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- नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पिछले तीन वित्त वर्षों में जान-बूझकर कर्ज न लौटाने वालों से दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल की है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज राज्यसभा में एक लिखित उतर में यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में जान-बूझकर कर्ज न लौटाने वालों पर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की 12 हजार तीन सौ करोड़ रुपये की लेनदारी बकाया थी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक धोखाधड़ी और जान-बूझकर कर्ज न लौटाने के मामलों की जानकारी केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो को देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2018 से इस साल अगस्त तक सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के पांच सौ 12 मामले दर्ज किए गए और इनमें से दो सौ 69 मामलों में कार्रवाई शुरू की गई।----
- नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने रविवार को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली। देवेगौड़ा ने सुबह उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सदस्यता की शपथ ली। ली। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने उनका स्वागत किया। नायडू ने कहा कि इस सदन की अच्छी परंपरा रही है और पूर्व प्रधानमंत्री तथा देश के वरिष्ठतम नेता इस सदन के सदस्य बने हैं। विभिन्न दलों के सदस्यों ने भी देवगौड़ा का सदन में स्वागत किया।
- नई दिल्ली। संसद ने कृषि से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दे दी है। राज्य सभा ने आज कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन तथा सरलीकरण विधेयक 2020 और कृषक सशक्तीकरण तथा संरक्षण कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा पर करार संबंधी 2020 के विधेयक को विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच मंजूरी दी। सदन ने विधेयकों को प्रवर समिति को सौंपने के विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को भी अस्वीकार कर दिया। लोकसभा दोनों विधेयकों को पहले ही पारित कर चुकी है।विधेयक पेश करते हुए केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विधेयक को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे देश के किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि अब तक किसान कृषि उपज विपणन समितियों के अलावा किसी अन्य खरीदार को अपनी उपज नहीं बेच पाते थे। उन्होंने कहा कि समितियां पारदर्शी तरीके से कार्य नहीं कर रही हैं और विधेयक के पारित होने से किसान देश में कहीं भी अपनी उपज बेच सकेंगे। वे खरीदार के साथ मोल-भाव करके अपनी उपज का मूल्य भी तय कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों से किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।-----
- नई दिल्ली। कोविड 19 महामारी को फैलने से रोकने और प्रभावी प्रबंधन की केन्द्र की समन्वित नीति के तहत आज कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। नीति आयोग ने स्वास्थ्य मामलों के सदस्य, केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवद्र्धन विभाग के सचिव, स्वास्थ्य और गृहमंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बारह राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिव बैठक में शामिल हुए। जिन राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के सचिव वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से बैठक में शामिल वे हैं- महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा चंडीगढ़, तेलंगाना, केरल, दिल्ली पंजाब और पश्चिम बंगाल। देश में 80 प्रतिशत कोविड मरीज इन्हीं राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में हैं।वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयुष गोयल ने बैठक को सम्बोधित किया। उन्होंने इन राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में ऑक्सीजन की उपलब्धता की समीक्षा की। श्री गोयल ने जिला और स्वास्थ्य केन्द्रस्तर पर स्थिति पर ध्यान देने तथा ऑक्सीजन की उपलब्धता और अन्य मुद्दों संबंधी प्रभावी योजना बनाने का आग्रह किया। श्री गोयल ने कहा कि उन्हें अपने यहां लागू किये जा रहे श्रेष्ठ उपायों की जानकारी देनी चाहिए ताकि उन्हें देश के अन्य राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में लागू किया जा सके।कैबिनेट सचिव ने जांच सुविधा बढ़ाने पर राज्यों और केन्?द्रशासित प्रदेशों की सराहना करते हुए इस बात पर चिन्ता व्यक्त की कि अब भी कई राज्यों में कोविड मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने हस्?तक्षेप के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान के लिए जिला और अस्पताल के अनुसार कोविड मृत्?