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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वैश्विक तेल और गैस कंपनियों को भारत आने और यहां तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में संभावना तलाशने को आमंत्रित किया। उन्होंने क्षेत्र में सरकार की ओर से किये गये सुधारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। तेल और गैस क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और विशेषज्ञों से सालाना बातचीत में उन्होंने कहा कि हम भारत को तेल और गैस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। उद्योग प्रमुखों ने ऊर्जा पहुंच, ऊर्जा को सस्ता बनाने तथा ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में सुधार को लेकर सरकार की तरफ से उठाये गये कदमों की सराहना की। आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने तेल और गैस क्षेत्र में पिछले सात साल में किये गये सुधारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इनमें खोज और लाइसेंस नीति, गैस विपणन, कोयला खानों से मिथेन निकालने (कोल बेड मिथेन), कोयले से गैस बनाने और भारतीय गैस एक्सचेंज में हाल के सुधार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिये ऐसे सुधार जारी रहेंगे।
खोज और उत्पादन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि अब ध्यान राजस्व के बजाय उत्पादन को अधिकतम करने पर है। प्रधानमंत्री ने कच्चे तेल के लिये भंडारण सुविधाओं की जरूरत के बारे में बात की।
देश में प्राकृतिक गैस की बढ़ती मांग के बारे में बात करते हुए उन्होंने पाइपलाइन, सिटी गैस वितरण और एलएनजी रिगैसिफिकेशन टर्मिनल समेत मौजूदा और संभावित गैस बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2016 से इन बैठकों में जो सुझाव मिलते रहे हैं, उनसे तेल एवं गैस क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों को समझने में मदद मिली है। मोदी ने कहा कि भारत खुलेपन, उम्मीदों और अवसरों की भूमि है तथा नए विचारों, दृष्टिकोणों और नवोन्मेष से भरा हुआ है। बयान के अनुसार, ‘‘उन्होंने भारत के साथ तेल एवं गैस क्षेत्र में भागीदारी को लेकर उद्योग प्रमुखों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया।'' बातचीत में रोसनेफ्ट के सीईओ इगोर सेचिन, सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर, बीपी के सीईओ बर्नार्ड लूनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी और वेदांता के प्रमुख अनिल अग्रवाल समेत दुनिया के अन्य उद्योग प्रमुख शामिल हुए। बयान के अनुसार, ‘‘मुख्य कार्यपालक अधिकारियों ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी को तेजी से अपना रहा है और वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। -
नयी दिल्ली। एक नवीनतम अध्ययन में दावा किया गया है कि उसके अध्ययन में शामिल केवल 60 प्रतिशत गर्भवर्ती महिलाएं ही पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में तीन वक्त का खाना खा सकती थीं जो महामारी के दौरान सबसे अधिक असुरक्षित आबादी के बीच भोजन की पर्याप्त उपलब्धता का अभाव प्रतिबिंबित करता है। यूनीसेफ इंडिया द्वारा भारतीय मानव विकास संस्थान (आईएचडी) की साझेदारी में किए गए अध्ययन में करीब छह हजार परिवारों ने हिस्सा लिया। अध्ययन के दौरान मई से दिसंबर 2020 के बीच चार चरणों में आंकड़े एकत्र किए गए जिनमें सात राज्य- आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश- के 12 जिलों से प्रतिभागियों को चुना गया। यह अध्ययन ‘‘सबसे असुरक्षित आबादी पर कोविड-19 का सामाजिक आर्थिक असर का आकलन- समुदाय आधारित निगरानी के जरिये'' शीर्षक से किया गया। इसमें पाया गया महामारी के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पर्याप्त भोजन का जुगाड़ करना सबसे बड़ी चुनौती थी। अध्ययन में कहा गया, ‘‘पांच में से केवल तीन महिला (60 प्रतिशत) प्रतिभागी तीन वक्त का खाना खा सकती थी जो सबसे असुरक्षित आबादी पर भोजन की उपलब्धता को लेकर दबाव को प्रतिबिंबित करता है।भोजन की अनुपलब्धता अजन्में बच्चे के पोषण को भी बुरी तरह से प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश के जलौन, ललितपुर और आगरा जिले से प्राप्त नमूने इस संदर्भ में सबसे खराब रहे।'' अध्ययन के मुताबिक एक तिहाई प्रतिभागियों ने लॉकडाउन से पूर्व के मुकबाले पिछले साल दिसंबर में आवश्यक खाद्य सामग्री जैसे सब्जी, दूध, फल और अंडे पर कम व्यय किया। अध्ययन में कहा गया, ‘‘इस कमी से बहुत संभव है कि इन प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री के सेवन में भी कमी आई और आशंका है कि इसका दुष्प्रभाव बच्चे के विकास पर भी पड़ा होगा।'' अध्ययन में रेखांकित किया गया है कि ग्रामीण समुदायों ने इस संदर्भ में अपने शहरी समकक्षों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट में कहा गया कि जून और जुलाई के बाद स्थिति में सुधार आया ।
अध्ययन के मुताबिक घर लौटे परिवार (लॉकडाउन के बाद अपने पैतृक गांवों पहुंचे परिवार) और महिला मुखिया वाले परिवार सामान्य परिवारों के मुकाबले बेरोजगार व्यक्ति और भोजन की उपलब्धता के संदर्भ में अधिक असुक्षित रहे। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘छोटे बच्चे वाले परिवारों और घर लौटै परिवारों में खाने की कमी अधिक रही जो संकेत करता है कि घर लौटे परिवारों के बच्चों के विकास पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ा़। -
