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- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को अभी तक कोविड-19 रोधी टीके की 107.22 करोड़ से अधिक खुराक दी गयी हैं।मंत्रालय ने बताया कि राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश के पास टीकों की 12.75 करोड़ से अधिक खुराक हैं, जिनका अभी इस्तेमाल नहीं किया गया है। उसने कहा कि अधिक टीकों की उपलब्धता, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए टीकों की उपलब्धता की अग्रिम जानकारी और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करके टीकाकरण अभियान को तेज किया गया है।मंत्रालय ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भारत सरकार (नि:शुल्क माध्यम) के जरिए और प्रत्यक्ष राज्य खरीदारी श्रेणी के तहत अब तक कोविड-19 रोधी टीके की कुल 1 अरब 07 करोड़ 22 लाख 89 हजार 365 खुराक उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। उसने कहा कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत केंद्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड रोधी टीके मुफ्त उपलब्ध कराकर उनकी सहायता कर रहा है।
- वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से 'पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ योजना की शुरुआत करते हुए इसे पूरे देश में स्वास्थ्य के मूलभूत ढांचे को ताकत देने और भविष्य में महामारियों से बचाव की उच्चस्तरीय तैयारी का हिस्सा करार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी के मेहंदीगंज में एक जनसभा के दौरान इस मिशन की शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए 5,189 करोड़ रुपये से अधिक की 28 विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को ताकत देने और भविष्य में महामारियों से बचाव के लिए हमारी तैयारी उच्च स्तर की हो, गांव और ब्लॉक स्तर तक हमारे हेल्थ सिस्टम में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता आए, इसके लिए आज काशी से मुझे 64000 करोड़ रुपए के आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य मिला। भविष्य में किसी भी महामारी से निपटने के लिए हम तैयार हों, इसके लिए अपनी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को आज तैयार किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि आज काशी के मूलभूत ढांचे से जुड़ी करीब 5000 करोड़ रुपए रुपये की परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया गया है। इसमें सड़कों से लेकर घाटों की सुंदरता तक, गंगा और वरुणा की साफ सफाई, पुलों, पार्किंग स्थलों, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अनेक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में जीवन को सुगम, स्वस्थ और समृद्ध बनाने के लिए काशी में हो रहा यह विकास पर्व एक प्रकार से पूरे देश को नई ऊर्जा, नई शक्ति और नया विश्वास देने वाला है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारे यहां हर कर्म का मूल आधार आरोग्य को माना गया है लेकिन आजादी के बाद के लंबे कालखंड में आरोग्य और स्वास्थ्य सुविधाओं पर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितनी देश को जरूरत थी। देश में जिनकी लंबे समय तक सरकारें रहीं, उन्होंने देश के हेल्थ केयर सिस्टम के संपूर्ण विकास के बजाय उसे सुविधाओं से वंचित रखा। गांव में या तो अस्पताल नहीं थे, अस्पताल थे तो इलाज करने वाला नहीं था। हमारे हेल्थ केयर सिस्टम में व्याप्त कमियों ने गरीबों और मध्यम वर्ग में इलाज को लेकर हमेशा बनी रहने वाली चिंता पैदा की। आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन देश के हेल्थ केयर सिस्टम में इसी कमी को दूर करने का एक समाधान है।” उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत लक्ष्य यह है कि आने वाले चार-पांच सालों में देश के गांव से लेकर ब्लॉक, जिला, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर तक ‘क्रिटिकल हेल्थ केयर नेटवर्क’ को सशक्त किया जाए। खास तौर पर पहाड़ी और पूर्वोत्तर के राज्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तीन बड़े पहलू हैं। पहला, बीमारी का पता लगाने और उसके इलाज के लिए विस्तृत सुविधाओं के निर्माण से जुड़ा है। इसके तहत गांवों और शहरों में ‘हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर’ खोले जा रहे हैं, जहां बीमारियों की शुरुआत में ही पता लगाने की सुविधा होगी। दूसरा पहलू, रोगों की जांच के लिए टेस्टिंग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। तीसरा पहलू देश में मौजूद लैब्स को और बेहतर बनाने से जुड़ा है। महामारियों के दौरान जांच के लिये बायोसेफ्टी लेवल—तीन की लैब चाहिए। ऐसी 15 नई लैब को क्रियाशील किया जाएगा। आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के माध्यम से देश के कोने-कोने में इलाज से लेकर क्रिटिकल रिसर्च तक एक पूरा इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि जब ऐसा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है तो उससे रोजगार का भी एक पूरा वातावरण विकसित होता है। डॉक्टर, पैरामेडिक्स, लैब, फार्मेसी, साफ-सफाई, कार्यालय, ट्रैवल ट्रांसपोर्ट जैसे अनेक प्रकार के रोजगार उत्पन्न होंगे। हम से पहले वर्षों तक जो सरकार में रहे, उनके लिए स्वास्थ्य सेवा पैसा कमाने और घोटालों का जरिया रही है। गरीबों की परेशानी देखकर भी वे से दूर भागते रहे हैं। आज केंद्र और राज्य में वह सरकार है जो दलित गरीब शोषित वंचित पिछड़े मध्यम वर्ग सभी का दर्द समझती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में ज्यादा सीटें बढ़ने पर अब गरीब का बच्चा भी डॉक्टर बनने का सपना न सिर्फ देख सकेगा बल्कि उसे पूरा भी कर सकेगा। जब ज्यादा डॉक्टर होंगे तो देश के कोने-कोने में गांव-गांव में उतनी ही आसानी से डॉक्टर उपलब्ध हो सकेंगे।