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- नयी दिल्ली। नागर विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगाये गये प्रतिबंधों को तुरंत हटाये जाने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘एयर बबल' व्यवस्था के तहत मौजूदा उड़ानों की संख्या मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। कोरोना वायरस महामारी के बीच पिछले साल मार्च से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें निलंबित हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन के लिए भारत की 25 से अधिक देशों के साथ ‘एयर बबल' व्यवस्था है। नागर विमानन सचिव राजीव बंसल ने बताया कि ‘एयर बबल' व्यवस्था के तहत उपलब्ध मौजूदा उड़ानों की संख्या मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और अंतरराष्ट्रीय मार्गों की ज्यादा मांग नहीं है क्योंकि वीजा व्यवस्था बहुत ही प्रतिबंधात्मक है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और कनाडा जैसे कुछ देशों में, एयरलाइन कंपनियों के पास दिसंबर 2021 के मध्य के लिए औसत क्षमता उपयोग अनुपात 30 से 40 प्रतिशत हैं। हम कोविड से पहले की मांग के करीब पहुंचने पर निश्चित रूप से उड़ान शुरू करने पर विचार कर सकते हैं।''
- मेदिनीनगर। झारखंड में पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार को विशेष अभियान के तहत प्रतिबंधित नक्सली संगठन ‘तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी'को हथियार आपूर्ति करने के एक आरोपी को एके-47 राइफल एवं स्टेनगन की पांच गोलियों के साथ गिरफ्तार किया। पलामू में छत्तरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि नक्सलियों के इस आपूर्तिकर्ता को तब गिरफ्तार किया गया जब वह टीएसपीसी के स्वयंभू शीर्ष कमांडर शशिकांत जी को एके 47 राइफल की 50 गोलियां देकर वापस अपने गांव लौट रहा था। गिरफ्तार जितेन्द्र सिंह (31) का दूसरा साथी भी गोली पहुंचाने जा रहा था, जिसकी खुफिया सूचना पुलिस को पहले मिल गई थी। उन्होंने बताया कि गुप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने पहले से उन्हें गिरफ्त में लेने के लिए योजना बना रखी थी जिसके तहत एक आपूर्तिकर्ता को आज पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के अन्य सहयोगी पुलिस को देखकर मौके से भागने में सफल रहे। उन्हें पकङने के लिए अभियान शुरू किया गया है। file photo
- शिलांग। मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के मावस्माई गांव में चूना पत्थर की गुफा के भीतर सूक्ष्म घोंघे की एक नई प्रजाति मिली है। इसकी खोज करने वाले वैज्ञानिकों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 'जियोरिसा मावस्माएंसिस' वैज्ञानिक नाम वाले घोंघे आकार में इतने छोटे होते हैं कि एक वयस्क घोंघे की लंबाई दो मिलीमीटर से कम होती है। यह खोज बेंगलुरु स्थित अशोक ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एंड द एनवायरनमेंट (एटीआरईई) के वैज्ञानिक निपु कुमार दास और एनए अरविंद ने की थी। इस बारे में एटीआरईई ने ट्वीट भी किया।दास और अरविंद ने बताया “हमने इस नई प्रजाति का नाम इस चूना पत्थर की गुफा, मावस्माई के नाम पर रखा है। हमने गुफा के प्रवेश द्वार के अंदर 4-5 मीटर नम चूना पत्थर की चट्टानों पर घोंघे एकत्र किए। हालांकि, वर्तमान में हम नहीं जानते कि यह प्रजाति एक सच्ची गुफा प्रजाति है या नहीं।” इसी समूह (जीनस) का एक सदस्य, 'जियोरिसा सरिता', 170 साल पहले इसी क्षेत्र में खोजा गया था।दोनों वैज्ञानिकों ने कहा कि ये प्रजाति जियोरिसा सरिता से थोड़ी अलग है, जिसे 1851 में ब्रिटिश भारत में एक सिविल सेवक और एक शौकिया मैलाकोलॉजिस्ट डब्ल्यूएच बेन्सन द्वारा प्रलेखित किया गया था। नई प्रजाति पहले की तुलना में खोल के आकार में भिन्न है। इसके अलावा, जियोरिसा सरिता में सात की तुलना में खोल के शरीर के झुंडों पर इसकी चार बहुत ही प्रमुख सर्पिल पट्टियां हैं। उन्होंने कहा कि अब तक मेघालय की गुफाओं से घोंघे की पांच प्रजातियां मिली हैं। यहां और भी प्रजातियां हो सकती है। हालांकि, मेघालय अपनी गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन दोनों वैज्ञानिक चिंतित हैं कि पर्यटकों की भीड़ क्षेत्र की पारिस्थितिकी को प्रभावित कर सकती है। दोनों ने कहा, "गुफा में एक बहुत ही अनूठा वातावरण है, जो अद्वितीय जीवों की विविधता को बरकरार रख सकता है। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और दुनिया के अन्य हिस्सों में गुफा जैव विविधता पर कई अध्ययन मौजूद हैं, जिसमें घोंघे सहित विभिन्न जानवरों की सूचना दी गई है, लेकिन भारतीय गुफाओं से बहुत कम अध्ययन हुए हैं। file photo