यु का विश्लेषण करने का आग्रह किया। इस दौरान आरटी-पीसीआर क्षमता के श्रेष्ठ उपयोग पर भी बल दिया गया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि संक्रमण के लक्षणों वाले ऐसे व्यक्ति की रैपिड एंटीजन जांच अवश्य की जाये जिसमें कोविड की पुष्टि नहीं हुई हो। ऐसे सभी लोगों की अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर जांच की जानी चाहिए।केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इन सभी राज्यों के और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्थिति के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें प्रत्येक राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश में की जा रही जांच की संख्या संक्रमण की दर, और औसत दैनिक मृत्यु दर, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढॉचे की उपलब्धता तथा जिला वार ऑक्सीजन उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है।---
- कोलकाता। प्रसिद्ध रवींद्र संगीत गायिका पूर्वा दाम का शनिवार को यहां उनके आवास पर निधन हो गया। वह 85 वर्ष की थीं। उनके परिवार के सूत्रों ने बताया कि दाम का शनिवार सुबह दक्षिण कोलकाता के ढाकुरिया में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके परिवार में पति और एक बेटी है। प्रसिद्ध रवींद्र संगीत गायिका सुचित्रा मित्रा की शिष्या दाम ने अपने गीतों से वर्षों तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। पूर्वा दाम के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके साथ अपने संबंधों को याद किया। दाम को 2013 में राज्य सरकार द्वारा संगीत सम्मान से नवाजा गया था। बनर्जी ने कहा, ‘‘दाम को 80 के दशक में मशहूर रवींद्र संगीत गायिका के रूप में पहचान मिली। उनके निधन से संगीत जगत में शून्य पैदा हो गया है।'' मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिजन के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।
- नई दिल्ली। राज्यसभा ने महामारी संशोधन विधेयक 2020 को आज पारित कर दिया। इसके जरिए 1897 के महामारी अधिनियम में संशोधन किया गया है और महामारी से निपटने में लगे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के उपायों को विधेयक में शामिल किया गया है।यह विधेयक इस साल अप्रैल में जारी किया गया महामारी संशोधन अध्यादेश का स्थान लेगा। विधेयक में स्वास्थ्य सेवा से जुडे कर्मियों को नुकसान पहुंचाने, घायल करने या उनके जीवन को खतरे में डालने जैसी गतिविधियों को संज्ञेय अपराध करार देने तथा और उन्हें जमानत न देने का भी प्रावधान किया गया है। इसके लिए तीन से पांच महीने की जेल की सजा और 50 हजार से 2 लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान विधेयक में किया गया है।विधेयक पर चर्चा में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों को ध्यान में रखते हुए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति तथा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हुई घटनाओं के मद्देनजर इस बारे में कड़ा कानून बनाना जरूरी हो गया था।---
- -एक्टिव मरीजों की संख्या 10 लाख 13 हजार हुईनई दिल्ली। देश में आज कोविड-19 के सबसे ज्यादा 95 हजार आठ सौ 80 मरीज़ स्वस्थ हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 के मरीज़ों की स्वस्थ होने की दर बढ़कर 79.28 प्रतिशत हो गई है। अब तक कुल 42 लाख मरीज़ स्वस्थ हो चुके हैं।स्वस्थ हुए नए मामलों में से लगभग साठ प्रतिशत पांच राज्यों- महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से बताए गए हैं। मंत्रालय के अनुसार वैश्विक स्तर पर भारत में कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर अमरीका से ज्यादा हो गई है। मरीज़ों के स्वस्थ होने की दर लगातार बढऩे से देश में कोविड के वास्तविक मामलों में कमी आ रही है, जो वर्तमान में कुल सक्रिय मामलों का केवल 19.10 प्रतिशत है। वर्तमान में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 10 लाख 13 हजार है। मंत्रालय ने कहा है कि केन्द्र सरकार की कई स्तरों पर जांच और इलाज की रणनीति से कम लोगों की हुई और बड़ी संख्या में मरीज़ ठीक हुए हैं। इस समय देश में कोविड से मृत्यु की दर केवल एक दशमलव छह एक प्रतिशत है, जो विश्व में सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में एक हजार दौ सौ 47 मरीज़ों की मौत हुई है जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हजार 619 हो गई है।भारत में कोविड-19 के मरीजों की कुल संख्या 53 लाख 93 हजार 337 हो गई हैं। अधिकतम मामले पांच राज्यों-महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से हैं।भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-आईसीएमआर के अनुसार पिछले 24 घंटे में 8 लाख 81 हजार से अधिक नमूनों की जांच की गई। अब तक कुल संख्या 6 करोड़ 24 लाख से अधिक नमूनों की जांच की गई है। इससे देश में राष्ट्रीय प्रयोगशाला के नेटवर्क का निरंतर विस्तार हुआ है। आज देश में कुल 1768 प्रयोगशालाओं में जांच का काम हो रहा है। इनमें से सरकारी क्षेत्र की एक हजार 60 और निजी क्षेत्र की 708 प्रयोगशालाएं हैं, जो लोगों को व्यापक परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी- एनआईए ने पश्चिम बंगाल और केरल में अल-कायदा से जुड़े नौ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने आज केरल में एर्नाकुलम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कई स्थानों पर एक साथ छापे मारे और अल-कायदा के पाकिस्तान प्रायोजित मॉड्यूल से जुड़े इन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार होने वालों में पश्चिम-बंगाल के छह और केरल से तीन आतंकवादी शामिल हैं। एनआईए ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि ये आतंकवादी निर्दोष लोगों को मारने और उनके दिमाग़ में आतंक का खौफ पैदा करने के उद्देश्य से भारत में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना बना रहे थे।एनआईए ने बताया कि इन आतंकवादियों के पास से डिजिटल उपकरण, दस्तावेज, जिहादी साहित्य, हथियार और घर में निर्मित विस्फोटक उपकरण बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाला साहित्य बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पाकिस्तान स्थित अल-कायदा इन लोगों को सोशल मीडिया पर आतंकवादी कट्टरपंथी बना रहा था और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित कई स्थानों पर हमले के लिए उकसा रहा था। यह मॉड्यूल सक्रिय रूप से धन जुटाने में लिप्त था और इस गिरोह के कुछ आतंकवादी हथियार और गोला-बारूद खरीदने के लिए नई दिल्ली की यात्रा करने की योजना बना रहे थे।
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जयपुर। जयपुर के कानोता इलाके में दर्दनाक वाकया सामने आया है। यहां एक ज्वैलरी कारोबारी, उनकी पत्नी और दो बेटों के साथ घर में फंदे से लटकते हुए मिले हैं। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने बताया कि मृतक यशवंत सोनी ने कर्ज लिया था। कर्ज माफिया उसे प्रताडि़त कर रहे थे, इसी से तंग आकर परिवार ने सामूहिक सुसाइड कर लिया है। फॉरेंसिक की टीम ने भी मौके की जांच की।
पुलिस के अनुसार कनोता में जामडोली के राधिका विहार में यशवंत सोनी (45) परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी ममता सोनी (41) बेटे अजीत सोनी (23) और भारत सोनी (20) थे। शनिवार सुबह जब परिवार बाहर नहीं दिखा तो आसपास रहने वाले रिश्तेदार घर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। रिश्तेदारों ने आवाज दी तो कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन लोगों ने खिड़की से देखा तो पूरा परिवार फंदे पर लटका दिखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पिता और दो बेटे एक हॉल में फंदे पर लटके हुए थे। जबकि महिला अलग कमरे में फंदे से लटकी मिली। महिला की आंख पर पट्टी बंधी थी। वहीं दोनों बेटों के पैर भी बंधे हुए थे। आसपास के लोगों का कहना है कि रात को कुछ लोग घर पर आए थे। उनसे लेनदेन को लेकर कुछ कहासुनी हुई थी। उसके बाद क्या हुआ किसी को कुछ नहीं पता है। यशवंत सोनी ज्वैलरी का काम करते थे। बताया यह भी जा रहा है कि मौके से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि, अभी पुलिस अधिकारियों ने सुसाइड नोट मिलने के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
एएसपी बोले-कर्ज बनी मौत की वजह
एडिशनल एसपी मनोज चौधरी ने बताया कि परिवार ज्वैलरी का काम करता था। पता चला है कि उन्होंने किसी से ब्याज पर पैसे ले रहे थे। जिसके कारण ब्याज माफिया इन को प्रताडि़त कर रहे थे। इससे परेशान होकर परिवार ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उधर, बताया जा रहा है कि आसपास से लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला सामूहिक सुसाइड का लग रहा है। लेकिन, फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। मृतक के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। चारों मृतकों की फोन कॉल की डिटेल भी निकलवाई गई है। ऐसे में सभी एंगल पर पुलिस जांच कर रही है।
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मुंबई। मुंबई से लगभग 95 किलोमीटर दूर अटगांव स्टेशन के पास शनिवार सुबह एक लोकल ट्रेन का डिब्बा पटरी से उतर गया, लेकिन इसमें किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। अटगांव स्टेशन पड़ोसी ठाणे जिले में मध्य रेलवे (सीआर) मार्ग पर स्थित है। अधिकारी के मुताबिक, ट्रेन कसारा स्टेशन जा रही थी। सीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा, उपनगरीय ट्रेन के बीच वाले एक कोच की एक ट्रॉली सुबह लगभग 7.28 बजे अटगांव स्टेशन के पास पटरी से उतर गई। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। क्षेत्रीय रेलवे के अनुसार, यह एक प्रथम श्रेणी का कोच था, जिसमें घटना के समय बहुत अधिक यात्री नहीं थे। वर्तमान में, केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों के साथ-साथ राष्ट्रीयकृत बैंक और विभिन्न राज्य तथा केंद्र सरकार के कार्यालयों के कर्मचारियों को ही मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति है। अटगांव स्टेशन की ओर आते समय ट्रेन का डिब्बा पटरी से उतरा जिसके बाद कल्याण-कसारा मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई। सुतार ने कहा, राहत ट्रेनों का आदेश दिया गया है और कोच को फिर से पटरी पर लाने का काम जल्द ही शुरू होगा।