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी का जिक्र करते हुए कहा, “अतीत में जिस प्रकार काम हुआ, अगर वह सही तरीके से होता, तो आज काशी की स्थिति क्या होती। दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी को इन्होंने अपने हाल पर छोड़ रखा था। लटकते बिजली के तार, उबड़—खाबड़ सड़कें, घाटों और गंगा मैया की दुर्दशा, जाम, प्रदूषण और अव्यवस्था... यही सब कुछ चलता रहता था। आज काशी का हृदय वही है, मन वही है लेकिन काया को सुधारने का ईमानदारी से प्रयास हो रहा है। जितना काम वाराणसी में पिछले सात सालों में हुआ है, उतना पिछले कई दशकों में नहीं हुआ।” गौरतलब है कि पांच साल तक चलने वाली 'पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना' के लिए बजट में 64,180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी घोषणा 2021-2022 के केंद्रीय बजट में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के सुदूर हिस्सों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की क्षमता विकसित करना है। साथ ही देश में ही अनुसंधान, परीक्षण और उपचार के लिये एक आधुनिक व्यवस्थित तंत्र विकसित करना भी है।इस योजना में 17,788 ग्रामीण तथा 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के विकास के लिये समर्थन प्रदान करने तथा सभी ज़िलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं 11 राज्यों में 3,382 ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना करने के लक्ष्य शामिल हैं।इसके अलावा 602 ज़िलों और 12 केंद्रीय संस्थानों में ‘क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक’ स्थापित करने में सहायता करना, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र तथा इसकी पांच क्षेत्रीय शाखाओं एवं 20 महानगरीय स्वास्थ्य निगरानी इकाइयों को मज़बूत करना भी इस योजना का लक्ष्य है। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने राज्य के सिद्धार्थनगर जिले में स्थानीय मेडिकल कॉलेज तथा आठ अन्य मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को कहा कि पटाखों को जलाने के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के वास्ते शहर सरकार 27 अक्टूबर से ‘पटाखे नहीं दीया जलाओ’ अभियान शुरू करेगी। राय ने कहा कि लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने और पटाखों की खरीद-बिक्री की निगरानी के लिए जिला स्तर पर 157 सदस्यों वाली 15 टीम बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 15 सितंबर को पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करते हुए कहा था कि यह ‘‘जीवन बचाने के लिए आवश्यक’’ है। इसके बाद 28 सितंबर को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने एक जनवरी, 2022 तक राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों की बिक्री और इन्हें जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। राय ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इस साल पटाखों की बिक्री के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है और प्रतिबंध के बावजूद, हमें पटाखों की बिक्री और खरीद के बारे में सूचनाएं मिल रही है।’’मंत्री ने सोमवार को दिल्ली पुलिस और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की जिसमें उन्होंने फैसला किया कि पटाखों को जलाने के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए ‘पटाखे नहीं दीया जलाओ’ अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए जिला स्तर पर 157 सदस्यों वाली पंद्रह टीमों का गठन किया जाएगा और इसके अलावा सभी पुलिस थानों में गश्त के उद्देश्य से दो सदस्यीय टीम होगी।राय ने कहा कि पटाखे जलाते हुए पाए जाने पर भारतीय दंड संहिता के संबंधित प्रावधानों और विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसे आठ मामले पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।
- लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को उत्तर प्रदेश का दौरे पर सिद्धार्थनगर में नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन और अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना की शुरुआत करेंगे। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि मोदी सिद्धार्थनगर में बने मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण करेंगे तथा साथ ही वहीं से वह एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर के मेडिकल कॉलेजों को भी डिजिटल माध्यम से लोकार्पित करेंगे। इन मेडिकल कॉलेजों का निर्माण 2329 करोड़ रुपए की कुल लागत से किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र प्रायोजित योजना के तहत आठ मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं, जबकि जौनपुर में मेडिकल कॉलेज में राज्य सरकार ने अपने संसाधन लगाये हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सिद्धार्थनगर का दौरा कर प्रधानमंत्री के सोमवार के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। भ्रमण कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम प्रस्तावित जनसभा स्थल का निरीक्षण किया। योगी ने लोकार्पण कार्यक्रम में प्रस्तावित चित्र प्रदर्शनी तथा माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मॉडल को देखा। उन्होंने छायाचित्र प्रदर्शनी, बुद्ध का जीवन दृश्य एवं उत्खनित पुरास्थल कपिलवस्तु-एक झलक का अवलोकन भी किया। सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेजों के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में 'प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना' की शुरुआत करेंगे और वाराणसी के लिए 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पांच साल तक चलने वाली प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के लिए बजट में 64,180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी घोषणा 2021-2022 के केंद्रीय बजट में की गई थी। मोदी 25 अक्टूबर को वाराणसी के मेहदीगंज में एक जनसभा के दौरान इस योजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने स्वस्थ भारत के लिये चार-स्तरीय रणनीति बनाई है जिसमें स्वच्छ भारत अभियान, योग, गर्भवती महिलाओं बच्चों की समय पर देखभाल एवं उपचार जैसे उपायों सहित बीमारी की रोकथाम तथा स्वास्थ्य कल्याण को बढ़ावा देना है।