- नयी दिल्ली। केंद्रीय विद्युत सचिव आलोक कुमार ने गुरुवार को विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी की पृष्ठभूमि में कम से कम एक महीने के लिए देश को आपूर्ति संकट से बचाने की खातिर रणनीतिक ईंधन भंडार के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित दक्षिण एशिया विद्युत सम्मेलन 'मूविंग टुवर्ड्स सस्टेनेबल एनर्जी सिक्योरिटी' में कुमार ने कहा कि देश में कोयले के इस संकट का मुख्य कारण कोयले, विशेष रूप से आयातित कोयले की ऊंची कीमत है। देश में विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी को देखते हुए ये टिप्पणियां महत्व रखती हैं।कुमार ने कहा, "हम खबरों में कोयले की बहुत अधिक कीमतों के कारण (विद्युत) आपूर्ति में व्यवधान के बारे में पढ़ रहे हैं ... मैं कोयले, गैस और तेल की बहुत अधिक कीमत और आपूर्ति में व्यवधान के बारे में बात कर रहा था जो कि चीन, सिंगापुर, यूके, यूरोप हर जगह हो सकता है।" उन्होंने कहा कि कम से कम दस वर्षों या उससे अधिक समय तक सभी देश, विशेष रूप से प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं, बेस लोड और ग्रिड संतुलन के लिए जीवाश्म ईंधन की आपूर्ति पर निर्भर होंगी। सचिव कहा, "हम आयातित ईंधन के इन आपूर्ति झटकों से खुद को कभी भी अलग नहीं कर पाएंगे। हमारे पास आयातित कोयले पर आधारित 17,000 मेगावाट क्षमता है और अगर आयातित कोयले की कीमतें अधिक हो जाती हैं ... वह क्षमता समाप्त हो जाती है। भारत में 24,000 मेगावाट क्षमता के गैस संचालित विद्युत संयंत्र हैं। वे भी व्यावहारिक रूप से बाहर हैं। इसलिए, ऊंची कीमतें ऊर्जा सुरक्षा को बहुत चुनौतीपूर्ण बना देंगी, इसलिए हमें एक सुविचारित रणनीति का निर्माण करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा, "आइए, हम इन ईंधनों (कोयला, गैस, तेल) के रणनीतिक भंडार को बनाए रखने के बारे में सोचना शुरू करें ताकि अर्थव्यवस्थाएं लगभग एक या दो महीने के लिए आपूर्ति की कमी को समायोजित कर सकें और उनसे पार पा सकें।"
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक दी गई खुराक की संख्या 100 करोड़ के पार पहुंचने पर गुरुवार को कहा कि भारत ने इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री ने टीकाकरण की इस उपलब्धि को भारतीय विज्ञान, उद्यम और 130 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना की जीत करार दिया। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत ने इतिहास रच दिया। यह भारतीय विज्ञान, उद्यम और 130 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना की जीत है। भारत में टीकों की 100 करेाड़ खुराक दिए जाने पर बधाई। हमारे चिकित्सकों, नर्सों और यह उपलब्धि हासिल करने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार ।'' मोदी देश के यह उपलब्धि हासिल करने के मौके पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल भी पहुंचे। उन्होंने वहां अस्पताल के अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी उनके साथ मौजूद थे। प्रधानमंत्री, टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए लगातार स्वास्थ्य कर्मियों की तारीफ करते रहे हैं।देश में टीकाकरण मुहिम की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी और इसके पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए गए थे। इसके बाद दो फरवरी से अग्रिम मोर्चे के कर्मियों का टीकाकरण आरंभ हुआ था। टीकाकरण मुहिम का अगला चरण एक मार्च से आरंभ हुआ, जिसमें 60 साल से अधिक आयु के सभी लोगों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीके लगाने शुरू किए गए। देश में 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण एक अप्रैल से आरंभ हुआ था और 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू हुआ। कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक दी गई खुराक की संख्या गुरुवार को 100 करोड़ के पार पहुंच गई।
- कोटा (राजस्थान)। राजस्थान के उदयपुर निवासी हितेंद्र गरासिया की कथित तौर पर इस साल जुलाई में रूस में मौत होने के 90 दिन बाद भी उसके परिजनों को उसका शव नहीं मिला है। उदयपुर के गोड़वा गांव का 46 वर्षीय निवासी गरासिया इस साल अप्रैल में एक ट्रेवेल एजेंट के जरिये रोजगार के सिलसिले में रूस गया था। हितेंद्र के भाई नटवर ने बुधवार को यह जानकारी दी। कथित तौर पर रूस में हितेंद्र की मौत हो गई और 17 जुलाई को उसका शव बरामद किया गया। मृतक के शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए बूंदी के एक कांग्रेसी नेता चर्मेश शर्मा ने गत शनिवार को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा। बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय ने राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा की निगरानी में गरासिया का शव वापस लाने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है।
- मुजफ्फरनग। शामली और मुजफ्फरनगर में अलग-अलग तीन घटनाओं में बिजली के तार की चपेट में आने से दो नाबालिग समेत तीन लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति झुलस गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला 18 वर्षीय विद्यार्थी सत्यम और उसका सहपाठी विजय बुधवार को एक बस से यात्रा कर रहे थे। तभी वे बिजली के तार के संपर्क में आ गए। यह घटना शामली जिले के कैराना पुलिस थाना क्षेत्र में कंडेला गांव में हुई। दोनों को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने सत्यम को मृत घोषित कर दिया जबकि विजय का इलाज चल रहा है। एक अन्य घटना में बुधवार शाम को खतोली इलाके में ‘वाल्मीकि शोभायात्रा' के मौके पर नाच रहा आठ साल का एक बच्चा दुर्घटनावश जेनरेटर के तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। तीसरी घटना मुजफ्फरनगर के जिल्ला गांव में हुई। 10 वर्षीय सुहाना अपनी छत पर खेल रही थी तभी वह बिजली के तार की संपर्क में आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई।-file photo
