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- रायपुर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर तहसील के ग्राम कौशलपुर में मेसर्स मोनू कृषि सेवा केंद्र में रासायनिक खाद के विक्रय में अनियमितता का मामला पकड़ में आने पर जिला प्रशासन द्वारा इसे सील कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान गोदाम में लगभग 1,442 बोरियां रासायनिक खाद, जिनमें प्रमुख रूप से इफको ब्रांड की खाद का भंडारण पाया गया। कृषि सेवा केन्द्र के संचालक द्वारा शासन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने, स्टॉक पंजी का संधारण नही करने तथा अन्य अनियमितता के चलते प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई।गौरतलब है कि कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश पर सूरजपुर जिले में रासायनिक खाद की कालाबाजारी एवं अनियमित आपूर्ति पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार जांच पड़ताल की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज रामानुजनगर तहसील के अंतर्गत ग्राम कौशलपुर स्थित मेसर्स मोनू कृषि सेवा केंद्र के संचालक श्री ब्रिज बिहारी साहू के गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। तहसीलदार रामानुजनगर, एसएडीओ एवं हल्का पटवारी की संयुक्त जांच टीम ने उक्त कृषि सेवा केन्द्र में मिली अनियमितताओं के चलते गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील करने की कार्रवाई की।
- रायपुर।, सूरजपुर जिले में किसानों की आय में वृद्धि तथा खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स-ऑयल पाम योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2025-26 में जिले को कुल 300 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम पौधरोपण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।अभियान की शुरुआत बुधवार को भैयाथान विकासखंड के ग्राम सिरसी में हुई, जहां कृषक श्री आशीष गुप्ता के एक हेक्टेयर भूमि पर 143 ऑयल पाम पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाड़े, जनपद पंचायत भैयाथान के जनप्रतिनिधि, स्थानीय कृषकगण एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।इस अवसर पर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने कहा कि पारंपरिक फसलों की तुलना में ऑयल पाम की खेती से चार गुना अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसकी खेती में न्यूनतम श्रम बल की आवश्यकता होती है, रोगों की संभावना कम रहती है तथा यह किसानों की आय में आशातीत वृद्धि का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से भारत खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।ऑयल पाम की खेती में प्रति हेक्टेयर 143 पौधों का रोपण किया जाता है, जो 9×9 मीटर की त्रिकोणीय पद्धति से किया जाता है। चार वर्षों में पौधे फल देने लगते हैं और एक एकड़ में वार्षिक 10 से 12 टन उत्पादन संभावित होता है, जो लगातार 25-30 वर्षों तक प्राप्त होता है। सरकार द्वारा फलों की खरीदी दर 17 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।किसानों की सुविधा हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पौधरोपण सामग्री हेतु 29 हजार रूपए, फेंसिंग हेतु 54 हजार 485 रूपए, ड्रिप सिंचाई प्रणाली हेतु 31 हजार 400 रूपए अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही बोर खनन एवं पंप प्रतिस्थापन पर भी अनुदान की व्यवस्था की गई है।उल्लेखनीय है कि इस योजना के माध्यम से किसानों की सबसे बड़ी समस्या विपणन का समाधान किया गया है। राज्य सरकार एवं प्री. यूनिक एशिया प्रा. लि. के बीच संपन्न एमओयू के तहत कंपनी किसानों से फसल की खरीदी सीधे खेत से करेगी, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं करनी होगी।ऑयल पाम एक ताड़ प्रजाति का पौधा है, जिससे ताड़ का तेल (पाम ऑयल) प्राप्त होता है। इसका उपयोग रिफाइंड खाद्य तेल, साबुन, सौंदर्य प्रसाधन सहित कई उत्पादों में होता है। यह अभियान किसानों की आय वृद्धि के साथ-साथ देश को खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता से मुक्त कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वर्तमान में भारत 60-70 प्रतिशत खाद्य तेल का आयात करता है, जिसमें पाम ऑयल की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है।
- -अवैध भंडारण एवं परिवहन के मामले में कोण्डागांव मंडी समिति ने की कार्रवाईरायपुर। कृषि उपज मंडी समिति, कोण्डागांव द्वारा मंडी क्षेत्र अंतर्गत अवैध भण्डारण और परिवहन के मामले में 834 बोरा मक्का एवं 60 बोरा उड़द जब्त किया गया है। यह कार्रवाई मंडी सचिव श्री सुरेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल द्वारा मंडी अधिनियम 1972 के तहत की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मेघना (नवरंगपुर) निवासी श्री पदम बिंदाड़ी द्वारा ग्राम बफना में वाहन में 60 बोरा उड़द का परिवहन बिना किसी वैध मंडी दस्तावेज के करते पाए जाने पर मंडी अधिनियम की धारा 23 के तहत जब्ती और अभिग्रहण की कार्रवाई की गई।इसी प्रकार ग्राम मुड़ाटिकरा (मुलमूला) में श्री बुधराम देवांगन के गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिना वैध मंडी पंजीयन के अवैध रूप से भण्डारित 834 बोरा मक्का (अनुमानित वजन 500 क्विंटल) जब्त किया गया। दोनों प्रकरणों में मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(4) के तहत नियमानुसार मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क, निराश्रित शुल्क तथा धारा 53 के अंतर्गत प्रशमन शुल्क के रूप में कुल 92,738 रूपए की वसूली की गई। मंडी समिति के सचिव ने जानकारी दी कि सत्र 2025-26 में अब तक कुल 9 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं, जिनमें कुल 3,631 बोरा (अनुमानित वजन 2,172.20 क्विंटल) कृषि उपज की जब्ती की गई है। इनका कुल अनुमानित मूल्य 49 लाख 71 हजार 780 रूपए है। इन प्रकरणों में मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(4) के तहत कार्रवाई करते हुए 3 लाख 47 जार 852 की राशि वसूल कर प्रकरणों का निराकरण किया गया है।
- रायपुर,। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका ने प्रोफेसर डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत को पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है।राज्यपाल द्वारा डॉ. सारस्वत की नियुक्ति पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (संशोधन अधिनियम, 2006, 2010 एवं 2019) की धारा 9(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। उनका कार्यकाल, परिलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होंगी।वर्तमान में डॉ. सारस्वत, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