जयपुर । राजस्थान के चूरू जिले के सालासर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक निजी स्कूल के शिक्षक ने कथित रूप से एक छात्र की बुरी तरह पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। थानाधिकारी संदीप विश्नोई ने बताया कि कोलासर गांव का रहने वाला 13 वर्षीय छात्र गणेश एक निजी विद्यालय में 7वीं कक्षा में पढ़ता था। छात्र द्वारा गृहकार्य नहीं किये जाने पर आरोपी शिक्षक ने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी। बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि छात्र के पिता की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपी शिक्षक मनोज (35) को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और किशोर न्याय (बालाकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने छात्र की मौत पर दुख जताते हुए अधिकारियों को मामले की जांच करने के निर्देश दिये हैं। डोटासरा ने ट्वीट कर कहा, ‘‘चूरू के सालासर के कोलासर गांव में आज एक निजी स्कूल के शिक्षक की पिटाई से 7वीं कक्षा के बच्चे की मौत होने का दुःखद समाचार मिला। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को पकड़ कर जांच शुरू कर दी है। मामले की पूरी जांच होने तक स्कूल की मान्यता निलंबित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। -
जयपुर। इनवेस्ट राजस्थान-2022' सम्मेलन जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में 24 और 25 जनवरी 2022 को होगा। इस दो दिन के सम्मेलन में दुनिया भर से निवेशकों को बुलाया जाएगा। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने बताया कि जनवरी में होने वाले 'इनवेस्ट राजस्थान-2022' शिखर सम्मेलन से राज्य में निवेश के माहौल को बढ़ावा मिलेगा। आर्य बुधवार को यहां सम्मेलन के लिए उद्योग विभाग द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं, इसे ध्यान में रखते हुए निवेश के लिए घरेलू व विदेशी निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार, पर्यटन के नए अवसरों को बढ़ावा मिले। बैठक में उद्योग सचिव आशुतोष पेडणेकर ने कहा कि सम्मेलन में प्रवासी राजस्थानी, घरेलू व विदेशी निवेशकों की भागीदारी से निवेश बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री और मंत्री रोड शो कर निवेशकों को सम्मेलन के लिए आमंत्रित करेंगे। - नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार अगले छह-आठ महीनों में सभी वाहन विनिर्माताओं से यूरो-छह उत्सर्जन मानदंडों के तहत फ्लेक्स-ईंधन इंजन बनाने के लिए कहेगी। फ्लेक्स-ईंधन या लचीला ईंधन, गैसोलीन और मेथनॉल या एथनॉल के संयोजन से बना एक वैकल्पिक ईंधन है।एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने आगे कहा कि अगले 15 वर्षों में भारतीय वाहन उद्योग 15 लाख करोड़ रुपये का होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम यूरो-छह उत्सर्जन मानदंडों के तहत फ्लेक्स-ईंधन इंजन के निर्माण की अनुमति देने के लिए उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा देने की योजना बना रहे थे ... लेकिन अब मुझे लगता है कि हम सभी वाहन विनिर्माताओं से अगले 6-8 महीनों में यूरो-छह उत्सर्जन मानदंडों के तहत फ्लेक्स-ईंधन इंजन (जो एक से अधिक ईंधन पर चल सकता है) बनाने के लिए कहेंगे।'' गडकरी ने दावा किया कि सभी वाहन विनिर्माताओं के लिए फ्लेक्स-ईंधन इंजन बनाना अनिवार्य होने के बाद वाहनों की लागत नहीं बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत हरित हाइड्रोजन का निर्यात करने में सक्षम होगा।
- नयी दिल्ली। एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की कंपनी रोल्स रॉयस ने बुधवार को कहा कि वह भारतीय नौसेना के 'फ्लीट ऑफ द फ्यूचर' के लिए इलेक्ट्रिक युद्धपोतों के विकास के लिए उसके साथ साझेदारी करने को इच्छुक है। रोल्स रॉयस ने एक बयान में कहा कि कंपनी भारतीय नौसेना के ग्राहकों को ब्रिटेन के आगामी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप टूर के तहत भारत की नौसेना आधुनिकीकरण आवश्यकताओं के लिए अनुकूलित बिजली और प्रणोदन समाधान के डिजाइन, निर्माण और वितरित करने की अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। रोल्स-रॉयस के अध्यक्ष (भारत और दक्षिण एशिया), किशोर जयरामन ने कहा कि कैरियर स्ट्राइक ग्रुप टूर कंपनी के लिए नौसेना बिजली और प्रणोदन में दशकों के नवाचार के परिणामों को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि भारत ने अपने भविष्य के बेड़े की कल्पना की है, देश के रक्षा आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करने की हमारी प्रतिबद्धता हमेशा की तरह दृढ़ है।'
- नयी दिल्ली। एक नवीनतम अध्ययन में दावा किया गया है कि उसके अध्ययन में शामिल केवल 60 प्रतिशत गर्भवर्ती महिलाएं ही पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में तीन वक्त का खाना खा सकती थीं जो महामारी के दौरान सबसे अधिक असुरक्षित आबादी के बीच भोजन की पर्याप्त उपलब्धता का अभाव प्रतिबिंबित करता है। यूनीसेफ इंडिया द्वारा भारतीय मानव विकास संस्थान (आईएचडी) की साझेदारी में किए गए अध्ययन में करीब छह हजार परिवारों ने हिस्सा लिया। अध्ययन के दौरान मई से दिसंबर 2020 के बीच चार चरणों में आंकड़े एकत्र किए गए जिनमें सात राज्य- आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश- के 12 जिलों से प्रतिभागियों को चुना गया। यह अध्ययन ‘‘सबसे असुरक्षित आबादी पर कोविड-19 का सामाजिक आर्थिक असर का आकलन- समुदाय आधारित निगरानी के जरिये'' शीर्षक से किया गया। इसमें पाया गया महामारी के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पर्याप्त भोजन का जुगाड़ करना सबसे बड़ी चुनौती थी। अध्ययन में कहा गया, ‘‘पांच में से केवल तीन महिला (60 प्रतिशत) प्रतिभागी तीन वक्त का खाना खा सकती थी जो सबसे असुरक्षित आबादी पर भोजन की उपलब्धता को लेकर दबाव को प्रतिबिंबित करता है।