- नई दिल्ली। राज्यसभा ने आज होम्योपैथी केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक, 2020 और भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक, 2020 को पारित कर दिया।होम्योपैथी केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक होम्योपैथी केंद्रीय परिषद अधिनियम, 1973 में संशोधन किया गया है। इस अधिनियम में केंद्रीय होम्योपैथी परिषद की व्यवस्था की गई है जो होम्योपैथिक शिक्षा और प्रेक्टिस को नियंत्रित करेगी। यह विधेयक अप्रैल में जारी होम्योपैथी केंद्रीय परिषद संशोधन अध्यादेश का स्थान लेगा। इसके तहत केंद्रीय परिषद की अवधि को दो साल से बढ़ाकर तीन साल करने के लिए 1973 के कानून में संशोधन किया गया है।भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक, 2020 को 1970 के भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद कानून में संशोधन के लिए लाया गया है। यह अधिनियिम आर्युवेद, योग और नेचुरोपैथिक सहित भारतीय चिकित्सा पद्धति की शिक्षा और अभ्यास को नियंत्रित करता है।यह विधेयक पारित होने पर इस सम्बंध में अप्रैल में जारी अध्यादेश का स्थान लेगा। इस विधेयक में एक वर्ष के अंदर केन्द्रीय परिषद के पुनर्गठन का प्रस्ताव है। यह केन्द्रीय परिषद अप्रैल से एक वर्ष के लिए निलंबित रहेगी। तब तक केन्द्र सरकार निदेशक मंडल का गठन करेगी जिसे केन्द्रीय परिषद के अधिकार होंगे। निदेशक मंडल में दस सदस्य होंगे।विधेयकों पर चर्चा का जवाब देते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार उत्कृष्ट स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शी ढंग से भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रतिबंद्ध है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा प्राचीन चिकित्सा पद्धतियां हैं और इनका वैज्ञानिक आधार है।डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया कि निदेशक मंडल के गठन में पक्षपात किया जा रहा है। सदन ने विधेयकों पर आपत्ति से सम्बंधित कांग्रेस और वामदलों के सदस्यों के प्रस्ताव भी नामंजूर कर दिए।----
- नई दिल्ली। देश में कोविड-19 रोगियों के स्वस्थ होने की दर 78. 86 प्रतिशत हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान एक ही दिन में 87 हजार 472 से अधिक मरीज़ स्वस्थ हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 41 लाख 12 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं। स्वस्थ होने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और वर्तमान में कोविड मरीजों की संख्या कुल संक्रमित लोगों की संख्या का केवल 19 .52 प्रतिशत रह गई है। इस समय 10 लाख 17 हजार मरीजों का इलाज चल रहा है।मंत्रालय के अनुसार सरकार की टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन से मृत्युदर में भी कमी आई है और स्वस्थ होने की दर में बढोतरी हुई है। इस समय देश में इस संक्रमण से मृतकों की दर 1.62 प्रतिशत रह गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान 1 हजार 174 लोगों की इस संक्रमण से मौत हुई है। मृतकों का कुल आंकड़ा 84 हजार 372 पर पहुंच गया है।भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान 10 लाख 6 हजार से अधिक नमूनों की जांच की गई। देश में अब तक 6 करोड़ 15 लाख से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है।----
- नई दिल्ली।. केन्द्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेलवे के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आज यह जानकारी राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी। हालांकि श्री गोयल ने कहा कि 2030 तक रेलवे नेटवर्क के विस्तार, क्षमता वृद्धि और अन्य आधुनिकीकरण के लिए पचास लाख करोड़ रुपये निवेश करने की आवश्यकता होगी।रेल मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के अंतर्गत रेलवे ने कुछ पहल की है, जिसमें बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए चयनित रेल मार्गों पर यात्री रेलगाडिय़ों को चलाना और कैपिटल फंडिंग के अंतर को मिटाने के साथ-साथ आधुनिक रेक भी शामिल किया जाना है। रेल मंत्री ने कहा कि ऐसे सभी मामलों में रेल संचालन और सुरक्षा प्रमाणन भारतीय रेल के पास ही रहेगा।श्री गोयल ने यह भी बताया कि रेल के डिब्बे, इंजन और गोदामों के रखरखाव के लिए निजी निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे की सेवाओं का परिचालन प्रभावित नहीं हो रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि भारत में कोई भी नियमित यात्री रेलगाड़ी निजी ऑपरेटरों द्वारा संचालित नहीं की जा रही है।--