- -महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में तिलक- आजाद जयंती पर कथक नृत्य व सुगम संगीत का हुआ मनमोहक आयोजन- वेस्टइंडीज के सुसान व राणा मोहिप ने अपनी यादगार प्रस्तुतियों से दिल जीता संगीतप्रेमी दर्शकों कारायपुर। महाराष्ट्र मंडल में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर वेस्ट इंडीज के त्रिनिदाद- टोबैगो से पहुंचीं कथक नृत्यांगना सुसान मोहिप ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर राणा मोहिप और साधना राहटगांवकर ने अपने साथी वादकों के साथ सुगम संगीत की महफिल भी जमाई।महादेव की स्तुति के लिए राग भूपाली में ‘महेश्वरा महादेव’ नाम से प्रसिद्ध बंदिश कथक नृत्य और गायन के दौरान सुनाई दी। इस बंदिश में राग भूपाली की मधुरता और महादेव की महिमा को एक साथ व्यक्त किया गया। इसे सुनकर श्रोताओं को आनंद और शांति का अनुभव हुआ। सुसान की ओर से प्रस्तुत बंदिश में ‘महेश्वरा महादेव’ के नाम की पुनरावृत्ति ने महादेव की इस स्तुति को और भी अधिक प्रभावशाली बना दिया।वेस्टइंडीज के त्रिनिदाद से पहुंचे भारतीय मूल के राणा मोहिप ने हारमोनियम में संगत दी। कार्यक्रम में भिलाई की साधना रहाटगांवकर का सुगम और भक्ति गायन भी लोगों को सुनने को मिला। इनके साथ पंडित अवध सिंह ठाकुर, शरीफ हुसैन और डा. बिहारी लाल तारम ने बांसुरी की धुन ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेहरू युवा केंद्र छत्तीसगढ़- मध्यप्रदेश के स्टेट डायरेक्टर अतुल निकम ने अपने उद्बोधन में कहा कि सिर्फ 10 महीने पहले वे रायपुर आए थे और इतने कम समय में उनका महाराष्ट्र मंडल से जो नाता जुड़ा है, वो आजीवन बना रहेगा, वे रायपुर में रहें या न रहें। वैसे भी वे मंडल के आजीवन सभासद जो हैं। उन्होंने मंडल के उल्लेखनीय कार्यों और गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि यही कारण है कि वे महाराष्ट्र मंडल और उसके अध्यक्ष अजय काले सहित पूरी कार्यकारिणी को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं।दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जीवनी पर चर्चा करते हुए कहा कि वे जितने ईमानदार और स्पष्ट वक्ता थे, उतने ही आक्रामक भी। उस काल में गरम दल का अर्थ बंदूक, गोला- बारूद हुआ करता था, लेकिन उनके गरम दल का अर्थ लेखन में था। तिलक ने कारावास में भी अवसर ढूंढकर गीता रहस्य नामक ग्रंथ की रचना की।मंडल के सचेतक रवींद्र ठेंगड़ी ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन से जुड़े कई रोचक किस्से सुनाए। इनमें से एक किस्सा ठेंगडी ने बताया कि काकोरी ट्रेन लूट कांड के बाद ब्रिटिश हुकूमत में फरार चल रहे चंद्रशेखर आजाद साधु के वेश में गाजीपुर के आश्रम में जानबूझकर पहुंच गए। वहां के मुख्य साधु मरणासन्न थे और उनकी सेवा करने के लिए भी आसपास कोई नहीं था। आजाद को लगा कि कल- परसों में यदि ये साधु दिवंगत हो जाते हैं, तो वे स्वयं पूरे आश्रम और संपत्ति का वारिस हो जाएंगे और यहां से मिला पैसा उनके स्वतंत्रता आंदोलन में काम आएगा। इसी लालच में उस आश्रम में रुककर आजाद से बेहद बीमार व अशक्त साधु की सेवा करने लगे। धीरे- धीरे साधु पूरी तरह स्वस्थ होकर चलने- फिरने लगे। आखिरकार आजाद को वहां से भागना पड़ा।इधर सांस्कृतिक समिति की प्रभारी प्रिया बक्षी और सह प्रभारी गौरी क्षीरसागर ने वेस्ट इंडीज और भारत के बीच सांस्कृतिक समानता पर चर्चा की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने वेस्ट इंडीज के अतिथि कलाकारों का स्वागत करते हुए उनकी प्रस्तुतियों को महाराष्ट्र मंडल के मंच की उपलब्धि बताया। उन्होंने मुख्य अतिथि अतुल निकम के महाराष्ट्र मंडल को दिए गए सहयोग को भी आभार व्यक्त करते हुए याद किया। मंच का संचालन संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने किया।
- -मंत्री खन लाल देवांगन ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया-पेड़-पौधे प्रकृति के आभूषण, मां के नाम पौधरोपण कर करें हरियाली का विस्तारः मंत्री देवांगन-कटघोरा उपजेल परिसर में वनमहोत्सव का हुआ आयोजन, तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका किया गया वितरितरायपुर। , वाणिज्य उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरण व एक पेड़ मां के नाम 2.0 वनमहोत्सव कार्यक्रम का आयोजन कटघोरा मे किया गया । कार्यक्रम में मंत्री श्री देवांगन सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया एवं आमजनो को अधिक से अधिक पेड़ लगाकर सहभागिता निभाने एवं अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि पेड़ पौधे प्रकृति के आभूषण है। इनका संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को समर्पित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक अभियान एक पेड़ माँ के नाम को अब देश-प्रदेश में जनआंदोलन के रूप में पहचान मिल रही है। इस पहल के अंतर्गत लोगों को अपने मातृत्व भाव के प्रतीक स्वरूप एक पेड़ लगाने व हरियाली का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह अभियान न केवल पर्यावरण को बचाने का माध्यम है, बल्कि इसमें मां के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का सुंदर समन्वय है। इस हेतु हम सभी को वृहद स्तर पर पौध रोपण कर इस अभियान को सफल बनाना है।कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में प्रारंभ चरण पादुका योजना का पुनः संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में वनों के विषम परिस्थितियों में तेंदूपत्ता जैसे अनेक वनोपजों का संग्रहण करने वाली महिलाओं को चरण पादुका प्रदान किया जा रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के गारंटी के तहत की गई वादों को पूरा करने का कार्य किया है। सरकार गठन के साथ ही 18 लाख आवास निर्माण की स्वीकृति, 2 साल के धान का बकाया बोनस , 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता, 5500 रुपए मानक बोरा में तेंदूपत्ता की खरीदी कर हितग्राहियों को लाभ दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हित मे लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर विकास की नई ऊंचाईयों में पहुचाने का काम कर रही है।महिलाओं को चरण पादुका पहनाकर बढ़ाया मान, वनोपज संग्राहकों को मिल रहा शासन का साथइस दौरान मंत्री श्री देवांगन ने चरण पादुका वितरण योजना के तहत तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर उनका मान बढ़ाया। उन्होंने बताया कि कटघोरा वनमण्डल अंतर्गत लगभग 64 हजार महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित किया जाएगा।विधायक कटघोरा श्री पटेल ने कहा कि प्रकृति को मां के रूप में देखने का भाव हमारे संस्कारों में रहा है। जब हम एक पेड़ अपनी मां के नाम पर लगाते हैं, तो यह केवल एक पौधरोपण नहीं होता, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक बन जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के आह्वान पर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत आमजन बढ़ चढ़ कर सामाजिक दायित्व के साथ अपने आस पास पौधरोपण कर रहे है। राज्य सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को लाभान्वित किया जा रहा है। वनोपज संग्रहण करने वाले परिवारों को लाभ पहुँचाने हेतु 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर पर तेंदूपत्ता की खरीदी की जा रही है। चरण पादुका का वितरण कर महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आमजनों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं और हर व्यक्ति एक पौधा अपनी मां के नाम पर लगाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल हमारे वातावरण को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण की नींव भी तैयार करेगी।