प्रवक्ता के अनुसार साथ ही समाज के वंचित वर्ग के लोगों को सस्ता और प्रभावी इलाज मुहैया कराना और स्वास्थ्य अवसंरचना तथा स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की गुणवत्ता को बढ़ाना शामिल है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य देश के सुदूर हिस्सों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित करना है। देश में ही अनुसंधान, परीक्षण और उपचार के लिये एक आधुनिक व्यवस्थित तंत्र विकसित करना है। प्रवक्ता के मुताबिक इस योजना में 17,788 ग्रामीण तथा 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के विकास के लिये समर्थन प्रदान करने तथा सभी ज़िलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं 11 राज्यों में 3,382 ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना करने के लक्ष्य शामिल हैं। इसके अलावा 602 ज़िलों और 12 केंद्रीय संस्थानों में ‘क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक' स्थापित करने में सहायता करना, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र तथा इसकी पांच क्षेत्रीय शाखाओं एवं 20 महानगरीय स्वास्थ्य निगरानी इकाइयों को मज़बूत करना भी इसका लक्ष्य है.।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए छठे आयुर्वेद दिवस से पहले रविवार को आयुष विभाग द्वारा आयोजित मेगा वॉक 'आयुरवॉक' में हिस्सा लिया। पैदल यात्रा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क से शुरू हुई और आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज, करोल बाग में समाप्त हुई। स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि प्रतिभागियों के बीच औषधीय पौधे वितरित किए गए और उनके विभिन्न लाभों पर चर्चा की गई। जैन ने कहा कि यह आयोजन याद दिलाता है कि लोगों को प्रतिदिन पैदल चलना चाहिए। उन्होंने कहा, ''आज की आरामदायक जीवन शैली में जहां सारा काम रोबोट और कृत्रिम बुद्धमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से होता है, हम किसी भी तरह का शारीरिक व्यायाम नहीं करते। यह आयुरवॉक कार्यक्रम याद दिलाता है कि हमें हर दिन पैदल चलना चाहिए।'' जैन ने कहा, ''आयुर्वेद के अनुसार पैदल चलने के कई फायदे हैं। आयुर्वेद में शारीरिक गतिविधियों को शुरू करने या टहलने जाने का सही तरीका बताया गया है। यह दोपहर के भोजन के बाद 'शतपदी' यानी सौ कदम चलने के लिए कहता है। इसी तरह, मधुमेह रोगियों को स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पैदल चलने के लिए कहा गया है।'' जैन ने लोगों को प्रतिदिन दो-तीन किलोमीटर पैदल चलने की सलाह दी।
- नागपुर ।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि एकता, भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है और यही तथ्य देश को 'विश्व गुरु' बनाने के लिए सबसे अहम कारक रहा। लोकमत मीडिया समूह द्वारा उसके नागपुर संस्करण के स्वर्ण जयंती उत्सव के मौके पर आयोजित एक अंतर-धार्मिक सम्मेलन के दौरान ''सांप्रदायिक सौहार्द के समक्ष वैश्विक चुनौतियां तथा भारत की भूमिका'' विषय पर संबाधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता गडकरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति वास्तविक तौर पर धर्मनिरपेक्ष है। उन्होंने कहा कि सभी संस्कृतियों, धर्मों, समुदायों और विचारधाराओं का सम्मान करना भारतीय परंपरा रही है जो किसी ''धर्म'' से जुड़ा मसला नहीं है। गडकरी ने कहा, '' एकता, भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है और यही तथ्य हमें विश्व गुरु बनाने के लिए समर्थ बनाता है, जिसका पूर्वानुमान स्वामी विवेकानंद ने जताया था।'' 'आर्ट ऑफ लिविंग' के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कहा कि सभी को मिलकर साथ चलने और एक-दूसरे का सम्मान करने की जरूरत है क्योंकि सभी समुदाय महत्वपूर्ण हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने वीडियो संदेश में कहा, ''धर्म जोड़ता है, जबकि लोग इसका उपयोग 'तोड़ने के औजार' के तौर पर कर रहे हैं और ऐसा होने के पीछे का कारण पारस्परिक संवाद की कमी होना है।'' योग गुरु बाबा रामदेव, कार्डिनल ओस्वाल्ड ग्रेसियास और अजमेर शरीफ दरगाह के हाजी सैयद सलमान चिश्ती के अलावा अहिंसा विश्वभारती आचार्य लोकेश मुनि समेत अन्य वक्ताओं ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को ऐसे संदेश प्रसारित करने के लिये कहा है जो लोगों को कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने और त्योहारों के मौसम में एहतियात बरतने के लिये प्रोत्साहित करें। मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कोविड वैक्सीन की 100 करोड़ से अधिक खुराक देने का मील का पत्थर हासिल कर लिया है, लेकिन विशेष रूप से त्योहारों के दौरान सतर्क रहना महत्वपूर्ण है, जिन्हें अत्यधिक सावधानी के साथ मनाया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि मीडिया लोगों को कोविड-19 मानदंडों का पालन करने की आवश्यकता के बारे में सूचित करने में सबसे आगे