भोजन की अनुपलब्धता अजन्में बच्चे के पोषण को भी बुरी तरह से प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश के जलौन, ललितपुर और आगरा जिले से प्राप्त नमूने इस संदर्भ में सबसे खराब रहे।'' अध्ययन के मुताबिक एक तिहाई प्रतिभागियों ने लॉकडाउन से पूर्व के मुकबाले पिछले साल दिसंबर में आवश्यक खाद्य सामग्री जैसे सब्जी, दूध, फल और अंडे पर कम व्यय किया। अध्ययन में कहा गया, ‘‘इस कमी से बहुत संभव है कि इन प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री के सेवन में भी कमी आई और आशंका है कि इसका दुष्प्रभाव बच्चे के विकास पर भी पड़ा होगा।'' अध्ययन में रेखांकित किया गया है कि ग्रामीण समुदायों ने इस संदर्भ में अपने शहरी समकक्षों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट में कहा गया कि जून और जुलाई के बाद स्थिति में सुधार आया ।अध्ययन के मुताबिक घर लौटे परिवार (लॉकडाउन के बाद अपने पैतृक गांवों पहुंचे परिवार) और महिला मुखिया वाले परिवार सामान्य परिवारों के मुकाबले बेरोजगार व्यक्ति और भोजन की उपलब्धता के संदर्भ में अधिक असुक्षित रहे। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘छोटे बच्चे वाले परिवारों और घर लौटै परिवारों में खाने की कमी अधिक रही जो संकेत करता है कि घर लौटे परिवारों के बच्चों के विकास पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ा़।'
- नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत आनुवंशिक रूप से परिष्कृत (जीएम) चावल का निर्यात नहीं करता है क्योंकि देश में ऐसी फसल की कोई व्यावसायिक किस्म नहीं है और इसकी खेती भी यहां प्रतिबंधित है। वाणिज्य मंत्रालय का स्पष्टीकरण भारत से कथित जीएम चावल से जुड़ी खाद्य वस्तुओं के निर्यात की खेप को वापस लेने के संबंध में एक रिपोर्ट के बाद आया है। मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जा सकता है कि भारत में जीएम चावल की कोई व्यावसायिक किस्म नहीं है, वास्तव में भारत में चावल की वाणिज्यिक जीएम खेती प्रतिबंधित है। भारत से जीएम चावल के निर्यात का कोई सवाल ही नहीं है।'' मंत्रालय ने इस विशेष घटना, जिसके बारे में यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा रैपिड अलर्ट के माध्यम से रिपोर्ट किया गया था, के संदर्भ में आगे कहा, जीएमओ संदूषण चावल के आटे में पाए जाने का संदेह है जिसे यूरोपीय संघ में प्रसंस्कृत किया गया था और वे स्वयं संदूषण के सटीक स्रोत के बारे में सुनिश्चित नहीं हैं। विभाग ने कहा कि भारत से निर्यात किया गया टूटा सफेद चावल यूरोपीय संघ में वास्तविक प्रसंस्करणकर्ता तक पहुंचने से पहले कई हाथों से गुजर चुका था। निर्यातक ने पुष्टि की है कि निर्यातित चावल गैर-जीएम फसल था। विभाग ने कहा, ‘‘चूंकि, भारत में जीएम की कोई व्यावसायिक किस्म नहीं है, निर्यात खेप को भेजने के पहले यथोचित परीक्षण भी किया गया था। भारत द्वारा निर्यात किए गए सफेद चावल के कारण जीएमओ संदूषण की संभावना संभव नहीं है।'' मंत्रालय ने कहा कि भारत सख्ती के साथ गैर-जीएम चावल का निर्यात कर रहा है।बयान में कहा गया है कि भारत में ‘जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रेजल कमेटी' (जीईएसी) के विशेषज्ञ और आईएआरआई के कृषि विशेषज्ञ और साथ ही अन्य चावल विशेषज्ञ, इस मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन इस बात की फिर से पुष्टि कर रहे हैं कि देश में वाणिज्यिक जीएम किस्म के चावल नहीं उगाए जाते हैं।
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनल को देश में इनमारसैट के ग्लोबल एक्सप्रेस (जीएक्स) मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवाओं की पेशकश को लेकर लाइसेंस मिला है। इससे इनमारसैट टर्मिनल का उपयोग कर एयरलाइन के लिये उड़ानों के दौरान तथा समुद्री जहाजों को उच्च गति की संपर्क सुविधा दी जा सकेगी। ब्रिटेन की मोबाइल सैटेलाइट संचार कंपनी इनमारसैट ने बुधवार को यह घोषणा की।इनमारसैट इंडिया के प्रबंध निदेशक गौतम शर्मा ने कहा कि स्पाइसजेट लि. और शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया पहले ही नई जीएक्स सेवाओं के लिये समझौते कर चुकी हैं। इससे 50 एमबीपीएस की क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। शर्मा के अनुसार, जीएक्स सेवा की शुरुआत के साथ भारतीय घरेलू एयरलाइंस और अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां देश के ऊपर से उड़ान के दौरान उच्च गति की संपर्क सुविधा प्रदान कर सकेंगी। साथ ही यात्री इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे, सोशल मीडिया मंचों का उपयोग कर सकेंगे और ई-मेल आसानी से भेज सकेंगे। इतना ही नहीं वे उड़ान के दौरान ऐप के जरिये कॉल भी कर सकेंगे। इनमारसेट द्वारा जारी बयान में स्पाइसजेट ने कहा कि वह इस साल के अंत तक नये बोइंग 737 मैक्स विमान पेश करने के साथ अपने यात्रियों को महत्वपूर्ण संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने को उत्सुक है।बयान के अनुसार बीएसएनएल को दूरसंचार विभाग से मिले उड़ान और समुद्री संपर्क लाइसेंस (आईएफएमसी) के तहत जीएक्स सेवाएं सभी भारतीय ग्राहकों के लिये उपलब्ध होंगी। यह घोषणा महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसका मतलब है कि भारतीय विमानन कंपनियां देश और विदेश में उड़ान के दौरान संपर्क सुविधा के लिये जीएक्स का उपयोग कर सकेंगी। साथ ही इससे भारतीय समुद्र क्षेत्र में काम करने वाली देश की वाणिज्यिक कंपनियां जहाजों के बेहतर संचालन और चालक दल से जुड़ी कल्याण सेवाओं के लिए अपने जहाजों में डिजिटलीकरण को बढ़ाने में सक्षम होंगी।बीएसएनएल (भारत संचार निगम लि.) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने कहा कि इस सेवा के लिये शुल्क का निर्धारण अभी नहीं किया गया है। यह पूछे जाने पर कि ये सेवाएं कब शुरू होंगी, उन्होंने कहा, ''हमारी तरफ से बीएसएनएल नवंबर से इन सेवाओं के साथ पूरी तरह से तैयार होगी।'' बीएसएनएल को मिले लाइसेंस के तहत जीएक्स सेवाएं सरकार और अन्य उपयोगकर्ताओं को पेश की जाएंगी। ग्राहकों तथा भागीदारों के लिये सेवाओं की पेशकश चरणबद्ध तरीके से होगी।