डीएफओ कटघोरा श्री कुमार निशांत ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण अनिवार्य है। पौधरोपण केवल पर्यावरण की सेवा नहीं, यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कटघोरा वनमण्डल में वर्ष 2025 में 65 हजार 456 नग पौधेरोपित करने का लक्ष्य है। साथ ही कटघोरा वनमण्डल में 44 लघु वनोपज समितियों के 63 हजार 636 तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उपजेल कटघोरा के परिसर में “एक पेड़ मां के नाम 2.0 वनमहोत्सव अंतर्गत पौधरोपण किया और अपने आस पास के लोगो को भी पौधरोपण हेतु प्रेरित करने का संकल्प लिया।निःशुल्क पौधा वितरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवानाकार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा निःशुल्क पौधा वितरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रो में घूम घूम कर आमजनो को निःशुल्क पौधा प्रदान करेगा।
- -रायपुर को देश का चौथा स्वच्छ शहर बनाने में योगदान के लिए उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को किया सम्मानित-स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को सम्मानित करने आयोजित होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम-रायपुर नगर निगम द्वारा 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों का सम्मानरायपुर। रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए स्वच्छता के कार्यों में जनसहभागिता बढ़ानी होगी। शहर के एक-एक व्यक्ति, एक-एक परिवार को इस मिशन से जोड़ना होगा, तभी हम रायपुर को देश का स्वच्छतम शहर बना सकेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सम्मान समारोह में ये बातें कहीं।भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर को मिलियन प्लस (दस लाख से अधिक) आबादी वाले शहरों में देश का चौथा सबसे स्वच्छ शहर, गारबेज-फ्री सिटी में सेवन स्टार रैंकिंग और वाटर प्लस सर्टिफिकेशन की उपलब्धियों में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सभी जोनों के स्वच्छता अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर सहित प्रदेश के सात शहरों को स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्यों हेतु राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल राज्य के 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है, जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इनके सम्मान के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। श्री साव ने कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने राज्य शासन नगरीय निकायों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसहभागिता बढ़ाने गंभीरता से काम करना होगा।रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने समारोह में कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर को जो उपलब्धियां हासिल हुई हैं, उसकी नींव की पत्थर हमारी स्वच्छता दीदियां और सफाई मित्र ही हैं। स्वच्छता सेवा और समर्पण का काम है जिसे ये पूर्ण मनोयोग से कर रही हैं। आने वाले समय में रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए हम सभी गंभीरता और सक्रियता से काम करेंगे।सभापति श्री सूर्यकांत राठौर ने सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए धूप, बरसात और ठंड में भी अपने कार्यों को अंजाम देते हैं। आप लोगों की मेहनत से हमें नई दिल्ली में सम्मानित होने का मौका मिला है। कोरोना महामारी के कठिन समय में भी आप लोगों ने सराहनीय काम किया है।रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री चन्द्राकर और आयुक्त श्री विश्वदीप ने भी समारोह को संबोधित किया। निगम के अपर आयुक्त श्री यू.एस. अग्रवाल, श्री विनोद पाण्डेय और स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री प्रीति सिंह सहित सभी जोनों के अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी और सफाई कर्मी बड़ी संख्या में सम्मान समारोह में मौजूद थे।
- -कृषि यंत्रों का पूजन, गेड़ी नृत्य, सावन झूला और रामायण पाठ जैसे विविध आयोजन होंगे आकर्षण का केंद्ररायपुर / छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और कृषि परंपरा से जुड़ा प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार इस वर्ष 24 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक और उल्लासपूर्ण रूप से मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष आयोजन में लोकजीवन की विविध रंगतें, सांस्कृतिक विरासत और किसानों के प्रति सम्मान का भाव सजीव रूप में प्रकट होगा। हरेली त्यौहार के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री निवास परिसर को छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के रंगों से सजाया गया है। पारंपरिक तोरण, हरियाली से सजे द्वार और ग्रामीण शिल्प कला से समृद्ध इस वातावरण में हरेली की वास्तविक आत्मा को अनुभव किया जा सकेगा।आयोजन में छत्तीसगढ़ के विविध अंचलों से आए लोक कलाकारों द्वारा गेड़ी नृत्य, राउत नाचा आदि लोकनृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। सावन की फुहारों के बीच सावन झूला और सवनाही रामायण पाठ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगे। यह कार्यक्रम ना केवल एक सांस्कृतिक आयोजन होगा, बल्कि यह प्रदेश की लोकभावना और पारंपरिक धरोहर का जीवंत उत्सव भी होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस आयोजन में शामिल होकर कृषि यंत्रों एवं औजारों की पूजा करेंगे, जो हरेली पर्व की मुख्य परंपरा रही है। पारंपरिक से लेकर आधुनिक यंत्रों की एक विस्तृत प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की कृषि परंपराओं और यांत्रिकी प्रगति से परिचय मिलेगा।कार्यक्रम में बच्चों के लिए परंपरागत खेल और लोककला प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही हैं। हरेली तिहार को इस बार केवल एक त्योहार नहीं बल्कि पर्यावरण, परंपरा और प्रगति के मिलन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को हरेली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हरेली पर्व केवल खेती और हरियाली का नहीं, बल्कि हमारे लोकजीवन, परंपरा और प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का उत्सव है। हमारी सरकार इस सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण लोकसंस्कृति को न केवल संरक्षित करने की दिशा में एक प्रयास है, बल्कि उसे सार्वजनिक जीवन के केंद्र में लाने की प्रेरक पहल भी है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमारी कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्योहार है, जिसमें किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। यह पर्व न केवल अच्छी फसल की कामना का अवसर है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य की भावना को भी प्रकट करता है।