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को बहुस्तरीय संपर्क प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को मंजूरी दी, जिसमें कार्यान्वयन, निगरानी और समर्थन तंत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अक्टूबर को ‘लॉजिस्टिक' लागत को कम करने और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए 100 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत लॉजिस्टिक लागत में कटौती, कार्गो प्रबंधन क्षमता में वृद्धि और माल उतारने या लादने में लगने वाले समय को कम करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना के तहत कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में 18 मंत्रालयों के सचिवों को सदस्य के रूप में शामिल करके सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस) का गठन भी किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने फैसले के बारे में मीडिया को बताया विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के नेटवर्क योजना प्रभाग के प्रमुखों को शामिल कर एक बहुस्तरीय नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) का गठन किया जाएगा। एनपीजी को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के लॉजिस्टिक प्रभाग में स्थित एक तकनीकी सहायता इकाई (टीएसयू) से मदद मिलेगी। टीएसयू में विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों, जैसे विमानन, सामुद्रिक, सार्वजनिक परिवहन, रेल, सड़क और राजमार्ग, बंदरगाह, बिजली, पाइपलाइन, जीआईएस, आईसीटी, वित्त / बाजार पीपीपी, लॉजिस्टिक, डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे। ईजीओएस पीएम गतिशक्ति एनएमपी के कार्यान्वयन की समीक्षा और निगरानी करेगा।-file photo
- बहराइच (उत्तरप्रदेश)। बहराइच जिले के कैसरगंज क्षेत्र में तालाब में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत हो गयी। पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने गुरुवार को बताया कि बुधवार शाम नंदोलिया गांव निवासी आरिफ की पत्नी सायरा बानो अपने चार बच्चों को साथ लेकर गांव के तालाब किनारे मवेशी चराने गयी थी। बड़ा बेटा कैफ मछलियां देखते-देखते तालाब में उतर गया और डूबने लगा। बच्चे की चीख सुनकर सायरा अपनी सात माह की बच्ची को गोद में लिए हुए तालाब में उतर गयी। मां को तालाब में जाते देख उसके दो अन्य बच्चे बेटी कैसरुन तथा बेटा मोहम्मद फैज भी पीछे-पीछे तालाब में उतर गये। उन्होंने बताया कि सायरा ने कैफ को तो बचा लिया लेकिन बाकी तीनों बच्चे तालाब में डूब गये। तीनों बच्चों के शव तालाब से बाहर निकाल कर उनका पोस्टमार्टम कराया गया है।-file photo
- ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कुछ दिन पहले खाड़ी(क्रीक) में तैरने गए दो किशोर लापता हो गए। दोनों की उम्र 13 व 14 वर्ष है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक मुम्ब्रा इलाके के चार लड़के सोमवार शाम को रेतीबंदर क्रीक में तैरने गए थे। उन्होंने बताया कि इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि बाद में दो ही लड़के बाहर आए। ठाणे नगर निगम के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (आरडीएमसी) के प्रमुख संतोष कदम ने बताया कि सोमवार देर रात मुम्ब्रा पुलिस थाने को दो लड़कों के लापता होने की शिकायत मिली। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस, दमकल कर्मी, आरडीएमसी और ठाणे आपदा प्रबंधन बल ने क्रीक में तलाशी अभियान चलाया लेकिन अबतक लापता लड़कों का पता नहीं लगा है।
- नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 टीके की अब तक दी गई खुराकों की संख्या के 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाने के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को एक गीत और एक फिल्म जारी की, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े कोविड टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत के पीछे के प्रयासों को दर्शाया गया है। मांडविया ने लाल किले पर गीत और फिल्म जारी की। लाल किले पर देश का सबसे बड़ा खादी तिरंगा प्रदर्शित किया गया है, जिसका वजन करीब 1,400 किलोग्राम है। इस तिरंगे की लंबाई 225 फुट और चौड़ाई 150 फुट है। यही तिरंगा दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर लेह में फहराया गया था। मांडविया ने इस अवसर पर आयोजित समारोह में कहा, ‘‘भारत ने आज इतिहास रच दिया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प की कहानी है। टीकों की 100 करोड़ खुराक लगाया जाना आत्मनिर्भर भारत की कहानी है।'' तीन मिनट लंबी अवधि के इस गीत को कैलाश खेर ने गाया है।इस मौके पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सैकड़ों लोगों ने भारत के टीकाकरण गीत 'शत कोटि गर्व अहसास है, ये एक नया इतिहास है' गाया। दृश्य-श्रव्य फिल्म में दिखाया गया है कि टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया कैसे शुरू हुई और कितनी मेहनत एवं प्रयासों के कारण दुनिया का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हुआ। इस फिल्म के माध्यम से टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले चिकित्सकों, नर्सों और अन्य लोगों को धन्यवाद भी दिया गया है। राष्ट्रीय ध्वज को लाल किले की प्राचीर के ठीक सामने लॉन में एक मंच पर प्रदर्शित किया गया था।