- कोटा । राजस्थान के कोटा जिले के मोरपा गांव में जमीन विवाद को लेकर बुधवार सुबह कुछ लोगों ने 62 वर्षीय एक व्यक्ति की लाठियों से पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। मृतक के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने गांव के 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। मृतक की पहचान कोटा जिले के कैथून थाना के अंतर्गत मोरपा गांव निवासी राजाराम मीणा के रूप में हुई है।इलाके के क्षेत्राधिकारी नेत्रपाल सिंह के मुताबिक बुधवार तड़के लाठियों से लैस करीब 10 लोग राजाराम मीणा के घर में घुस आए और उसे बुरी तरह से पीटकर वहां से फरार हो गए। राजाराम को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम के बाद उसका शव उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया। पुलिस जांच से पता चला है कि राजाराम को लगभग आठ साल पहले प्रतिद्वंद्वी समूह के एक परिवार के सदस्य की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था और हाल ही में वह अपनी सजा की अवधि पूरी करने के बाद जेल से बाहर आया था। पुलिस राजाराम की हत्या में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत को किसी पर हमले के लिये नहीं बल्कि स्वयं की रक्षा के लिये वैश्विक शक्ति बनने की जरूरत है। उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक विस्तारवादी शक्ति नहीं है और छोटे पड़ोसियों पर हमला करने का इरादा नहीं रखता है। गडकरी ने कहा, ‘‘हमें भारत को वैश्विक शक्ति बनाने की जरूरत है...हमें शक्तिशाली बनने की जरूरत है अैर यह किसी पर हमले के लिये नहीं है।'' मंत्री ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।उन्होंने कहा, ‘‘हम गरीब आबादी के साथ धनी देश हैं। हमें समृद्ध आबादी के साथ समृद्ध देश बनने के लिये काम करने की जरूरत है।'' गडकरी ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने ब्रिटिश साम्राज्य को हिलाकर रख दिया था और उनका जीवन तथा कार्य आज भी लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारत की नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली अतीत के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है।
- उत्तरकाशी। हिमाचल प्रदेश में चितकुल की यात्रा पर गए आठ ट्रेकर और उनके साथ गए तीन रसोइये लापता हो गए हैं। एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि ग्यारह लोगों का दल उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हर्सिल होते हुए चितकुल की यात्रा पर गया था। टीम में कोलकाता के सात और दिल्ली का एक पर्यटक शामिल था। यह टीम 11 अक्टूबर को हर्सिल से चितकुल के लिए रवाना हुई थी और उसे 19 अक्टूबर को वहां पहुंचना था। पटवाल ने कहा कि जब यह टीम मंगलवार को चितकुल नहीं पहुंची, तो चिंतित ट्रेक आयोजकों ने उत्तरकाशी जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को सूचित किया। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ की एक टीम हेलीकॉप्टर से लापता ट्रेकर्स का पता लगाने और उन्हें बचाने की तैयारी कर रही है। टीम के सदस्यों की पहचान दिल्ली की अनीता रावत (38) और कोलकाता के निवासियों मिथुन दारी (31), तन्मय तिवारी (30), विकास मकल (33) सौरव घोष (34) सावियन दास (28), रिचर्ड मंडल (30) और सुकेन मांझी (43) के रूप में हुई है। खाना पकाने वाले कर्मचारियों की पहचान देवेंद्र (37), ज्ञान चंद्र (33) और उपेंद्र (32) के रूप में हुई है। सभी उत्तरकाशी के पुरोला के रहने वाले हैं।
- नयी दिल्ली। विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले कम से कम 52 प्रतिशत विद्यार्थी विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा के मुकाबले विशिष्ट पाठ्यक्रमों को तरजीह दे रहे हैं। एक नवीनतम अध्ययन में यह जानकारी दी गई है। वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी वेस्टर्न यूनियन द्वारा नीलसन आईक्यू द्वारा कराए गए अध्ययन के नतीजों के मुताबिक अब 64 प्रतिशत विद्यार्थी उन देशों और विश्वविद्यालयों को पढ़ाई के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं जहां पर प्रवेश परीक्षा या अंग्रेजी में पांरगत होने की अनिवार्यता नहीं है। अध्ययन में कहा गया, ‘‘विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों में आश्चर्य करने वाली परिपाटी देखने को मिल रही है, अब अधिकतर (52 प्रतिशत) विद्यार्थी चुनाव के लिए विशिष्ट पाठ्यक्रम को प्राथमिकता दे रहे हैं, बजाय के विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा को। विद्यार्थी उन पाठ्यक्रमों में प्रवेश चाहते हैं जो हटकर हैं लेकिन धीरे-धीरे महत्व प्राप्त कर रहे हैं और इसके लिए वे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के समूहों से परे देख रहे हैं जो इस तरह के पाठ्यक्रमों की पेशकश नहीं करते।'' अध्ययन में कहा गया,‘‘ इसका संबंध बाधा से भी है, परीक्षा