श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष हरेली पर्व को हम और भी सार्थक बनाएं — धरती माता की पूजा के साथ वृक्षारोपण करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित हो सके। यह पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बने।मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हरेली पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और हरियाली लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस लोकपर्व को आपसी सौहार्द, प्रकृति प्रेम और परंपरा के सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में निरंतर सुधार और शिक्षक समुदाय के हित में त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 23 जुलाई 2025 को विभिन्न विषयों के 1227 व्याख्याता (टी संवर्ग) शिक्षकों को पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। इन व्याख्याताओं की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी। इन विषयों में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे मुख्य विषय शामिल हैं। यह निर्णय सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत राज्य के शिक्षकों को उनके कार्य, वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर समय पर पदोन्नति और अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला एवं संभाग स्तर पर लगभग 7000 पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही संपन्न की गई है। इसके साथ ही, 2621 सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) की सीधी भर्ती काउंसिलिंग के माध्यम से की गई, जिससे स्कूलों में प्रयोगात्मक शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।इससे पूर्व दिनांक 30 अप्रैल 2025 को लगभग 2900 प्राचार्यों के पदोन्नति आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में पदोन्नत टी संवर्ग के प्राचार्यों की पदस्थापना भी काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और स्थान-आवश्यकता के आधार पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।ई संवर्ग के प्राचार्यों का प्रकरण माननीय न्यायालय में लंबित है। माननीय न्यायालय के निर्णयानुसार समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
- -किसान पंजीयन, फसल बीमा और जल संरक्षण की विस्तार से समीक्षाबिलासपुर, /जिले में कृषि कार्यों को सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन मस्तूरी ब्लॉक के सभाकक्ष में किया गया। इस बैठक में फार्मर एग्री स्टेक पंजीयन, फसल बीमा, जल संरक्षण तथा भूमि बंटांकन (बंटवारा) से संबंधित विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि कृषि से जुड़े सभी विषयों में पारदर्शिता, त्वरित कार्यवाही और किसानों की सहभागिता आवश्यक है। हमारा उद्देश्य सिर्फ योजनाएं लागू करना नहीं है, बल्कि किसानों तक उसका वास्तविक लाभ पहुँचाना है। एग्रीस्टेक योजना के तहत किसान पंजीयन की अत्यंत धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मात्र 44.9 प्रतिशत किसानों का पंजीयन हुआ है। उन्होंने एक एक गांववार इसमें प्रगति की समीक्षा की। कृषि और राजस्व विभाग को मिलकर इसमें प्रगति लाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गांववार शिविर लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को जागरूक कर बीमा कवरेज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बीमा के अंतिम तिथि से पूर्व सभी कृषकों का बीमा अनिवार्य रूप से कराया जाए।कलेक्टर ने जल संरक्षण कार्यों को तेज़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और जल संसाधन विभाग मिलकर वर्षा जल संचयन के लिए योजना बनाएं। गांवों में जल उपयोग की जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए। गांवों में संगोष्ठी आयोजित करने कहा।कलेक्टर ने भूमि बंटांकन और सीमांकन के लंबित प्रकरणों पर नाराज़गी जताई और स्पष्ट निर्देश कि सभी लंबित बंटांकन प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जाए।संबंधित पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने त्रुटि सुधार के कार्यों को भी प्राथमिकता से करने कहा। बैठक में एसडीएम श्री प्रवेश पैकरा, कृषि उप संचालक श्री पी डी हथेश्वर, तहसीलदार, जनपद सीईओ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- -भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीबिलासपुर. । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज भिलाई के बैकुंठ नगर में भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहां अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने की। विधायक श्री रिकेश सेन और श्री ललित चन्द्राकर तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब भारतीय मजदूर संघ का 70वां स्वर्णिम स्थापना दिवस मना रहे हैं। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मजदूर भाईयों ने विगत 70 सालों से भारतीय मजदूर संघ के साथ ही देश को रचनात्मक दिशा देने का कार्य किया है। भारतीय मजदूर संघ दुनिया का सबसे बड़ा संघ है। इसने देश को आत्मनिर्भर बनाने में सरकार और मजदूरों के मध्य सेतु का कार्य किया है। श्री साव ने कहा कि मोदी सरकार समाज के सभी वर्गों के हित में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। श्रमिकों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने संघ की मांग पर भवन के लिए पदाधिकारियों से जमीन की व्यवस्था करने का आग्रह किया। उन्होंने भवन के निर्माण के लिए हरसम्भव सहयोग का भरोसा दिलाया।पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कार्यक्रम में भारत की आजादी के बाद गठित विभिन्न मजदूर संघों और उनकी विचारधारा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विधायक श्री रिकेश सेन ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारतीय मजदूर संघ एक संगठन नहीं विचारधारा है। विधायक श्री ललित चन्द्राकर ने कहा कि संघ मजदूरों के हितों के साथ ही राष्ट्रीय हित के लिए भी काम करते आ रहा है। भिलाई में बड़ी संख्या में मजदूर विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत् हैं। वे सभी भारतीय मजदूर संघ से जुड़े हैं। स्थापना दिवस कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, मजदूर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग / भारतीय विद्या भवन, रायपुर के कक्षा 8 के छात्र, 12 वर्षीय सात्विक समद्दार ने अपने हॉरर फैंटेसी पुस्तक ’कॉस्मिक मॉन्स्टर’ के साथ साहित्यिक जगत में एक उल्लेखनीय शुरुआत की है। पुस्तक विमोचन समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव उपस्थित थे, जिन्होंने सात्विक के उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। सात्विक समद्दार, साहित्यिक प्रतिभा, अपने प्रथम हॉरर उपन्यास, कॉस्मिक मॉन्स्टर्स के साथ एक अद्भुत शुरुआत कर रहे हैं। कहानी कहने के प्रति उनकी लगन और जीवंत कल्पना ने एक ऐसी हॉरर कहानी रची है जो सभी उम्र के पाठकों को आकर्षित करेगी। इस युवा लेखक की यात्रा छोटे अध्याय लिखने से शुरू हुई और उनके लेखन के प्रति समर्पण हर पृष्ठ पर दिखाई देता है। यह रोमांचक पुस्तक अमेज़न, फ्लिपकार्ट, प्लेस्टोर एवं विसेन बुक स्टोर्स पर उपलब्ध है।
- बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में कौशल तिहार 2025 अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आगामी राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले कौशल प्रतियोगिता के लिए विजेताओं को अग्रिम शुभकामनाएं दी। जिला कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक श्री विकास देशमुख ने बताया कि जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का आयोजन 21 से 23 जुलाई तक आटोमोटिव टेक्नोलॉजी, प्लम्बिंग एवं हिटिंग, इलेक्ट्रीकल इंस्टालेशन एवं फिल्ड टेक्नीकेशिन इलेक्ट्रानिक्स ट्रेड में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न ट्रेडों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता अंतर्गत प्लम्बिंग एवं हिटिंग टेªड में झुमुक लाल और अनुरूद्ध कुमार को कौशल प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार आटोमोटिव टेक्नोलॉजी टेªड में ईश कुमार, कुबेर निषाद, खामेलाल एवं लवलेश तथा इलेक्ट्रीकल इंस्टालेशन टेªड अंतर्गत पे्रम सोनी, दुलेश्वर साहू, हनेश साहू, प्रभात सिंह एवं फिल्ड टेक्नीकेशिन इलेक्ट्रानिक्स ट्रेड में आलोक सुरेन्द्र, आदिल अली, हेम कुमारी एवं प्रभा मानिकपुरी को कौशल प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ’कौशल तिहार 2025’ का आयोजन का उद्देश्य कौशल प्रतियोगिता के माध्यम से कौशल प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत युवाओं को प्रोत्साहित करने एवं उनके कौशल के प्रदर्शन पर केंद्रित है। कौशल उत्सव द्वारा युवाओं में कौशल के प्रति जागरूकता लाना एवं विजेताओं को इंडिया स्किल्स 2025 के क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना, जो संभवतः वर्ल्ड स्किल्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करेंगें।
- -पर्यटन विभाग के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दिखाई हरी झंडीबिलासपुर /श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आज भारत गौरव ट्रेन बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालु को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस विशेष ट्रेन को पर्यटन विभाग के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।बिलासपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का स्टेशन में भव्य स्वागत किया गया। गाजे बाजे और पारंपरिक नृत्य से भक्तों का स्वागत किया गया। ये श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे।ट्रेन में श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हुए रवाना हुए।दर्शन के लिए जा रहे इन श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संवेदनशील सरकार ने लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है जिससे आम लोगों की अयोध्या जाने की इच्छा पूरी हो रही है जो उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गाे को तीर्थ यात्रा कराकर सरकार पुण्य का काम कर रही है। उम्र के इस पड़ाव में सभी को तीर्थ यात्रा की इच्छा रहती है लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण यह संभव नहीं हो पाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार इस इच्छा को पूरा कर रही है।अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई इस विशेष ट्रेन में बिलासपुर जिले के 225 यात्री भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां ठहरने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा।
- -नौनिहालों के पोषण के साथ ही सुरक्षित और सुनहरा भविष्य देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध रू मुख्यमंत्री श्री साय’-बच्चों के समुचित विकास के लिए महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ करें कार्य’-’अगली कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की होगी गहन समीक्षा’-’महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जिला स्तर पर नियमित समीक्षा करें कलेक्टर’रायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण और उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचनाए बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चोंए किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगीए उनका शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो।उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहारए गर्म भोजनए उसकी मात्राए गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई।मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति ;च्टज्ळद्ध समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता हैए और जहां भी कमी दिखाई देए वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी.छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता हैए इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहाए ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें।बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियानए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनाए सखी वन स्टॉप सेंटरए शक्ति सदनए महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइनए महिला कोषए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओए मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़ेए मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैनए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंहए मुख्यमंत्री के सचिव श्री पीण् दयानंदए श्री राहुल भगतए महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदीए संचालक श्री पीण् एसण् एल्मा सहित विभाग के अधिकारी.कर्मचारी उपस्थित थे।
- -अस्पताल में भर्ती बच्चों और महिला मरीजों से किया आत्मीय संवाद-अस्पताल स्टाफ को मरीजों के हित में समर्पित भाव से काम करने का दिया निर्देशरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार की सुबह 7 बजे राजधानी रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उपचार और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा।स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती बच्चों और महिला मरीजों से आत्मीयता से बात कर उनके हालचाल जाने और इलाज संबंधी जानकारी ली। उन्होंने मरीजों के परिजनों से भी चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं।निरीक्षण के दौरान श्री जायसवाल ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, दवा वितरण, चिकित्सकीय जांच, ऑपरेशन थियेटर, वार्ड व्यवस्था जैसी सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से संवाद कर मरीजों की देखभाल में और अधिक संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए।मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारियों को मरीजों के हित में समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।