- नई दिल्ली। भारतीय रेलवे जल्द ही विमानों के किराए की तर्ज पर पुनर्विकसित और अत्यधिक व्यस्त स्टेशनों पर यात्रियों से किराए में यूजर चार्ज वसूलना शुरू करेगा।रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष बी. के. यादव ने गुरुवार को कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में राजस्व जुटाने के लिए यह निर्णय किया गया है। इसके प्रभाव में आने के बाद यह पहली बार होगा जब रेल यात्रियों से इस तरह का शुल्क वसूला जाएगा। श्री यादव ने कहा कि शुल्क मामूली होगा और यह देश के सात हजार रेलवे स्टेशनों में से लगभग 10-15 प्रतिशत स्टेशनों पर ही लागू होगा।अध्यक्ष ने कहा, हम बहुत मामूली यूजर चार्ज वसूल करेंगे। हम सभी स्टेशनों जो पुनर्विकसित हो रहे हैं, या नहीं, दोनों के लिए यूजर चार्ज संबंधी अधिसूचना जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज सभी सात हजार स्टेशनों पर नहीं, बल्कि केवल उन्हीं स्टेशनों पर वसूल किया जाएगा जहां अगले पांच साल में यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। यह लगभग 10-15 प्रतिशत स्टेशनों पर ही लागू होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में रेल किराए में संभावित वृद्धि और रेल क्षेत्र में निजी कंपनियों को लाए जाने पर चिंता व्यक्त की जा रही है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, मेरा मानना है कि पात्रता सुनिश्चित करेगी कि आगे चलकर यात्री किराए और माल भाड़े दोनों में कमी आएगी।
- नई दिल्ली। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर निजी विमानों के उड़ान संचालन के लिए विशेष टर्मिनल की शुरुआत हो गई। इस टर्मिनल पर 57 पार्किंग खंड हैं और यह प्रतिदिन 150 निजी जेट उड़ानों का संचालन कर सकता है।नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को इसका उद्घाटन किया। मंत्री ने कहा कि महामारी से पहले दिल्ली हवाईअड्डे हर रोज लगभग 40 सामान्य उड़ानों का संचालन कर रहा था और वर्तमान में यह हर रोज ऐसी लगभग 20 उड़ानों का संचालन कर रहा है। निजी विमानों के उड़ान संचालन को सामान्य उड्डयन श्रेणी में रखा जाता है। पुरी ने कहा, टर्मिनल अच्छा दिखता है। मेरे जैसे लोग अन्य टर्मिनलों (वाणिज्यिक यात्री उड़ानों के लिए निर्धारित) का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन जो इस टर्मिनल का इस्तेमाल करते हैं, मुझे विश्वास है कि जब वे इसका इस्तेमाल शुरू करेंगे तो उनका फीडबैक अत्यंत सकारात्मक होगा। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि यह टर्मिनल भले ही छोटा है, लेकिन इससे सामान्य उड्डयन को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी।
- नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मई 2018 में अफगानिस्तान में अपहृत हुए सभी सात भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया है।मीडिया के सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को बताया कि अपहृत भारतीय नागरिक इस महीने की 12 तारीख को अफगानिस्तान से भारत लौट आए हैं। उन्होंने सात भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए पिछले दो वर्षों में सहायता के लिए अफगानिस्तान सरकार का आभार व्यक्त किया।कुलभूषण जाधव मामले में प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फैसले को लागू करने के अपने दायित्वों को पूरा नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस मामले में कुलभूषण जाधव तक प्रासंगिक दस्तावेजों और निर्बाध राजनयिक पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। कुलभूषण जाधव मामले में प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फैसले को लागू करने के अपने दायित्वों को पूरा नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस मामले में कुलभूषण जाधव तक प्रासंगिक दस्तावेजों और निर्बाध राजनयिक पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए।----