उत्तीर्ण करना विद्यार्थियों (64 प्रतिशत के लिए) की सबसे बड़ी बाधा है, जिससे वे उन देशों और विश्वविद्यालयों को चुन रहे हैं जहां पर प्रवेश परीक्षा नहीं होती और अंग्रेजी में पारंगत होना अनिवार्य नहीं है। धन संबंधी चिंता खासतौर पर वित्त और वित्तीय योजना अहम बाधा है जो विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों ने व्यक्त की और बताया कि पूरी प्रक्रिया को तय करने में यह अहम भूमिका निभाती है।'' ‘‘एजेुकेशन ओवरसीज- ऐन इवोलविंग जर्नी' शीर्षक से किए गए अध्ययन में करीब आधे (45 प्रतिशत) विद्यार्थियों ने बताया कि उनकी प्राथमिकता ‘आत्म निर्भरता' और ‘अपनी शर्तों पर जीने'' का अवसर विदेश में पढ़ाई की प्रेरणा देते हैं। अध्ययन के मुताबिक, ‘‘पूर्व की परिपाटी के विपरीत अब प्रत्येक पांच विद्यार्थी में से एक (22 प्रतिशत) अध्ययन के लिए आयरलैंड, तुर्की और स्पेन जैसे गैर पारंपरिक स्थानों को प्राथमिकता दे रहा है। पारंपरिक पाठ्यक्रमों के मुकबाले डाटा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमता, डिजिटल विपणन, साइबर सुरक्षा, नैतिक हैकिंग और इकोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता प्राथमिकता बन रही है और करीब 52 प्रतिशत विद्यार्थी इन विषयों की विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक हैं।'' अध्ययन के मुताबिक, ‘‘महामारी की वजह से शुरू हुई हाइब्रिड पढ़ाई (ऑनलाइन और ऑफलाइन) मुख्य धारा में आ गई है और अब 46 प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। विद्यार्थी अब नौकरी और बेहतर शिक्षा के बजाय अन्य संस्कृतियों को जानने (43 प्रतिशत) के लिए यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।'' गौरतलब है यह अध्ययन 807 लोगों के जवाब पर आधारित हैं जिनमें 12 शहरों के विद्यार्थी, उनके माता-पिता, दादा-दादी और करियर परामर्शदाता शामिल हैं। यह सर्वेक्षण जनवरी से जून महीने के बीच किया गया।
- देहरादून। उत्तराखंड में नैनीताल जिले की उफनती गोला नदी में फंसे एक हाथी के संघर्ष ने सभी लोगों ध्यान खींचा। वायरल हुए एक वीडियो में नदी में फंसा हाथी निकलने के लिए प्रयास करता नजर आया। उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद सोशल मीडिया पर मंगलवार को वायरल हुए वीडियो में हाथी नदी के पानी में दिखाई दे रहा है जो अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से फंस गया। असहाय हाथी नदी से निकलने के लिए तैरने के लिए संघर्ष कर रहा था और इस दौरान नदी के किनारे पर लोगों की भीड़ लग गई जो अपने मोबाइल फोन में इस घटना को कैद करने लगे। मुख्य वन्यजीव वार्डन जे एस सुहाग ने कहा, '' नदी में हाथी के फंसे होने की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया। हालांकि, वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही हाथी तैरकर किनारे पर आ गया था।'' उन्होंने कहा कि नैनीताल और आसपास के क्षेत्र के वनकर्मियों को सतर्क रहने को कहा गया है ताकि अगर कहीं भी किसी जानवर के फंसे होने की जानकारी मिलने पर तत्काल बचाव अभियान चलाया जा सके। तिराई पूर्व के संभागीय वन अधिकारी संदीप ने कहा कि हाथी हलदू चौर और देवरामपुरा के बीच नदी में फंस गया था। उन्होंने कहा कि बाद में हाथी को सुरक्षित वन में पहुंचाया गया।
- देहरादून/नयी दिल्ली। उत्तराखंड में प्रशासन ने पिछले दो दिनों से जारी बारिश के कारण हुए नुकसान का बुधवार को जायजा लिया और राहत एवं पुनर्वास कार्य तेज किया। राज्य में रविवार रात से जारी वर्षा जनित आपदा से अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 अन्य लापता हैं। प्रशासन ने बुधवार को कई स्थानों पर सड़क पर यातायात की बहाली सुनिश्चित की। हालांकि, दूर-दराज के गांवों में अभी भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। राज्य का कुमाऊं क्षेत्र बारिश से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है जिससे घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कुछ पुल बह गए और मलबे में कई लोग फंसे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने कहा कि उसने उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 1,300 से ज्यादा लोगों को बचाकर निकाला है और बचाव दल की टीमों की संख्या बढ़ाकर 15 से 17 कर दी है। एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, “अब तक एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने उधम सिंह नगर और नैनीताल से 1,300 से ज्यादा लोगों को निकाला है। वे उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भी वितरित कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि उधम सिंह नगर में छह, उत्तरकाशी और चमोली में दो-दो तथा देहरादून, चम्पावत, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में एक-एक टीम को तैनात किया गया है। बुधवार सुबह से मौसम साफ रहा लेकिन प्रशासन को मलबे में दबे लोगों को बचाकर निकालने, सड़कों पर यातायात बहाली और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुमाऊं के बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए। भारी बारिश के कारण बेहाल नैनीताल में बुधवार को हालात सामान्य होते दिखे। भारी बारिश के कारण सड़के अवरुद्ध होने से जहां नैनीताल का उत्तराखंड के अन्य हिस्सों से संपर्क कट गया था, वहीं पर्यटक भी होटलों में कैद रहने को मजबूर हो गए थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में हालात का जायजा लेने के लिए बुधवार शाम को राजधानी देहरादून का दौरा कर सकते हैं। गोला नदी में उफान के चलते नैनीताल में काठगोदाम रेलवे की