इस दौरान लोगों को विशाल तिरंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टरों के साथ सेल्फी लेते देखा गया। तिरंगे के साथ सेल्फी ले रहे चांदनी चौक निवासी निमिष जैन ने कहा, '' मैंने इतना विशाल तिरंगा पहले कभी नहीं देखा। जब इसे लेह में फहराया गया था तब मैंने इसे टीवी पर देखा था। केवल नौ महीने में टीके की 100 करोड़ खुराक देना प्रशंसनीय है।'' नए गीत को जारी करने और दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को दर्शाने वाली फिल्म के लिए एक बड़ा मंच, एक बड़ी स्क्रीन और कई लाउडस्पीकर लगाए गए थे। विशाल स्क्रीन पर 16 जनवरी, 2021 से लेकर 21 अक्टूबर तक का आंकड़ा प्रदर्शित किया गया।प्रतापगढ़ के निवासी नीरज कुमार साहू ने कहा, '' यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि हमारे देश ने टीके की 100 करोड़ से अधिक खुराक देने का लक्ष्य प्राप्त किया है। अब दुनिया, चिकित्सा और शोध क्षेत्र में हमारी क्षमताओं पर संदेह नहीं करेगी।'' बागपत से आए विनोद कुमार ने कहा कि ये सभी देशवासियों के लिए गर्व का पल है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, देश में टीकाकरण के पात्र वयस्कों में से करीब 75 प्रतिशत लोगों को कम से कम एक खुराक लग चुकी है, जबकि करीब 31 प्रतिशत लोगों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं।-
- नयी दिल्ली। दिल्ली के नजदीक गुड़गांव में स्थित एक निजी अस्पताल ने 25 वर्षीय एक व्यक्ति के सीने की सर्जरी कर करीब 14 किग्रा वजन का दुनिया का सबसे बड़ा ट्यूमर निकालने का दावा किया है। एक बयान में यह जानकारी दी गई। उपलब्ध मेडिकल कागजात और प्रकाशित दस्तावेजों के मुताबिक 13.85 किग्रा का ट्यूमर निकाले जाने के इस मामले से पहले अब तक निकाला गया सबसे बड़ा ट्यूमर 9.5 किग्रा का था। यह गुजरात में निकाला गया था। बयान के मुताबिक, मरीज हरियाणा के गुड़गांव स्थित फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में भर्ती किया गया था। इसमें कहा गया है कि मरीज को सांस लेने में दिक्कत और काफी बेचैनी महसूस हो रही थी और पिछले ढाई महीनों से बिस्तर पर सीधा लेट कर सो भी नहीं पा रहा था। सर्जरी के बारे में अस्पताल के निदेशक व प्रमुख, सीटीवीएस, डॉ उदगीथ धीर ने बताया , सर्जरी चार घंटे तक चली, जिसमें सीने के दोनों सिरों को खोलना पड़ा और इसके बीच स्थित सीने की हड्डी काटनी पड़ी।
- ग्रेटर नोएडा (उप्र)। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ‘वन मैप ग्रेटर नोएडा' एप के जरिए 100 से अधिक लापता भूखंड ढूंढ़ निकाले हैं, जिनकी कीमत करीब 400 करोड़ रुपये से है। इन भूखंडों के आवंटन से 1500 करोड़ रुपये के निवेश और 4000 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलने का अनुमान है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहला प्राधिकरण है, जिसने वन मैप तैयार कराया है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की तर्ज पर बने इस वन मैप में ग्रेटर नोएडा से जुड़ी हर एक जानकारी दी गई है। उनके अनुसार प्राधिकरण ने परीक्षण के रूप में इसका बीटा वर्जन शुरू कर दिया है, ताकि आम जन का फीडबैक मिल सके। भूषण ने बताया कि इसका औपचारिक शुभारंभ बाद में मुख्यमंत्री के हाथों होना है, लेकिन ट्रायल में ही इसके खुशनुमा परिणाम आने लगे हैं। उन्होंने कहा वन मैप के जरिए प्राधिकरण को सेक्टर ईटोकेट छह एवं 11 में 108 औद्योगिक लापता भूखंड मिले हैं, जिनकी कीमत 400 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। उन्होंने बताया कि इसकी निगरानी वह खुद कर रहे हैं तथा उन्होंने उद्योगों के साथ ही संस्थागत, आईटी, रिहायशी और वाणिज्यिक विभागों को वन मैप के जरिए भूखंडों की छानबीन करने के निर्देश दिए हैं। ‘वन मैप ग्रेटर नोएडा' के जरिए जिन लापता भूखंडों का पता चला है, माना जा रहा है कि ये वे भूखंड हैं, जो किसी योजना में शामिल किए गए होंगे, लेकिन वे उस योजना से आवंटित नहीं हुए। वे प्लॉट बच गए। ऐसे प्लॉटों को किसी दूसरी स्कीम में शामिल किया जाना चाहिए था, लेकिन संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के तबादला पर चले जाने से ये भूखंड छूट गए। अब वन मैप के जरिए प्राधिकरण को ये प्लॉट मिल रहे है। सीईओ ने बताया कि ग्रेटर नोएडा से जुड़ी हर जानकारी को आम जनता तक पहुंचाने के लिए वन मैप तैयार कराने का निर्णय लिया गया। उनके अनुसार इसकी शुरुआत करीब डेढ़ साल पहले हुई थी, इसे प्राधिकरण की टीम और एनआईसी ने तैयार किया है। उन्होंने बताया कि इसे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट ग्रेटरनोएडा ऑथोरिटी डॉट इन से लिंक किया गया है तथा उस पर क्लिक करते ही सारी जानकारी आपके सामने आ जाएगी। मसलन, सिटीजन कॉलम पर क्लिक करने से ग्रेटर नोएडा में स्थित बस स्टॉप और पुलिस स्टेशन, पोस्ट ऑफिस, सार्वजनिक शौचालय कहां हैं, यह सब पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि आवासीय, इंडस्ट्री, संस्थागत, वाणिज्यिक, आईटी आदि के कितने भूखंड खाली हैं, इसे भी आप यहां देख सकते हैं और अपनी जरूरत के हिसाब से स्कीम के जरिए आवेदन कर प्लॉट भी पा सकते हैं।
