क्या मल्टीग्रेन आटे से भी कब्ज की समस्या हो सकती है?
मल्टीग्रेन आटा आजकल का नया ट्रेंड बन चुका है। हर कोई आजकल इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहा है। पहले जहां सिर्फ डायबिटीज के मरीज इस आटे को खाते थे वहीं अब ये हर किसी के नॉर्मल डाइट का हिस्सा बनता जा रहा है। मल्ट्रीग्रेन आटे में कई प्रकार के मोटे अनाजों को शामिल किया जाता है जो कि हाई फाइबर से भरपूर होते हैं। हाई फाइबर जहां डाइजेशन बूस्टर और मेटाबॉलिज्म तेज करने वाला होता है वहीं ये आंतों की गति को भी तेज करता है मल में थोक जोड़कर इसे मुलायम बनाता है और पेट साफ करने में मदद करता है। हालांकि, फाइबर शरीर के लिए जरूरी है लेकिन ज्यादा मात्रा में फाइबर का सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ये कब्ज की भी वजह बन सकता है कैसे, जानते हैं इस बारे में -
मल्टीग्रेन आटे से कब्ज हो तो क्या करें?
मल्टीग्रेन आटे से होने वाले कब्ज से बचने के लिए आपको ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए दरअसल जितना ज्यादा आप पानी पिएंगे शरीर फाइबर को उतने आराम से पचा लेगा जिससे कि आपको कब्ज की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा मल्टीग्रेन आटे का सेवन धीरे-धीरे बढ़ाएं अचानक से इस आटे पर निर्भर न हो जाएं या सिर्फ इसी को डाइट में शामिल न करें।
इस संकेतों पर दें ध्यान
मल्टीग्रेन आटे से आपका मल टाइट होने लगे या आपको बवासीर जैसी समस्या महसूस होने लगे तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है। इसके अलावा अगर आपको लग रहा है कि आपका खाना सही से नहीं पच पा रहा या गैस व बदहजमी की दिक्कत हो रही है और ये लगातार बनी रहती है तो इसका मतलब है कि आप फाइबर ज्यादा मात्रा में ले रहे हैं और पानी कम पी रहे हैं।
ऐसी में आपको अपनी डाइट में सबसे पहले तो फल, सब्जियां और दही शामिल करना चाहिए जो कि पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करे। इसके अलावा भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं और नियमित समय पर खाएं। टहलने जैसी हल्की शारीरिक गतिविधि भी मल त्याग में सहायक होती है। तो इस प्रकार से डाइट सही करें और मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटी को डाइट में शामिल तो करें लेकिन संतुलित मात्रा में।
सबसे अच्छा मल्टीग्रेन आटा कौन सा होता है?
मल्टीग्रेन आटा कई प्रकार के अनाजों से बनता है लेकिन सबसे अच्छा आटा उसे माना जाता है जिसमें 25% तक बाजरा होता है और बाकी दूसरे अनाज। हालांकि, ये खाने वाले की पसंद पर भी निर्भर करता है।
मल्टीग्रेन आटा किसे नहीं खाना चाहिए?
मल्टीग्रेन आटा उन तमाम लोगों को नहीं खाना चाहिए जिनका पाचन क्रिया कमजोर हो या जिन्हें खाना पचाने में मुश्किल हो रही हो। इसके अलावा गैस से जुड़ी समस्या वाले लोगों को भी इसके सेवन से बचना चाहिए।

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