पटरियों को नुकसान पहुंचा है। जिले में अब तक कम से कम 29 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि काठगोदाम में क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत में चार या पांच दिन लग सकते हैं। नैनीताल में बुधवार सुबह हालात सामान्य हुए और बारिश थमने से पर्यटक बाजार में शॉपिंग करने और पर्यटन के लिए निकले। शहर में टैक्सियां आम दिनों की तरह चलती दिखाई दीं। उत्तर प्रदेश से आए एक पर्यटक ने कहा, ''मंगलवार को लगातार बारिश होने के कारण हम अपने होटल में ही बंद रहने को मजबूर हुए।'' बुधवार सुबह तक सड़क से पानी लगभग पूरी तरह हट चुका था। नैनी झील के उफना जाने से पानी सड़कों पर आ गया था और जलभराव से चलना मुश्किल हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि शहर में बारिश के कारण प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति और फोन सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। हालांकि, दूर-दराज के गांवों में अभी आपूर्ति प्रभावित है। नैनीताल के जिलाधिकारी धीरज गर्बियाल ने कहा कि मौसम में सुधार के साथ ही दिन के दौरान राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के प्रयास किए गए। वहीं, नैनीताल से जुड़ने वाले हल्द्वानी और कालाडूंगी मार्ग को आंशिक रूप से यातायात के लिए खोल दिया गया है। इन मार्गों से सोमवार को पूरी तरह जबकि मंगलवार को आंशिक तौर पर संपर्क टूट गया था। कुछ स्थानों पर भूस्खलन की आशंका के चलते नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर केवल हल्के वाहनों की आवाजाही बहाल की गई है।
- नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग-यूपीएससी ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांगजनों के लिए टॉल फ्री हेल्पलाइन नम्बर जारी किया है। ये नम्बर है - 8 0 0 1 1 8 7 1 1. इसका उद्देश्य इन वर्गों के उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए फार्म भरने अथवा बहाली से संबंधित किसी भी प्रकार की पूछताछ तथा सूचना प्राप्त करना है। ये नम्बर सभी कार्य दिवसों में कार्यालय की समयावधि में चालू रहेगा।
- मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में रूसी मूल की महिला सहित डेंगू पीड़ित तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इनके अलावा बीते 24 घंटो में डेंगू के 17 नए मरीज भी सामने आए हैं। स्थानीय अभिसूचना इकाई के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि वृन्दावन में सुनरख रोड स्थित मधुवन कॉलोनी निवासी रूसी मूल की भारतीय नागरिकता प्राप्त काशीनोवा एन्ना (42) कुछ दिन से बुखार से पीड़ित थी। उनके पति जगमोहन चंद स्थानीय स्तर पर ही एन्ना का इलाज करा रहे थे। शर्मा ने बताया कि मंगलवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने पर एन्ना को के डी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के पश्चात डेंगू की पुष्टि हुई। दोपहर बाद इलाज के दौरान ही एन्ना की मृत्यु हो गई। संचारी रोग प्रभारी डॉ. भूदेव सिंह ने बताया कि नौहझील ब्लॉक क्षेत्र के भिदौनी गांव की नत्थो देवी (46) व वृन्दावन के जैंत गांव निवासी महेंद्र के छह वर्षीय पुत्र मनोज की भी डेंगू से मौत होने की जानकारी मिली है। सिंह ने बताया कि बीते 24 घंटों में डेंगू के 17 नए मामले सामने आए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नमूने एकत्र किए जा रहे हैं व साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
- बदायूं (उप्र)। बदायूं-मुरादाबाद मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रक और कार की टक्कर में दुल्हन समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हुए। बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ओ पी सिंह ने बताया कि बदायूं जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के मुरादाबाद मार्ग पर स्थित नदवारी गांव के निकट मंगलवार देर रात बारात को वापस लेकर आ रही एक कार सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में दुल्हन समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए। सिंह ने बताया कि बारात बदायूं जिले के मोहल्ला बाबा कॉलोनी से गई हुई थी। इस हादसे में कार चालक सनी कुमार (24), दुल्हन लज्जावती (21) और एक अन्य रिश्तेदार मान सिंह (45) की मौत हुई। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को इलाज के लिए बरेली भेजा गया है।-
- निवाड़ी । मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में खेत में रखवाली कर रहे दो किसानों की अज्ञात बदमाशों ने गला रेत कर हत्या कर दी। यह घटना निवाड़ी जिला मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र के लड़वारी खास में मंगलवार-बुधवार की रात को हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर ने बुधवार को बताया कि सूरी केवट (50) एवं काशी (40) मूंगफली के खेतों की रखवाली के लिए रात में खेत पर रहते थे और उसी दौरान बदमाशों ने धारदार हथियार से गला रेत कर उनकी हत्या की दी। उन्होंने कहा कि घटना के वक्त दोनों किसान लगभग सौ मीटर की दूरी पर अपनी-अपनी झोपड़ी में सो रहे थे।डावर ने बताया कि मौके पर छानबीन में फिलहाल पुलिस को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिसके आधार पर आरोपियों की संख्या का पता चल सके। वहीं, पृथ्वीपुर के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस संतोष पटेल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि सूरी और काशी की किसी से कोई रंजिश नहीं थी और दोनों सीधे-साधे किसान थे। वह खेत कल्लू साहू के हैं जिन्हें दोनों बंटाई पर लेकर मूंगफली की खेती कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पृथ्वीपुर पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।