- - सभी बीमारियों से बचाव के लिए अंधविश्वास की बजाय स्वास्थ्य सुरक्षा के नियमों का पालन करें - डाॅ. दिनेश मिश्ररायपुर। अंधविश्वास, पाखंड व सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए कार्यरत संस्था अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति हरेली पर विशेष जनजागरण अभियान चलाएगी, जिसमें जादू टोने के संबंध में टोनही प्रताडऩा के विरोध में जागरूक करने, टोनही प्रताडऩा के विरोध में शपथ, गांव के निर्जन स्थानों में रात्रिभ्रमण, अंधविश्वास पर पम्पलेट वितरण किया जाएगा, टोनही प्रताडऩा के संबंध में जानकारी एवं जागरूकता बढ़ाने हेतु पोस्टर वितरित किए जायेंगे तथा यह पोस्टर ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए जायेंगे। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा हरियाली के प्रतीक हरेली अमावस्या की रात को ग्रामीणजनों के मन से टोनही, भूत-प्रेत का खौफ हटाने के लिए समिति भ्रमण कर ग्रामीणजनों से सम्पर्क करेगी.डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा अंचल में हरियाली अमावस्या (हरेली) के संबंध में काफी अलग अलग मान्यताएं हैं अनेक स्थानों पर इसे जादू-टोने से जोड़कर भी देखा जाता है, कहीं-कहीं यह भी माना जाता है कि इस दिन, रात्रि में विशेष साधना से जादुई सिद्वियां प्राप्त की जाती है जबकि वास्तव में यह सब परिकल्पनाएं ही हैं, जादू - टोने का कोई अस्तित्व नहीं है तथा कोई महिला टोनही नहीं होती। पहले जब बीमारियों व प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में जानकारी नहीं थी तब यह विश्वास किया जाता था कि मानव व पशु को होने वाली बीमारियां जादू-टोने से होती है। बुरी नजर लगने से, देखने से लोग बीमार हो जाते है तथा इन्हें बचाव के लिए गांव, घर को तंत्र-मंत्र से बांध देना चाहिए तथा ऐसे में कई बार विशेष महिलाओं पर जादू-टोना करने का आरोप लग जाता है वास्तव में सावन माह में बरसात होने से वातावरण का तापमान अनियमित रहता है, उसम, नमी के कारण बीमारियों को फैलाने वाले कारकों बैक्टीरिया व कीटाणु अनुकूल वातावरण पाकर काफी बढ़ जाते है। गंदगी, प्रदूषित पीने के पानी, भोज्य पदार्थ के दूषित होने, मक्खियां, मच्छरो के बढने से बीमारियां एकदम से बढ़ जाती है। जिससे गांव गांव में आंत्रशोध, पीलिया, वायरल फिवर, मलेरिया के मरीज बढ़ जाते है तथा यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया हो तो पूरी बस्ती ही मौसमी संक्रामक रोगों की शिकार हो जाती है। वहीं हाल फसलों व पशुओं का भी होता है, इन मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पीने का पानी साफ हो, भोज्य पदार्थ दूषित न हो, गंदगी न हो, मक्खिंया, मच्छर न बढ़े,जैसी बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखने से लोग पशु बीमारियों से बचे रह सकते है। इस हेतु किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र से घर, गांव बांधने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना तथा अन्य संक्रमणों से बचाव के लिए साफ-सफाई,सावधानी, मास्क पहिनना, सोशल डिस्टेन्स रखना ,बार बार हाथ धोना अधिक आवश्यक है, इसके बाद यदि कोई व्यक्ति इन बीमारियों से संक्रमित हो तो उसे फौरन चिकित्सकों के पास ले जाये, संर्प दंश व जहरीले कीड़े के काटने पर भी चिकित्सकों के पास पहुंचे।डाॅ. मिश्र ने कहा पिछले कुछ वर्षो से यह देखा जा रहा है कि हरेली अमावस्या को दिन में भी बच्चे व कई लोग जादू-टोने व नजर लगने से बचने के लिए नीम की टहनी, साइकिलों, रिक्शे व गाड़ियों में लगातार घूमते दिखाई देते है। पालकों व शिक्षकों को बच्चों को ऐसे अंधविश्वास से बचने की सलाह देना चाहिए। नीम की टहनी तोड़-तोड़कर वृक्ष को नुकसान पहुंचाने के बजाय घर के आसपास नीम के पौधे लगाये ताकि वातावरण शुद्ध हो। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई, पानी को छानकर, उबालकर पीने, प्रदूषित भोजन का उपयोग न करने तथा गंदगी न जमा होने देने जैसी बातों पर लोग ध्यान देंगे तथा स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहेंगे तो तंत्र-मंत्र से बांधनें की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीमारियों खुद-ब-खुद नजदीक नहीं फटकेंगी, मक्खिंया व मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से अधिक खतरनाक है ।डाॅ. मिश्र ने कहा हरेली अमावस्या पर भी अंधविश्वास, जादू-टोने, टोनही की मान्यता के विरोध में जरूरी चलाया जा रहा ‘‘कोई नारी टोनही नहीं अभियान’’ जारी रहेगा। जिसमें टोनही, भूत-प्रेत का खौफ मिटाने के लिए व भ्रम दूर करने के लिए समिति के सदस्य रात्रि में भ्रमण कर ग्रामीणों से सम्पर्क कर भ्रम व अंधविश्वास दूर कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करेंगे ।
- -घर-घर जाकर साक्षरता का संदेश पहुंचाएं- डॉ गौरव सिंह, कलेक्टररायपुर, / केंद्र प्रवर्तित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान’ के प्रचार-प्रसार को गति देने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सभा कक्ष में एक विशेष प्रचार गीत और QR कोड के माध्यम से जानकारी के वितरण का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर, डॉ. गौरव सिंह ने किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे घर-घर जाकर साक्षरता का संदेश पहुंचाएं और 15 वर्ष से अधिक आयु के अशिक्षित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें उल्लास केंद्रों से जोड़ने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस अवसर पर श्रीमती मीनाक्षी केसरवानी द्वारा रचित ‘उल्लास साक्षरता गीत’ का भी शुभारंभ किया गया। यह गीत लोगों में साक्षरता के प्रति उत्साह का संचार करेगा।
- बिलासपुर / पंडित जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना अंतर्गत चालू शिक्षा सत्र में कक्षा 6 वीं में अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने हेतु दिनांक 30 मार्च (रविवार) को आयोजित परीक्षा केन्द्र डेल्टा पब्लिक स्कूल पुराना हाई कोर्ट के सामने गुम्बर कॉम्पलेक्स, गांधी चौक बिलासुपर में आयोजित लिखित चयन परीक्षा के पश्चात् अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की प्रावीण्य सूची पृथक-पृथक तैयार की जाकर संधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय को प्रेषित की जा चुकी है, जिसका अवलोकन उनके कार्यालय एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विलासपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है। कोई भी दावा-आपत्ति होने पर दिनांक 25 जुलाई तक संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर के कार्यालय को सूचित किया जा सकता है। इसके पश्चात् प्राप्त दावा-आपत्ति मान्य नही की जावेगी।