- नयी दिल्ली। मंत्रिमंडल ने गुरुवार को केंद्रीय कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों के महंगाई भत्ते और राहत में 3 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी। इससे 47.14 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनधारकों को लाभ होगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि यह वृद्धि एक जुलाई 2021 से होगी। इस वृद्धि के बाद महंगाई भत्ता और राहत बढ़कर 31 प्रतिशत हो गयी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष एक जुलाई को सरकार ने कर्मचारियों की तीन बकाया किस्तों की बहाली का अनुमोदन किया था तथा कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों को देय महंगाई भत्ते/राहत को बेसिक वेतन/पेंशन के 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत करने का निर्णय किया था । ठाकुर ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों को देय महंगाई भत्ते/राहत में 3 प्रतिशत वृद्धि करने को मंजूरी दी गई । उन्होंने कहा कि इस निर्णय से केंद्र सरकार के 47.14 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनधारकों को लाभ होगा । सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा कि इस पर प्रति वर्ष 9,488 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा।
- खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के मुंदी कस्बे में तीन साल के एक बच्चे की उसके जन्मदिन पर ही कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि घटना बुधवार को जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर मुंदी कस्बे के वार्ड संख्या-8 में हुई। मृतक बालक का बुधवार को ही जन्मदिन था और वह दोपहर में घर के बाहर ही खेल रहा था। उन्होंने कहा कि जब काफी देर बाद तक बच्चा घर नहीं लौटा तो उसके परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अधिकारी ने कहा कि काफी देर तलाश करने के बाद रात को परिवार को अपने घर से करीब 100 मीटर दूर एक सुनसान मकान में एक बोरी पड़ी मिली और उसमें बच्चे का शव देखकर वे स्तब्ध रह गए। खंडवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा कि पुलिस ने बच्चे के का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपी की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए आगे की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के वजीराबाद इलाके में लूट की झूठी कहानी बनाकर नियोक्ता के पांच लाख रुपये हड़पने के आरोप में 34 वर्षीय युवक और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक हैदरपुर का निवासी है और उसने अपने साथ के साथ मिलकर उसके साथ लूट होने की झूठी शिकायत पुलिस को दी। सोमवार को वजीराबाद पुलिस को इलाके में लूट की सूचना मिली, जिसमें आरोपी दीपक ने बताया कि वह अपने नियोक्ता राजीव बंसल के निर्देश पर पांच लाख रुपये एकत्र कर जा रहा था, इसी दौरान बुराड़ी फ्लाईओवर के पास मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने उस पर मिर्च पाउउर फेंककर मोबाइल फोन और पांच लाख रुपये लूट लिए। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि जांच के दौरान पाया गया कि ना तो आरोपी दीपक के कपड़ों पर और ना ही वारदात स्थल पर मिर्च पाउडर मिला। उन्होंने कहा कि आरोपी बार-बार अपना बयान बदल रहा था। बाद में पूछताछ के दौरान आरोपी दीपक ने खुलासा किया कि वह अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता था जिसके लिए उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ी। उपायुक्त ने बताया कि आरोपी दीपक और उसके साथी को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन और 4,92,000 रुपये नकद बरामद किए गए।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों को तब तक मास्क पहनना जारी रखना चाहिए, जब तक कि विशेषज्ञ कहें कि इसे पहनने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी देने के दौरान पूछे गए उस सवाल के जवाब में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह बात कही, जिसमें उन देशों में मास्क पहनना स्वैच्छिक किया गया है जहां 75 फीसदी से अधिक आबादी को कोविड-रोधी टीका दिया जा चुका है। ठाकुर ने अब तक टीके की खुराक नहीं लेने वाले पात्र लोगों से जल्द से जल्द टीका लगवाने की अपील की ताकि वायरस से बचाव हो सके। उन्होंने कहा कि महामारी के मद्देनजर आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर निर्णय लिए गए। मंत्री ने कहा कि मास्क पहनना, सामाजिक दूरी के नियमों का पालन और थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ धोने जैसे उपाय महामारी से मुकाबला करने में मददगार साबित हुए। ठाकुर ने कहा, जब ऐसा महसूस किया जाएगा कि मास्क पहनने की जरूरत नहीं है तो विशेषज्ञ आपको इस बारे में बताएंगे। लेकिन, जब तक वे ऐसा नहीं कहते, तब तक मास्क अवश्य पहनें।
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हत्याकांड में बड़ा खुलासा, पत्नी ने ही करवा दी हत्या...!