रहा है। शनिवार को जारी परामर्श में कहा गया है, ''आने वाले त्योहारों के संदर्भ में, निजी सेटेलाइट टीवी चैनलों को ऐसे संदेश और अन्य सामग्री प्रसारित करने की सलाह दी जाती है, जो लोगों को कोविड के उचित व्यवहार का पालन करने, सावधानी बरतने, सार्वजनिक सभा तथा भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने और पाबंदियों का पालन करने के लिये प्रोत्साहित करें।'' परामर्श में कहा गया है, ''जैसा कि आप सभी जानते हैं, केंद्र और राज्य सरकारों के निरंतर और सहयोगात्मक प्रयासों से, भारत ने टीकों की 100 करोड़ से अधिक खुराक देने का मील का पत्थर हासिल किया है। टीकाकरण कोविड-19 से निपटने का एक प्रमुख हथियार है, लेकिन जैसाकि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि हमें जोखिम को रोकने के लिए कोविड-उपयुक्त व्यवहार (शारीरिक दूरी बनाए रखना, मास्क पहनना, नियमित रूप से हाथ धोना आदि) का पालन करते हुए एहतियात बरतते रहना चाहिए ताकि कोविड -19 भविष्य में फिर से जोर न पकड़े।'' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में कोविड-19 के 15,906 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 3,41,75,468 हो गई। उपचाराधीन रोगियों की संख्या घटकर 1,72,594 हो गई। 561 रोगियों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 4,54,269 तक पहुंच गई है।-
- कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका वायरस के संक्रमण का अब तक का पहला मामला सामने आया है और वायु सेना में तैनात एक अधिकारी इस रोग से संक्रमित पाये गये हैं । स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि वायु सेना के एक वारंट अधिकारी का जीका वायरस संक्रमण का परीक्षण किया गया और इसमें उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने तथा दहशत रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों को सतर्क किया गया है और इसके अलावा, कई टीमों को वायरस के प्रसार की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है। कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेपाल सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित वायु सेना के वारंट अधिकारी को रहस्यमय लक्षणों के बाद वायु सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि रक्त का नमूना एकत्र किया गया और उचित जांच के लिए पुणे भेजा गया, जिसमें उनके जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुयी । उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट शनिवार को आई। सीएमओ ने साथ ही बताया कि मरीज के संपर्क में आने वाले और समान लक्षण वाले लोगों के 22 और नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
- भोपाल। मध्यप्रदेश के खंडवा लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक छह दिन पहले कांग्रेस को करारा झटका देते हुए प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह विधानसभा सीट के पार्टी विधायक सचिन बिरला रविवार को भाजपा में शामिल हो गये हैं। बिरला ने वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर बड़वाह सीट से भाजपा प्रत्याशी हितेन्द्र सिंह सोलंकी को करीब 30,500 मतों से हराया था। हालांकि, बड़वाह विधानसभा क्षेत्र खरगोन जिले में आता है, लेकिन यह खंडवा लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां 30 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। खंडवा लोकसभा सीट के अलावा, मध्य प्रदेश में तीन अन्य विधानसभा चुनावों पर भी 30 अक्टूबर को उपचुनाव हो रहे हैं। प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर एवं प्रदेश भाजपा ने बिरला का भाजपा में शामिल होने का वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘मध्य प्रदेश के आज बड़वाह के बेड़िया में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में बड़वाह से कांग्रेस विधायक सचिन बिरला ने भाजपा की सदस्यता ली।'' उन्होंने कहा कि भाजपा की जनहितकारी योजनाओं से प्रेरित होकर वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं। पाराशर ने बिरला के भाजपा में शामिल होने पर उनका स्वागत किया है।
- कोलकाता। कोलकाता मेट्रो रेलवे ने रविवार को गैर-वातानुकूलित डिब्बों को औपचारिक रूप से विदाई दे दी। इन डिब्बों में से कुछ डिब्बे 1984 में देश की पहली भूमिगत रेलवे की स्थापना के समय से ही सेवा में थे। 24 अक्टूबर वर्ष 1984 में परिचालन शुरू करने वाली कोलकाता मेट्रो ने गैर-वातानुकूलित डिब्बों को हटाने की प्रक्रिया को यादगार बनाने के लिए महानायक उत्तम कुमार स्टेशन पर 'डाउन द मेमोरी लेन' नामक एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया। कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक मनोज जोशी ने संवाददाताओं से कहा, " इन डिब्बों की विदाई के हिस्से के रूप में हमने एक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया है, जिसमें मेट्रो रेलवे के अतीत, वर्तमान और भविष्य को दर्शाया जाएगा।" उन्होंने कहा कि यह उन पलों को फिर से जीने का अवसर है, जिन्हें शहर ने मेट्रो रेलवे के साथ साझा किया है जोकि लोगों के जीवन का अभिन्न अंग बन गयी है। जोशी ने कहा, " मेट्रो रेल के नेटवर्क को बढ़ाने का कार्य जारी है और दो से तीन वर्षों के भीतर मेट्रो के नए मार्गों पर परिचालन शुरू हो जाएगा।