- नई दिल्ली। केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डी.वी .सदानंद गौड़ा ने कहा है कि आम आदमी विशेषकर गरीबों के लिए सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से मार्च 2025 तक प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्रों की संख्या को बढ़ाकर 10 हजार 500 करने का लक्ष्य रखा गया है। देश में इस समय 15 सितंबर 2020 तक ऐसी दुकानों की संख्या 6606 हो चुकी है।जनऔषधि केन्द्रों का नेटवर्क बढऩे के साथ ही देश के सभी जिलों में जनऔषधि केंद्र हो जाएंगे जिससे देश के हर कोने में लोगों को किफायती कीमतों पर आसानी से दवाएं मिल सकेंगी।मार्च से जून, 2020 तक जनऔषधि केन्द्रों को कई तरह की चुनौतियों से जूझना पड़ा। परिवहन के लिए वाहनों की उपलब्धता नहीं होने के कारण केन्द्रीय और क्षेत्रीय गोदामों से जनऔषधि केंद्रों तक दवा तथा दवाओं के लिए जरुरी कच्चे माल की समय पर और आवश्यकतानुरुप आपूर्ति नहीं हो पाई। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए केन्द्रों पर दवाओं का सही समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी आईटी सक्षम लाजिस्टिक आपूर्ति-श्रृंखला प्रणाली विकसित करने पर काम हो रहा है।वर्तमान में, गुरुग्राम, चेन्नई, बेंगलुरु और गुवाहाटी में प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना के चार गोदाम कार्य कर रहे हंै। इसके अलावा, पश्चिमी और मध्य भारत में दो और गोदाम खोलने की योजना है। आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली को मजबूत करने के लिए राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में वितरकों की नियुक्ति भी की जा रही है।प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना को 490 करोड़ रुपए के बजट के साथ 2020-21 से 2024- 25 की अवधि के लिए मंजूरी दी गई है। कोविड लॉकडाउन के कठिन समय के बावजूद इन केन्द्रों ने बिक्री का शानदार प्रदर्शन करते हुए वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में कुल 146.59 करोड़ रुपए का कारोबार किया जबकि 2019 20 की पहली तिमाही मे यह आंकड़ा 75.48 करोड़ रुपए रहा था। जुलाई से 15 सितंबर तक इन केन्द्रों से कुल 109.43 करोड़ रुपए की बिक्री हुई जिसे मिलाकर 15 सितंबर तक कुल 256.02 करोड़ रुपए की बिक्री हो चुकी है।जनऔषधि केन्द्रों ने गुणवत्ता वाली दवाओं की कीमतों में भारी कमी करते हुए देश की एक बड़ी आबादी विशेषकर गरीबों तक इन दवाओं की पहुंच आसान बना दी है।
- नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल की नेता और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने संसद में पेश किये गये कृषि से संबंधित दो विधेयकों के विरोध में आज को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।उन्होंने ट्वीट किया, मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों की बेटी और बहन के तौर पर उनके साथ खड़े होने पर गर्व है। इससे पहले शिरोमणि अकाली दल नेता सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा में कहा कि पार्टी नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल संसद में लाये गये कृषि संबंधी विधेयकों के विरोध में केंद्र सरकार से इस्तीफा देंगी।कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवद्र्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 पर चर्चा में भाग लेते हुए सुखबीर बादल ने कहा, शिरोमणि अकाली दल किसानों की पार्टी है और वह कृषि संबंधी इन विधेयकों का विरोध करती है। विधेयक का पुरजोर विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने अन्न के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिये महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अकाली दल नेता ने लोकसभा में कहा, मैं एक घोषणा करना चाहता हूं कि हमारी मंत्री हरसिमरत कौर बादल मंत्रिमंडल से इस्तीफा देंगी। उन्होंने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी ने प्रारंभ में इन अध्यादेशों का समर्थन किया था। सुखबीर बादल ने कहा कि हरसिमरत कौर बादल ने मंत्रिमंडल की बैठक में चिंता प्रकट की थी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर प्रस्तावित कानून की खामियों को रेखांकित किया था।
- बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दो वाहनों के बीच टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गयी और 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार आज तड़के थाना नूरपुर में गोहावर के पास एक वाहन ट्रक से टकरा गया जिससे वाहन चालक अरशद(30) की मौत हो गयी वहीं 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों को सीएचसी नूरपुर में भर्ती कराया गया है।
- नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि भारत उचित और शांतिपूर्ण ढंग से चीन के साथ मौजूदा सीमा विवाद के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि देश किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। रक्षामंत्री ने कहा कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा-एलएसी पर यथास्थिति बदलने की कोशिश कर रहा है, जो किसी भी हाल में भारत के लिए स्वीकार्य नहीं है।