इंदौर। इंदौर के पोलोग्राउंड में 13 अक्टूबर की सुबह आकाश मेडकिया की हत्या की मास्टरमाइंड उसी की पत्नी आरोपी वर्तिका निकली। यह जानकारीसीएसपी निहित उपाध्याय ने दी।
सीएसपी निहित उपाध्याय के अनुसार मर्डर केस की शुरुआती जांच पारिवारिक विवाद, लूट और कर्ज की लेनदेन जैसे एंगल पर केंद्रित थी। लेकिन, इसी बीच पुलिस के हाथ आरोपी वर्तिका और अमलतास हॉस्पिटल (देवास) में नर्सिंग हेड आरोपी डॉ. मनीष शर्मा के बीच हुई चैटिंग लग गई। पुलिस ने कडिय़ां जोड़ीं और ब्लाइंड मर्डर के किरदार एक-एक कर सामने आ गए। मामला लव ट्रायंगल का निकला। उज्जैन में बचपन की दोस्ती के बाद आरोपी वर्तिका ने आकाश से शादी की। देवास में नर्सिंग हैड से अफेयर हो गया और इंदौर में पति की हत्या करा दी। आरोपी वर्तिका, आरोपी मनीष को मिलाकर 5 आरोपी जेल में हैं।
सीएसपी निहित उपाध्याय ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि उज्जैन के फाजलपुरा में रहने वाली आरोपी वर्तिका और आकाश नर्सरी क्लास से साथ में पढ़े। दोनों के घर आसपास ही थे। एक-दूसरे को बचपन से ही चाहने लगे। परिवार राजी नहीं था, इसके बाद भी दोनों ने परिवार को मनाकर साल 2020 में शादी की। आकाश ने उज्जैन में प्रिंटिंग का काम शुरू किया, लेकिन कोरोना काल में कारोबार में मंदी आ गई और कर्ज होने पर उज्जैन छोडऩा पड़ा। डेढ़ साल पहले ही आकाश, पत्नी, भाई और मां को लेकर इंदौर आ गया। यहां वह कॉल सेंटर में जॉब करने लगा। अभी वह वर्क फ्रॉम होम था।
सीएसपी निहित उपाध्याय ने बताया कि आरोपी वर्तिका की बुआ देवास में रहती हैं। वहां अमलतास हॉस्पिटल में काम करती हैं। आरोपी वर्तिका ने उनसे बात की तो उन्होंने आरोपी वर्तिका की अपने हॉस्पिटल में उसको जॉब दिला दी। 17 हजार की तनख्वाह की नौकरी मिलने पर परिवार के लोग खुश थे। कर्ज की वजह से भी पति ने आरोपी वर्तिका को न नहीं कहा। आरोपी वर्तिका इंदौर से देवास अपडाउन करने लगी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आरोपी वर्तिका ने देवास से 15 दिन में एक बार इंदौर आने लगी। उसका तर्क था कि उसका काम बढ़ गया है, इसलिए वह देवास में रहेगी। उसे अस्पताल ने क्वार्टर दिया है। पर, हकीकत कुछ और थी। अस्पताल के नर्सिंग हेड आरोपी मनीष शर्मा से उसकी नजदीकी बढ़ चुकी थी।
सीएसपी निहित उपाध्याय ने बताया कि 2 अगस्त, 2021 को जब आरोपी वर्तिका देवास से इंदौर लौट आई, तब पति आकाश ने मनीष और उसके बीच हुई चैटिंग देख ली। दोनों में तब झगड़ा भी हुआ था। इसी केस के बाद मर्डर की प्लानिंग रची गई। -
हिसार। उकलाना के बुढाखेड़ा गांव के खेतों में 35 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान फतेहाबाद के सनियाना वासी विकास के रूप में हुई है। मृतक विकास का अपने मालिक आरोपी उग्रसैन के खेतों में कपास की फसल से शव मिला है। पुलिस ने जांच के बाद खुलासा किया कि विकास, आरोपी उग्रसैन के पास मुनीमी का काम करता था और उसका आरोपी मालिक की चचेरी बहन के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी के कारण विकास की हत्या की गई है।
पुलिस ने इस मामले में मृतक के बड़े भाई विक्रांत के बयान के आधार पर आरोपी उग्रसैन, उसके भाई आरोपी बंशी, आरोपी राधेश्याम और आरोपी भतीजे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक पिछले कुछ दिनों से अपने घर से गायब था। पुलिस को विकास के शव के पास से एक प्लास्टिक की शीशी में सल्फास का घोल, जेब में सल्फास का बन्द पैकेट, कुछ पैसे, एक छोटा चाकू, एक माचिस की डिब्बी, तीन टिकट वा राजु का आधार कार्ड मिला है।
पुलिस के अनुसार विक्रांत ने बताया कि उसका छोटा भाई विकास अविवाहित था। पिछले पांच-छह साल से आरोपी उग्रसैन की दुकान पर मुनीमी का काम करता था। इसी दौरान उसका आरोपी उग्रसैन की भतीजी के साथ प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया था और दोनों शादी करने के लिए भी तैयार थे, लेकिन आरोपी उग्रसैन व उसके भाई इसके सख्त खिलाफ थे।
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि 18 अक्टूबर को उनकी आपस में एक पंचायत भी हुई थी जिसमें लड़की के परिवारवालों ने कहा था कि विकास के फोन में कुछ तस्वीरें हैं वो डिलीट करवा देना अन्यथा अंजाम ठीक नहीं होगा। विक्रांत ने विकास के घर आने पर फोटो व वीडियो डिलीट करवाने की बात भी कही थी। इसके बाद बुधवार शाम को उनके पास फोन आया कि विकास का शव आरोपी उग्रसैन के खेतों में कपास की फसल में पड़ा हुआ है। जब परिवार ने आकर देखा तो वहां पर विकास का शव औंधे मुंह पड़ा हुआ था। विक्रांत के अनुसार उसके भाई की आरोपी उग्रसैन व उसके आरोपी भाईयों व आरोपी भतीजों ने मिलकर हत्या की है और शव को खेतों में फेंक दिया है। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। -