- चेन्नई। कच्चे माल की कीमत में वृद्धि के साथ उत्पादन लागत बढ़ने की वजह से एक दिसंबर से माचिस की डिब्बी की कीमत मौजूदा एक रुपये के बजाय अब दो रुपये होगी। संबंधित उद्योग संगठन ने रविवार को यह जानकारी दी। हालांकि, उपभोक्ताओं को अब एक डिब्बे में ज्यादा तीलियां मिलेंगी। पहले डिब्बे में 36 तीलियां होती थीं और अब इनकी संख्या 50 होगी। नेशनल स्मॉल मैचबॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सचिव वी एस सेतुरतिनम ने कहा कि प्रस्तावित मूल्यवृद्धि 14 साल के अंतराल के बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की कीमत में वृद्धि हुई है जिससे उत्पादन की लागत में उछाल आया है और इस वजह से "हमारे पास बिक्री (एमआरपी या अधिकतम खुदरा मूल्य) मूल्य बढ़ाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।" सचिव ने कहा, "ईंधन की कीमतों में वृद्धि भी एक कारक है। इससे परिवहन लागत में वृद्धि हुई है उन्होंने कहा कि एक दिसंबर से माचिस के डिब्बी की कीमत मौजूदा एक रुपये से बढ़ाकर दो रुपये (एमआरपी) कर दी जाएगी।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली में 30 अक्टूबर से आरंभ होने वाले दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान की स्थिति व जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और कोरोना वायरस महामारी को लेकर संयुक्त वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दे सकते हैं। घटनाक्रम से अवगत लोगों ने रविवार को यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री 29 अक्टूबर से दो नवंबर के बीच रोम और ग्लासगो की यात्रा करेंगे, जहां वह क्रमश: 16वें जी-20 सम्मेलन और सीओपी-26 (पक्षकारों के सम्मेलन-26) वैश्विक नेताओें के सम्मेलन में शामिल होंगे। मंत्रालय के मुताबिक मोदी रोम में 30 और 31 अक्टूबर को होने वाले 16वें जी-20 सम्मेलन में इतालवी प्रधानमंत्री मारियो द्राघी के आमंत्रण पर शरीक होंगे। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष दिसंबर से ही जी-20 की अध्यक्षता इटली के पास है। जी-20 दुनिया का प्रमुख मंच है, जो दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच पर लाता है। इसके सदस्यों का विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 80 प्रतिशत, वैश्विक कारोबार में 75 प्रतिशत और पृथ्वी की आबादी में 60 प्रतिशत योगदान है। इस मंच की बैठक वर्ष 1999 से ही हर साल हो रही है और वर्ष 2008 से सालाना शिखर सम्मेलल का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष हिस्सा लेते हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पहली बार भारत वर्ष 2023 में जी-20 का शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा।रोम में होने जा रहे शिखर सम्मेलन में जी-20 के सदस्यों देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष, यूरोपीय संघ, आमंत्रित देश और कई अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा लेंगे। जी-20 नेताओं के अहम मुद्दों जैसे कोरोना वायरस महामारी से उबरना, जलवायु परिवर्तन, दुनिया के विभिन्न हिस्सों से गरीबी और समानता को दूर करने को लेकर चर्चा की उम्मीद है।
- जयपुर। जयपुर के घाटगेट इलाके में शनिवार को पारिवारिक विवाद के चलते दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में एक गर्भवती महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । लालकोठी थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि घाटागेट इलाके में पारिवारिक विवाद के चलते कुछ युवकों ने अपने चाचा पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, इस हमले में पिता को बचाने आयी उसकी गर्भवती बेटी पर भी युवकों ने चाकुओं से हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान साबिर खां (60) और उसकी बेटी नफीसा (36) के रूप में की गई है।उन्होंने बताया कि खूनी संघर्ष में हमलावर युवकों सहित पांच लोग घायल हो गये हैं। घायलों को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये है। इस संबंध में सात लोगों के खिलाफ हत्या सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। करीब 43 प्रतिशत शिक्षकों ने कहा है कि वे महामारी के दौरान ऑनलाइन अध्यापन से संतुष्ट नहीं हैं, जबकि उनमें से नौ प्रतिशत ने शिक्षा के इस माध्यम से पूर्णत: असंतोष व्यक्त किया है। एक सर्वेक्षण में यह दावा किया गया है। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) के प्रथम जर्नल -‘चिल्ड्रेन फर्स्ट: जर्नल ऑन चिल्ड्रेंस लाइव्स' में प्रकाशित एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में कुल 220 स्कूली शिक्षकों ने हिस्सा लिया। ज्यादातर शिक्षकों (43 प्रतिशत) ने कहा कि वे लोग ऑनलाइन अध्यापन करने से संतुष्ट नहीं हैं और नौ प्रतिशत शिक्षक इस माध्यम से कहीं से भी खुश नहीं थे। शिक्षकों ने जिन मुख्य मुद्दों की पहचान की है, उनमें महामारी के चलते अध्यापन के ऑनलाइन होने पर छात्रों की अनुपस्थिति (14 प्रतिशत), विशेष जरूरत वाले बच्चों (21 प्रतिशत) पर विचार नहीं करना, छात्रों पर ध्यान देने की अवधि का कम होना (28 प्रतिशत), छात्रों द्वारा भावनात्मक मुद्दे प्रकट करना (19 प्रतिशत) और छात्रों द्वारा असाइनमेंट पूरा नहीं करना शामिल है। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों और छात्रों ने यह भी कहा कि ऑनलाइन भावनात्मक सहयोग और काउंसलर का सामूहिक रूप से बातचीत करना तथा समाज कार्य ने बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा में कहीं अधिक सहभागी बनाने में मदद की। शिक्षकों ने जोर देते हुए कहा कि स्कूली शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी आवश्यक हो गई है क्योंकि तभी जाकर बच्चों तक उनकी नियमित पहुंच होगी और वे इस अवधि के दौरान सीधे तौर पर शामिल हो सकते हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, अध्ययन में भाग लेने वाले छात्रों ने कहा कि वे मित्रों से मिलने व लोगों से बातचीत करने आदि जैसी कई स्कूली गतिविधियों से वंचित रह गये।