- केवडिया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन्द्रीय सतर्कता आयोग और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि देश को धोखा देने वालों को दुनिया में कहीं भी पनाह ना मिले। गुजरात के केवडिया में केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक संयुक्त सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाहे कोई व्यक्ति कितना भी ताकतवर हो, राष्ट्रहित या उसके लोगों के खिलाफ काम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ आपको यह याद रखना होगा कि आपकी साझेदारी इस मिट्टी के साथ है, भारत माता के साथ है। देश या उसके लोगों को धोखा देने वालों को दुनिया में कहीं भी पनाह ना मिले। कोई कितना भी ताकतवर क्यों ना हो, राष्ट्रहित या उसके लोगों के खिलाफ काम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हमें देशहित में अपना काम जारी रखना चाहिए।'' मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पिछले छह-सात साल में कड़ी मेहनत कर जनता के बीच यह विश्वास कायम करने में सफल हुई है, कि भ्रष्टाचार को रोकना संभव है और बिना बिचौलियों के भी उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। मोदी ने कहा, ‘‘ हम पिछले छह-सात साल में कड़ी मेहनत कर जनता के बीच यह विश्वास कायम करने में सफल हुए हैं कि देश में भ्रष्टाचार रोकना संभव है। देश में लोगों को अब विश्वास है कि आज बिना बिचौलियों के भी उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ भ्रष्टाचार, चाहे छोटा हो या बड़ा हो... इससे हमेशा आम जनता के अधिकारों का हनन होता है। यह देश की प्रगति में बाधक है और हमारी सामूहिक रूप से काम करने की शक्ति को प्रभावित करता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की इच्छा नहीं थी।उन्होंने कहा, ‘‘ पूर्ववर्ती सरकारों ने जिस तरह से काम किया, उसमें राजनीतिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति दोनों की कमी थी। आज, भ्रष्टाचार पर प्रहार की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी है और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर सुधार भी किए जा रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद, सरकारों की मानसिकता सब कुछ अपने नियंत्रण में रखने की थी। उन सरकारों ने अधिकतम नियंत्रण रखा, जिसकी वजह से व्यवस्था में अनेक प्रकार की गलत प्रवृत्तियों ने जन्म लिया। उन्होंने कहा, ‘‘ अधिकतम नियंत्रण..चाहे वह घर में हो, परिवार में हो या देश में हो, इससे अधिकतम नुकसान ही होता है। इसलिए हमने इस नियंत्रण को कम कर, देशवासियों के जीवन को आसान बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया। हम न्यूनतम शासन, अधिकतम सुशासन में विश्वास रखते हैं।'' प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी का उपयोग कर और लोगों पर भरोसा कर पिछले सात वर्षों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उनकी सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘ आप सभी देख रहे हैं कि कैसे हमने लोगों को स्वतंत्र करने के लिए विश्वास और तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसने कई तरह से भ्रष्टाचार को रोका है।'' मोदी ने अधिकारियों से धोखाधड़ी होने के बाद अपराध के तरीकों का पता लगाने पर ही ध्यान केंद्रित करने के बजाय, भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भी काम करने को कहा। उन्होंने सीबीआई और सीवीसी के अधिकारियों से लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के तरीके खोजने के वास्ते विचार-मंथन करने को भी कहा।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सात नौकरशाहों का स्थानांतरण कर दिया है, जिसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की वरिष्ठ अधिकारी स्वाति शर्मा को दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य सचिव नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई। अठारह अक्टूबर के आदेशानुसार, दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित) काडर के इन सात आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्त आदेश जारी किए, जहां उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं। आदेश में कहा गया है, ‘‘2003 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी स्वाति शर्मा को दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह इस समय सचिव (पर्यटन) के रूप में कार्यरत हैं। दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) की प्रबंध निदेशक होने के साथ ही उनके पास कला, संस्कृति एवं भाषा का अतिरिक्त प्रभार भी है।'' वहीं, 2007 बैच के आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय को निदेशक (शिक्षा) से दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में स्थानांतरित किया गया है। उनके पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार बना रहेगा। ऐसा माना जा रहा है कि शहर में कोविड-19 मामलों में आई उल्लेखनीय गिरावट के बाद स्वास्थ्य विभाग में यह फेरबदल किया गया है। आदेश में कहा गया है कि समाज कल्याण सचिव गरिमा गुप्ता का तबादला कर उन्हें दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। वह शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) की प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभालती रहेंगी। इसमें कहा गया है कि 2003 बैच के आईएएस अधिकारी नीरज सेमवाल नए सचिव-सह-आयुक्त (खाद्य एवं आपूर्ति) होंगे। वह आशीष कुंद्रा (एजीएमयूटी, 1996) को प्रभार से मुक्त करते हुए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। 