गिरिडीह। तिसरी के पकडिय़ा हीर गांव के पास डोभा से संदिग्ध परिस्थिति में 60 साल की बड़की टुडू का शव बरामद किया गया। वह तिसरी के मलुकचल की रहने वाली है।
एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने अनुमंडल कार्यालय स्थित अपने कक्ष में बताया कि मारपीट के एक मामले में मृतक बड़की टुडू के पति मंझिला मरांडी व उसके पुत्र अनिल मरांडी जेल चला गया है। इसके बाद इसी थाना क्षेत्र के पंडरिया गांव के लखन बेसरा का उसके घर पर आना-जाना शुरू हो गया। आरोपी बहू लीलावती सोरेन के साथ आरोपी लखन बेसरा के अवैध संबंध की जानकारी सास बड़की को हुई। वह उसका विरोध करने लगी। इस प्रेम प्रसंग के रास्ते में रोड़ा बनने से सास को हटाने के लिए आरोपी बहू अपने आरोपी प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रची। इसके बाद 14 अक्टूबर की देर रात दोनों ने मिलकर सास की हत्या कर दी। साथ ही साक्ष्य छुपाने की नीयत से बड़की के शव को एक बड़ा पत्थर में बांधकर डोभा में डाल दिया। एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने बताया कि आरोपित महिला दो बच्चों की मां है जबकि उसका प्रेमी अविवाहित है।
एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने बताया कि प्रेसवार्ता के बाद दोनों आरोपितों को चिकित्सीय जांच कराते हुए न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। जहां से न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। प्रेसवार्ता में तिसरी इंस्पेक्टर परमेश्वर लेयांगी व थाना प्रभारी पीकू प्रसाद मौजूद थे। -
मुजफ्फरपुर। सदर थाना के एक मोहल्ले में पत्नी ने पति को जान से मारने की नीयत से छत से धकेल दिया। इसमें पति गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसके सीने में चोट लगी है। दांत भी टूट गए। परिजनों व बच्चों की मदद से उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति देखते हुए डॉक्टर ने एसकेएमसीएच रेफर कर दिया।
थानेदार सत्येंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि इस संबंध में सोमवार को पीडि़त ने सदर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें पत्नी पर अवैध संबंध व हत्या की नीयत से छत से धक्का देने का आरोप लगाया है। पुलिस को पीडि़त ने बताया कि वह रविवार की शाम करीब छह बजे छत पर टहल रहा था। इस बीच उसकी पत्नी वहां पर पहुंची। दुव्र्यवहार करते हुए छत से धक्का दे दिया। इसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पीडि़त ने बताया कि उसकी पत्नी का संबंध एक युवक के साथ है। उसकी पत्नी कई बार उस युवक के साथ घर छोड़कर भाग चुकी है। युवक उसकी पत्नी को बहलाता-फुसलाता है। वहीं, थानेदार सत्येंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि पति गंभीर रूप से जख्मी है। पति के आवेदन पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। -
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं तथा केंद्रीय मंत्रियों ने बुधवार को समाप्त हुई दो दिवसीय बैठक में नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस बैठक का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में आरएसएस का प्रतिनिधित्व इसके संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल और अरुण कुमार, इसकी प्रचार शाखा के प्रमुख सुनील आंबेकर तथा अन्य ने किया। इसके अलावा विद्या भारती, भारतीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, भारतीय शिक्षा मंडल सहित विभिन्न आरएसएस-संबद्ध संगठनों और एबीवीपी के नेता भी बैठक में शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक बैठक में भाजपा का प्रतिनिधित्व इसके समन्वयक वी सतीश, महासचिव सी टी रवि और संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश ने किया। बैठक में नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विशेष रूप से छात्र दृष्टिकोण से विस्तृत चर्चा की गई जिसमें आरएसएस की विचारधारा की ओर झुकाव रखने वाले विभिन्न शिक्षाविद भी उपस्थित थे। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कैबिनेट में उनके सहयोगी राजीव चंद्रशेखर और जितेंद्र सिंह भी बैठक में मौजूद थे। बैठक में कौशल विकास और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं पर भी चर्चा हुई। -