लद्दाख क्षेत्र में सीमा पर हाल के घटनाक्रम के बारे में राज्यसभा में अपने वक्तव्य में श्री सिंह ने कहा कि सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों की संख्या और तनाव के स्थानों के मामले में मौजूदा स्थिति पहले की तुलना में भिन्न है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस पूरी अवधि में भारतीय सेना के आचरण से पता चला कि अत्यधिक उकसावे की कार्रवाई का सामना करने में धैर्य दिखाते हुए देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते समय जवानों ने पूरे साहस का प्रदर्शन किया1 उन्होंने कहा कि चीन की कार्रवाई विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों और 1993 तथा 1996 के समझौतों के विरूद्ध है। पिछले कई दशकों से चीन ने सीमा क्षेत्रों में अपनी तैनाती बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण ढांचागत निर्माण किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट दोगुना कर दिया है। चीन ने लद्दाख में करीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर गैर-कानूनी ढंग से कब्जा कर रखा है। पाकिस्तान ने अपने कब्जे वाले कश्मीर में पांच हजार 180 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र गैर-कानूनी ढंग से चीन को सौंप दिया। श्री सिंह ने कहा कि सीमा का मुद्दा जटिल मामला है और भारत-चीन ने स्वीकार किया है कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए शांति आवश्यक है।
- नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आशा व्यक्त की है कि कोविड-19 वैक्सीन अगले वर्ष की शुरुआत में उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने कहा कि तीन वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल पहले, दूसरे और तीसरे चरण में पहुंच चुका है। डॉ. हर्षवर्धन ने लोगों से अपील की कि वे वैक्सीन उपलब्ध होने तक सुरक्षित दूरी बनाए रखें।राज्यसभा में आज, देश में कोविड-19 की स्थिति पर चर्चा का जवाब देते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि एक विशेषज्ञ समिति विभिन्न निकायों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराकर वैक्सीन तैयार करने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत, वैक्सीन तैयार करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है।स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 से निपटने में कोविड योद्धाओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर फैसला विशेषज्ञों की राय से किया है और हर मुद्दे का समाधान करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि भारत ने शुरुआती दिनों से ही कोविड-19 पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए थे और वह पूरी ईमानदारी तथा दक्षता से इससे निपट रहा है। संक्रमित लोगों के संपर्कों का प्रभावी रूप से पता लगाने, निगरानी तंत्र और लॉकडाउन से कोविड-19 के मामलों की संख्या के साथ-साथ मृतकों की संख्या को कम किया गया।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने, राज्य सरकारों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई है। कोविड-19 की जांच से जुड़े प्रबंधन में सुधार के लिए देशभर में प्रयोगशालाओं का नेटवर्क मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रति दिन 11 लाख नमूनों की जांच की जा रही है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि नमूनों की जांच के मामले में भारत कुछ दिनों में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि देश ने पी.पी.ई. किट और एन-95 मास्क बनाने में थोड़े समय में ही आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है।---
- श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के बटमालू क्षेत्र में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड में तीन आतंकवादी मारे गए हैं।पुलिस के अनुसार क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों के संयुक्त दल ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों के संदिग्ध स्थल पर पहुंचते ही आतंकवादियों ने गोलियां चलाईं। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकवादी मारे गए। इनकी पहचान की जा रही है। गोलीबारी में 45 वर्ष की एक महिला की भी मौत हुई है। सी.आर.पी.एफ. की 117 बटालियन के उप-कमांडर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका श्रीनगर के बदामी बाग में सेना के अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।इस बीच, पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने श्रीनगर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस वर्ष जम्मू-कश्मीर में एक सौ 77 आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से एक सौ 65 कश्मीर में और 12 जम्मू क्षेत्र में मारे गए हैं। विभिन्न मुठभेड़ में मारे गए इन आतंकवादियों में 12 विदेशी हैं। पुलिस महानिदेशक ने यह भी बताया कि इस वर्ष 20 आतंकवादियों को मुख्यधारा में वापस लाया गया है।