2000 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और सचिव-सह-आयुक्त (विकास) मधुप व्यास को सचिव (समाज कल्याण) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के उपायुक्त हिमांशु गुप्ता (एजीएमयूटी, 2012) को निदेशक (शिक्षा) के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके पास डीएसएफडीसी (दिल्ली एससी/एसटी/ओबीडी/अल्पसंख्यक एवं दिव्यांग वित्तीय एवं विकास निगम) के प्रबंध निदेशक के अलावा स्वास्थ्य और परिवार विभाग के ओएसडी का अतिरिक्त प्रभार भी होगा। इसमें कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) सचिव और 2000 बैच की आईएएस अधिकारी दिलराज कौर को सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण की सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- खेड़ा (गुजरात)। गुजरात के खेड़ा जिले में एक वैन पलटने से चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। महुधा थाने के एक अधिकारी ने बताया कि हादसा नडियाद शहर में महुधा के पास आधी-रात को हुआ, जब छह लोग पड़ोसी आनंद जिले के मलताज गांव में एक मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि वैन महिसागर जिले के संतरामपुर जा रही थी, रास्ते में एक ट्रक से टकराने से बचने की कोशिश में चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वाहन पलट गया। इससे वैन सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। दो लोगों की नडियाद के सरकारी अस्पताल में और एक व्यक्ति की अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दो अन्य लोग हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका नडियाद के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- मंडपम (तमिलनाडु)। भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) ने मंगलवार को कहा कि उसने रामनाथपुरम के पास एक नौका से 600 किलोग्राम प्रतिबंधित सी कुकुम्बर जब्त किया है। आईसीजी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि जब्त किये गये सी कुकुम्बर की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये है। सी कुकुम्बर को अवैध तरीके से लाये जाने के बारे में गुप्त सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए आईसीजी ने संदिग्ध नौका पर नजर रखी और प्रतिबंधित वस्तु की खेप जब्त की।
- नई दिल्ली। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत देश में अब तक 99 करोड़ 12 लाख से अधिक टीके लगाये जा चुके हैं। कल 14 हजार 623 नये मामलों की पुष्टि हुई। स्वस्थ होने की दर 98.14 प्रतिशत हो गई है, जो कि पिछले वर्ष मार्च के बाद सर्वाधिक है। कल 19 हजार 4 सौ लोग संक्रमण से ठीक हुए। अब तक तीन करोड़ 34 लाख 78 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने आज उत्तरप्रदेश में कुशीनगर अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करते हुए कहा कि पवित्र कुशीनगर अब दुनिया से जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि भारत बुद्ध से जुड़े स्थानों का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है और इन पवित्र स्थानों में बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्?ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में देश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र का विकास हुआ है। उडान योजना के तहत 9 सौ से ज्यादा मार्गो को स्वीकृति मिली है और इनमें से साढे तीन सौ से ज्यादा मार्गों पर हवाई सेवाएं शुरू भी हो चुकी हैं। श्री मोदी ने कहा कि पहले से बंद पड़े 50 से ज्?ृयादा हवाई अड्डों पर अब विमानों का आवागमन शुरू हो गया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि एयर इंडिया के संबंध में एक बडा कदम उठाया गया है। इससे नागरिक उड्डयन क्षेत्र में नई जान आ जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरूआत की गई है। इससे विभिन्न बुनियादी ढांचा विकास क्षेत्र जैसे सड़क और रेल बेहतर समन्वय के साथ काम कर सकेंगे।इससे पहले केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री योतिरादित्?य सिंधिया ने कहा कि पिछले 70 साल में देश में केवल 74 हवाई अड्डों का ही निर्माण हो सका था लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले सात साल में 54 नये हवाई अड्डे बनाए गए हैं और अब देश में कुल 128 हवाई अड्डे हैं। उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय कानून और न्याय मंत्री, संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी तथा अन्?य गणमान्?य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित हैं।इससे पहले लगभग 9 बजे कोलम्बो से सौ लोगों और बौद्ध भिक्षुओं को लेकर पहली उडान कुशीनगर हवाई अड्डे पर उतरी। श्रीलंका, थाईलैंड, म्यामां, दक्षिण कोरिया, नेपाल, भूटान, कम्बोडिया के प्रमुख बौद्ध भिक्षु और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भी शरद पूर्णिमा के अवसर पर इस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को 260 करोड रूपये की लागत से बनाया गया है। इससे देशी तथा विदेशी तीर्थयात्री भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल की यात्रा कर सकेंगे।भगवान बुद्ध ने 487 ईसापूर्व में कुशीनगर में अपना अंतिम उपदेश दिया था और महापरिनिर्वाण को प्राप्त हुए थे।







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