित नहीं है।'' उन्होंने कहा कि इसके अलावा ‘नीति' के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी आवश्यक होती और भविष्य में किसी भी संशोधन के लिए मंत्रिमंडल की स्वीकृति लेनी पड़ती। विधि कार्य विभाग द्वारा जारी “भारत सरकार द्वारा दायर वाद के कुशल एवं प्रभावी प्रबंधन संबंधी निर्देशों'' को सचिवों की समिति ने मंजूरी दी और इनकी वार्षिक समीक्षा का प्रावधान रखा गया है। इन निर्देशों का लक्ष्य “सार्वजनिक हित और बेहतर शासन” को बढ़ावा देना है। विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कानूनी सूचना प्रबंधन एवं ब्रीफिंग प्रणाली (एलआईएमबीएस) पर उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था, ‘‘लगभग सात लाख ऐसे मामले लंबित हैं जिनमें भारत सरकार पक्षकार है। इनमें से लगभग 1.9 लाख मामलों में वित्त मंत्रालय का नाम पक्षकार के रूप में दर्ज है।'' हालांकि सरकार ने उन मुकदमों के बोझ को घटाने के लिए कदम उठाए जिनमें वह पक्षकार है लेकिन मंत्रालय दो साल पहले पारित कानून के तहत अनिवार्य मध्यस्थता परिषद की स्थापना नहीं कर सका। ‘मध्यस्थता अधिनियम, 2023' के तहत मध्यस्थता परिषद का गठन प्रस्तावित है, जो मध्यस्थता के संस्थागत ढांचे और सेवा प्रदाताओं की मान्यता की व्यवस्था तय करेगी। कानून के कुछ प्रावधान अक्टूबर 2023 में अधिसूचित किए गए थे, लेकिन ‘मध्यस्थता परिषद' के गठन की प्रक्रिया अभी आगे नहीं बढ़ सकी।
- नयी दिल्ली. भारतीय रेलवे ने पश्चिम रेलवे के 96 किलोमीटर लंबे बाजवा-अहमदाबाद खंड पर स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच' को सफलतापूर्वक शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि कवच के सफलतापूर्वक शुरू होने से रेलवे ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।‘कवच' स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है, जो एक अत्यंत उन्नत तकनीक है।यह प्रणाली लोको पायलट को निर्धारित गति सीमा के भीतर ट्रेन चलाने में मदद करती है और अगर वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो इस प्रणाली की मदद से स्वचालित ब्रेक लग जाते हैं। विज्ञप्ति में बताया गया, “वडोदरा मंडल (डब्ल्यूआर) ने आज (सोमवार को) महत्वपूर्ण बाजवा-अहमदाबाद खंड पर ‘कवच' प्रणाली के सफल संचालन के साथ सुरक्षा मानकों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जो पश्चिमी रेलवे में पहली बार हुआ है।” अधिकारियों ने बताया कि वडोदरा मंडल में पश्चिमी रेलवे द्वारा पहली बार ‘कवच' प्रणाली शुरू किए जाने के कारण यह भारतीय रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने परियोजना का तकनीकी विवरण देते हुए बताया कि 96 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 23 टावरों और 20 कवच भवनों के साथ 17 स्टेशनों को कवर किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के सफल संचालन के बाद ‘कवच' से लैस पहली ट्रेन वडोदरा-अहमदाबाद संकल्प फास्ट पैसेंजर इस मार्ग पर चली। इस ट्रेन में 11 डिब्बे हैं। अधिकारियों ने बताया, “यह प्रणाली अब पूरी तरह से कार्य कर रही है और सुरक्षा जोखिमों को स्वचालित रूप से कम करती है।
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी में पहली बार साहित्य, संस्कृति और विचार को एक साझा मंच पर लाते हुए तीन दिवसीय भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ का आयोजन करने जा रही है। यह महोत्सव 2, 3 और 4 जनवरी 2026 को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, नई दिल्ली में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित होगा।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली शब्दोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा और वैचारिक चेतना का जीवंत मंच है। दिल्ली सरकार पहली बार साहित्य, संस्कृति और विचार को एक साझा मंच पर ला रही है। विधायक राजकुमार भाटिया, सुरुचि प्रकाशन के राजीव तुली और वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।महोत्सव का उद्घाटन समारोह 2 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक होगा, जिसमें उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा की उपस्थिति रहेगी।मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव में देशभर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ता भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान 40 से अधिक पुस्तकों का विमोचन, 6 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और 2 बड़े कवि सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही दिल्ली एवं एनसीआर की 40 से अधिक विश्वविद्यालयों के छात्र इस उत्सव में सक्रिय सहभागिता करेंगे।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महोत्सव में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। प्रमुख वक्ताओं में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, सुनील आम्बेकर, मनमोहन वैद्य, डॉ. सच्चिदानंद जोशी, सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया, मुकुल कनेटकर, चंद्रप्रकाश द्विवेदी, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, माधवी लता, विक्रमजीत बनर्जी, विष्णु शंकर जैन सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। सायंकाल हर्षदीप कौर, हंसराज रघुवंशी और प्रहलाद सिंह टिपनिया की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। भरतनाट्यम, कथक, भजन संध्या, कवि सम्मेलन और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।छात्र सहभागिता और प्रचार-प्रसार को सशक्त बनाने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों में ‘डीयू एंबेसडर कार्यक्रम’ शुरू किया गया है, जिसके तहत छात्र अपने परिसरों में शब्दोत्सव से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे।महोत्सव में प्रवेश निःशुल्क रहेगा। आम जनता के लिए पूर्व पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है, जिसे दिल्ली शब्दोत्सव की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।दिल्ली सरकार का उद्देश्य ‘दिल्ली शब्दोत्सव’ को स्थायी सांस्कृतिक पहचान के रूप में विकसित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में यह मंच राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर सके। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईएनएसवी कौंडिन्य को साकार करने में किए गए अथक प्रयासों के लिए डिजाइनरों, कारीगरों, जहाज निर्माताओं और भारतीय नौसेना को बधाई दी है। दरअसल, आईएनएसवी कौंडिन्य पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए अपनी पहली यात्रा पर रवाना हो रहा है।
इसे लेकर पीएम मोदी ने कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्य का निर्माण प्राचीन भारतीय सिलाई-जहाज तकनीक से किया गया है, जो भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को दर्शाता है। पीएम मोदी ने कहा, “मैं चालक दल को सुरक्षित और यादगार यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि वे खाड़ी क्षेत्र और उससे परे हमारे ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित कर रहे हैं।”पीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “यह देखकर बेहद खुशी हुई कि आईएनएसवी कौंडिन्य पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए अपनी पहली यात्रा पर रवाना हो रहा है। प्राचीन भारतीय सिलाई-जहाज तकनीक से निर्मित यह जहाज भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को दर्शाता है। मैं इस अद्वितीय जहाज को साकार करने में किए गए अथक प्रयासों के लिए डिजाइनरों, कारीगरों, जहाज निर्माताओं और भारतीय नौसेना को बधाई देता हूं। मैं चालक दल को सुरक्षित और यादगार यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि वे खाड़ी क्षेत्र और उससे परे हमारे ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित कर रहे हैं।”








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