- - धोधा उपकेन्द्र की क्षमता बढ़ाये जाने से 10 ग्रामों के 4233 उपभोक्ता होंगे लाभान्वितखैरागढ़ । मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत 73 लाख रूपये की लागत से धोधा 33/11 के0व्ही0 सबस्टेशन में 3.15 एम0व्ही0ए0 अतिरिक्त नये पॉवर ट्रांसफॉर्मर को लगाकर राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट के द्वारा चार्ज किया गया। इस योजना के अन्तर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्रामीण अंचलों में बिजली उपभोक्ता एवं किसानों को भरपूर वोल्टेज पर निर्बाध व गुणावत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति करने के लिए जिलें में विद्यमान पॉवर सबस्टेशनों में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर क्षमता वृद्धि का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है। खैरागढ़ डिवीजन के ग्राम धोधा मे स्थित उपकेन्द्र की क्षमता पहले 3.15 एम0व्ही0ए था, अतिरिक्त नये 3.15 एम0व्ही0ए0 पॉवर ट्रांसफार्मर के लगाये जाने से इस उपकेन्द्र की क्षमता बढ़कर 6.30 ए0व्ही0ए0 हो गया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि यह कार्य मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत लगभग 73 लाख रुपए की लागत से पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि सबस्टेशन में पहले से मौजूदा 3.15 एम0व्ही0ए0 पॉवर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाता था। खासकर धान की फसल के मौसम में लोड शेडिंग एवं लो वोल्टेज की समस्या होती थी, उक्त कार्य से लो वोल्टेज एवं लोड शेडिंग जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। ईडी श्री सेलट ने उक्त कार्य को क्षेत्र में उपभोक्ताओं एवं किसानों के हित में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए सराहनीय बताते हुए कहा कि 33/11 के.व्ही. सबस्टेशन धोधा में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर के लग जाने से ग्राम छिराहीडीह, मजगांव, बाबूर, गोखना, पर्थरा, भुरभुसी, धोधा, बिरनपुरकला, कालेगोंडी एवं हनईबंद के 4233 उपभोक्ता एवं किसानों को फायदा होगा। उन्होने अधीक्षण अभियंता राजनांदगांव वृत्त श्री शंकेश्वर कंवर, ईई परियोजना श्री मुकेश कुमार साहू, ईई खैरागढ़ संभाग श्री ए.के. द्विवेदी, ईई एसटीएम श्री ए.डी. टण्डन, सहायक अभियंता सुश्री ममता कर्मकार अन्य अधिकारी एवं उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि पॉवर कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपभोक्ताओं एवं किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहें हैं। अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगने से किसानों एवं उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
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- कलेक्टर की अध्यक्षता में दिग्विजय स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक संपन्न
- शासन से प्राप्त 6 करोड़ रूपए की लागत से दिग्विजय स्टेडियम में खेल सुविधाओं एवं अधोसंरचना होगी विकसित- इंटरनेशनल बैडमिंटन कोर्ट की तर्ज पर बनाया जाएगा एसी युक्त सिंथेटिक बैडमिंटन कोर्ट- स्टेडियम की साफ-सफाई, पेयजल एवं रख-रखाव के संबंध में दिए आवश्यक निर्देश- फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे बॉक्स क्रिकेट, बास्केटबॉल, टेनिस, हैंडबॉल जैसे खेलों के लिए बॉक्स कोर्ट बनाया जाएगाराजनांदगांव । कलेक्टर एवं अध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति राजनांदगांव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे की अध्यक्षता में स्टेडियम कॉन्फ्रेस हॉल में स्टेडियम समिति के सफल संचालन हेतु स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर महापौर एवं उपाध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति श्री मधुसूदन यादव और अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम समिति का उद्देश्य है खेल को बढ़ावा देना और गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को खेल गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम समिति द्वारा राजनांदगांव जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दिग्विजय स्टेडियम समिति को किराया से वार्षिक लगभग 70 लाख रूपए मिल सकता है। इससे जिले में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने स्क्वैश खेल को बढ़ावा देने के लिए दिग्विजय स्टेडियम परिसर में स्क्वैश कोर्ट बनाने कहा। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव शहर के फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे बॉक्स क्रिकेट, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस जैसे खेलों के लिए बॉक्स कोर्ट बनाया जाएगा। कबड्डी खिलाडिय़ों के लिए सिंथेटिक कोर्ट बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम और अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के रखरखाव के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने कहा। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में हाईमास्क लाईट और टर्फ लगाने की बात पर सहमति बनी।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने दिग्विजय स्टेडियम समिति के शॉपिंग काम्प्लेक्स की दुकानों का किराया जिन्होंने अब तक नहीं दिया है, ऐसे दुकानों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. भुरे ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम के बॉस्केटबॉल और बैडमिंटन कोर्ट में सेट्रलाइज्ड एयर कंडीशनर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम में लगे एयर कंडीशनर को रिपेयर किया जाएगा। उन्होंने दिग्विजय स्टेडियम में साफ-सफाई और सभी नलों से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। दिग्विजय स्टेडियम परिसर में आने वाले सभी रास्तों में गेट लगाने के लिए कहा और जो आवश्यक नहीं है उन रास्तों में दीवाल बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। जिससे असामाजिक तत्वों से सुरक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि 3 बैडमिंटन कोर्ट को इंटरनेशनल की तर्ज पर एयर कंडीशनर और सिंथेटिक कोर्ट बनाया जाएगा। स्टेडियम के फ्लड लाईट को बदलकर नया लगाया जाएगा। स्टेडियम में बहुउपयोगी हॉल बनाने कहा। उन्होंने ने स्टेट स्कूल मैदान समतलीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों निर्देशित किया।अपर कलेक्टर एवं सचिव दिग्विजय स्टेडियम समिति श्री प्रेम प्रकाश शर्मा ने शासन से प्राप्त बजट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने शासन से प्राप्त 6 करोड़ रूपए की लागत से दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव के बॉस्केटबॉल कोर्ट 2 एवं 1 बैडमिंटन कोर्ट में सेंट्रलाइज्ड एयर कंडिशनर एवं 300 केवी एडीजी एवं सेट सिविल वर्क एवं विद्युतीकरण कार्य के लिए तैयार प्राक्कलन का अनुमोदन के संबंध में जानकारी दी। समिति के सदस्यों ने ख्रेल गतिविधियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, सांसद प्रतिनिधि श्री योगेश बागड़ी, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, विभिन्न जिला खेल संघ के प्रतिनिधिगण सहित अन्य सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे। -
-परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े एवं चप्पल पहनना अनिवार्य