जयपुर। राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई में शिकायतकर्ताओं को पूर्ण सहयोग दिये जाने के लिए एक करोड़ रूपये के कोष के गठन की स्वीकृति प्रदान की है। गृह विभाग की ओर से बजट घोषणा के अनुरूप एक करोड़ रुपये के कोष की शुरुआत के संबंध में बुधवार को आदेश जारी किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा ‘ट्रैप'' के समय आरोपी को दी जाने वाली रिश्वत की राशि कार्रवाई के बाद अदालत की संपत्ति होने के कारण जमा करवा दी जाती है। मामला अदालत में विचाराधीन रहने के कारण लंबे समय तक यह राशि शिकायतकर्ता को नहीं मिल पाती है। आदेश के अनुसार अब शिकायतकर्ता द्वारा ‘ट्रैप'' की कार्रवाई के समय दी जाने वाली रिश्वत राशि को नवगठित कोष से वापस किया जायेगा। इस कोष से रकम वापसी के लिये वे शिकायतकर्ता पात्र होंगे जिनका अनुमोदन ब्यूरो मुख्यालय स्तर पर गठित कमेटी द्वारा किया जायेगा और सक्षम स्वीकृति जारी की जायेगी। -
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम साफ होने के साथ ही केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की तीर्थयात्रा बुधवार को फिर से शुरू हो गई। चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने कहा कि हालांकि बद्रीनाथ की यात्रा अभी शुरू नहीं हो सकी क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग का पीपलकोटी-जोशीनाथ-बद्रीनाथ हिस्सा कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है। जैसे ही बारिश रुकी और मौसम में सुधार हुआ, केदारनाथ के रास्ते में अलग-अलग पड़ावों पर इंतजार कर रहे तीर्थयात्री मंदिर के दर्शन के लिए सोनप्रयाग पहुंचने लगे। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी बुधवार को केदारनाथ मंदिर में पवित्र शिवलिंग के दर्शन करने वाले 4,475 भक्तों में शामिल थे। गौड़ ने कहा कि कुल 1,433 तीर्थयात्रियों ने गंगोत्री की यात्रा की जबकि 2,444 तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री की यात्रा की। गौरतलब है कि उत्तराखंड में 17 से 19 अक्टूबर तक भारी बारिश की मौसम विभाग की चेतावनी के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 18 अक्टूबर को चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। -
नयी दिल्ली। कोविड-19 से बचाव के लिए देश में जारी टीकाकरण के तहत दी गई खुराकों की संख्या 100 करोड़ के करीब पहुंच गई है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को टीकाकरण के लिए पात्र लोगों से बिना देरी टीका लगवाने और भारत की ऐतहासिक टीकाकरण यात्रा में योगदान देने की अपील की। भारत में टीकाकरण के तहत 100 करोड़ खुराक दिए जाने का जश्न मनाने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। देश में 100 करोड़ खुराक दिए जाने के अवसर पर मांडविया लाल किले से गायक कैलाश खेर का गीत और ऑडियो-विजुअल फिल्म जारी करेंगे। मांडविया ने ट्वीट किया, ‘‘देश वैक्सीन शतक बनाने के करीब है। इस स्वर्णिम अवसर के सहभागी बनने के लिए देशवासियों से मेरी अपील है कि जिनका टीकाकरण बाकी है वो तत्काल टीका लगवाकर, भारत की इस ऐतिहासिक स्वर्णिम टीकाकरण यात्रा में अपना योगदान दें।'' स्पाइसजेट 100 करोड़ खुराक की उपलब्धि हासिल होने पर बृहस्पतिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर विशेष वर्दी जारी करेगी। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और स्पाइसजेट के मुख्य प्रबंध निदेशक अजय सिंह मौजूद रहेंगे। मांडविया ने इससे पहले कहा था कि जब भारत टीके की 100 करोड़ खुराक लगाने की उपलब्धि प्राप्त करेगा तक इसकी घोषणा विमानों, पोतों, मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर की जाएगी। यह उपलब्धि प्राप्त करने की खुशी शहर में केंद्र सरकार के अस्पतालों में भी मनाई जाएगी। बुधवार शाम सवा सात बजे तक कोविन पोर्टल से प्राप्त जानकारी के मुताबिक देश में टीके की 99.54 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं। करीब 75 प्रतिशत वयस्कों को टीके की कम से कम एक खुराक लग चुकी है जबकि 31 प्रतिशत आबादी को दोनों खुराक लग चुकी है। मांडविया ने कहा, ‘‘टीके की 100 करोड़ खुराक लगाने के बाद हम मिशन के तहत सुनिश्चित करेंगे कि जिन्हें पहली खुराक लग चुकी हैं उन्हें दूसरी खुराक भी लगे ताकि कोविड-19 से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।'' केंद्र ने कहा कि जिन गांवों में शत प्रतिशत टीकाकरण हो चुका हैं उन्हें 100 करोड़ खुराक लगाने की उपलब्धि मनाने के लिए इस अभियान में अहम स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा में पोस्टर बैनर लगाने चाहिए।







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