- नयी दिल्ली। सरकार भारत बांड ईटीएफ की अगली किस्त दिसंबर तक ला सकती है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सरकार भारत बांड ईटीएफ से दिसंबर तक 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इस राशि का इस्तेमाल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) की वृद्धि की योजना में किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की कोष की जरूरत का आकलन किया जा रहा है और एक्सचेंज ट्रेडेड कोष (ईटीएफ) की तीसरी किस्त को चालू कैलेंडर वर्ष के अंत से पहले पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘अभी हम इस राशि को अंतिम रूप दे रहे हैं। लेकिन यह 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।'' भारत बांड ईटीएफ एक एक्सचेंज ट्रेडेड कोष है जो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बांड में निवेश करता है। ईटीएफ फिलहाल सिर्फ ‘एएए' रेटिंग वाले बांड में निवेश करता है। ईटीएफ के जरिये जुटाई गई राशि का इस्तेमाल सीपीएसई या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्ज जुटाने की योजना में होता है। इससे उनकी पूंजीगत व्यय की जरूरत को भी पूरा किया जाता है।
- नयी दिल्ली। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में वृद्धि की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि 2014 में जहां इनकी संख्या 1.5 लाख के करीब थी, वहीं 2020 तक इसमें दोगुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी पर प्रसारित मासिक कार्यक्रम ‘‘मन की बात'' की ताजा कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए उम्मीद जताई कि आगे और भी ज्यादा संख्या में महिलाएं पुलिस सेवा में शामिल होंगी और देश की पुलिस सेवा की नयी पीढ़ी का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘पहले यह धारणा बन गई थी कि सेना और पुलिस जैसी सेवा केवल पुरुषों के लिए ही होती है। लेकिन आज ऐसा नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2014 में जहां इनकी संख्या 1.5 लाख के करीब थी, वहीं 2020 तक इसमें दोगुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और यह संख्या अब 2.15 लाख तक पहुंच गई है।'' ज्ञात हो कि मोदी 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों में भी पिछले सात सालों में महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी हुई है और आज देश की बेटियां कठिन से कठिन कर्तव्य भी पूरी ताकत और हौसले से पूरा कर रही हैं। इस क्रम में उन्होंने सबसे कठिन माने जाने वाले प्रशिक्षणों में एक विशिष्ट जंगल युद्ध कमांडो के प्रशिक्षण का उल्लेख किया और कहा कि आगे जाकर यह प्रशिक्षित बेटियां कोबरा बटालियन का हिस्सा बनेंगी। उन्होंने कहा कि आज हवाई अड्डों से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक या सरकारी दफ्तरों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की जांबाज महिलाएं हर संवेदनशील जगह की सुरक्षा करते दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसका सबसे सकारात्मक असर हमारे पुलिस बल के साथ-साथ समाज के मनोबल पर भी पड़ रहा है। महिला सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से लोगों में, विशेषकर महिलाओं में सहज ही एक विश्वास पैदा होता है। वे उनसे स्वाभाविक रूप से खुद को जुड़ा महसूस करती हैं। महिलाओं की संवेदनशीलता की वजह से भी लोग उन पर ज्यादा भरोसा करते हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला पुलिसकर्मी आज देश की लाखों और बेटियों के लिए भी आदर्श बन रही हैं। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से अनुरोध किया कि वे स्कूलों के खुलने के बाद अपने क्षेत्रों के स्कूलों में जाएं और बच्चियों से बात करें। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि इस बातचीत से हमारी नयी पीढ़ी को एक नयी दिशा मिलेगी। यही नहीं, इससे पुलिस पर जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।'' प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इससे आगे और भी ज्यादा संख्या में महिलाएं पुलिस सेवा में शामिल होंगी और पुलिस सेवा की भावी पीढ़ी का नेतृत्व करेंगी। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वैश्विक संस्था का एक अनोखा पहलू यह भी है कि उसका प्रभाव और उसकी शक्ति बढ़ाने में भारत की नारी शक्ति ने बड़ी भूमिका निभाई है। इस कड़ी में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि रहीं हंसा मेहता और लक्ष्मी मेनन का उल्लेख किया और कहा कि लैंगिक समानता के लिए उन्होंने पुरजोर आवाज उठाई। उन्होंने विजया लक्ष्मी पंडित के संयुक्त राष्ट्र आम सभा की पहली महिला अध्यक्ष बनने का भी जिक्र किया।
- आइजोल। मिजोरम के चंफाई जिले में भारत-म्यांमा सीमा पर भारी मात्रा में कारतूस और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। असम राइफल्स ने रविवार को एक बयान में यह जानकारी दी। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए असम राइफल्स के जवानों ने शनिवार को तिआउ काई गांव के पास एक जंगल से 100 कारतूस, 38 निओजेल जिलेटिन की छड़ें और 251 विस्फोटक जब्त किए। बयान में कहा गया है कि गोलाबारूद जब्त होने से जानमाल के नुकसान को रोक लिया गया है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि अपने नागरिकों को 100 करोड़ कोविड-19 रोधी टीकों की खुराक देना भारत के सामर्थ्य और ‘सबके प्रयास' के मंत्र की शक्ति को दर्शाता है और इस उपलब्धि के बाद देश नए उत्साह और नयी ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है। आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात'' की 82वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता को लेकर वह आश्वस्त थे क्योंकि वह देशवासियों की क्षमताओं से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा, “हमारे टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता, भारत के सामर्थ्य को दिखाती है, सबके प्रयास के मंत्र की शक्ति को दिखाती है। टीकों की 100 करोड़ खुराक के बाद आज देश नए उत्साह, नई ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सफलता का उन्हें दृढ़ विश्वास इसलिए था क्योंकि वह अपने देश, अपने देश के लोगों की क्षमताओं से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता था कि हमारे स्वास्थ्यकर्मी देशवासियों के टीकाकरण में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे।'' उन्होंने कहा कि 100 करोड़ खुराक का आंकड़ा बहुत बड़ा जरुर है लेकिन इससे लाखों छोटे-छोटे प्रेरक और गर्व से भर देने वाले अनेक अनुभव व अनेक उदाहरण जुड़े हुए हैं| उन्होंने कहा, ‘‘हमारे स्वास्थ्य-कर्मियों ने अपने अथक परिश्रम और संकल्प से एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने नवोन्मेष के साथ अपने दृढ़ निश्चय से मानवता की सेवा का एक नया मानदंड स्थापित किया।'' प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड के बागेश्वर की एक महिला स्वास्थ्यकर्मी पूनम नौटियाल से बात की और टीकाकरण के दौरान उन्हें हुई कठिनाइयों पर चर्चा की। उन्होंने नौटियाल से कहा, ‘‘आज मैं सिर्फ आपका ही आभार व्यक्त नहीं कर रहा हूं बल्कि हर उस भारतवासी का आभार व्यक्त कर रहा हूं, जिसने ‘सबको टीके-मुफ्त टीके' अभियान को कामयाबी दी।'
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बहुमुखी प्रतिभा के धनी व प्रख्यात कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण को उनकी 100वीं जयंती पर याद किया और कहा कि अपनी रचनाओं के जरिए उन्होंने तत्कालीन सामाजिक व राजनीतिक सच्चाई को सुंदरता से प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘आर के लक्ष्मण की 100वीं जयंती पर मैं उन्हें याद कर रहा हूं। अपने कार्टूनों के जरिए उन्होंने तत्कालीन सामाजिक व राजनीतिक सच्चाई को सुंदरता से प्रस्तुत किया।'' उन्होंने वर्ष 2018 में ‘‘टाइमलेस लक्ष्मण'' नामक पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर दिए गए अपने भाषण का एक वीडियो भी साझा किया। 24 अक्टूबर 1921 को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे लक्ष्मण एक प्रमुख व्यंग्य चित्रकार थे और अपनी रचनाओं के जरिए उन्होंने आम आदमी की पीड़ा और सामाजिक विकृतियों को सामने रखने के साथ ही राजनीतिक व्यवस्था पर भी तंज कसे। उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
- शाहजहांपुर। जिले में एक ढाबे पर मामूली कहासुनी के बाद एक व्यक्ति ने सीमेंट व्यवसायी की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को हत्या में प्रयुक्त तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) संजय कुमार ने रविवार को बताया कि थाना कोतवाली अंतर्गत केरूगंज स्थित एक ढाबे पर शनिवार देर रात मनीष कुमार (35) अपने दोस्त के साथ गए और ढाबे के बाहर बैठकर खाना खा रहे थे। इसी बीच ढाबे के अंदर से दो व्यक्ति निकले जिनसे मनीष की मामूली कहासुनी हो गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी रूबल यादव ने तमंचे से मनीष के गोली मार दी। इस घटना के बाद मनीष को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने रात में ही आरोपी रूबल यादव तथा मोहब्बत अली को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है।
- ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में मछली बेचने के मुद्दे पर विवाद के बाद एक रिश्तेदार की हत्या करने के आरोप में 19 वर्षीय युवक को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। आरोपी काल्या उर्फ हितेश संजय नखवाल का शनिवार रात को अपने रिश्तेदार 53 वर्षीय भानुदास उर्फ मुकुंद दत्तू चौधरी से झगड़ा हुआ था। तिलक नगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि झगड़े के बाद आरोपी हितेश अपने रिश्तेदार को डोम्बिवली शहर में खम्बालपाडा की एक सुनसान जगह पर ले गया जहां उसने धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर कथित तौर पर हमला किया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों से बताया कि अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो गयी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए एक सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को रविवार को पकड़ लिया गया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
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भरतपुर। भरतपुर के बयाना थाना इलाके में समोगर पुल के पास एक बस खाई में पलट गई। बस में पटवारी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी बैठे हुए थे। हादसे में एक युवती की मौत हो गई है। बाकी के 22 अभ्यर्थी घायल बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि प्रशासन की तरफ से पटवारी परीक्षा को देखते हुए निजी बस लगाई गई थी, जो भरतपुर से करौली रूट पर चल रही थी। करौली जाने के लिए बयाना रास्ते से जाना पड़ता है। जब बस बयाना से जा रही थी तो समोगर पुल पार करने के बाद सामने से अचानक पिकअप वाहन आ गया। उसे बचाने के चक्कर में बस रेलिंग से टकरा गई और अनियंत्रित होकर खाई में जा गिर गई। बस गिरते ही चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती करवाया। सभी का इलाज बयाना अस्पताल में चल रहा था। सूचना मिलने पर कलेक्टर व एसपी भी मौके पर पहुंचे। गंभीर घायलों का इलाज शुरू किया गया। -
अलग-अलग बाढग़्रस्त क्षेत्रों में मौत का तांडव, राहत बचाव कार्य जारी