-कान का आभूषण, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट एवं टोपी प्रतिबंधितमहासमुंद / छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई रविवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाइट अलंचंउमहण्महेजंजमण्हवअण्पद से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए एसएमएस के यूआरएल से भी प्रवेश पत्र प्राप्त किया जा सकता है।व्यापम ने परीक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। वहां पहचान पत्र से सत्यापन और फ्रिस्किंग के बाद ही प्रवेश के बाद किसी को भी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थी परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने परीक्षा केंद्र की स्थिति देख लें। प्रवेश पत्र डाक से नहीं भेजा जाएगा। परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र का प्रिंट आउट साथ लाना अनिवार्य है। किसी भी परेशानी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 0771-2972780 और श्री अजय राजा के मोबाइल नंबर 88788-44400 पर सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। परीक्षा में फोटो युक्त मूल पहचान पत्र अनिवार्य है। इसमें मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, विद्यालय का फोटो युक्त परिचय पत्र फोटो कॉपी मान्य नहीं होगी। बिना मूल पहचान पत्र के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।इसी तरह परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आना होगा। चप्पल पहनना अनिवार्य है। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना मना है। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले और समाप्ति के आधा घंटा पहले तक परीक्षा केंद्र से बाहर जाना वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 10.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए परीक्षा का समय बदला गया है। अब यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक होगी। पहले परीक्षा का समय सुबह 10 बजे था। कई परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाते थे। इसी कारण व्यापम ने समय में बदलाव किया है। - - केंद्रीय संस्था एम्स अपने कैंपस में ट्रासंफार्मर का करता है स्वयं संचारण-संधारणरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में तत्काल पॉवर ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत सप्लाई की आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था की। कैंपस में कठिन परिस्थिति में लगे खराब हुए इंडोर पॉवर ट्रांसफार्मर को निकालकर अस्थायी तौर पर नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे एम्स के सभी परिसरों में निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है।दरअसल एम्स रायपुर अतिविशिष्ट संस्थान है, जहां नागरिकों की चिकित्सा संबंधी अतिआवश्यक सेवाएं होती हैं। इसलिए एम्स में उच्चदाब लाइन के जरिए सीधे 33/11 केवी की पॉवर सप्लाई की गई है। उच्चदाब उपभोक्ता होने के कारण एम्स हास्पिटल प्रबंधन नियमानुसार अपने कैंपस में पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना से लेकर उसके रखरखाव स्वयं करना होता है।वर्तमान में वहां 10-10 एमवीए के दो पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनमें से एक 10 एमवीए का पॉवर ट्रांसफार्मर अचानक खराब हो गया,जिससे पूरा लोड एक ही पॉवर ट्रांसफार्मर पर आ गया। लोड बढ़ने से इसके फेल होने का खतरा था, इसलिए हास्पिटल के अतिआवश्यक सेवा की प्रकृति को देखते हुए एम्स प्रबंधन ने बैकअप के लिये 5 एमवीए का पॉवर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने का आग्रह पॉवर कंपनी से किया। उनके आग्रह पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने त्वरित निर्णय लिया और उनके आग्रह पर 5 एमवीए का पॉवर ट्रांसफार्मर कुछ दिनों के लिए स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की, ताकि एम्स में नागरिकों के इलाज सहित आपातकालीन सुविधाओं पर किसी तरह की रूकावट न आए।पॉवर कंपनी की टीम ने तीन दिनों के भीतर एम्स के निचले तल पर रखे पॉवर ट्रांसफार्मर को निकालने पहले दीवार को तोड़ा फिर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर बैकअप सिस्टम बनाया गया। एम्स प्रबंधन को अपना पॉवर ट्रांसफार्मर बनवाने में चार महीने का समय लगेगा, तब तक बैकअप विद्युत आपूर्ति रेंट बेसिस पर पॉवर कंपनी के ट्रांसफार्मर से होगी। उसके बाद यह पॉवर ट्रांसफार्मर वापस किया जाएगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने मुख्य अभियंता (शहरी क्षेत्र) श्री एम जामुलकर, अधीक्षण अभियंता श्री महेश ठाकुर, कार्यपालन अभियंता राजेश प्रसाद मिश्रा, शिवकुमार गुप्ता, रामकुमार साहू सहित टीम को बधाई दी है।
- -स्कूली छात्र एवं ग्रामीण वन्य जीव व वनस्पति से हुए रुबरुबलौदाबाजार / वनमंडल अधिकारी धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र देवपुर अंतर्गत देवरी परिवृत में जल -जंगल यात्रा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वन एवं जल के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया जिसमें स्थानीय ग्रामवासियों और विद्यार्थियों क़ो वन्य जीव व वनस्पतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम अंतर्गत राजदेवरी के हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों और ग्रामीणों को वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष पैकरा के नेतृत्व में एक विस्तृत वन भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण के दौरान ग्रामवासियों एवं बच्चों को वनों से निकलने वाले नालों में कराए गए विभिन्न भू-जल संरक्षण कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई जिससे उन्हें भूजल को संरक्षित करने के महत्व को समझने में मदद मिली।वन्य जीव और वनस्पति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की वन्य वृक्ष प्रजातियों और वन्यप्राणियों के विषय में जानकारी प्रदान की गई। विशेष रूप से तितलियों और पक्षियों के विकास और उनके पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। इससे सभी प्रतिभागियों को प्रकृति के प्रति एक गहरी समझ विकसित करने का अवसर मिला । इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को भविष्य में वन सुरक्षा और संरक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।साथ ही उन्हें अपनी पढ़ाई की दिशा में सही विषय चुनने हेतु करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया ताकि वे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकें।इस अवसर पर हायर सेकेंडरी स्कूल राजदेवरी के परिसर एवं सहायक परिवृत आवासीय परिसर में वृक्षारोपण किया गया एवं सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में सरपंच राजदेवरी,प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल चंद्रहास ठाकुर'वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, समिति सदस्य, छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, ग्रामवासी, परिक्षेत्र के अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण एवं सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।



























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