- - बिजली कनेक्शन के लिए सरलीकृत प्रक्रिया का प्रस्ताव-10 किलोवाट भार तक कनेक्शन के लिए केवल 2 दस्तावेजों की आवश्यकता होगी- साठ दिनों तक या अधिक की देरी के साथ सेवारत बिलों पर 2 से 5 प्रतिशत की प्रस्तावित छूटनई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने पहली बार विद्युत उपभोक्ताओं के अधिकारों के लिए नियमों का मसौदा तैयार किया है। इस मसौदे पर विद्युत मंत्रालय ने 30 सितंबर 2020 तक उपभोक्ताओं से सुझाव/विचार/ टिप्पणी आमंत्रित किए हैं। आने वाले सभी सुझावों और प्रस्तावों को ध्यान में रखते हुए मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।मंत्रालय के अनुसार विद्युत क्षेत्र में बिजली उपभोक्ता सबसे महत्वपूर्ण हितधारक हैं। उनकी वजह से ही यह क्षेत्र मौजूद है। सभी नागरिकों को बिजली प्रदान करना और उपभोक्ता संतुष्टि पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। इसके लिए, प्रमुख सेवाओं की पहचान करना, इन सेवाओं के संबंध में न्यूनतम सेवा स्तर और मानकों को निर्धारित करना तथा उपभोक्ताओं के अधिकारों के रूप में उन्हें पहचानना अनिवार्य है विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 का एक मसौदा सरकार द्वारा पहली बार तैयार किया गया है।इसकी मुख्य विशेषताएं हैं -- सेवा की विश्वसनीयता- बिजली वितरण कंपनियों डिस्कॉम के लिए प्रति वर्ष उपभोक्ताओं की औसत संख्या और आउटेज की अवधि तय करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी)।- कनेक्शन के लिए समय पर और सरलीकृत प्रक्रिया- 10 किलोवाट भार तक के विद्युत कनेक्शन के लिए केवल दो दस्तावेज और कनेक्शन देने में तेजी लाने के लिए 150 किलोवाट तक भार के लिए कोई अनुमानित मांग शुल्क नहीं।- नया कनेक्शन प्रदान करने और मौजूदा कनेक्शन को संशोधित करने की समय अवधि मेट्रो शहरों में अधिक से अधिक 7 दिन, अन्य नगरपालिका क्षेत्रों में 15 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन से ज़्यादा नहीं होगी।- साठ दिनों या अधिक की देरी के साथ सेवारत बिलों पर 2 से 5 प्रतिशत की छूट।- नकद, चेक, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग आदि से बकाया बिलों का भुगतान करने का विकल्प लेकिन एक हजार रुपये या उससे अधिक के बिल का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।- डिस्कनेक्शन, पुन: संयोजन, मीटर बदलवाना, बिलिंग और भुगतान आदि से संबंधित प्रावधान।- उपभोक्ताओं की उभरती हुई श्रेणी को प्रॉज्यूमर/पेशेवर के रूप में मान्यता देना। ये ऐसे व्यक्ति हैं जो बिजली उपभोक्ता तो हैं और साथ ही उन्होंने अपनी छतों पर सौर ऊर्जा इकाइयां स्थापित की हैं या फिर अपने सिंचाई पंपों को सोलराइज़ किया है। राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी) द्वारा निर्धारित सीमा तक कनेक्शन के एक ही बिंदु का उपयोग करके उन्हें स्व-उपयोग के लिए बिजली का उत्पादन करने का अधिकार होगा। साथ ही वे ग्रिड को शेष विद्युत की आपूर्ति भी कर सकते हैं।- बिजली वितरण कंपनियों- डिस्कॉम द्वारा सेवा में देरी के लिए मुआवजा या दंड का प्रावधान; जहां तक संभव हो, मुआवजे का भुगतान बिल में किया जाए।- 24&7 टोल फ्री कॉल सेंटर, वेब-आधारित सहायता और सामान्य सेवाओं के लिए मोबाइल एप्लीकेशन जैसे कि नया कनेक्शन, डिस्कनेक्शन, पुन: संयोजन, कनेक्शन के स्थान में बदलाव, नाम और विवरण में परिवर्तन, लोड में बदलाव, मीटर को बदलवाना, विद्युत आपूर्ति में बाधा, इन सब के लिए एसएमएस और ई-मेल अलर्ट सुविधा, ऑनलाइन स्टेटस ट्रैकिंग और स्वचालित प्रक्रिया की व्यवस्था।- उपभोक्ता की शिकायत निवारण में आसानी लाने के लिए सब-डिवीजन से शुरू होने वाले विभिन्न स्तरों पर उपभोक्ताओं के 2-3 प्रतिनिधियों के साथ उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। श्री गडकरी ने ट्वीट कर अपने कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी है।नितिन गडकरी ने ट्वीट कर कहा, कल मैं काफी कमजोर महसूस कर रहा था, जिसके बाद मैंने अपने डॉक्टर से सलाह ली। चेकअप के दौरान मेरी कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। फिलहाल मैं सभी के आशीर्वाद और शुभकामनाओं की वजह से ठीक महसूस कर रहा हूं। मैंने खुद को आइसोलेट कर लिया है।गडकरी ने एक अन्य ट्वीट से संपर्क में आए लोगों को सावधान रहने का निवेदन किया। उन्होंने लिखा, जो लोग भी मेरे संपर्क में आए हैं, मैं उन सभी से अनुरोध करता हूं कि सावधान रहें और प्रोटोकॉल का पालन करें। सुरक्षित रहें।

- नई दिल्ली। सरकार ने कोविड महामारी के मद्देनजर वृद्धा आश्रम चलाने वाली एजेंसियों को अग्रिम अनुदान जारी करने का निर्णय लिया है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2020-21 के दौरान अब तक ऐसे वृद्धा आश्रम चलाने वाली एजेंसियों के लिए कुल 83 करोड़ रूपये जारी किए जा चुके हैं।मंत्रालय, वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना लागू कर रही है जिसके अंतर्गत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन जैसी वृद्धाश्रम चलाने और उसका प्रबंधन करने वाली एजेंसियों को अऩुदान सहायता दी जाती है। पंजीकृत सोसाइटियों के माध्यम से इन एजेंसियों को अऩुदान सहायता दी जाती है।



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