सीतापुर। पहाड़ी इलाकों से नदियों में छोड़े जा रहे पानी से मैदानी इलाकों में कोहराम मचा हुआ है। सीतापुर जिले के अलग-अलग बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में दो बच्चों, एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि मां-बेटी सहित तीन अभी भी लापता हैं। एडीआरएफ की टीम और पीएसी के गोताखोर लापता लोगों की खोजबीन में जुटे हैं। सभी लहरपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पुलिस ने बताया कि लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के उमरा गांव में राहुल पुत्र अशोक शनिवार शाम शौच के लिए गया था, जहां वह गहरे पानी डूबने लगा। उसको डूबता देखकर बचाने के लिए परिवार की ही मैकिन, यशोदा और उसकी दो बेटियां रेखा व कल्पना भी पहुंचीं। इन लोगों ने राहुल को बचाने की कोशिश की, लेकिन बचाने के दौरान ही यह चारों भी डूबने लगीं। शोरगुल सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े। बड़ी मुश्किल से गांव के लोग राहुल, मैंकिन और रेखा को पानी से निकलने में कामयाब रहे, लेकिन कल्पना और उसकी मां यशोदा पानी के तेज बहाव में बह गईं। उनका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। डूबने से बचाई गई मैकिन की मौत हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। पुलिस व एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। पाने में बही मां-बेटी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मृतक मैकिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इसके अलावा तंबौर इलाके के इस्माइलगंज मजरा गोन्धिया गांव निवासी हाशिम राईन का दो वर्षीय बेटा सुहेल घर में तख्त पर शनिवार की दोपहर सो रहा था। अचानक बाढ़ का पानी गांव में दाखिल हुआ और तख्त के नीचे से बाढ़ का पानी बहने लगा था। इसी बीच मासूम बच्चे ने करवट ली और पानी में गिरकर डूब गया। अपने कामों में व्यस्त परिवार के लोगों को जब तक पता चला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इसी प्रकार तंबौर थाना इलाके के रायमरोड़ गांव निवासी निवासी शिव सागर पुत्र सोहन लाल शनिवार को घर से तम्बौर में दवा लेने के लिए निकला था। जब वह तंबौर से दवा लेकर वापस घर जा रहा था कि इसी दौरान बीच रास्ते में पैर का असंतुलन बिगडऩे से पुलिया के पास पानी की तेज धारा में वह बह गया। बताया जाता है कि शिव सागर सांस का मरीज होने से तम्बौर दवा लेने आया था। शिवसागर को डूबता देखकर ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज धार होने से उसे बचा नहीं पाए। शिवसागर के डूबकर बह जाने की सूचना पुलिस व तहसील प्रशासन को दे दी गई है, लेकिन अभी तक उसे तलाशा नहीं जा सका।
इसी प्रकार तंबौर इलाके के ही बसंतापुर मजरा क्योटाना गांव निवासी ओमकार लोधी पुत्र मनोहर लाल तंबौर सब्जी लेने आया था। सब्जी लेकर घर वापस जा रहा था। तभी गांव की मोड़ के पास तेज धार होने से वह फिसल गया, जिससे डूबकर उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों ने उसे भी बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। हालांकि कुछ देर बाद ओमकार का शव निकाल लिया गया। -
नयी दिल्ली। केंद्र ने शनिवार को राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों से उन लाभार्थियों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया, जो अपनी अंतराल अवधि समाप्त होने के बाद कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से टीकाकरण की गति में सुधार करने और इसके दायरे में तेजी लाने का भी आग्रह किया गया है क्योंकि देश राष्ट्रव्यापी कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान के तहत वर्ष के अंत तक सभी पात्र आबादी का टीकाकरण करने के लिए आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘अब तक 71.24 करोड़ पहली खुराक, पात्र आबादी के 76 प्रतिशत को कवर करती है, और 30.06 करोड़ दूसरी खुराक, पात्र आबादी के 32 प्रतिशत को कवर करती है, जिन्हें कोविड टीके की खुराक लगाई हैं।'' इसमें कहा गया है कि राज्यों से को-विन पोर्टल से पात्र लाभार्थियों की सूची तक पहुंचने का अनुरोध किया गया है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि लाभार्थियों की विस्तृत लाइन-सूचियों का उपयोग जिलावार दूसरी खुराक देने के वास्ते योजना तैयार करने के लिए किया जा सकता है, जिसमें जिलाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वयन के लिए शामिल किया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘उन्हें (राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों) दूसरी खुराक कवरेज बढ़ाने के लिए अपनी रणनीतियों को साझा करने का भी अनुरोध किया गया है।
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मुजफ्फरनगर (उप्र)। यहां की एक विशेष अदालत ने कई आपराधिक मामलों के एक आरोपी की 25 करोड़ रुपये की संपत्ति मुक्त कर दी है, जिसे पिछले साल जिलाधिकारी के आदेश के तहत कुर्क किया गया था। अदालत के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने बृहस्पतिवार को पिछले आदेश को खारिज करते हुए पिछले साल 20 सितंबर को जब्त की गई कई संपत्तियों को मुक्त कर दिया। कई आपराधिक मामलों में आरोपी इमलाख के खिलाफ एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान संपत्ति कुर्क की गयी थी। इमलाख के खिलाफ जिले के शेरपुर गांव के कोतवाली थाने में गैंगस्टर कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से दलीलें देते हुए अधिवक्ता वकार अहमद ने जिलाधिकारी के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें ट्रस्ट की संपत्ति को कुर्क करने के लिए गैंगस्टर कानून की धारा 14 (1) को लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस धारा के तहत संपत्तियों को कुर्क नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह आयकर का भुगतान करने वाले एक ट्रस्ट से संबंधित है।



























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